इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर रहे। भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति प्रबोवो की 23-26 जनवरी 2025 की यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री श्री मोदी की इंडोनेशिया की यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण और भारत-इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी प्रगाढ़ बनाने की साझा प्रतिबद्धता दर्शाती है।

2. इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री श्री मोदी का जकार्ता में राष्ट्रपति भवन - इस्ताना मर्देका में समारोह पूर्वक स्वागत किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति प्रबोवो और प्रधानमंत्री श्री मोदी के बीच द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। राष्ट्रपति प्रबोवो ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मान में राजकीय भोज का भी आयोजन किया। इंडोनेशियाई संसद की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष डॉ. पुआन महारानी के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री ने इंडोनेशियाई संसद को संबोधित किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने योग्याकार्ता (जोग्जा) में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर परिसर में जीर्णोद्धार और संरक्षण कार्य का उद्घाटन किया। दोनों नेताओं ने इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय द्वारा श्री मोदी के सम्मान में आयोजित एक स्वागत समारोह में भी भाग लिया।

राजनीतिक सहयोग

3. प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने 7 जुलाई, 2026 को जकार्ता के इस्ताना मर्देका में द्विपक्षीय वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की। इसमें राजनीतिक जुड़ाव, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, औषधि, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, युवा आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों के साथ ही परस्पर हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं की उपस्थिति में भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के लिए कई द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किये गये।

4. दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया के रणनीतिक जुड़ाव बढ़ाने की इच्छा व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के महत्व को स्वीकार किया और बहुपक्षीय आयोजनों सहित नियमित तौर पर शिखर बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई।

5. दोनों नेताओं ने मौजूदा संयुक्त कार्य समूह तंत्र को सुदृढ़ बनाने और संयुक्त आयोग की बैठक, विदेश मंत्रालयीय कार्यालय परामर्श तथा अन्य मंत्रिस्तरीय और वरिष्ठ अधिकारियों के संवाद तंत्र और आदान-प्रदान सहित नियमित द्विपक्षीय परामर्श जारी रखने के महत्व की पुष्टि की।

6. दोनों नेताओं ने अपने संसदों में भारत-इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह स्थापित किये जाने का स्वागत किया और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित दौरों से दोनों लोकतंत्रों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने की आवश्यकता की पुष्टि की।

7. दोनों नेताओं ने आपसी समझ गहन बनाने और दोनों देशों के बीच विचार समूहों-थिंक टैंकों, शैक्षणिक संस्थानों और नीति विशेषज्ञों के बीच जुड़ाव बढ़ाने का स्वागत किया, जिसमें 23 अप्रैल 2025 को जकार्ता में आयोजित तीसरा भारत-इंडोनेशिया नीति नियोजन संवाद, 15-16 सितंबर 2025 को जकार्ता में आयोजित दूसरा भारत-इंडोनेशिया ट्रैक 1.5 संवाद (अनौपचारिक और अर्ध-सरकारी चर्चा प्रक्रिया, जिसमें सरकारी अधिकारी और गैर-सरकारी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर बातचीत करते हैं) और 5-6 अगस्त 2025 को जकार्ता में आयोजित जकार्ता फ्यूचर्स फोरम शामिल हैं।

रक्षा और समुद्री सहयोग

8. भारत और इंडोनेशिया को समुद्री पड़ोसी और मजबूत रक्षा रणनीतिक साझेदार मानते हुए और 2018 में हिंद-प्रशांत में समुद्री सहयोग पर भारत-इंडोनेशिया साझा दृष्टिकोण अपनाए जाना स्मरण करते हुए, दोनों नेताओं ने रक्षा और समुद्री साझेदारी को बढ़ाने और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

9. दोनों नेताओं ने 27 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रियों की तीसरी संवाद बैठक आयोजित होने का स्वागत किया और पारंपरिक और उभरते दोनों क्षेत्रों में रक्षा सहयोग मजबूत बनाने तथा सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इनमें नियमित रक्षा संवाद, संयुक्त अभ्यास, स्टाफ वार्ता, संयुक्त अनुसंधान और नई रक्षा प्रौद्योगिकियों का सह-उत्पादन, बंदरगाह भ्रमण, शांतिरक्षा गतिविधियां, सूचना साझाकरण, जलविज्ञान, क्षमता निर्माण, कैडेट प्रशिक्षण और आदान-प्रदान तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग शामिल हैं। दोनों नेताओं ने ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल सहयोग समझौते सहित रक्षा सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया।

