Congress is out of the race in Uttar Pradesh: Narendra Modi

Published By : Admin | May 11, 2014 | 13:23 IST
Share
 
Comments

Excerpts from Shri Narendra Modi’s interview with Amar Ujala:

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी मानते हैं कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में रेस से ही बाहर है।

अमर उजाला के आशुतोष चतुर्वेदी और संजय पांडेय को दिए ईमेल इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि नीयत साफ हो तो कठिन से कठिन काम को भी अंजाम दिया जा सकता है। उनका मानना है कि देश के विकास के लिए हर राज्य के हिसाब से अलग-अलग विकास मॉडल बनाए जाने की जरूरत है। प‌ढ़िए नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू विस्तार से-

सवाल: आप प्रधानमंत्री बने तो आपकी प्राथमिकता क्या होगी? संभावित सरकार में आडवाणी जी, जोशी जी जैसे वरिष्ठ नेताओं की क्या भूमिका होगी

जवाब: सरकार बनने पर हमारा पहला काम सरकार तथा सरकारी व्यवस्था में लोगों का भरोसा लौटाना होगा। दूसरा अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए हम प्रभावी कदम उठाएंगे। महंगाई को काबू में करने के लिए भी तत्काल कदम उठाए जाएंगे। सरकारी व्यवस्था में जान फूंकना एवं निर्णय प्रक्रिया को कारगर बनाना होगा। इसके अलावा ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ से निजात पाना भी हमारी प्राथमिकता होगी। वरिष्ठ नेताओं की भूमिका का सवाल सरकार बनने के बाद का है। समय आने पर इस पर भी फैसला ले लिया जाएगा।

सवालः चीन भारत के लिए समस्याएं पैदा करता है उसको लेकर आपकी क्या नीति होगी?

जवाबः अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध रहेगी। परंतु जहां भी सीमा विवाद हो, परिपक्व तरीके से पड़ोसी देशों के साथ बैठकर शांतिपूर्ण रूप से समस्याओं का हल निकालने में हमारा विश्वास है। हम न किसी को आंख दिखाना चाहते हैं और न ही चाहते हैं कि कोई हमें आंख दिखाए। हम चाहते हैं कि आंख से आंख मिलाकर बात करें।

सवालः आपके और अमेरिका के संबंध सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बनते रहे हैं। अमेरिका के साथ संबंध किस दिशा में जाएंगे

जवाबः जब दो देशों के संबंधों की बात की जाए तो व्यक्तिगत क्षति या व्यक्तिगत अनुभव गौण हो जाते हैं। इस बारे में मेरे विचार बहुत स्पष्ट हैं। अमेरिका हो या दुनिया का कोई अन्य देश एक परिपक्व राष्ट्र के रूप में भारत सभी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है। अमेरिका के साथ भारत के संबंधों में एक नए दौर की शुरूआत वाजपेयी जी की सरकार में हुई थी। हम उसे और आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।

सवालः माना जा रहा है कि आपने सभी क्षेत्रीय दलों से बैर मोल ले लिया है। चाहे वह जयललिता हों या ममता या मायावती अगर सहयोग की जरूरत पड़ी तो बात कैसे बनेगी

जवाबः देखिए, चुनाव के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर तो चलेगा ही। और यही हमारे लोकतंत्र की विशेषता भी है। मुझे पूरा भरोसा है कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार केंद्र में बनने जा रही है। भाजपा और साथी दल केंद्र में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल अवश्य हासिल कर लेंगे। हमारा 25 दलों का बड़ा और ताकतवर गठबंधन है और शायद यह भारत के चुनावी इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा प्री पोल अलायंस है।

सवालः गांधी परिवार के बारे में आप क्या सोचते हैं। आप राहुल और सोनिया को तो निशाना बनाते हैं, लेकिन प्रियंका पर कुछ भी नहीं बोलते। जबकि वह आपके खिलाफ बोलने का कोई अवसर नहीं छोड़तीं। आपका क्या कहना है

जवाबः मैं पहले ही कह चुका हूं कि एक बेटी होने के नाते उन्हें अपनी मां और भाई के लिए प्रचार करने का पूरा अधिकार है। यह स्वाभाविक है कि एक बेटी अपनी माता का बचाव करेगी और एक बहन अपने भाई का बचाव करेगी। मुझे इससे कोई समस्या नहीं है।

सवालः राबर्ट वाड्रा आप सभी के निशाने पर हैं। उमा भारती कहती रही हैं कि एनडीए सरकार आई तो वाड्रा जेल में होंगे। वाड्रा के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कोई जांच बिठाएंगे

जवाबः देखिए, हमारा देश कानून के मुताबिक चलता है। यह उच्च पदों पर बैठे लोगों की पसंद या नापसंद के आधार पर नहीं चलता। कानून के ऊपर कोई नहीं है चाहे वह स्वयं नरेंद्र मोदी की क्यों न हों। लिहाजा यह कोई बहस का मुद्दा नहीं है।

सवालः अहमद पटेल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा है कि नरेंद्र मोदी किसी के दोस्त नहीं हो सकते। आप क्या कहना चाहेंगे?

जवाबः मेरा यह बिल्कुल स्पष्ट मत है कि राजनीति में प्रतिस्पर्धा तो हो सकती है, परंतु दुश्मनी नहीं। शायद किसी राजनीतिक मजबूरी के चलते अहमद भाई को ऐसा बयान देने के लिए विवश होना पड़ा होगा। परंतु जो आप कह रहे हैं वैसा बयान उन्होंने यदि दिया है तो मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि मुझे मेरी दोस्ती मुबारक और उन्हें उनकी दुश्मनी मुबारक।

सवालः महंगाई ने आम आदमी को तबाह कर दिया है आपने अपने भाषणों में जिक्र किया कि महंगाई पर रोक लगाएंगे। आखिर कैसे लगाम लगेगी महंगाई पर

जवाबः महंगाई पर लगाम लगाने के लिए मांग और आपूर्ति के असंतुलन को दूर करने की जरूरत है। इसके लिए खाद्य कानून एवं अन्य पदार्थों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। यह तभी संभव होगा जब कृषि पर जोर दिया जाए और सिंचाई सुविधाओं का विकास किया जाए। हमें एक नई सोच के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। हमारी पार्टी के घोषणापत्र में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उल्लेख किया गया है। आश्चर्य की बात है कि आज हमारे देश में कृषि क्षेत्र का कोई रियल टाइम डाटा उपलब्ध नहीं है। लिहाजा कृषि विकास के लिए योजनाएं बनाने का कोई सटीक आधार नहीं होता। हम कृषि क्षेत्र का रियल टाइम डाटा हासिल कर उसके मुताबिक नीतियां और कार्यक्रम बनाएंगे। खाद्यान्न की कीमतों को सुव्यवस्थित रखने के लिए विशेषज्ञ फंड बनाया जाएगा। इसके अलावा हम गुजरात की श्वेत क्रांति का देश भर में प्रसार करना चाहेंगे।

सवालः एफडीआई के संबंध में आप क्या सोचते हैं। क्या यह भारत की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी है। रिटेल में एफडीआई को लेकर आप का क्या मानना है?

जवाबः अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए तेज विकास की जरूरत है। और विकास के लिए निवेश की आवश्यकता है। हमारे यहां निवेश तभी आएगा जब वातावरण अनुकूल होगा। निवेश तभी आएगा जब निवेशकों का भरोसा हम व्यवस्था में लौटा पाएंगे। ऐसे में नीतियों का महत्व तो है ही, परंतु विश्वसनीयता और ट्रैक रिकार्ड भी मायने रखता है। रिटेल एफडीआई में हमारा रुख पार्टी के घोषणापत्र में स्पष्ट कर दिया गया है।

सवालः उत्तर प्रदेश और बिहार से इतनी बड़ी संख्या में इतने बड़े-बड़े नेता आए फिर भी ये राज्य पिछड़े हुए हैं। इन राज्यों की स्थिति कैसे सुधारी जा सकती है

जवाबः आम तौर पर हमारे देश के लोगों की समस्याएं समान हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता को पिछले कई सालों से जातिवाद का जहर फैलाने वाली पार्टियों का कुशासन झेलना पड़ा है। विकास की राजनीति के बजाय यह राज्य अगड़ों-पिछड़ों की राजनीति के चलते विकास की दौड़ से काफी पिछड़ गए हैं। यही वजह है कि देश को अनेक कद्दावर नेता देने वाले ये राज्य आज बेहाल स्थिति में हैं। हमारा मानाना है कि जब तक उत्तर प्रदेश और बिहार विकास की दौड़ में आगे न आएं तब तक भारत विकसित नहीं हो सकता है। उत्तर प्रदेश एवं बिहार के लोगों में और विशेषकर वहां के युवाओं में इस बार भाजपा को लेकर बहुत उत्साह है बहुत आशाएं भी हैं। यदि हम सत्ता में आए तो इन राज्यों के विकास के लिए खास रोडमैप तैयार किया जाएगा। अहम बात नीयत की है। यदि आपकी नीयत सही है तो इन राज्यों में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं। भरपूर प्राकृतिक संसाधन से लैस ये राज्य भ्रष्टाचार और कुशासन के चलते ही विकास से महरूम हैं। दरअसल अब ये स्पष्ट हो रहा है कि बिहार एवं उत्तर प्रदेश के लोग भी विकास एवं सुशासन के लिए उतने तत्पर हैं, जितने अन्य राज्यों के लोग। सो हमारी कोशिश होगी कि हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुरजोर प्रयास करें।

सवालः यूपी में भाजपा कितनी सीटें जीतेगी? यूपी में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी आप किसे मानते हैं? जवाबः भाजपा उत्तर प्रदेश में भारी अंतर से जीत दर्ज करने जा रही है। कांग्रेस तो रेस में है ही नहीं। वहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की अवसरवादी राजनीति को भी जनता अब पहचान चुकी है। देश के सबसे बड़े राज्य की जनता में अब विकास की भूख जाग उठी है। भाजपा की रैलियों में उमड़ रहा अपार जन सैलाब इस बात का सबूत है कि उत्तर प्रदेश में इस बार मुकाबला भाजपा के पक्ष में एकतरफा जाने वाला है। संप्रदाय और जाति की घिसी पिटी राजनीति से ऊब चुकी जनता इस बार भाजपा की विकास की राजनीति पर अपनी मुहर लगाने जा रही है। हम उत्तर प्रदेश में इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। जैसा कि मैंने सार्वजनिक रूप में कहा है, ‘इस बार यूपी में ‘सबका’ सफाया होने वाला है। यानी सपा बसपा और कांग्रेस का।’

सवालः यदि आप वाराणसी और वडोदरा दोनों सीटें जीतते हैं तो कौन सी सीट छोड़ेंगे

जवाबः इस बात का निर्णय मेरी पार्टी करेगी कि किस सीट से मैं लोकसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करूंगा। पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता होने के नाते मैं अपनी पार्टी के निर्णय का पूरी निष्ठा से पालन करने को प्रतिबद्ध हूं।

सवालः बनारस की गली-मुहल्लों में चर्चा है कि मोदी के आते ही बनारस का कायाकल्प हो जाएगा। लोगों के बीच आपने भारी अपेक्षाएं जगा दी हैं, कैसे होगा यह सब

