आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर है रणोत्सव : श्री मोदी

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हमीरसर तालाब के सान्निध्य में लोकसंस्कृति के अद्भुत नजारे का मुजाहिरा

अहमदाबाद, शुक्रवार: मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रणोत्सव की पूर्वसंध्या पर शुक्रवार को भुज में सांस्कृतिक विरासत के नजराने के समान कच्छ कार्निवल का उद्घाटन करते हुए विश्वास जताया कि कच्छ के श्वेत रण की चांदनी रात मनुष्य को आध्यात्मिक चेतना की अनुभूति कराएगी। उन्होंने रणोत्सव के दरम्यान सूर्योदय और चांदनी रात के सान्निध्य में सफेद रण में आध्यात्मिक अनुभूति का आनंद उठाने की सैलानियों से अपील भी की।

श्री मोदी ने समूचे विश्व में पर्यटन उद्योग के मंदी की मार से हमेशा बेअसर रहने की भूमिका पेश करते हुए कहा कि, भारत में पर्यटन क्षेत्र की विविधताओं को देखते हुए हाईकॉस्ट टुरिस्ट को आकर्षित करने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। कच्छ कार्निवल की शानदार प्रस्तुति के साथ ही विश्व के पर्यटन मानचित्र में गौरवपूर्ण स्थान अंकित करने वाले रणोत्सव की शुरुआत हुई।

कच्छ की मरुभूमि पर पर्यटन की सांस्कृतिक विरासत स्थापित करने वाले रणोत्सव में देश-विदेश के पर्यटन प्रेमियों की मौजूदगी में कच्छ-कार्निवल को सांस्कृतिक नजराना करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, कच्छ कार्निवल न सिर्फ कच्छ की संस्कृति वरन् लघु भारत की लोकसंस्कृति का दर्शन भी कराएगा। च्च्कच्छ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखाज्ज् सूत्र को सार्थक करते रणोत्सव का लुत्फ उठाने का श्री मोदी ने अनुरोध किया।

शीत ऋतु की सुहानी शाम को चंद्रमा की श्वेत किरणों के बीच भुज के हमीरसर तालाब का समग्र परिसर लोकसंस्कृति के वैभव का अद्भुत नजारा पेश कर रहा था। लेसर शो और आतिशबाजी के अनोखे आकर्षण से पहले कच्छ, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 35 कलासमूहों के सांस्कृतिक कलाकारों ने लोकसंस्कृति के कौशल का मुजाहिरा कर सभी का दिल जीत लिया। गुजरात में बर्ड वॉचर्स टुरिज्म विकसित करने की मंशा जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, गुजरात ऐसी भूमि है जिसका पर्यटन वैभव अपने में इतना कुछ समाए हुए है, जो विश्व के प्रत्येक पर्यटक को आकर्षित कर सकता है। उन्होंने कहा कि, मेहमान नवाजी के लिए गुजरात मशहूर है। न केवल विश्व मानवजाति बल्कि दुनिया भर के परिन्दों को भी गुजरात की धरती पर बतौर मेहमान सर्वोत्तम माहौल की अनुभूति होती है। श्री मोदी ने कहा कि, गुजरात में ऐतिहासिक विरासत समान हेरिटेज इमारतों का अपार वैभव है जिसे विश्व पटल में पहचान दिलाने के गंभीर प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि गुजरात के समुद्रतट से विश्वव्यापार और कच्छ की हस्तकला पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी

आज से 40 वर्ष पूर्व 9 दिसंबर के रोज भुज के विमानतल पर पाकिस्तानी हमले की याद दिलाते हुए श्री मोदी ने कहा कि, उस वक्त माधापर-कच्छ की वीरांगनाओं ने अपनी जान की बाजी लगाकर हवाईपट्टी को रातोंरात दुरुस्त किया था। साहस और शौर्य की अद्भुत मिसाल समान कच्छ की मातृशक्ति और दुशमन के दांत खट्टे करने वाले देशभक्तों को इस मौके पर याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें वंदन किया।

