भारत माता की जय..!

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और हम सबके मार्गदर्शक आदरणीय राजनाथ सिंह जी, राष्‍ट्रीय महासचिव श्री जेपी नड्डा जी, जम्‍मू कश्‍मीर के प्रभारी सांसद श्री अविनाश जी, भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष श्रीमान जुगल किशोर जी, श्री अशोक खजुरिया जी, श्रीमान निर्मल सिंह जी, श्री शमशेर सिंह जी, श्री कविन्‍द्र गुप्‍ता जी, श्री बाली भगत जी, चौधरी सुखनंदन जी, चौधरी श्‍यामलाल जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्‍ठ महानुभाव और विशाल संख्‍या में पधारे हुए जम्‍मू-कश्‍मीर के प्‍यारे भाईयों और बहनों..!

मुझे आज बहुत पुरानी यादें ताजा हो रही हैं। जम्‍मू कश्‍मीर में वर्षो तक मुझे संगठन का कार्य करने का सौभाग्‍य मिला था, यहां के सभी जिलों और तहसीलों में जाने का सौभाग्‍य मुझे प्राप्‍त हुआ था। इस सभा में ऐसे सैकडों पुराने परिवार होगें जिनके घर में मुझे कभी चाय पीने का तो कभी भोजन करने का सौभाग्‍य मिला था। मेरा नाता जम्‍मू-कश्‍मीर से बड़ा निकट का रहा है। आज यहां एक सज्‍जन ने आकर मुझे मेरी 25 साल की तस्‍वीर दी और मेरी पुरानी यादों को ताजा कर दिया। आज मैं विशेष रूप से मेरे गुर्जर भाईयों-बहनों को याद करना चाहता हूं क्‍योंकि जब मैं यहां काम करता था, तो गुर्जर समाज के लोग कहते थे कि हम तो आप वाले हैं, हमारा गुजरात से नाता है इसीलिए हमें गुर्जर कहा जाता है। गुर्जर कहते थे कि हमारे पूर्वज गुजरात से जुड़े हुए थे और आज भी मैं देखता हूं कि गुजरात के कुछ इलाकों के लोगों का पहनावा, उनकी पगड़ी और कपड़े बिल्‍कुल आप गुर्जर भाईयों-बहनों जैसे हैं। मैं जिन गुर्जर परिवारों में भोजन के लिए जाता था, वहां भी मुझे गुजराती खाने का स्‍वाद यानि हल्‍का मीठा सा जायका मिलता था। भाईयों-बहनों, आज भी आप सभी भारी संख्‍या में यहां इक्‍ट्ठे हुए हैं यह देखकर, अपनों से मिलकर मुझे अच्‍छा लग रहा है..!

भाईयों-बहनों, मैनें इस राज्‍य में काफी काम किया है। चुनाव के समय आया, संगठन के कार्यो के लिए भी आता था, लेकिन आज तक जम्‍मू के भाग्‍य में किसी भी राजनीतिक दल या नेता को इतनी भारी संख्‍या में जनता के दर्शन करने को नहीं मिला। यह माता वैष्‍णों देवी की कृपा है कि आज मुझे इतने विशाल जनसागर के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्‍त हुआ है..!

भाईयों-बहनों, आज मैं जम्‍मू-कश्‍मीर की धरती पर बैठकर महाराजा हरि सिंह जी को नमन करना चाहता हूं। अगर आजादी के बाद, महाराजा हरिसिंह जी जम्‍मू-कश्‍मीर के निर्णय प्रक्रिया की मुख्‍यधारा में होते तो आज जम्‍मू-कश्‍मीर की यह हालत न होती। हरिसिंह जी दिगदृष्‍टा वाले थे, उन्‍होने एक राजा से ज्‍यादा समाज सुधारक का काम किया था। कन्‍या शिक्षा के लिए उनके कानून बेहद कड़े थे, वह कन्‍या शिक्षा के लिए बेहद आग्रही थे। उससे भी ज्‍यादा बड़ी समस्‍या छुआछुत की थी, पूरे देश को छुआछुत ने तबाह कर दिया था, समाज में छुआछुत का कलंक था। उस समय महाराजा हरिसिंह जी ही ऐसे शख्‍स थे, जिन्‍होने जम्‍मू-कश्‍मीर के मंदिरों में दलितों के स्‍वागत का अभियान चलाया था, समाज की एकता का अभियान चलाया था, ऐसे नेक काम किए थे। लेकिन यह इतिहास की बातें, राजनीतिक स्‍वार्थ के कारण भुला दी जाती है..!

भाईयों-बहनों, जम्‍मू-कश्‍मीर की धरती पर आकर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम लेते ही हमारी रगों में चेतना आ जाती है। हमारी आंखों में सपने दिखने लग जाते हैं। आज मैं देश के विद्वानों, राजनीतिक पंडितों और समाजशास्‍त्रीयों को आह्वान करता हूं कि आजादी के इतने साल बीत चुके हैं, इस देश में निष्‍पक्षता से अभ्‍यास होने की जरूरत है, चर्चा होने की जरूरत है, शोध निबंध  लिखने की जरूरत है कि क्‍या जम्‍मू कश्‍मीर के बारे में पंडित नेहरूर की सोच सही थी या डॉक्‍टर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की सोच सही थी..! 60 साल के इतिहास को अगर हम कुरेद कर देखें तो यह साफ नजर आता है कि डॉक्‍टर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की जम्‍मू-कश्‍मीर के संदर्भ में जो सोच थी, आज इतिहास की कठोर सच्‍चाई बना है कि वह रास्‍ता सही था। लेकिन पंडित नेहरू ने डॉक्‍टर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की बात को नजरअंदाज किया..!

Full Text of Shri Modi's speech at Lalkaar Rally, Jammu

भाईयों-बहनों, जम्‍मू-कश्‍मीर की धरती पर आज भी प्रेरणा देने वाला नाम पंडित प्रेमनाथ डोगरा जी का है। पंडित प्रेमनाथ डोगरा जी प्रजापरिषद के माध्‍यम से जीवनभर जूझते रहे, संघर्ष करते रहे, तीन-तीन पीढि़यों तक हर पीढ़ी को प्रेरित करने का काम पंडित प्रेमनाथ डोगरा जी ने किया था..!

भाईयों-बहनों, हमारे देश का गौरव, परमवीर चक्र प्राप्‍त करने वाले बिग्रेडियर राजेन्‍द्र सिंह भी इसी धरती के है जिनका नाम लेते ही हमारा सीना गर्व से तन जाता है। इसी भूमि के दो महावीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा और कर्नल रीम चंद, भारत माता के लिए लड़ने वाले लोग हैं जिनका स्‍मरण ही हमें प्रेरणा देता है। इसी प्रकार, देश की रक्षा के लिए अपनी बुद्धि का उपयोग करने वाले मकबूल शेरवानी को कैसे भुलाया जा सकता है, अब्‍दुल अज़ीज को कैसे भुलाया जा सकता है..! भाईयों-बहनों, इस देश में आंतकवाद के खिलाफ लड़ते-लड़ते अनेक लोग शहीद हुए हैं, कई नागरिक मरे हैं, सुरक्षा बलों के जवान मरे हैं, बहुत माताओं ने अपने लाल खोएं हैं..! हम जब भी टीका लाल टपलू को याद करते हैं तो साथ में इन सभी लोगों को स्‍मरण होता है। मैं इस जनसागर के साथ, जम्‍मू-कश्‍मीर और देश की रक्षा करने के लिए जान हथेली पर रखकर खेलने वाले सभी सुरक्षा बलों का भी आदरपूर्वक सम्‍मान, गौरव और अभिनंदन करना चाहता हूं..!

