ठाकोर समाज के प्रथम सामूहिक विवाहोत्सव में श्री मोदी ने की शिरकत

सामाजिक कुरिवाजों से मुक्ति का सराहनीय अभियान : मुख्यमंत्री

दोगुनी हुई कुंवरबाई नु मामेरू योजना की सहायता राशि

गांधीनगर, सोमवार: मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सामाजिक कुरिवाजों से मुक्त रहते हुए जो समाज बेटा-बेटी में भेदभाव किये बिना उन्हें शिक्षा प्रदान करता है, वह समाज स्वत: ही सर्वांगीण विकास के पथ पर अग्रसर होता है।

श्री मोदी सोमवार को अहमदाबाद के निकट विसलपुर में अखिल गुजरात ठाकोर समाज की ओर से आयोजित पहले सामूहिक विवाहोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 44 अनाथ कन्याओं सहित 168 नवयुगलों को मंगलमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी।

सामाजिक कुरिवाजों से मुक्ति के इस अभियान की सराहना करते हुए अनेक ठाकोर परिवारों को कर्ज के बोझ से बचाने के लिए अखिल गुजरात ठाकोर समाज के अग्रणियों के अलावा विवाह के लिए तैयार हुए परिवारों और नवयुगलों को भी मुख्यमंत्री ने अभिनंदन दिया। सामूहिक विवाह प्रथा को मिल रही व्यापक स्वीकृति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भी कुंवर बाई नुं मामेरू समूह लग्न प्रोत्साहक योजना के लिए दी जाने वाली सहायता राशि दोगुना बढ़ाकर प्रति नवयुगल 5000 से 10,000 रुपये कर दी है।

उन्होंने कहा कि, इस सरकार ने गरीब, वंचित और सामाजिक-शैक्षणिक पिछड़ी जातियों के उत्कर्ष का खास ख्याल रखते हुए विविध योजनाएं क्रियान्वित की हैं और यह सुनिश्चित किया है कि वास्तविक गरीब लाभार्थियों तक इसके लाभ पहुंचे। कन्या भ्रूण हत्या के कलंक का भागीदार नहीं बनने की मर्मस्पर्शी अपील करते हुए श्री मोदी ने बेटियों को पढ़ाई के लिए पूरा प्रोत्साहन मिले इसके लिए समाज के प्रत्येक परिवार और अग्रणियों से अनुरोध किया

इस अवसर पर ठाकोर समाज की दो कन्याओं को मुख्यमंत्री के हाथों प्रतीक स्वरूप बॉन्ड वितरीत किया गया। इस मौके पर गुजरात ठाकोर विकास बोर्ड के पूंजाजी ठाकोर, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा, सांसद नटूजी ठाकोर, अहमदाबाद के पूर्व महापौर कानाजी ठाकोर, विधायक बाबूभाई जमनादास पटेल, भावसिंहजी तथा ठाकोर समाज के अग्रणी मौजूद थे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
From a carved table gifted by Putin to PM Modi to selection of Chola bronzes, over 100 artefacts find pride of place in new PMO

Media Coverage

From a carved table gifted by Putin to PM Modi to selection of Chola bronzes, over 100 artefacts find pride of place in new PMO
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषितम् को साझा किया, जिसमें पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित किया गया है।

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि पृथ्वी, जो महासागरों के रूप में जल से परिपूर्ण है और बाहरी रूप से जल से घिरी है, जिसे विद्वानों ने अपने ज्ञान से जाना है और जिसका हृदय विशाल आकाश में शाश्वत सत्य से ओत-प्रोत है - वह पृथ्वी एक महान राष्ट्र के रूप में हमारी ऊर्जा और शक्ति को बनाए रखे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपनी पोस्‍ट में लिखा;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”