प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पोर्ट ब्लेयर में वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग के उद्घाटन पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया। एक हिंदी गीत, 'एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग' का हवाला देते हुए, पीएम मोदी ने कहा, जब देश की जनता, विपक्ष को किसी फ्रेम में एक साथ देखती है तो उनके मन पहला विचार यही आता है - लाखों-करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को यह विश्वास हो गया है कि विपक्ष का यह गठबंधन कुछ और नहीं बल्कि 20 लाख करोड़ रुपए के घोटाले की गारंटी है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने व्यक्ति के जीवन को उज्ज्वल और उसके चरित्र का निर्माण करने वाले आठ आवश्यक गुणों को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
"अष्टौ गुणाः पुरुषं दीप्यन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।
संयोगश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।"
ये आठ गुण व्यक्ति के जीवन को उज्ज्वल बनाते हैं। ज्ञान उसे सही मार्ग दिखाता है। अच्छा आचरण उसके चरित्र को शुद्ध रखता है और आत्म-संयम उसे अनुशासित रखता है। ज्ञान उसे समझ प्रदान करता है, साहस उसे कठिन परिस्थितियों में दृढ़ रहने में सहायता करता है और कुशल वाणी उसे समाज में सम्मान दिलाती है। अपनी क्षमता के अनुसार दान करना और दयालुता के लिए कृतज्ञ होना व्यक्ति को पूर्ण बनाता है।
अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।
— Narendra Modi (@narendramodi) August 11, 2026
पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।। pic.twitter.com/eb4INYRSkV


