अनैतिकता और वोट बैंक की राजनीति

में आकंठ डूबी पूरी केन्द्र सरकार लकवाग्रस्त : मुख्यमंत्री

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24000 नागरिकों ने मुख्यमंत्री के साथ स्वेच्छा से उपवास किए

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अहमदाबाद, शुक्रवार: मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सद्भावना मिशन के जिला अभियान में आज अमरेली के एक दिवसीय उपवास के समापन पर कहा कि, गुजरात की सद्भावना की शक्ति ही विकास का सच्चा मार्ग है, लेकिन जिन्हें वोट बैंक की राजनीति करनी है वह इस सत्य के मार्ग पर समाज की एकता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि, केन्द्र की सल्तनत अनैतिकता और वोट बैंक की राजनीति में आकंठ डूबी है इसलिए ही पूरे देश में विकास ठहर गया है, पूरा प्रशासन लकवाग्रस्त हो गया है। ऐसे में देश का क्या होगा, यह चिन्ता का विषय है।

सद्भावना मिशन के 33 उपवास संकल्प के सिलसिले में आज मुख्यमंत्री ने अपना 17वां उपवास अमरेली में किया। उनके साथ स्वेच्छा से 24,000 नागरिक उपवास में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अमरेली जिले के विकास को गति देने के मकसद से विभिन्न 2200 कार्यों के लिए 1111 करोड़ रुपये आवंटन करने की घोषणा की। उन्होंने आज जिले में 1111 जितने विकास कार्यों के लोकार्पण और कार्यारंभ की घोषणा भी की। श्री मोदी ने सांतड़ी नदी पर 300 करोड़ के खर्च से सांतड़ी जल सिंचन योजना शुरू करने का ऐलान किया।

सद्भावना मिशन का गुजरात के लोग इतना गर्मजोशी से स्वागत क्यों करते हैं, इसकी वजह साफ करते हुए श्री मोदी ने कहा कि, आज अमरेली ने अपना रंग दिखाया है। जनता इतना प्रेम क्यों सद्भावना जैसे कार्यक्रम के लिए बरसा रही है, यह राजनीतिक पंडितों के समझ में भी नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि, आज विकास दुनिया में गुजरात की पहचान बन चुका है। विकास और गुजरात एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। जहां तक नजर जाती है वहां विकास का कार्य हुआ ही होगा, ऐसा भरोसा जनता के मन में पैदा हो गया है। इसकी वजह छह करोड़ गुजरातियों द्वारा दस वर्ष से अपनाए गए शांति, एकता और भाईचारे का मार्ग है।

 

 श्री मोदी ने कहा कि, जिनको वोट बैंक की राजनीति करनी है वह गुजरात मॉडल नहीं अपना सकेंगे। देश के नेताओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि, वोट बैंक की राजनीति को तिलांजलि दे दो, गुजरात का संकल्प छह करोड़ गुजरातियों की एकता का मार्ग है और इसे ही अपना लो। उन्होंने कहा कि, अब गुजरात पर काला धब्बा लगाने वाले, गुजरात को तबाह करने वाले लोग यह सोच रहे हैं कि गुजरात की एकता और शांति के वातावरण को भी कैसे बदनाम किया जाए। समाज की शक्ति का दर्शन करने का सौभाग्य हमें मिला है उतना देश के किसी नेता को शायद नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि, यही मेरे कार्य करने की शक्ति का संचय और साक्षात्कार है, जिसका अधिकार मैं जनता के चरणों में अर्पण करता हूं।

आज केन्द्र की सरकार को विकास, महंगाई, भ्रष्टाचार से जूझ रही आम जनता की पीड़ा की परवाह ही नहीं है, उनको विकास करना नहीं है और राजनीतिक षड्यंत्रों के सिवाय उनको कोई काम नहीं है, वह देश को बर्बाद करना चाहते हैं। लेकिन हमें समझदारी से गुजरात को बचा लेना है। अगर गुजरात बचेगा तो कल गुजरात की तरह देश भी बचेगा, ऐसी आशा बनी रहेगी। हमें तो सत्कर्म और सद्भाव का समन्वय कर विकास करना है।

श्री मोदी ने सवाल किया कि, हमको जेल में बंद करने की धमकियां देते हो? हम भयभीत होने वाले लोग नहीं हैं, जो करना हो कर लो। हमें तो छह करोड़ गुजरातियों के विकास में समर्पित रहना है।

उन्होंने कहा कि, अमरेली जिला के राजुला गाम के मजादर गांव को पद्मश्री लोकगायक कवि दुलाभाया काग की स्मृति में काग धाम नाम देने का विधिवत प्रस्ताव गुजरात सरकार ने केन्द्र सरकार को भेज दिया है।

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प्रधानमंत्री ने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में विविधता की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 15, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति के सोचने का तरीका अलग होता है तथा एक अद्वितीय रचनात्मक दृष्टि होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है। उन्होंने उल्लेख किया कि जिस प्रकार जल के प्रत्येक स्रोत का स्वाद अलग होता है, उसी प्रकार प्रत्येक प्रतिभा की अपनी विशिष्ट पहचान और योगदान होता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि विविध विचारों और क्षमताओं के मिलन से ही नवाचार और प्रगति संभव हो पाती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है, जो इस प्रकार है:

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।

जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”

यह सुभाषित यह संदेश देता है कि नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति की सोचने की शैली अलग होती है तथा उसकी एक अद्वितीय रचनात्मक दृष्टि होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है। जिस प्रकार एक स्रोत से दूसरे स्रोत के जल का स्वाद भिन्न होता है, उसी प्रकार प्रत्येक प्रतिभा की अपनी विशिष्ट पहचान और योगदान होता है। इन भिन्न विचारों और क्षमताओं के मेल से ही नवाचार और प्रगति संभव हो पाती है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।

जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”