Our government truly prioritizes the well-being of the Janjatiyas: PM Modi

Published By : Admin | February 3, 2024 | 15:30 IST
The government has decided to honour Advani ji with the Bharat Ratna for his invaluable contributions and service to India
Previous governments instead of focusing on improved budgets, they only squandered public money indulging in rampant corruption
Our government truly prioritizes the well-being of the Janjatiyas and not merely treating them as vote-banks like previous governments
To enable international acclaim to the state of Odisha the Konark Chakra was chosen as a symbol during the G20 Summit in New Delhi
Sadhu Meher Ji was the ambassador of the entire potential of the state of Odisha

जॉय जगन्नाथ!

जॉय जगन्नाथ!

जॉय मां समलेई मोर सबू मा बहेन,

आर दादा भाई,

समकू नुआ बछर,

आर पुषपुनिर्,

गुर्दु-टे शुभेच्छा आर ऑभिनंदन!

मेरे परिवारजनो,

संबलपुर, वीर सुरेंद्र साय जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों, संत कवि भीम भोई जैसे दार्शनिकों और स्‍वभाव कवि गंगाधर मेहर जैसे स्वाभिमानी देशभक्तों की भूमि है। मैं कूदोपाली, चिताखाई और सिंघोंड़ा के सभी शहीदों को भी नमन करता हूं। इस वर्ष ओडिशा की कला-संस्कृति की सेवा करने वाले 4 और साथियों को पद्म पुरस्कार मिले हैं। मैं, गोपीनाथ स्वैन जी, भगबत प्रधान जी, बिनोद महराणा जी और बिनोद कुमार पसायत जी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियो,

आज भारतीय जनता पार्टी के हर एक कार्यकर्ता के लिए भी गर्व और गौरव का दिन है। आप सबको ये खुशखबरी मिल चुकी है कि आज देश ने हम सबके आदरणीय नेता लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न देने की घोषणा की है। ये सम्मान राष्ट्रसेवा की परंपरा के सम्मान के हम सब कार्यकर्ताओं का भी सम्मान है। ये सम्मान उस विचारधारा का सम्मान भी है, जो सिर्फ और सिर्फ राष्ट्र प्रथम को लेकर के ही चलती है। ये सम्मान 2 सांसदों वाली पार्टी से चलकर देश और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने का और लोकतंत्र को मजबूती देने वाले कार्यकर्ताओं के संघर्षों का सम्मान है। एक समय था जब शुचिता और ईमानदारी पर आधारित एक अलग राजनीति के कारण भाजपा को सियासी अछूत घोषित कर दिया गया। लेकिन अटल जी के साथ, आडवाणी जी जैसे नेताओं ने उस दुष्चक्र को तोड़ने के लिए अपना जीवन खपाया। आडवाणी जी ने भारत के लोकतन्त्र को एक पार्टी, एक परिवार की कैद से निकालने के लिए निरंतर संघर्ष किया, सबका मार्गदर्शन किया। उन्होंने परिवारवादी विचारधारा को चुनौती देकर भारत के लोकतन्त्र को सर्वसमावेशी और राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ा। आज उस तपस्या का परिणाम हम सब देख रहे हैं। मैं आडवाणी जी को पुन: बधाई दूंगा, उनके दीर्घायु होने की कामना करूंगा।

साथियो,

अब से कुछ देर पहले ही मैंने ओडिशा के विकास के लिए 70 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। केंद्र की भाजपा सरकार, ओडिशा के विकास में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। मैं इन योजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को अनेक-अनेक बधाई देता हूं।

भाइयों और बहनो,

दो दिन पहले ही देश का नया बजट आया है। पिछले 10 वर्षों में जिस नीति पर चलते हुए देश के 25 करोड़ लोग, गरीबी से बाहर निकले हैं, ये बजट उसी नीति को और मजबूत करता है। इस बजट का ऐलान है- गरीबों को सशक्त करने की गारंटी। हमारे युवा हों, महिलाएं हों, किसान हों, मछलीपालक हों, ये बजट सबके विकास की गारंटी देता है और आप भलीभांति जानते हैं- मोदी की गारंटी यानि...गारंटी पूरा होने की गारंटी।

