India-EU Relations Enter a New Era of Alignment: PM
Historic India-EU FTA Opens Market Access for Labour-Intensive Products: PM
PM Calls for Whole-of-Society Partnership to Scale India-EU Relations
India-EU should become Double Engine of Global Growth: PM

Your Excellency,

मैडम प्रेसिडेंट, भारत और यूरोपियन यूनियन के बिजनेस लीडर्स, आप सबको मेरा नमस्कार।

भारत यूरोपियन यूनियन बिजनेस फोरम में भाग लेने पर मुझे बहुत ही खुशी हो रही है। यूरोपियन यूनियन काउंसिल और कमीशन के प्रेसिडेंट की ये भारत यात्रा कोई साधारण डिप्लोमेटिक दौरा नहीं है, यह भारत यूरोपियन यूनियन रिश्तों में एक नए युग का शंखनाद है। पहली बार यूरोपियन यूनियन के लीडर्स, उनका भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच भारत के इतिहास का सबसे बड़ा FTA संपन्न होना, और आज इतने सारे CEO’s के साथ, इतने बड़े लेवल पर भारत यूरोपियन यूनियन बिजनेस फोरम आयोजित होना, ये सब उपलब्धियां विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां, इनके बीच हो रहे, अभूतपूर्व एलाइनमेंट का प्रतीक है।

Friends,

ये एलाइनमेंट कोई एक्सीडेंट नहीं है, मार्केट economies होने के नाते हमारे साझा मूल्य है। वैश्विक स्थिरता के प्रति हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं, और ओपन सोसाइटीज के रूप में हमारे लोगों के बीच स्वाभाविक जुड़ाव भी है। इसी मजबूत आधार पर हम अपनी साझेदारी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। हम इसे विश्व की सबसे प्रभावशाली साझेदारियों में से स्थापित कर रहे हैं, और इसके नतीजे भी हमें साफ दिख रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है। भारत में 6000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां काम कर रही हैं। यूरोपियन यूनियन से भारत में 120 बिलियन यूरो से अधिक का निवेश है। भारत की 1500 कंपनियां यूरोपियन यूनियन में मौजूद है, और वहां भारतीय निवेश लगभग 40 बिलियन यूरो तक पहुंच चुका है। आज भारत और यूरोपियन कंपनीज के बीच R&D, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज, हर क्षेत्र में गहरा सहयोग है। और आप जैसे बिजनेस लीडर्स इसके कर्ता भी हैं, और लाभार्थी भी हैं।

Friends,

अब समय है कि हम इस साझेदारी को ‘होल ऑफ द सोसाइटी पार्टनरशिप’ बनाएं। इसी सोच के साथ हमने आज एक व्यापक FTA पूरा किया है। इससे भारत के लेबर इंटेंसिव उत्पादों को यूरोपियन यूनियन मार्केट में इजी एक्सेस मिलेगा। इसमें विशेष तौर पर टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग गुड्स शामिल है। फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, प्रोसेस्ड फूड और मरीन प्रोडक्ट्स उसमें नए अवसर बनेंगे। इसका सीधा लाभ हमारे किसानों को, हमारे मछुआरों को मिलेगा, हमारे सर्विस सेक्टर को भी इससे फायदा होगा। विशेष रूप से आईटी, एजुकेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन और बिजनेस सर्विस लाभान्वित होंगे।

Friends,

आज ग्लोबल बिजनेस में बड़ी उथल-पुथल है। हर कंपनी अपनी मार्केट स्ट्रेटजी और पार्टनरशिप को नए सिरे से देख रही है। ऐसे समय में यह FTA बिजनेस जगत के लिए एक साफ और सकारात्मक संदेश है। ये दोनों पक्षों की बिजनेस कम्युनिटी के लिए सक्षम, भरोसेमंद और फ्यूचर ओरिएंटेड पार्टनरशिप बनाने का स्पष्ट निमंत्रण है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी इस FTA के अवसरों का पूरा-पूरा लाभ उठाएंगे।

Friends,

भारत और यूरोपियन यूनियन की, कई प्राथमिकताओं की, उससे आपके बिजनेस पार्टनरशिप को भी लाभ मिल सकता है। मैं इस संदर्भ में तीन प्राथमिकताओं की बात करूंगा। पहला- आज विश्व में व्यापार, टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को वेपनाइज किया जा रहा है। हमें साथ मिलकर अपनी निर्भरताओं को डी-रिस्क करने की आवश्यकता है। क्या हमारी बिजनेस कम्युनिटी मिलकर EVs, Batteries, Chips और API’s में बाहरी निर्भरता घटा सकती है? क्या हम भरोसेमंद सप्लाई चैन का साझा विकल्प खड़ा कर सकते हैं? दूसरा- भारत और यूरोपियन यूनियन दोनों का फोकस डिफेंस इंडस्ट्रीज और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी पर रहा है। मेरा आपसे आग्रह है कि आप डिफेंस, स्पेस, टेलीकॉम और एआई जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाएं। तीसरा- एक क्लीन एंड सस्टेनेबल फ्यूचर दोनों की प्राथमिकता है। ग्रीन हाइड्रोजन से लेकर सोलर एनर्जी और स्मार्ट ग्रिड, हर क्षेत्र में हमें जॉइंट रिसर्च और इन्वेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए। दोनों इंडस्ट्रीज को मिलकर स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स और सस्टेनेबल मोबिलिटी पर भी काम करना चाहिए। इसके साथ-साथ वाटर मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, हर क्षेत्र में मिलकर सॉल्यूशंस डेवलप करने चाहिए।

Friends,

आज के इन ऐतिहासिक निर्णयों के बाद अब विशेष जिम्मेदारी आप सभी पर है। अब अगला कदम बिजनेस कम्युनिटी को उठाना है, The Ball Is In Your Court. आपके आपसी सहयोग से ही हमारी साझेदारी, ट्रस्ट, रीच और स्केल मिलेगा। आपके प्रयासों से हम shared प्रोस्पेरिटी हासिल कर पाएंगे। आइए हम अपनी-अपनी क्षमताएं जोड़ें और पूरी दुनिया के लिए ग्रोथ का डबल इंजन बने।

बहुत-बहुत धन्यवाद। 

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।