The Congress Party's appeasement policies come at the highest cost for SC, ST, and BC communities: PM Modi taking a jibe at the Opposition
How much black money did Congress receive from Adani & Ambani, asks PM Modi in Karimnagar
The BJP has always prioritized Nation First above all else: PM Modi in Telangana

भारत माता की.. भारत माता की.. भारत माता की। ना तेलंगाणा कुटुम्ब सभ्युल्लन्दरिकी नमस्कारालु। दक्षिण काशी के भगवान राज राजेश्वर के चरणों में मेरा प्रणाम। आप सभी लोग अपना समय निकालकर मुझे आशीर्वाद देने आए हैं, मैं अभिभूत हूं, मैं सौभाग्यशाली हूं, मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

साथियों,

कल देश में तीसरे चरण का चुनाव पूरा हो गया है। तीसरे फेज में कांग्रेस और इंडी अलायंस का तीसरा फ्यूज़ उड़ गया है। अभी, अभी चार चरण के चुनाव बाकी है। जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से बीजेपी और NDA तेजी से विजय रथ को बहुत जनता-जनार्दन आगे ले जा रही है। यहां करीमनगर में तो आपने BJP MP की जीत पहले ही सुनिश्चित कर दी है। कांग्रेस की हार यहां इतनी पक्की है कि बहुत मुश्किल से वो किसी को चुनाव लड़ने के लिए मना पाई और BRS का यहां कोई अता-पता ही नहीं है।

साथियों,

तेलंगाना के आप सभी लोगों ने 10 साल में मेरा काम देखा है। आपके एक वोट से भारत विश्व में फिफ्थ लार्जेस्ट, पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया, आपके एक वोट ने जम्मू-कश्मीर से 370 को खत्म कर दिया, आपके एक वोट से भारत डिफेंस इंपोर्टर से डिफेंस एक्सपोर्टर बन गया, ये सब किसने किया? किसने किया? किसने किया? किसने किया? किसने किया? मोदी ने नहीं किया, ये आपके एक वोट ने किया है। ये आपके वोट की ताकत है इसके कारण देश में ये सबकुछ हो पा रहा है।

साथियों,

मैंने बहुत साल तक गुजरात में काम किया। सारे चुनाव मैं वहां जीत जाता... लेकिन गुजरात में भी अगर मोदी को सुबह 10 बजे इतनी बड़ी रैली करनी है तो मैं कभी नहीं कर पाता था। आज आपने इतनी बड़ी रैली और मैं देख रहा हूं आपने जो मैदान तय किया है उससे बाहर भी और अभी भी लोग आ रहे हैं। सुबह 10 बजे इतनी बड़ी रैली मैं गुजरात में भी नहीं कर सकता हूं, मैं आपको सौ-सौ सलाम करता हूं। आपने इतना बड़ा, इतना बड़ा प्यार और आशीर्वाद दिया है।

भाइयों- बहनों,

भारत में, तेलंगाना में, साथियों, चाहे भारत की बात हो, चाहे तेलंगाना की बात हो, हमारे देश में सामर्थ्य की कभी कमी नहीं रही। लेकिन, कांग्रेस सरकारों ने इतने वर्षों तक एक ही काम किया। आप मुझे बताइए, कांग्रेस ने देश के हर सामर्थ्य को तबाह किया कि नहीं किया? कांग्रेस ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह किया कि नहीं किया? एग्रीकल्चर और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर, ये सदियों से भारत की ताकत थी। कांग्रेस ने उन्हें भी तबाह कर दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह है, कांग्रेस ही देश में समस्याओं की सबसे बड़ी जननी है।

भाइयों- बहनों,

पिछले 10 वर्षों में NDA ने हर सेक्टर को, भाजपा और NDA ने हर सेक्टर को आगे बढ़ाने का काम किया है। हम फार्मिंग सेक्टर को मॉडर्नाइज कर रहे हैं। हमारा जो खेती है, किसानी है, हमारा जो रायथु बंधु है, नैचुरल फार्मिंग, नैनो यूरिया और ड्रोन को प्रमोट कर रहे हैं। आज किसान को किसान सम्मान निधि मिल रही है। किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार देश में टेक्सटाइल पार्क्स बना रही है। आज कौशल विकास से लेकर आर्थिक सहायता तक, हर स्तर पर भाजपा सरकार आपके साथ खड़ी है।

