आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी, गोवा के लोकप्रिय यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान मनोहर पार्रिकर जी, यहां के उपमुख्य मंत्री श्रीमान डिसुजा जी, श्री विनय तेंदुलकर जी, स्मृति ईरानी जी, श्रीपाद नाईक जी, वी. सतीश जी, लक्ष्मीकांत पार्सेकर जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी मंत्री परिषद के साथी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के पदाधिकारी, सभी विधायक बन्धु और भारी संख्या में उपस्थित हुई जनता-जर्नादन का सादर अभिनंदन और मेरा नमस्कार..!

(स्था‍नीय भाषा में भाषण का कुछ अंश)

भाईयों-बहनों, इस देश में अमूमन टीवी और मीडिया का ध्यान गोवा की तरफ जाता नहीं है, अगर कोई दुर्घटना हो जाएं, तो गोवा की खबर देखने-सुनने को मिलती है, लेकिन सादगी, शुचिता और गोवा के विकास के लिए पूर्णत: समर्पण होना कोई छोटी बात नहीं है। मैं आप सभी को बधाई देता हूं कि आपने ऐसी सरकार चुनी है, मनोहर पार्रिकर जैसे नेता को चुना है और इसके लिए गोवा के नागरिक लाख-लाख बधाई के पात्र हैं..! मुझे पता चला कि इस रैली में आने के लिए पांच रूपया शुल्क रखा गया है। मैं पार्टी के अध्यक्ष और मनोहर पार्रिकर जी का इस बात के लिए आदर करता हूं कि उन्होने पांच-पांच रूपया करके एकत्र की गई रकम को उस इमारत के हादसे में मारे गए लोगों के परिवारीजनों को समर्पित करने का निर्णय किया और इस पुण्य कार्य में मुझे भी शरीक किया..! समाज के प्रति संवेदना ऐसी होनी चाहिए..! जब इमारत वाला हादसा हुआ, उस समय मैने टीवी पर देखा कि मनोहर पार्रिकर जी खुद मैदान में खड़े रहकर, एक इंजीनियर के नाते उनके पास जो कौशल है उसका प्रत्यक्ष उपयोग करते हुए काम में जुट गए थे। मित्रों, ये भारतीय जनता पार्टी का चरित्र है और भारतीय जनता पार्टी के संस्कार हैं। हम लोगों को पार्टी ने इस प्रकार से तैयार किया है, हम लोगों को इस प्रकार सिखाया गया है कि जनता के दुख में दुखी और सुख में सुखी हों। इसी बात को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक पार्टी के रूप में विशिष्टे छवि बनाई है और एक सरकार के रूप में भी विकास की दृष्टि से अमिट छाप छोड़ी है। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि स्पेर्धा के इस युग में जब राजनीति में लेना-पाना और बनना प्रमुख हो गया है, ये कांग्रेसी कल्चर की जड़ें इतनी जमी हुई हैं, ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी जैसा एक दल हो, जो मनोहर पार्रिकर जी जैसे सामान्य परिवार के और मुझ जैसे अत्यंत गरीब परिवार के व्यक्ति को नेता के रूप में पसंद करता है, उनको कार्यभार देता है..! कुछ लोगों को ये दिखाई दे या न दें, लेकिन मैं ये बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि अगर भारतीय जनता पार्टी जैसा संगठन न होता, भारतीय जनता पार्टी जैसा चरित्र और कार्यशैली न होती, भारतीय जनता पार्टी जैसा नेतृत्व न होता, तो आज रेल के डिब्बे् में चाय बेचने वाला बच्चा आपके सामने खड़ा न होता..! सोचिए, कि पार्टी की सोच और ताकत क्या होगी, कि गरीब परिवार से एक बच्चे को उठाकर उसे तैयार करें, उसको सामर्थ्यवान बनाएं और देश की सेवा के लिए उसे अपना नेता बनाएं..! मित्रों, ये इस पार्टी की ताकत है। आप हमारे शिवराज सिंह जी को देख लीजिए, रमन सिंह जी को देख लीजिए, हिमाचल प्रदेश में हमारी पार्टी के मुख्यमंत्री रह चुके धूमल जी को देख लीजिए... सामान्यजीवन जीने वाले परिवारों के बच्चें, निष्ठां, पवित्रता और समर्पण के साथ मातृभूमि की सेवा में लगे हैं..!

