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"Shri Narendra Modi will address a conference on Healthy Gujarat “Agenda for Action” at Mahatma Mandir on Tuesday"

On 3rd December, 2013 Shri Narendra Modi will speak at a conference on Healthy Gujarat ‘Agenda for Action” at Mahatma Mandir, Gandhinagar at 10:00 am. The conference is organized by Health and family Welfare Department, Government of Gujarat.

Minister for Health and Family Welfare, Shri Nitinbhai Patel will be present at the event.

Other dignitaries to be present at the occasion are Shri Parbatbhai Patel, Minister of State for Health and Family Welfare, Dr. Nata Menabde, Representative to India, WHO, Dr. Genevieve Begkoyian, Chief of Health, UNICEF, India country office and Prof. K Srinath Reddy, President, Public Health Foundation of India.

You can watch the events LIVE on www.narendramodi.in and follow live tweets on narendramodi_in

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July 31, 2021
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You are lucky to enter Service in the 75th Year of Azadi, next 25 years are critical for both you and India: PM
“They fought for ‘Swarajya’; you have to move forward for ‘Su-rajya’”: PM
Challenge is to keep police ready in these times of technological disruptions: PM
You are the flag-bearers of ‘Ek Bharat -Shreshth Bharat’, always keep the mantra of ‘Nation First, Always First’ foremost: PM
Remain friendly and keep the honour of the uniform supreme: PM
I am witnessing a bright new generation of women officers, we have worked to increase the participation of women in police force: PM
Pays tribute to members of the Police Service who lost their lives serving during the pandemic
Officer trainees from the neighbouring counties underline the closeness and deep relation of our countries: PM

आप सभी से बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरा हर साल ये प्रयास रहता है कि आप जैसे युवा साथियों से बातचीत करुं, आपके विचारों को लगातार जानता रहूं। आपकी बातें, आपके सवाल, आपकी उत्सुकता, मुझे भी भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करती हैं।

साथियों,

इस बार की ये चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब भारत, अपनी आजादी के 75 वर्ष का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस साल की 15 अगस्त की तारीख, अपने साथ आजादी की 75वीं वर्षगांठ लेकर आ रही है। बीते 75 सालों में भारत ने एक बेहतर पुलिस सेवा के निर्माण का प्रयास किया है। पुलिस ट्रेनिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में भी हाल के वर्षों में बहुत सुधार हुआ है। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो उन युवाओं को देख रहा हूं, जो अगले 25 वर्ष तक भारत में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने में सहभागी होंगे। ये बहुत बड़ा दायित्व है। इसलिए अब एक नई शुरुआत, एक नए संकल्प के इरादे के साथ आगे बढ़ना है।

साथियों,

मुझे बहुत जानकारी तो नहीं कि आप में से कितने लोग दांडी गए हुए हैं या फिर कितनों ने साबरमती आश्रम देखा है। लेकिन मैं आपको 1930 की दांडी यात्रा की याद दिलाना चाहता हूं। गांधी जी ने नमक सत्याग्रह के दम पर अंग्रेजी शासन की नींव हिला देने की बात कही थी। उन्होंने ये भी कहा था कि "जब साधन न्यायपूर्ण और सही होते हैं तो भगवान भी साथ देने के लिए उपस्थित हो जाते हैं"।

 

साथियों,

एक छोटे से जत्थे को साथ लेकर महात्मा गांधी साबरमती आश्रम से निकल पड़े थे। एक-एक दिन बीतता गया, और जो लोग जहां थे, वो नमक सत्याग्रह से जुड़ते चले गए थे। 24 दिन बाद जब गांधी जी ने दांडी में अपनी यात्रा पूरी की, तो पूरे देश, एक प्रकार से पूरा देश उठकर खड़ा गया हो गया था। कश्मीर से कन्याकुमारी, अटक से कटक। पूरा हिन्दुस्तान चेतनवंत हो चुका था। उस मनोभाव को याद करना, उस इच्छा-शक्ति को याद करिए। इसी ललक ने, इसी एकजुटता ने भारत की आजादी की लड़ाई को सामूहिकता की शक्ति से भर दिया था। परिवर्तन का वही भाव, संकल्प में वही इच्छाशक्ति आज देश आप जैसे युवाओं से मांग रहा है। 1930 से 1947 के बीच देश में जो ज्वार उठा, जिस तरह देश के युवा आगे बढ़कर आए, एक लक्ष्य के लिए एकजुट होकर पूरी युवा पीढ़ी जुट गई, आज वही मनोभाव आपके भीतर भी अपेक्षित है। हम सबको इस भाव में जीना होगा। इस संकल्प के साथ जुड़ना होगा। उस समय देश के लोग खासकर के देश के युवा स्वराज्य के लिए लड़े थे। आज आपको सुराज्य के लिए जी-जान से जुटना है। उस समय लोग देश की आजादी के लिए मरने-मिटने को तैयार थे। आज आपको देश के लिए जीने का भाव लेकर आगे चलना है। 25 साल बाद जब भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब हमारी पुलिस सेवा कैसी होगी, कितनी सशक्त होगी, वो आपके आज के कार्यों पर भी निर्भर करेगी। आपको वो बुनियाद बनानी है, जिस पर 2047 के भव्य, अनुशासित भारत की इमारत का निर्माण होगा। समय ने इस संकल्प की सिद्धि के लिए आप जैसे युवाओं को चुना है। और मैं इसे आप सभी का बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं। आप एक ऐसे समय पर करियर शुरु कर रहे हैं, जब भारत हर क्षेत्र, हर स्तर पर Transformation के दौर से गुजर रहा है। आपके करियर के आने वाले 25 साल, भारत के विकास के भी सबसे अहम 25 साल होने वाले हैं। इसीलिए आपकी तैयारी, आपकी मनोदशा, इसी बड़े लक्ष्य के अनुकूल होनी चाहिए। आने वाले 25 साल आप देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग पदों पर काम करेंगे, अलग-अलग रोल निभाएंगे। आप सभी पर एक आधुनिक, प्रभावी और संवेदनशील पुलिस सेवा के निर्माण की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। और इसलिए, आपको हमेशा ये याद रखना है कि आप 25 साल के एक विशेष मिशन पर हैं, और भारत ने इसके लिए खासतौर पर आपको चुना है।

