“जन औषधि केंद्रों ने 20,000 करोड़रुपये की बचत करके देश के मध्यम वर्ग को नई शक्ति प्रदान की है।”
"जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 केंद्र करने का लक्ष्य है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र  मोदी ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा कि सरकार की 'जन औषधि केंद्रों'की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों ने लोगों, विशेषकर मध्यम वर्ग को नई शक्ति प्रदान की है। यदि किसी को मधुमेह है, तो मासिक बिल 3000रु.जमा हो जाते हैं।

उन्होंने कहा, ''जन औषधि केंद्रों के माध्यम सेहम 100 रुपये कीमत वाली दवाओं को 10 से 15 रुपये में दे रहे हैं।"

सरकार अगले महीने पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए 13,000 से 15,000 करोड़ रुपये की राशि के  आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार 'जन औषधि केंद्र' (दवा की रियायती दुकानों) की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने की दिशा में काम कर रही है।

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प्रधानमंत्री 15 जनवरी को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की 28वीं कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
January 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।