आज जब पूरे देश में स्वामी विवेकानंद जी की 150 वीं जयंती का समारोह हो रहा है, पूरे देश में अनेकविध कार्यक्रम चल रहे हैं, ऐसे में गोवा में इतना बड़ा समारंभ इस बात का जीता-जागता सबूत है कि हिंदुस्तान के सामान्य व्यक्ति ने मन बना लिया है और फैसला कर लिया है। देश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सदा-सर्वदा से निकालने का मन बना लिया है। कांग्रेस मुक्त भारत, ये सिर्फ भाजपा का नारा नहीं है बल्कि यह जन-जन का संकल्प है। कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक हिंदुस्तान ने, यहां के कोटि-कोटि जनों ने कांग्रेस मुक्त भारत का संकल्प ले लिया है। और जब मैं कहता हूं कि कांग्रेस मुक्त भारत, तो इसका अर्थ सिर्फ कांग्रेस नाम के एक संगठन से नहीं, कांग्रेस पार्टी के नेताओं से नहीं, बल्कि एक कल्चर से है यानि कांग्रेस एक कल्चर बन गया है, कांग्रेस एक विकृत व्यवस्था बन गई है, और 60 साल में भिन्न -भिन्न रूप में, भिन्न-भिन्न दलों के माध्यंम से, भिन्न-भिन्न नेताओं के माध्यम से वह विकृतियां भारत की रगो में फैल चुकी हैं। मैं जब कांग्रेस मुक्त भारत की बात करता हूं तो भारत को उन बीमारियों से मुक्त करने की बात करता हूं, उन रोगों से मुक्त करने की बात करता हूं। परिवारवाद की बीमारी हो, जातिवाद की बीमारी हो, सम्प्रदायवाद की बीमारी हो, प्रादेशिकवाद की बीमारी हो, ऊंच-नीच की बीमारी हो, सम्प्रदायवाद का ज़हर हो, गरीबी की बीमारी हो, बेरोजगारी की बीमारी हो, इन सारी बीमारियों से मुक्ति का मतलब है, कांग्रेस मुक्त भारत..! ये बीमारियों की जड़ें कांग्रेस के नाम से जानी जाती हैं। दुराचार, भ्रष्टाचार ये सब कांग्रेस की आदत है और इन्हे इसकी शर्म ही नहीं है, ये भ्रष्टाचार को लेकर बेशर्म है, लोग मर जाएं लेकिन इन्हे अनाप-शनाप बयान देते हुए संकोच नहीं होता है, अगर इनकी यही प्रकृति और प्रवृति रहेगी तो सवा सौ करोड़ देशवासियों का क्या होगा..! यहां उपस्थिति नौजवानों से मैं सवाल पूछता हूं क्या आप सभी जबाव देगें..? आपके माता-पिता को जिस प्रकार का जीवन जीना पड़ा, क्या‍ आप वैसा जीवन जीना चाहते हैं..? आपके मां-बाप को जिन मुसीबतों को झेलना पड़ा, क्या आप उन मुसीबतों को झेलना चाहते हैं..? आपके मां-बाप को आपको बड़ा करके रोजगार दिलाने के लिए जो मेहनत करनी पड़ रही है, अपमान झेलना पड़ रहा है, क्या आप ऐसी जिन्दगी स्वीकार करते हो..? मित्रों, ये मुसीबते देने वाले कौन थे, वो कौन लोग थे, जिन्होने आपके लिए से परिस्थितियां पैदा की..? क्या, ऐसे लोगों को सज़ा देनी चाहिए या नहीं..? क्या ऐसे लोगों को हमेशा-हमेशा के लिए हिंदुस्तान की राजनीति से उखाड़ फेंकना चाहिए या नहीं..?