पर्यटन मंत्री जयनारायण व्यास ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि, मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदृष्टा अभिगम के चलते वर्ष 2006 से आयोजित हो रहे रणोत्सव ने गुजरात को विश्व के पर्यटन मानचित्र में नई पहचान और ऐतिहासिक स्थान दिलाया। भुज के ऐतिहासिक हमीरसर तालाब के किनारे लोककलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से कच्छ और देश-विदेश से आने वाले सैलानियों का मन मोह लिया। बड़ी तादाद में मौजूद पर्यटकों और कच्छवासियों ने इस कार्निवल का लुत्फ उठाया साथ ही कच्छ की अनोखी लोकसंस्कृति की रसप्रद झांकी दिखाने वाले 34 टेब्लो की पेशकश का आनंद लेते हुए कलाकारों की सराहना की।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री वासणभाई आहिर, पर्यटन राज्य मंत्री जितेन्द्रभाई सुखडिय़ा, गुजरात पर्यटन निगम के अध्यक्ष कमलेशभाई पटेल, पदाधिकारी, उच्च अधिकारी सहित बड़ी संख्या में नगरजन उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा: परिणामों की सूची
July 09, 2026

क्रमांक

शीर्षक

संक्षिप्त विवरण

1

रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (जेडीडीएससी)

यह वर्तमान संयुक्त सुरक्षा घोषणा (2009) का नवीनीकरण करती है। इसमें बलों की अंतरसंचालनीयता, क्षमता निर्माण, समुद्री क्षेत्र, रक्षा औद्योगिक सहयोग, साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी, आतंकवाद विरोधी उपाय, रक्षा जोखिम प्रबंधन (एचएडीआर), और यूएनसीएलओएस, एएसईएएन, पीआईएफ, आईओआरए में एकीकृत दृष्टिकोण की सहयोग के क्षेत्रों के रूप में पहचान की गई है।

2

समुद्री सुरक्षा सहयोग प्रारूप (एमएससीआर)

सूचना साझाकरण, क्षमता विकास और परिचालन समन्वय को बढ़ावा देकर समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाता है।

3

ऊर्जा सुरक्षा पर भारत-ऑस्ट्रेलिया का संयुक्त वक्तव्य

भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

4

भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु समझौते की प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप देना

यह विधेयक 2014 में हस्ताक्षरित भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु समझौते को कार्यान्वित करता है और ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति को सक्षम बनाता है।

5

साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी (पीएसीटीएस)

यह साइबर और साइबर-सक्षम महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहयोग पर 2020 के प्रारूप समझौते पर आधारित है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा को समर्थन देना, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक अनुकूल बनाने के लिए सहयोग को बढ़ावा देना और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल अनुकूलता में सहयोग को मजबूत करना है।

6

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमान (एमबीसी) के बीच समझौता ज्ञापन

आईसीजी और एमबीसी के बीच समुद्री कानून प्रवर्तन, क्षेत्र जागरूकता और समुद्री सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग स्थापित करता है।

7

ऑस्ट्रेलिया ने 2028-29 के लिए ऑस्ट्रेलिया के रक्षा महाविद्यालय में एक भारतीय सैन्य प्रशिक्षक के लिए आमंत्रण भेजा है।

वर्ष 2028-29 में ऑस्ट्रेलिया के रक्षा महाविद्यालय में एक भारतीय सैन्य प्रशिक्षक की तैनाती की घोषणा की गई।

8

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया सरकार के तकनीकी एवं उच्चतर शिक्षा मंत्रालय (टीएएफई) के बीच खनन एवं खनन उपकरण, प्रौद्योगिकी एवं सेवाओं (एमईटीएस) में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में खनन उपकरण, प्रौद्योगिकी और सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य खनन कार्यों, खान सुरक्षा, खनिज प्रसंस्करण, खान मशीनरी आदि उप-क्षेत्रों में अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र विकसित करना है। इससे राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के टीएएफई के बीच छात्रों/प्रशिक्षुओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।

