गुजरात की नारीशक्ति ने राज्य के विकास में भागीदार बनकर अनोखी उपलब्धि हासिल की है : मुख्यमंत्री
अहमदाबाद में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने नारीशक्ति को किये पुरस्कार प्रदान
3.81 करोड़ के माता यशोदा अवार्ड 2254 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं को
61.04 लाख के पुरस्कार 1390 महिला खिलाडिय़ों को
108 लाख के कन्या केळवणी निधि के पुरस्कार 3339 तेजस्वी कन्याओं को
मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अहमदाबाद में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन में गुजरात की नारीशक्ति को विकास में भागीदार बनकर उपलब्धियां हासिल करने पर राज्य सरकार की ओर से पुरस्कार प्रदान कर उनको सम्मानित किया। नारी सशक्तिकरण की प्रतिबद्घता व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गुजरात की मातृशक्ति के रक्षा कवच से गुजरात के विकास को अविरत गति से आगे बढ़ाने के लिए उन्हें शक्ति मिल रही है। अहमदाबाद सहित गुजरातभर में एक साथ आयोजित 25 जिलास्तरीय आज के महिला सम्मेलन सहित कुल 1.35 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
अहमदाबाद में मुख्यमंत्री द्वारा और जिलास्तर पर मंत्रियों द्वारा माता यशोदा अवार्ड करीब 2254 आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता बहनों को प्रदान कर उनको सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों की राशि 3.81 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली 1390 महिला खिलाडिय़ों को 61.04 लाख के पुरस्कार और 3339 कन्याओं को शिक्षा-अभ्यास में प्रोत्साहन के लिए 108 लाख रुपये के कन्या केळवणी निधि के पुरस्कार प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि के शक्ति उपासना पर्व के दौरान माता यशोदा के रूप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मातृशक्ति का सम्मान करने सहित नारीशक्ति के अभिवादन के इस मौके को चतुर्भुज सम्मान समारोह करार दिया।
गुजरात सरकार के स्पेस टेक्नोलॉजी नेटवर्क से मुख्यमंत्री ने 25 जिलों में आयोजित महिला सम्मेलनों में सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने गुजरात महिला विकास पुरस्कार भी प्रदान किये, जिनमें इस वर्ष व्यक्तिगत रूप से 50 हजार का पुरस्कार भालनलकांठा खादी ग्रामोद्योग मंडल, अहमदाबाद की कार्यकर्ता पालुबेन वाघ को जबकि राजकोट की मेडिकल एंड एजुकेशन ट्रस्ट को एक लाख का पुरस्कार महिला विकास के क्षेत्र में उत्तम योगदान के लिए प्रदान किया। आंगनवाड़ी के माता यशोदा पुरस्कार प्रदान करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आने वाले कल के गुजरात के शक्तिशाली निर्माण में आज के बालक और उसमें भी गरीब श्रमयोगी परिवारों के बालकों के लालन-पालन, संस्कार सिंचन के लिए आंगनवाड़ी एक सशक्त माध्यम है। लेकिन दस वर्ष पहले गुजरात में आंगनवाड़ी और उसकी कार्यकर्ता बहनों की उपेक्षा होती थी, आज राज्य सरकार द्वारा दिये गये साड़ी-ड्रेस यूनिफार्म की वजह से आंगनवाड़ी और उसकी कार्यकर्ता बहनों की गांव में गरिमामय अनोखी पहचान बनी है। पेज 2 पर जारी... गुजरात की नारीशक्ति... पेज 2 माता यशोदा अवार्ड की रकम 51 हजार रुपये रखी गई है जो जिला कलक्टर को दिये जाने वाले पुरस्कार से भी ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी की नई डिजाइन के 12 हजार भवनों के साथ नंदघर का निर्माण करने के लिए इस वर्ष 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है और प्रत्येक घर में पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए लकड़ी के चुल्हे के बजाय गैस कनेक्शन दिये गये हैं। आंगनवाड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए श्री मोदी ने कहा कि ढाई लाख जितने सखी मंडलों में 25 लाख सखी मंडल सदस्य बहनें 1600 करोड़ रुपये का आर्थिक कारोबार करती हैं, इसका श्रेय आंगनवाड़ी कार्यकताओं को जाता है, जिन्होंने सखी मंडलों को नई शक्ति प्रदान की है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं ने गरीब बालकों, गरीब गर्भवती माताओं, कुपोषित किशोरियों के कुपोषण का निवारण करने के लिए बालभोग योजना को सफल बनाया है, इस पर श्री मोदी ने शुभकामनाएं दीं।
गुजरात के खेल महाकुंभ में गुजरात की नारीशक्ति ने 7 लाख जितनी संख्या में भाग लेकर रिकार्ड बनाया है। कन्या केळवणी निधि के 108 लाख रुपये के पुरस्कार प्रदान करते हुए श्री मोदी ने कहा कि बेटों के बजाय बेटियां शिक्षा-परीक्षाओं में उत्तम परिणाम ला रही है और सौ प्रतिशत कन्याओं का शाला प्रवेश अब संभव बना है। गुजरात सरकार की तपती गर्मी में कन्या केळवणी यात्रा की सफलता और समाज ने कन्या शिक्षा के लिए इस आंदोलन में शामिल होकर कन्या केळवणी निधि में जो योगदान दिया है उनका आभार व्यक्त करता हूं। बेटी शिक्षा में शोभायमान होगी तो पूरा गुजरात शिक्षा में शोभायमान हो उठेगा, ऐसे व्यक्तिगत संकल्प से श्री मोदी ने उनको सार्वजनिक समारोह में मिले उपहारों की नीलामी करके 56 करोड़ रुपये का कोष कन्या केळवणी निधि के रूप में बनाया है।
इसमें से गुजरात की तेजस्वी कन्याओं को पुरस्कार देने पर श्री मोदी ने गर्व जताया। गुजरात राज्य सिर्फ विकास का मंत्र लेकर अपने बल और कोशिश से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में गुजरात को कमजोर करने के लिए अनेक ताकतें काम कर रही हैं जिनके समक्ष झुके बगैर मातृशक्ति के आशीर्वाद से सुरक्षा कवच हासिल कर गुजरात की नई चेतना के साथ विकास के मंत्र - सबका साथ-सबका विकास को साकार करने का श्री मोदी ने संकल्प जताया।