साथियों,

बीजेपी हमेशा नेशन फर्स्ट, राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलती है, जबकि तेलंगाना में कांग्रेस और बीआरएस– फैमिली फर्स्ट इस पर चलती है। ये लोग ऐसे हैं, इनकी पॉलिटिकल पार्टी ऐसी है ‘बाय द फैमिली, फोर द फैमिली, ऑफ द फैमिली है’ ये ही इनका खेल है। कांग्रेस और बीआरएस में कोई अंतर नहीं है। ये एक ही चट्टे-बट्टे के लोग हैं, वो एक ही सिक्के की बाजू है। कांग्रेस और बीआरएस को कौन जोड़ता है, कांग्रेस और बीआरएस को करप्शन जोड़ता है, करप्शन। कांग्रेस- बीआरएस को जोड़ती है- अपीजमेंट की पॉलिटिक्स, तुष्टिकरण की राजनीति। कांग्रेस और बीआरएस को जोड़ती है- इनका जीरो गवर्नेंस का मॉडल। इस गठजोड़ से हमें मिलकर के तेलंगाना को बचाना है।

साथियों,

हमारे तेलंगाना का गठन हुआ तो आप सबने बीआरएस पार्टी पर भरोसा किया था, उस समय वो टीआरएस थी। अपनी फैमिली के लिए बीआरएस ने तेलंगाना की सारी फैमिलीज के सपने तोड़ दिए। कांग्रेस का भी ये ही इतिहास है। आज़ादी के बाद देश को कांग्रेस पार्टी से उम्मीदें थीं। लेकिन, कांग्रेस ने भी रास्ता क्या चुना- फैमिली फर्स्ट, देश तो डूब गया और वे देश डूबे तो डूब जाए लेकिन, इनकी फैमिली को कोई फर्क नहीं पड़ता। फैमिली फर्स्ट की इसी नीति की वजह से कांग्रेस ने पीवी नरसिम्हा राव जी का भी अपमान किया। उनके निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर का भी अपमान किया। कांग्रेस दफ्तर में एंट्री तक नहीं दी। ये बीजेपी- NDA सरकार है जिसने पीवी नरसिम्हा राव जी को भारत रत्न से सम्मानित किया और मुझे, मेरे लिए बहुत सुखद है कि कल ही मुझे उनके पूरे परिवार के साथ मुलाकात करने का, पीवी नरसिम्हा राव जी के बारे में बहुत कुछ सुनने का सौभाग्य मिला। बहुत देर तक उनके परिवार के दो-दो, तीन-तीन पीढ़ी के साथ मैं बैठा, मैं गर्व महसूस कर रहा था कि एक परिवार ने, नरसिम्हा राव जी ने देश के लिए कितना कुछ किया और कांग्रेस ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया।

साथियों,

करप्शन, ये करप्शन एक ऐसी फेविकोल है, जो कांग्रेस-बीआरएस का कॉमन कैरेक्टर है। ये दोनों एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं। लेकिन, बैकडोर से दोनों ही एक ही करप्शन सिंडीकेट का हिस्सा हैं। आप मुझे बताइये, बीआरएस वाले कांग्रेस पर ‘कैश फॉर वोट’ का आरोप लगाते थे न? लेकिन, जब तक वो सत्ता में रहे, कभी जांच करवाई क्या? कांग्रेस विपक्ष में थी तो बीआरएस पर कालेश्वरम घोटाले का आरोप लगाती थी। लगाती थी या नहीं लगाती थी? ये आए दिन हंगामा भी करते थे। लेकिन, इतने दिन से तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है। इन्होंने कालेश्वरम घोटाले की कोई जांच अभी तक नहीं करवाई क्योंकि, दोनों एक ही करप्शन सिंडीकेट का हिस्सा है।

