पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ किया। मिशन का उद्देश्य विशेष रूप से आदिवासी आबादी के बीच सिकल सेल रोग से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना और 2047 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में सिकल सेल रोग को खत्म करना है।

2011 में, गुजरात में सीएम मोदी की सरकार ने सबसे पहले सिकल सेल एनीमिया की बीमारी की पहचान की थी, जो मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय को आनुवंशिक रूप से प्रभावित करती थी और उनके स्वास्थ्य और कल्याण में रुकावट बनती थी। इसके लिए, पीएम मोदी ने 2014 में जापान के क्योटो में सेंटर फॉर आईपीएस सेल रिसर्च एंड एप्लीकेशन का दौरा किया, जहां उन्होंने जापान के स्टेम सेल पायनियर और 2012 के नोबेल पुरस्कार विजेता शिन्या यामानाका के साथ सिकल सेल एनीमिया की व्यापकता और इसे रोकने के तरीकों पर बातचीत की।

गुजरात के सिकल सेल एनीमिया प्रोग्राम के पूर्व मानद निदेशक डॉ. यज़्दी इटालिया ने बताया कि कैसे सीएम मोदी ने उनका समर्थन किया और उनसे गुजरात में सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए अपना श्रेष्ठ देने के लिए कहा।

गुजरात की पूर्व स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. अंजू शर्मा याद करती हैं कि कैसे सीएम मोदी ने 2006 में गुजरात में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत की थी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बीमारी पर जागरूकता फैलाने के संबंध में सरकार द्वारा किस प्रकार के कदम उठाए गए; इसके प्रसार को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सामूहिक जांच शुरू की गई, जिसके माध्यम से रेड (रोग से प्रभावित), येलो (रोग का वाहक) और ग्रीन (कोई रोग या लक्षण नहीं) कार्ड बड़े पैमाने पर वितरित किए गए।

गुजरात के पूर्व डिप्टी सीएम नितिन पटेल बताते हैं कि कैसे गुजरात में सीएम मोदी की सरकार ने एक अमेरिकी कंपनी के साथ समझौता किया और इस बीमारी को खत्म करने के प्रयासों को राज्य के विभागों के प्रयासों के साथ कोऑर्डिनेट किया, जिससे राज्य में इस बीमारी के लिए बड़े पैमाने पर परीक्षण और स्क्रीनिंग की सुविधा मिली।

गुजरात के पूर्व आदिवासी कल्याण मंत्री गणपत वसावा ने बताया कि सरकार के नेतृत्व में विभिन्न उपायों के माध्यम से आदिवासी समुदाय के 90 लाख से अधिक लोंगों की जांच की गई, जिनमें से 31,000 लोग इस बीमारी से प्रभावित पाए गए। सबसे अच्छी बात यह है कि सीएम मोदी के विजनरी नेतृत्व में, सिकल सेल एनीमिया के त्वरित उन्मूलन को संभव बनाने के लिए एक बेहद प्रभावी अभियान बनाया गया था।

Explore More
अमृतकाल में त्याग और तपस्या से आने वाले 1000 साल का हमारा स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है : लाल किले से पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

अमृतकाल में त्याग और तपस्या से आने वाले 1000 साल का हमारा स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है : लाल किले से पीएम मोदी
India a 'green shoot' for the world, any mandate other than Modi will lead to 'surprise and bewilderment': Ian Bremmer

Media Coverage

India a 'green shoot' for the world, any mandate other than Modi will lead to 'surprise and bewilderment': Ian Bremmer
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
भारत के खेलों में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास
May 09, 2024

भारत के खेल बजट में रिकॉर्ड वृद्धि, खेलो इंडिया गेम्स और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम सहित तमाम इनिशिएटिव; भारत में खेल परिदृश्य पर मोदी सरकार के जोर को दर्शाते हैं। भारत में ‘युवा ओलंपिक’ और ‘ओलंपिक 2036’ की मेजबानी के लिए पीएम मोदी का प्रयास, पिछले दशक में भारत के खेलों के लिए अग्रणी बदलाव और विजन को दर्शाता है।

एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने खेलों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के अभूतपूर्व समर्थन की सराहना की और बताया कि कैसे पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की और भारत में खेलों से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों के बारे में गहराई से जानकारी ली और भारत के खेलों में बदलाव के लिए मिशन मोड पर इन मुद्दों को हल करने पर बल दिया।

मुद्दों को सुलझाने के इरादे के साथ-साथ, पीएम मोदी हमेशा विभिन्न एथलीटों के संपर्क में रहे और भारत में खेलों को देखने के तरीके में एक व्यवस्थित बदलाव लाने की कोशिश की। इसके अलावा, भारत के खेलों में बदलाव; देश में बेहतर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी परिणाम था।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी खेलों में वाकई दिलचस्पी रखते हैं। वह हर एथलीट को जानते हैं...उनके प्रदर्शन को जानते हैं। किसी भी बड़ी चैंपियनशिप से पहले, वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाते हैं और उनसे बातचीत करते हैं...शानदार विदाई समारोह का आयोजन करते हैं और वापसी पर जीत को सेलिब्रेट भी करते हैं।"

उन्होंने कहा कि प्रत्येक एथलीट खुश है क्योंकि प्रधानमंत्री खुद उनके करियर, बेहतरी और परफॉरमेंस में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं।