प्रधानमंत्री मोदी ने मैक्सिको की ऐतिहासिक यात्रा की
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक विकास एवं लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहल का उल्लेख किया
भारत-मैक्सिको आर्थिक और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेंगे
भारत-मैक्सिको के बीच वैश्विक सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई
1.मेक्सिको के राष्‍ट्रपति महामहिम श्री एनरिक पेना नितो के निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री महामहिम श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 8 जून, 2016 को मेक्सिको की यात्रा की। इसका उद्देश्‍य 28 सितंबर, 2015 को संयुक्‍त राष्‍ट्र आम सभा के 70वें नियमित सत्र से अलग दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को जारी रखना है।
2.  दोनों नेताओं ने 21वीं सदी के लिए भारत मेक्सिको की विशेष साझेदारी को परिभाषित करने के अवसरों की पहचान की, जिससे आर्थिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा वैश्विक एजेंडा के सबसे महत्‍वपूर्ण मुद्दों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध बढ़ेंगे, जो दीर्घकालिक राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक लक्ष्‍यों में नजर आती है।
3. राष्‍ट्रपति श्रीएनरिक पेना नितो ने आर्थिक वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए मेक्सिको में उठाए गए ढांचागत सुधारों के बारे में विस्‍तार से बताया। अपनी ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आर्थिक वृद्धि तथा लोगों के जीवन में सुधार के लिए उनकी सरकार द्वारा की गई पहलों की विशेषताओं के बारे में बताया।
 
इस संदर्भ में दोनों नेता:
 
राजनीतिक चर्चा
4. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को 2016 में मेक्सिको में होने वाली रूपरेखा ढांचा की 7वीं मेक्सिको-भारत संयुक्‍त आयोग की बैठक में 21वीं सदी के लिए विशेष साझेदारी का उचित खाका तैयार करने का निर्देश दिया गया।
5. विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर संयुक्‍त समिति की छठी बैठक तथा व्‍यापार, निवेश और सहयोग पर उच्‍च स्‍तरीय समूह की चौथी बैठक के परिणामों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा। ये बैठकें 2016 के अंतिम छह महीनों के दौरान मेक्सिको में होंगी।
6. दोनों देश सम्मिलन और व्‍यापक योजना के अनुसार सहयोग के लिए ताजा जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे, विविध क्षेत्रों में हुई प्रगति का मूल्‍यांकन करेंगे तथा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के एजेंडा के लिए नये लक्ष्‍य और विषय निर्धारित करेंगे।
7. आपसी हित में क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें लेटिन अमेरीका में राजनीतिक और आर्थिक विकास, सीईएलएसी और प्रशांत गठबंधन तथा एशिया प्रशांत क्षेत्र में वर्तमान स्थिति शामिल है।
 
आर्थिक साझेदारी
8. व्‍यापार और निवेश को बढ़ाकर उनके वास्‍तविक क्षमता के स्‍तर पर लाने के लिए आर्थिक विनिमय बढ़ाने में विविधता के महत्‍व पर जोर दिया गया।
9. दोनों देशों के बीच अधिक संपर्क विकसित करने की आवश्‍यकता पर जोर दिया गया। बुनियादी ढांचा क्षेत्र, लघु एवं मध्‍यम उद्यमों के बीच, औषधीय उत्‍पादों, ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, खाद्य प्रसंस्‍करण तथा अन्‍य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।
10. मेक्सिको में उठाए गए ढांचागत सुधारों से आकर्षित होकर वहां के ऊर्जा क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के निवेश के साथ ही भारतीय बाजार में मेक्सिको की कंपनियों के लिए अवसरों के प्रति बढ़ती रूचि पर संतोष व्‍यक्‍त किया गया।
11. सहमति बनी कि निवेश तथा सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सहयोग महत्‍वपूर्ण है। दोनों पक्ष अंतराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन के लक्ष्‍यों को बढ़ावा देने के तरीकों को अपनाने पर राजी हुए।
12. अधिक आपसी समझ बढ़ाने और संस्‍कृति, शिक्षा तथा पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय संपर्क सुदृ‍ढ़ करने के लिए दोनों देशों के लोगों के बीच आवागमन को बढ़ावा देने के महत्‍व पर जोर दिया गया।
 
द्विपक्षीय सहयोग
13. समान लक्ष्‍य वाली मेक्सिको की राष्‍ट्रीय डिजिटल रणनीति‍ और डिजिटल इंडिया पहल के बीच सम्मिलन पर विचार-विमर्श हुआ और इससे उपलब्‍ध अवसरों का स्‍वागत किया गया।
 
14.अंतरिक्ष विज्ञान, पृथ्‍वी अवलोकन, जलवायु और पर्यावरण अध्‍ययनों के क्षेत्र में तथा रिमोट सेंसिंग, आपदा से रोकथाम के लिए अग्रिम चेतावनी तथा अंतरिक्ष में सटेलाइट भेजने के लिए मेक्सिकन स्‍पेस एजेंसी (एईएम) एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच सहयोग का स्‍वागत किया गया।
15. बड़ी संख्‍या में दोनों देश के समुदाय की उपस्थिति को देखते हुए दोनों नेता विचारों और जानकारी के आदान-प्रदान पर सहमत हुए। मूल और प्रवासी निवासियों के विकास में उनके समुदायों, संगठनों और व्‍यक्तियों की साझेदारी के साथ ही विदेश में अपने नागरिकों के कल्‍याण और सुरक्षा के लिए सर्वश्रेष्‍ठ तरीके साझा करने पर भी सहमति व्‍यक्‍त की गई।
 
वैश्विक मामलों पर बातचीत
16. बहुपक्षीय दृष्टिकोण से समाधान के रूप में परमाणु निरस्‍त्रीकरण और अप्रसार के साझा लक्ष्‍यों तथा अंतरराष्‍ट्रीय सुरक्षा मामलों पर सहयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया।
17. आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की दोबारा कड़ी आलोचना की गई।
18. संयुक्‍त राष्‍ट्र में प्रभावी बहुपक्षीय प्रणाली के महत्‍व पर फिर बल दिया गया तथा दोनों देश संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में व्‍यापक सुधार प्रक्रिया को समर्थन जारी रखने के महत्‍व पर राजी हुए।
19.जी-20 में अपनी भागीदारी के संदर्भ में सकारात्‍मकता और मौलिक सहयोग को रेखांकित किया गया।
20. दिसंबर, 2015 में पेरिस में आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन के सफल समापन पर संतोष व्‍यक्‍त किया गया तथा दोनों देशों द्वारा 22 अप्रैल, 2016 के पेरिस समझौते को दी गई स्‍वीकृति की सराहना की गई। वे जल्‍द से जल्‍द पेरिस समझौता संशोधन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही अपने देशों में विकास की चुनौतियों का मुकाबला करने के वास्‍ते ऊर्जा के नवीन तथा नवीकरणीय स्रोतों को विकसित करने के लिए भी कटिबद्ध हैं।
21. राष्‍ट्रपति श्री एनरिक पेना नितो ने भारतीय प्रधानमंत्री को फिर से मेक्सिको आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी राष्‍ट्रपति पेना नितो को भारत आने का निमंत्रण दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि आगामी यात्रा के लिए राजनयिक माध्‍यमों के जरिये उचित दिनांक तय की जाएगी।
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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam highlighting the virtues of firm resolve, self-control, and wisdom
June 02, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today shared a Sanskrit Subhashitam, observing that firm resolve and self-control are the powers that make even the most difficult paths easy. Shri Modi highlighted that today, our youth are continuously engaged in nation-building with this very resolve.

The Prime Minister posted on X:

"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

निश्चित्य यः प्रक्रमते
नान्तर्वसति कर्मणः।

अबन्ध्यकालो वश्यात्मा
स वै पण्डित उच्यते॥"

A person who begins a task after careful deliberation and with firm resolve, who never leaves it unfinished, who uses time wisely and who maintains complete control over their senses, such a person alone is truly wise.