भाइयों और बहनो,

मोदी की गारंटी है कि देश के हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर हो। बीते 10 वर्षों में 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल चुका है। इसमें से 25 लाख लाभार्थी परिवार ये हमारे ओडिशा के ही हैं। जिन लोगों को अब तक पीएम आवास योजना के घर नहीं मिल पाए हैं, उनकी भी चिंता हमारी सरकार कर रही है। इस बजट में गरीबों के लिए 2 करोड़ और नए घर बनाने की घोषणा की गई है। आप अपने इलाके में कोई गरीब परिवार अगर पक्के घर में नहीं रह रहा है तो जाकर के बताना कि मोदी जी आए थे आपको पकका घर देंगे, इसकी गारंटी देकर के गए हैं। बताओगे? सबको बताओगे? मिलकर के बताओगे? मेरा कोई गरीब भाई-बहन झुग्गी-झोपड़ी में ना रहे, इसके लिए मैं दिन-रात एक कर रहा हूं।

साथियो,

किसान हो, पशुपालक हो, मछुआरे हों, इनकी आय बढ़े, इनका जीवन आसान हो, ये भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। पीएम किसान सम्मान निधि से पहली बार देश के करोड़ों किसानों को सीधा लाभ पहुंचा है। इसमें से ओडिशा के भी 40 लाख किसानों को लाभ हुआ है। हर किसान के बैंक खाते में भाजपा सरकार ने कम से कम 30 हजार रुपए भेजे हैं। आपको आंकड़ा याद रहेगा? जरा हाथ ऊपर करके बताइये कि आंकड़ा याद रहेगा? एक किसान को कितने रुपये पहुंचे हैं? 30 हजार, कितने? भाजपा सरकार ने पहली बार लागत का डेढ़ गुणा MSP भी सुनिश्चित किया। भाजपा सरकार, यहां के धान किसानों से ज्यादा से ज्यादा सरकारी खरीद भी कर रही है। 2014 के पहले के 10 सालों में ओडिशा के धान किसानों से 36 हज़ार करोड़ रुपए की ही खरीद हुई थी। ये आंकड़े याद रखना। जब पहले जो लोग सरकार चलाते थे उन्होंने 36 हजार करोड़ का ही धान खरीदा था। जबकि हमारी सरकार के 10 साल में ओडिशा के धान किसानों को MSP के रूप में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। अभी जो बजट आया है, उसमें भी किसानों की आय बढ़ाने और खर्च करने के लिए अनेक योजनाएं देश के सामने रखी गई है। नैनो यूरिया के बाद अब केंद्र सरकार नैनो DAP भी किसानों को उपलब्ध कराने जा रही है। इससे किसान की लागत और कम होगी। हमारी सरकार, देश के करोड़ों पशुपालकों के लिए भी बहुत बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। बजट में मछुआरों के लिए भी बहुत बड़ी घोषणा की है। मत्स्य संपदा योजना के तहत मिलने वाली मदद अब और बढ़ाई जाएगी। इसका बहुत बड़ा लाभ ओडिशा के मछुआरे साथियों को भी होगा।

साथियो,

मछलीपालकों के हित में जितना काम भाजपा की सरकार ने किया है, उतना पहले किसी सरकार ने नहीं किया। ये भाजपा की सरकार है जिसने मछलीपालकों के लिए अलग मंत्रालय बनाया, अलग मिनिस्ट्री बनाई। ये भाजपा की सरकार है जिसने मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी। ये भाजपा की सरकार है जिसने मछलीपालकों की बीमा राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया। हमारे मछुवारे भाइयों के पास आधुनिक नावें हों, उनके पास आधुनिक संसाधन हो, इसके लिए भाजपा सरकार ने हजारों करोड़ रुपए की मदद दी है। सरकार के इन प्रयासों से देश में मछली उत्पादन भी रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहा है।

