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आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी, गोवा के लोकप्रिय यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान मनोहर पार्रिकर जी, यहां के उपमुख्य मंत्री श्रीमान डिसुजा जी, श्री विनय तेंदुलकर जी, स्मृति ईरानी जी, श्रीपाद नाईक जी, वी. सतीश जी, लक्ष्मीकांत पार्सेकर जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी मंत्री परिषद के साथी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के पदाधिकारी, सभी विधायक बन्धु और भारी संख्या में उपस्थित हुई जनता-जर्नादन का सादर अभिनंदन और मेरा नमस्कार..!

(स्था‍नीय भाषा में भाषण का कुछ अंश)

भाईयों-बहनों, इस देश में अमूमन टीवी और मीडिया का ध्यान गोवा की तरफ जाता नहीं है, अगर कोई दुर्घटना हो जाएं, तो गोवा की खबर देखने-सुनने को मिलती है, लेकिन सादगी, शुचिता और गोवा के विकास के लिए पूर्णत: समर्पण होना कोई छोटी बात नहीं है। मैं आप सभी को बधाई देता हूं कि आपने ऐसी सरकार चुनी है, मनोहर पार्रिकर जैसे नेता को चुना है और इसके लिए गोवा के नागरिक लाख-लाख बधाई के पात्र हैं..! मुझे पता चला कि इस रैली में आने के लिए पांच रूपया शुल्क रखा गया है। मैं पार्टी के अध्यक्ष और मनोहर पार्रिकर जी का इस बात के लिए आदर करता हूं कि उन्होने पांच-पांच रूपया करके एकत्र की गई रकम को उस इमारत के हादसे में मारे गए लोगों के परिवारीजनों को समर्पित करने का निर्णय किया और इस पुण्य कार्य में मुझे भी शरीक किया..! समाज के प्रति संवेदना ऐसी होनी चाहिए..! जब इमारत वाला हादसा हुआ, उस समय मैने टीवी पर देखा कि मनोहर पार्रिकर जी खुद मैदान में खड़े रहकर, एक इंजीनियर के नाते उनके पास जो कौशल है उसका प्रत्यक्ष उपयोग करते हुए काम में जुट गए थे। मित्रों, ये भारतीय जनता पार्टी का चरित्र है और भारतीय जनता पार्टी के संस्कार हैं। हम लोगों को पार्टी ने इस प्रकार से तैयार किया है, हम लोगों को इस प्रकार सिखाया गया है कि जनता के दुख में दुखी और सुख में सुखी हों। इसी बात को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक पार्टी के रूप में विशिष्टे छवि बनाई है और एक सरकार के रूप में भी विकास की दृष्टि से अमिट छाप छोड़ी है। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि स्पेर्धा के इस युग में जब राजनीति में लेना-पाना और बनना प्रमुख हो गया है, ये कांग्रेसी कल्चर की जड़ें इतनी जमी हुई हैं, ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी जैसा एक दल हो, जो मनोहर पार्रिकर जी जैसे सामान्य परिवार के और मुझ जैसे अत्यंत गरीब परिवार के व्यक्ति को नेता के रूप में पसंद करता है, उनको कार्यभार देता है..! कुछ लोगों को ये दिखाई दे या न दें, लेकिन मैं ये बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि अगर भारतीय जनता पार्टी जैसा संगठन न होता, भारतीय जनता पार्टी जैसा चरित्र और कार्यशैली न होती, भारतीय जनता पार्टी जैसा नेतृत्व न होता, तो आज रेल के डिब्बे् में चाय बेचने वाला बच्चा आपके सामने खड़ा न होता..! सोचिए, कि पार्टी की सोच और ताकत क्या होगी, कि गरीब परिवार से एक बच्चे को उठाकर उसे तैयार करें, उसको सामर्थ्यवान बनाएं और देश की सेवा के लिए उसे अपना नेता बनाएं..! मित्रों, ये इस पार्टी की ताकत है। आप हमारे शिवराज सिंह जी को देख लीजिए, रमन सिंह जी को देख लीजिए, हिमाचल प्रदेश में हमारी पार्टी के मुख्यमंत्री रह चुके धूमल जी को देख लीजिए... सामान्यजीवन जीने वाले परिवारों के बच्चें, निष्ठां, पवित्रता और समर्पण के साथ मातृभूमि की सेवा में लगे हैं..!

आज जब पूरे देश में स्वामी विवेकानंद जी की 150 वीं जयंती का समारोह हो रहा है, पूरे देश में अनेकविध कार्यक्रम चल रहे हैं, ऐसे में गोवा में इतना बड़ा समारंभ इस बात का जीता-जागता सबूत है कि हिंदुस्तान के सामान्य व्यक्ति ने मन बना लिया है और फैसला कर लिया है। देश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सदा-सर्वदा से निकालने का मन बना लिया है। कांग्रेस मुक्त भारत, ये सिर्फ भाजपा का नारा नहीं है बल्कि यह जन-जन का संकल्प है। कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक हिंदुस्तान ने, यहां के कोटि-कोटि जनों ने कांग्रेस मुक्त भारत का संकल्प ले लिया है। और जब मैं कहता हूं कि कांग्रेस मुक्त भारत, तो इसका अर्थ सिर्फ कांग्रेस नाम के एक संगठन से नहीं, कांग्रेस पार्टी के नेताओं से नहीं, बल्कि एक कल्चर से है यानि कांग्रेस एक कल्चर बन गया है, कांग्रेस एक विकृत व्यवस्था बन गई है, और 60 साल में भिन्न -भिन्न रूप में, भिन्न-भिन्न दलों के माध्यंम से, भिन्न-भिन्न नेताओं के माध्यम से वह विकृतियां भारत की रगो में फैल चुकी हैं। मैं जब कांग्रेस मुक्त भारत की बात करता हूं तो भारत को उन बीमारियों से मुक्त करने की बात करता हूं, उन रोगों से मुक्त करने की बात करता हूं। परिवारवाद की बीमारी हो, जातिवाद की बीमारी हो, सम्प्रदायवाद की बीमारी हो, प्रादेशिकवाद की बीमारी हो, ऊंच-नीच की बीमारी हो, सम्प्रदायवाद का ज़हर हो, गरीबी की बीमारी हो, बेरोजगारी की बीमारी हो, इन सारी बीमारियों से मुक्ति का मतलब है, कांग्रेस मुक्त भारत..! ये बीमारियों की जड़ें कांग्रेस के नाम से जानी जाती हैं। दुराचार, भ्रष्टाचार ये सब कांग्रेस की आदत है और इन्हे इसकी शर्म ही नहीं है, ये भ्रष्टाचार को लेकर बेशर्म है, लोग मर जाएं लेकिन इन्हे अनाप-शनाप बयान देते हुए संकोच नहीं होता है, अगर इनकी यही प्रकृति और प्रवृति रहेगी तो सवा सौ करोड़ देशवासियों का क्या होगा..! यहां उपस्थिति नौजवानों से मैं सवाल पूछता हूं क्या आप सभी जबाव देगें..? आपके माता-पिता को जिस प्रकार का जीवन जीना पड़ा, क्या‍ आप वैसा जीवन जीना चाहते हैं..? आपके मां-बाप को जिन मुसीबतों को झेलना पड़ा, क्या आप उन मुसीबतों को झेलना चाहते हैं..? आपके मां-बाप को आपको बड़ा करके रोजगार दिलाने के लिए जो मेहनत करनी पड़ रही है, अपमान झेलना पड़ रहा है, क्या आप ऐसी जिन्दगी स्वीकार करते हो..? मित्रों, ये मुसीबते देने वाले कौन थे, वो कौन लोग थे, जिन्होने आपके लिए से परिस्थितियां पैदा की..? क्या, ऐसे लोगों को सज़ा देनी चाहिए या नहीं..? क्या ऐसे लोगों को हमेशा-हमेशा के लिए हिंदुस्तान की राजनीति से उखाड़ फेंकना चाहिए या नहीं..?

भाईयों-बहनों, आप राजीव गांधी को याद करिए, वो पूरा समय कहते रहते थे कि 21 वीं सदी आ रही है, 21 वीं सदी आ रही है... कितना बोल रहे थे..! उस दौरान तो टीवी नए-नए आए थे, चारों तरफ 21 वीं सदी आ रही है की धूम मची हुई थी..! लेकिन मित्रों, क्या 21 वीं सदी के अनुकूल इस देश को तैयार किया गया..? क्या कोई भी एक ऐसी कोशिश की गई, जिससे हमें लगे कि हां, हम 21 वीं सदी में पैर रख रहे हैं..? आखिर उन्होने क्यां किया..? मित्रों, मैं उस इतिहास को दोहराना नहीं चाहता हूं, लेकिन पूरी 20 वीं सदी में आजादी के 50 साल के कालखंड को बर्बाद कर दिया गया। देश को आशा थी कि कोई पढ़े-लिखे महाशय आएंगे, राजनीति के कल्चर से बाहर के कोई व्यक्ति आंएगे, कांग्रेस की बुराईयों से जिनकी आदत न बिगड़ी हो, ऐसे व्यक्ति आएंगे और देश को उम्मीद थी कि शायद देश का भला होगा। लेकिन अगर 10 साल का लेखा-जोखा लिया जाएं तो हिंदुस्तान के आजाद होने के बाद इतने बुरे दिन पहले कभी नहीं आएं, जितने इन दस सालों में देश को देखने पड़े हैं..! सारे इंस्टीट्यूशन्स, सारी संवैधानिक संस्थाओं को बेकार बना दिया गया। सत्ता एक ऐसी जगह पर केन्द्रित हो गई, जहां जबावदेही नहीं थी। लोकतंत्र में ऐसी स्थि‍तियां नहीं चल सकती हैं..!

Shri Narendra Modi at the Vijay Sankalp Rally, Goa

लोग मुझे पूछते हैं कि कांग्रेस ने तो बर्बाद किया है, मोदी जी आप क्या करेगें..? हम इन बुराईयों को मिटाने का काम सबसे पहले करेगें, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बढाएंगें। मंत्री हो, प्रधानमंत्री हो, उनका कार्यालय हो, हम उन सभी के डिसेंट्रलाइजेशन में विश्वास करते हैं, विकेन्द्रीकरण में विश्वास करते हैं। लोगों को अवसर दिया जाए, जबादेही तय हो, तभी तो प्रगति होगी..! आज आपके गोवा में इतनी ज्यादा बेराजगारी क्यों आई..? सारी अर्थव्येवस्था क्यों चरमरा गई..? यहां के जीवन में माईनिंग का बहुत बड़ा महत्व है, नौजवानों को रोजगार देने के अवसर में और राज्य की तिजोरी को भरने में माईनिंग का महत्व‍ कम नहीं है। माईनिंग सिर्फ माइनिंग के लिए नहीं होती है, बल्कि सारी ईकोनॉमी को जेनरेट करने के लिए तीन महत्व पूर्ण बातों की जरूरत होती है - इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए, ह्यूमन रिर्सोस चाहिए और रॉ-मैटेरियल चाहिए। लेकिन अगर रॉ-मैटेरियल पर ही ताले लग जाएं, माईनिंग बंद हो जाएं, नौजवान बेराजगार हो जाएं और दिल्ली- की सरकार चुप बैठी रहे, सोई रहे तो गोवा को बर्बादी से कौन बचाएगा..? मित्रों, मैं आप सभी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जिन लोगों को यह मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं, उनके लिए सिर्फ कुछ महीनों की बात है, फिर हम पर्यावरण की रक्षा भी करेंगे, हम माईनिंग में ट्रांसपरेंसी भी लाएंगे और माईनिंग के द्वारा देश के अर्थतंत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में दृढ़तापूर्वक कदम रखेगें और उसकी ताकत हम में है..! ये मुसीबत उन लोगों के लिए है जिनको हमेशा भांति-भांति के टैक्स लगाने होते हैं..! आपको पता है, एनवॉयरमेंट मिनिस्ट्री को लेकर इतना तूफान मचा हुआ था, सारी फाइलें रोक दी जाती थी, रूपए-पैसों के बगैर काम नहीं होता था... हमने तो इनकम टैक्स! नाम सुना था, सेल्सू टैक्सो नाम सुना था, एक्सा इज नाम का टैक्स सुना था, पहली बार हमारे कान में आया कि दिल्ली‍ में एक ‘जयंती टैक्स‘ चलता है..! जब तक ये जयंती टैक्स नहीं दिया जाता है, पर्यावरण में, एनवॉयरमेंट में फाइल इधर-उधर हिल नहीं सकती, ऐसा लोग कहते हैं..! मुझे तो कभी भी ऐसे कारोबार की जरूरत नहीं पड़ी, तो अपना खुद का अनुभव नहीं है, लेकिन हम हैरान रह गए..! क्या ये स्थितियां बदली नहीं जा सकती है..?

