स्वामी विवेकानंदजी की 150वीं जन्मजयंति को विशिष्ट रूप से मनाएगा गुजरात
मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंदजी की 150वीं जन्मजयंति का वर्ष गुजरात में सुचारु और विशिष्ट रूप से मनाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के महानुभावों के साथ सोमवार शाम परामर्श बैठक आयोजित की, जिसे व्यापक प्रतिसाद मिला। विवेकानंदजी के 150 वर्ष मनाने को लेकर गुजरात पथदर्शक बने, इसके लिए कई सुझाव भी मिले।

महात्मा मंदिर में मुख्यमंत्री ने समाज के बौद्घिक वर्गों के नागरिकों के विचारों और सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि, अपने भारत भ्रमण के दौरान विवेकानंदजी ने सबसे ज्यादा समय गुजरात में बिताया। उन्होंने कहा कि स्वामीजी का जीवन दर्शन और विचार गुजरात की युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के लिए किस तरह पोषक बने इस बात को केन्द्रस्थान पर रखकर विवेकानंदजी के जीवनचरित्र और चिन्तन को भविष्य के लिए युगों तक स्थायी रखना है।
उन्होंने कहा कि विवेकानंदजी आज भी युवाशक्ति के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। ऐसे में, 12 जनवरी, 2012 से शुरू होने वाले 150वीं जन्मजयंति के पूरे वर्ष को गुजरात में युवाशक्ति वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प श्री मोदी ने व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार और रामकृष्ण मिशन ने भी स्वामी विवेकानंदजी की 150वीं जन्मजयंति वर्ष को मनाने की योजना बनाई है।
इस परामर्श बैठक में बौद्घिकजनों ने कई सुझाव दिए और मुख्यमंत्री द्वारा इसे लेकर की गई जनभागीदारी की पहल को सराहा।

युवक सेवा और सांस्कृतिक प्रवृत्ति मंत्री फकीरभाई वाघेला ने स्वामी विवेकानंदजी की 150वीं जन्मजयंति वर्ष को मनाने के लिए अपने विचारों का योगदान देने को राज्य सरकार की ओर से आमंत्रित समाज के विभिन्न क्षेत्रों के करीब 150 बौद्घिक वर्ग के अग्रणियों का स्वागत किया।