साथियो,

भाजपा सरकार, लगातार आपका जीवन आसान बनाने के लिए काम कर रही है। आपकी बचत बढ़े, आपकी आमदनी बढ़े, आपके खर्च कम हों, ये हमारी प्राथमिकता है। बीते 10 वर्षों में हमने उन गांवों में भी बिजली पहुंचाई, जो आज़ादी के अनेक दशकों बाद भी अंधेरे में थे। हमारे इस अभियान से ओडिशा के भी 25 लाख से अधिक परिवारों तक बिजली पहुंची। हम LED बल्ब की नई क्रांति देश में लाए, ताकि बिजली का बिल कम हो। अब हमारा प्रयास है कि देश के गरीब का बिजली बिल भी ज़ीरो हो जाए। इसलिए इस बजट में 1 करोड़ परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर पावर स्कीम को घोषणा की गई है। इससे छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा करने वालों को मुफ्त बिजली तो मिलेगी ही, वो ज्यादा बिजली पैदा कर पैसे भी कमा सकेंगे। हमारा ओड़िया तो सूर्य भगवान के साथ जुड़ा हुआ है, जहां कोनार्क का सूर्य मंदिर हो वहां हर घर में तपता हुआ सूर्य एक नई जिंदगी लेकर के आएगा। रूफटॉप सोलर की इतनी बड़ी योजना से देश में रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनेंगे।

भाइयों और बहनो,

बीते 10 वर्षों में बहनों के स्वास्थ्य, उनकी सुविधा के लिए जो अभूतपूर्व काम हुए हैं, उनको इस बजट में और विस्तार दिया गया है। गांव-गांव में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है। अब भाजपा सरकार ने तय किया है कि आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स को भी आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। आज ओडिशा में बने साढ़े 6 हज़ार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का लाभ हमारी बहनों-बेटियों को ही हो रहा है। भाजपा सरकार ने ओडिशा के 60 लाख से ज्यादा परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया है। यहां की लगभग 55 लाख बहनों को उज्ज्वला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। इसने हमारी बहनों-बेटियों का स्वास्थ्य भी सुधारा है और उनका जीवन भी आसान किया है।

साथियो,

मोदी ने बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। बीते 10 वर्षों में करीब 1 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस वर्ष के बजट में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की तरफ बड़ा कदम उठाया गया है। आप कल्पना कीजिए जब इतने परिवारों की बहनें लखपति होंगी तो पूरे परिवार की ताकत कितनी बढ़ जाएगी। आज मैं देख रहा हूं दूर-दूर तक माताएं और बहनें ही दिख रही हैं। इतनी बड़ी तादाद में माताएं और बहनें आशीर्वाद देने आए इससे बड़ा जीवन का सौभाग्य क्या हो सकता है। इससे ओडिशा में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हज़ारों बहनों को बहुत लाभ होने जा रहा है।

साथियो,

2014 से पहले के 10 वर्षों में केंद्र में जो सरकार थी, वो बजट में जितनी घोषणाएं करती थी, उनसे कई गुणा बड़े घोटाले करती थी। 2014 से पहले भारत का युवा निराशा में डूबा था, उसका भविष्य अंधेरे में था। लेकिन आज स्थितियां बदल गई हैं। आज भारत का युवा आत्मविश्वास से भरा है, क्योंकि उसके पीछे ईमानदार और मज़बूत भाजपा सरकार खड़ी है। जिनके पास बैंक को गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था, उनके पास आज मोदी की गारंटी है। आज किसी को मुद्रा योजना का लोन लेना हो, तो उसके पास मोदी की गारंटी है। आज किसी को स्वनिधि योजना का लोन लेना हो, तो उसके पास मोदी की गारंटी है। संबलपुर तो मेक इन इंडिया का, आत्मनिर्भर भारत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। केंद्र सरकार के प्रयासों से बीते 10 वर्षों में ओडिशा में हज़ारों नए लघु उद्योग स्थापित हुए हैं। ओडिशा में हथकरघा के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 30 से ज्यादा हथकरघा क्लस्टर स्‍वीकृत किए हैं। जब मैं यहां उतरा तो मुझसे स्पेशल जैकेट पहनने का आग्रह किया हमारी टोली ने। मैंने कहा क्यों? तो बोले अरे साहब इतना बड़ा हथकरघा के लिए यहां काम हुआ है आज जरा आप इसको पहनिए। मेरे लिए ये प्रसाद है। मैं आपका आभारी हूं। जो परिवार ऐसी चीजें बनाते हैं ना मैं उनका गौरव करता हूं। कच्चा माल हो या फिर दूसरी मदद, यहां के उद्यमियों को केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपए की मदद दी है। इसका लाभ यहां के श्रमिकों और नौजवानों को हुआ है।