इन लोगों ने कैसी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, मेरे यहां सीमेंट के कारखाने के लिए जो लाइम स्टोन होता है, उसके लिए लीज देनी थी, हम नहीं चाहते थे कि कहीं से कोई बेईमानी हो, तो हमने भारत सरकार को लिखा और कहा कि हम लाइम स्टोन की क्वॉरी का ऑक्शेन यानि नीलामी करना चाहते हैं, जो ज्यादा बोली बोलेगा, सरकार की तिजोरी में पैसा देगा, उसे वह भूमि मिलेगी..! मित्रों, क्या ये सही रास्ता है या नहीं..? आपको मालूम है भारत सरकार ने क्या कहा, भारत सरकार ने कहा कि मोदी, तुम ये नहीं कर सकते हो, हिंदुस्तान सरकार का कानून तुम्हे ऑक्शान करने की इज़ाजत नहीं देता है..! एक सरकार ट्रांसपेरेंसी के साथ ऑक्शिन करके सीमेंट के कारखाने लगाना चाहती है ताकि इस देश के लोगों को सस्ता सीमेंट मिले, इसके लिए वह इनीशिएटिव ले रही है लेकिन दिल्ली की सरकार खुद तो कुछ नहीं करती और जो करना चाहते हैं, उन पर भी बेडि़यां लगा देती है, देश ऐसे नहीं चल सकता है..!

भाईयों-बहनों, दिल्ली में बैठी हुई सरकार भारत के संघीय ढांचे को नकार रही है। जितना महत्वं देश का है, उतना ही महत्व इस राज्यों का है, जितना महत्वि भारत सरकार का है, उतना ही महत्व‍ राज्य सरकारों का है। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट, मत है कि हम भारत के संघीय ढांचे की नींव को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे। कांग्रेस ने सत्तावादिता के कारण भारत के संघीय ढांचे को जड़ों से हिला दिया है, वे संघीय ढांचे को स्वीकार करने को तैयार नहीं है, वे एकहथ्थु शासन चलाने के पक्ष में हैं और यह भारत के सभी राज्य् सरकारों की शिकायत है..! अभी-अभी दो दिन पहले आप सभी ने भारत के गृह मंत्री सुशील शिंदे का बयान सुना होगा, उन्होने बड़ी चिंता की और गंभीर बात बताई है। पिछले सितम्बिर में उन्होने राज्य के मुख्यमंत्रियों को एक चिट्ठी लिखी थी, अब उन्होने टीवी पर इंटरव्यू दिया और कहा है कि वह दुबारा चिट्ठी लिखेगें। आप सभी बताइए, क्या किसी भी गुनहगार को सज़ा मिलनी चाहिए या नहीं..? सभी गुनहगारों के लिए एक ही प्रकार का कानून होना चाहिये या नहीं..? सभी गुनहगारों के साथ एक ही प्रकार का व्यवहार होना चाहिए या नहीं..? आपको हैरानी होगी, भारत के गृहमंत्री की हिम्मत देखिए, उनकी वोट बैंक की राजनीति देखिए, वो मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखने की हिम्मत कर रहे हैं, और ये कह रहे है कि अगर आप गुनहगारों को अरेस्ट करते हैं तो ये देखिए की कोई मुसलमान अरेस्टि न हो..! क्या गुनहगारों का भी कोई धर्म होता है..? क्या रिलीजन के आधार पर तय होगा कि गुनहगार को पकड़ा जाए या न पकड़ा जाए..? नियम तो यह होना चाहिए कि हिंदुस्तान के किसी भी पंथ, जाति, सम्प्रदाय और भाषा का कोई भी व्यक्ति हो, अगर वह बेगुनाह है तो उसे न्याय मिलना चाहिए, ऐसी सोच होनी चाहिए..! सम्प्रदाय के आधार पर किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, सम्प्रचदाय के आधार पर किसी बेगुनाह को जेल में नहीं ठूंस देना चाहिए, लेकिन ये सभी के लिए होना चाहिए, वोट बैंक की राजनीति नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं लॉ एंड ऑर्डर एक स्टेट सब्जेाक्ट है, ये राज्य का विषय है। श्रीमान शिंदे जी, दिल्ली में बैठकर हिन्दुस्तान के राज्यों को कानून व्यवस्था के पाठ पढ़ाने का आपको हक नहीं है, आपकी ये हरकत भारत के संघीय ढांचे पर चोट पहुंचाने वाली है। लेकिन ये कारनामे चल रहे हैं और अगर आप इस संदर्भ में प्रधानमंत्री से मिलें तो वह कहेगें कि अच्छा, ऐसी चिट्ठी लिखी है, मैं देखूंगा... वो ऐसा ही जबाव देते हैं। मित्रों, देश के बर्बाद होने का यही तो कारण है..!

भाईयों-बहनों, आजकल भारतीय जनता पार्टी की प्रमाणिकता और निष्ठा पर कुछ लोग, जो कांग्रेस को बचाना चाहते हैं, कांग्रेस के रक्षक बने हैं, वो सवालिया निशान उठा रहे हैं। मैं ऐसे लोगों को बताना चाहता हूं कि ये वह भारतीय जनता पार्टी है जिसके पहले प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी इतने समय तक संसद में रहे, देश के गौरवशाली कालखंड के प्रधानमंत्री रहे, लेकिन भाजपा के इस नेता के पास इतने सालों के सार्वजनिक जीवन के बाद भी, इतने समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने के बाद, आज भी उनके पास अपना खुद का घर नहीं है..! क्या हमारी प्रमाणिकता पर सवाल पूछे जाएंगे..? क्या. हम पर झूठे इल्जाम लगाएं जाएंगे..? भाईयों-बहनों, सत्ता में रहने के बाद, भारतीय जनता पार्टी के हम सभी कार्यकर्ता ईमानदारी के साथ देश के जन-जन की सेवा करके, समर्पण भाव से भारत माता की भलाई के लिए काम करते हैं..!

Shri Narendra Modi at the Vijay Sankalp Rally, Goa

भाईयों-बहनों, अभी जब मैं एयरपोर्ट पर आया, तो एक डेलीगेशन मुझे मिलने आया था, गोवा के कुछ प्रतिष्ठित लोग थे, उन्होने मुझे एक मेमोरेंडम दिया, उस बात का जिक्र हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री मनोहर जी ने भी किया, उसमें उन्होंने कहा कि गोवा को स्पेशल स्टेाट्स मिलना चाहिए, मैं थोड़ा चौकन्ना हो गया, क्योंकि हमारे देश में स्पे्शल स्टेाट्स का मतलब होता है रूपए दे दो, पैकेज दे दो, पैसे दे दो... लेकिन उन्होने मेमोरेंडम देने के साथ कहा कि मोदी जी, हमें पैसे नहीं चाहिए, हम पैसों के लिए स्पेशल स्टेट्स नहीं मांग रहे हैं। जब मैने उनकी बात सुनी तो वहां आए हुए सभी प्रतिनिधियों के प्रति गर्व महसूस हुआ, उनके प्रति मुझे आदर आया, उन्होने कहा कि हमें अपने गोवा की आईडेंटिटी के लिए स्पेशल स्टेट्स चाहिए, गोवा के पर्यावरण के लिए स्पेशल स्टेट्स चाहिए, गोवा की परम्पराओं के लिए स्पेशल स्टेट्स चाहिए। मित्रों, ये नया नजरिया है, स्वागत योग्य नजरिया है और आपकी इन भावनाओं का आदर करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी, गर्व की बात होगी..!

भाईयों-बहनों, आज दिल्ली में दस साल से बैठी हुई सरकार को पूछा जाए कि आपने ऐसी कौन सी चीज की है, जिसके कारण देश का भला होगा..? मित्रों, उन्होने महंगाई दूर करने के वादे किए लेकिन नहीं कर पाए, नौजवान को रोजगार देने के वादे किए लेकिन नहीं कर पाए, भ्रष्टाचार से देश को बचाने की बातें करते रहे लेकिन नहीं कर पाए..! मित्रों, यदि परिवार में भी कोई व्यक्ति निर्धारित काम नहीं कर पाता है, चाहे वह कितना भी प्यारा क्योंक न हो, वह भी बोझ बनने लग जाता है। आज पूरी कांग्रेस पार्टी, और न सिर्फ कांग्रेस पार्टी बल्कि दिल्लीकी सरकार बोझ बन गई है। क्या कोई सोच सकता है कि जिस सरकार को जनता ने वोट देकर चुना हो, वह सरकार खुद जनता-जनार्दन पर बोझ बन जाए..? मित्रों, पिछले 10 सालों में इस वर्तमान सरकार ने देश को 50 साल पीछे ले जाने वाला काम किया है। दोषी सिर्फ वह सरकार नहीं है, बल्कि उनको समर्थन करने वाले लोग भी दोषी हैं, उनको बचाने के लिए काम करने वाले लोग भी दोषी हैं, उनके लिए रक्षा कवच देने वाले लोग भी दोषी हैं..!

मित्रों, गोवा से दो सीटें तो मिलेगी, लेकिन यहां तो हिंदुस्तान भर के लोग आते हैं, जो भी यात्री आपके वहां आएं उन्हे आप बोल सकते हैं कि देखिए भाजपा के कार्यकाल में गोवा कितना आगे बढ़ा, अगर भाजपा आया तो देश भी आगे बढ़ सकता है..! देश भर के यात्रियों को आप विश्वास दिला सकते हैं, जब देश भर के यात्री गोवा को देखेगें, उसकी प्रगति को देखेगें, मुख्य मंत्री की सादगी, ईमानदारी, सरलता और सहजता के विषय में जानेगें, तो उन्हे समझ में आएगा..!

भाईयों-बहनों, आप कल्पना कीजिए, अगर मनोहर पार्रिकर जी दिल्ली में होते, तो क्या होता..! सारे देश को पता चलता कि कितना पढ़ा-लिखा इंसान है, उसमें कितनी सरलता है, कितनी सादगी है..! लेकिन क्या करें, वो गोवा में है, दिल्ली में नहीं है और मीडिया वालों को दिल्ली के बाहर कुछ दिखता नहीं है..! मित्रों, इस देश में अनेक ऐसे रत्न हैं, जो देश के लिए जीते हैं..! मित्रों, मैं पिछले 12 सालों से गुजरात की सेवा कर रहा हूं। टीवी के स्क्रीन पर, अखबार के पन्ने! पर, मैं हमेशा-हमेशा हारता रहा हूं, कभी जीत नहीं पाया, न जगह बना पाया, न उनको जीत पाया... लेकिन जनता के दिलों से कभी नहीं हारा..! इसलिए, देश को तय करना होगा कि टेलीविजन पर दिखने से देश का भला होगा या धरती पर विजन देखने से देश का भला होगा..! देश को टेलीविजन पर चेहरा चाहिए या धरती पर विजन चाहिए..! मित्रों, अगर देश को आगे बढ़ाना है तो एक नई सोच चाहिए, नई उम्मीद चाहिए, नए तरीके से होने वाले फैसले चाहिए और अनुभव की कसौटी पर कसे हुए लोग चाहिए, तभी भारत का भाग्य बदल सकता है..!

भाईयों-बहनों, भारतीय जनता पार्टी भारत के भाग्य को बदलने के लिए कृतसंकल्प है, हम एक विश्वास के साथ आगे बढ़े हैं। आज जब मैं इस गोवा की धरती पर आया हूं तो बताना चाहता हूं कि मैं गोवा का हमेशा एक बात के लिए आदर करता हूं, ये एक ऐसा राज्य है जहां कॉमन सिविल कोड है जो बहुत बड़ी बात है, लोग यहां प्यार और सुख-चैन से जिंदगी जीते हैं। भारतीय जनता पार्टी, भाईचारे को बल देने वाली पार्टी है। सेक्यूलरिज्मॉ के नाम पर देश को तोड़ने की जो कोशिश हो रही है, उसके जवाब के फलस्वरूप देश को जोड़ने वाला रास्ता चाहिए। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है, जब हम सेक्यूकलरिज्म की बात करते हैं तो हमारा कन्विक्शन है कि हमारे लिए एक ही धर्म है और वह धर्म है -इंडिया फर्स्ट्, हमारा एक ही धर्मग्रंथ है, वह धर्मग्रंथ है - भारत का संविधान..! सरकार का एक ही मज़हब होता है - इंडिया फर्स्टर, सरकार का एक ही धर्म होता है - भारत का संविधान, सरकार की एक ही भक्ति होती है - भारत भक्ति, सरकार की एक ही शक्ति होती है - देश के कोटि-कोटि जनों की शक्ति, सरकार की एक ही कार्य शैली होती है - सबका साथ, सबका विकास..!

भाईयों-बहनों, इस देश को जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। अभी हमने ‘स्टेच्यु ऑफ यूनिटी’ का अभियान लिया है। मैं विशेष रूप से गोवा के युवाओं का अभिनंदन करना चाहता हूं, उन्हे बधाई देना चाहता हूं, 15 दिसम्बर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर जब ‘रन फॉर यूनिटी’ का कार्यक्रम हुआ, इतने छोटे से गोवा में 50,000 लोग दौड़े, इसके लिए आप सभी बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं..! देश की एकता के लिए आपका कमीटमेंट कैसा है, उस बात का प्रदर्शन उस दिन हुआ। अभी जो लोहा संग्रह का कार्यक्रम चल रहा है, उसमें भी गोवा पूरी ताकत से जुटा है, उसके लिए भी मैं गोवा का अभिनंदन करना चाहता हूं..!