भाईयों-बहनों, आप राजीव गांधी को याद करिए, वो पूरा समय कहते रहते थे कि 21 वीं सदी आ रही है, 21 वीं सदी आ रही है... कितना बोल रहे थे..! उस दौरान तो टीवी नए-नए आए थे, चारों तरफ 21 वीं सदी आ रही है की धूम मची हुई थी..! लेकिन मित्रों, क्या 21 वीं सदी के अनुकूल इस देश को तैयार किया गया..? क्या कोई भी एक ऐसी कोशिश की गई, जिससे हमें लगे कि हां, हम 21 वीं सदी में पैर रख रहे हैं..? आखिर उन्होने क्यां किया..? मित्रों, मैं उस इतिहास को दोहराना नहीं चाहता हूं, लेकिन पूरी 20 वीं सदी में आजादी के 50 साल के कालखंड को बर्बाद कर दिया गया। देश को आशा थी कि कोई पढ़े-लिखे महाशय आएंगे, राजनीति के कल्चर से बाहर के कोई व्यक्ति आंएगे, कांग्रेस की बुराईयों से जिनकी आदत न बिगड़ी हो, ऐसे व्यक्ति आएंगे और देश को उम्मीद थी कि शायद देश का भला होगा। लेकिन अगर 10 साल का लेखा-जोखा लिया जाएं तो हिंदुस्तान के आजाद होने के बाद इतने बुरे दिन पहले कभी नहीं आएं, जितने इन दस सालों में देश को देखने पड़े हैं..! सारे इंस्टीट्यूशन्स, सारी संवैधानिक संस्थाओं को बेकार बना दिया गया। सत्ता एक ऐसी जगह पर केन्द्रित हो गई, जहां जबावदेही नहीं थी। लोकतंत्र में ऐसी स्थि‍तियां नहीं चल सकती हैं..!

Shri Narendra Modi at the Vijay Sankalp Rally, Goa

लोग मुझे पूछते हैं कि कांग्रेस ने तो बर्बाद किया है, मोदी जी आप क्या करेगें..? हम इन बुराईयों को मिटाने का काम सबसे पहले करेगें, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बढाएंगें। मंत्री हो, प्रधानमंत्री हो, उनका कार्यालय हो, हम उन सभी के डिसेंट्रलाइजेशन में विश्वास करते हैं, विकेन्द्रीकरण में विश्वास करते हैं। लोगों को अवसर दिया जाए, जबादेही तय हो, तभी तो प्रगति होगी..! आज आपके गोवा में इतनी ज्यादा बेराजगारी क्यों आई..? सारी अर्थव्येवस्था क्यों चरमरा गई..? यहां के जीवन में माईनिंग का बहुत बड़ा महत्व है, नौजवानों को रोजगार देने के अवसर में और राज्य की तिजोरी को भरने में माईनिंग का महत्व‍ कम नहीं है। माईनिंग सिर्फ माइनिंग के लिए नहीं होती है, बल्कि सारी ईकोनॉमी को जेनरेट करने के लिए तीन महत्व पूर्ण बातों की जरूरत होती है - इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए, ह्यूमन रिर्सोस चाहिए और रॉ-मैटेरियल चाहिए। लेकिन अगर रॉ-मैटेरियल पर ही ताले लग जाएं, माईनिंग बंद हो जाएं, नौजवान बेराजगार हो जाएं और दिल्ली- की सरकार चुप बैठी रहे, सोई रहे तो गोवा को बर्बादी से कौन बचाएगा..? मित्रों, मैं आप सभी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जिन लोगों को यह मुसीबतें झेलनी पड़ी हैं, उनके लिए सिर्फ कुछ महीनों की बात है, फिर हम पर्यावरण की रक्षा भी करेंगे, हम माईनिंग में ट्रांसपरेंसी भी लाएंगे और माईनिंग के द्वारा देश के अर्थतंत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में दृढ़तापूर्वक कदम रखेगें और उसकी ताकत हम में है..! ये मुसीबत उन लोगों के लिए है जिनको हमेशा भांति-भांति के टैक्स लगाने होते हैं..! आपको पता है, एनवॉयरमेंट मिनिस्ट्री को लेकर इतना तूफान मचा हुआ था, सारी फाइलें रोक दी जाती थी, रूपए-पैसों के बगैर काम नहीं होता था... हमने तो इनकम टैक्स! नाम सुना था, सेल्सू टैक्सो नाम सुना था, एक्सा इज नाम का टैक्स सुना था, पहली बार हमारे कान में आया कि दिल्ली‍ में एक ‘जयंती टैक्स‘ चलता है..! जब तक ये जयंती टैक्स नहीं दिया जाता है, पर्यावरण में, एनवॉयरमेंट में फाइल इधर-उधर हिल नहीं सकती, ऐसा लोग कहते हैं..! मुझे तो कभी भी ऐसे कारोबार की जरूरत नहीं पड़ी, तो अपना खुद का अनुभव नहीं है, लेकिन हम हैरान रह गए..! क्या ये स्थितियां बदली नहीं जा सकती है..?