मेरे परिवारजनो,

मोदी की गारंटी, उसके साथ है, जिसके पास किसी का सहारा नहीं है। जिसका कोई नहीं उसका मोदी है। ओडिशा में बड़ी संख्या में हमारा आदिवासी समाज रहता है। लेकिन सालों-साल तक सरकारें चलाने वालों ने आदिवासियों को सिर्फ और सिर्फ वोट-बैंक बनाकर रखा। मोदी ने तो अपने आदिवासी भाई-बहनों के बीच दशकों तक काम किया है, मैं उनके सुख-दुख से परिचित हूं। इसलिए आज हमारी सरकार आदिवासी कल्याण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। बीते 10 वर्षों में जनजातीय कल्याण के लिए बजट को हमने कई गुणा बढ़ाया है। ये भाजपा ही है जिसने ओडिशा की सम्मानित बेटी, आदिवासी समाज की प्रतिनिधि द्रोपदी मुर्मू जी को देश की राष्ट्रपति बनाया है। अभी तीन दिन पहले जब उन्होंने संसद को संबोधित किया, तो पूरी दुनिया उनके एक-एक शब्द को सुन रही थी। लेकिन ओडिशा के मेरे भाइयों और बहनों, आपको याद रखना है, ये कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हैं, जिन्होंने द्रोपदी मुर्मू जी के खिलाफ पूरी ताकत लगा दी थी। और वो द्रौपदी जी का अपमान था ऐसा नहीं, समग्र देश के आदिवासी समाज का अपमान था। वो द्रौपदी जी का अपमान नहीं वो मेरे प्यारे ओड़िशा का भी अपमान था।

साथियो,

आज भाजपा सरकार, राष्ट्रनिर्माण में आदिवासियों के योगदान को निरंतर आगे ला रहा है। देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के म्यूजियम बनाए जा रहे हैं। आदिवासी जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़ी जनजातियां हैं, जिन्हें PVTG कहते हैं, उनकी भी पहली बार किसी ने सुध ली है तो वो भाजपा सरकार है। इन जनजातियों के लिए पहली बार हज़ारों करोड़ रुपए की पीएम जनमन योजना बनाई गई। इसका सबसे अधिक फायदा ओडिशा के करीब 1700 कबीलों के लाखों साथियों को होने वाला है। इससे इन बस्तियों में अच्छे घर बनेंगे, सड़कें पहुंचेंगी, पानी पहुंचेगा, रोजगार के साधन बनेंगे। इस क्षेत्र के, देबगड़ के जो पाऊडी भूयां बहन-भाई हैं, उन्हें भी जनमन अभियान से बहुत मदद मिलने जा रही है।

साथियो,

भाजपा सरकार, गरीबों का कल्याण करने वाली सरकार है, गरीबों की चिंता को कम करने वाली सरकार है। हम आज गरीब को मुफ्त इलाज और मुफ्त राशन की सुविधा दे रहे हैं। ओडिशा के सवा 3 करोड़ साथियों को आने वाले 5 वर्षों तक राशन की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। आपके घर भोजन बनता रहे, इसकी गारंटी मोदी ने दी है। मोदी ने एक और काम भी किया है। ओडिशा के जो साथी काम के लिए दूसरे राज्यों में गए हैं, उनकी परेशानी को भी समझा है। मेरे गुजरात में तो बहुत बड़ी तादाद में ओड़िया भाई-बहन रहते हैं। गुजरात के विकास में मेरे ओड़िया भाई-बहन बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। और इसलिए मैं उनके जीवन को बाहर रहने के कारण जो आवश्यकताएं होती हैं उसे भलीभांति जानता हूं। पहले उन्हें दूसरे राज्यों में सरकारी राशन नहीं मिल पाता था, यहां बना राशनकार्ड दूसरे राज्यों में नहीं चलता था। मोदी, एक देश, एक राशनकार्ड योजना लेकर आया। आज ओडिशा का कोई भी साथी, देश के किसी भी राज्य में मुफ्त राशन का लाभ ले सकता है।

