गांधीनगर, मंगलवारः गुजरात सरकार की ओर से राज्य की स्वर्णिम जयंति महोत्सव के समापन समारोह में 1 मई, 2011 को अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में “आगे कदम गुजरात” सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 4,500 कलाकारों ने भाग लिया था। विश्व के सबसे बड़े नृत्य व संगीत कार्यक्रम के रूप में दर्ज करते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा इसे प्रमाणित किया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास और ऊर्जा राज्य मंत्री सौरभभाई पटेल ने मंगलवार को यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के स्वर्णिम जयंति महोत्सव में जनशक्ति के साक्षात्कार के रूप में छह करोड़ गुजरातियों के पुरुषार्थ और क्षमता के दर्शन देश दुनिया को करवाए हैं, इसकी भूमिका प्रस्तुत करते हुए प्रवक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2010-11 के स्वर्णिम जयंति वर्ष में विराट जनभागीदारी से गुजरात ने जो अभियान चलाए हैं, उन्हें विश्व में सबसे बड़े जनअभियानों की प्रतिष्ठा हासिल हुई है।

स्वर्णिम जयंति समापन समारोह 1 मई, 2011 को गुजरात सरकार के खेलकूद, युवक सेवा एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के तहत सरदार पटेल स्टेडियम के विशाल प्रांगण में एक साथ 4500 कलाकारों ने गुजरात की सांस्कृतिक अस्मिता और प्रगति की सफलतागाथा की अनोखी प्रस्तुति के रूप में नृत्य एवं संगीत की जुगलबंदी का विश्वरिकार्ड बनाया था। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने “आगे कदम गुजरात” के इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में “जय जय गरवी गुजरात” गीत को संगीतबद्घ किया था।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की ओर से स्वर्णिम जयंति वर्ष के दौरान गुजरात सरकार को विश्व रिकार्ड बनाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम “आगे कदम गुजरात” सहित कुल छह कार्यक्रमों को प्रमाणित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं, यह इस प्रकार हैंः

24 दिसंबर, 2010: स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ गुजरात के तत्वावधान में गुजरात यूनिवर्सिटी ग्राउंड पर आयोजित स्वर्णिम चेस महोत्सव कार्यक्रम में एक साथ एक ही स्थान पर 20 हजार से ज्यादा खिलाडि़यों ने शतरंज खेल कर विश्व रिकार्ड बनाया।

11 से 15 नवंबर, 2010: वडनगर में स्वर्णिम तानारीरी महोत्सव में गुजराती शास्त्रीय गायिका सुश्री धारी पंचमदा द्वारा 101 घंटे, 23 मिनट तक लगातार शास्त्रीय गीत गाने का विश्व रिकार्ड बनाने का प्रमाण पत्र।

तानारीरी महोत्सव में सुश्री धारी पंचमदा को मार्गी अखंड स्वरगान के महायज्ञ में एक साथ 214 राग और 271 बंदिशों की प्रस्तुति के साथ विश्व रिकार्ड बनाने का प्रमाण पत्र।

26-27 अप्रैल, 2011 को स्वर्णिम मार्गी अखंड स्वररचना में सुश्री धारी पंचमदा द्वारा 291 घंटे, 29 मिनट तक निरंतर 29 रागों का संतुर वादन कर विश्व रिकार्ड बनाने का प्रमाण पत्र।

29 अप्रैल, 2011 को अहमदाबाद की तबला प्रशिक्षण संस्था के मुंजाल मेहता द्वारा आयोजित 315 तबला वादकों की अद्भुत उपलब्धि का प्रमाण पत्र।

प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राज्य सरकार के खेलकूद, युवक सेवा और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री फकीरभाई वाघेला ने गुजरात के स्वर्णिम जयंति वर्ष महोत्सव के दौरान गुजरातियों के सामर्थ्य की प्रतिती विश्व को हुई है, लिहाजा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के इन अवार्ड्स की भेंट जनता को समर्पित की है।

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प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में आत्मनिर्भरता और नवाचार के बल पर भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए परिवर्तन का उल्लेख किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन को रेखांकित किया है।

श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा परिवर्तन आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर भारत का प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा;

"आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित, भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले दशक में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है।"

यह श्रृंखला पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति की एक झलक प्रस्तुत करता है।

#12YearsOfSurakshitBharat

"यह श्रृंखला बताती है कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को कैसे मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को कैसे आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार कैसे बनाया है।"

#12YearsOfSurakshitBharat