भाईयों-बहनों, दिल्‍ली में हमारी सरकार सोई हुई है और मैं नहीं मानता हूं कि सवा सौ करोड़ देशवासियों के दिल की आग उन्‍हे जगा सकती है। वो ऐसी गहरी नींद में सोएं है कि लगता है 2014 में भी सोते ही रहेंगे, अब इनके जगने की संभावना नहीं बची है..!

भाईयों-बहनों, पाकिस्‍तान में दो घटनाएं घटी, जिनमें से एक घटना पर तो देश की मीडिया और लोगों का ध्‍यान गया, लेकिन दूसरी घटना को भूला दिया गया। पाकिस्‍तान की जेल में दो बेगुनाह नौजवान बंद थे, वह 20-25 साल से बंद थे। एक पंजाब के भाई सरबजीत सिंह और दूसरे जम्‍मू के भाई चमेल सिंह थे। पाकिस्‍तान में सरबजीत सिंह को जिस जेल में मारा गया था और जिस तरीके से मारा गया था, ठीक उसी तरह से, उसी जेल में एक हफ्ते पहले चमेल सिंह को मारा गया था। अगर एक हफ्ते पहले ही हिंदुस्‍तान की सरकार जागती, चमेल सिंह की हत्या के विषय में आवाज उठाती तो शायद सरबजीत के मरने की नौबत ही नहीं आती। भाईयों-बहनों, क्‍या किसी देश की सरकार ऐसी होती है कि उसके लाल मारे जाएं और सरकार सोती रहे, ये कैसे हो सकता है..?

भाईयों-बहनों, आदरणीय राजनाथ सिंह जी ने अनेक नीति विषयक बाबतों में आपके समक्ष सारे विषय रखे हैं। भाईयों-बहनों, ऐसा लगता है कि हमारे देश में अगर पापों, कुकर्मो, जिम्‍मेदारियों और जबावदेही से बचना है, तो कुछ लोगों ने ऐसी जड़ी-बूटी खोज ली है कि वो उसके सहारे बच जाते हैं, बचने का रास्‍ता खोज लेते हैं। और वो रास्‍ता है - सेक्‍युलरिज्‍म..! आप सिर्फ सेक्‍युलरिज्‍म पर बोलना शुरू कर दीजिए, आपके सारे पाप माफ हो जाते हैं..! जम्‍मू-कश्‍मीर में इसके साथ एक और तरीके का उपयोग होता है, वो है धारा-370 का..! भाईयों-बहनों, संविधान के तहत राजनीतिक पटल पर धारा-370 रहे या न रहे, उसकी चर्चा चलती है और चलती रहेगी। लेकिन अब समय की मांग है कि जनता जर्नादन के संदर्भ में, यहां के लोगों के हितों के संदर्भ में, जम्‍मू-कश्‍मीर के नागरिकों के अधिकार के संदर्भ में, कम से कम जम्‍मू-कश्‍मीर में और सारे देश में इस विषय पर चर्चा अवश्‍य की जाएं कि क्‍या धारा-370 से यहां के किसी सामान्य मानव का भला हुआ है..? कोई इसकी चर्चा करने को तैयार नहीं है..! अभी डॉ. मनमोहन सिंह जी चुनाव के दिनों में कहते थे कि भाजपा के नेता, बड़े-बड़े नेताओं के नाम लेते हैं, नाम लेने से कुछ नहीं होता, उन्‍होने जो कहा है वह करके दिखाना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री जी की बात को मानता हूं, स्‍वीकार करता हूं और उन्‍हे यह बात याद दिलाना चाहता हूं कि उस समय भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने धारा 370 को लेकर संसद में कहा था कि यह धारा समय रहते, घिसते-घिसते घिस जाएगी..! प्रधानमंत्री जी, आप ही कहते है कि महापुरूष जो कहते है उसे करना चाहिए, क्‍या आपकी सरकार वह करने को तैयार है जो पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था..? फिर औरों को आप क्‍यों उपदेश देते हैं..?

भाईयों-बहनों, धारा-370 को एक कवच बना लिया गया है और उसका उपयोग भी एक कवच की तरह होता है। उसको साम्‍प्रदायिकता के गहने पहना दिए गए है और इसी कारण, उसकी सही चर्चा नहीं हो रही है। मैं चाहता हूं कि देश के संविधान के जानकार लोग इस विषय पर चर्चा करें।  आप देखिए, जिन कानूनों को लेकर दिल्‍ली की सरकार इन चारों राज्‍यों में वोट मांग रही है, कि हमने ये कानून बनाया, हमने वो कानून बनाया..! जिन कानूनों को लेकर कांग्रेस पार्टी इतना गौरव महसूस कर रही है क्‍या वह सभी कानून जम्‍मू-कश्‍मीर में लागू हो रहे हैं..? अभी राजनाथ सिंह जी ने कहा कि धारा 370 और 374 का राजीव गांधी के समय में अमेन्ड्मेन्ट हुआ, कांग्रेस पार्टी उसको लेकर जयजयकार करती घूमती है। कांग्रेस पार्टी इस बात का जवाब तो दें कि जिन चीजों को आपने किया, उन्‍हे आप जम्‍मू-कश्‍मीर में क्‍यों नहीं लागू करवा पाते हो..? भाईयों-बहनों, आप ही बताइए, क्‍या पंचायतों को अधिकार मिलने चाहिए या नहीं..? जिन लोगों को श्रीनगर में अपने बंगले और ऑफिस की स्वायत्तता के सारे अधिकार के लिए लड़ना है, उनके स्‍वंय के लिए स्वायत्तता बहुत बड़ा मुद्दा है लेकिन उन्‍हे यहां की नगरपालिका को स्वायत्तता नहीं देनी है, यहां के गांवों को स्वायत्तता नहीं देनी है, उनको उनके अधिकार नहीं देने है और ना ही विकास के अवसर देना है..!

भाईयों-बहनों, ये दोगुली नीति कब तक चलेगी..! क्‍या जम्‍मू-कश्‍मीर के सामान्‍य मानवी को वह सभी अधिकार नहीं मिलने चाहिए, जो हिंदुस्तान के अन्‍य सारे नागरिकों को मिलते हैं..? हिंदुस्तान में एससी, एसटी और ओबीसी को जो विशेष अधिकार मिलते हैं, दलितों को जो अधिकार मिलते हैं, आदिवासियों को जो अधिकार मिलते हैं, सामाजिक और शौक्षिक रूप से पिछड़े लोगों को जो अधिकार शिक्षा, नौकरी और चुनाव के प्रतिनिधित्‍व में मिलते हैं, क्‍या वह सभी अधिकार जम्‍मू-कश्‍मीर के नागरिकों को मिलना चाहिए या नहीं..? आखिर उन्‍हे यह अधिकार मिलने से क्‍यों रोका जा रहा है..? इतना ही नहीं पूरे हिंदुस्तान में करप्‍शन की चर्चा चल रही है, पूरा देश करप्‍शन के लिए आक्रोश व्‍य‍क्‍त कर रहा है। जम्‍मू-कश्‍मीर में भरपूर करप्‍शन है कि नहीं..? क्‍या जम्‍मू-कश्‍मीर की सरकारें भष्‍ट्राचार में लिप्‍त हैं..? क्‍या राजनेता भष्‍ट्राचार में लिप्‍त हैं..? तो आप मुझे बताइए, करप्‍शन प्रीवेंशन का कानून जम्‍मू-कश्‍मीर में लागू होना चाहिए या नहीं..? लेकिन यहां उसे लागू नहीं किया जा रहा है। क्‍योंकि वह लोग न कोई जबाव देना चाहते हैं, न ही उनकी कोई जिम्‍मेदारी है और न ही उत्तरदायित्व..!

