अतिव्यस्त कार्य गतिविधियों और बैठकर काम करने की जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी को प्रोत्साहित किया है कि वे अंतराल के दौरान कार्यस्थल पर योगाभ्यास किया करें।

केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानन्द सोनोवाल के उस ट्वीट को साझा करते हुये, जिसमें श्री सोनोवाल ने योगाभ्यास में जन-भागीदारी, खासतौर से कारपोरेट कार्यस्थलों और अति व्यस्त लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये “वाई-ब्रेक” नामक एक मिनट के वीडियो के लॉन्च की जानकारी दी है, प्रधानमंत्री ने ट्वीट कियाः

“अतिव्यस्त कार्य गतिविधियां और बैठकर काम करने की जीवनशैली अपने साथ चुनौतियां भी लेकर आती हैं। स्वस्थ रहने के लिये योगाभ्यास अच्छा तरीका है, यहां तक कि कार्यस्थल पर भी।”

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प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए ज्ञान के महत्व और उसकी परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला
September 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए बताया कि ज्ञान समाज के साथ सद्भाव में रहने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बुद्धि और समृद्धि प्रदान करता है, हृदय को आनंद से भर देता है और व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्।
उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥”

यह सुभाषितम बताता है कि विद्या मनुष्य को लोक-व्यवहार की समझ देती है, ज्ञान और समृद्धि प्रदान करती है, उसके मन को आह्लादित करती है तथा महत्व को बढ़ाती है। इसलिए विद्या सुशासन की सेवा से समान हृदय को प्रिय और जीवन को उन्नत बनाने वाली है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्।
उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥”