Congress and the INDI alliance’s only agenda is Family First: PM Modi in Dwarka, West Delhi
Congress has destroyed many generations of SC-ST-OBC: PM Modi in Dwarka, West Delhi
INDI alliance is a symbol of every evil that exists in country today: PM Modi in Dwarka, West Delhi
Congress & INDI alliance are highly communal, casteist, family-oriented: PM in Dwarka, West Delhi

नमस्कार।

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

दिल्ली का मूड क्या है, ये देश देख रहा है। अब तक 400 से ज्यादा सीटों का मतदान हो चुका है। पांच चरणों ने BJP-NDA की मजबूत सरकार पक्की कर दी है। देश भी समझ रहा है कि इंडी वालों को, अगर गलती से भी वोट पड़ गया, तो वो देश के किसी काम आने वाला नहीं है। जबकि BJP को दिया हर वोट विकसित भारत का संकल्प मजबूत करेगा। और इसलिए ये विशाल जनसागर भी एक स्वर से कह रहा है, फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

आजादी के बाद पहली बार, भारत के लोगों ने स्पष्ट रूप से कांग्रेस मॉडल और भाजपा मॉडल का फर्क देखा है। ( मैं देख रहा हूं कि शायद जगह कम पड़ गई है इसलिए, मेरी आप सब से एक प्रार्थना है कि हाथ में जो बोर्ड वैगरह ले कर आए हैं,अगर नीचे रख देंगे तो पीछे वाले देख पाएगें। आप मुझे दिखा रहे हैं, मैंने देख लिया। अब नीचे रखिए तो अच्छा होगा। ये कुछ सुनते हैं क्या वहां वाले। अगक आपलोग इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं। मेरी आप से प्रार्थना है, मैडम, ये आप नीचे रख सकती हो, मैडम आप नीचे रख सकती हो इसको, मैं आपको कह रहा हूं। अगर आपलोग इजाजत दें तो मैं अपना बोलना शुरू करूं। इजाजत है? मुझे लगता नहीं है। अगर आपकी इजाजत है तो मैं बोलना शुरू करूं। आफका ये प्यार,आपका ये उत्साह, मेरे सिर आंखो पर, कम से कम मुझे बोलने तो दीजिए।)

साथियों,

देश ने कांग्रेस का मॉडल औऱ बीजेपी के सरकार का मॉडल, दोनों में फर्क साफ है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों को ना आगे का सोचने की फुरसत है और ना आगे की सोचने की क्षमता है, ना ही उनको हमारे संसाधनों का उचित उपयोग करने की आदत है, ना ही उनको अपनी गति तेज करने की, रफ्तार तेज करने की क्षमता है। इन लोगों ने 60 साल तक भारत के सामर्थ्य के साथ अन्याय किया है। और मैं कहूंगा,इन लोगों ने आपराधिक कृत्य किया है। 140 करोड़ का इतना बड़ा देश, भारत को जो स्पीड चाहिए, भारत को जो स्केल चाहिए, वह एक मात्र भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही दे सकती है। अगर आप में रूचि हो तो मैं आज दिल्ली की जनता के माध्यम से देश के सामने ठोस आंकड़े प्रस्तुत करना चाहता हूं। आप भी अगर उसको नोट कर लेंगे, याद करेंगे औऱ किसी से भी चर्चा करेंगे तो उसको भी अचरज लगेगा कि इतना बड़ा देश के साथ अन्याय किया इन लोगों ने। मैं एक के बाद एक आपको आज बताना चाहता हूं। आप कल्पना कर सकते हैं, कांग्रेस हर दिन 12 किलोमीटर हाईवे बनवा पाती थी, मोदी सरकार हर रोज करीब 30 किलोमीटर हाईवे बनवा रही है। कांग्रेस 60 साल में ज्यादा से ज्यादा 70 एयरपोर्ट बनवा पाई थी, 60 साल में 70, मोदी ने 10 साल में 70 नए एयरपोर्ट बनाकर जोड़ दिया। 60 साल में कांग्रेस 380 मेडिकल कॉलेज बनवा पाई, मोदी ने सिर्फ 10 साल में सवा तीन सौ से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज बनवा दिए। कांग्रेस के समय 7 एम्स थे, आज 22 से अधिक एम्स हैं। कांग्रेस के राज में 75 प्रतिशत से ज्यादा लोगों के पास नल कनेक्शन नहीं था, यानि 25 प्रतिशत घरों में नल से जल आता था, आज 75 प्रतिशत लोगों के घर में नल से जल आ रहा है। कांग्रेस ने 60 साल में 14 करोड़ से कम गैस कनेक्शन दिए थे, मोदी ने अपने 10 साल में 18 करोड़ से ज्यादा नए गैस कनेक्शन दिए हैं। कांग्रेस के समय हम मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे, विदेशों से लाते थे, आज हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल exporter बन गए हैं। कांग्रेस के समय, बड़ी मुश्किल से कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, आज करीब सवा लाख स्टार्टअप्स हैं। कांग्रेस ने भारत की डिफेंस इंडस्ट्री को बर्बाद किया, आज हम 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का डिफेंस प्रोडक्शन कर रहे हैं। कांग्रेस ने बैंकों को बर्बाद किया। आज देश के बैंक 3 लाख करोड़ रुपये का प्रोफिट कर रही हैं। कांग्रेस के राज में, उनके एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से 100 पैसा भेजते हैं तो गांवों मे जाते जाते 15 पैसा पहुंचता है। 85 पैसा, वो कौन सा पंजा था बीच में लूट लेता था। आज, दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो पूरे का पूरा एक रुपया, 100 पैसे, लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होते हैं।

