प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने ब्रिक्‍स के छठे शिखर सम्‍मेलन में भाग लिया

दिन: 03

स्‍थानों की यात्राएं की: ब्राजीलिया, फोर्टालेजा (ब्राजील)

लोगों से मुलाकात: ब्रिक्‍स राष्‍ट्रों के नेता, दक्षिण अमेरिकी राष्‍ट्रों के नेता

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने ब्राजील में आयोजित छठे ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन में शिरकत की। प्रधानमंत्री ने शिखर बैठक में भाग लेने से पूर्व रवाना होते हुए कहा, “मैं हमारे विचार विमर्श के माध्‍यम से ब्रिक्‍स के भीतर आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक स्थिरिता और समृद्धि को बढ़ाने में हमारे सामूहिक प्रयासों की उम्‍मीद करता हूं। खास तौर से मैं नये विकास बैंक और आपात रिजर्व व्‍यवस्‍था (कंटीजेंट रिजर्व अरेंजमेंट) के संबंध में ब्रिक्‍स की पहल पर बातचीत सफल होने की उम्‍मीद करता हूं जिन पर 2012 में नई दिल्‍ली में उनकी शुरुआत से अब तक काफी प्रगति हो चुकी है।”

भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि, शांति और स्थिरिता को प्रोत्‍साहित करने में ब्रिक्‍स फोरम को बेहद अहमियत देता है। इस साल का थीम, “समावेशी विकास, सतत विकास” शिखर सम्‍मेलन में भाग लेने वाले राष्‍ट्रों को संयुक्‍त राष्‍ट्र में विचार किए जाने वाले 2015 के बाद के विकास एजेंडा को आकार देने में सक्षम बनायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी व्‍यापक सामाजिक, क्षेत्रीय और आर्थिक विविधता को देखते हुए हमारे लिए, समावेश एक विशेष चुनौती और जिम्‍मेदारी है।”

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ब्राजील के शहर फोर्टालेजा में छठे ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ब्रिक्‍स के सदस्‍य राष्‍ट्रों से वैश्विक आर्थिक कमजोरी और राजनीतिक अस्थिरिता की चुनौतियों को दूर करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्‍होंने दक्षिण अफ्रीका के पास ब्रिक्‍स की अध्‍यक्षता के दौरान राष्‍ट्रपति जूमा को उनके नेतृत्‍व के लिए धन्‍यवाद दिया और ब्राजील को अध्‍यक्षता संभालने पर शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने ब्रिक्‍स के एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए भारत के पूरे सहयोग का वचन दिया।

ब्रिक्‍स बिजनेस काउंसिल के सदस्‍यों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक ताकतें वैश्विक संबंधों में तेजी से महत्‍वपूर्ण बनती जा रही हैं और कारोबार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्रतिभा और परंपरा में मौजूदा स्थिति को पुन:परिभाषित करने की ताकत है। उन्‍होंने दोहराया कि “भारत अफ्रीकी देशों के विकास के लिए उनके साथ साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्‍होंने कहा कि ब्रिक्‍स विकास बैंक के बीच ब्रिक्‍स देशों में कारोबार और निवेश को प्रोत्‍साहित करने को कई समझौते पहले ही हो चुके हैं। इस क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम ब्रिक्‍स न्‍यू डवलपमेंट बैंक की स्‍थापना है। इससे न सिर्फ ब्रिक्‍स राष्‍ट्रों को फायदा होगा बल्कि यह अन्‍य विकासशील देशों की भी मदद करेगा। ब्रिक्‍स बैंक का पहला सीईओ भारत से होगा।

ब्रिक्‍स आपात रिजर्व व्‍यवस्‍था पर समझौता एक और महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री ने गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा सबको मुहैया कराने के लिए व्‍यापक ओपन ऑनलाइन कोर्स उपलब्‍ध कराने का सुझाव भी दिया। उन्‍होंने कहा, “हम ब्रिक्‍स यूनिवर्सिटी के विचार की संभावनाएं भी तलाशेंगे। ब्रिक्‍स देशों के प्रतिभाशाली लोगों को शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, कृषि, संसाधन प्रबंधन और शहरी विकास में परस्‍पर सहयोग के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है। अन्‍य क्षेत्रों में ब्रिक्‍स राष्‍ट्रों के लिए सस्‍ती स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा, हमारे लघु और मध्‍यम उद्योगों के बीच आगे सहयोग का तंत्र और ब्रिक्‍स राष्‍ट्रों के बीच पर्यटन को प्रोत्‍साहित करने को एक साझा फ्रेमवर्क शामिल हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्‍तान से लेकर अफ्रीका तक के क्षेत्र में राजनीतिक उथल-पुथल और संघर्ष का दौर चल रहा है। उन्‍होंने, “इसके चलते भारी अस्थिरिता पनप रही है जो तेजी से सीमाएं पार कर दूसरे देशों में फैल रही है। इसका हम पर प्रभाव पड़ता है। अगर हम मूकदर्शक बनकर देशों को इसी तरह तार-तार होते देखते रहेंगे तो इसका गंभीर परिणाम हो सकता है।”

आतंकवाद के मुद्दे पर उन्‍होंने कहा, “आतंकवाद एक खतरा हे और इसकेक चलते आज युद्ध जैसे हालात हैं। वास्‍तव में यह एक छदम युद्ध है जिसका निशाना निर्दोश नागरिक हैं। अलग-अलग मानदंडों के चलते अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में सक्षम नहीं रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के प्रति जीरो टोलेरेंस की नीति होनी चाहिए।

उन्‍होंने कहा, “ब्रिक्‍स को हमारे राजनीतिक संकल्‍प को एक ठोस और निर्देशित कार्ययोजना में परिवर्तित करना चाहिए। मैं संयुक्‍त राष्‍ट्र की अंतरराष्‍ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि के मसौदे को जल्‍द मंजूरी देने का आह्वान करता हूं। ब्रिक्‍स की आज यही हैसियत है कि विश्‍व को अपनी मौजूदगी का अहसास कराने के लिए पर्याप्‍त सक्षम है।”

ब्रिक्‍स शिखर बैठक के अवसर पर प्रधानमंत्री ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की

 ब्रिक्‍स शिखर बैठक के अवसर पर प्रधानमंत्री ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर विचार विमर्श किया कि भारत और चीन के पास न सिर्फ पारस्‍परिक लाभकारी साझेदारी के लिए व्‍यापक अवसर हैं बल्कि एशियाई ओर वैश्विक समृद्धि के लिए प्रेरक एजेंट के रूप में सेवा करने का अवसर है। राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय वार्ता के महत्‍व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब भारत और चीन मिलते हैं तो पूरी दुनिया देखती है।

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उन्‍होंने पिछले कुछ हफ्तों में द्विपक्षीय वार्ताओं और बैठकों की उच्‍चगति पर संतोष  प्रकट किया। इन वार्ताओं में भारत के उपराष्‍ट्रपति श्री हामिद अंसारी की चीन यात्रा तथा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की जून में राष्‍ट्रपति जिनपिंग के विशेष दूत के रूप में भारत यात्रा भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दूसरा मार्ग खोलने का सुझाव भी दिया। चीन ने नवंबर में होने वाली एपेक की बैठक के लिए भारत को आमंत्रित किया और संघाई सहयोग संगठन के साथ रिश्‍ते मजबूत करने के लिए भारत का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने ब्राजीलियाई राष्‍ट्रपति दिल्‍मा रुसेफ से मुलाकात की

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ब्रिक्‍स शिखर बैठक के मौके पर मुलाकात के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री और ब्राजीलियाई राष्‍ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को व्‍यापक बनाने और संयुक्‍त राष्‍ट्र के सुधार की जरूरत पर बल दिया।

