एमआईटी के अध्यक्ष डॉ राफेल रीफ़ और रतन टाटा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की
डॉ राफेल रीफ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और नवाचार के क्षेत्रों में एमआईटी द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे प्रधानमंत्री मोदी को बताया

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), बोस्टन के अध्यक्ष डॉ राफेल रीफ ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

उन्होंने एमआईटी द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, जल और नवाचार के क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। डॉ रीफ ने प्रधानमंत्री को एमआईटी का दौरा करने और छात्रों और शिक्षकों के साथ बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया।

प्रधानमंत्री ने डॉ रीफ से कौशल भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रमों में एमआईटी की विशेषज्ञता की उपयोगिता की संभावना का पता लगाने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री ने उन्हें एमआईटी की वरिष्ठ या सेवानिवृत्त संकाय द्वारा भारतीय विश्वविद्यालय में कुछ महीनों तक पढ़ाने के लिए भारत का दौरा करने का सुझाव दिया। डॉ रीफ ने इस सुझाव की सराहना की और इस संबंध अपनी सहायता की पेशकश की। श्री रतन टाटा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री ने पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषितम् को साझा किया, जिसमें पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित किया गया है।

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि पृथ्वी, जो महासागरों के रूप में जल से परिपूर्ण है और बाहरी रूप से जल से घिरी है, जिसे विद्वानों ने अपने ज्ञान से जाना है और जिसका हृदय विशाल आकाश में शाश्वत सत्य से ओत-प्रोत है - वह पृथ्वी एक महान राष्ट्र के रूप में हमारी ऊर्जा और शक्ति को बनाए रखे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपनी पोस्‍ट में लिखा;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”