मेरे परिवारजनो,

बीजेपी की केंद्र सरकार की एक बहुत बड़ी पहचान, नए भारत के निर्माण की रही है। इस वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 11 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। 10 वर्ष पहले इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2 लाख करोड़ रुपए से भी कम का बजट रहता था। इसका सीधा अर्थ ये है कि आने वाले साल में रोड, रेल, हवाई अड्डे, मेट्रो, बिजली, गैस, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स का बहुत विस्तार होगा। इससे लाखों नए रोजगार भी बनेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च, रेत, सीमेंट, लोहा, मशीनें, ऐसे अनेक सेक्टरों को गति देता है। यानि इन सभी उद्योगों में, ऐसे हर बिजनेस में नई भर्तियां होती हैं। भाजपा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतना खर्च कर रही है, तो इसका सबसे अधिक लाभ पूर्वी भारत को, ओडिशा को हो रहा है।

भाइयो और बहनो,

दिल्ली में जब कांग्रेस का राज था, तब ओडिशा को अपने हक के लिए भी परेशान होना पड़ता था। आज आपका ये बेटा दिल्ली में बैठा है। इसलिए, आज ओडिशा के विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। बीते 10 वर्षों में ओडिशा में नेशनल हाईवे के लिए 7 गुणा अधिक बजट दिया गया। रेलवे के विकास के लिए औसत बजट में 12 गुणा तक वृद्धि की है। ओडिशा में रेलवे का शत-प्रतिशत बिजलीकरण हुआ है। आज ओडिशा में पुरी-हावड़ा और पुरी-राउरकेला रूट पर तेज़ गति की आधुनिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं।

साथियो,

आज मैं ओडिशा आता हूं, तो यहां के विकास को गति देने के संकल्प के साथ आता हूं। लेकिन आपको याद करना होगा,...2014 से पहले दिल्ली से कांग्रेस के नेता यहां आते थे तो क्या करते थे? वे लोग यहां कालाहांडी जाते थे, आदिवासी बस्तियों में जाकर तस्वीरें खिंचवाते थे। टीवी और अखबारों में तस्वीरें छपती थी और पूरी दुनिया में ओडिशा की गरीबी छाई रहती जाती थी। जिस ओडिशा में भगवान जगन्नाथ विराजते हों...जहां कोणार्क में सूर्यदेव विराजते हों...जहां हज़ारों वर्षों की हमारी समृद्ध सभ्यता के निशान हैं...ऐसे समृद्ध ओडिशा को कुछ राजनीतिक दलों ने विकास से वंचित रखने का पाप किया है।

साथियो,

2014 से पहले जहां ओडिशा की पहचान को खराब करने के प्रयास होते थे, वहीं हमारी सरकार आज ओडिशा का गौरव बढ़ा रही है। आपने देखा है कि ओडिशा में G-20 की बड़ी बैठकें हुईं, जिनमें दुनियाभर से लोग आए। दिल्ली में जो G-20 शिखर सम्मेलन हुआ, उसमें भी ओडिशा छाया रहा। भारत की सांस्कृतिक विरासत से दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं को परिचित कराने के लिए हमने कोणार्क चक्र को चुना। आज दुनिया के शीर्ष नेताओं में से कोई ऐसा नहीं है, जिसकी तस्वीर कोणार्क चक्र के सामने नहीं है। ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे दुनिया के नेताओं को ओडिशा की समृद्ध धरोहर के बारे में बताने का अवसर मिला। यहां पर्यटन के लिए अभूतपूर्व संभावनाएं हैं। हीराकुंड बांध में भी पर्यटन की जितनी संभावनाएं हैं, उनका उपयोग नहीं हो पाया है। भाजपा सरकार बनते ही, इस क्षेत्र में टूरिज्म के नए आयाम जोड़े जाएंगे।

वैसे साथियो,

जीवन में सुख और दुख दोनों समाहित होते हैं। आज प्रतिभाशाली फिल्म एक्टर, डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर साधु मेहर जी के निधन का दुखद समाचार भी मिला है। साधु मेहर फिल्म और कला के क्षेत्र में ओडिशा की प्रतिभा के एंबेसडर थे। हमारी सरकार ने 2017 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था, उनके जरिए ओडिशा के लोगों की प्रतिभा को सम्मानित किया था। मैं श्री साधु मेहर जी को मेरी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि देता हूँ।

साथियो,

हमारी सरकार ओडिशा का गौरव बढ़ाने, ओडिशा का सम्मान बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ही है जिसके पास ओडिशा के, देश के विकास के लिए एक प्रोग्राम है, एक रोडमैप है। आपको याद रखना है, मोदी की गारंटी वहां से शुरु होती है, जहां दूसरों से उम्मीदें खत्म हो जाती हैं। और मोदी की गारंटी, ओडिशा के विकास से भारत को विकसित बनाने की है। एक बार फिर आप सभी का इतनी बड़ी संख्या में आकर हमें आशीर्वाद देने के लिए मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मैं माताओं और बहनों का विशेष धन्यवाद करता हूं कि समय निकालकर के मुझे आशीर्वाद देने के लिए आईं।

मेरे साथ बोलिए...

भारत माता की जय!

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए भारत माता की...

भारत माता की....

भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Text of PM’s remarks in the Rajya Sabha
March 18, 2026
In politics, there are no full stops; your experience and contribution will forever remain a part of the nation’s life: PM
There is much to learn from these senior leaders about staying entirely committed to the responsibilities given by society: PM
The legacy here is a continuous process that enriches our parliamentary system: PM
Parliamentary system gains immense strength from the concept of a second opinion; This second opinion is a massive contribution to our democracy that we must cherish: PM
The six years spent here are invaluable for shaping one's contribution to the nation and for self-growth: PM
The invaluable contributions of the retiring members to nation-building would continue to be felt whether they serve within the formal system or through independent social work: PM

इस विशेष अवसर पर आपने मुझे अपनी भावनाएं प्रकट करने के लिए जो अवसर दिया, इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

आदरणीय सभापति जी,

सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं, हर किसी का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है, कुछ खट्टे-मीठे अनुभव भी रहते हैं। लेकिन आज जब ऐसा अवसर आता है, तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर के हम सबके भीतर एक समान भाव प्रकट होता है, क्या? ये हमारे साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं। यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं, कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं, और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर के समाज जीवन में कुछ ना कुछ विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं। जो जा रहे हैं, लेकिन आने वाले नहीं है, उनको भी मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता है, भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है, और आपका अनुभव, आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा-हमेशा बना रहेगा।