इन लोगों ने कैसी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, मेरे यहां सीमेंट के कारखाने के लिए जो लाइम स्टोन होता है, उसके लिए लीज देनी थी, हम नहीं चाहते थे कि कहीं से कोई बेईमानी हो, तो हमने भारत सरकार को लिखा और कहा कि हम लाइम स्टोन की क्वॉरी का ऑक्शेन यानि नीलामी करना चाहते हैं, जो ज्यादा बोली बोलेगा, सरकार की तिजोरी में पैसा देगा, उसे वह भूमि मिलेगी..! मित्रों, क्या ये सही रास्ता है या नहीं..? आपको मालूम है भारत सरकार ने क्या कहा, भारत सरकार ने कहा कि मोदी, तुम ये नहीं कर सकते हो, हिंदुस्तान सरकार का कानून तुम्हे ऑक्शान करने की इज़ाजत नहीं देता है..! एक सरकार ट्रांसपेरेंसी के साथ ऑक्शिन करके सीमेंट के कारखाने लगाना चाहती है ताकि इस देश के लोगों को सस्ता सीमेंट मिले, इसके लिए वह इनीशिएटिव ले रही है लेकिन दिल्ली की सरकार खुद तो कुछ नहीं करती और जो करना चाहते हैं, उन पर भी बेडि़यां लगा देती है, देश ऐसे नहीं चल सकता है..!

