मुख्यमंत्री का जापान दौरा : दूसरा दिन

टोकियो में नामी जापानी कंपनियों के साथ श्री मोदी की वन-टू-वन बैठकें

जापान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर कात्सुई ओकाडा गुजरात

के विकास और राजनैतिक नेतृत्व से प्रभावित

जापान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, मिजुहो फाइनेंस ग्रूप, केडानन्रन-बिजनेस फेडरेशन, जापान-इंडिया पार्लियामेंटेरियन फ्रेंडशिप लीग, इंटरनेशनल फ्रेंडशिप एक्सचेंज काउंसिल और इंडिया सेंटर फाउंडेशन के समारोह में मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत

पार्लियामेंटरी वाइस मिनिस्टर द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत और रात्रिभोज

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जापान प्रवास के दूसरे दिन, मंगलवार को जापान की गणमान्य और विश्वप्रसिद्घ औद्योगिक कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं के साथ अत्यंत फलदायी श्रेणीबद्घ वन-टू-वन बैठकें की।

मुख्यमंत्री के विकास व्यूह की दूरदर्शिता से जापान के वरिष्ठ कंपनी संचालक काफी प्रभावित हुए और गुजरात के 21वीं सदी के भावी विकास का विजन जानकर गुजरात-जापान के बीच औद्योगिक और आर्थिक विकास के नये क्षेत्र में तथा विभिन्न प्रोजेक्ट शुरू करने में गहरी रुचि दर्शायी।

जापान के 400 जितने कंपनी पदाधिकारियों के समक्ष जेट्रो के सोमवार को आयोजित सेमीनार के बाद आज श्री मोदी ने गणमान्य और नामी कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों का सिलसिला जारी रखा। इनमें सुमिटोमो कॉर्पोरेशन, बैंक ऑफ टोक्यो, मित्शुबिशी कॉर्पोरेशन, हिताची कंपनी, इटोयु कॉर्पोरेशन, मिजुहो फाइनेंस, केडानन्रन के प्रेसिडेंट और पदाधिकारियों की श्री मोदी के साथ बैठक हुई।

गुजरात भारत की अर्थव्यवस्था का चालक बल और औद्योगिक क्षेत्र में नंबर वन राज्य बन चुका है। इससे आगे बढक़र गुजरात अब इंडस्ट्रीयल स्टेट विथ ग्रीन स्टेट की नई पहचान खड़ी करने की ओर आगे बढ़ रहा है। पर्यावरण के साथ विकास की पथप्रदर्शक पहल गुजरात ने की है, इसकी भूमिका में श्री मोदी ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर पावर, कैनाल सोलर पावर प्रोजेक्ट, क्लपसर, धोलेरा सर, डीएमआईसी के निर्माण के साथ ही स्मार्ट सिटी, ईको सिटी जैसे 21वीं सदी के एन्वायर्नमेंट ओरिएन्टेड डेवलपमेंट की दिशा में गुजरात आगे बढ़ रहा है।

गुजरात में राजनीतिक स्थिरता, सुमेलपूर्ण श्रमिक-संचालक संबंधों के कारण औद्योगिक शांति, बिजली आपूर्ति की सुनिश्चितता, पॉलिसी ड्रिवन रिफोर्म द्वारा सातत्यपूर्ण नीतियों का अमल, पारदर्शी प्रशासन से निर्णयों में गतिशीलता और जमीन के संबंध में सरकार की स्वयंस्पष्ट नीतियों की वजह से विवादों की संभावना न के बराबर है। राज्य सरकार के ऐसे सफल आयामों से जापान के कंपनी संचालक काफी प्रभावित हुए।

गुजरात सरकार दहेज के एशिया के सबसे बड़े डिसेलिनेशन प्लान्ट के प्रोजेक्ट द्वारा औद्योगिक जल के उपयोग के लिए डिसेलिनेशन वाटर की नई नीति लाने जा रही है। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने सोलर एनर्जी क्षेत्र में नर्मदा कैनाल के पांच हजार किलोमीटर शाखा नेटवर्क के साथ जोडक़र कैनाल सोलर पावर प्रोजेक्ट में जापानी कंपनी को शामिल होने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जापान की वित्तीय संस्थाएं कैनाल के इस सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए ऋण की पहल करे तो सोलर एनर्जी क्षेत्र में भी वित्तीय संस्थाएं योगदान दे सकेंगी।

उन्होंने कहा कि शिपिंग यार्ड और शिप ब्रेकिंग के लिए पर्यावरण के सभी पहलुओं का निराकरण किया जा सके, ऐसे प्रदूषण-हेजार्ड मुक्त विकास का मॉडल तैयार करने के लिए गुजरात प्रतिबद्घ है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर और गुजरात के पोर्ट, रेल, एयरपोर्ट, रोड के कम्यूनिकेशन लिंकेज के इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढक़र गुजरात गैस ग्रिड और सोलर विंड तथा इंटरनेट ब्रॉड बैण्ड कनेक्टिविटी के नेक्स्ट जनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर काफी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जापान का एक्सपीरियंस और टेक्नोलॉजी का सामथ्र्य तथा गुजरात की उद्यमशीलता और टैलेंटेड स्किल मैन पावर का समन्वय हो जाए, तो गुजरात और जापान 21वीं सदी के भारत-जापान के शक्तिशाली अर्थतंत्र में निर्णायक बनेंगे