साथियों,

मोदी ने 10 साल में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के द्वारा लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसे भेजे हैं और वो अमाउंट है 36 लाख करोड़ रुपए, 10 साल में हमने 36 लाख करोड़ रुपये भेजे हैं। अगर कांग्रेस के प्रधानमंत्री के कहने के हिसाब से कहूं, अगर आज कांग्रेस सरकार होती तो जो 36 लाख करोड़ जनता के लिए भेजे गए, अगर कांग्रेस सरकार होती तो 31 लाख करोड़ रुपए बिचौलिए खा जाते।

साथियों,

देश की कार्य संस्कृति में ये बदलाव सबसे प्रमुख रूप से दिल्ली के लोगों ने देखा है। कॉमनवेल्थ गेम्स को कौन भूल सकता है? कांग्रेस के पास भारत के सामर्थ्य को पूरे विश्व को दिखाने का मौका था। लेकिन कांग्रेस ने क्या किया? दिल्ली को इतना लूटा, इतना लूटा, एक बदनुमा दाग कॉमनवेल्थ खेलों पर लगा दिया। ये कांग्रेस का मॉडल था। और आपने देखा है, इसी दिल्ली में G-20 सम्मेलन हुआ, पूरे विश्व ने भारत की जय-जयकार की। आप मुझे बताइए साथियों, ये सब कैसे हुआ? आप मुझे बताइए,ये सब कैसे हुआ? ये सब कैसे हुआ? ये सब कैसे हुआ?

साथियों,

ये सब इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा का विकास मॉडल - Nation First के लिए कमिटेट है। हमारे लिए राष्ट्र प्रथम, ये हमारा जीवन मंत्र है। दूसरी ओर कांग्रेस और इंडी गठबंधन है, इनका एक मात्र एजेंडा है- Family First। मैं देश वासियों को कहना चाहता हूं, मैं दिल्ली वालो को कहना चाहता हूं, आपको राजनीति की सारी जानकारियों हों या न हों तो भी, आपको देश की प्रगति की जानकारी हो या न हों भी आपको कांग्रेस के कारनामों का पता हों या न हों तो भी, आपको भाजपा की सिद्धियों का पता हो या न हो तो भी, आप दो शब्दों से निर्णय कर सकते हैं कि सरकार किस की बननी चाहिए? हमारा है नेशन फर्स्ट उनका है फैमिली फर्स्ट। निर्णय देश करे, नेशन फर्स्ट चाहिए या उनका फैमिली फर्स्ट चाहिए। ये इंडी-गठबंधन आज देश में फैली हर बुराई का प्रतीक है। इंडी गंठबंधन के जितने लोग हैं इनमें तीन चीजें समान है, तीन चीजें इनकी रगों में है। एक है, इंडी गठबंधन के ये सारे लोग घोर सांप्रदायिक हैं, दूसरा ये घोर जातिवादी हैं, तीसरा ये घोर परिवारवादी हैं। ये तीनों दिखाई देगा।

