प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें जीएएन (गैलियम नाइट्राइड) तकनीक पर आधारित देश की पहली व्यावसायिक मिनी/माइक्रो- एलईडी डिस्प्ले सुविधा और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधा शामिल हैं।
मंज़ूर किए गए दो प्रस्तावों से गुजरात में लगभग 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएंगी और इनसे कुशल पेशेवारों के लिए कुल 2,230 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
दो अनुमोदित प्रस्तावों के विवरण निम्नलिखित हैं:
I. क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (सीएमएल) मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल्स के निर्माण के लिए धोलेरा, गुजरात में कंपाउंड सेमीकंडक्टर निर्माण और एटीएमपी के लिए एक एकीकृत सुविधा केंद्र स्थापित करेगा। एकीकृत सुविधा केंद्र जीएएन फाउंड्री सेवाएँ भी प्रदान करेगा, जिसमें 6” वेफर्स पर एपिटेक्सी शामिल है। मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले पैनलों की प्रस्तावित वार्षिक उत्पादन क्षमता 72,000 वर्ग मीटर है, और मिनी-माइक्रो-एलईडी जीएएन एपिटेक्सी वेफर्स के लिए 24,000 आरजीबी वेफर्स सेट हैं। प्रस्तावित उत्पादों का उपयोग टीवी और साइनेज/कमर्शियल डिस्प्ले के लिए बड़े डिस्प्ले में, टैबलेट्स, स्मार्टफोन और कार डिस्प्ले के लिए मध्यम आकार के डिस्प्ले में और एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) ग्लास और स्मार्ट वॉच के लिए माइक्रो-डिस्प्ले में किया जाएगा।
II.सूचि सेमिकॉन प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) गुजरात के सूरत में एक आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा स्थापित करेगी जो अलग-अलग सेमीकंडक्टर का उत्पादन करेगी। सूचि सेमिकॉन की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 1033.20 मिलियन चिप्स है। लक्षित अनुप्रयोगों में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग आईसी, और औद्योगिक प्रणालियाँ शामिल हैं, जो वाहन, औद्योगिक स्वचालन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अंतिम बाजारों को सेवा प्रदान करेंगी।
इन दोनों अनुमोदनों के साथ, देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा क्योंकि भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत कुल अनुमोदित परियोजनाओं की संख्या 12 तक पहुँच जाएगी, जिनका कुल निवेश लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये है।
ये देश में उभरती विश्व स्तरीय चिप डिजाइन क्षमताओं में पूरक भूमिका निभाएंगी, जिन्हें सरकार द्वारा 315 शैक्षणिक संस्थानों और 104 स्टार्ट-अप्स को प्रदान किए गए डिज़ाइन अवसंरचना समर्थन से गति मिली है।
भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में गति और बढ़ रही है, क्योंकि दस अनुमोदित परियोजनाएं पहले से ही कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। दो परियोजनाओं ने पहले ही भारत से व्यावसायिक शिपमेंट शुरू कर दी है और दो अन्य परियोजनाओं से जल्द ही व्यावसायिक शिपमेंट शुरू करने की उम्मीद है।
Cabinet’s approval of new projects under the India Semiconductor Mission is a part of our efforts towards making India a leader in the global semiconductor value chain, focussing on manufacturing, packaging and advanced materials. India’s advances in the world of semiconductors…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 5, 2026