साथियों,

इन दिनों तेलंगाना से लेकर दिल्ली तक, ‘डबल आर टैक्स’, ‘डबल आर टैक्स’ की बहुत चर्चा हो रही है। ये डबल आर टैक्स माने आज तो तेलंगाना का बच्चा-बच्चा जानता है। इसके पहले तेलुगु भाषा में ‘ट्रिपल आर’ फिल्म आई थी। मुझे लोगों ने बताया कि इस ‘डबल आर टैक्स’ ने मिलकर के कलेक्शन में भी ‘ट्रिपल आर’ को भी पीछे छोड़ दिया है। आप जानते हैं न ‘ट्रिपल आर’ का कितना कलेक्शन था? वन थाउजेंड करोड़ से ज्यादा, लाइफटाइम कलेक्शन, कहने वाले कहते हैं इतना तो ‘डबल आर टैक्स’ का सिर्फ कुछ दिन का कलेक्शन होता है। ऐसी लूट मचा रखी है इन्होंने। ये ‘डबल आर’, एक R तेलंगाना को लूटता है और लूटकर के दिल्ली में दूसरे R को देता है। ये डबल आर का खेल तेलंगाना को देखते ही देखते तबाह कर देगा।

साथियों,

आपने देखा होगा कि कांग्रेस के शहजादे पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरू कर देते हैं, जब से उनका राफेल वाला मामला ग्राउंडेड हो गया तब से उन्होंने एक नई माला जपना शुरू किया। पांच साल से एक ही माला जपते थे, पांच उद्योगपति.. पांच उद्योगपति.. पांच उद्योगपति फिर धीरे-धीरे कहने लगे अंबानी- अडानी, अंबानी- अडानी, अंबानी- अडानी पांच साल से। लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी- अडानी को गाली देना बंद कर दिया। मैं आज तेलंगाना की धरती से पूछना चाहता हूं, जरा ये शहजादे घोषित करें इस चुनाव में कि अंबानी- अडानी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भरकर के रुपये मारे हैं? क्या टेंपो भरकर के नोटे कांग्रेस के लिए पहुंची है क्या? क्या सौदा हुआ है, आपने रातों-रात अंबानी-अडानी इनको गाली देना बंद कर दिया, जरूर दाल में कुछ काला है। पांच साल तक अंबानी- अडानी को गाली दी और रातों-रात गालियां बंद हो गई, मतलब चोरी का माल टेंपो भर- भरकर के आपने पाया है। ये जवाब देना पड़ेगा देश को।

साथियों,

कांग्रेस और बीआरएस के बीच जो अपीजमेंट का बॉन्ड है वो बहुत मजबूत है। इतने वर्षों से इन दोनों ने जैसे हैदराबाद को MIM को लीज़ पर दे रखा था। पहली बार किसी ने MIM को चुनौती दी, तो बीजेपी ने दी। बीजेपी की चुनौती से MIM तो घबराई हुई है, उससे ज्यादा कांग्रेस और बीआरएस घबड़ाए हुए हैं। हैदराबाद में दोनों पार्टियां MIM को जितवाने में लगी है। दोनों उनको साथ दे रही है।

साथियों,

करप्शन, ये करप्शन एक ऐसी फेविकोल है, जो कांग्रेस-बीआरएस का कॉमन कैरेक्टर है। ये दोनों एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं। लेकिन, बैकडोर से दोनों ही एक ही करप्शन सिंडीकेट का हिस्सा हैं। आप मुझे बताइये, बीआरएस वाले कांग्रेस पर ‘कैश फॉर वोट’ का आरोप लगाते थे न? लेकिन, जब तक वो सत्ता में रहे, कभी जांच करवाई क्या? कांग्रेस विपक्ष में थी तो बीआरएस पर कालेश्वरम घोटाले का आरोप लगाती थी। लगाती थी या नहीं लगाती थी? ये आए दिन हंगामा भी करते थे। लेकिन, इतने दिन से तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है। इन्होंने कालेश्वरम घोटाले की कोई जांच अभी तक नहीं करवाई क्योंकि, दोनों एक ही करप्शन सिंडीकेट का हिस्सा है।

साथियों,

इन दिनों तेलंगाना से लेकर दिल्ली तक, ‘डबल आर टैक्स’, ‘डबल आर टैक्स’ की बहुत चर्चा हो रही है। ये डबल आर टैक्स माने आज तो तेलंगाना का बच्चा-बच्चा जानता है। इसके पहले तेलुगु भाषा में ‘ट्रिपल आर’ फिल्म आई थी। मुझे लोगों ने बताया कि इस ‘डबल आर टैक्स’ ने मिलकर के कलेक्शन में भी ‘ट्रिपल आर’ को भी पीछे छोड़ दिया है। आप जानते हैं न ‘ट्रिपल आर’ का कितना कलेक्शन था? वन थाउजेंड करोड़ से ज्यादा, लाइफटाइम कलेक्शन, कहने वाले कहते हैं इतना तो ‘डबल आर टैक्स’ का सिर्फ कुछ दिन का कलेक्शन होता है। ऐसी लूट मचा रखी है इन्होंने। ये ‘डबल आर’, एक R तेलंगाना को लूटता है और लूटकर के दिल्ली में दूसरे R को देता है। ये डबल आर का खेल तेलंगाना को देखते ही देखते तबाह कर देगा।

साथियों,

आपने देखा होगा कि कांग्रेस के शहजादे पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरू कर देते हैं, जब से उनका राफेल वाला मामला ग्राउंडेड हो गया तब से उन्होंने एक नई माला जपना शुरू किया। पांच साल से एक ही माला जपते थे, पांच उद्योगपति.. पांच उद्योगपति.. पांच उद्योगपति फिर धीरे-धीरे कहने लगे अंबानी- अडानी, अंबानी- अडानी, अंबानी- अडानी पांच साल से। लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी- अडानी को गाली देना बंद कर दिया। मैं आज तेलंगाना की धरती से पूछना चाहता हूं, जरा ये शहजादे घोषित करें इस चुनाव में कि अंबानी- अडानी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भरकर के रुपये मारे हैं? क्या टेंपो भरकर के नोटे कांग्रेस के लिए पहुंची है क्या? क्या सौदा हुआ है, आपने रातों-रात अंबानी-अडानी इनको गाली देना बंद कर दिया, जरूर दाल में कुछ काला है। पांच साल तक अंबानी- अडानी को गाली दी और रातों-रात गालियां बंद हो गई, मतलब चोरी का माल टेंपो भर- भरकर के आपने पाया है। ये जवाब देना पड़ेगा देश को।

साथियों,

कांग्रेस और बीआरएस के बीच जो अपीजमेंट का बॉन्ड है वो बहुत मजबूत है। इतने वर्षों से इन दोनों ने जैसे हैदराबाद को MIM को लीज़ पर दे रखा था। पहली बार किसी ने MIM को चुनौती दी, तो बीजेपी ने दी। बीजेपी की चुनौती से MIM तो घबराई हुई है, उससे ज्यादा कांग्रेस और बीआरएस घबड़ाए हुए हैं। हैदराबाद में दोनों पार्टियां MIM को जितवाने में लगी है। दोनों उनको साथ दे रही है।

साथियों,

आने वाली 13 मई, 13 मई कांग्रेस-बीआरएस के पापों का हिसाब लेना है। करीमनगर से बंदी संजय कुमार, पेद्दापल्ली से गोमासा श्रीनिवास और अदीलाबाद से गोदाम नागेश, ये मेरे तीन साथी आप इनको जिताकर दिल्ली में मेरी मदद कीजिए, ये दिल्ली आएंगे तो मोदी को मजबूत करेंगे और आप जब इनको एक वोट देंगे ना तो वो सीधा-सीधा मोदी को जाएगा। आप, आप ये तीनों कमल भेजेंगे। मुझे जवाब दीजिए आप ये तीनों कमल भेजेंगे। मतदान ज्यादा से ज्यादा कराएंगे, पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे, हर पोलिंग बूथ जीतेंगे, भाजपा को संपूर्ण विजय दिलाएंगे। अच्छा मेरा एक और काम करेंगे, करेंगे। मेरा पर्सनल काम है करेंगे, देखिए घर-घर जाना, ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलना और घर में जाकर के बताना मोदी करीमनगर आए थे, उनको बताना मोदी करीमनगर आए थे और मोदी ने उन्हें नमस्कारम बोला है। मेरा नमस्कारम पहुंचा दोगे, हर घर में मेरा नमस्कार पहुंचा दोगे, हर बुजुर्ग को मेरा नमस्कारम कहोगे, हर माता को मेरा नमस्कारम कहोगे। बोलिए, भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की।

बहुत- बहुत धन्यवाद।

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!