भाईयों-बहनों, दिल्ली में बैठी हुई सरकार भारत के संघीय ढांचे को नकार रही है। जितना महत्वं देश का है, उतना ही महत्व इस राज्यों का है, जितना महत्वि भारत सरकार का है, उतना ही महत्व‍ राज्य सरकारों का है। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट, मत है कि हम भारत के संघीय ढांचे की नींव को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे। कांग्रेस ने सत्तावादिता के कारण भारत के संघीय ढांचे को जड़ों से हिला दिया है, वे संघीय ढांचे को स्वीकार करने को तैयार नहीं है, वे एकहथ्थु शासन चलाने के पक्ष में हैं और यह भारत के सभी राज्य् सरकारों की शिकायत है..! अभी-अभी दो दिन पहले आप सभी ने भारत के गृह मंत्री सुशील शिंदे का बयान सुना होगा, उन्होने बड़ी चिंता की और गंभीर बात बताई है। पिछले सितम्बिर में उन्होने राज्य के मुख्यमंत्रियों को एक चिट्ठी लिखी थी, अब उन्होने टीवी पर इंटरव्यू दिया और कहा है कि वह दुबारा चिट्ठी लिखेगें। आप सभी बताइए, क्या किसी भी गुनहगार को सज़ा मिलनी चाहिए या नहीं..? सभी गुनहगारों के लिए एक ही प्रकार का कानून होना चाहिये या नहीं..? सभी गुनहगारों के साथ एक ही प्रकार का व्यवहार होना चाहिए या नहीं..? आपको हैरानी होगी, भारत के गृहमंत्री की हिम्मत देखिए, उनकी वोट बैंक की राजनीति देखिए, वो मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखने की हिम्मत कर रहे हैं, और ये कह रहे है कि अगर आप गुनहगारों को अरेस्ट करते हैं तो ये देखिए की कोई मुसलमान अरेस्टि न हो..! क्या गुनहगारों का भी कोई धर्म होता है..? क्या रिलीजन के आधार पर तय होगा कि गुनहगार को पकड़ा जाए या न पकड़ा जाए..? नियम तो यह होना चाहिए कि हिंदुस्तान के किसी भी पंथ, जाति, सम्प्रदाय और भाषा का कोई भी व्यक्ति हो, अगर वह बेगुनाह है तो उसे न्याय मिलना चाहिए, ऐसी सोच होनी चाहिए..! सम्प्रदाय के आधार पर किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, सम्प्रचदाय के आधार पर किसी बेगुनाह को जेल में नहीं ठूंस देना चाहिए, लेकिन ये सभी के लिए होना चाहिए, वोट बैंक की राजनीति नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं लॉ एंड ऑर्डर एक स्टेट सब्जेाक्ट है, ये राज्य का विषय है। श्रीमान शिंदे जी, दिल्ली में बैठकर हिन्दुस्तान के राज्यों को कानून व्यवस्था के पाठ पढ़ाने का आपको हक नहीं है, आपकी ये हरकत भारत के संघीय ढांचे पर चोट पहुंचाने वाली है। लेकिन ये कारनामे चल रहे हैं और अगर आप इस संदर्भ में प्रधानमंत्री से मिलें तो वह कहेगें कि अच्छा, ऐसी चिट्ठी लिखी है, मैं देखूंगा... वो ऐसा ही जबाव देते हैं। मित्रों, देश के बर्बाद होने का यही तो कारण है..!

भाईयों-बहनों, आजकल भारतीय जनता पार्टी की प्रमाणिकता और निष्ठा पर कुछ लोग, जो कांग्रेस को बचाना चाहते हैं, कांग्रेस के रक्षक बने हैं, वो सवालिया निशान उठा रहे हैं। मैं ऐसे लोगों को बताना चाहता हूं कि ये वह भारतीय जनता पार्टी है जिसके पहले प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी इतने समय तक संसद में रहे, देश के गौरवशाली कालखंड के प्रधानमंत्री रहे, लेकिन भाजपा के इस नेता के पास इतने सालों के सार्वजनिक जीवन के बाद भी, इतने समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने के बाद, आज भी उनके पास अपना खुद का घर नहीं है..! क्या हमारी प्रमाणिकता पर सवाल पूछे जाएंगे..? क्या. हम पर झूठे इल्जाम लगाएं जाएंगे..? भाईयों-बहनों, सत्ता में रहने के बाद, भारतीय जनता पार्टी के हम सभी कार्यकर्ता ईमानदारी के साथ देश के जन-जन की सेवा करके, समर्पण भाव से भारत माता की भलाई के लिए काम करते हैं..!