10. दोनों नेताओं ने समुद्री क्षेत्र जागरूकता, समुद्री संपर्क, तटीय निगरानी, ​​मानवीय सहायता और आपदा राहत, प्रदूषण नियंत्रण और खोज एवं बचाव सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर समुद्री सहयोग का स्वागत किया। दोनों देशों के आपसी हितों और प्राथमिकताओं पर आधारित यह सहयोग क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि लाने तथा व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अधिक स्थिरता सुनिश्चित करने में योगदान देता है। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा और संरक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण और इंडोनेशियाई तटरक्षक बल - बाकामला आरआई तथा भारतीय तटरक्षक बल के बीच कार्यान्वयन व्यवस्था का भी स्वागत किया।

11. दोनों नेताओं ने संयुक्त अभ्यासों और रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के रणनीतिक और परिचालन महत्व पर जोर दिया और मौजूदा नौसैनिक सहयोग और मजबूत बनाने के प्रयासों की सराहना की। दोनों नेताओं ने परस्पर हित से जुड़े समुद्री मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा जारी रखने पर भी बल दिया, जो संबंधित राष्ट्रीय कानूनों और विनियमों के साथ-साथ 1982 के संयुक्त राष्ट्र नौसेना समझौते सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुरूप हैं।

12. दोनों नेताओं ने गुरुग्राम स्थित हिंद महासागर क्षेत्र - सूचना संलयन केंद्र में इंडोनेशिया के अंतर्राष्ट्रीय संपर्क अधिकारी की नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने समुद्री सुरक्षा में पारस्परिक लाभकारी सहयोग क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा जारी रखने पर भी सहमति व्यक्त की।

13. दोनों नेताओं ने रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी में सहयोग प्राथमिकता क्षेत्रों में से एक बताया और संयुक्त उपकरण उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण, जहाज निर्माण में सहयोग सहित रक्षा उपकरणों की सोर्सिंग, समान रक्षा प्लेटफार्मों के लिए रखरखाव, मरम्मत और संचालन सुविधाओं की स्थापना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास की स्थापना की संभावनाओं का पता लगाने और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला पारितंत्र मजबूत बनाने के लिए रक्षा उद्योगों के बीच पारस्परिक लाभकारी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने सैन्य दवाओं की आपूर्ति पर भारत और इंडोनेशिया के सशस्त्र बल चिकित्सा प्रतिष्ठानों के बीच फार्मास्युटिकल सहयोग में हुई प्रगति का स्वागत किया।

आतंकवाद निरोधक और सुरक्षा सहयोग

14. दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट और कठोर निंदा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार व्यापक और सतत उपायों से आतंकवाद से निपटने के लिए निर्णायक और समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति में सूचीबद्ध संगठन सहित वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया।

15. दोनों नेताओं ने आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाले हिंसक उग्रवाद की रोकथाम और इनका मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसमें आतंकवादी वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के प्रयास, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमत धनशोधन निरोधक उपाय और आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला करने हेतु मानकों को बढ़ावा देना, आतंकवादी मकसद में इस्तेमाल होने वाली नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग को रोकना और आतंकवादियों की ऑनलाइन भर्ती तथा डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से कट्टरता फैलाने से निपटने और हिंसक उग्रवाद की रोकथाम कार्यक्रमों पर सहयोग मजबूत बनाना शामिल है।

16. दोनों नेताओं ने आतंकवाद का मुकाबला करने में शून्य-सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आतंकवादी वित्तपोषण माध्यमों को बाधित करने और संयुक्त राष्ट्र और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल सहित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग मजबूत बनाने के सक्रिय उपाय जारी रखने की दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की।

17. आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच संबंधों को चिन्हित करते हुए, दोनों नेताओं ने अपने घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप, सूचनाओं और सर्वोत्तम प्रथाएं साझा करने सहित, सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने निकट भविष्य में हस्ताक्षरित होने वाले आतंकवाद निरोधक सहयोग पर समझौता ज्ञापन शीघ्र पूर्ण होने का भी स्वागत किया।