आदरणीय सभापति जी,

इस सदन में, जो भी सदस्य माननीय हमारे विदाई ले रहे हैं, कुछ सदन सदस्य ऐसे हैं, जिनको शायद उस समय जाने का समय कार्यकाल आएगा जब सदन नहीं चलता होगा, कुछ है जिनको ऑलरेडी सदन के दरमियान ही विदाई मिल रही है। लेकिन ये जाने वाले सभी माननीय सांसदों का बहुत ही उत्तम योगदान है, इसलिए, लेकिन मैं जरूर कहूंगा, आदरणीय देवगोड़ा जी, आदरणीय खड़गे जी, आदरणीय शरद पवार जी, ये ऐसे वरिष्ठ लोग हैं, जिनके जीवन का आधे से अधिक उम्र संसदीय कार्य प्रणाली में गई है, और इतने लंबे अनुभव के बाद भी सभी नए सांसदों ने सीखना चाहिए, वैसे समर्पित भाव से सदन में आना, जो भी हमसे-उनसे बन सकता है, उतना योगदान करना, यानी समाज में से जो जिम्मेवारी मिली है, उसके प्रति पूरी तरह समर्पित रहना। ये इन सब वरिष्ठ लोगों से हम जैसे सबको सीखने जैसा है। और मैं उनके योगदान की भूरी-भरी सराहना करूंगा, क्योंकि इतना लंबा कार्यकाल छोटा नहीं होता जी, बहुत महत्वपूर्ण है। उसी प्रकार से हमारे उपसभापति जी, हरिवंश जी विदाई ले रहे हैं। हरिवंश जी को लंबे समय तक इस सदन में अपनी जिम्मेवारी निभाने का अवसर मिला है। बहुत ही मृदुभाषी, सदन को चलाने में सबका विश्वास जितने का निरंतर जिन्होंने प्रयास किया और मैंने देखा है कि संकट के समय ज्यादातर उपसभापति के ही जिम्मे आ जाता है कि भाई आप संभाल लेना जरा, तो उनको एक लंबा एक्सपीरियंस होता है, सबको जान भी लेते हैं, भली-भांति जान लेते हैं। लेकिन उनका भी योगदान है। और जब भी, और मैंने देखा कि जब सदन का समय नहीं होता है, तो देश के कोने में, कोने में, कहीं ना कहीं वो यूथ के साथ मिलना- जुलना, देश की परिस्थितियों के संबंध में उनको अवगत कराना, उनमें एक देश के प्रति संवेदनाएं पैदा करना, वो भी निरंतर काम है। वो कलम के धनी तो है ही है, लेकिन कर्म कठोर के नाते भी मैं कहूंगा कि उन्होंने भारत के हर कोने में जाकर के अपना काम किया है।

आदरणीय सभापति जी,

कभी-कभी किसी समय हम सुनते थे कि सदन में बहुत ही हास्य विनोद व्यंग का अवसर मिलता रहता है। इन दिनों शायद धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, क्योंकि 24x7 मीडिया की दुनिया ऐसी है कि हर कोई कॉनशियस रहता है, लेकिन हमारे अठावले जी, है जी, सदा बहार है, अठावले जी जा रहे हैं, लेकिन यहां पर किसी को खोट महसूस नहीं होगी, वो व्यंग विनोद भरपूर परोसते रहेंगे, ऐसा मुझे पूरा भरोसा है।

आदरणीय सभापति जी,

सदन में से हर दो साल के अंतराल के बाद एक बड़ा समूह हमारे बीच से जाता है, लेकिन ये ऐसी व्यवस्था है कि जो नया समूह आता है, उनको बाकी जो लंबे समय से, चार साल से बैठे हुए साथी हैं, अनुभव है, नए लोगों को तुरंत उनसे कुछ ना कुछ सीखने का अवसर मिलता है, और इसलिए एक प्रकार से यहां की जो विरासत है, वो कंटिन्यू प्रोसेस हमेशा रहती है, यह बहुत बड़ा लाभ होता है। मुझे पक्का विश्वास है कि जिनको इस बार जाना नहीं है, वो भी जो नए माननीय सांसद आएंगे, उनको, उनके अनुभव का लाभ मिलेगा और उनका योगदान भी सदन को और समृद्ध करेगा, ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।

आदरणीय सभापति जी,

हम लोग जानते हैं कि जीवन में या सार्वजनिक जीवन में, जब भी कोई महत्वपूर्ण निर्णय करना होता है, तो परिवार के लोग बैठकर के मन बना लेते हैं कि ऐसा करना है, लेकिन फिर भी कहते हैं, अरे ऐसा करो, उनसे जरा पूछ लीजिए, एक सेकेंड ओपिनियन ले लीजिए, किसी वरिष्ठ से और घर में वरिष्ठ कहेंगे, मोहल्ले में देखो भाई, वो काफी अनुभवी है, जरा उनसे पूछ लो, एक बार उनका मन क्या करता है। अगर कोई बीमार है, तो भी कहते हैं यार ऐसा करो भाई, एक और डॉक्टर से जरा ओपिनियन ले लो, सेकेंड ओपिनियन का बहुत महत्व होता है। मैं समझता हूं, हमारे संसदीय प्रणाली में इस सेकेंड ओपिनियन की बहुत बड़ी ताकत रही है। एक सदन में कुछ निर्णय होता है, दूसरे सदन में फिर आता है, सेकेंड ओपिनियन के लिए। अगर इस सदन में होता है, तो उस सदन में जाता है सेकेंड ओपिनियन के लिए, और ये सेकेंड ओपिनियन उस सारी बहस को, उस सारे निर्णय प्रक्रिया को एक बहुत बड़ा नया आयाम दे देती है, और वो मैं समझता हूं कि हमारी निर्णय प्रक्रिया को समृद्ध करती है। तो इसलिए, सदन में जो माननीय सांसद बैठते हैं, उनके लिए एक खुलापन रहता है कि भाई चलो इस सदन में नहीं तो, उस सदन में एक अच्छा ओपिनियन नया आएगा, उस सदन में नहीं तो, इस सदन में एक नया ओपिनियन आएगा। तो ये सेकेंड ओपिनियन, ये हमारे लोकतंत्र में एक बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन है, जो जिस विरासत को हमें संभालना, हमारे जो माननीय सांसद विदाई ले रहे हैं, उनका तो योगदान रहा ही है, और इसके लिए भी मैं उनका साधुवाद करता हूं।

आदरणीय सभापति जी,

जो हमारे माननीय सांसद विदाई ले रहे हैं, बहुत आने वाले दिनों में तो शायद ये अवसर रहने वाला ही नहीं है, लेकिन ये माननीय सांसद ऐसे हैं कि जिनको पुराने संसद के भवन में भी बैठने का मौका मिला और नए संसद भवन में भी बैठने का मौका मिला। उनको दोनों इमारतों में, उनको राष्ट्र के कल्याण के लिए अपना योगदान देने का अवसर मिला है, और उनके कार्यकाल में ही, उनको इस नए सदन के निर्माण प्रक्रिया में और नए सदन की निर्णय प्रक्रिया में भी हिस्सा बनने का अवसर मिला है, ये एक विशेष उनके जीवन में याद रहेगी, नई स्मृति रहेगी।

आदरणीय सभापति जी,

मैं सभी माननीय सांसदों के और मैं मानता हूं कि ये सदन अपने आप में एक बहुत बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी है, राष्ट्र जीवन की कई बारीकियों से परिचित होने का अवसर सदन में प्राप्त होता है। एक प्रकार से हमारे यहां शिक्षा भी होती है, हमारी दीक्षा भी होती है। ये 6 साल यहां जो रहने का अवसर मिलता है, वो जीवन को गढ़ने का, राष्ट्र जीवन के गढ़तम्य योगदान का तो महत्व है ही है, क्योंकि निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन स्वयं के जीवन को गढ़ने का भी एक अमूल्य अवसर होता है। और इसलिए जब माननीय सांसद यहां आते हैं, उस समय की उनकी जो भी सोच-समझ और क्षमता है, जब जाते हैं, तो अनेक गुना वो बढ़ती है, उसका विस्तार होता है, और अनुभव की एक बहुत बड़ी ताकत होती है। अब तब जाकर के जाने के बाद राष्ट्र जीवन का उनका निरंतर योगदान बना रहे हैं। वो अपने तरीके से व्यवस्था के तहत हो सकते हैं, व्यवस्था के तहत ना भी हो सके, लेकिन उनका अमूल्य योगदान मिलता ही रहे, राष्ट्र जीवन के निर्माण में उनका अनुभव हमेशा-हमेशा उपयोगी हो, ये मेरी उन सभी माननीय सांसदों को मेरी शुभकामनाएं हैं। और मैं फिर से एक बार सभी माननीय सांसदों के योगदान का गौरव गान करता हूं, साधुवाद करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।