मेरे प्रिय गुजराती भाई-बहनों,
गुजरात के लोगों ने फिर से एक बार अपना फैसला सुना दिया है, और इस बार काफी स्पष्ट रूप से फैसला किया है। वर्ष २०१२ के गुजरात चुनावों ने दूसरे तमाम क्षुद्र मुद्दों को दरकिनार कर फिर से एक बार विकास की राजनीति और सुशासन पर अपनी मुहर लगा दी है। गुजरात की जनता ने हमारे प्रति जो स्नेह दर्शाया है, जो समर्थन दिया है और हमारी पार्टी तथा सरकार के प्रति जो अडिग विश्वास व्यक्त किया है इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों ने हमको प्रचंड बहुमत दिया है। मैं भरोसा देता हूं कि आपने हम पर जो विश्वास जताया है उसको बरकरार रखने में कोई कोरकसर बाकी नहीं रखी जाएगी।
यह गुजरात के लोगों की विजय है। यह गुजरात की नारी-शक्ति की भी विजय है जिसने अपनी आवाज बुलंद की है। यह हमारे युवाओं की भी विजय है जिन्होंने शुरुआत से ही इन चुनावों का बोझ अपने कंधों पर उठा लिया था। यह हमारे किसान भाइयों, कमजोर वर्ग के लोगों और वरिष्ठ नागरिकों की भी विजय है जो लगातार हमारे साथ खड़े रहे। यह विजय गुजरात के सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशक और सर्वांगी विकास मॉडल तथा सुशासन की भी विजय है।
मेरे जैसे बिल्कुल सामान्य घर में जन्में व्यक्ति को भी इतने सारे वर्षों तक समाज की सेवा करने का अवसर अमूल्य अवसर मिला, इसे मैं भारतीय लोकतंत्र की ताकत मानता हूं। मैं सामान्य लोगों के बीच रहकर पला-बढ़ा और उनकी शुभकामनाओं ने ही मुझे यहां तक पहुंचाया है और रात-दिन उनकी सेवा करने का पवित्र अवसर प्रदान किया है। जो युवा समाज की सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं वह गुजरात के इन चुनावों से काफी कुछ सीख सकते हैं।
सख्त परिश्रम के बजाये वंशवाद को ही ज्यादा महत्व मिलता देख कर कई बार युवा हताश हो जाते हैं और सोचते हैं कि क्या राजनीति के दरवाजे उनके लिए कभी खुलेंगे? गुजरात ने यह परंपरा बदल डाली है और दुनिया को दिखा दिया है कि अगर आपके मन में अपनी मातृभूमि की सेवा करने की लगन हो, चाहे जो हो जाए लेकिन मार्ग के अवरोध हटा देने का सामर्थ्य हो तो आपको अवसर अवश्य मिलेगा, चाहे आप किसी भी जाति या वंश के हों। भाजपा कार्यकर्ता वास्तव में धन्यवाद के पात्र हैं जिन्होंने एक टीम की तरह कार्य किया और कमल को उतना खिलाने के लिए मेहनत की जितना वह पहले कभी नहीं खिला था।
यह विजय भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं के बलिदान और संकल्प की गाथा है। मैं हमेशा से कहता आया हूं कि गुजरात के चुनावों को लोग याद रखेंगे क्योंकि इस चुनाव ने भारत के लोगों का चुनाव के प्रति जो अभिगम था उसे आमूलचूल बदल दिया है। जातिवाद और वोटबैंक की राजनीति तथा फूट डालो-राज करो जैसे विभाजनकारी मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार कर गुजरात के लोगों ने विकास के मुद्दे को प्राथमिकता दी है और इस तरह समग्र देश के लिए एक उदाहरण पेश किया है। आज समग्र गुजरात एकमत होकर खड़ा है और स्पष्ट संदेश दे रहा है कि आखिर विकास की राजनीति और सुशासन की ही विजय होगी।
मित्रों, समय की मांग है कि छह करोड़ गुजराती अब एकजुट होकर खड़े रहें। हमारी सरकार ऐसी नहीं है कि जिन्होंने हमको वोट दिया सिर्फ उसी की परवाह करे। हम राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की सुख-सुविधा के लिए चिंतित हैं। गुजरात की गौरवपूर्ण विकासयात्रा में प्रत्येक जात-पात और वर्ग के लोगों का विकास और सफलता अत्यंत आवश्यक है। गरीबी और वंचितता व्यक्ति की जात-पात देखकर नहीं आती और वोटबैंक की राजनीति के जातिवादी समीकरणों से इन समस्याओं का अंत नहीं होता। अगर हमें लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है तो सुशासन और विकास के लाभ गरीबतम व्यक्ति को भी मिले, यह सुनिश्चित करना होगा। यही हमारा विजन रहा है और आने वाले वर्षों में हम इसी दिशा में प्रयत्न जारी रखेंगे। गुजरात की प्रत्येक सफलता और विकास के पीछे यहीं के लोगों का परिश्रम और पसीना है। हमने सिर्फ आपकी मेहनत को सपोर्ट किया है और एक ऐसा जनकेंद्रीय वातावरण तैयार किया है जिससे आप विकास करके सुख और समृद्धि हासिल कर सकें। कृषि क्षेत्र में गुजरात ने क्रांति की है और दूसरी हरित क्रांति का जनक बना है।
हमने गुजरात को उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य बनाया है जिससे यहां बड़े पैमाने पर पूंजी निवेशों और औद्योगिक विकास द्वारा रोजगार का सृजन हो सके। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत आवश्यकताएं पूरी करने पर गुजरात ने ध्यान केंद्रित किया है जिससे लोगों को प्राथमिक आवश्यकताओं की कमी महसूस न हो और इनकी वजह से आपका विकास अवरुद्ध न हो। गरीबी उन्मूलन योजनाओं के लाभ लाभार्थियों को सीधे मिल सके, इसके लिए हमने बिचौलियों और एजेंटों को दूर कर दिया है। पिछले दशक में गुजरात में बड़ी संख्या में नवमध्यम वर्ग खड़ा हुआ है। यह एक ऐसा वर्ग है जिसे राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण विकास के फल मिले हैं और जिनकी सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी हुई है।
गुजरात के समाज में खड़े हुए इस नये वर्ग की सुख-सुविधाओं का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। उनके जीवन-गुणवत्ता में जो सुधार हुआ है वह उन्हीं की सख्त मेहनत का परिणाम है। यही गुजरात का खमीर है और यही गुजरात का जोश है जो हमेशा समय की कसौटी पर खरा उतरा है। बारंबार मुझे पूछा जाता है कि मोदी जी, आने वाले वर्षों में गुजरात के विकास के लिए आपका क्या आयोजन है? आने वाले वर्षों में हम गुजरात के लोगों की सेवा जारी रखेंगे और आप सभी के लिए प्रगति और विकास के अवसर खड़े करते रहेंगे। हम एक ऐसे गुजरात का निर्माण करेंगे जहां सिर्फ आप ही नहीं बल्कि आपकी आने वाली पीढ़ियां भी सुखमय जीवन व्यतीत कर सकें। अब भव्य और दिव्य गुजरात के निर्माण की यात्रा का प्रारंभ हुआ है।
मित्रों, आप देखना, आगे और प्रगति, विकास, सुख और समृद्धि गुजरात का इंतजार कर रहे हैं।
जय जय गरवी गुजरात