भाईयों-बहनों, कई चुनाव हुए, पंचायत के चुनाव हुए, पालिका के चुनाव हुए, विधानसभा के चुनाव आए, लोकसभा के चुनाव आए... हमने हर बार वोट दिए हैं, लेकिन इससे पहले हम किसी व्यक्ति को वोट देते थे, किसी पार्टी को वोट देते थे। मित्रों, 2014 में होने वाला चुनाव‍ किसी व्यक्ति के वोट के लिए नहीं है, किसी दल के लिए वोट देने वाला चुनाव नहीं है, ये चुनाव हिंदुस्ता्न को वोट देने वाला चुनाव है..! हम वोट देश के लिए दें, दल के लिए नहीं..! हमें वोट इसके लिए देना होगा कि भारत कैसा बनाना है, इसलिए ‘वोट फॉर इंडिया’ को लेकर गांव-गांव, घर-घर जाना है, देश के लिए मत देना है, देश की भलाई के लिए सरकार बनानी है। किसी दल, किसी व्यक्ति, किसी जाति, किसी बिरादरी और किसी इलाके की भलाई के लिए नहीं बल्कि समग्र देश की भलाई के लिए अब सरकार चुनने का वक्त आ गया है..! इसलिए भाईयों-बहनों, मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि इस चुनाव में आप सभी भारत के लिए वोट करें। आप सभी मेरे साथ एक नारा पूरी ताकत से, दोनो हाथों की मुट्ठी बंद करके बोलिए -

रहने के घर के लिए . . . . . . . . . वोट फॉर इंडिया खाने को अन्ने के लिए . . . . . . . . वोट फॉर इंडिया बीमार की दवाई के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया दरिद्र नारायण की भलाई के लिए . . . वोट फॉर इंडिया शिक्षा में सुधार के लिए . . . . . . . . वोट फॉर इंडिया युवाओं को रोजगार के लिए . . . . . . वोट फॉर इंडिया नारी के सम्मान के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया किसानों के कल्याण के लिए . . . . . वोट फॉर इंडिया स्वावलम्बी भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया शक्तिशाली भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया समृद्धशाली भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया प्रगतिशील भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया वंशवाद से मुक्ति के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया भाई-भतीजेवाद से मुक्ति के लिए . . . वोट फॉर इंडिया भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए . . . . . . वोट फॉर इंडिया महंगाई से मुक्ति के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया कुशासन से मुक्ति के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया भारत की एकता के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए . . . . वोट फॉर इंडिया सुराज की राजनीति के लिए . . . . . . वोट फॉर इंडिया सुशासन की राजनीति के लिए . . . . . वोट फॉर इंडिया विकास की राजनीति के लिए . . . . . वोट फॉर इंडिया

मैं सभी गोवावासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, आप सभी मेरे साथ बोलिए –

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..!

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सभी के लिए जीवन की गरिमा सुनिश्चित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है : पीएम मोदी
October 05, 2022
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प्रधानमंत्री ने एम्स बिलासपुर राष्ट्र को समर्पित किया
प्रधानमंत्री ने बंदला में सरकारी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री ने नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री ने 1690 करोड़ रुपये से अधिक लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन का बनाने की परियोजना की आधारशिला रखी
"मुझे निरंतर हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा का सहयात्री बनने का अवसर मिला है"
"हमारी सरकार निश्चित रूप से उस परियोजना का लोकार्पण करती है, जिसका हम शिलान्यास करते हैं"
"राष्ट्र रक्षा में हमेशा से हिमाचल का बड़ा योगदान रहा है, और अब बिलासपुर में नए एम्स के उद्घाटन के साथ, यह 'जीवन रक्षा' में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है"
"सभी के लिए जीवन की गरिमा सुनिश्चित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है"
"माताओं बहनों बेटियों का सुख, सुविधा, सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है"
"मेड इन इंडिया 5जी सेवाएं शुरू हो गई हैं, और जल्द ही हिमाचल में लाभ उपलब्ध होंगे"

जै माता नैणा देविया री, जै बजिए बाबे री।

बिलासपुरा आल्यो...अऊं धन्य ओइ गया, आज्ज...मिंजो.....दशैरे रे, इस पावन मौके पर, माता नैणा देविया रे, आशीर्वादा ने, तुहाँ सारयां रे दर्शना रा सौभाग्य मिल्या! तुहाँ सारयां जो, मेरी राम-राम। कने एम्स री बड़ी-बड़ी बदाई।

हिमाचल के राज्यपाल श्री राजेंद्र आर्लेकर जी, हिमाचल के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान जयराम ठाकुर जी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हम सबके मार्गदर्शक और इसी धरती की संतान, श्रीमान जेपी नड्डा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी और हमारे सांसद श्री अनुराग ठाकुर जी, हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष और संसद में मेरे साथी सुरेश कश्यप जी, संसद में मेरे साथी किशन कपूर जी, बहन इंदु गोस्वामी जी, डॉ सिकंदर कुमार जी, अन्य मंत्रिगण, सांसद और विधायकगण, और भारी संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए पधारे हुए मेरे प्‍यारे भाइयों और बहनों ! आप सभी को, संपूर्ण देशवासियों को विजयादशमी के अवसर पर अनंत-अनंत शुभकामनाएं।

ये पावन पर्व, हर बुराई से पार पाते हुए, अमृतकाल के लिए जिन पंच प्राणों का संकल्प देश ने लिया है, उन पर चलने के लिए नई ऊर्जा देगा। मेरा सौभाग्य है कि विजयादशमी पर हिमाचल प्रदेश के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार और इंफ्रास्ट्रक्चर के हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स, इसका उपहार देने का अवसर मिला है। और ये भी देखिए संयोग, विजयादशमी हो और विजय का रणसिंहा फूंकने का अवसर मिले, ये भविष्‍य के हर विजय का आगाज ले करके आया है। बिलासपुर को तो शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का डबल गिफ्ट मिला है। कहलूरा री... बंदले धारा ऊप्पर, हाइड्रो कालेज ... कने थल्ले एम्स... हुण एथी री पहचान हूणी !

