मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के आधुनिक विकास के 225 सशक्त आधारस्तंभ के रूप में प्रत्येक तहसील में विकास की उत्तम प्रतिस्पर्धा करने को टीम-तहसील का आह्वान किया है।
‘आपणो तालुको वाइब्रेंट तालुको' (एटीवीटी) के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के सन्दर्भ में तीन सामूहिक चिन्तन के क्षेत्रीय सेमीनार मुख्यमंत्री के प्रेरक मार्गदर्शन में संपन्न हुए। शनिवार को वड़ोदरा में आयोजित मध्य एवं दक्षिण गुजरात के एटीवीटी क्षेत्रीय सेमीनार में करीब 600 तहसील अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि 26 जिलों के आधारस्तंभ पर गुजरात विकास की इस ऊंचाई तक पहुंच सकता है तो 225 तहसीलों के सक्षम आधारस्तंभ पर गुजरात देश के लिए दिशासूचक सर्वोच्च सफलता के आयाम स्थापित कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने तहसील अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे प्रत्येक तहसील में विकास के लिए जरूरी तमाम शक्तियों को सामूहिक ताकत के रूप में कार्यरत कर और विकास का विजन तहसील में ही बनाने का प्रेरक नेतृत्व प्रदर्शित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रत्येक तहसील के विकास के भाग्यविधाता के रूप में तहसील के क्षेत्रीय अधिकारी जरूर सफल होंगे।
उन्होंने तहसील प्रशासन में गुणात्मक बदलाव लाने के लिए ब्रिटिश प्रशासनिक व्यवस्था की पुरानी मानसिकता में परिवर्तन लाने और संसाधनों की विपुलता की परिवर्तित स्थिति को केन्द्रस्थान में रखते हुए विकास के लिए सामूहिक चिन्तन की नई दिशा अपनाने का मार्गदर्शन दिया। श्री मोदी ने कहा कि 2001 से पूर्व गुजरात में संसाधन एवं वित्तीय अभाव की स्थिति थी। लेकिन अब स्थिति में पूरी तरह से बदलाव आया है। राजनैतिक शासन की स्थिरता, प्रशासनिक तंत्र में नीति की निरंतरता, जनमानस में सहयोग का अनुकूल वातावरण है। लिहाजा, प्रत्येक तहसील समस्या से मुक्त होने और तहसील के विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रवृत्त बने।
अधिकारियों के प्रेरणा देते हुए श्री मोदी ने कहा कि एटीवीटी कार्यक्रम के सफल होने पर आगामी दो वर्षों में अनेक तहसीलें विकास से वाइब्रेंट हो जाएंगी और हिन्दुस्तान को विकेन्द्रीत तहसील विकास का सक्षम मॉडल गुजरात देगा। इसके लिए तहसील टीम निर्णायक बने और दूरदर्शी योजनाएं बनाए।
गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिए वड़ोदरा के क्षेत्रीय सेमीनार में तहसील अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने संबोधित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव ए.के. शर्मा भी उपस्थित थे।