9

फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय को भारत (बेंगलुरु) में अपना परिसर स्थापित करने के लिए आशय पत्र (एलओआई) सौंपना।

इससे बेंगलुरु में फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय का परिसर स्थापित करना संभव हो सकेगा।

10

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) और ऑस्ट्रेलिया के कौशल गुणवत्ता प्राधिकरण (एएसक्‍यूए) के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर।

यह तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) में गुणवत्ता आश्वासन के महत्व को स्वीकार करता है। यह व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रणालियों में नियामक प्रारूपों को सुदृढ़ बनाएगा, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक मानकों के सह-विकास और संरेखण को बढ़ावा देगा और अधिकारियों के क्षमता निर्माण, कर्मचारी आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाओं/अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को सक्षम बनाएगा।

11

भारतीय कलाकृतियों की वापसी

भारत की 3 प्राचीन वस्तुएं वापस लाई गईं:

a. शिव के वाहन, पवित्र बैल नंदी [विवरण: तमिलनाडु, भारत, 11वीं से 12वीं शताब्दी का ग्रेनाइट]
b. शुभ काली (भद्रकाली) के साथ त्रिशूल [विवरण: तमिलनाडु, भारत, 11वीं शताब्दी का कांस्य]
c. छह सिर वाले स्कंद (कार्तिकेय) [विवरण: तमिलनाडु, भारत, 12वीं शताब्दी का बेसाल्ट]

12

रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी का संचालन

यह परियोजना गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण एवं जल विभाग (डीसीईईडब्‍ल्‍यू), भारत की हरित रोजगार क्षेत्र कौशल परिषद (एसएससीजीजे) और रि-न्‍यू के सहयोग से स्थापित और संचालित की गई है। इसका उद्देश्य 2000 महिलाओं और युवाओं को सौर तकनीशियन/इंस्टॉलर/सहायक के रूप में प्रशिक्षित करना है। यह माननीय प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्यघर योजना और भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में सहयोग करती है।

13

ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी के अंतर्गत समझौता ज्ञापन

ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी के अंतर्गत उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार में त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है।

14

जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया (जीए) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के बीच समझौता ज्ञापन

यह परियोजना वर्ष 2015 में हस्ताक्षरित वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर आधारित है। इसका उद्देश्य उन्नत अन्वेषण पद्धतियों को अपनाना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास करना तथा जीएसआई अवसंरचना के तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण को सक्षम बनाना है।

15

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और आईपी ऑस्ट्रेलिया के बीच पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी तक पहुंच समझौता

आईपी ​​ऑस्ट्रेलिया को पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) डेटाबेस तक पहुंच प्रदान करता है।

16

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और मेलबर्न विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन

यह कार्यक्रम भविष्य में सहयोग के लिए दोनों संस्थानों के बीच संबंध स्थापित करता है, जिसमें औषधि लक्ष्य पहचान की दिशा में सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रम, प्रशिक्षु कार्यक्रम और संकाय विनिमय कार्यक्रम शामिल हैं।

17

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई), कोलकाता और ग्रिफिथ फिल्म स्कूल, साउथ ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू)

सहयोग के लिए एक अनुकूल और खुला ढांचा स्थापित करना, जिसमें संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियां और कार्यशालाएं, सिनेमा और संबद्ध क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं का विकास तथा अल्पकालिक कार्यशालाओं या ग्रीष्मकालीन विद्यालयों पर सहयोग शामिल है।

18

विक्टोरिया विश्वविद्यालय को स्वीकृति पत्र सौंपना

यह विधेयक विक्टोरिया विश्वविद्यालय को गुरुग्राम में अपना परिसर स्थापित करने और संचालित करने की अनुमति देता है।