जवाबः देश की इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी को उसका पुराना गौरव दिलाने के लिए हम विशेष योजना कार्यान्वित करेंगे। हम वाराणसी को वैश्विक धरोहर स्थल के रूप में देखते हैं। ज्ञान आध्यात्म चिंतन और संस्कृति की इस नगरी को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की हमारी मंशा है। गंगा बनारस की जीवन रेखा है। और इसे माता का दर्जा हासिल है। लेकिन सरकारों की उदासीनता के चलते गंगा आज सर्वाधिक प्रदूषित नदियों में से एक मानी जा रही है। हालांकि इसके सफाई अभियान पर हजारों करोड़ खर्च करने का दावा किया जाता है। लेकिन हकीकत यह बताती है कि गंगा की सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार ही हुआ है सफाई नहीं। हमारी सरकार गंगा के शुद्धीकरण का कार्य पूरी ईमानदारी से करेगी और दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस न पहुंचे इसका ध्यान रखेगी। वाराणसी के बुनकर शहर के इतिहास का अभिन्न अंग हैं। बनारसी साड़ी न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर में विख्यात है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस विरासत को दिल्ली और लखनऊ की सरकारों की असंवेदनशीलता का खामियाजा भुगतना पड़ा। वाराणसी के हथकरघा उद्योग को आधुनिक बनाने तथा इसका वैल्यू एडीशन करने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं। इसके विकास के लिए जरूरी बेहतरीन कच्चे माल से लेकर उत्पाद की मार्केटिंग का काम हम सुनिश्चित करेंगे। ताकि बनारसी साड़ी के अतीत का वैभव फिर से स्थापित हो सके। दुनिया भर के ज्ञान केंद्र के रूप में प्रसिद्ध और देश-विदेश के पर्यटकों को लुभाने वाले बनारस में ढांचागत सुविधाएं अपनी बदहाली स्वयं बयां कर रही हैं। यह हमारी सरकारों की लापरवाही या फिर अज्ञानता ही है कि जिस ऐतिहासिक स्थल पर देश दुनिया के लोगों की आवाजाही है वह शहर मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। हम इस बात का पूरा ख्याल रखेंगे कि वाराणसी को ढांचागत सुविधाओं से लैस करें। सड़क बिजली पानी परिवहन और दुनिया भर के अतिथियों के सत्कार के लिए बेहतरीन होटलों की सर्वोत्तम सुविधाएं खड़ी करें। हम चाहते हैं कि पर्यटक जब यहां से वापस लौटे तो वह शहर की सुनहरी यादें अपनी स्मृति में लेकर जाए।

सवालः अपने नामांकन भरने के दौरान एक भावुक बयान दिया था, ‘ तो किसी ने मुझे भेजा है। और खुद आया हूं। मुझे मां गंगा ने बुलाया है।बनारस समेत समूचे यूपी में आप गंगा की स्थिति से भली भांति अवगत हैं कैसे करेंगे गंगा का उद्धार

जवाबः कोई भी काम आपके मनोबल से बड़ा नहीं होता। यदि मन में अटल विश्वास के साथ काम करने की नीयत हो तो हर काम को अंजाम दिया जा सकता है। जहां तक मां गंगा का सवाल है तो आज तक इस संबंध में सिर्फ कागजों पर बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने के अलावा ठोस कुछ भी नहीं किया गया। केंद्र की सरकार ने गंगा सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये फूंक डाले परंतु गंगा आज भी मैली की मैली ही है। मैं यहां गुजरात का एक दृष्टांत पेश करना चाहता हूं। एक वक्त था जब अहमदाबाद में साबरमती नदी एक गंदे नाले के रूप में तब्दील हो गई थी। नदी जैसा कुछ बचा नहीं था। विशालकाय सूखा मैदान बन चुकी साबरमती नदी में शहर भर की गंदगी का अंबार लगा रहता था। हमने शहर के मध्य से गुजरने वाली इस नदी में सफाई अभियान चलाया। नदियों को जोड़ने की योजना के तहत इसे नर्मदा के पानी से छलकाकर वास्तव में इठलाती नदी की सूरत प्रदान की। आज साबरमती नदी शहरवासियों की सैर का मुख्य ठिकाना बन गई है। इससे शहर में खूबसूरती तो बढ़ी ही है, साथ ही बारहों महीने पानी से लबालब होने के कारण शहर का जलस्तर भी ऊंचा हो गया है। कहना सिर्फ इतना है कि एक राज्य के रूप में सीमित संसाधनों के बल पर हमने ऐसी नदी का कायापलट किया जो अपना वास्तविक स्वरूप खो चुकी थी। जाहिर है कि गंगा की सफाई का काम भी कुछ इसी तरह करना होगा। हां इसका दायरा जरूर विशाल होगा। लेकिन बात नीयत और जज्बे की है। करोड़ों देशवासियों की आस्था से जुड़ी मां गंगा के उद्धार के लिए हम ठोस योजना के साथ कार्य को अमली जामा पहनाएंगे।

सवालः चुनाव अभियान के दौरान आप देश भर में घूमे, साथ ही यूपी के लगभग प्रमुख शहरों में आपकी रैलियां हुईं। लोगों की अपेक्षाएं चरम पर हैं। समूचे यूपी का पुनरुद्धार कैसे करेंगे? जवाबः पिछले बरसों के दौरान राजनीति के गिरते स्तर ने सरकारों के प्रति लोगों के मन में तिरस्कार और निराशा की भावना पैदा कर दी है। लंबे अरसे के बाद चुनावी राजनीति में जनता की दिलचस्पी उभरकर सामने आ रही है। समूचे देश में आशा का संचार हो रहा है। मैं इस बात से बखूबी वाकिफ हूं कि जनता को भाजपा से बहुत उम्मीदें हैं। मैं समझता हूं कि हमारी जनता को भी सपने संजोने एवं आशाओं के दीप प्रज्वलित करने का अधिकार है। अपेक्षाओं का चरम पर होना कोई बुरी बात नहीं है। हमें इन बातों का पूरी तरह से ध्यान है और उसी के मुताबिक कड़ी मेहनत करने की मानसिक तैयारी भी हम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश का विकास हमारी प्राथमिकता में है। इस राज्य के विकास के साथ पश्चिम और पूर्वी भारत के बीच विकास के असंतुलन को साधने में काफी मदद मिलेगी।