भाईयों, आप जरा ध्‍यान दीजिए, ये सेपरेटिस्ट, सेपरेट का गुण गाते घूम रहे है, इससे फायदा किसको हुआ है..? अभी तक कितने लोगों को फायदा हुआ है..? पिछले 60 साल का इतिहास देख लीजिए, गिनकर सिर्फ 50 परिवारों ने इसका फायदा उठाया है और पूरे जम्‍मू-कश्‍मीर को अंधेरे में रखा गया है। क्‍या आप सभी गुर्जर भाईयों को आदिवासियों के नाते सभी अधिकार मिलने चाहिए या नहीं..? उनको अपने हक का अधिकार मिलना चाहिए या नहीं..? आखिर इन सभी लोगों को यह क्‍यों नहीं दिया जा रहा है..? मेरे कारगिल के शिया भाईयों के भलाई के लिए कोई काम होना चाहिए या नहीं होना चाहिए..? पूरे हिंदुस्‍तान में स्‍त्री और पुरूष को समान अधिकार प्राप्‍त है, जो हक पुरूष को प्राप्‍त है, वही हक महिला को मिलते हैं..! क्‍या जम्‍मू-कश्मीर में महिलाओं के साथ अन्याय होना चाहिए..? क्‍या यहां की महिलाओं को भी पुरूषों जितने अधिकार मिलने चाहिए..? क्‍या महिलाओं के साथ हो रहा अन्‍याय बंद होना चाहिए..? आज जम्‍मू-कश्‍मीर के कानून की स्थिति यह है कि यहां पर स्‍त्री और पुरूष के बीच भेद हो रहा है। मैं यहां हिंदु या मुसलमान की बात करने नहीं आया हूं, मैं सिर्फ अपने सवा करोड़ जम्‍मू वासियों की बात करता हूं..! ये अलगाव की राजनीति, ये बांटने की राजनीति, इसने देश को तबाह किया है। अगर विकास करना है जो जोड़ने की राजनीति काम आएगी और उसी से विकास संभव होगा..!

भाईयों-बहनों, एक गंभीर सवाल मैं उठा रहा हूं। कोई मुझे बताएं कि जो अधिकार यहां के मुख्‍यमंत्री श्रीमान उमर अब्‍दुल्‍ला को मिलें हैं, क्‍या वही अधिकार उनकी बहन सारा को भी मिले हैं..? नहीं मिले हैं..! इस राज्‍य में मुख्‍यमंत्री को जो अधिकार मिलें हैं वो उनकी बहन को भी नहीं मिले हैं, क्‍योंकि उसने कश्‍मीर के बाहर शादी की और उसके सारे अधिकार छीन लिए गए..! जो अधिकार उमर अब्‍दुल्‍ला को मिलते हैं, वह उनकी बहन सारा को भी मिलने चाहिए..! ये लड़ाई हिंदु-मुसलमान की नहीं है। माताओं-बहनों का सम्‍मान होना चाहिए। सारा विश्व जेंडर इक्‍वीलिटी की बात करता है। मैं मानवतावादी लोगों और मुझ पर शब्‍दों के बाण चलाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि आपके मुंह पर ताला क्‍यों लग गया है..? जम्‍मू-कश्‍मीर की बहनों को अधिकार मिले, इस सम्‍बंध में आप क्‍यों चूप हैं..?

भाईयों-बहनों, अब समय की मांग है कि हम गम्‍भीरता से सोचें कि 60 साल से सेपरेट स्‍टेट, सेपरेट स्‍टेट का गीत गुनगुनाया जा रहा है, हम सभी ने सुना और इससे क्‍या मिला..? किसी को कुछ मिला क्‍या, बर्बादी हुई कि नहीं..? ऊपर दिल्‍ली से जो खजाना आता है, उसे लूटने के बाद कोई हिसाब तक नहीं दिया जाता है, यही चल रहा है, भाईयों..! ये सेपरेट-सेपरेट के नाम पर सेपरेटिज्‍म को बढ़ावा दिया गया है, अलगाववाद को बढ़ावा दिया है, अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा दिया गया है। भाईयों-बहनों, कितना अच्‍छा होता अगर सेपरेट स्‍टेट बनाने के बजाय सुपर स्‍टेट बनाने के सपने देखे होते..! आप लोग ही बताएं कि आपको सेपरेट स्‍टेट चाहिए या सुपर स्‍टेट चाहिए..? भाईयों-बहनों, अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें सपना दिखाया है, एक रास्‍ता दिखाया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर को सुपर स्‍टेट बनाना है..!

भाईयों-बहनों, यहां शासन में बैठे लोगों को दिल्‍ली जाकर कुछ न कुछ मांगने की आदत हो गई है, क्योंकि उन्‍हे लगता है यहां कुछ भी आएगा, उसका हिसाब लेने वाला तो कोई नहीं है..! यहां के ज्‍यादातर नेता तो विदेशों में रहते हैं, न ही उनको यहां की सर्दी पसंद है और न उनको यहां की गर्मी पसंद है। मौका मिलते ही वह विदेश चले जाते हैं..! भाईयों-बहनों, जम्‍मू-कश्‍मीर की ऐसी छवि बना दी गई है कि जम्‍मू-कश्‍मीर अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता है, जम्‍मू-कश्‍मीर को तो भीख का कटोरा लेकर दिल्‍ली के दरबार में जाना ही पड़ेगा। और दिल्‍ली दे तो गाली, न दे तो भी गाली, ये सारा राजनीतिक खेल चलता रहता है। ये लोग जम्‍मू-कश्‍मीर को बेगर बताते रहते हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर भिखारी राज्‍य नहीं है, यहां सम्‍मान से जीने वाले लोगों की जमात है, ये देश के लिए मर-मिटने वाले लोगों की जमात है..! भाईयो-बहनों, आप सभी को ये बेगर-बेगर का कलंक मिटाना है या नहीं मिटाना है..? इसीलिए मैं आज आपके पास आया हूं कि हमें इस जम्‍मू-कश्‍मीर को बेगर से बेटर जम्‍मू-कश्‍मीर बनाना है..! बेगर वाले दिन बहुत हो गए, अब बेटर वाले रास्‍ते पर चलना है और आगे बढ़ना है..!

भाईयों-बहनों, कारगिल जहां शिया समाज के भाई-बहन रहते हैं, मैं वहां भी कुछ समय रहा था और उनके दुख-दर्द को जानने की कोशिश की थी। जम्‍मू-कश्‍मीर में विकास हो, श्रीनगर वैली में विकास की बातें हो, लेकिन क्‍या कारण है कि कारगिल के शिया समाज को विकास की धारा से अछूता रखा जाता है और उसके साथ यह अन्‍याय क्‍यों किया जा रहा है..? गुर्जरों, बकरवाल और शिया समाज के साथ अन्‍याय... हर एक को अलग करते जाना, इन्‍हे पीछे करते जाना, ये कब तक चलता रहेगा..? इस जम्‍मू-कश्‍मीर में भेदभाव की जो राजनीति चलती रहती है, कभी लद्दाख के साथ अन्‍याय, कभी जम्‍मू क्षेत्र के साथ अन्‍याय, कभी शिया के साथ अन्‍याय, कभी बकरवाल से अन्‍याय, कभी गुर्जर से अन्‍याय... ये अन्‍याय कब तक करते रहोगे..? जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों, अगर आप सभी एक बनकर आवाज उठाओगे तो श्रीनगर या दिल्‍ली में बैठी सरकार में दम नहीं है कि आपके भविष्‍य को बदलने से रोक सके..!

भाईयों-बहनों, मैं आपको बताना चाहता हूं कि इन्‍हे विकास में कोई रूचि नहीं है। हम रामायण के काल से सुनते आ रहे हैं कि हिमालय में जड़ी-बूटियां होती है। हमने सुना है कि जब लक्ष्‍मण जी बेहोश हो गए थे तो हनुमान जी हिमालय से जड़ी-बूटी ले गए थे। हम सभी मानते हैं कि हिमालय की जड़ी-बूटियां औषधों के लिए बहुत उपयुक्‍त हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर जड़ी-बूटियों के खजाने से भरा पड़ा है..! हमारा पड़ोसी देश चीन, हर्बल मेडीसीन का एक्‍सपोर्ट पूरी दुनिया में सबसे ज्‍यादा करता है। आज पूरे विश्‍व में हर्बल मेडीसीन का एक आकर्षण है। पूरा विश्‍व हर्बल मेडीसीन के रास्‍ते पर जा रहा है। होलिस्टिक हेल्‍थकेयर इस समाज के जीवन में परिवर्तन लाया है। आज जब सारी दुनिया में हर्बल मेडीसीन की मांग हो, अच्‍छे से अच्‍छी जड़ी-बूटीयां हिमालय में होती हो, और हिमालय मेरे जम्‍मू-कश्‍मीर में भरा पड़ा हो, तो क्‍या हमारे देश की सरकार, हमारे जम्‍मू-कश्‍मीर की सरकार, यहां की यूनीवर्सिटी हर्बल मेडीसीन पर रिसर्च करके, आर्युवेद संस्‍थानों का उपयोग करके हर्बल मेडीसीन का एक्‍सपोर्ट कर सकते हैं या नहीं..? ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहां से बाहर गलीचे एक्‍सपोर्ट होते हैं। क्‍या हम हर्बल मेडीसीन एक्‍सपोर्ट करके हमारे जम्‍मू-कश्‍मीर के नौजवानों को रोजगार दे सकते है या नहीं..? जम्‍मू-कश्‍मीर के नौजवानों को रोजगार मिलना चाहिए या नहीं..?

भाईयों-बहनों, दिनों-दिन टूरिज्‍म खत्‍म होता जा रहा है। सारा टूरिज्‍म जम्‍मू-कश्‍मीर से शिफ्ट होकर हिमाचल की तरफ चला गया..! यह राज्‍य सौंदर्य और श्रद्धा, दोनों के लिए अच्‍छा टूरिस्‍ट स्‍थल है। यहां अमरनाथ व वैष्‍णों देवी की यात्रा और घूमने फिरने के लिए एक स्‍थान पर सभी कुछ मिलता है, टूरिज्‍म के लिए यहां से बड़ा कोई अवसर नहीं है..! लेकिन हमारा टूरिज्‍म खत्‍म हो गया, रोजगार चला गया, लोग मुसीबतों से गुजारा कर रहे हैं। क्‍या भारत सरकार टूरिज्‍म के विकास के लिए बल नहीं दे सकती है..?

अभी हमारे हिंदुस्‍तान की फिल्‍म इंडस्‍ट्री ने सौ साल मनाए। इस देश की कई फिल्‍में, जिनका फिल्‍मांकन प्राकृतिक सौंदर्य के बीच किया जाता था, उन सभी को जम्‍मू-कश्‍मीर में फिल्‍मांकित किया जाता था, शूटिंग के लिए कश्‍मीर को अच्‍छी से अच्‍छी जगहों में से एक माना जाता था। मुम्‍बई का पूरा फिल्‍म उद्योग यहां शूटिंग के लिए आया करता था।  यहां के छोटे-मोटे हर व्‍यक्ति को रोजगार मिलता था। लेकिन आज फिल्म इंडस्‍ट्री यहां आना बंद हो गई, क्‍योंकि सरकार ने इस ओर ध्‍यान नहीं दिया। जब पूरी फिल्‍म इंडस्‍ट्री 100 वीं सालगिरह मना रही थी तो भारत सरकार को जम्‍मू-कश्‍मीर और लेह-लद्दाख में एक कार्यक्रम का आयोजन करना चाहिए था ता‍कि वह यहां के लोगों को पुराने दिनों के बारे में बताकर उन्‍हे आगे बढ़ाने का रास्‍ता दिखाते..! आज हिंदुस्‍तान में फिल्‍म इंडस्‍ट्री एक बहुत बड़ा उद्योग है, अगर जम्‍मू-कश्‍मीर में एक फिल्‍म इंस्‍टीट्यूट खड़ा कर देते, टेक्‍नोलॉजिकल एडवासंमेंट की दिशा में जाते ताकि लोग यहां के प्राकृतिक दृश्‍यों के लिए आते और यहां के लोगों को रोजगार मिलता, कितनी तरक्‍की होती..! लेकिन भाईयों-बहनों, इन लोगों को तरक्‍की में विश्‍वास नहीं है। आप देखिए, लोगों के बीच कैलाश मानसरोवर की यात्रा का आकर्षण बढ़ रहा है, हजारों की तादाद में लोग जा रहे हैं, अब सभी नेपाल के रास्‍ते से जाते हैं और सारी इनकम नेपाल को हो रही है। अगर यही काम लेह से मानसरोवर जाने के रास्‍ते पर हो जाए तो यह पूरा इलाका अमीर हो जाएगा..! कौन कहता है रास्‍ते नहीं है, कौन कहता है विकास के लिए अवसर नहीं है, लेकिन कश्‍मीर के नौजवानों को तबाह कर दिया जा रहा है..!

अभी राजनाथ सिंह जी डेमचौक की घटनाएं सुना रहे थे। मैं उन डेमचौक के नागरिकों का अभिनंदन करता हूं कि चीन की दादागिरि और दिल्‍ली सरकार की उदासीनता के बावजूद भी उन्‍होने 15 अगस्‍त को तिरंगा फहराया और हिंदुस्तान की आन, बान और शान की रक्षा की। मैं डेमचौक के सभी भाईयों का पूरे भारतवासियों की तरफ से अंत:करण से अभिनन्‍दन करता हूं और विश्‍वास से कहता हूं कि दिल्‍ली के लाल किले से फहराए झंडे से ज्‍यादा प्रेरणा डेमचौक पर फहराएं झंडे से मिलेगी..!

भाईयों-बहनों, चीन हमारे देश के सरहदी गांवों के लोगों को मुफ्त में मोबाइल और सिमकार्ड दे रहा है और चाइना के नेटवर्क से उनको जोड़ देता है। धीरे-धीरे उनको अपने लपेटे में ले रहा है। ये भारत सरकार की टेलीकॉम मिनिस्‍टरी कर क्या रही है..? ये कैसे हो सकता है कि किसी देश का टेलीकॉम सिस्‍टम हमारे देश के लोगों को सिमकार्ड देकर आश्रित बना दें..? इससे देश की सुरक्षा को कितना बड़ा खतरा पैदा हो सकता है, लेकिन इसकी चिंता इन लोगों को नहीं है..!

