Published By : Admin |
February 1, 2019 | 16:57 IST
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अंतरिम बजट महज ट्रेलर, चुनाव के बाद देश में बढ़ेगा विकास: प्रधानमंत्री मोदी
आम लोगों के जीवन को आसान करने वाला बजट, हमें एक नई दिशा देगा: पीएम मोदी
सभी भारतीयों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है: प्रधानमंत्री
देश को सटीक योजनाओं के माध्यम से शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है इस बजट में मीडिल क्लास से लेकरके श्रमिकों तक किसान उन्नती से लेकर कारोबारियों की प्रगति तक इनकमटैक्स रीलिफ से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक मेन्यूफैक्चरिंग से लेकर एमएसएमई सेक्टर तक हाऊसिंग से लेकर हेल्थ केयर तक, इकोनॅमी को नयी गति से लेकर न्यूइंडिया के निर्माण तक सबका ध्यान इस बजट में रखा गया है।
साथियों हमारी सरकार की योजनाओं ने देश के हर व्यक्ति के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ 50 करोड़ गरीबों को मिलना सुनिश्चित हुआ है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और सुरक्षा बीमा योजना का लाभ 21 करोड़ गरीबों को मिल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन का लाभ 9 करोड़ से ज्यादा परिवारों को हुआ है। उज्ज्वला योजना के तहत छह करोड़ से ज्यादा परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना की वजह से 1.5 करोड़ परिवारो को उनके अपने पक्के घर मिले हैं। अब इस बजट में 12 करोड़ से ज्यादा किसानों को 3 करोड़ से ज्यादा मध्यम वर्ग के टैक्स पेयर परिवारों को और 30, 40 करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलना तय हुआ है। साथियों सरकार के प्रयासों से आज देश में गरीबी रिकार्ड गति से कम हो रही है लाखों करोड़ों लोग गरीबी को परास्त करके न्यू मीडिल क्लास, मीडिल क्लास में प्रवेश कर रहे हैं। देश का यह बहुत बड़ा वर्ग आज अपने सपने साकार करने में और साथ साथ देश के विकास को गति देने में जुटा हुआ है। ऐसे समय में इस बढ़ते मीडिल क्लास की आशा, आकांक्षाओं को कुछ कर दिखाने के जज्बे को हौसला मिले उसको सपोर्ट मिले इसके लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। मैं देश के मीडिल क्लास, सैलरिड मीडिल क्लास को Income Tax की दरो में मिली छूट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हॅू।
ये मध्यम वर्ग और उच्चतम मध्यम वर्ग की उदारता ही उनकी ईमानदारी ही है कानून को मानकर चलने की उनकी प्रतिबद्धता ही है जिसकी वजह से देश को टैक्स मिलता है देश की योजनाएं बनती हैं, गरीब का कल्याण होता है। वर्षों से यह मांग रही है कि पांच लाख रूपए तक की आय को Income Tax से मुक्त घोषित किया जाए। इतने वर्षेां से की जा रही इस मांग को पूरा करने का काम हमारी सरकार ने किया है।
साथियों किसानों के लिए समय-समय पर अलग-अलग योजनाएं अलग-अलग सरकारों ने बनाई हैं लेकिन ऊपरी सतह के दो, तीन करोड़ किसानों से ज्यादा किसान इन योजनाओं के दायरे में आए ही नहीं। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानि जिसे पीएम-किसान योजना कहा जा रहा है उसका लाभ 12 करोड़ से ज्यादा उन किसानों को मिलेगा जिनके पास पांच एकड़ या पांच एकड़ से कम भूमि है। एक प्रकार से आजादी के बाद देश के इतिहास में किसानों के लिए बनी ये सबसे बड़ी योजना है। हमारी सरकार किसानों के लिए एक के बाद एक ठोस कदम उठा रही है। पशुपालन, गौसंवर्द्धन,मछली पालन जैसे ग्रामीण जीवन और कृषि जीवन से जुड़े अहम क्षेत्रों का भी इस बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग, और मछली पालन का अलग डिपार्टमेंट करोड़ों किसानों को अपनी आजीविका बढ़ाने में मदद करेगा। मछवारों की मदद करेगा। हमारा यह पूरा प्रयास है कि किसान को सशक्त करके उसे वो साधन दें, संसाधन देंजिससे वो अपनी आय दोगुनी कर सके। आज के निर्णयों से इस मिशन को और तेजी मिलेगी।
साथियों आज भारत में अनेक क्षेत्रों में विकास हो रहा है नये नये प्रकार के क्षेत्रों में नये-नये विस्तारों में नये नये प्रकार की योजनाओं में प्रगति हो रही है और इन क्षेत्रों काम करने वाले लोगों की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। लेकिन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, मजदूरों अनऑर्गेनाइज्ड लेबर जिसमें घर पर काम करने वाले लोगा होंया खेतिहर मजदूर हो या ढेले चलाने वाले लोग हों ऐसे समाज तक बहुत बड़ा तबका है मेरे भाइयो-बहनो इन मेरे बंधुओं की चिंता कभी नहीं की गयी है। उन्हें उनके नसीब पर छोड़ दिया गया। हमारे देश में इनकी संख्या अनऑर्गेनाइज्ड लेबर की संख्या करीब करीब 40, 42 करोड़ है उनके लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना उनके जीवन के उत्तरार्द्ध 60 वर्ष की आयु के बाद की जिंदगी के लिए बहुत बड़ा संबल होगी उन्हें आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं का लाभ तो मिलेगा ही। बुढापे में रोजमर्रा की जिंदगी गुजारने के लिए पेंशन भी मिला करेगा।
भाइयों और बहनों हमारी सरकार देश के हर उस नागरिक को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है जो अब भी कुछ कारणों से विकास का पूरा लाभ नहीं ले पाए हैं। समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने के इस प्रयास में सरकार ने घुमंतु समुदायों जैसे मदारीहै, सपेरा हैं, बंजारा है गाडिया लोहार है आदि के लिए एक वेलफेयर बोर्ड बनाने का भी फैसला किया है। मुझे उम्मीद है कि सही पहचान होने के बाद सरकार के विकास कार्यों का लाभ इन समुदायों को और तेजी से मिलेगा।
साथियों व्यापारी वर्ग के लिए ट्रेडर्स के लिए कोई मंत्रालय हो उस विचार से एक नयी व्यवस्था को विकसित करने की दिशा में हम आगे बढ़े हैं। देश के व्यापारी वर्ग, ट्रेडर्स और अनेक कर्मचारी की आवश्यकताओं को समझते हुए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए डीआईपीपी को रिस्ट्रक्चर करके उसे विशेष जिम्मेदारी दी गयी है। अब ये विभाग डिपार्टमेंट फार प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड के नाम से जाना जाएगा। मुझे प्रसन्नता है कि अगले दशक के अंत तक की आवश्यकताओं को और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए भी इस बजट में योजनाओं को समाहित किया गया है। ये बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्मान देगा, मीडिल क्लास के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार टैक्स पेयर के गौरव का गान करेगा, ट्रेडर्स को सशक्त करेगा, इंस्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण को गति देगा अर्थ व्यवस्था को नया बल देगा। देश का विश्वास मजबूत करेगा। ये बजट न्यू इंडिया के लक्ष्यों की प्राति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा। ये बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी है। सर्वोत्कर्ष को समर्पित है।
मैं एक बार फिर हमारे मित्र अरूण जी को और पीयुष जी को और उनकी टीम को इस उत्तम बजट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
आज मैं एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर विशेष कर देश की माता बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं! आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया! और मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों, उनसे मैं क्षमा प्रार्थी हूं।
साथियों,
हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित, देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देश हित को, इसका खामियाजा उठना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश के नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।
साथियों,
कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी, देश की नारी शक्ति देख रही थी, मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने, इन्हीं लोगों ने, संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाई थीं। कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं, वो ये भूल रहे हैं, कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है, वो उनकी की मंशा भाप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।
साथियों,
सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छिनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ ना कुछ देने का था, देने के लिए संशोधन का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।
नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञन था। देश की 50% यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने और सबको जोड़ने का प्रयास था। नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो, राज्य बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो या राज्य की आबादी ज्यादा हो। सब की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है, भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, टीएमके जैसे दल, इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।
साथियों,
कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है, उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए षड्यंत्र किए हैं। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, हर बार कांग्रेस ने इसमें रो़ड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसा करके इन दलों ने भारत के नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखौटा उतर दिया है।
साथियों,
मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेंगी। कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का, अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है। लेकिन कांग्रेस, ये भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े, इसलिए कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवारकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलना का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।
साथियों,
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियां, इतने वर्षों से हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं, बनाते आए हैं, कोई ना कोई टेक्निकल पेंच फंसाकर, ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है, और उसके पीछे की वजह भी जान चुका है।
भाइयों बहनों,
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है, अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज पंचायतों में, लोकल बॉडीज में, जिन हजारों लाखों महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है, जब आगे बढ़कर लोकसभा और विधानसभाओं में आना चाहती हैं, देश की सेवा करना चाहती हैं, परिवारवादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी हुई है। परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सीटें होंगी, महिलाओं का कद बढ़ेगा, इसीलिए, इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया है। देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेगी।
मेरे प्रिय देशवासियों,
कांग्रेस और उसके साथी दल, डिलिमिटेशन पर लगातार, लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। क्योंकि, बांटो और राज करो, काँग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है। और, कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए, ये झूठ फैलाया गया कि डिलिमिटेशन यानी परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा! जबकि, सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है, कि न किसी
राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का representation कम होगा। बल्कि,सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी काँग्रेस,DMK,TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए।