भाइयों और बहनों,

यहां विकास योजनाओं को आपको सौंपने के बाद, जैसा जयराम जी ने बताया, एक और सांस्कृतिक विरासत का साक्षी बनने जा रहा हूं और बहुत वर्षों बाद मुझे एक बार फिर कुल्लू दशहरे का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिलेगा। सैकड़ों देवी-देवताओं के साथ भगवान रघुनाथ जी की यात्रा में शामिल होकर मैं देश के लिए भी आशीर्वाद भी मांगूंगा। और आज जब यहां बिलासपुर आया हूं तो पुरानी यादें ताजा होना बहुत स्‍वाभाविक है। वो भी एक वक्‍त था, यहां पैदल टहलते थे। कभी मैं, धूमल जी, नड्डा जी, पैदल यहां बाजार से निकल पड़ते थे। हम एक बहुत बड़ा रथयात्रा का कार्यक्रम लेकर भी यहां बिलासपुर की गलियों से गुजरे थे। और तब स्वर्ण जयंती रथयात्रा यहां से होकर और वो भी मेन मार्केट से निकली थी और वहां जनसभा हुई थी। और अनेक बार मेरा यहां आना हुआ, आप लोगों के बीच रहना हुआ है।

हिमाचल की इस भूमि पर काम करते हुए मुझे निरंतर हिमाचल की विकास यात्रा का सहयात्री बनने का अवसर मिला है। और मैं अभी सुन रहा था, अनुराग जी बड़े जोर-जोर से बोल रहे थे, ये मोदी जी ने किया, ये मोदी जी ने किया, ये मोदी जी ने कहा। हमारे नड्डा जी भी कह रहे थे, ये मोदी जी ने किया, ये मोदी जी ने किया और हमारे मुख्‍यमंत्री जयराम जी भी कह रहे थे, मोदी जी ने किया, मोदी जी ने किया। लेकिन मैं सच्‍चाई बता दूं, सच्‍चाई बता दूं किसने किया, बता दूं? ये जो कुछ भी हो रहा है ना, वो आपने किया है। आपके कारण हुआ है। अगर आप दिल्‍ली में सिर्फ मोदी जी को आशीर्वाद देते और हिमाचल में मोदी जी के साथियों को आशीर्वाद न देते तो ये सारे कामों में वो अड़ंगे डाल देते। ये तो जयराम जी और उनकी टीम है कि जो काम दिल्‍ली से मैं लेकर आता हूं, उसको तेजी गति से ये लोग दौड़ाते हैं, इसलिए हो रहा है। और ये अगर एम्‍स बना है तो आपके एक वोट की ताकत है, अगर टनल बना है तो आपके एक वोट की ताकत है, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बना है तो ये आपके वोट की ताकत है, अगर मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है तो ये भी आपके एक वोट की ताकत है। और इसलिए आज मैं हिमाचल की अपेक्षाओं को ध्‍यान में रखते हुए एक के बाद एक विकास के काम कर रहा हूं।

विकास को लेकर हमने देश में लंबे समय तक एक विकृत सोच को हावी होते देखा है। ये सोच क्या थी? अच्छी सड़कें होंगी तो कुछ राज्यों और कुछ बड़े शहरों में होंगी, दिल्‍ली के आसपास होंगी। अच्छे शिक्षण संस्थान होंगे, तो बहुत बड़े-बड़े शहरों में होंगे। अच्छे अस्पताल होंगे वो तो दिल्‍ली में ही हो सकता है, बाहर हो ही नहीं सकता है। उद्योग-धंधे लगेंगे तो भी बड़ी-बड़ी जगह पर लगेंगे, और विशेषकर देश के पहाड़ी प्रदेशों में मूल सुविधाएं तक सबसे अंत में, कई-कई बरसों के इंतज़ार के बाद पहुंचती थीं। उस पुरानी सोच का नतीजा ये हुआ कि इससे देश में विकास का एक बड़ा असंतुलन पैदा हो गया। इस वजह से देश का एक बड़ा हिस्‍सा, वहां के लोग असुविधा में, अभाव में रहे।

पिछले 8 वर्षों में देश अब उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर, नई सोच, आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। अब देखिए, लंबे समय तक, और मैं तो जब यहां आता था, मैं लगातार देखता था, यहां एक यूनिवर्सिटी से ही गुज़ारा होता था। और इलाज हो या फिर मेडिकल की पढ़ाई, IGMC शिमला और टाटा मेडिकल कॉलेज पर ही निर्भरता थी। गंभीर बीमारियों का इलाज हो या फिर शिक्षा या रोज़गार, चंडीगढ़ और दिल्ली जाना तब हिमाचल के लिए मजबूरी बन गया था। लेकिन बीते आठ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार ने हिमाचल की विकास गाथा को नए आयाम पर पहुंचा दिया है। आज हिमाचल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी है, आईआईटी भी है, ट्रिपल आईटी भी है, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी हैं। देश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य का सबसे बड़ा संस्थान, एम्स भी अब बिलासपुर और हिमाचल की जनता की आन-बान-शान बढ़ा रहा है।

बिलासपुर एम्स एक और बदलाव का भी प्रतीक है और एम्‍स के अंदर भी ये ग्रीन एम्‍स के नाम से जाना जाएगा, पूरी तरह पर्यावरण प्रेमी एम्‍स, प्रकृति प्रेमी एम्‍स। अभी हमारे सभी साथियों ने बताया पहले सरकारें शिलान्यास का पत्थर लगाती थीं और चुनाव निकलने के बाद भूल जाती थीं। आज भी हिमाचल में जाओगे, हमारे धूमल जी ने एक बार कार्यक्रम किया था, कहां-कहां पत्‍थर पड़े हैं ढूंढने का, और ढेर सारे ऐसे कार्यक्रम जहां पत्‍थर पड़े थे, काम नहीं हुआ था।

मुझे याद है मैं एक बार रेलवे का रिव्‍यू कर रहा था, आपके ऊना के पास एक रेलवे लाइन बिछानी थी। 35 साल पहले निर्णय हुआ था, 35 साल पहले। पार्लियामेंट में घोषणा हुई थी, लेकिन फिर फाइल बंद। हिमाचल को कौन पूछेगा भाई। लेकिन ये तो हिमाचल का बेटा है और हिमाचल को भूल नहीं सकता। लेकिन हमारी सरकार की पहचान है कि जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करती है, उसका लोकार्पण भी करती है। अटकना, लटकना, भटकना, वो जमाना चला गया दोस्‍तों !