भाईयों-बहनों, आज भी जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों के दिलों में अटल बिहारी वाजपेयी जी के लिए एक श्रद्धा का भाव है। इस देश में 14 साल तक किसी प्रधानमंत्री ने जम्‍मू-कश्‍मीर की धरती पर पैर नहीं रखा था..! अटल बिहारी वाजपेयी पहले प्रधानमंत्री थे, जो 14 साल बाद, इतने संकटो के बीच भी जम्‍मू-कश्‍मीर में आए थे। अटल जी ने जो तीन मंत्र हम लोगों को दिए हैं, वह तीनों मंत्र हम सभी के लिए आगे के दिशादर्शक है। आदरणीय अटल जी ने कहा था कि कश्‍मीर को हम तीन मूल आधार पर रखते हैं। वह हर समस्‍या का समाधान उन तीन मूल आधारों पर करना चाहते थे। यह तीन मूल मंत्र थे : पहला - इंसानियत, दूसरा - जम्‍मूरियत और तीसरा - कश्‍मीरियत..! भाईयों-बहनों, ये तीनों चीजें, जिसमें उन्‍होने इंसानियत की बात कही, जम्‍मूरियत लोकतंत्र की बात कही और कश्‍मीरियत में यहां की सदियों पुरानी चली आ रही परम्‍परा और संस्‍कृति को जोड़कर बात कही और उसी रास्‍ते पर चलने को कहा..!

भाईयों-बहनों, हमारे मन में विचार आता है कि अगर हिमाचल और असम में आईआईटी और आईआईएम के प्रयास हो सकते हैं, तो क्‍या मेरे जम्‍मू में आईआईएम या आईआईटी नहीं होना चाहिए..? क्‍या यहां के नौजवान पढ़कर हिंदुस्‍तान में अपना नाम रोशन नहीं कर सकते..? लेकिन शैक्षिक संस्‍थान के विकास को करने में जम्‍मू-कश्‍मीर की सरकार को न भरोसा है और न ही दिल्‍ली सरकार को विश्‍वास..! अगर हम सभी को आगे बढ़ना है तो एक-दूसरे के साथ संघर्ष करके आगे नहीं बढ़ सकते। आज देश का लोकतंत्र उन लोगों के कब्‍जे में है जो या तो अहंकारवादी है या अवसरवादी, या तो विघटनवादी है या वंशवादी हैं, या फिर वह सुखवादी है जो सिवाय अपने सुख के कुछ भी नहीं देख सकते, ऐसे ही लोगों के कारण आज देश तबाह हो रहा है..!

हमारा देश वि‍विधता में एकता से भरा हुआ है, विविधता में एकता ही हमारे देश की विशेषता है। कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी तक, अटक से कटक तक ये भारत माता एक है, उसी भाव को लेकर के, एकता के स्‍वर को लेकर के हमें आगे बढ़ना होगा। हमारी भाषाएं भले ही अनेक हों, लेकिन भाव एक है, राज्‍य अनेक हों, लेकिन राष्‍ट्र एक है, पंथ अनेक हो पर लक्ष्‍य एक है, बोली अनेक हों पर स्‍वर एक है, रंग अनेक हों लेकिन तिरंगा एक है, समाज अनेक हों पर भारत एक है, रिवाज अनेक हों पर संस्‍कार एक है, कार्य अनेक हों पर संकल्‍प एक है, राहें अनेक हों लेकिन मंजिल एक है, चेहरा अनेक हो लेकिन मुस्‍कान एक है, हमें इस मंत्र को लेकर चलना है..!

भाईयों-बहनों, जो लोग हमेशा वोट बैंक की राजनीति करते रहे हैं, जो लोग सत्ता सुख पाने के लिए समाज को बांटते रहे हैं, मैं आज इस ललकार रैली से उनको ललकारना चाहता हूं। और मेरी हर बात को सेक्‍युलरिज्‍म के तराजु पर तौलकर देखा जाए, अगर उनमें हिम्‍मत है तो मेरी ललकार को स्‍वीकार करें। भाईयों-बहनों, हमारी सोच क्‍या है..? हमारा मंत्र है कि सरकार का कोई धर्म नहीं होता, सरकार का सिर्फ एक ही धर्म होता है - इंडिया फर्स्‍ट, नेशन फर्स्‍ट, हिंदुस्‍तान सबसे पहले। सरकार का एक ही धर्म ग्रन्‍थ होता है - भारत का संविधान, सरकार की एक ही भक्ति होती है - भारत भक्ति, सरकार की एक ही शक्ति होती है - सवा सौ करोड़ देशवासियों की शक्ति, सरकार की एक ही पूजा होती है - सवा सौ करोड़ देशवासियों का कल्‍याण, सरकार की एक ही कार्यशैली होती है - सबका साथ, सबका विकास और इसी मंत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ रही है..!

मैं जम्‍मू-कश्‍मीर के कार्यकर्ताओं और जनता को अंत:करणपूर्वक बधाई देता हूं कि आज आप सभी ने रंग ला दिया है। ये घटना स्‍टेडियम की घटना नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्‍तान के नाज़ की घटना है, देश की एकता में विश्‍वास करने वालों को ताकत देने वाली घटना है, शांति, एकता और भाईचारे में विश्‍वास करने वाले लोगों के हौसले बुंलद करने वाली घटना है, इसलिए आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं..! मेरे साथ पूरी ताकत से दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए,

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

वंदे मातरम् ..!  वंदे मातरम्...!  वंदे मातरम्.....!

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नमस्कारम।

केरल में, केरलम में चुनाव प्रचार बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ये स्पष्ट है कि इस बार केरलम सिर्फ नई सरकार ही नहीं, नई व्यवस्था के लिए मन बना चुका है। इसमें बीजेपी-एनडीए के पक्ष में एक वेव चल रही है। ‘मेरा बूथ सबसे मज़बूत’ के मंत्र के साथ आप सभी बूथ पर काम कर रहे हैं, बीजेपी को मज़बूत कर रहे हैं। मैं आप सभी के अनुभव जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। चलिए, बातचीत की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले कौन बात करने वाले हैं?

अनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम अनीता कुमारी आर है। मैं तिरुवनंतपुरम ज़िले में चिरयिनकीझु में काम करती हूं बीजेपी के लिए। मैं एक आशा वर्कर भी हूं। मैं पिछले 15 साल बीजेपी में काम करती हूं। 19 साल से आशा वर्कर भी है। मैं बीजेपी में काम करने के लिए बहुत गर्व करती हूं और मैं संगठन मंडल की महासचिव भी हूं।

पीएम- अनीता जी, राजनीति के जो जानकार हैं वो कह रहे हैं कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और केरलम की जनता दोनों में बहुत जोश है। और मैं कुछ दिन पहले पालक्काड में एक सभा के लिए गया था। त्रिशूर में एक रोड शो भी किया था। मुझे हर जगह पर केरलम के लोगों का एक नया उत्साह, बीजेपी के प्रति एक अलग जोश दिखा है। इसे केरलम की पॉलिटिक्स में टर्निंग पॉइंट भी बताया जा रहा है। आपका ग्राउंड पर एक्सपीरियंस क्या है? आप क्या अनुभव कर रहे हैं?

