लिए 1024 आवासों का लोकार्पण
वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों की आधुनिक आवास निर्माण योजना-अम्बेडकर आवास योजना में बनेंगे कुल 1989 आवास
राज्य के तमाम सफाई कर्मचारियों को आवास सुविधा
उपलब्ध करवाने का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को डॉ. अम्बेडकर सफाई कामदार आवास योजना के तहत 1024 आवासों का लोकार्पण करते हुए कहा कि सुबह-शाम गुजरात में झूठ फैलाने वाले तत्वों को गरीब के विकास की चिंता नहीं है, लेकिन यह सरकार राज्य के तमाम सफाई कर्मचारियों को आवास सुविधा उपलब्ध करवाएगी। हमारी संतानों को गरीबी विरासत में नहीं देनी है, ऐसा संकल्प करने का उन्होंने आवास सुविधा प्राप्त करने वाले सफाई कर्मचारी परिवारों को आह्वान किया।
स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मजयंति पर डॉ. अम्बेडकर के सपने साकार करने के लिए समाज की सफाई-स्वच्छता की सेवा करने वाले वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को घर में बसाने के राज्य सरकार के अभियान का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गरीबों को सरकारी आवास के आवंटन में परिवार के नारी सदस्य को ही प्राथमिकता देने का निर्णय राज्य सरकार ने किया है। जिससे परिवार की बहनों-महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हो। महिलाओं को निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि गरीबतम परिवारों के भी सुख-शांति के सपने साकार किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने आधुनिक आवास की स्थायी जिंदगी मिलते ही सभी कुरीतियों, व्यसनों से मुक्त होकर नई जिंदगी के सपने साकार करने के लिए संतानों को पढ़ा-लिखाकर विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के अवसरों का लाभ लेने का अनुरोध किया।
वाल्मीकि समाज के बच्चे बदलते युग में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की शिक्षा हासिल करें, इसके लिए द्गरूक्कह्रङ्खश्वक्र प्रोजेक्ट में एक भी रुपये के खर्च के बिना कंप्यूटर बेजिक कोर्स का लाभ लेने का मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। इस योजना में 14 वर्ष से बड़ी आयु का कोई भी 5वीं पास व्यक्ति प्रशिक्षण ले सकता है।
इस मौके पर अहमदाबाद के मेयर असित वोरा ने अपने विचार रखे और आभार विधि डिप्टी मेयर दर्शनाबेन ने की। कार्यक्रम में अहमदाबाद जिला प्रभारी राजस्व एवं आवास मंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री फकीरभाई वाघेला, शिक्षा मंत्री रमणलाल वोरा सहित बोर्ड, निगम के अध्यक्ष, मनपा के पदाधिकारीगण, विधायक, आवास हासिल करने वाले लाभार्थी और उनके परिजन भारी संख्या में उपस्थित थे।