साथियों,

राष्ट्ररक्षा में हमेशा से हिमाचल का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जो हिमाचल पूरे देश में राष्‍ट्र रक्षा के वीरों के लिए जाना जाता है वो हिमाचल अब इस एम्‍स के बाद जीवन रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। साल 2014 तक हिमाचल में सिर्फ 3 मेडिकल कॉलेज थे, जिसमें 2 सरकारी थे। पिछले 8 सालों में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज हिमाचल में बने हैं। 2014 तक अंडर और पोस्टग्रेजुएट मिलाकर सिर्फ 500 विद्यार्थी पढ़ सकते थे, आज ये संख्या 1200 से अधिक, यानि दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी है। एम्स में हर साल अनेक नए डॉक्टर बनेंगे, नर्सिंग से जुड़े युवा यहां ट्रेनिंग पाएंगे। और मुझे जयराम जी की टीम को, जयराम जी को, भारत सरकार के आरोग्‍य मंत्री और आरोग्‍य मंत्रालय को विशेष रूप से बधाई देनी है। जब नड्डा जी आरोग्‍य मंत्री थे, उस समय हमने निर्णय किया तो नड्डा जी के जिम्‍मे बहुत बड़ा दायित्‍व आ गया, मैं शिलान्‍यास भी कर गया। इसी कालखंड में कोरोना की भयंकर महामारी आई और हम जानते हैं हिमाचल के लोग तो हिमाचल में कोई भी कंस्‍ट्रक्‍शन का काम करता है तो कितना मुश्किल होता है, एक-एक चीज पहाड़ पर लाना, कितना दिक्‍कत भरा होता है। जो काम नीचे एक घंटे में होता है, उसको यहां पहाड़ों में करने के लिए एक दिन लग जाता है। उसके बावजूद भी, कोरोना की कठिनाई के बावजूद भी भारत सरकार का आरोग्‍य मंत्रालय और जयराम जी के राज्‍य सरकार की टीम ने मिल करके जो काम किया, आज एम्‍स मौजूद है, एम्‍स काम करने लग गया है।

मेडिकल कॉलेज ही नहीं, हम एक और दिशा में आगे बढ़े, दवाओं और जीवन रक्षक टीकों के निर्माता के रूप में भी हिमाचल की भूमिका का बहुत अधिक विस्तार किया जा रहा है। बल्क ड्रग्स पार्क के लिए देश के सिर्फ तीन राज्‍यों को चुना गया है, और उसमें से एक कौन सा राज्‍य है भाई, कौन सा राज्‍य है? हिमाचल है, आपको गर्व हो रहा है‍ कि नहीं हो रहा है? ये आपके बच्‍चों के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य का शिलान्‍यास है कि नहीं है? ये आपके बच्‍चों के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की गारंटी है कि नहीं है? हम काम बड़ी मजबूती से करते हैं और आज की पीढ़ी के लिए भी करते हैं, आने वाली पीढ़ी के लिए भी करते हैं।

उसी प्रकार से मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 4 राज्यों को चुना गया है, जहां आज मेडिकल में टेक्‍नोलॉजी का भरपूर उपयोग हो रहा है। विशिष्‍ट प्रकार के औजारों की जरूरत पड़ती है, उसको बनाने के लिए देश में चार राज्‍य चुने गए हैं। इतना बड़ा हिन्‍दुस्‍तान, इतनी बड़ी जनसंख्‍या, हिमाचल तो मेरा छोटा सा राज्‍य है, लेकिन ये वीरों की धरती है और मैंने यहां की रोटी खाई है, मुझे कर्ज भी चुकाना है। और इसलिए चौथा मेडिकल डिवाइस पार्क कहां बन रहा है, ये चौथा मेडिकल डिवाइस पार्क कहां बन रहा है- आपके हिमाचल में बन रहा है दोस्तों। दुनिया भर के बड़े-बड़े लोग यहां आएंगे। नालागढ़ में ये मेडिकल डिवाइस पार्क का शिलान्यास इसी का हिस्सा है। इस डिवाइस पार्क के निर्माण के लिए हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश यहां होगा। इससे जुड़े अनेक छोटे और लघु उद्योग आस-पास विकसित होंगे। इससे यहां के हज़ारों युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे।

साथियों,

हिमाचल का एक पक्ष और है, जिसमें यहां विकास की अनंत संभावनाएं छिपी हुई हैं। ये पक्ष है मेडिकल टूरिज्म का। यहां की आबो-हवा, यहां का मौसम, यहां का वातावरण, यहां की जड़ी-बूटियां, यहां का अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयुक्त वातावरण। आज भारत मेडिकल टूरिज्म को लेकर दुनिया का एक बहुत बड़ा आकर्षण केंद्र बन रहा है। जब देश और दुनिया के लोग हिन्‍दुस्‍तान में मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए आना चाहेंगे तो यहां का प्राकृतिक सौंदर्य इतना बढ़िया है कि वे यहां आएंगे, एक प्रकार से उनके लिए आरोग्‍य का लाभ भी होगा और पर्यटन का भी लाभ होने वाला है। हिमाचल के तो दोनों हाथ में लड्डू हैं।

साथियों,

केंद्र सरकार का प्रयास है कि गरीब और मध्यम वर्ग का इलाज, उस पर खर्च कम से कम हो, ये इलाज भी बेहतर मिले और इसके लिए उसको दूर तक जाना भी न पड़े। इसलिए आज एम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर सुविधाओं और गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने पर एक seamless connectivity पर हम काम कर रहे हैं। उस पर बल दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हिमाचल के अधिकतर परिवारों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

इस योजना के तहत अभी तक देशभर में 3 करोड़ 60 लाख गरीब मरीज़ों का मुफ्त इलाज हो चुका है, और इसमें से डेढ़ लाख तो लाभार्थी ये मेरे हिमाचल के मेरे परिवारजन हैं। देश में इन सभी साथियों के इलाज पर सरकार अब तक 45 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है। अगर आयुष्मान भारत योजना ना होती तो इसका करीब दोगुना यानि लगभग 90 हज़ार करोड़ रुपए ये जो मरीज लोग थे, उन परिवारों को अपनी जेब से देना पड़ता। यानि इतनी बड़ी बचत भी गरीब और मध्‍यम वर्ग के परिवार को बेहतरीन इलाज के साथ मिली है।

साथियों,

मेरे लिए एक और संतोष की बात है। सरकार की इस प्रकार की योजनाओँ का सबसे अधिक लाभ हमारी माताओं को, बहनों को, बेटियों को मिला है। और हम तो जानते हैं, हमारी मां-बहनों का स्‍वभाव होता है, कितनी ही तकलीफ हो, शरीर में कितनी ही पीड़ा होती हो, लेकिन वो परिवार में किसी को बताती नहीं हैं। वो सहन करती भी हैं, काम भी करती हैं, पूरे परिवार को संभालती भी हैं, क्‍योंकि उसके मन में रहता है कि अगर बीमारी का पता परिवार के लोगों को लगेगा, बच्‍चों को लगेगा तो वो कर्ज कर-करके भी मेरा उपचार कराएंगे, और मां सोचती है, अरे बीमारी में ही थोड़ा समय निकाल दूंगी, लेकिेन बच्‍चों पर कर्ज नहीं होने दूंगी, मैं अस्‍पताल जाकर खर्च नहीं करूंगी। इन माताओं की चिंता कौन करेगा? क्‍या मेरी माताएं इस प्रकार की यातनाएं चुपचाप सहती रहें। ये बेटा किस काम का है, और उसी भावना से आयुष्‍मान भारत योजना का जन्‍म हुआ है। ताकि मेरी माताओं-बहनों को बीमारी से गुजारा न करना पड़े। जीवन में इस मजबूरी से जीना न पड़े। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ लेने वाली माताएं-बहनें 50 प्रतिशत से ज्‍यादा हैं। हमारी माताएं-बहनें और बेटियां हैं।