18. दोनों नेताओं ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए एक मंच के रूप में तीसरे भारत-इंडोनेशिया सुरक्षा संवाद के आयोजन का स्वागत किया। दोनों देशों ने संवाद के माध्यम से आतंकवाद, संगठित और अंतरराष्ट्रीय अपराध, उभरती प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा, तथा रक्षा उद्योग, समुद्री और अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

19. दोनों नेताओं ने नीतिगत संवाद, क्षमता निर्माण, सर्वोत्तम प्रथा साझा करने और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, वित्तीय प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल फोरेंसिक और कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी) सहयोग, महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा और डिजिटल कौशल पर क्षमता निर्माण सहित साइबर क्षेत्र में संभावित सहयोग पर चर्चा पर भी सहमति व्यक्त की।

आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग

20. दोनों नेताओं ने उल्लेख किया कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग भारत-इंडोनेशिया के गतिशील संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने विकसित भारत 2047 और इंडोनेशिया एमस 2045 के दृष्टिकोण के बीच व्यापक आर्थिक और विकासात्मक तालमेल को स्वीकार करते हुए अधिक आर्थिक अवसर खोलने के लिए दोनों देशों के बीच व्यापक और गहन आर्थिक एकीकरण की भूमिका स्वीकार की। इस दिशा में उन्होंने संतुलित, पारस्परिक लाभकारी और व्यापारिक सुगमता के लिए आसियान-भारत व्यापार समझौते की समीक्षा समय पर पूरी करने और उसके उपरांत द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए व्यापक और गहन द्विपक्षीय व्यापारिक जुड़ाव की इच्छा व्यक्त की।

21. दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश कार्य समूह की द्वितीय बैठक, व्यापार मंत्रियों के चौथे द्विवार्षिक मंच और संयुक्त आर्थिक और वित्तीय संवाद प्रथम बैठक सहित मौजूदा द्विपक्षीय आर्थिक तंत्रों के पूर्ण उपयोग और सुदृढ़ीकरण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन तंत्रों को लंबित शुल्क और गैर-शुल्क मुद्दों के समाधान, बाजार पहुंच सुधार, व्यापार और निवेश सुगमता और वित्त, डिजिटल अर्थव्यवस्था, उद्योग और आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग आगे बढ़ाने के लिए ठोस और व्यापार-उन्मुख परिणाम प्राप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए। साथ ही उन्हें एक-दूसरे के घरेलू नियमों और विकास प्राथमिकताओं का सम्मान करना चाहिए।

22. दोनों नेताओं ने घरेलू विनिर्माण उद्योगों के विकास के लिए विविधतापूर्ण और आवश्यकता अनुरूप आपूर्ति श्रृंखला निर्मित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातु क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया, ताकि कमजोरियों पर काबू पाया जा सके और आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो। उन्होंने दुर्लभ धातु के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और नॉन-फेरस मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर, मिडवेस्ट लिमिटेड और पीटी. पेरूसहान मिनरल नेशनल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

23. दोनों नेताओं ने खनिज और इस्पात आपूर्ति श्रृंखला प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का भी स्वागत किया। उन्होंने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और पीटी. क्राकाटाऊ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए रणनीतिक संयुक्त उद्यम पर भी संतोष व्यक्त किया।

24. दोनों नेताओं ने भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक इंडोनेशिया के बीच स्थानीय मुद्रा लेनदेन पर दिशानिर्देशों के संचालन प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वित्तीय एकीकरण गहरा होगा।

स्वास्थ्य, फार्मा, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा

25. दोनों नेताओं ने इंडोनेशिया में संभावित प्रचालन वितरण मंच के रूप में रेड एंड व्हाइट कोऑपरेटिव नेटवर्क के महत्व पर जोर दिया, ताकि संबंधित घरेलू कानूनों और विनियमों के अनुसार, दोनों देशों से औषधि और चिकित्सा उत्पादों सहित अन्य वस्तुओं की आपूर्ति की जा सके।

26. दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और स्वास्थ्य पेशेवर कार्यबल विकास कार्यान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। यह समझौता पेशेवरों के लिए फेलोशिप कार्यक्रमों और कौशल संवर्धन कार्यक्रमों, विशेष चिकित्सा क्षेत्रों में व्यावहारिक नैदानिक ​​प्रशिक्षण, स्वास्थ्य पेशेवरों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और अन्य पारस्परिक सहमत सहयोगी गतिविधियों के माध्यम से सहयोग मजबूत बनाएगा। उन्होंने प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में नियामक सहयोग पर इंडोनेशियाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन और भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन शीघ्र पूर्ण करने का आग्रह किया।

27. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की घरेलू नीतियों का सम्मान करते हुए खाद्य सुरक्षा और पोषण क्षेत्र में सहयोग और गहरा बनाने पर भी सहमति व्यक्त की। उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत किया, जिसमें खाद्य और कृषि व्यापार, संयुक्त अध्ययन, नवाचार और ज्ञान साझाकरण शामिल है, ताकि पारस्परिक रूप से निर्धारित सतत और स्थिति अनुरूप खाद्य प्रणालियों को समर्थन मिले। उन्होंने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन शीघ्र पूरा करने और समुद्री एवं मत्स्य उद्योग क्षेत्र में समझौता ज्ञापन के शीघ्र नवीनीकरण की आशा व्यक्त की।

28. दोनों नेताओं ने औषधि और चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में अभी जारी सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और इंडोनेशिया की 'खाद्य और औषधि पर्यवेक्षण एजेंसी' बीपीओएम के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

29. दोनों नेताओं ने उर्वरक क्षेत्र में सहयोग मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की और बदलते वैश्विक बाजार के अनुरूप स्थिर, किफायती और विश्वसनीय उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

30. दोनों पक्षों ने आपसी सहमति के अनुसार, पारंपरिक, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग, संयुक्त अध्ययन और क्षमता निर्माण मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस, हरित हाइड्रोजन, जैव ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया।

बुनियादी ढांचा और संपर्क

31. दोनों नेताओं ने एक-दुसरे के बीच समुद्री और हवाई संपर्क बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया और हवाई संपर्क और बंदरगाह-से-बंदरगाह संपर्क को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने 2026 के उत्तरार्ध में आयोजित होने वाली अंडमान-एचे संपर्क पर तीसरी संयुक्त कार्य बल बैठक और शीघ्र लागू होने वाली कार्य योजना के प्रति उत्सुकता व्यक्त की।

32. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सबांग बंदरगाह के समेकित विकास साझेदारी में भारत की रुचि का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने माना कि इस तरह की साझेदारी—जिसमें क्रूज और समुद्री पर्यटन सुविधाएं, समुद्री उद्योग (जहाज मरम्मत और जहाज निर्माण) और अंडमान सागर में अपतटीय ऊर्जा गतिविधियों का समर्थन करने वाली तट-आधारित सेवाएं शामिल हैं—भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और सुमात्रा द्वीप के प्रांतों के बीच संस्थागत, भौतिक, डिजिटल और लोगों तथा वस्तुओं के आवागमन को बढ़ावा देगी। इससे निवेश, रोजगार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और साझा क्षेत्रीय समृद्धि होगी। दोनों नेताओं ने अपने संबंधित प्राधिकरण को प्रोत्साहित किया कि वे इंडोनेशिया की विकास योजनाओं और लागू नियमों के अनुरूप, समयबद्ध और पारस्परिक लाभकारी उपायों से परियोजना के दायरे, तौर-तरीकों और वित्तपोषण पर काम करें।

33. दोनों नेताओं ने भारत में डिजिटल व्यापार के लिए ओपन नेटवर्क आर्किटेक्चर पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क आरंभ किये जाने का स्वागत किया। इसका उद्देश्य डिजिटल नेटवर्क द्वारा डिजिटल अर्थव्यवस्था में इंडोनेशियाई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम की भागीदारी बढ़ाना है।

34. दोनों नेताओं ने भारतीय रिज़र्व बैंक और बैंक इंडोनेशिया के बीच हुए समझौते में भारत और इंडोनेशिया के बीच सीमा पार क्यूआर भुगतान संपर्क कार्यान्वयन में प्रगति का स्वागत किया। यह पहल इंडोनेशिया और भारत के बीच द्विपक्षीय भुगतान संपर्क मजबूत बनाने में काफी महत्वपूर्ण है। यह लेन-देन की दक्षता बढ़ाएगा, वित्तीय स्थिरता मजबूत करेगा और विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों, पर्यटन और छात्रों को सहायता प्रदान कर समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

35. दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया के बीच दूरसंचार प्रौद्योगिकी और सेवा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पूर्ण होने का स्वागत किया। यह समावेशी आर्थिक विकास और डिजिटल बदलाव के लिए दूरसंचार प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी में सहयोग और मजबूत बनाएगा।

जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास

36. राष्ट्रपति प्रबोवो ने जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका स्वीकार की और प्रधानमंत्री श्री मोदी की अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की पहल की सराहना की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संबंधित घरेलू प्रक्रिया के अनुसार इसमें शामिल होने के इंडोनेशिया की मंशा का स्वागत किया और इंडोनेशिया की पहल, विशेष रूप से विश्व मैंग्रोव केंद्र और अंतर्राष्ट्रीय उष्णकटिबंधीय पीटभूमि केंद्र का उल्लेख किया, जो जैव विविधता, मैंग्रोव और पीटभूमि संरक्षण पर वैश्विक सहयोग मजबूत बनाने की साझा प्रतिबद्धता दर्शाती हैं।

37. प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए दोनों नेताओं ने आपदा प्रबंधन सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सूचना, अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के साथ ही आपदा प्रतिक्रिया, पुनर्स्थापना, शमन और तैयारी संबंधी क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, प्रभावी आपदा शमन और आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना के लिए डेटा अनुप्रयोग के माध्यम से सहयोग बढ़ाने के दोनों देशों के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। उन्होंने आपदा जोखिम न्यूनीकरण और लचीलेपन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन के महत्व का भी उल्लेख किया।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष तथा महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी सहयोग

38. दोनों नेताओं ने 12 अगस्त, 2025 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर प्रथम संयुक्त आयोग बैठक आयोजित किये जाने तथा भारत और इंडोनेशिया के बीच अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

39. दोनों नेताओं ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन – इसरो और इंडोनेशिया के राष्ट्रीय अनुसंधान एवं नवाचार एजेंसी के बीच चल रहे अंतरिक्ष सहयोग के साथ ही 24-25 जून 2026 को भारत के बेंगलुरु में आयोजित बाह्य अंतरिक्ष सहयोग पर छठी संयुक्त आयोग की बैठक पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष अन्वेषण और उपयोग में सहयोग पर फ्रेमवर्क समझौते के विस्तार पर हस्ताक्षर का भी स्वागत किया।

40. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत के उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान कार्यक्रमों तथा भारत के गगनयान मिशन के समर्थन में इंडोनेशिया के निरंतर सहयोग के लिए राष्ट्रपति प्रबोवो के प्रति आभार व्यक्त किया। यह सहयोग ब्रिन-आईएसआरओ और बियाक टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एवं कमांड (टीटीसी) सुविधाओं के बीच सहयोगात्मक व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। राष्ट्रपति प्रबोवो ने इंडोनेशियाई उपग्रहों के प्रक्षेपण तथा एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में अंतरिक्ष विज्ञान प्रौद्योगिकी शिक्षा केंद्र के माध्यम से इंडोनेशियाई अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा आसियान-भारत अंतरिक्ष सहयोग के लिए भारत के समर्थन की सराहना की। उन्होंने इंडोनेशिया में अंतरिक्ष पत्तन परियोजना पर दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष पारितंत्र सहयोग का भी स्वागत किया।

41. दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया के बीच परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग चर्चाओं को भी रेखांकित किया, जिससे अनुसंधान, क्षमता निर्माण और परमाणु सुरक्षा में सहयोग मजबूत होगा। उन्होंने नागरिक परमाणु ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का स्वागत किया, जिसमें उद्योग, परमाणु चिकित्सा, कृषि और जल प्रबंधन में संबंधित नियामक और तकनीकी प्रगति और अनुप्रयोग शामिल हैं।

संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान

42. दोनों नेताओं ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा योग्याकार्ता में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए भारत समर्थित परियोजना आरंभ होने का स्वागत किया। इंडोनेशिया ने भारत के राष्ट्रीय संग्रहालय द्वारा लगभग 860 ईस्वी सन् की मूल नालंदा ताम्रपत्र की प्रतिकृति भेंट करने की भी सराहना की, जो देवनागरी लिपि और संस्कृत भाषा में उत्कीर्ण है। यह अब मुआरा जांबी के नए संग्रहालय में प्रदर्शित किया जा रहा है। दोनों नेताओं ने अगस्त 2023 में वाराणसी में आयोजित जी20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए "काशी कल्चरल पाथवे" में निहित सिद्धांतों का स्मरण किया और दोनों सरकारों के बीच अपने कानूनों और प्रक्रियाओं के अनुसार और मैत्री और पारस्परिक सम्मान की भावना से सांस्कृतिक विरासत पर निरंतर परामर्श के महत्व पर बल दिया।

43. दोनों नेताओं ने रवींद्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया में शिक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान देने वाले प्रणेता की हजार देवंतरा की अमिट बौद्धिक विरासत और साझा शैक्षिक दृष्टिकोण को मान्यता दी, जिनके आदान-प्रदान ने भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों की एक महत्वपूर्ण नींव रखने में मदद की। दोनों नेताओं ने 2026-2027 को "भारत-इंडोनेशिया सांस्कृतिक और शैक्षिक राजनय का टैगोर-देवंतरा वर्ष" के रूप में मनाने पर सहमति व्यक्त की। यह आयोजन दोनों देशों में संयुक्त सांस्कृतिक, शैक्षिक, अकादमिक और जन-जन पहलों के एक वर्षव्यापी कार्यक्रम द्वारा रवींद्रनाथ टैगोर की 1927 में इंडोनेशिया यात्रा की शताब्दी को इंगित करेगा।

44. पर्यटन को दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों के प्रेरक के रूप में रेखांकित करते हुए, दोनों नेताओं ने पर्यटन सहयोग बढ़ाने और एक-दूसरे के यहां सैलानियों का आवागमन बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने दोनों पक्षों के लिए यात्रा सुगमता और वीजा प्रक्रिया बेहतर बनाने के उपायों पर आगे बातचीत पर सहमति जताई।

45. दोनों नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में जारी सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए विद्यार्थियों के आदान-प्रदान सहित अधिक शैक्षणिक और संस्थागत सहयोग की दिशा में काम करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन को शीघ्र संपन्न करने को भी प्रोत्साहित किया।

46. ​​दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने अकादमिक गतिशीलता, संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग और मानव संसाधन विकास को समर्थन देने वाली अन्य पहल द्वारा पारस्परिक लाभकारी साझेदारियों के विस्तार को प्रोत्साहित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन शीघ्र संपन्न होने की आशा व्यक्त की। राष्ट्रपति प्रबोवो ने इंडोनेशिया में प्रतिष्ठित भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की शाखा परिसर स्थापित करने की बढ़ती रुचि का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बैंगलोर द्वारा इंडोनेशिया में एक परिसर स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत किया।

47. दोनों नेताओं ने मानव संसाधन विकास, बेहतर प्रबंधन और चुनाव क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग की दिशा में भारत के चुनाव आयोग और इंडोनेशिया के आम चुनाव आयोग के बीच सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने चुनाव प्रबंधन और प्रौद्योगिकी उपयोग के क्षेत्र में सहयोग पर भारतीय निर्वाचन आयोग और केपीयू के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

48. दोनों नेताओं ने आधिकारिक सांख्यिकी, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और इंडोनेशियाई सांख्यिकी विभाग – बीपीएस के बीच प्रस्तावित सहयोग का स्वागत किया।

क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग

49. दोनों नेताओं ने मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति, आर्थिक और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान तथा पारस्परिक चिंता के वैश्विक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र और उसकी विशेष एजेंसियों सहित बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मंचों पर भारत और इंडोनेशिया के बीच अधिक रणनीतिक तथा घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि क्षेत्र और उससे परे शांति, स्थिरता, सहयोग और समृद्धि पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय कानून पर केंद्रित अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्व वाली विश्व व्यवस्था स्थापित हो। दोनों पक्षों ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति साझा सम्मान की पुष्टि करते हुए क्षेत्र और उससे परे शांति, स्थिरता और पारस्परिक लाभकारी सहयोग आधार सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता, बहुलवाद और विधि सम्मत शासन बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने विकासशील देशों के बीच बढ़ती सहयोगी भूमिका को स्वीकार किया और वैश्विक दक्षिण की आवाज मजबूत बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