भारत के लिए ब्राजील को एक अहम वैश्विक साझीदार करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दो लोकतंत्र और प्रमुख उपभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं के रूप में भारत और ब्राजील के पास न सिर्फ द्विपक्षीय सहयोग क व्‍यापक संभावनाएं हैं बल्कि अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर एक दूसरे को मजबूत करने और विश्‍वभर में विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं हैं।

राष्‍ट्रपति रुसेफ ने ब्राजील की विदेश नीति में इस संबंध के विशेष स्‍थान पर जोर दिया और कहा कि उनकी साझेदारी का अंतरराष्‍ट्रीय महत्‍व है और द्विपक्षीय साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं।

दोनों नेता व्‍यापार और निवेश प्रवाह को व्‍यापक और विविधीकृत बनाने और कृषि व डेरी साइंस, परंपरागत और नवीकरणीय ऊर्मा, अंतरिक्ष शोध और प्रयोग, रक्षा, साइबर सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कदम उठाने को सहमत हुए। उन्‍होंने जी-20 सहित बहुपक्षीय संस्‍थाओं और अंतरराष्‍ट्रीय मंचों पर उनके सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति प्रकट की।

प्रधानमंत्री ने आशा व्‍यक्‍त की कि वह जल्‍द ही एक द्विपक्षीय यात्रा पर ब्राजील पधारेंगे और उन्‍होंने राष्‍ट्रपति रुसेफ को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

दोनों देशों के बीच कुल 3 एमओयू पर दस्‍तखत हुए। जो एमओयू हुए उनमें एक पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग, भारतीय रिमोट सेंसिस उपग्रहों से डाटा प्राप्‍त करने और उसके प्रसंस्‍करण के लिए ब्राजील में एक अर्थ स्‍टेशन स्‍थापित करने में सहयोग तथा मोबिटिी और कंसुलर के मुद्दों पर सहयोग के लिए एमओयू शामिल है।

प्रधानमंत्री ने रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से मुलाकात की

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प्रधानमंत्री ने ब्रिक्‍स शिखर बैठक के मौके पर रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। उन्‍होंने भारत-रूस की विशेष और विशिष्‍ट सामरिक साझेदारी को मजबूत और व्‍यापक बनाने में राष्‍ट्रपति पुतिन के निर्णायक नेतृत्‍व की प्रशंसा और सराहना की।

प्रधानमंत्री ने रूस की मित्रता और भारत की आजादी के शुरुआती दिनों से लगातार भारत के आर्थिक विकास और सुरक्षा में रूस के द्विपक्षीय और अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग की सराहना भी की। उन्‍होंने कहा कि रूस से साथ संबंध भारत की विदेश नीति में प्राथमिकता पर बने रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि वह राष्‍ट्रपति पुतिन के साथ सामरिक साझेदारी को मजबूत और व्‍यापक बनाने तथा रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, व्‍यापार और निवेश, लोगों से लोगों का संपर्क और क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर कार्य करने की उम्‍मीद जतायी।

दोनों नेताओं ने उनकी दिसंबर 2014 में दिल्‍ली में होने वाले वार्षिक सम्‍मेलन के दौरान आगामी वर्षों के लिए उनके संबंधों का एक व्‍यापक विजन और रोडमैप तैयार करने की उम्‍मीद भी जतायी।

दक्षिण अमेरिकी नेताओं से मुलाकात

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प्रधानमंत्री ने इस तथ्‍य को रेखांकित किया कि दक्षिण अमेरिका में व्‍यापक संभावनाएं हैं। इसके पास विशाल संसाधन और प्रतिभा का खजाना है। यह वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था का एक महत्‍वपूर्ण स्‍तंभ बन सकता है। आर्थिक अनिश्चितता के मद्देनजर इसकी वृद्धि वैश्विक समृद्धि के लिए महत्‍वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्‍होंने कहा, “वैश्विक और एक दूसरे से जुड़ी दुनिया में, हम सबका भविष्‍य भी एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। हम सभी हमकी साझी आकांक्षाएं और एक जैसी चुनौतियां हैं। एक दूसरे की सफलता में हम सबका हित निहित है।”