साथियों,

चाहे शौचालय बनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान हो, मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए उज्ज्वला योजना हो, मुफ्त सैनेटेरी नैपकिन देने का अभियान हो, मातृवंदना योजना के तहत हर गर्भवती महिला को पोषक आहार के लिए हज़ारों रुपए की मदद हो, या फिर अब हर घर जल पहुंचाने का हमारा अभियान हो, ये सारा मेरी माताओं-बहनों को सशक्‍त करने वाले काम हम एक के बाद एक करते चले जा रहे हैं। माताओं-बहनों-बेटियों का सुख, सुविधा, सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य डबल इंजन की सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।

केंद्र सरकार ने जो भी योजनाएं बनाई हैं, उनको जयराम जी और उनकी पूरी टीम ने, उनकी सरकार ने बहुत तेज गति से और बड़ी स्पिरिट के सा‍थ उसको ज़मीन पर उतारा है और उनका दायरा भी बढ़ाया है। हर घर नल से जल पहुंचाने का काम यहां कितना तेज़ी से हुआ है, ये हम सभी के सामने है। पिछले 7 दशकों में जितने नल कनेक्शन हिमाचल में दिए गए हैं, उससे दोगुने से भी अधिक सिर्फ बीते 3 साल में दे चुके हैं हम, मिल चुके हैं लोगों को। इन तीन वर्षों में साढ़े 8 लाख से अधिक नए परिवारों को पाइप के पानी की सुविधा मिली है।

भाइयों और बहनों,

जयराम जी और उनकी टीम की एक और मामले में देश बहुत अधिक प्रशंसा कर रहा है। ये प्रशंसा सामाजिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के प्रयासों को विस्तार देने के लिए हो रही है। आज हिमाचल का शायद ही कोई परिवार ऐसा हो, जहां किसी ना किसी सदस्य को पेंशन की सुविधा न मिलती हो। विशेष रूप से जो साथी बेसहारा हैं, जिनको गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया है, ऐसे परिवारों को पेंशन और इलाज के खर्च से जुड़ी सहायता के प्रयास सराहनीय है। हिमाचल प्रदेश के हजारों परिवारों को वन-रैंक वन-पेंशन लागू होने से भी बड़ा लाभ हुआ है।

साथियों,

हिमाचल अवसरों का प्रदेश है। और मैं जयराम जी को और एक बधाई देता हूं। वैक्‍सीनेशन का काम तो पूरे देश में चल रहा है, लेकिन आपकी जिंदगी की सुरक्षा के लिए हिमाचल देश का वो पहला प्रदेश है, जिसने शत-प्रतिशत वैक्‍सीनेशन का काम पूरा कर लिया है। होती है, चलती है, वाला मामला नहीं, ठान लिया है तो करके रहना है।

यहां बिजली पैदा होती है हाइड्रो से, फल-सब्ज़ी के लिए उपजाऊ ज़मीन है और रोज़गार के अनंत अवसर देने वाला पर्यटन यहां पर है। इन अवसरों के सामने बेहतर कनेक्टिविटी का अभाव सबसे बड़ी रुकावट थी। 2014 के बाद से हिमाचल प्रदेश में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। आज हिमाचल की सड़कों को चौड़ा करने का काम भी चारों तरफ चल रहा है। हिमाचल में इस समय कनेक्टिविटी के कामों पर लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पिंजौर से नालागढ़ हाईवे के फोरलेन का काम जब पूरा हो जाएगा, तब औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ और बद्दी को तो लाभ होगा ही, चंडीगढ़ और अम्बाला से बिलासपुर, मण्डी और मनाली की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा बढ़ने वाली है। यही नहीं, हिमाचल के लोगों को घुमावदार रास्तों से मुक्ति दिलाने के लिए सुरंगों का जाल भी बिछाया जा रहा है।

साथियों,

डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर भी हिमाचल में अभूतपूर्व काम हुआ है। पिछले 8 वर्षों में मेड इन इंडिया मोबाइल फोन सस्ते भी हुए और गांव-गांव में नेटवर्क भी पहुंचा है। बेहतर 4G कनेक्टिविटी के कारण हिमाचल प्रदेश डिजिटल लेनदेन में भी बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। डिजिटल इंडिया का सबसे अधिक लाभ सबसे अधिक किसी को हो रहा है तो मेरे हिमाचल के भाइयों-बहनों को हो रहा है, मेरे हिमाचल के नागरिकों को हो रहा है। वरना बिल भरने से लेकर बैंक से जुड़े काम हों, एडमिशन हो, एप्लीकेशन हो, ऐसे हर छोटे-छोटे काम के लिए पहाड़ से नीचे उतर करके दफ्तरों में जाना, एक-एक दिन लगता था, कभी रात को रुकना पड़ता था। अब तो देश में पहली बार मेड इन इंडिया 5G सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं, जिसका लाभ हिमाचल को भी बहुत जल्दी मिलने वाला है।

भारत ने ड्रोन को लेकर जो नियम बनाये, बदले हैं, उसके बाद और मैं हिमाचल को इसके लिए भी बधाई देता हूं, देश में सबसे पहला राज्‍य हिमाचल है, जिसने राज्‍य की ड्रोन पॉलिसी बनाई है। अब ड्रोन से ट्रांसपोर्टेशन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ने वाला है। और इसमें किन्‍नौर तक के हमारे अगर आलू भी हैं, तो हम वहां से ड्रोन से उठा करके बड़ी मंडी में तुरंत ला सकते हैं। हमारे फल खराब हो जाते थे, ड्रोन से उठा करके ला सकते हैं। अनेक प्रकार के लाभ आने वाले दिनों में होने वाले हैं। इसी प्रकार का विकास, जिससे हर नागरिक की सुविधा बढ़े, हर नागरिक समृद्धि से जुड़े, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। यही विकसित भारत, विकसित हिमाचल प्रदेश के संकल्प को सिद्ध करेगा।

मुझे खुशी है विजयादशमी के पावन पर्व पर विजय नाद करने का अवसर मिला और मुझे रणसिंहा फूंक करके विजय का आगाज करने का अवसर‍ मिला और यह सब आप सबके इतने आशीर्वाद के बीच करने का अवसर मिला। मैं फिर एक बार एम्‍स सहित सभी विकास परियोजनाओं के लिए आप लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। दोनों मुट्ठी बंद करके मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की–जय। पूरी ताकत से आवाज चाहिए-

भारत माता की–जय

भारत माता की–जय

भारत माता की–जय

बहुत-बहुत धन्यवाद!