साथियों,

दुनियाभर के अनुभव बताते हैं कि जब कोई राष्ट्र विकास के पथ पर आगे बढ़ता है, तो देश के बाहर से और देश के भीतर से, चुनौतियां भी उतनी ही बढ़ती हैं। ऐसे में आपकी चुनौती, टेक्नॉलॉजिकल डिसरप्शन के इस दौर में पुलिसिंग को निरंतर तैयार करने की है। आपकी चुनौती, क्राइम के नए तौर तरीकों को उससे भी ज्यादा इनोवेटिव तरीके से रोकने की है। विशेष रूप से साइबर सिक्योरिटी को लेकर नए प्रयोगों, नई रिसर्च और नए तौर-तरीकों को आपको डवलप भी करना होगा और उनको अप्लाई भी करना होगा।

साथियों,

देश के संविधान ने, देश के लोकतंत्र ने, जो भी अधिकार देशवासियों को दिए हैं, जिन कर्तव्यों को निभाने की अपेक्षा की है, उनको सुनिश्चित करने में आपकी भूमिका अहम है। औऱ इसलिए, आपसे अपेक्षाएं बहुत रहती हैं, आपके आचरण पर हमेशा नज़र रहती है। आप पर दबाव भी बहुत आते रहेंगे। आपको सिर्फ पुलिस थाने से लेकर पुलिस हेडक्वार्टर की सीमाओं के भीतर ही नहीं सोचना है। आपको समाज में हर रोल, हर भूमिका से परिचित भी रहना है, फ्रेंडली भी होना है और वर्दी की मर्यादाओं को हमेशा सर्वोच्च रखना है। एक और बात का आपको हमेशा ध्यान रखना होगा। आपकी सेवाएं, देश के अलग-अलग जिलों में होंगी, शहरों में होंगी। इसलिए आपको एक मंत्र सदा-सर्वदा याद रखना है। फील्ड में रहते हुए आप जो भी फैसले लें, उसमें देशहित होना चाहिए, राष्ट्रीय परिपेक्ष्य होना चाहिए। आपके काम काज का दायरा और समस्याएं अक्सर लोकल होंगी, ऐसे में उनसे निपटते हुए ये मंत्र बहुत काम आएगा। आपको हमेशा ये याद रखना है कि आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भी ध्वजवाहक है। इसलिए, आपके हर एक्शन, आपकी हर गतिविधि में Nation First, Always First- राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम इसी भावना को रिफ्लेक्ट करने वाली होनी चाहिए।

साथियों,

मैं अपने सामने तेजस्वी महिला अफसरों की नई पीढ़ी को भी देख रहा हूं। बीते सालों में पुलिस फोर्स में बेटियों की भागीदारी को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया गया है। हमारी बेटियां पुलिस सेवा में Efficiency और Accountability के साथ-साथ विनम्रता, सहजता और संवेदनशीलता के मूल्यों को भी सशक्त करती हैं। इसी तरह 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में कमिश्नर प्रणाली लागू करने को लेकर भी राज्य काम कर रहे हैं। अभी तक 16 राज्यों के अनेक शहरों में ये व्यवस्था लागू की जा चुकी है। मुझे विश्वास है कि बाकी जगह भी इसको लेकर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

साथियों,

पुलिसिंग को Futuristic और प्रभावी बनाने में सामूहिकता और संवेदनशीलता के साथ काम करना बहुत ज़रूरी है। इस कोरोना काल में भी हमने देखा है कि पुलिस के साथियों ने किस तरह स्थितियों को संभालने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारे पुलिसकर्मियों ने, देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। इस प्रयास में कई पुलिस कर्मियों को अपने प्राणों ही आहूति तक देनी पड़ी है। मैं इन सभी जवानों को पुलिस साथियों को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं और देश की तरफ से उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।

