प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) को मंजूरी दी है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • उत्पादन और घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए, सरकार ने मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) शुरू की है।
  • एमपीएमएस योजना का उद्देश्य प्रौद्योगिकीय संप्रभुता हासिल करने, बड़े आर्थिक मूल्य प्राप्त करने और डिजाइन तथा अनुसंधान एवं विकास में भारतीय पेटेंट बनाने के लिए स्‍वदेशी ब्रांडों का निर्माण करना है।
  • इस योजना की अवधि 5 वर्ष अर्थात् वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक है।
  • इस योजना के तहत देश में मोबाइल फोन के विनिर्माण के लिए पात्र बिक्री पर 2.25 से 5 प्रतिशत तक की अलग-अलग दरों पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना में प्रमुख कंपोनेंट/सब-असेंबली की घरेलू सोर्सिंग से जुड़ा 1.5 प्रतिशत तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी शामिल है। भारतीय ब्रांड बनाने के लिए, उत्पाद के डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास के लिए पात्र बिक्री पर 3 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

अपेक्षित परिणाम:

इस योजना की अवधि के दौरान, मोबाइल फोन के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ देश में मोबाइल फोन का कुल उत्पादन लगभग 39,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। इस योजना से लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने से आर्थिक विकास, रोजगार और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

संदर्भ:

  • प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' विजन ने वित्त वर्ष 2014-15 से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को 7 गुना और निर्यात को 11 गुना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र विशेष रूप से दूरदराज के गांवों के युवा पुरुषों और महिलाओं के लिए, एक प्रमुख रोजगार स्रोत के रूप में उभरा है, जहां कुछ संयंत्र एक ही स्थान पर 5,000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार प्रदान करते हैं।
  • मोबाइल फोन विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में वृद्धि का प्रमुख वाहक रहा है और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकोसिस्‍टम का आधार बन गया है। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माता है, और देश में प्रयुक्‍त 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन का विनिर्माण स्‍वदेशी रूप से किया जा रहा है।

  • वर्ष 2025 में स्मार्टफोन भारत से निर्यात होने वाले सबसे बड़े उत्पाद वर्ग के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने डीजल ईंधन और कट हीरे आदि पारंपरिक प्रमुख निर्यात वस्तुओं को पीछे छोड़ दिया है। मोबाइल फोन अब भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात का एक बड़ा हिस्सा हैं और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • व्‍यापक स्‍तर पर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना ने भारत को मोबाइल विनिर्माण और निर्यात के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीएलआई-एलएसईएम योजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक थी।


Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India's forex reserves hit all-time high of $729.33 billion after $12.42 billion jump

Media Coverage

India's forex reserves hit all-time high of $729.33 billion after $12.42 billion jump
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर बधाई दी
August 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी खेल प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों का समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित करता है।

प्रधानमंत्री ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी प्रतिभा और भारतीय हॉकी में जिनका योगदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

श्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया:

हर खेल प्रेमी को… आपका समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प सभी को गौरवान्वित करता है।

हम महान मेजर ध्यानचंद जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी प्रतिभा पीढ़ियों को प्रेरित करती है।

#NationalSportsDay”