भाइयों और बहनों,

इनकी सांप्रदायिकता की साक्षात गवाह हमारी दिल्ली रही है। आज मै, जो लोग, जरा ये मीडिया वाले लोग भी कान खोल के सुन लो, दिल्ली में जो लुटिंयन गैंग है, जो खान मार्केट गैंग है, उसने इन घोर सांप्रदायिक लोगों की रक्षा करने में अपनी जिंदगी खपा दी है। उनके पापों को देश की जनता से छिपाने का पाप किया है। औऱ मैं इस चुनाव में एक लड़ाई ले करके निकला हूं, जिन लोगों ने भारत के संविधान के साथ धोखा किया है, जिन्होंने भारत की बिन सांप्रदायिकता की भावना के साथ धोखा किया है, अब समय आ गया है, ऐसे घोर सांप्रदायिक लोगों को देश पहचाने, मेरे मुसलमान भाई भी पहचानें। मैं बताना चाहता हूं, मैं जरा कांग्रेस के नेताओं को पूछना चाहता हूं, वो भाषण देते रहते हैं कि अगर पीएसयू का प्राइवेटाजिशेन होगा तो आरक्षण चला जाएगा। भाषण इतने करते हो, जरा आज मुझे जरा जवाब दो, मैं दिल्ली की धरती से, चुन चुन करके सवाल पूछना चाहता हूं। इसी दिल्ली में गले में जलते टायर डालकर मेरे सिख भाई-बहनों को जिंदा जलाया गया था, ये गुनाह किसका था? ये गुनाह किसका था? आज कांग्रेस की छतरी के नीचे खड़ा हर दल, सिख दंगे का गुनहगार है। ये मोदी है जो सिख दंगे के पीड़ितों को न्याय दिला रहा है। मोदी ने आते ही SIT बनाई, जो आरोपी कांग्रेस नेता खुला घूम रहे थे, उनको हमने सज़ाएं दिलवाई।

भाइयों और बहनों,

इंडी गठबंधन के लिए अपने वोटबैंक से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आज मैं देश के लोगों के सामने इनका एक और कच्चा-चिट्ठा रख रहा हूं। कांग्रेस ने हायर एजुकेशन में कैसे SC/ST/OBC, हमारे दलित, हमारे आदिवासी, हमारे पिछड़े, उनका हक छीना, देशवासी जरा सुनो, ये अपने आपको बिन सांप्रदायिक कहने वालों ने दलित भाइय़ो के साथ, आदिवासियों के साथ, पिछड़ों के साथ कैसा घोर अन्याय किया है। दिल्ली की प्रतिष्ठित जामिया मिलिया इस्लामिया सेंट्रल यूनिवर्सिटी, पूरा देश जानता है। 60 साल तक ये यूनिवर्सिटी, बाकी यूनिवर्सिटियों की तरह एक सामान्य शिक्षा संस्थान के रूप में चल रही थी। इसमें भी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को रिजर्वेशन मिला करता था। लेकिन 2014 के चुनाव जीतने के लिए, मनमोहन सिंह की सरकार ने, कांग्रेस सरकार ने, ये इंडी गठबंधन वाले जमात की सरकार थी, 2011 में कांग्रेस सरकार ने चुपचाप एक चाल चली, अचानक जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी को माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशन घोषित कर दिया। इससे जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में 50 परसेंट आरक्षण मुसलमानों के लिए लागू हो गया। 2011 के पहले एडमिशन में सभी SC/ST/OBC को आरक्षण मिलता था, अब उसमें भी धर्म के आधार पर बंदिश लग गई है। मज़े की बात ये है कि पहले अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग का अधिकार कॉलेज तक सीमित था। लेकिन कांग्रेस ने अचानक यूनिवर्सिटीज़ को भी इसमें शामिल कर लिया। मैं जरा, जो अपने आपको बहुत बड़े दलितों के मसीहा बना करके घूमते रहते हैं आदिवासियों के मसीहा बता करके घूमते रहते हैं, पिछड़ों के मसीहा बना करके घूमते रहते हैं, मैं उनको पूछना चाहता हूं ऐसी कौन सी आपकी मजबूरी है कि आपने दलितों का, आदिवासियों का, पिछडों का अधिकार छीन लिया गया, आरक्षण छीन लिया गया औऱ चुप बैठे रहे। जवाब दीजिए देश को, अब आप बताइए, करीब पन्द्रह साल हो गए, सैकड़ों एडमिशन हुए, सैकड़ों भर्तियां हुईं, लेकिन सभी SC/ST/OBC को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। यही चीज़, ये लोग, ये पूरे देश में लागू करना चाहते हैं। औऱ इसलिए मैं दलित भाइय़ों को कहता हूं, ये आपके आंख में धूल झोंक रहे हैं। मैं आदिवासियों को कहना चाहता हूं कि आपके आंख में धूल झोंक रहे हैं। मैं ओबीसी भाई बहनों को कहना चाहता हूं कि आप की आंख में धूल झोंक रहे हैं।