Shri Narendra Modi at the Vijay Sankalp Rally, Goa

भाईयों-बहनों, अभी जब मैं एयरपोर्ट पर आया, तो एक डेलीगेशन मुझे मिलने आया था, गोवा के कुछ प्रतिष्ठित लोग थे, उन्होने मुझे एक मेमोरेंडम दिया, उस बात का जिक्र हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री मनोहर जी ने भी किया, उसमें उन्होंने कहा कि गोवा को स्पेशल स्टेाट्स मिलना चाहिए, मैं थोड़ा चौकन्ना हो गया, क्योंकि हमारे देश में स्पे्शल स्टेाट्स का मतलब होता है रूपए दे दो, पैकेज दे दो, पैसे दे दो... लेकिन उन्होने मेमोरेंडम देने के साथ कहा कि मोदी जी, हमें पैसे नहीं चाहिए, हम पैसों के लिए स्पेशल स्टेट्स नहीं मांग रहे हैं। जब मैने उनकी बात सुनी तो वहां आए हुए सभी प्रतिनिधियों के प्रति गर्व महसूस हुआ, उनके प्रति मुझे आदर आया, उन्होने कहा कि हमें अपने गोवा की आईडेंटिटी के लिए स्पेशल स्टेट्स चाहिए, गोवा के पर्यावरण के लिए स्पेशल स्टेट्स चाहिए, गोवा की परम्पराओं के लिए स्पेशल स्टेट्स चाहिए। मित्रों, ये नया नजरिया है, स्वागत योग्य नजरिया है और आपकी इन भावनाओं का आदर करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी, गर्व की बात होगी..!

भाईयों-बहनों, आज दिल्ली में दस साल से बैठी हुई सरकार को पूछा जाए कि आपने ऐसी कौन सी चीज की है, जिसके कारण देश का भला होगा..? मित्रों, उन्होने महंगाई दूर करने के वादे किए लेकिन नहीं कर पाए, नौजवान को रोजगार देने के वादे किए लेकिन नहीं कर पाए, भ्रष्टाचार से देश को बचाने की बातें करते रहे लेकिन नहीं कर पाए..! मित्रों, यदि परिवार में भी कोई व्यक्ति निर्धारित काम नहीं कर पाता है, चाहे वह कितना भी प्यारा क्योंक न हो, वह भी बोझ बनने लग जाता है। आज पूरी कांग्रेस पार्टी, और न सिर्फ कांग्रेस पार्टी बल्कि दिल्लीकी सरकार बोझ बन गई है। क्या कोई सोच सकता है कि जिस सरकार को जनता ने वोट देकर चुना हो, वह सरकार खुद जनता-जनार्दन पर बोझ बन जाए..? मित्रों, पिछले 10 सालों में इस वर्तमान सरकार ने देश को 50 साल पीछे ले जाने वाला काम किया है। दोषी सिर्फ वह सरकार नहीं है, बल्कि उनको समर्थन करने वाले लोग भी दोषी हैं, उनको बचाने के लिए काम करने वाले लोग भी दोषी हैं, उनके लिए रक्षा कवच देने वाले लोग भी दोषी हैं..!

मित्रों, गोवा से दो सीटें तो मिलेगी, लेकिन यहां तो हिंदुस्तान भर के लोग आते हैं, जो भी यात्री आपके वहां आएं उन्हे आप बोल सकते हैं कि देखिए भाजपा के कार्यकाल में गोवा कितना आगे बढ़ा, अगर भाजपा आया तो देश भी आगे बढ़ सकता है..! देश भर के यात्रियों को आप विश्वास दिला सकते हैं, जब देश भर के यात्री गोवा को देखेगें, उसकी प्रगति को देखेगें, मुख्य मंत्री की सादगी, ईमानदारी, सरलता और सहजता के विषय में जानेगें, तो उन्हे समझ में आएगा..!

