प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सच्ची कुंजी हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि देश के युवा इन्हीं गुणों से प्रेरित होकर 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया—
“अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्।
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥”
इस सुभाषित का भावार्थ है कि प्रगति का आधार उत्साह, दृढ़ विश्वास और निरंतर प्रयास है। जो व्यक्ति निराशा के आगे झुके बिना अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करता रहता है, वह अंततः सफलता प्राप्त करता है। इसलिए, व्यक्ति को अटूट विश्वास और समर्पण के साथ निरंतर कार्य करते रहना चाहिए, क्योंकि यही गुण जीवन में मनुष्य को प्रगति, सफलता और उत्कृष्टता की ओर ले जाते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा;
“दृढ़ विश्वास, सतत प्रयास और सकारात्मक सोच सफलता की असली कुंजी है। हमारे युवा साथी इन्हीं गुणों के साथ पूरे समर्पण भाव से विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं।
अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्।
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥”