देश में कोविड की दूसरी लहर से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए आज मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई।

मंत्रिपरिषद की बैठक में यह बात रेखांकित की गई कि वर्तमान महामारी संकट दरअसल ‘सदी में एक बार होने वाला संकट’ है और इसने दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

बैठक के दौरान कोविड से लड़ने के लिए भारत सरकार के ‘टीम इंडिया’ दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया, जो केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और भारत के लोगों के सामूहिक प्रयासों पर आधारित है।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार की सभी शाखाएं या इकाइयां एकजुट होकर और बड़ी तेजी से काम कर रही हैं। उन्होंने मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों के साथ संपर्क में रहने, उनकी मदद करने और उनसे निरंतर आवश्‍यक जानकारियां एवं सूचनाएं प्राप्त करने का अनुरोध किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया कि स्थानीय स्तर के मुद्दों का तुरंत पता लगाया जाए और उन्हें जल्‍द-से-जल्‍द सुलझाया जाए।

मंत्रिपरिषद ने पिछले 14 महीनों में केंद्र और राज्य सरकारों एवं भारत के लोगों द्वारा किए गए समस्‍त प्रयासों की भी समीक्षा की।

अस्पतालों में बेड, पीएसए ऑक्सीजन सुविधाएं, इत्‍यादि बढ़ाने के रूप में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के निर्माण, ऑक्सीजन के उत्पादन, भंडारण एवं ढुलाई से संबंधित मुद्दों को सुलझाने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता से संबंधित मुद्दों से निपटने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के साथ आपसी सामंजस्‍य से किए गए प्रयासों के बारे में संक्षिप्‍त जानकारी इस दौरान दी गई। इन सभी की आपूर्ति एवं उपलब्धता और भी अधिक बढ़ाने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में भी इस दौरान बताया गया। खाद्यान्न की व्‍यवस्‍था के रूप में समाज के कमजोर तबकों को दी गई व्‍यापक सहायता और जन धन खाता धारकों को दी गई वित्तीय सहायता के बारे में भी इस दौरान बताया गया।

इस ओर भी ध्‍यान दिलाया गया कि भारत ने सफलतापूर्वक दो टीकों का उत्पादन किया है एवं अभी कई और टीके मंजूरी प्राप्‍त करने एवं शामिल किए जाने के विभिन्न चरणों में हैं। अभी तक 15 करोड़ से भी अधिक टीकाकरण हो चुका है।

मंत्रिपरिषद ने ‘कोविड संबंधी उपयुक्त आचरण’ के महत्व पर भी विशेष जोर दिया जिसमें मास्‍क पहनना, 6 फीट की सामाजिक दूरी रखना और बार-बार हाथ धोना शामिल हैं।

मंत्रिपरिषद ने यह बात दोहराई कि इस अत्‍यंत व्‍यापक जिम्‍मेदारी को पूरा करने के लिए समाज की भागीदारी एक महत्वपूर्ण पहलू है। मंत्रिपरिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि देश इस संकट से निपटने के लिए अपनी ओर से कोई भी कसर नहीं छोड़ेगा और वायरस को हरा देगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने की। इस बैठक में अनेक मंत्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और कैबिनेट सचिव ने भाग लिया। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी.के.पॉल ने कोविड-19 महामारी से निपटने के सटीक प्रयासों पर एक प्रस्तुति दी।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
'Safe, Inclusive AI For All': PM Modi Says India Helping Shape 'Force For Good' Conversation

Media Coverage

'Safe, Inclusive AI For All': PM Modi Says India Helping Shape 'Force For Good' Conversation
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम ने संपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से पुष्ट ज्ञान का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया
February 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया जिसमें समग्र और वैज्ञानिक दृष्टि से आधारित ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इस प्रकार का सटीक ज्ञान व्यक्ति को पूर्णता, स्पष्टता और सत्य की परम अनुभूति तक पहुंचने में सहायक होता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक प्राचीन संस्कृत श्लोक उद्धृत किया:

“ज्ञानं तेऽहं सविज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेषतः।

यज्ज्ञात्वा नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते।।”