अनीता जी- मोदी जी, मैं एक कोस्टल एरिया से आ रही हूं। पिछले सालों में ये एरिया में बीजेपी के लिए एक बूथ इंचार्ज को मिलना भी मुश्किल था। पर आज-कल उन्हीं लोगों, वो मछली पकड़ने वाले लोगों बहुत ज़्यादा नंबर में बीजेपी में आ रहे हैं। आजकल मैं उनके साथ काम करती हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिन में बीजेपी को ये कोस्टल एरिया में एक मज़बूत पार्टी हम सब मिलकर बनाएंगे।


पीएम- अनीता जी, आपने काफी अच्छी जानकारी दी है। आपका उत्साह भी आपके शब्दों में दिखाई दे रहा है। देखिए तिरुवनंतपुरम ने एक रास्ता दिखाया है। लेफ्ट और कांग्रेस वालों को लगता था कि कुछ भी हो, कितना ही बड़ा मिसरूल हो, मिसमैनेजमेंट हो, केरलम में बारी-बारी उनको ही मौका मिलेगा। तिरुवनंतपुरम ने उस परसेप्शन को तोड़ा है। इसलिए आप देखिए यूडीएफ और एलडीएफ एक-दूसरे से ज़्यादा इस बार बीजेपी को टारगेट कर रहे हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मेरे कुछ सुझाव हैं जो आने वाले कुछ दिनों में काम आ सकते हैं। आज-कल क्रिकेट का सीजन चल रहा है और केरलम के लोगों के लिए इसमें भी एक सीखने की चीज़ है। जैसे हम अक्सर संजू सैमसन की परफॉर्मेंस में देखते हैं। संजू सैमसन को हमने वर्ल्ड कप में देखा कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट में क्रंच सिचुएशन आती गई, नॉकआउट स्टेज आया, उनकी परफॉर्मेंस एकदम से पीक पर पहुंच गई। शुरू से लेकर लास्ट तक उनका फोकस, उनका कॉन्फिडेंस और उनकी इंटेंसिटी लगातार बढ़ती गई। यही एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान होती है।

जब टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब वो अपना बेस्ट करके दिखाए। इसलिए जब वोटिंग का दिन आए और अब जो जितने दिन बचे हैं, बहुत ज़्यादा दिन तो बचे नहीं हैं, हमारी सक्रियता और हमारा संपर्क हर घर तक और ज़्यादा मज़बूत होना चाहिए। पहले अगर 6 घंटे काम करते थे तो अब 9 घंटे करना चाहिए। पहले 9 घंटा काम करते थे तो 12 घंटा करना चाहिए। पहले अकेले करते थे तो अब पूरे परिवार को मैदान में उतारना चाहिए। घर के सब सदस्यों को काम में लगाना चाहिए।

देखिए आप बूथ में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं और हमें बूथ को मज़बूत बनाना है। बूथ मज़बूत होगा तो विजय पक्का होगा। और इसके लिए तो मेरा आग्रह है आपको 9 अप्रैल से पहले अपने बूथ के हर परिवार के पास कम से कम तीन बार जाना है और घर में बैठकर एक-एक व्यक्ति से बात करना है। एक-एक मतदाता को भाजपा के लिए वोट कराने के लिए आपको उसे समझाना है। उन्हें बताइए कि बीते वर्षों में केरलम में सेंट्रल गवर्नमेंट की स्कीम्स पर, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के काम पर कैसे ये यूडीएफ-एलडीएफ वाले रुकावटें डालते गए। केरलम में ऐसी डबल इंजन सरकार चाहिए जो खुद भी काम करे और केंद्र के काम को भी आगे बढ़ाइए। अनीता जी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप जो भी क्षेत्र में काम करती है वहां पूरी तरह विजय प्राप्त कीजिए.. चलिए आगे चलते है अगले साथी कौन है।

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम विनीता केके है। ज़िला वायनाड में मानंतवाडी में मैं रहती हूं। मैं वीबी जीरामजी में काम करती हूं और खेती भी करती हूं। आपके मैं 8 नंबर बूथ का अध्यक्ष हूं और आज आपके साथ बात करने में बहुत खुशी हुआ है।

पीएम- विनीता जी, मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि केरल के कोने में आपको काम करते देखना और आज आपसे बात करने का अवसर मिलना। आपसे मैं एक और बात जानना चाहता हूं। ये तो साफ-साफ नज़र आता है कि केरलम के लोग एलडीएफ और यूडीएफ की लूट से तंग आ चुके हैं। आप जब अपने बूथ पर लोगों से मिलते हैं तो वे बीजेपी से क्या एक्सपेक्ट करते हैं? क्या अपेक्षाएं हैं? वे केरलम में बीजेपी-एनडीए से कैसी सरकार की उम्मीद करते हैं?

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, जब हम घर-घर जाती हूं उस समय उधर के लोग कहते हैं कि हमारा केरल में मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए। मोदी मॉडल सत्ता चाहिए, सरकार चाहिए। केरल जो मुश्किलों में अब फंसी हुई है, इस मुश्किलों से बाहर आने के लिए हमें मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए और मोदी जी का सरकार जैसा सरकार चाहिए। केरल का लोग ये प्रतीक्षा में है।

पीएम- विनीता जी आप पब्लिक स्पीच देती हैं क्या? भाषण करती हैं क्या?

विनीता जी- थोड़ा-थोड़ा भाषण देती हूं और पिछले लोकल बॉडी इलेक्शन में कैंडिडेट भी थी। इसका एक्सपीरियंस है मेरे पास।

पीएम- विनीता जी आपको सुनकर के मैं सचमुच में बहुत मुझे आश्चर्य हुआ है कि आप अनुसूचित जनजाति समाज से और वो भी अत्यंत गरीब परिवार से और वो भी दैनिक मज़दूर के रूप में जीरामजी में काम करती हो और इतने बढ़िया तरीके से, इतने स्पष्ट शब्दों में आप शानदार बात करती हो। मुझे बहुत गर्व हुआ कि मेरी पार्टी में छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी इतने सामर्थ्यवान हैं। सबसे पहले तो मैं आगे बात करने से पहले आपको इस बात के लिए बहुत बधाई देता हूं।

पीएम- विनीता जी, आपने जो कहा मुझे बहुत सच लगता है क्योंकि मैं पिछले दिनों जब केरलम में आया और चुनाव रैलियों में जो मैंने वातावरण देखा, उससे मुझे साफ लगता है कि केरलम इस बार बीजेपी-एनडीए को अवसर देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमें केरलम की जनता के इस विश्वास को अब अटूट भरोसे में बदलना है।

मैं सभी केरलम के बूथ के कार्यकर्ताओं से आग्रह करना चाहूंगा और इसके लिए मैं आपसे कुछ बातें बताता रहता हूं जो आप अपने बूथ के मतदाताओं के बीच लेकर जा सकते हैं। आप अपने बूथ के लिए अगले 5 साल का रोडमैप बनाइए। बूथ के लोग जो परिवर्तन देखना चाहते हैं, इसमें उन अपेक्षाओं का ब्लूप्रिंट ही दिखाई देना चाहिए। बीजेपी-एनडीए सरकार उसके आधार पर आने वाले 5 वर्षों में इसके आधार पर काम करेगी। ये गारंटी मोदी की तरफ से आपको देनी है। आप लोगों को घर-घर जाकर के भरोसा दीजिए कि एक बार बीजेपी-एनडीए को ज़रूर वोट दें।

कांग्रेस और कम्युनिस्टों को आप सबने 75 साल दिए हैं। बीजेपी-एनडीए को 5 साल देकर देखिए। और बड़े विश्वास से बताइए, पूरे देश में हमें जहां-जहां मौका मिला है, हर राज्य में हमारे कार्यकर्ताओं ने वहां की अद्भुत सेवा की है। ये विश्वास के साथ बताइए। और विनीता जी, मैं तो चाहूंगा कि वहां के जो मीडिया वाले हैं वे आपकी और आपके सांसद की पब्लिक में डिबेट करवा दें। आप दोनों का आमने-सामने भाषण करवा दें। मैं पक्का मानता हूं, आप अपने सांसद से भी बहुत बढ़िया भाषण कर दोगी। चलिए आगे कौन साथी बात करेंगे।