भाईयों-बहनों, आप कल्पना कीजिए, अगर मनोहर पार्रिकर जी दिल्ली में होते, तो क्या होता..! सारे देश को पता चलता कि कितना पढ़ा-लिखा इंसान है, उसमें कितनी सरलता है, कितनी सादगी है..! लेकिन क्या करें, वो गोवा में है, दिल्ली में नहीं है और मीडिया वालों को दिल्ली के बाहर कुछ दिखता नहीं है..! मित्रों, इस देश में अनेक ऐसे रत्न हैं, जो देश के लिए जीते हैं..! मित्रों, मैं पिछले 12 सालों से गुजरात की सेवा कर रहा हूं। टीवी के स्क्रीन पर, अखबार के पन्ने! पर, मैं हमेशा-हमेशा हारता रहा हूं, कभी जीत नहीं पाया, न जगह बना पाया, न उनको जीत पाया... लेकिन जनता के दिलों से कभी नहीं हारा..! इसलिए, देश को तय करना होगा कि टेलीविजन पर दिखने से देश का भला होगा या धरती पर विजन देखने से देश का भला होगा..! देश को टेलीविजन पर चेहरा चाहिए या धरती पर विजन चाहिए..! मित्रों, अगर देश को आगे बढ़ाना है तो एक नई सोच चाहिए, नई उम्मीद चाहिए, नए तरीके से होने वाले फैसले चाहिए और अनुभव की कसौटी पर कसे हुए लोग चाहिए, तभी भारत का भाग्य बदल सकता है..!

भाईयों-बहनों, भारतीय जनता पार्टी भारत के भाग्य को बदलने के लिए कृतसंकल्प है, हम एक विश्वास के साथ आगे बढ़े हैं। आज जब मैं इस गोवा की धरती पर आया हूं तो बताना चाहता हूं कि मैं गोवा का हमेशा एक बात के लिए आदर करता हूं, ये एक ऐसा राज्य है जहां कॉमन सिविल कोड है जो बहुत बड़ी बात है, लोग यहां प्यार और सुख-चैन से जिंदगी जीते हैं। भारतीय जनता पार्टी, भाईचारे को बल देने वाली पार्टी है। सेक्यूलरिज्मॉ के नाम पर देश को तोड़ने की जो कोशिश हो रही है, उसके जवाब के फलस्वरूप देश को जोड़ने वाला रास्ता चाहिए। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है, जब हम सेक्यूकलरिज्म की बात करते हैं तो हमारा कन्विक्शन है कि हमारे लिए एक ही धर्म है और वह धर्म है -इंडिया फर्स्ट्, हमारा एक ही धर्मग्रंथ है, वह धर्मग्रंथ है - भारत का संविधान..! सरकार का एक ही मज़हब होता है - इंडिया फर्स्टर, सरकार का एक ही धर्म होता है - भारत का संविधान, सरकार की एक ही भक्ति होती है - भारत भक्ति, सरकार की एक ही शक्ति होती है - देश के कोटि-कोटि जनों की शक्ति, सरकार की एक ही कार्य शैली होती है - सबका साथ, सबका विकास..!

भाईयों-बहनों, इस देश को जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। अभी हमने ‘स्टेच्यु ऑफ यूनिटी’ का अभियान लिया है। मैं विशेष रूप से गोवा के युवाओं का अभिनंदन करना चाहता हूं, उन्हे बधाई देना चाहता हूं, 15 दिसम्बर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर जब ‘रन फॉर यूनिटी’ का कार्यक्रम हुआ, इतने छोटे से गोवा में 50,000 लोग दौड़े, इसके लिए आप सभी बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं..! देश की एकता के लिए आपका कमीटमेंट कैसा है, उस बात का प्रदर्शन उस दिन हुआ। अभी जो लोहा संग्रह का कार्यक्रम चल रहा है, उसमें भी गोवा पूरी ताकत से जुटा है, उसके लिए भी मैं गोवा का अभिनंदन करना चाहता हूं..!