50. दोनों नेताओं ने समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने और वैश्विक दक्षिण (विकासशील देशों) की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सार्थक सुधारों की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के व्यापक सुधार और विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार की सदस्यता शामिल है। उन्होंने कहा कि यह सुधार समावेशी और सदस्य देशों द्वारा संचालित अंतर-सरकारी वार्ताओं, जिनमें लिखित वार्ताएं भी शामिल हैं, के माध्यम से होनी चाहिए। बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग की प्रबल भावना दर्शाते हुए, दोनों नेताओं ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय उम्मीदवारों के लिए आपसी समर्थन पर चर्चा की।

51. दोनों नेताओं ने वैश्विक वित्तीय संरचना में सुधारों की आवश्यकता के साथ ही गैर-बाजार प्रचलनों, आपूर्ति श्रृंखलाओं के केंद्रीकरण और अनिश्चित बाजार पहुंच की चुनौतियों का जवाब देने के लिए विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए नियम-आधारित, निष्पक्ष, खुला और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली के महत्व पर भी बल दिया।

52. इंडोनेशिया ने भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। भारत ने ब्रिक्स सदस्य देश के रूप में इंडोनेशिया की भूमिका का समर्थन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने समान वैश्विक शासन और सतत विकास के लिए रचनात्मक योगदान हेतु ब्रिक्स, जी-20, इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन सहित प्रमुख मंचों के माध्यम से जुड़ाव बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

53. दोनों नेताओं ने 2018 में घोषित हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया समुद्री सहयोग के साझा दृष्टिकोण को याद करते हुए स्वतंत्र, खुले, पारदर्शी, नियम-आधारित, शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

54. उन्होंने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान, 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) सहित अंतरराष्ट्रीय संधियों के पालन, नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसी प्रकार के बल प्रयोग के खतरे से परहेज जताते हुए संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।

55. राष्ट्रपति प्रबोवो ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए विकसित हो रही क्षेत्रीय संरचना में आसियान एकता और आसियान केंद्रीयता पर भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की। दोनों पक्षों ने आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत बनाने का समर्थन किया, जो संबंधित सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों की पूरक है। दोनों नेताओं ने 'क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक' और भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल सहित तालमेल गहरा बनाने के लिए देशों को प्रोत्साहित किया।

56. दोनों नेताओं ने भारत-इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया त्रिपक्षीय तंत्र के प्रभावी सहयोग का स्वागत किया और समुद्री क्षेत्र जागरूकता, समुद्री प्रदूषण, समुद्र जनित अर्थव्यवस्था सहित क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों का पता लगाने और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस), इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (आईपीओआई) और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (आईओआरए) के ढांचे के तहत सहयोग बढ़ाने का स्वागत किया।

57. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व की स्थिति और इसके वैश्विक प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने 17 जून, 2026 को हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन का स्वागत किया। उन्होंने तनाव कम करने के महत्व पर बल देते हुए दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए। उन्होंने नौवहन स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार प्रवाह का सम्मान करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन मार्ग कार्यान्वयन पर भी समान रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये संयुक्त राष्ट्र सीमा समझौते के प्रावधानों सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरुप होना चाहिए।

58. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यात्रा के दौरान स्वयं और प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से भरे स्वागत और उत्कृष्ट आतिथ्य सत्कार के लिए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इंडोनेशिया की मित्रवत जनता की समृद्धि और प्रगति की कामना करते हुए, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को आपसी सहमति से सुविधाजनक समय पर भारत आने का हार्दिक निमंत्रण दिया।

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PM Modi arrives in Melbourne, Australia, to a warm welcome
July 08, 2026

After concluding a productive visit to Indonesia, PM Modi reached Melbourne, Australia. This visit will add vigour to the India-Australia Comprehensive Strategic Partnership. During the visit, he will hold talks with Prime Minister Albanese and interact with the Indian diaspora.

After concluding a productive visit to Indonesia, PM Modi reached Melbourne, Australia. This visit will add vigour to the India-Australia Comprehensive Strategic Partnership. During the visit, he will hold talks with Prime Minister Albanese and interact with the Indian diaspora.

He will also participate in the India-Australia CEO Forum, witness the exchange of key MoUs and jointly participate in the Annual Leaders' Summit with Prime Minister Albanese.