मंगलवार को दिन भर व्यस्त कार्यक्रमों और बैठकों के दौरान श्री मोदी ने गुजरात के बिजनेस डेलीगेशन के सदस्यों के साथ जापान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रमुख टी. ओकामुरा, जापान बिजनेस फेडरेशन-केडानन्रन के प्रमुख हीरोमासा योनेकुरा, मिजुहो फाइनेंशियल ग्रूप के प्रेसिडेंट वाय. साटो के साथ ही जापान-गुजरात की परस्पर आर्थिक-औद्योगिक और सांस्कृतिक संबंधों की भागीदारी पर कई बैठकें की।

मुख्यमंत्री का आज अभिवादन करने के समारोहों - इंडिया सेंटर फाउंडेशन, पूर्व प्रधानमंत्री वाय. फुकुड़ा के नेतृत्व में जापान-इंडिया पार्लियामेंटेरियंस फ्रेंडशिप लीग, इंटरनेशनल फ्रेंडशिप एक्सचेंज काउंसिल और पार्लियामेंटरी वाइस मिनिस्टर फॉर फॉरेन अफेयर्स द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में गुजरात-जापान के बीच जिस गति से पारस्परिक संबंध विशाल दायरे में विकसित हुए हैं, उसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री मोदी को दिया गया। गुजरात के विकास में जापान की सहभागिता के संबंधों का नया युग शुरू हो रहा है, इसका नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा के साथ ही अभिवादन भी किया गया।

जापान के उप प्रधानमंत्री कात्सुया ओकाड़ा ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के कार्यालय में आमंत्रित कर गुजरात-जापान किस तरह सहभागिता का नया दायरा विकसित कर सकते हैं, इस बारे में परामर्श किया। श्री ओकाड़ा ने उनके गुजरात दौरे के संस्मरणों के साथ कहा कि गुजरात का दौरा उनके लिए शुभ साबित हुआ है और वह उप प्रधानमंत्री बने हैं।

श्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में एशिया के दो देशों भारत-जापान में लोकतांत्रित व्यवस्थाएं है और मात्र आर्थिक-औद्योगिक संबंध ही नहीं बल्कि बौद्घ धर्म के दोनों देशों में प्रभाव के कारण सांस्कृतिक संबंध आर्थिक प्रगति में नई शक्ति बनेंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में मिले भगवान बुद्घ के अवशेषों के स्थल पर भव्य बौद्घ मंदिर बनाने के प्रोजेक्ट में जापान सरकार और जनता सहभागी बनें तो सांस्कृतिक संबंधों का अनोखा सेतु स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री ने जापान के गो ग्रीन प्रोजेक्ट का सपना गुजरात की धरती पर साकार करने के लिए नर्मदा कैनाल पर सोलर पावर पैनल में 5000 मेगावाट क्षमता खड़ी करने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में जापान के भागीदार बनने और जापान की कंपनियों को प्रेरित होने का अनुरोध किया।

श्री ओकाड़ा ने गुजरात में राजनीतिक स्थिरता के साथ विकास में गतिशील नेतृत्व प्रदान कर रहे श्री मोदी से सोलर-विंड एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी रिसर्च, डीएमआईसी प्रोजेक्ट और धोलेरा सर सहित इंफ्रास्ट्रक्चर, बुद्घ के सांस्कृतिक पर्यटन सहित 21वीं सदी के विकास क्षेत्रों पर परस्पर सहभागिता के नये सेतु बनाने पर चर्चा की।

अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुख्यमंत्री और जापान के उप प्रधानमंत्री की यह द्विपक्षीय बैठक सफल होने पर गुजरात और जापान के बीच संबंधों में नये प्रेरक परिमाणों का उदय हुआ है।

मुख्यमंत्री और गुजरात का प्रतिनिधिमंडल कल टोक्यो से बुलेट ट्रेन में यात्रा करते हुए हामामात्सु, ओसाका, नगोया और कोबे जाएगा।

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Prime Minister Shri Narendra Modi speaks with the Amir of Kuwait
June 09, 2026
The two leaders exchange views on the situation in West Asia.
Prime Minister reaffirms India’s strong condemnation of attacks on Kuwait’s sovereignty and territorial integrity.
Prime Minister reiterates call for de-escalation, dialogue and diplomacy.
Prime Minister thanks His Highness the Amir for his personal attention to the well-being and safety of the Indian community in Kuwait.

Prime Minister Shri Narendra Modi held a telephone conversation today with the Amir of the State of Kuwait, His Highness Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al Sabah.

The two leaders exchanged views on the evolving security situation in West Asia.

Prime Minister expressed deep concern over the escalation of tensions and reaffirmed India’s strong condemnation of attacks on Kuwait’s sovereignty and territorial integrity.

Prime Minister reiterated the call for de-escalation, dialogue and diplomacy for earliest restoration of peace and stability.

Prime Minister thanked His Highness the Amir for his personal attention to the continued well-being and the safety of the large Indian community in Kuwait.