श्रीकुमार- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम श्रीकुमार वी है। मैं 1998 से इंडियन आर्मी में काम किया। सिक्स मद्रास बसंतार यूनिट में था और 2016 में आर्मी से रिटायर होने के बाद अब बीजेपी में काम करता हूं। मैं मंडल सचिव हूं और पंदलम नगरपालिका म्युनिसिपैलिटी काउंसलर भी है।

पीएम- श्रीकुमार जी, आपने तो अपनी जवानी देश के लिए खपा दी है। एक सैनिक के नाते एक बहुत ही जज़्बे के साथ आपने देश के लिए जीवन जिया है। और मैंने देखा है कि जो पूर्व सैनिक हैं उनके दिल में देशभक्ति इतनी भरी रहती है कि वे हमेशा भाजपा को पसंद करते हैं। और आपने भाजपा के माध्यम से देश की सेवा जारी रखी है। इतना ही नहीं, आपको आपके वहां के लोगों ने भी सेवा करने का अवसर दिया, आपको चुन करके भेजा। मैं सबसे पहले तो आपको आपकी इस देशभक्तिपूर्ण प्रेरक यात्रा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

श्रीकुमार वी, केरल में जो स्टेटस को रहा है इससे सबसे ज्यादा बेचैन हमारे युवा रहे हैं। उनको लगता है कि एलडीएफ को सत्ता मिले या यूडीएफ को, यूथ की मजबूरी माइग्रेशन ही है। इसलिए वे इफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाली बीजेपी को मौका देना चाहते हैं। केरलम के युवा आपसे ज़रूर प्रेरणा लेते हैं, आपसे खुलकर के बातें भी करते होंगे। केरलम के युवा आपसे क्या कहते हैं?

पीएम- श्रीकुमार वी जी से हमारी बातचीत कट हो गई है, दोबारा कनेक्ट हो जाएगा तो श्रीकुमार वी जी के पास आऊंगा, तब तक हम आगे चलते हैं। आइए अब कौन बात करेंगे, श्रीकुमार वी जी से बाद में बात करेंगे।

दिलीप जी- नमस्कार मोदी जी.. मेरा नाम दिलीप कुमार है। मैं जिला मल्लापुरम, कोंडोट्टी से हूं। मैं 46वां बूथ का कार्यकर्ता हूं, मैं पिछले 15 साल से बीजेपी में कार्य कर रहा हूं। मेरे साथ मेरे पिता जी और माता जी भी हैं। हम सब आपके भाषण सुन रहे हैं।

पीएम- दिलीप कुमार जी सबसे पहले तो अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहिएगा अच्छा मुझे बताइए केरल में जिस तरह कांग्रेस और कम्युनिस्ट करप्शन और कम्युनिज्म फैला रहा है उससे भी लोगों में बहुत गुस्सा है क्योंकि वो समाज को बांटने का काम करते हैं, एक-दूसरे से लड़ाई लड़ाने का काम करते हैं। यूडीएफ और एलडीएफ दोनों में कट्टरपंथियों के वोट के लिओ होड़ लगी हुई है। और आपको तो मालूम है आज-कल हम साफ देख रहे हैं कि वो गांधी जी वाली कांग्रेस बची नहीं है अब एक ऐसी कांग्रेस है जो माओवादी मुस्लिम लीगी कांग्रेस बन गई है। आप जब लोगों से मिलते होंगे तो आपसे भी लोग इसी प्रकार से बहुत सी बाते करते होंगे। मैं जरूर जानना चाहता हूं कि जमीन की हकीकतें क्या है।

दिलीप जी- मोदी जी आपने ठीक कहा। केरल में कम्युनिस्ट और कांग्रेस ऐसा काम करता है। इसका बहुत अच्छा उदाहरण है वेंगरा विधानसभा क्षेत्र से जो मुस्लिम लीग का कैंडिडेट है। इन्होंने कहा मज़हब है, मज़हब है, मज़हब है मेरे लिए पहला इश्यू। मैं इसके लिए काम करता है। जो मुस्लिम कम्युनिटी को पिछले 10 साल में जो नहीं मिला हम अगले 5 साल में हम मुस्लिम कम्युनिटी के लिए काम करेगा, सिर्फ उस कम्युनिटी के लिए काम करेगा ऐसा बोला। इसलिए ये दोनों यूडीएफ और एलडीएफ कट्टरपंथियों के पीछे हैं, उसके वोट के लिए सब कुछ करता है, इसके साथ गठबंधन करता है। मगर केरल का मलप्पुरम डिस्ट्रिक्ट का लोग आपकी तरह मोदी जी के जैसा एक सीएम चाहता है, ऐसा एक सरकार चाहता है।

पीएम- दिलीप जी आपने एक बहुत गंभीर विषय उठाया है। एलडीएफ और यूडीएफ करप्शन और कम्युनलिज्म तो फैला ही रहे हैं। ये केरलम का डबल नुकसान कर रहे हैं। एक तरफ ये वोट के लिए फंडामेंटलिस्ट ताकतों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके एजेंडे से समाज को तोड़ने का ही काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ ये हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। भगवान अयप्पा के भक्तों के साथ ये क्या कर रहे हैं? वहां जो गोल्ड है उसको लेकर एलडीएफ और यूडीएफ कैसे मिलकर बेईमानी कर रहे हैं? कोऑपरेटिव बैंकों में आपकी जमा पूंजी को कैसे बर्बाद कर रहे हैं? ये सब कुछ जनता देख रही है। और दिलीप जी आपने कहा कि मेरे जैसा मुख्यमंत्री। देखिए मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। केरलम का मेरा एक-एक कार्यकर्ता मेरे लिए तो मोदी है। और इसलिए केरलम की जनता हमारे कार्यकर्ताओं को जहां भी सेवा करने का मौका देती है, वो पूरे समर्पण भाव से सिर्फ और सिर्फ राज्य की जनता की सेवा के लिए अपने आप को खपा देते हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से आज कुछ बातें जरूर कहूंगा आपको बूथ पर ये दोनों एलडीएफ और यूडीएफ उनके कम्युनल और करप्ट एजेंडे को घर-घर जाकर एक्सपोज करना है। घर में जाकर के बैठकर के एक-एक घटना लोगों को याद कराना है। और साथ-साथ कुछ काम और भी करना चाहिए। आपके बूथ में ऐसे हर काम जिसमें करप्शन के आरोप हैं उनको लोगों को बताइए.. हर किसी को बताइए.. ये पैसा आपका है आपके पैसे लूटे गए हैं। लोगों में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और ये जनता को लूटने वालों के लिए जनता में नफरत पैदा होनी चाहिए।

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं को ये भी कहना चाहूंगा कि आप जब लोगों के बीच जाएं तो बड़े विश्वास के साथ बताइए कि हमारी सबका साथ सबका विकास ये नीति की कितनी ताकत है। मैंने तो देखा है दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से मिलता हूं तो वो भी भारत में आज जो सरकार सबका साथ सबका विकास की बात कर रही है उसको बहुत एप्रेसिएट करते हैं। हमें घर-घर इस बात को पहुंचाना चाहिए बीजेपी की जो वेलफेयर स्कीम है आंकड़ो के साथ और मोबाइल फोन पर वीडियो-वीडियो ले जाकर के डेटा सहित तर्क भी चाहिए और तथ्य भी चाहिए सबको समझानी चाहिए.. और इसलिए गरीबों के घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो, नल हो ऐसी हर स्कीम का फायदा हर जाति, हर वर्ग के लोगों को कैसे मिल रहा है ये आप घर-घर जाकर के बताइए।