सवालः बगैर राज्य सरकार के सहयोग के केंद्र सरकार अकेले कैसे किसी राज्य का स्तर उठा सकती है? जवाबः यह सही है कि केंद्र और राज्य के सहयोग से प्रगति की राह आसान हो जाती है। नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन में दोनों पक्षों की सहभागिता विकास को एक नई ऊंचाई प्रदान करती है। हमारा पुरजोर प्रयास होगा कि हम केंद्र और राज्यों के बीच सद्भावनापूर्ण संबंध स्थापित करें। विवादास्पद मुद्दों पर आम सहमति बनाने की कोशिश करें। देशहित का ध्यान रखते हुए हम एक श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में कार्यरत रहेंगे।

सवालः उत्तराखंड में चुनाव प्रचार के दौरान आपने कहा कि उत्तराखंड की त्रासदी ने आपको झकझोर दिया था, लेकिन मुझे आंसू पोंछने की इजाजत नहीं मिली। अब उत्तराखंड के विकास का आपके पास क्या मॉडल है

जवाबः हम सभी पर्वतीय और दूरदराज स्थित राज्यों की विशेष जरूरतों और समस्याओं को समझते हैं। इन राज्यों की सरकारों की सलाह से राज्य आधारित विकास प्राथमिकता मॉडल तैयार किए जाएंगे ताकि लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो सकें। भाजपा वैश्विक स्तर पर हिमालय के संरक्षण के लिए चेतना जगाने को प्रतिबद्ध है। इसके तहत कई कदम उठाएं जाएंगे जैसे विभिन्न प्रदेशों और क्षेत्रों को समन्वित कर अंतर-सरकारी साझेदारी के अंतर्गत एक अद्भुत और अभूतपूर्व कार्यक्रम ‘नेशनल मिशन ऑन हिमालय’ शुरू करना। हिमालय संरक्षण फंड की स्थापना करना। हिमालय प्रौद्योगिकी को समर्पित एक केंद्रीय प्रौद्योगिकी की स्थापना करना। हिमालय के ग्लेशियर (जहां से उत्तर भारत की ज्यादातर नदियां निकलती हैं) को पिघलने से बचाने के लिए विशेष कार्यक्रम को महत्व के हिसाब से क्रियान्वित करना। भाजपा उत्तराखंड की खास समस्याओं तथा चुनौतियों का अध्ययन कर विकास की दिशा में उचित कदम उठाएगी।

सवालः पर्यटन उद्योग पर आपका फोकस रहा है। हिमाचल में आपने पर्यटन की अपार संभावनाएं बताईं हैं। आपने खुद को हिमाचल के साथ भावनात्मक रूप में जोड़ा है। हिमाचल की दुर्गम पहाड़ियों के बीच आप विकास का रास्ता कैसे निकालेंगे

जवाबः निश्चित तौर पर पर्यटन आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में अहम रोल अदा कर रहा है। हमारे देश में भी पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन अफसोस हम इसका फायदा नहीं उठा पाए। पहाड़ों की नैसर्गिक खूबसूरती के जरिए सैलानियों का मन मोह लेने वाले हिमाचल में पर्यटन उद्योग के लिए अनुकूल माहौल है। जरूरत है तो बस सरकार द्वारा इस दिशा में कार्य करने की। हम हिमाचल में पर्यटन विकास के लिए स्थानीय वस्तुस्थिति को ध्यान में रखते हुए योजना बनाएंगे। हमारे देश में आध्यात्म की बहुमूल्य विरासत है। हिमाचल में दुनिया भर के बौद्ध मतावलंबियों को आकर्षित करने का माद्दा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पर्यटन उद्योग के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर एक पूर्व शर्त मानी जाती है। सड़क बिजली पानी और परिवहन जैसी प्राथमिक सुविधाएं सैलानियों की राह आसान करती है। हमारा प्रयास होगा कि हिमाचल में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने पर विशेष ध्यान दें।

सवालः कश्मीर देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, इसे कैसे संभालेंगे

जवाबः कश्मीर भारत का अविभाज्य हिस्सा है। मेरा मानना है कि वहां के लोगों की देश के संविधान में उतनी ही आस्था है, जितनी अन्य राज्यों के लोगों की। इसी तरह भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार उन्हें भी उतने ही हासिल हैं, जितने देश के अन्य नागरिकों को। कश्मीर समस्या दशकों से देश के लिए बड़ी चुनौती रही है। मौजूदा हालात में दो चीजों पर काम करने की जरूरत है, पहली बात कश्मीरी जनता का दिल जीतना। शुरू से ही भ्रामक स्थिति में जी रहे कश्मीरियों को भरोसा दिलाना होगा कि समूचा देश उनके साथ खड़ा है। कश्मीर की तरक्की और अमनचैन के लिए हम नेक नीयत के साथ प्रयास करेंगे। दूसरी बात अविश्वास की खाई को पाटना। कश्मीरी जनता के मन में जो भी अविश्वास है उसे दूर करने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत कश्मीरियों को सुशासन की छांव में सुरक्षा के अहसास के साथ विकास का साझीदार बनाया जाएगा। राज्य में व्याप्त बेरोजगारी से निपटने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। इसके अलाव कश्मीर में व्यवसाय और पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने की भी हमारी पार्टी की मंशा है। कुल मिलाकर कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत की नीति पर चलते हुए राज्य को सचमुच ही इस पृथ्वी का स्वर्ग बनाने का हर संभव प्रयास करेंगे।

सवालः पाकिस्तान भारत को लगातार चुनौती देता है, लेकिन यह भी सच है कि आप पड़ोसी नहीं बदल सकते। पाकिस्तान को कैसे साधेंगे

जवाबः मैं अपने विचार इस बारे में पहले ही व्यक्त कर चुका हूं कि हम वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत में विश्वास करते हैं। दोनों देशों का संबंध आपसी सम्मान और सहअस्तित्व पर आधारित होना चाहिए। भारत-पाकिस्तान का एक साझा इतिहास रहा है। दोनों देशों की साझी विरासत है। गरीबी से दोनों जूझ रहे हैं। समाज का एक बड़ा तबका गरीबी की वजह से शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। मैं समझता हूं कि आपस में लड़ने के बजाय दोनों मुल्कों का गरीबी के खिलाफ लड़ना ज्यादा जरूरी है।

