प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूरत के ओलपाड में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के समूह को संबोधित किया। उन्होंने सूरत में डबल इंजन की सरकार की विभिन्न योजनाओं के हजारों लाभार्थियों को एक साथ देखकर खुशी जाहिर की। इस मौके पर आयोजित मेगा मेडिकल कैंप के बारे पीएम मोदी ने कहा कि एक साथ हजारों लोगों की जांच और मुफ्त इलाज की योजना की कल्पना ही बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि लाल किले से मैंने जिन पंच-प्राणों की बात कही थी उनमें से एकता का प्राण मेरा पांचवां प्राण था, यही एकता और सेवा का भाव सूरत के रग-रग में है, इसलिए मेरे हृदय में सूरत का बहुत विशेष स्थान रहा है।“
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से कितना आशीर्वाद मिलता है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कंचन जी। किडनी में उन्हें पत्थर की तकलीफ थी। आयुष्मान भारत योजना के तहत ऑपरेशन होने से वह बिल्कुल स्वस्थ हो गई। सरकारी खर्च पर इलाज होने से बहुत प्रसन्न थीं और कितना आशीर्वाद दे रही थीं। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र भाई के नेतृत्व में पूरी सरकार और सी. आर. पाटिल के नेतृत्व में भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता सेवा भाव से काम कर रहा है। यही सेवा भाव, यही सद्भावना है जिससे गुजरात की जनता का बार-बार आशीर्वाद, प्यार और स्नेह मिलता है। उन्होंने कहा, “मैं अक्सर सूरत के लोगों की सद्भावना, सामर्थ्य और इच्छाशक्ति की बात क्यों करता रहता हूं। मुझे याद है जब बरसों पहले तापी में बाढ़ आई थी, उस समय मैंने युवाओं से मिलकर सूरत को फिर से संवारने का आग्रह किया था। देखते ही देखते, सूरत के युवा सड़कों पर निकल पड़े। उन्होंने साफ-सफाई से लेकर सड़कों पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग को पेंट करने के काम को रातों-रात पूरा कर दिया।“

जीवन में स्वास्थ्य की महत्ता को बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में देशवासियों के स्वास्थ्य की बड़ी भूमिका होती है। बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर भविष्य का मार्ग बनाता है। इसी सोच के साथ बीते वर्षों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जन-जागरूकता और बीमारियों से बचाव पर विशेष बल दिया। पिछले दो दशकों में मेडिकल कॉलेज 11 से बढ़कर 31 हो चुके हैं। एम्स भी बन रहा है और कई मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं। आरोग्य को प्राथमिकता देने के इस प्रयास में हमने जनभागीदारी को सर्वोच्च मार्ग माना है। पीएम मोदी ने कहा कि जब समाज और सरकारें सेवा भाव से एक साथ आते हैं, तब सफलता व्यापक होती है और सर्वस्पर्शी भी होती है। आज गुजरात संस्थागत प्रसूति, इंस्टीट्यूशनल डिलिवरी दर के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक बन गया है। चिरंजीवी और जननी जैसी अनेक योजनाओं के सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी योजना की शक्ति को समझने के लिए कई बार दिव्य दृष्टि चाहिए, जो आज सुखदेव सिह जी से मैंने सीखी है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सरकार देश के करोड़ों लोगों का पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कर रखा है। इस योजना की मदद से पूरे देश में करीब चार करोड़ मरीज़ों को मुफ्त इलाज मिल चुका है। इनमें 30 लाख से ज्यादा लाभार्थी तो गुजरात के हैं।

सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं और उससे मिले लाभ के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम स्वामित्व योजना के तहत आज गांवों में ड्रोन से मैपिंग करके मकान मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड दिए जा रहे हैं। देश के 50 हजार से अधिक गांवों में यह काम पूरा किया जा चुका है। गुजरात के करीब 16 सौ गांवों में भी ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। पीएम किसान सम्मान निधि ऐसा ही एक प्रयास है। इस योजना के तहत अब तक देशभर के किसानों के बैंक खातों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। गुजरात के 60 लाख से अधिक किसान परिवारों को भी इसका लाभ मिला है। बीते 8 वर्षों में देशभर में गरीबों के लिए 3 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए जा चुके हैं। इनमें से 10 लाख से अधिक घर गुजरात के गरीब परिवारों को मिले हैं। इसी प्रकार सूरत में बीते सालों में शुद्ध पेयजल के लिए प्रशंसनीय प्रयास हुए हैं। डबल इंजन की सरकार के कारण, गुजरात के 97 परसेंट ग्रामीण परिवारों को नल से जल मिल रहा है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत सहित पूरा गुजरात विकास की भावनाओं और संभावनाओं को समझता है। इसलिए हर आंकड़े पर विशेष नजर रहती है। जब देश एक्सपोर्ट के नए रिकॉर्ड बनाता है, तब सूरत का उसमें योगदान होता है। हाल में GDP के आंकड़े आए हैं। भारत की तेज रिकवरी को पूरी दुनिया सराह रही है। हाल ही में भारत ने दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि से देश को और मेहनत करने का, अमृतकाल के बड़े संकल्पों की सिद्धि करने का हौसला मिला है। ये प्रगति मामूली नहीं है, हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से भर जाता है। हमें अपने उत्साह, अपनी उमंग को इसी तरह बनाए रखना है।
सूरत देश के उन पहले स्थानों में था जहां नमक कानून का विरोध हुआ था।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) September 8, 2022
सेवाभाव क्या होता है, इसको सूरत और सूरत के लोग बखूबी समझते हैं: PM @narendramodi
सूरत ने मुझे जितना सहयोग और आशीर्वाद दिया है, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) September 8, 2022
मुझे याद है, जब बरसों पहले तापी में बाढ़ आई थी तो मैंने युवाओं से मिलकर सूरत को फिर से संवारने का आग्रह किया था।
देखते ही देखते, सूरत के युवा सड़कों पर निकल पड़े थे: PM @narendramodi
बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर भविष्य का मार्ग बनाता है।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) September 8, 2022
इसी सोच के साथ बीते वर्षों में हमने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जन-जागरूकता पर, बीमारियों से बचाव पर, बीमारियों को गंभीर होने से रोकने पर विशेष बल दिया है: PM @narendramodi
देश के करोड़ों छोटे किसानों का कदम-कदम पर साथ देना, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) September 8, 2022
पीएम किसान सम्मान निधि ऐसा ही एक प्रयास है।
इस योजना के तहत अब तक देशभर के किसानों के बैंक खातों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं: PM @narendramodi
पहले की सरकारों में किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं होती थीं, लेकिन किसानों के खाते में कुछ पहुंचता नहीं था।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) September 8, 2022
लेकिन डबल इंजन की सरकार, किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए काम कर रही है।
इसी सच्ची नीयत के कारण ही देश का, गुजरात का किसान बार-बार हमें आशीर्वाद दे रहा है: PM


