गुजरात की शांति-एकता और भाईचारे के दुनिया ने किए सद्भावना दर्शन

राज्य भर में मुख्यमंत्री के 36 सद्भावना उपवास तप के संकल्प में समाजशक्ति का विराट साक्षात्कार

50 लाख से ज्यादा लोग सद्भावना उपवास कार्यक्रम में भागीदार बने

डेढ़ लाख महिलाओं सहित साढ़े चार लाख नागरिकों ने किया स्वैच्छिक उपवास

सद्भावना की खुश्बू गांव-गांव में फैली : एकता का जन आंदोलन

छह करोड़ गुजरातियों का श्री मोदी ने जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सद्भावना मिशन अभियान के तहत किए गए उपवास को भारी जन समर्थन मिला है। राज्य भर में श्री मोदी ने 36 उपवास तप संपन्न किए। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर, 2011 को अहमदाबाद में तीन दिवसीय उपवास से सद्भावना मिशन का संकल्प शुरू किया था। उन्होंने द्वारिका से अम्बाजी तक राज्य के 26 जिलों और 7 महानगरों में उपवास किए। सात्विक सद्भावना मिशन के उपवास ने एकता का जन आंदोलन खड़ा किया जिसका प्रभाव समग्र समाजशक्ति पर पड़ा है।

                सद्भावना मिशन की महत्वपूर्ण झलकियां :

  • डेढ़ लाख महिलाओं सहित साढ़े चार लाख नागरिक स्वैच्छिक उपवास में शामिल हुए।
  • 50 लाख से ज्यादा भाई-बहन सद्भावना कार्यक्रम में भागीदार बने।
  • 15 लाख नागरिकों ने मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मिलकर रिकार्ड स्थापित किया।
  • गुजरात के 75 प्रतिशत परिवारों का कोई न कोई सदस्य सद्भावना मिशन कार्यक्रम में उपस्थित हुआ और इस सद्भावना ने एकता का जन आंदोलन खड़ा किया।
  • इस अभियान की वजह से युवाओं-नागरिकों को सद्भावना की अनोखी प्रेरणा मिली, जिसकी वजह से राज्य भर के एक लाख से ज्यादा युवा पैदल चलकर कार्यक्रम में शामिल हुए।
  • सद्भावना फेरी (प्रभातफेरी) हजारों गांवों में आयोजित हुई, जिसमें शामिल होकर 16 लाख लोगों ने सद्भावना की खुश्बू फैलाई।
  • 40 हजार जितने तिथि भोजन स्वेच्छा से ग्रामीणों ने करवाए। 42 लाख जितने कुपोषण से पीडि़त गरीब बालकों को पौष्टिक आहार का पोषण मिला।
  • छह लाख किलो अनाज लोगों ने गरीबों को दिया। हजारों किलो फल और सूखे मेवे सहित अन्य खाद्य सामग्री आंगनवाडिय़ों में बालकों को वितरीत की गई।
  • चार करोड़ रुपये की भारी रकम के चेक कन्या केळवणी कोष में प्राप्त हुए।
  • सैकड़ों नागरिकों ने समाज की भलाई के लिए संकल्प किए।
  • सद्भावना विषयक चित्र प्रतियोगिता, वक्तृत्व प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिताएं हजारों की संख्या में आयोजित हुई। 10 लाख बालकों में सद्भावना विषयक विचारों की प्रेरणा जागी।

इस उपवास तप के अभियान से गुजरात ने सद्भावना की नई दुनिया का निर्माण किया। गुजरात ने समाजशक्ति के विराट साक्षात्कार से एकता, शांति और भाईचारे की शक्ति से समग्र विश्व को अपना अनोखा परिचय दिया है।

मुख्यमंत्री ने इस सद्भावना उपवास तप अभियान में भागीदार बनकर सद्भावना की शक्ति का साक्षात्कार करवाने वाले छह करोड़ गुजरातियों का अंत:करण से आभार जताया है।

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पीएम मोदी ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा श्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी के सम्मान में आयोजित राजाजी उत्सव की सराहना की
February 23, 2026

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर स्थापित चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस पहल को सराहनीय प्रयास बताया, जो राष्ट्र के भाग्य को आकार देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। श्री मोदी ने कहा कि राजाजी एक प्रखर विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे, जिनका जीवन सत्यनिष्ठा, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था।

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'राजाजी उत्सव' में भी भाग लिया। राजाजी उत्सव के तहत, 24 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक राष्ट्रपति भवन में राजाजी के जीवन और कार्यों पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि राजाजी उत्सव एक अद्भुत पहल है जो राष्ट्र के प्रति राजाजी के समृद्ध योगदान के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती है। उन्‍होंने लोगों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने और उनके जीवन तथा आदर्शों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

श्री मोदी ने राष्ट्रपति द्वारा उपर्युक्त पहलों के संबंध में किए गए एक्‍स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्‍स पर लिखा;

“यह एक सराहनीय प्रयास है, जो उन लोगों को सम्‍मानित करने के संकल्प को दर्शाता है जिन्‍होंने हमारे भाग्य को आकार दिया और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाया।”

राजाजी एक प्रखर विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे। उनका जीवन सत्यनिष्ठा, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।

 

“राजाजी उत्सव एक अद्भुत पहल है, जो राष्ट्र के प्रति राजाजी के समृद्ध योगदान के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप इसका अवलोकन करें और इससे प्रेरणा लें!”