साथियों,

आज आपसे बात करते हुए, मैं एक और पक्ष आपके सामने रखना चाहता हूं। आज कल हम देखते हैं कि जहां-जहां प्राकृतिक आपदा आती है, कहीं बाढ़, कहीं चक्रवाती तूफान, कही भूस्खलन, तो हमारे NDRF के साथी पूरी मुस्तैदी के साथ वहां नजर आते हैं। आपदा के समय NDRF का नाम सुनते ही लोगों में एक विश्वास जगता है। ये साख NDRF ने अपने बेहतरीन काम से बनाई है। आज लोगों को ये भरोसा है कि आपदा के समय NDRF के जवान हमें जान की बाजी लगाकर भी बचाएंगे। NDRF में भी तो ज्यादातर पुलिस बल के ही जवान होते हैं आपके ही साथी होते हैं।। लेकिन क्या यही भावना, यही सम्मान, समाज में पुलिस के लिए है? NDRF में पुलिस के लोग हैं। NDRF को सम्मान भी है। NDRF में काम करने वाले पुलिस के जवान को भी सम्मान है। लेकिन सामाजिक व्यवस्था वैसा है क्या? आखिर क्यों? इसका उत्तर, आपको भी पता है। जनमानस में ये जो पुलिस का Negative Perception बना हुआ है, ये अपनेआप में बहुत बड़ी चुनौती है। कोरोना काल की शुरुआत में महसूस किया गया था कि ये परसेप्शन थोड़ा बदला है। क्योंकि लोग जब वीडियों देख रहे थे सोशल मीडिया में देख रहे थे। पुलिस के लोग गरीबों की सेवा कर रहे हैं। भूखे को खिला रहे हैं। कहीं खाना पकाकर के गरीबों को पहुंचा रहे हैं तो एक समाज में पुलिस की तरफ देखने का, सोचने का वातावरण बदला रहा था। लेकिन अब फिर वही पुरानी स्थिति हो गई है। आखिर जनता का विश्वास क्यों नहीं बढ़ता, साख क्यों नहीं बढ़ती?

साथियों,

देश की सुरक्षा के लिए, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए, आतंक को मिटाने के लिए हमारे पुलिस के साथी, अपनी जान तक न्योछावर कर देते हैं। कई-कई दिन तक आप घर नहीं जा पाते, त्योहारों में भी अक्सर आपको अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। लेकिन जब पुलिस की इमेज की बात आती है, तो लोगों का मनोभाव बदल जाता है। पुलिस में आ रही नई पीढ़ी का ये दायित्व है कि ये इमेज बदले, पुलिस का ये Negative Perception खत्म हो। ये आप लोगों को ही करना है। आपकी ट्रेनिंग, आपकी सोच के बीच बरसों से चली आ रही पुलिस डिपार्टमेंट की जो स्थापित परंपरा है, उससे आपका हर रोज आमना-सामना होना ही होना है। सिस्टम आपको बदल देता है या आप सिस्टम को बदल देते हैं, ये आपकी ट्रेनिंग, आपकी इच्छाशक्ति औऱ आपके मनोबल पर निर्भर करता है। आपके इरादे कोन से हैं। किन आदर्शो से आप जुड़े हुए हैं। उन आदर्शों की परिपूर्ति के लिए कौन संकल्प लेकर के आप चल रहे हैं। वो ही मेटर करता है आपके व्यवहार के बाबत में। ये एक तरह से आपकी एक और परीक्षा होगी। और मुझे भरोसा है, आप इसमें भी सफल होंगे, जरूर सफल होंगे।

साथियों,

यहां जो हमारे पड़ोसी देशों के युवा अफसर हैं, उनको भी मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देना चाहूंगा। भूटान हो, नेपाल हो, मालदीव हो, मॉरीशस हो, हम सभी सिर्फ पड़ोसी ही नहीं हैं, बल्कि हमारी सोच और सामाजिक तानेबाने में भी बहुत समानता है। हम सभी सुख-दुख के साथी हैं। जब भी कोई आपदा आती है, विपत्ति आती है, तो सबसे पहले हम ही एक दूसरे की मदद करते हैं। कोरोना काल में भी हमने ये अनुभव किया है। इसलिए, आने वाले वर्षों में होने वाले विकास में भी हमारी साझेदारी बढ़ना तय है। विशेष रूप से आज जब क्राइम और क्रिमिनल, सीमाओं से परे हैं, ऐसे में आपसी तालमेल और ज्यादा ज़रूरी है। मुझे विश्वास है कि सरदार पटेल अकेडमी में बिताए हुए आपके ये दिन, आपके करियर, आपके नेशनल और सोशल कमिटमेंट और भारत के साथ मित्रता को प्रगाढ़ करने में भी मदद करेंगे। एक बाऱ फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं ! धन्यवाद !