केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री की इंटर्नशिप योजना को लेकर कॉरपोरेट इंडिया से मिले जबरदस्त समर्थन की सराहना की और युवाओं तथा देश की अर्थव्यवस्था के लिए इसकी परिवर्तनकारी क्षमता का हवाला दिया। इस योजना के लिए भारतीय उद्योग जगत से मिले 81% प्रभावशाली समर्थन पर प्रकाश डालने वाली रिपोर्टों पर बोलते हुए मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटेगी और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट की संस्कृति को बढ़ावा देगी।

टीमलीज और जी-न्यूज द्वारा किए गए अध्ययनों के अनुसार, बढ़ती संख्या में कंपनियां अपनी CSR रणनीतियों में इंटर्नशिप को एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में कॉरपोरेट इंडिया का 10% पीएम-इंटर्नशिप योजना के तहत इंटर्न को जोड़ने की योजना बना रहा है, जो उद्योग और शिक्षा क्षेत्र दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मंत्री सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम-इंटर्नशिप योजना केवल रोजगार की पहल नहीं है, बल्कि स्किल्ड वर्कफोर्स को विकसित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा, "यह पहल हमारे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव के साथ सशक्त बनाने और उन्हें तेजी से आगे बढ़ रहे वैश्विक नौकरी बाजार की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार करने की दिशा में एक कदम है।"

रिपोर्ट से पता चला है कि व्यवसायों के बीच यह मान्यता बढ़ रही है कि इंटर्नशिप न केवल छात्रों के लिए फायदेमंद है, बल्कि संगठनों को नए दृष्टिकोण, इनोवेटिव सॉल्यूशंस और भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं की एक पाइपलाइन भी प्रदान करती है। यह सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विजन के साथ पूरी तरह से मेल खाता है, जहाँ स्किल डेवलपमेंट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मंत्री सीतारमण ने इस योजना को सफल बनाने में पब्लिक-प्राइवेट सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "पीएम-इंटर्नशिप योजना शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह साझेदारी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है कि हमारे युवा अपनी शैक्षणिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी कौशल हासिल करें।"

उन्होंने अपने ऑर्गनाइजेशनल फ्रेमवर्क में इंटर्नशिप को शामिल करने में सक्रिय भूमिका के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र की भी प्रशंसा की। 81% भारतीय कंपनियों ने इस योजना का समर्थन किया है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ उद्योग के तालमेल को दर्शाता है। यह कार्यक्रम कंपनियों को युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करता है, जबकि छात्रों को उद्योग के मानकों और कार्य संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिलता है।

इंटर्नशिप को अपने CSR पहलों में इंटीग्रेट करके, कंपनियाँ स्किल्ड वर्कफोर्स प्राप्त करते हुए सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करती हैं। मंत्री सीतारमण ने पीएम-इंटर्नशिप योजना के दोहरे लाभों पर जोर देते हुए इसे "विन-विन" स्थिति बताया, जहाँ छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलता है, और व्यवसाय; सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं का निर्माण करते हैं।

मंत्री सीतारमण ने कहा, "पीएम-इंटर्नशिप योजना सिर्फ़ शहरी छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि ग्रामीण और वंचित समुदायों के छात्रों के लिए भी बनाई गई है। हम ऐसे स्ट्रक्चर बनाने के लिए काम कर रहे हैं जो भौगोलिक या सामाजिक-आर्थिक बाधाओं के बावजूद अवसरों तक समान पहुँच सुनिश्चित करें।"

मंत्री सीतारमण ने भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने पर पीएम-इंटर्नशिप योजना के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में भी आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आज के युवा कल के नेता हैं। उन्हें उद्योग-संबंधित स्किल और वास्तविक दुनिया के अनुभव के साथ तैयार करके, हम अपने देश के भविष्य में निवेश कर रहे हैं।"

जैसे-जैसे पीएम-इंटर्नशिप योजना गति पकड़ती जा रही है; यह एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसरों को एक साथ लाने के सरकार के संकल्प का एक शानदार उदाहरण है। मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने में सामूहिक प्रयास के महत्व को दर्शाती है जहाँ युवाओं की आकांक्षाएँ आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के दृष्टिकोण के साथ मेल खाती हैं।

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प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण और मानव सशक्तिकरण पर केंद्रित 12 वर्षों की परिवर्तनकारी पहलों पर प्रकाश डाला
June 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने बड़े बदलावों का अनुभव किया है और इन बदलावों के केंद्र में गरीबों और वंचितों का कल्याण रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा अंत्योदय से प्रेरणा लेती रही है और उसका मुख्य प्रयास यही रहा है कि विकास के लाभ उन तबकों तक पहुंचें जो लंबे समय से उपेक्षित रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन खातों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से लेकर स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और अन्य सभी पहलों का एक ही उद्देश्य रहा है-लोगों के लिए गरिमा और अवसर सुनिश्चित करना।

उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रौद्योगिकी ने गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डीबीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी सहायता पारदर्शी तरीके से सीधे लोगों तक पहुंच रही है। इससे न केवल गड़बड़ियों में कमी आई है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार हुआ है और शासन प्रणाली पर जनता का भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब कल्याण के प्रति यह पहल अब मानव सशक्तिकरण और विकसित भारत के सपने को सच करने की दिशा में सामूहिक आंदोलन बन गई है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा:

“पिछले 12 वर्षों में भारत ने अनेक परिवर्तन देखे हैं और इन परिवर्तनों के केंद्र में गरीबों और वंचितों का कल्याण रहा है। हम हमेशा अंत्योदय से प्रेरित रहे हैं और हमारा प्रयास हमेशा यह सुनिश्चित करना रहा है कि विकास के लाभ उन लोगों तक पहुंचें जो दशकों से उपेक्षित रहे हैं। जन धन खातों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से लेकर स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और अन्य कई पहलों का एक ही उद्देश्य रहा है- लोगों के लिए गरिमा और अवसर सुनिश्चित करना।

#12YearsOfGaribKalyan”

“यह भी खुशी की बात है कि प्रौद्योगिकी ने गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रही है। इससे गड़बड़ियों में कमी आई है, कार्यकुशलता बढ़ी है और शासन में विश्वास मजबूत हुआ है। गरीब कल्याण के प्रति यह पहल अब मानव सशक्तिकरण और विकसित भारत के सपने को सच करने की दिशा में सामूहिक आंदोलन बन गई है।

#12YearsOfGaribKalyan"