साथियों,

कर्नाटका में ये लोग SC/ST/OBC का कोटा छीनकर मुसलमानों को दे चुके हैं। आज, मैं नहीं जानता हूं कि हमारे मीडिया के लोग इश खबर को खबर मानते हैं कि नही मानते हैं, आज ही कोलकात्ता हाईकोर्ट ने इस इंडी अलायंस को एक बड़ा तमाचा मारा है। कोर्ट ने 2010 के बाद से जारी सारे OBC सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया है। क्यों? ये इसलिए किया, क्योंकि पश्चिम बंगाल की सरकार ने मुसलमानों का वोट बैंक के लिए अनाप-शनाप, मुसलमानों को OBC बनाने के सर्टिफिकेट दे दिए। ये वोट बैंक की राजनीति, ये तुष्टिकरण की राजनीति, ये तुष्टिकरण की सनक हर हद पार कर रही है। आज कोर्ट ने तमाचा मारा है। यही लोग कहते हैं,

साथियों,

ये खान मार्केट गैंग, ये पाप की भागीदार है। यही लोग कहते हैं कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है। ये लोग लगातार सरकारी जमीनें, वक्फ बोर्ड को दे रहे हैं, बदले में वोट मांग रहे हैं। ये लोग देश के बजट का 15 परसेंट माइनॉरिटी के लिए रिजर्व करना चाहते हैं। ये लोग बैंकों से मिलने वाले लोन वो भी धर्म के आधार पर देना चाहते हैं। ये धर्म के आधार पर सरकारी टेंडर देना चाहते हैं। ये धर्म के आधार पर स्पोर्ट्स में खिलाड़ियों की इंट्री करवाना चाहते हैं। ये वोट बैंक पॉलिटिक्स की पराकाष्ठा है। अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए ही ये लोग CAA का विरोध कर रहे हैं। अपने इसी वोट बैंक को खुश करने के लिए इन्होंने देशभर में घुसपैठियों को बसा दिया है। यही लोग हैं जो दिल्ली के बाटला हाउस इनकाउंटर पर आंसू बहाते हैं। यही लोग हैं जो तीन तलाक के खिलाफ कानून, उसका विरोध करते हैं। तुष्टिकरण में ये एक से बढ़कर एक हैं। और इसी के लिए इन्होंने एक साथ आकर इंडी गठबंधन बनाया है। और साथियों, अब खान मार्केट गैंग के पास एक ही रास्ता बचा है। मोदी, जितनी बार मुसलमान शब्द बोले उसको कह देना सांप्रदायिकता का भाषण कर रहा है।

साथियों,

मैं जब इनकी घोर सांप्रदायिक हरकतों, हकीकतों के द्वारा, तथ्यों के द्वारा एक्सपोज कर रहा हूं तो इनका पूरा इकोसिस्टम चिल्लाता है कि मोदी हिंदू-मुसलमान कर रहा है। भाइयों-बहनों, मुझे चिंता इस देश की है। आप आजादी के पहले के दिन देखिए, कांग्रेस पार्टी ने एक बाद एक ऐसी ही हरकतें शुरू की थीं, जिसका परिणाम हुआ देश के टुकड़े हो गए, धर्म के आधार पर हो गए। मैं हिंदू-मुसलमान नहीं कर रहा। ये लोग, सुबह-शाम, रात-दिन, मुसलमान-मुसलमान, वोट बैंक-वोट बैंक, वोट जिहाद- वोट जिहाद, यही उनका खेल चलता है। उनकी वोट बैंक पोलिटिक्स को एक्सपोज कर रहा हूं। इन लोगो ने भारत के बिन सांप्रादयिक भावना की धज्जियां उड़ायी हैं। इन्होंने संविधान के पीठ में छुरा भोंका है। इन लोगों ने संविधान की मूल आत्मा पर प्रहार किया है। जब से क्षेत्रीय पार्टियों ने कांग्रेस का मुस्लिम वोट बैंक खा लिया,तब से कांग्रेस खुल कर और बड़े स्तर पर सांप्रदायिक साजिशें करने लगी है। कई बार लाख झूठ बोलते हुए भी शहजादे की जुबान पर सच्चाई तो आ ही जाती है। आज कांग्रेस के शहजादे ने एक बड़ा सच स्वीकार कर लिया है। शहजादे ने मान लिया है कि उनकी दादी, उनके पिताजी, उनकी माताजी के समय जो सिस्टम बना वो दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों का घोर विरोधी रहा है। कांग्रेस के इसी सिस्टम ने SC-ST-OBC की कितनी ही पीढ़ियों को तबाह किया। आज शहजादे ने खुद ये बात मान ली है।

भाइयों और बहनों,

ये इंडी गठबंधन वाले घोर भ्रष्टाचारी भी हैं। ये वो लोग हैं, जिनके पास से नोटों के पहाड़ निकल रहे हैं। ये लोग रंगे हाथ पकड़े जा रहे हैं। झारखंड हो, पश्चिम बंगाल हो सब जगह इनका भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ रहा है। यहां दिल्ली में तो हम कट्टर भ्रष्टाचारियों का खेल देख रहे हैं। इन लोगों ने दिल्ली के लोगों को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ा। अदालतें भी इन कट्टर भ्रष्टाचारियों की लूट देखकर हैरान हैं। जो लोग राजनीति बदलने आए थे, आज वो लोग दिल्ली के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात करके बैठे हैं। जो लोग अदालत के निर्णय को लेकर नाच रहे थे, कल के अदालत के निर्णय को देखो, पता चल जाएगा इनका चरित्र क्या है।

साथियों,

ये इंडी वाले गरीब और मध्यम वर्ग की संपत्ति का एक्स-रे करना चाहते हैं। इसलिए मैं भी दिल्ली से पूरे देश को एक गारंटी दे रहा हूं। मोदी, पिछले दस साल मैंने जो किया है उससे भी ज्यादा ताकत से बिना डरे हुए, बिना थके हुए, बिना दबाव में आए, दस साल में जो किया है उससे ज्यादा औऱ मैं छिपाता नही हूं, इन भ्रष्टाचारियों की संपत्ति का एक्स-रे अब मोदी करेगा। शराब घोटाले की कमाई हो या फिर नेशनल हेराल्ड घोटाला हो, भ्रष्टाचारियों से पाई-पाई वसूली जाएगी। जिसने लूटा है, उसे लौटाना ही पड़ेगा। और जो लूटा हुआ मैं, इन दिनो लाखों करोड़ के पैसे मिले रहे हैं, हैरान हो जाएगें, 22 सौ करोड़ रूपया पकड़ा गया है। अकेले चुनाव डिक्लेयर होने के बाद, 9 हजार करोड़ रूपया पकड़ा गया है। और मैं कानूनी सलाह ले रहा हूं, ये जो पैसे हम जब्त कर रहे हैं वो किसी न किसी निर्दोष नागरिक के ही पैसे हैं, किसी ने नौकरी के लिए पैसा दिया है, किसी ने नौकरी के लिए जमीन दिया हुआ है, किसी ने नौकरी के लिए अपना घर लिखवा दिया है, जिसका अभी ट्रेल मिलेगा मैं देशवासियों से वादा करता हूं, अगर मुझे पक्का ट्रेल मिल जाएगा, हां उसका पैसा उसी के पास गया है तो मैं ये पैसा उसको लौटाऊंगा। और ये जो लुटेरे हैं न, उनका जिंदगी जेल में जाना तय है दोस्तों, ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,

दिल्ली में, भारत सरकार कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लाखों करोड़ रुपए खर्च कर रही है। ये जो शानदार एक्सप्रेसवे हम बना रहे हैं, ये सिर्फ ईज़ ऑफ ट्रैवल को आसान नहीं बना रहे हैं, इतना ही नहीं है। इससे कूड़े के पहाड़ों को कम करने में भी मदद मिल रही है।आप जानकर खुशी होगी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में ओखला और गाज़ीपुर का, ये जो कूड़े कचरे के ढेर हैं ना, डेढ़ लाख मीट्रिक टन कचरा प्रोसेस करके हमने रोड बनाने के काम में लगा दिया।

साथियों,

10 वर्षों में दिल्ली में नया संसद भवन बना है। नेशनल वॉर मेमोरियल बना है, नेशनल पुलिस मेमोरियल बना है। भव्य और आधुनिक प्रधानमंत्री संग्रहालय बना है। भारत मंडपम् बना है, यहां द्वारका में यशोभूमि जैसा शानदार कन्वेंशन सेंटर बना है। ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर से दिल्ली, Meeting, events, expo ऐसे टूरिज्म का हब बनती जा रही है। ये आने वाले समय में रोज़गार का बहुत बड़ा माध्यम बनने जा रहा है।

साथियों,

दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही, दिल्ली के लोगों की सहूलियत पर भी मोदी का उतना ही ध्यान है। हर परिवार जो मुफ्त राशन की योजना से जुड़ा है, उसके हर साल 12 हजार रुपए बच रहे हैं। सस्ते सिलेंडर की योजना से प्रति सिलेंडर आपको 300 रुपए से ज्यादा बच रहा है। मोदी सरकार का प्रयास, ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइप से रसोई गैस की सप्लाई का का भी है। बीते 10 साल में 15 लाख नए घरों तक PNG गैस पहुंचनी शुरू हुई है। 80 परसेंट तक सस्ती दवाएं देने वाले जनऔषधि केंद्रों के कारण भी हज़ारों रुपए हर महीने बच रहे हैं। स्टेंट और Knee Implant की कीमत को कंट्रोल करना हो, मुफ्त डायलिसिस की सुविधा हो इससे भी गरीब और मध्यम वर्ग के करोड़ों रुपए बचे हैं। अब तो मोदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लेकर आया है। औऱ इससे बिजली बिल आपका बिजली बिल ज़ीरो होगा,जीरो और आपकी जो अतिरिक्त बिजली होगी वो बिजली सरकार खरीदेगी। जो लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं, उनकी हर महीने सरकार को बिजली बेचकर ढाई से तीन हजार रुपए कमाई भी होने लगी है।

साथियों,

दिल्ली देश का दिल है। इसलिए, दमदार भारत के लिए दमदार सरकार और दमदार पीएम, ये दिल्ली का दायित्व है। 25 मई को भारी मतदान करना है। मतदान ज्यादा से ज्यादा करवाएगें? मतदान के सारे रिकार्ड तोड़ेंगे? हर पोलिंग बूथ को जीतेंगे? तो 25 मई को वेस्ट दिल्ली से बहन कमलजीत सेहरावत, साउथ दिल्ली से रामवीर सिंह बिधूड़ी जी, नार्थ-वेस्ट दिल्ली से योगेंद्र चंदोलिया जी आज उनका जन्मदिन है आइए, ताली बजाकर उनको जन्मदिन की बधाई दीजिए। और नई दिल्ली से बेटी बांसुरी स्वराज जी, इन सभी को दिल खोलकर वोट देना है। आपका एक-एक वोट सीधा मोदी को मिलेगा। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की...जय!

भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।