पीएम- दिलीप जी आप से बात करके बहुत अच्छा लगा। मैं कल्पना कर सकता हूं कि ऐसे समाज को तोड़ने वाली ताकतों के बीच में आप किस प्रकार से देशभक्ति का विचार लेकर के काम कर रहे हैं। आप भी बधाई के पात्र हैं वहां के सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। चलिए आगे चलते हैं, हमारे अगले साथी कौन हैं।

मुरलीधरन जी- नमस्ते मोदी जी, मैं एक सेवाविमुक्त मरीन इंजीनियर हूं। मैं बीजेपी का 151 बूथ का कार्यकर्ता हूं। मैं त्रिशूर ज़िला में नाट्टिका में काम करता हूं बीजेपी में।

पीएम- मुरलीधरन जी, आप तो इंजीनियर रहे हैं, सेवानिवृत्त हैं और जीवन के अनुभव लेकर के आज केरल के लोगों की सेवा करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में अपना कार्य कर रहे हैं। ये सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। आपके पास तो काफी अनुभव है। मुरलीधरन जी बताइए। मुझे बताया गया है कि कांग्रेस ने दिल्ली में हुई एआई समिट में जो शर्मनाक हरकत की और उसको जिस तरह जस्टिफाई किया जा रहा है खुद आके कपड़े फाड़ दे दुनिया के सामने नंगा नाच करे ऐसा सब देखने के बाद केरलम के लोग बहुत नाराज है ऐसी हरकतें करने वाले केरलम में टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के पोटेंशियल को तो समझ ही नहीं सकते। इन विषयों को लेकर लोग आपसे जरूर बात करते होंगे अपना गुस्सा बताते होंगे अपने नए-नए विचार बताते होंगे। मैं आपसे सुनना चाहता हूं कि धरती पर से क्या आवाज आ रही है।

मुरलीधरन जी- केरल में ज़्यादा से ज़्यादा लोग ये जो घटना हुआ है इसके खिलाफ है। वो सोचते हैं कि हम एआई में आगे जाना चाहिए। हमें टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और पेट्रोलियम में बहुत अधिक आगे जाना चाहिए। इसका विकास होना चाहिए। केरल को भी फायदा मिलना चाहिए। ये जो कांग्रेस वाले ने किया वो गलत काम है ऐसा सोचता है। पर कुछ लोग ये भी जस्टिफाई करता है राजनीति के कारण। ऐसा घटनाओं को भी जस्टिफाई करता है। मगर ज़्यादा से ज़्यादा लोग हमारे सरकार के साथ है। वो कहता है कि ये गलत काम किया है कांग्रेस वालों ने।

पीएम- मुरलीधरन जी आपने सही बताया। टैलेंट, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ये विकसित केरलम के लिए बहुत बड़ी ताकत है, बहुत बड़े स्तंभ हैं। बीजेपी-एनडीए का फोकस इन्हीं सब बातों पर है। आधुनिक केरलम ये हमारा लक्ष्य है। विकसित केरलम ये हमारा लक्ष्य है। केरलम के टैलेंट को दुनिया भर में और बड़ी पहचान दिलाने के लिए हम नौजवानों को स्किल बना रहा है। इमर्जिंग सेक्टर्स को उनके लिए खोला जा रहा है।

सभी मेरे बूथ के कार्यकर्ता भाई-बहनों, हम एक तरफ देश को मज़बूत बना रहे हैं, देश की साख बढ़ा रहे हैं। वहीं कांग्रेस दुनिया में भारत की ऐसी इमेज बना रही है जिससे कि देश की बदनामी हो। आप देखिए दुनिया भर में ढेर सारे ऐसे देश हैं जहां केरलम के बच्चे काम कर रहे हैं। आजकल वेस्ट एशिया में युद्ध चल रहा है। वहां केरलम के भी हमारे लाखों परिवारजन वहां रहते हैं। लेकिन कांग्रेस वाले ऐसे स्टेटमेंट दे रहे हैं जिससे वहां के देश स्वाभाविक है नाराज़ होंगे, वहां के लोग नाराज़ होंगे। और उसके कारण केरलम के जो लोग वहां रहते हैं उनको कैसी मुसीबत आ सकती है, कितना बड़ा संकट आ सकता है। लेकिन ये अपनी राजनीति के कारण ऐसी गैर-जिम्मेवार बातें करते हैं। ये हमारे बच्चों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। ग्लोबल लेवल पर इंडिया की इमेज को भी नुकसान कर रहे हैं।

मुरलीधरन जी, आपने वहां भी देखा होगा कार्यकर्ता भी बताते होंगे। आप सबको भी सभी बूथ कार्यकर्ताओं को केरलम के लोगों को और भी कुछ बातें बतानी चाहिए। ये कांग्रेस पार्टी की स्टाइल क्या है। इनके शाही परिवार के लोग ये नामदार वहां आ जाते हैं। दो-चार झूठ फेंक देते हैं और बिना जिम्मेवारी भाग जाते हैं। इन्होंने हिमाचल में ऐसा किया। आज हिमाचल की सरकार ने हिमाचल को बर्बाद कर के रखा है। वे कर्नाटक में भी बड़ी-बड़ी बातें करके गए थे कर्नाटक को बर्बाद कर के रखा है। तेलंगाना की भी यही दशा है यानि ये झूठी बातें करना झूठे वादे करना और गप्पें फेंकते रहना और भाग जाना यही उनका तरीका है। और ये सारी जानकारियां उपलब्ध है आप लोगों को बताइए कि जहां-जहां इनके पैर पड़े हैं कैसा विनाश किया है अब ये केरलम के विनाश पर लगे हुए हैं।

साथियों,

मेरे लिए बहुत खुशी की बात है केरलम के ऐसे जुझारू, ऐसे निष्ठावान और एक प्रकार से मैं कहूंगा तपस्वी कार्यकर्ताओं से मुझे बात करने का मौका मिला है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना सहन किया है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना संघर्ष किया है और मेरे लिए खुशी की बात है कि आज आप अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत से जो प्रगति की है, अब विजय की राह पर चल पड़े हैं। मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। आप सभी की बातों से मेरा विश्वास और मज़बूत हो गया है। केरलम इस बार नया इतिहास बनाने जा रहा है। हमें ये ध्यान रखना है, हमें हर बूथ जीतना है। हमें अपना बूथ जीतना है। सभी मेरे साथियों, आप अभी से देश में जहां भी केरलम के लोग हैं उनसे संपर्क कीजिए। उन्हें बताइए कि 9 अप्रैल को अगर उनका वोट केरलम में है तो वोट पड़ना चाहिए। और अगर उनका वोट केरलम में नहीं है तो वो अपने गांव में रिश्तेदारों को फोन करके आग्रह करके बताएं कि जहां-जहां उन्होंने गए हैं कितनी प्रगति देखी है।

केरलम की प्रगति के लिए वोट करने के लिए वो अपने परिवार को समझाए, अपने गांव वालों को समझाए, अपने दोस्तों को समझाए। और आपको हर परिवार में माताओं-बहनों के पास ज़रूर जाना है और माताओं को बहनों को कहना कि मोदी जी ने विशेष आग्रह किया है कि आप इस बार कमल के निशान पर वोट डालिए, एनडीए को बीजेपी को विजयी बनाइए और पहली बार केरलम में एनडीए-बीजेपी की सरकार बनाइए। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। शायद मैं परसों केरलम में आ रहा हूं तो फिर से एक बार आप सबके दर्शन करने का मौका मिल जाएगा। नमस्कारम।