Courtesy: Amar Ujala

Modi Masterclass: ‘Pariksha Pe Charcha’ with PM Modi
Share your ideas and suggestions for 'Mann Ki Baat' now!
Explore More
Do things that you enjoy and that is when you will get the maximum outcome: PM Modi at Pariksha Pe Charcha

Popular Speeches

Do things that you enjoy and that is when you will get the maximum outcome: PM Modi at Pariksha Pe Charcha
India remains attractive for FDI investors

Media Coverage

India remains attractive for FDI investors
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM Modi's interview to Amar Ujala
March 06, 2022
Share
 
Comments

अमर उजाला से विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले : सरकारी योजनाओं के लाभार्थी सियासत का हिस्सा नहीं... वे विकास योद्धा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमर उजाला से खास बातचीत में यूपी-पंजाब सहित पांच प्रदेशों में चुनाव के साथ देश में शिक्षा की हालत, चिकित्सा शिक्षा के विकास, रोजगार वृद्धि और यूक्रेन में युद्ध से पैदा हुए अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तार से अपनी राय रखी। उन्होंने 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव में जीत के साथ पहली बार 2024 के भावी लोकसभा चुनाव में भी विकास को मुद्दा बताते हुए जीत का दावा किया। डॉ. इंदुशेखर पंचोली से बातचीत में प्रमुख मुद्दों, प्रश्नों और विषयों पर जानिये प्रधानमंत्री की राय...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मानते हैं कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का वर्ग चुनावी सियासत या लाभ-हानि का हिस्सा नहीं है। ये समूह दरअसल विकास योद्धा हैं, जो अपनी बुनियादी जरूरतों से आगे बढ़कर देश के विकास में दमखम दिखाने को तैयार हैं। इससे देश को जो लाभ मिलने वाला है, वह कल्पना से परे है। यह सत्ता में दशकों तक बैठे लोगों को आईना भी दिखाने वाला है। पीएम ने कहा, लोग चौथी बार जातिवाद-परिवारवाद से ऊपर उठकर अब विकासवाद व राष्ट्रवाद के नाम पर वोट कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव में सकारात्मक नतीजों के प्रति आशान्वित पीएम मोदी ने आखिरी चरण के मतदान से पहले ‘अमर उजाला’ से शनिवार को खास बातचीत की। प्रधानमंत्री यूपी चुनाव को अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी और समीकरणों के तौर पर नहीं देखते। मोदी ने कहा, चुनाव रिपोर्ट कार्ड और भविष्य का विजन सामने रखने का माध्यम होता है। जन कल्याण के लिए काम करने वालों के लिए अगले चुनाव की तैयारी उसी दिन से शुरू हो जाती है, जिस दिन वे पिछला चुनाव जीतते हैं।

पीएम ने कहा, चुनाव गुणा-भाग नहीं, बल्कि जनता के बीच आपकी केमिस्ट्री से चलते हैं। ऐसी केमिस्ट्री जहां लोग प्रगति के लिए उत्सुक हैं और सरकार उनकी सेवा करने के लिए। ऐसी केमिस्ट्री जो लोगों को एक बेहतर कल के लिए एकसाथ लाती है। उन्होंने कहा, यूपी या पंजाब नहीं, सभी राज्य एक ही धागे से जुड़े हैं। सबकी आंखों में सपने हैं। इसलिए वे एक सकारात्मक राजनीति की ओर देख रहे हैं, जो प्रगति और विजन पर केंद्रित हो, परिवारवाद या विभाजन पर नहीं।

पहले डीबीटी का मतलब था डायरेक्ट बेनिफिट टु फैमिली, अब सीधा जनता तक लाभ पहुंच रहा है। आकांक्षा की राजनीति की ओर यह रुझान 2014 से पूरे देश में देखा गया है। ये 2019 के बाद और भी मजबूत हो गया है। लोगों ने देखा कि संकट के समय में विकास-केंद्रित सरकार कितनी महत्वपूर्ण होती है। यही रुझान अब आपको हर चुनाव में दिखाई दे रहा है और आगे भी दिखाई देगा।

70 वर्षों में जितने डॉक्टर तैयार हुए उतने अब अगले 10 वर्षों में ही बनेंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 2014 तक देश में लगभग 385 मेडिकल कॉलेज थे। अब इनकी संख्या 600 से ज्यादा है। पहली बार निजी से ज्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेज हो गए। आजादी के बाद के 70 वर्षों में जितने डॉक्टर देश में तैयार हुए, उतने डॉक्टर अब अगले 10 वर्षों में बनेंगे।

ऑपरेशन गंगा : कई देशों की सरकारों से तालमेल
मोदी बोले, ऑपरेशन गंगा के तहत भारत सरकार कई देशों की सरकारों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रही है। मैंने भी कई राष्ट्राध्यक्षों से बात की है और उन्हें कहा कि भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

युवाओं के लिए भविष्य में और अधिक होंगे अवसर
पीएम मोदी ने कहा कि काम मांगने वाले हों या काम देने वाले, दोनों के लिए ही भारत की अर्थव्यवस्था ढेरों अवसर पैदा कर रही है। हम सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। निकट भविष्य में युवाओं के लिए अवसर और ज्यादा बनने वाले हैं।

सभी लोग चाहते हैं कि उनके राज्य का हो विकास
सभी लोग चाहते हैं कि उनके राज्य का विकास हो। वे सभी अपने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की कामना कर रहे हैं। इसलिए जाति, धर्म, वंशवाद की राजनीति करने वाले दलों को जनता लगातार कमजोर कर रही है। - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

जातिवाद-परिवारवाद पर भारी विकास की रफ्तार... इसी से बनेगी निर्णायक सरकार

हमारे ईमानदार प्रयासों से यूपी के लोगों में एक नया विश्वास जगा
डबल इंजन की सरकार का फायदा लोग समझने लगे हैं। डबल इंजन की सरकार की तेज गति के आगे घोर परिवारवादियों की सरकारों की सुस्त चाल कहीं टिक नहीं सकती।

आपने यूपी में प्रत्येक चरण के चुनाव में रैलियां की हैं, अब इस रण के आखिरी चरण पर पहुंच कर क्या तस्वीर देख रहे हैं?
मैं सबसे पहले यूपी के लोगों का, हमारी माताओं-बहनों-बेटियों और नौजवानों-किसानों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। छह चरणों में ही उन्होंने भाजपा और सहयोगी दलों की प्रचंड बहुमत वाली सरकार सुनिश्चित कर दी है। अपना भाई, बेटा, साथी मानकर उन्होंने हमें खूब आशीर्वाद दिया है। भाजपा पहले जैसी मजबूत और निर्णायक सरकार बनाएगी। लोग चौथी बार लगातार जातिवाद-परिवारवाद से ऊपर उठकर विकासवाद और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में योगी जी के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार का फायदा लोग समझने लगे हैं। चाहे गरीबों को घर, गैस कनेक्शन, बिजली, नल से जल देना हो या नई सड़कों व नए हाईवे का निर्माण, डबल इंजन की सरकार की तेज गति के आगे, घोर परिवारवादियों की सरकारों की सुस्त चाल कहीं टिक नहीं सकती। वैश्विक महामारी के इस दौर में पिछले 2 साल से यूपी के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

इतनी बड़ी आबादी वाले प्रदेश में हमने अभूतपूर्व तेजी से टीकाकरण किया। टीके के सुरक्षा कवच की वजह से स्कूल-कॉलेज खुले हैं और व्यापार-कारोबार में भी तेजी आई है। भाजपा सरकार के ईमानदार प्रयासों की वजह से यूपी के लोगों में एक नया विश्वास पैदा हुआ है। आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक हर क्षेत्र में विकास के हमारे कार्यों की जनता सराहना कर रही है। 10 मार्च के बाद भाजपा सरकार, इन कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाएगी। पहले डीबीटी का मतलब होता था डायरेक्ट बेनिफिट टु फैमिली उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में लोग हमें दोबारा अवसर देना चाहते हैं। पंजाब के मेरे भाई-बहन वहां की भ्रष्ट, परिवारवादी और नाकाम सरकारों से त्रस्त हो चुके हैं।

पंजाब, उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर में भी आपने रैलियां की हैं, आपका क्या आकलन है ?

देखिए, भाजपा की सरकार, चाहे किसी राज्य में हो, लोगों की सेवा की भावना से काम करती है। गरीबों व मध्य वर्ग का जीवन आसान बने, व्यापार-कारोबार और निवेश के लिए उचित वातावरण रहे, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर के भी लोग पहले की सरकारों के रवैये और हमारी सरकार की कार्यसंस्कृति के फर्क को साफ महसूस करते हैं। भाजपा की सरकारों ने आगे बढ़कर गरीबों को समस्त विकास योजनाओं का फायदा पहुंचाया है। पहले की सरकारों के लिए डीबीटी का मतलब होता था, डायरेक्ट बेनिफिट टु फैमिली।

हमारी सरकार ने डीबीटी को डायरेक्ट बेनिफिट टु पीपल बनाया। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है, सरकार की योजनाओं का लाभ, बिना लीकेज सीधे लोगों के बैंक खातों में जा रहा है। वे लोग टेक्नोलॉजी को तोड़-मरोड़ कर, अनेकों फर्जी कंपनियां तैयार कर, अनेकों कागजी लोग बनाकर, जनता का पैसा लूटते थे। हमारी सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करके लोगों को उनका वाजिब हक मिले। यह एक बड़ी वजह है कि लोगों में जातिवादी और परिवारवादी नेताओं पर आश्रित रहने की भावना खत्म होने लगी है।

अब हर जगह विकास, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दे को जगह मिलने लगी है। उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में लोगों ने हमारे इन सब कार्यों को देखा है, इसलिए वे सब हमें सेवा का दोबारा अवसर देना चाहते हैं। पंजाब के मेरे भाई-बहन अब वहां की भ्रष्ट, परिवारवादी और नाकाम सरकारों से त्रस्त हो चुके हैं। उनमें बदलाव की गहरी इच्छा दिखी है। वे भाजपा को उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।

यूपी का हर व्यक्ति इस बात का गर्व करता है कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं रहा, बल्कि देश के विकास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है

आप बार-बार कह रहे हैं, जीतेंगे तो योगी ही, आपने कहा, यूपी प्लस योगी यानी उपयोगी। क्या सीएम योगी के चेहरे पर ही भाजपा चुनाव लड़ रही है?

योगी जी ने यूपी की माताओं-बहनों-बेटियों, नौजवानों के हृदय में जगह बनाई है। यूपी में माफिया और अपराधियों पर लगाम कसी जा सकती है, पहले की सरकारों में इसकी उम्मीद तक यूपी के लोग छोड़ चुके थे। योगी जी ने एक तरफ ऐसे अराजक तत्वों पर सख्ती की, तो दूसरी तरफ गरीबों के लिए पूरी संवेदनशीलता से काम किया। भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी गर्व है कि भाजपा की सरकार ने इस सेवा भाव से काम किया है। इसलिए योगी जी यूपी की माताओं-बहनों-बेटियों, किसानों-नौजवानों सभी के प्रतिनिधि हैं।

पहले की सरकारों ने यूपी को बड़ी-बड़ी घोषणाओं और झूठे वादों के सिवाय कुछ नहीं दिया। आज लोग देख रहे हैं कि योगी जी किस तरह स्थितियों को बदलने के लिए, यूपी के विकास के लिए निरंतर परिश्रम कर रहे हैं। इसीलिए यूपी की जनता कह रही है-यूपी+योगी, बहुत उपयोगी। मैं एक और पंक्ति जोड़ देता हूं-जीतेंगे तो योगी ही और उनकी जीत से जीतेगा सबका विकास, जीतेगा सबका विश्वास, जीतेगा सबका प्रयास।

योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था को कायम करने में कहां तक सफलता हासिल की है?

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधर भी सकती है, लोग कभी इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। आप लोगों ने भी 2017 से पहले गुंडे-बदमाशों, अपराधी तत्वों और माफिया की करतूतों को विस्तार से रिपोर्ट किया है। कुशासन की वो यादें न तो अखबारों के आर्काइव से मिटी हैं और न ही हमारी बहन-बेटियां के मस्तिष्क से मिट पाएंगी। जिन दलित, पिछड़े परिवारों के घर जलाए गए, घरों-जमीनों पर अवैध कब्जे हुए और थाने में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं होती थी, उनको वो अंधेरगर्दी आज भी याद है।

आज अगर राज्य की कानून-व्यवस्था आपको पटरी पर नजर आ रही है, तो यह योगी सरकार के दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम का ही परिणाम है। यूपी में यह कानून का राज ही है, जिसके चलते राज्य में होने वाले दंगे इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं। बीते पांच साल में हर जाति-धर्म के त्याेहार सौहार्द भरे माहौल में संपन्न हुए हैं।

बीते पांच साल में यूपी के विकास को आप किस दृष्टि से देखते हैं?

विकास की योजनाओं को लेकर पहले की सरकारों का ढीला-ढाला कामकाज और भाजपा सरकार की तेज गति आज आंकड़ों में भी साफ नजर आती है। आज यूपी में एक्सप्रेस-वे डबल हो रहे हैं, हवाईअड्डों की संख्या भी डबल हो रही है। यूपी देश का एकमात्र राज्य है, जहां 5 शहरों में मेट्रो रेल हैं और 5 पर काम चल रहा है। पिछली सरकार के समय तक जहां 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, आज यह संख्या 35 से ज्यादा हो चुकी है। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं।

साल 2017 तक जहां यूपी में मेडिकल की सिर्फ 1900 सीटें थीं, वहीं बीते 5 साल में 2100 नई सीटें जोड़ी गईं। शिक्षा क्षेत्र में देखें, अनेक नई यूनिवर्सिटी पांच साल में तैयार हुई। पिछली सरकार अपने कार्यकाल में जहां गरीबों के लिए कुछ हजार ही घर बनवा पाई थी, योगी जी की सरकार ने अपने पांच साल में 34 लाख से ज्यादा घर गरीबों को बनाकर दिए। पिछली सरकार में विकास का मतलब एक ही परिवार का विकास था। इन परिवारवादियों के राज में विकास इनसे शुरू होकर, इन पर ही खत्म होता था।

जबकि भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र पर काम कर रही है। इस मंत्र पर चलते हुए गरीबों, दलितों, वंचितों, पिछड़ों, छोटे किसानों, महिलाओं, युवाओं और मध्य वर्ग समेत सभी लोगों की भलाई के लिए योजनाएं बनाई गईं और बिना किसी जातिगत और धार्मिक भेदभाव के लागू भी किया। आज यूपी का हर व्यक्ति इस बात का गर्व करता है कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं रहा, बल्कि देश के विकास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।

डबल इंजन की सरकार ने हर परिस्थिति में, हर जरूरतमंद की, कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक की सेवा के संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया है

सूबे में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का नया वर्ग खड़ा हो गया है। इससे भाजपा को कितना लाभ मिलने की संभावना है?

आप जिसे लाभार्थियों का नया वर्ग कह रहे हैं, मैं उन्हें विकास का नया योद्धा मानता हूं। ये वैसे लोग हैं, जो अब अपनी जरूरतों से आगे बढ़कर देश के विकास में दमखम दिखाने को तैयार हैं। आप ये पूछ रहे हैं कि इससे भाजपा को क्या लाभ मिलने वाला है, लेकिन इससे देश को जो लाभ मिलने वाला है, उसकी तो आप कल्पना भी नहीं कर सकते। यही नहीं, आपका सवाल अगर जनता-जनार्दन की दुखती रग पर हाथ रखने जैसा है, तो सत्ता में दशकों तक बैठे लोगों को आईना भी दिखाने वाला है।

आज उत्तर प्रदेश के लोगों को अगर मकान, बिजली-पानी कनेक्शन, शौचालय, गैस कनेक्शन मिल रहे हैं, तो यह हमारी उपलब्धियों के साथ-साथ पुरानी सरकारों के कुशासन का भी प्रतिबिंब हैं। इतने दशकों तक इतनी मूल सुविधाओं से सामान्य जन को वंचित रखने का पाप इन्होंने किया है। हमारी डबल इंजन की सरकार ने हर परिस्थिति में, हर जरूरतमंद की, कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक की सेवा के संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया है।

भाजपा के अधिकतर नेताओं का चुनाव अभियान नकारात्मक हो गया है, विकास और किसानों, युवाओं के मुद्दे गायब हैं?

देखिए मैं अमर उजाला की संपादकीय टीम को एक टास्क देता हूं। आप लोग हमारे संबोधनों का एक वर्ड क्लाउड बनाइए और खुद देखिए। जो शब्द प्रमुखता से बोले गए हैं, वो होंगे घर, राशन, वैक्सीन, कानून व्यवस्था, किसान, इथेनॉल ब्लेंडिंग, हाईवे-एक्सप्रेसवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर, यूपी का इन्फ्रास्ट्रक्चर। वर्ड क्लाउड में 90 प्रतिशत शब्द आपको यही मिलेंगे। हां, 10 प्रतिशत ऐसा भी हो सकता है कि जहां हम विरोधियों की झूठी घोषणाओं और झूठे आरोपों का जवाब दे रहे होंगे।

मैंने हमेशा अपने संबोधनों में महिला हितों, नौजवानों-किसानों के हितों, रोजगार के अवसरों की बात की है। शुरू से ही सकारात्मकता, सर्वांगीण और समावेशी विकास की सोच को अपनाया है। भाजपा का पूरा चुनाव प्रचार अभियान केंद्र सरकार और राज्य सरकार यानी डबल इंजन की सरकारों द्वारा किए गए चौतरफा विकास के इर्द-गिर्द ही रहा है।

खेती में सुधार के तीन कानून वापस ले लिए गए। अब खेती और खेतिहर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए क्या रणनीति होगी?

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए पिछले 7 वर्षों में हम एक केंद्रित और व्यापक रणनीति के साथ काम कर रहे हैं। पहले सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता था, हमने उत्पादन के साथ-साथ किसानों के लाभ पर भी फोकस किया। हमने बीज से बाजार तक किसानों के लिए नई व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, उनमें सुधार का प्रयास किया। छोटे किसानों की छोटी-छोटी जरूरतों को समझा और उसके लिए कार्य किया। पीएम किसान सम्मान निधि हो, करोड़ों किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड हो, फसल बीमा योजना का विस्तार हो, दशकों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाएं पूरी हों, किसानों को आसानी से कम ब्याज दरों पर ऋण मिले, हमने इन सबका ध्यान रखा। हमने पशुपालकों और मछुआरों को भी किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा से जोड़ा।

ये हमारी ही सरकार है जो एमएसपी पर सरकारी खरीद पर इतना जोर दे रही है। मैं अमर उजाला के पाठकों को कुछ आंकड़े भी दूंगा। 2007 से 2014 के बीच किसानों से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का धान खरीदा गया था। हमारी सरकार के दौरान सात साल में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये का धान किसानों से एमएसपी पर खरीदा गया है। इसी तरह दलहन के लिए एमएसपी भुगतान लगभग 75 गुना बढ़ा है। एक और अहम बात यह भी है कि एमएसपी का यह पैसा डीबीटी के जरिये सीधे किसानों के खाते में पहुंच रहा है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार कृषि निर्यात को भी बढ़ावा दे रही है। हम खेती को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ रहे हैं। आप देख ही रहे हैं कि किसानों में ड्रोन को लेकर कितना उत्साह है। ड्रोन किसानों की फसलों की देखभाल से लेकर उपज को बाजारों तक पहुंचाने तक, अनेक प्रकार से किसानों की मदद करेंगे। किसानों के लिए हमारे प्रयास एकाध कदम पर आधारित नहीं रहे हैं। यह एक संपूर्ण और व्यापक योजना है, जिस पर हम काम कर रहे हैं और यह फलदायी भी हो रहा है।

यूपी से 2024 के समीकरण साधने की तैयारी अभी से शुरू हो गई है?

समीकरण उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जो चुनावी राजनीति को गणित के खेल के रूप में देखते हैं। इसको जोड़ो, उसे तोड़ो तो चुनाव जीत जाएंगे। लेकिन चुनाव अब गुणा-भाग नहीं, बल्कि जनता के बीच आपकी केमिस्ट्री से चलते हैं। ऐसी केमिस्ट्री, जहां लोग प्रगति के लिए उत्सुक हैं और सरकार उनकी सेवा करने के लिए। ऐसी केमिस्ट्री जो लोगों को एक बेहतर कल के लिए एक साथ लाती है। चुनाव आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन इन चुनावों के बीच आपका काम लोगों के लिए मायने रखता है। जन कल्याण के लिए काम करने वालों के लिए अगले चुनाव की तैयारी उसी दिन से शुरू हो जाती है, जिस दिन वो पिछला चुनाव जीतते हैं। क्योंकि वे पहले दिन से ही काम कर रहे हैं।

पंजाब में आप लंबे अरसे बाद अकाली दल के बिना चुनाव लड़े हैं, नए सहयोगियों के साथ कैसा रिस्पांस मिला?

पंजाब बॉर्डर स्टेट है, मेहनतकश और राष्ट्रभक्ति से भरे हुए लोगों का प्रदेश। स्वाभाविक है कि पंजाब के लोग भाजपा को अपना आशीर्वाद देंगे। जो भारत की सुरक्षा के प्रति ही गंभीर नहीं, जो भारत को एक राष्ट्र ही नहीं मानते, देश की अखंडता व पंजाब की सुरक्षा उनके हवाले नहीं की जा सकती, यह लोग जानते हैं। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन ने पंजाब की सुरक्षा और विकास का जो संकल्प सामने रखा है, उसको पंजाब की जनता ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। पंजाब के लोग भी डबल इंजन की सरकार की ताकत को समझते हैं।

ड्रग्स, सीमा पार से तस्करी की कोशिशें, किसानों की स्थिति, रोजगार के अवसर, अहम मुद्दे हैं। आज आप देखिए, इतनी संभावनाओं से भरा पूरा पंजाब, लेकिन इंडस्ट्री? वो तो पंजाब को छोड़कर जा रही हैं। कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण पंजाब में निवेश को लेकर उत्साह बहुत कम रहा है। इन स्थितियों को डबल इंजन की सरकार ही बदल सकती है। हमने अपने घोषणा-पत्र में अनेक संकल्प लिए हैं। पंजाब में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, पारदर्शी सरकार होगी तो न उद्योगों को पलायन करना पड़ेगा, न नौजवानों को!

काशी में आखिरी दो दिन प्रवास के मायने?

देखिए, काशी में बिताया हर पल मेरे लिए अनमोल होता है। मुझे लगता है कि काशी के लोगों ने मुझे इतना स्नेह दिया है, इतना आशीर्वाद दिया है कि मैं काशी के लिए जितना करूं, वो कम ही है। मैं यहां आता हूं तो अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से मिलता हूं, बनारस की सड़कों पर टहलता हूं, कभी ठंडई, कभी चाय पीता हूं, मां गंगा को स्पर्श कर आने वाली हवा मुझे अभिभूत कर देती है।

इस पुरातन शहर में जो ऊर्जा हर गली, हर घाट, हर क्षेत्र में हजारों वर्षों से व्याप्त है, उसे मैं भीतर तक महसूस करता हूं। ये अनुभव ही कुछ और होता है। मेरे लिए तो पूरा बनारस ही एक मंदिर की तरह है। यहां का हर जन, मेरे लिए देवी-देवता है। उनकी सेवा करने के लिए, साथ समय बिताने के लिए कई बार तो मुझे दो दिन भी कम लगते हैं।
समाज को आपस में लड़ाकर आगे बढ़ने वालों की राजनीति में संभावनाएं अब हो रहीं खत्म

Source : Amar Ujala