उन्‍होंने कहा कि हम सभी को एकजुट होना चाहिए:

तीव्र विकास और समृद्धि के सृजन की नई राहों के लिए ।

गरीबी की चुनौतियों का हल निकालने के लिए।

हमारे पर्यावरण के संरक्षण तथा संसाधनों के बेहतर इस्‍तेमाल के लिए।

उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि बातचीत से ब्रिक्‍स और दक्षिण अमेरिका के बीच साझेदारी के लिए नये विचार सामने आएगें। उन्‍होंने सभी भागीदार राष्‍ट्रों से और विचारों को आमंत्रित किया।

उन्‍होंने कहा कि भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच कारोबार में हालन के वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि अब भी काफी कुछ हासिल करने की संभावनाएं हैं। उन्‍होंने कहा कि हाइड्रोकार्बन से फार्मा, टैक्‍सटाइल से लैदर, इंजीनियरिंग वस्‍तुओं से ऑटोमोबाइल तक विशाल अवसर हैं। उन्‍होंने कहा कि हमें भारत और मरकोसर (एमईआरसीओएसयूआर) व्‍यापारिक ब्‍लॉक और चिली के बीच अधिक प्रभावी ढंग से तरजीही व्‍यापार समझौते का इस्‍तेमाल करना चाहिए।

उन्‍होंने कहा, “मेरा दृढ़ विश्‍वास है कि सहयोग की संभावनाएं दूरी की वजह से नहीं बल्कि हमारी सोच और प्रयासों के चलते सीमित हैं।” हमें समावेशी और सतत विकास की यात्रा में एक दूसरे से काफी कुछ सीखना है। हमें एक दूसरे के साथ हमारे अनुभव, बेस्‍ट प्रक्टिसेज और इनावेटिव सोल्‍युसंस को बांटना चाहिए।

इस तरह प्रधानमंत्री की ब्राजील यात्रा राजनयिक गतिविधियां और विश्‍व के साथ सहयोग के रास्‍ते व्‍यापक बने और इससे भारत की जनता को आगामी वर्षों में लाभ प्राप्‍त होगा।

 

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उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाले राज्यों में शामिल: जेवर में पीएम मोदी
March 28, 2026
The inauguration of Phase-I of Noida International Airport marks a major step in Uttar Pradesh’s growth story and India’s aviation future: PM
UP has now emerged as one of the states with the highest number of international airports in India: PM
Airports are not just basic facilities in any country, they give wings to progress: PM
Our government is making unprecedented investments in modern infrastructure to build a Viksit Bharat: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उद्धघाटन हो गया? उद्धघाटन हो गया? नहीं, अभी आधा काम हुआ है। मैंने सिर्फ वो पर्दा हटाया है, लेकिन मैं आज चाहता हूं इस एयरपोर्ट का उद्धघाटन यहां जो भी उपस्थित हैं, आप सब करें, और इसलिए आप अपना मोबाइल फोन निकालिये, अपने मोबाइल फोन का फ्लैश लाईट कीजिए और आपका इसका उद्धघाटन कर रहे हैं। आप दीया जलाकर के यहां उपस्थित हर व्यक्ति, आज इस एयरपोर्ट का उद्धघाटन कर रहा है। ये आपकी अमानत है, ये आपका भविष्य है, ये आपका पुरूषार्थ है और इसलिए इसका उद्धघाटन भी आपके हाथों से हो रहा है, आप अपने भारत माता की जय बोलकर के, हाथ ऊपर करके, फ्लैश लाईट पूरी तरह से दिखाइये। भारत माता जी जय। भारत माता जी जय। भारत माता जी जय। बहुत-बहुत धन्यवाद। अब उद्धघाटन हो गया।

उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्री राममोहन नायडू जी, पंकज चौधरी जी, ज्यूरिक एयरपोर्ट के चेयरमैन जोसेफ फेल्डर जी, अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक, अन्य महानुभाव और मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

मैं देख रहा हूं, आज जहां भी मेरी नजर पड़ रही है, सारे युवा मुझे नजर आ रहे हैं, उत्साह से भरे युवा हैं, जोश से भरे हुए युवा हैं, क्योंकि इन युवाओं को पता है, ये जो काम हो रहा है ना, ये नौजवानों के भविष्य को नई उड़ान देने वाला काम हो रहा है। आज हम विकसित यूपी-विकसित भारत अभियान का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। देश का सबसे बड़ा प्रदेश, आज देश के सबसे अधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाले राज्यों में से एक हो गया है। और आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण हैं। एक तो ये है कि इस एयरपोर्ट का शिलान्यास भी करने का सौभाग्य आप सबने मुझे दिया था और आप सबने इस एयरपोर्ट के उद्धघाटन का सौभाग्य भी मुझे दिया, लेकिन मैंने उस सौभाग्य को आपके साथ बांट दिया और आपके हाथों से उद्धघाटन करवा दिया। दूसरा, जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे सांसद बनाया, उसकी पहचान के साथ, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ इस भव्य एयरपोर्ट का नाम भी जुड़ गया है।

साथियों,

नोएडा का ये एयरपोर्ट, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद, इस पूरे क्षेत्र को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हिन्दुस्तान को और उत्तर प्रदेश को तो होना ही होना है। ये एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों, यहां के नौजवानों के लिए, अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही, ये विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। मैं उत्तर प्रदेश को, विशेष रूप से पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को इस भव्य एयरपोर्ट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, भारत के नए मिज़ाज का प्रतीक है। आप सभी देख रहे हैं कि आज पूरा विश्व कितना चिंतित है। पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है। युद्ध की वजह से कई सारे देशों में खाने-पीने के सामान, पेट्रोल-डीज़ल-गैस, खाद, ऐसी कई ज़रूरी चीज़ों का चारो तरफ संकट पैदा हो गया है। हर देश इस संकट का सामना करने के लिए कुछ न कुछ कोशिश कर रहा है, प्रयास कर रहा है। और हमारा भारत भी इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है, देशवासियों की ताकत के भरोसे कर रहा है। भारत तो बहुत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस, ये जहां युद्ध चल रह है ना, इस युद्ध से प्रभावित इलाके से मंगाता रहा है। इसलिए सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे सामान्य परिवारों पर, हमारे किसान भाई-बहनों पर, इस संकट का बोझ न पड़े।

साथियों,

संकट के इस समय में भी, भारत ने अपने तेज़ विकास को निरंतर जारी रखा है। मैं सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ही बात करुं, तो पिछले कुछ सप्ताह में ही, ये चौथा बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसका शिलान्यास या लोकार्पण हुआ है। इन कुछ ही सप्ताह में, इस दौरान नोएडा में बहुत बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का शिलान्यास हुआ, इसी कालखड में देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो-भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, इसी कालखंड में मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया, और इतने कम समय में आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आप सबके हाथों से उद्धघाटन भी हो गया।

साथियों,

ये सारे प्रोजेक्ट्स, यूपी के विकास के लिए, डबल इंजन सरकार के प्रयासों का शानदार उदाहरण हैं। सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल, तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी दे रही है। और ये हमारा जेवर एयरपोर्ट, पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। और आपने अभी वीडियो में देखा, ये ऐसा एयरपोर्ट बन रहा है, हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा, हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा। पहले सपा वालों ने नोएडा को अपनी लूट का ATM बना लिया था। लेकिन आज भाजपा सरकार में वही नोएडा, यूपी के विकास का सशक्त इंजन बन रहा है।

साथियों,

जेवर का ये एयरपोर्ट, डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का भी बहुत अच्छा उदाहरण है। अब आप सोचिये, इस एयरपोर्ट को अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने 2003 में ही फाइल में मंजूरी दे दी थी। 2003 में, आपमें से बहुत होंगे जिसका जन्म नहीं हुआ होगा, बहुत वो लोग होंगे जो उस समय 25-30 साल के 35 साल के हुए होंगे और आज रिटायर भी हो गए, लेकिन एयरपोर्ट नहीं बना। लेकिन केंद्र में कांग्रेस और यहां की पहले की सरकारों ने सालों तक इस एयरपोर्ट की नींव तक नहीं पड़ने दी। 2004 से 2014 तक ये एयरपोर्ट फाइलों में ही दबा रहा। जब हमारी सरकार बनी तो यूपी में सपा की सरकार थी। शुरु के दो-तीन सालों में सपा वालों ने इस पर काम नहीं होने दिया। लेकिन जैसे ही यहां भाजपा-NDA की सरकार बनी, दिल्ली में भाजपा-एनडीए की सरकार बनी, तो जेवर एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी, निर्माण भी हुआ और अब ये शुरु भी हो गया है।

साथियों,

एयरपोर्ट के अलावा ये क्षेत्र देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर्स का भी हब बन रहा है। ये फ्रेट कॉरिडोर मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई स्पेशल पटरियां हैं। इससे उत्तर भारत की बंगाल और गुजरात के समंदर से कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है। और दादरी वो स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर्स आपस में मिलते हैं। यानी यहां किसान जो उगाते हैं, यहां उद्योग जो कुछ बनाते हैं, वो जमीन से, हवाई मार्ग से, दुनिया के कोने-कोने तक तेज़ी से जा पाएगा। ऐसी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के कारण, यूपी दुनियाभर के निवेशकों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण बन रहा है।

साथियों,

जिस नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, कुर्सी जाने के डर से पहले के सत्ताधारी यहां आने से डरते थे, मुझे याद है यहां की सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वो उस कार्यक्रम में नहीं आए और मुझे भी डराने की लोगों ने कोशिश की, कि नोएडा मत जाओ मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो। मैंने कहा इस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे लंबे अर्से तक सेवा करने का मौका देगा। अब वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है।

साथियों,

इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में, खेती-किसानी का बहुत महत्व है। मैं आज उन मेरे किसान भाई-बहनों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए अपनी जमीनें दी है। उन किसानों के लिए जोरदार तालियां बजाइये दोस्तों, मेरे किसान भाई-बहनों के लिए जोरदार तालियां बजाइये। मेरे किसान भाई-बहन, आपके इस योगदान से ही, इस पूरे क्षेत्र में विकास का एक नया दौर शुरु होने जा रहा है। आधुनिक कनेक्टिविटी का जो विस्तार यहां हो रहा है, उससे पश्चिमी यूपी में फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं को और बल मिलेगा। अब यहां के कृषि उत्पाद दुनिया के बाज़ारों में और बेहतर तरीके से जा पाएंगे।

साथियों,

यहां मैं अपने किसान साथियों का एक और बात के लिए भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। आपके गन्ने से जो इथेनॉल बनाया गया है, उससे कच्चे तेल, कच्चे तेल पर देश की निर्भरता कम हुई है। अगर इथेनॉल का उत्पादन ना बढ़ता, पेट्रोल में उसकी ब्लेंडिंग ना बढ़ती, तो देश को हर वर्ष साढ़े चार करोड़ बैरल, साढ़े चार करोड़ बैरल यानी लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल विदेशों से मंगवाना पड़ता। किसानों के परिश्रम ने देश को इस संकट के समय में इतनी बड़ी राहत दी है।

साथियों,

इथेनॉल से देश को तो फायदा हुआ ही है, किसानों को भी बहुत बड़ा लाभ हुआ है। इससे करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची है। यानी इथेनॉल न बनाते तो ये पैसा विदेश जाना जय था। बीते वर्षों में इतना सारा पैसा, देश के किसानों को मिला है, गन्ना किसानों को मिला है।

साथियों,

यहां के गन्ना किसानों ने तो पहले के वो दिन भी देखे हैं, जब कई-कई सालों तक गन्ने का बकाया लटका रहता था। लेकिन आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से गन्ना किसानों की स्थिति बेहतर हुई है।

साथियों,

किसी भी देश में एयरपोर्ट सिर्फ एक सामान्य सुविधा नहीं होता। ये एयरपोर्ट प्रगति को भी उड़ान देते हैं। साल 2014 से पहले, देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे। आज 160 से अधिक एयरपोर्ट्स देश में हैं। अब महानगरों के अलावा, देश के छोटे-छोटे शहरों में भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है। पहले जो सरकारें रही हैं, वे मानती थीं कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए ही होनी चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार ने, सामान्य भारतीय के लिए हवाई यात्रा को आसान बना दिया है। हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश में हवाई अड्डों के नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार करते हुए उनकी संख्या बढ़ाकर सत्रह कर दी है।

साथियों,

भाजपा सरकार का निंरतर प्रयास रहा है कि एयरपोर्ट भी बने और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे। इसलिए, हमने उड़ान योजना शुरु की थी। इस स्कीम के कारण, बीते कुछ सालों में एक करोड़ साठ लाख से अधिक देशवासियों ने उड़ान योजना से टिकट लेकर सस्ती दरों पर हवाई यात्रा की है। और मैं आपको एक और जानकारी देना चाहता हूं। हाल में ही केंद्र सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है। इसके लिए लगभग 29 हज़ार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। आने वाले वर्षों में इसके तहत, छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है। यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा।

साथियों,

भारत का एविएशन सेक्टर, बहुत तेज़ से गति और विकास कर रहा है। जैसे-जैसे भारत में नए-नए एयरपोर्ट बन रहे हैं, वैसे-वैसे नए हवाई जहाज़ों की ज़रूरत भी बढ़ती जा रही है। इसलिए देश की अलग-अलग एयरलाइन्स ने सैकड़ों नए जहाजों के ऑर्डर दिए हैं। ये जो नई सुविधाएं हैं, नए जहाज आ रहे हैं, इनको उड़ाने वाले, इनमें सर्विस देने वाले, मेंटनेस से जुड़े, ऐसे हर काम के लिए बहुत बड़ी संख्या में वर्कफोर्स की ज़रूरत रहेगी। ये युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है। इसलिए हमारी सरकार, एविएशन सेक्टर में ट्रेनिंग की सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है।

साथियों,

आप जब अपनी कोई गाड़ी खरीदते हैं, तो ये जरूर देखते हैं कि उस गाड़ी बनाने वाली कंपनी का सर्विसिंग सेंटर आसपास है या नहीं है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि हमारे देश में हवाई जहाजों की सर्विसिंग, यानी उनके मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल की पुख्ता व्यवस्थाएं ही नहीं थीं। भारत के 85 एयरपोर्ट, 85 परसेंट हवाई जहाजों को आज भी मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल यानी MRO के लिए, इस काम के लिए विदेश भेजना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ठाना है कि MRO सेक्टर में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे। अब भारत में ही, बहुत बड़े पैमाने पर MRO सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आज यहां जेवर में भी MRO सुविधा का शिलान्यास हुआ है। ये सुविधा जब तैयार हो जाएगी, तो ये देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी। इससे देश को कमाई भी होगी, हमारा पैसा भी देश में ही रहेगा, और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।

साथियों,

आज हमारी सरकार की प्राथमिकता देश के नागरिकों की सुविधा है। देश के नागरिक का समय बचे और उसकी जेब पर ज्यादा बोझ भी न पड़े, ये हमारा लक्ष्य है। मेट्रो और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का इसी भाव से ही विस्तार किया जा रहा है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल, इसका कितना फायदा हो रहा है, ये भी हम सब देख रहे हें। अभी तक नमो भारत, ढाई करोड़ से अधिक लोग सफर कर चुके हैं। दिल्ली-मेरठ के जिस सफर में पहले घंटों लग जाते थे, अब वो सफर मिनटों में ही पूरा हो रहा है।

साथियों,

विकसित भारत के विकसित आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारी सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। बीते 11 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट छह गुणा से अधिक बढ़ाया गया है। इन वर्षों में 17 लाख करोड़ रुपये हाईवे और एक्सप्रेसवे पर खर्च किए गए हैं, एक लाख किलोमीटर से अधिक के हाईवे का निर्माण किया गया है। 2014 तक रेलवे में सिर्फ 20 हजार किलोमीटर रूट का बिजलीकरण हुआ था। जबकि 2014 के बाद से 40 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया गया है। आज ब्रॉडगेज नेटवर्क का लगभग शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। आज कश्मीर घाटी हो या नॉर्थ ईस्ट की राजधानियां, ये पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ रही हैं। पोर्ट यानी बंदरगाहों की क्षमता, बीते दशक में दोगुने से अधिक हुई है। देश में नदी जलमार्गों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी हर क्षेत्र में भारत तेज़ी से काम कर रहा है।

साथियों,

विकसित भारत बनाने के लिए सबका प्रयास बहुत ज़रूरी है। ये आवश्यक है कि 140 करोड़ देशवासी कड़े से कड़ा परिश्रम करे, और वैश्विक संकटों का एकजुट होकर सामना करें। अभी जो युद्ध चल रहा है, इससे पैदा हुए संकटों का सामना कैसे करना है, इसके बारे में मैंने संसद में भी विस्तार से बताया है। मेरी कल देश के सभी मुख्यमंत्रियों से भी लंबी चर्चा हुई है और बड़ी सकारात्मक चर्चा हुई है। मैं आज आप सभी जनता-जनार्दन से फिर कहूंगा, मैं देशवासियों से फिर से कहूंगा। हमें शांत मन से, धैर्य के साथ, एकजुटता के साथ, मिल जुलकर के, इस संकट का सामना करना है। ये पूरे विश्व में परेशानी पैदा करने वाला संकट है। हमें अपने देश की सबसे ज्यादा चिंता करनी है। और यही हम भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत है। मैं यूपी के, देश के सभी राजनीतिक दलों से भी आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं, विनती पूर्वक कहना चाहता हूं, इस प्रकार के संकट में ऐसी बातें करने से बचें, जो देश के लिए नुकसानदायक हैं। जो भारतीयों के हक में है, जो भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है। राजनीति के लिए गलत बयानबाज़ी करने वाले, राजनीतिक बहस में तो कुछ नंबर पा लेंगे, लेकिन देश को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को देश की जनता कभी माफ नहीं करती। कोरोना के महासंकट के दौरान भी, कुछ लोगों ने अफवाहें फैलाईं, वैक्सीन को लेकर झूठ बोले, ताकि सरकार का काम मुश्किल हो, देश को नुकसान हो। परिणाम क्या हुआ? जनता ने चुनावों के दौरान ऐसी राजनीति को नकार दिया, ठुकरा दिया। मुझे पूरा भरोसा है, कि देश के सभी राजनीतिक दल भी इससे सबक सीखेंगे और देश के एकजुट प्रयासों को वो बल देंगे, ताकत देंगे। इसी आग्रह के साथ, एक बार फिर से उत्तर प्रदेश को इस शानदार एयरपोर्ट के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

बहुत-बहुत धन्यवाद।