भाईयों-बहनों, कई चुनाव हुए, पंचायत के चुनाव हुए, पालिका के चुनाव हुए, विधानसभा के चुनाव आए, लोकसभा के चुनाव आए... हमने हर बार वोट दिए हैं, लेकिन इससे पहले हम किसी व्यक्ति को वोट देते थे, किसी पार्टी को वोट देते थे। मित्रों, 2014 में होने वाला चुनाव‍ किसी व्यक्ति के वोट के लिए नहीं है, किसी दल के लिए वोट देने वाला चुनाव नहीं है, ये चुनाव हिंदुस्ता्न को वोट देने वाला चुनाव है..! हम वोट देश के लिए दें, दल के लिए नहीं..! हमें वोट इसके लिए देना होगा कि भारत कैसा बनाना है, इसलिए ‘वोट फॉर इंडिया’ को लेकर गांव-गांव, घर-घर जाना है, देश के लिए मत देना है, देश की भलाई के लिए सरकार बनानी है। किसी दल, किसी व्यक्ति, किसी जाति, किसी बिरादरी और किसी इलाके की भलाई के लिए नहीं बल्कि समग्र देश की भलाई के लिए अब सरकार चुनने का वक्त आ गया है..! इसलिए भाईयों-बहनों, मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि इस चुनाव में आप सभी भारत के लिए वोट करें। आप सभी मेरे साथ एक नारा पूरी ताकत से, दोनो हाथों की मुट्ठी बंद करके बोलिए -

रहने के घर के लिए . . . . . . . . . वोट फॉर इंडिया खाने को अन्ने के लिए . . . . . . . . वोट फॉर इंडिया बीमार की दवाई के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया दरिद्र नारायण की भलाई के लिए . . . वोट फॉर इंडिया शिक्षा में सुधार के लिए . . . . . . . . वोट फॉर इंडिया युवाओं को रोजगार के लिए . . . . . . वोट फॉर इंडिया नारी के सम्मान के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया किसानों के कल्याण के लिए . . . . . वोट फॉर इंडिया स्वावलम्बी भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया शक्तिशाली भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया समृद्धशाली भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया प्रगतिशील भारत के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया वंशवाद से मुक्ति के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया भाई-भतीजेवाद से मुक्ति के लिए . . . वोट फॉर इंडिया भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए . . . . . . वोट फॉर इंडिया महंगाई से मुक्ति के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया कुशासन से मुक्ति के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया भारत की एकता के लिए . . . . . . . वोट फॉर इंडिया एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए . . . . वोट फॉर इंडिया सुराज की राजनीति के लिए . . . . . . वोट फॉर इंडिया सुशासन की राजनीति के लिए . . . . . वोट फॉर इंडिया विकास की राजनीति के लिए . . . . . वोट फॉर इंडिया

मैं सभी गोवावासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, आप सभी मेरे साथ बोलिए –

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..!

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s pharma exports cross $28 bn till February, likely to end up with growth in rupee terms in FY26

Media Coverage

India’s pharma exports cross $28 bn till February, likely to end up with growth in rupee terms in FY26
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
LDF और UDF की करप्शन और कम्यूनलिज्म की राजनीति केरलम की संस्कृति और आस्था को नुकसान पहुंचाती है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
April 04, 2026
अगर एनडीए की पॉलिसी से किसी समूह को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है, तो वो महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
सबरीमाला रेलवे प्रोजेक्ट पूरे इलाके में नए मौके खोलेगा, सबरीमाला को सीधे भक्तों से जोड़ेगा: पीएम मोदी
केरलम में, हम सरकार बनाएंगे, जीवन की क्वालिटी में सुधार करेंगे, और मछुआरों तथा स्थानीय समुदायों की चिंताओं को दूर करेंगे: पीएम मोदी
16-18 अप्रैल तक, नारी शक्ति वंदन एक्ट पर चर्चा के लिए संसद फिर से शुरू होगी, जिसका लक्ष्य 2029 तक 33% महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है: पीएम

जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...