साथियों,
ये संशोधन बिल सभी दलों, और सभी राज्यों के लिए एक मौका था, एक अवसर था। ये बिल पास होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी, केरलम, हर राज्य की सीटें बढ़तीं। लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से इन दलों ने, अपने राज्य के लोगों को भी धोखा दे दिया। जैसे कि, DMK के पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद, विधायक बना सकती थी, तमिलनाडु की आवाज़ और मजबूत कर सकती थी! लेकिन, उसने वो मौका खो दिया। TMC के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था। लेकिन TMC ने भी ये मौका गवां दिया। समाजवादी पार्टी के पास भी मौका था कि वो महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके। लेकिन सपा भी इसमें चूक गई। समाजवादी पार्टी लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। सपा ने नारीशक्ति वंदन संशोधन का विरोध करके, लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
साथियों,
महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके, कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है। कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। 21वीं सदी के विकसित भारत के लिए, जो भी निर्णय, जो भी रिफॉर्म्स ज़रूरी हैं, जो भी निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उन सबका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है, उस काम के अंदर खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नेगेटिव पॉलिटिक्स है।
साथियों,
ये वही कांग्रेस है, जिसने जनधन-आधार-मोबाइल की त्रिशक्ति का विरोध किया। कांग्रेस ने, डिजिटल पेमेंट्स का विरोध किया, कांग्रेस ने, GST का विरोध किया, कांग्रेस ने, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का विरोध किया, कांग्रेस ने, ट्रिपल तलाक के विरुद्ध कानून का विरोध किया। कांग्रेस ने, आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। हमारा संविधान, हमारे कोर्ट, जिस यूनिफॉर्म सिविल कोड, समान नागरिक आचार संहिता को, यूसीसी को ज़रूरी बताते हैं, कांग्रेस उसका भी विरोध करती है। Reform का नाम सुनते ही कांग्रेस, विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। ऐसा कोई भी काम जिससे देश मजबूत होता है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने के लिए पूरी शक्ति लगा देती है। कांग्रेस, वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है, कांग्रेस, देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है, कांग्रेस, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, SIR का विरोध करती है, कांग्रेस, वक्फ बोर्ड में Reform का विरोध करती है।
साथियों,
कांग्रेस ने, शरणार्थियों को सुरक्षा देने वाले CAA कानून तक का विरोध किया। इस पर झूठ बोलकर-अफवाहें फैलाकर देश में बवंडर खड़ा कर दिया। कांग्रेस, माओवादी-नक्सली हिंसा को समाप्त करने के देश के प्रयासों में भी रुकावटें डालती है। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, कोई भी Reform आए तो झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ। इतिहास साक्षी है, कांग्रेस ने हमेशा यही नेगेटिव रास्ता चुना है।
साथियों,
जो भी कार्य देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसको कार्पेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है। आजादी के समय, उस दौर में हमारे साथ और भी कई देश आजाद हुए थे। ज्यादातर देश हमसे बहुत आगे निकल गए, और इसकी वजह थी, कि कांग्रेस हर Reform को रोककर बैठी रही। लटकाना-भटकाना- अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, यही कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ सीमा-विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के निर्णय को 40 साल तक लटकाए रखा। कांग्रेस ने सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को 40 साल तक रोके रखा।
साथियों,
कांग्रेस के इस रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हुई हैं। इसलिए, ये लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है, ये लड़ाई, कांग्रेस की उस एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें सिर्फ नेगेटिविटी है, नकारात्मकता है। और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।
साथियों,
कुछ लोग देश की महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। लेकिन, ये विषय कामयाबी या नाकामयाबी क्रेडिट का था ही नहीं। मैंने संसद में भी कहा था, आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिये, मैं इसका क्रेडिट, विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूँगा। लेकिन, महिलाओं को दक़ियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे, कायम रहे!
साथियों,
नारीशक्ति को भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। वर्षों से मैं भी इसके लिए प्रयास करने वालों में से एक हूं। कितनी ही महिलाएं ये विषय मेरे सामने उठाती रही हैं। कितनी ही बहनों ने पत्र के द्वारा मुझे सारी बातें बताई हैं। मेरे देश की माताएं-बहनें-बेटियां, मैं जानता हूं, आज आप सब दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुःख में दुःखी हूँ। आज भले ही, बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से कभी भी रोक नहीं पाएंगे, सिर्फ वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तीकरण का बीजेपी-एनडीए का संकल्प अक्षुण्ण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे, हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए, इस संकल्प को पूरा करना ही है। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।