As long as Modi is alive, no one can take away ST-SC-OBC reservation: PM Modi in Banaskantha
In the desperation of defeat, Congress is now making Maoist declarations: PM Modi in Banaskantha

भारत माता की...जय
भारत माता की...जय
भारत माता की...जय

मुझे मां अम्बा के चरणों में आने और गुजरात की पहली चुनावी सभा को संबोधित करने का सौभाग्य मिला है।
अब चलो भाई, इस फोटो वाले भाई भी फोटो नीचे रख लें क्योकि पीछेवालों को दिक्कत होगी, बेटी को फोटो रखकर शांति से बैठो।

साथियो,

भाई फोटो किसे दिखाना चाहते हो? मैंने उसे देख लिया है!

साथियो,
गुजरात की धरती ने मुझे जो संस्कार और शिक्षा दी, और मुझे बहुत लंबे समय तक मुख्यमंत्री बनाए रखा, जिससे मुझे वह सब अनुभव मिला जो मैं आज दिल्ली में मेरे कामो में उसका इस्तेमाल कर रहा हु। अभी प्रशासक बहन पीएम सर कह रही थीं, तो हमारे सीआर पाटिल भी बोले हमारे पीएम सर, पीएम तो सिर्फ दिल्ली में यहाँ तो हमारे नरेंद्रभाई। आज आपके बीच आया, गुजरात में चुनाव के आरंभ की पहली सभा, आज ये कर्मठ माताएं बहनों के विस्तार में हो रही हैं और इसकी शुरुआत एक बहन प्रत्याशी के लिए आशीर्वाद मांगने से होती है। यह मेरे लिए गर्व की बात है, मुझे बहुत कुछ कहना है लेकिन पहले मैं हिंदी में बोलूंगा और फिर हम गुजराती में बात करेंगे।

सबसे पहले तो आज गुजरात का स्थापना दिन है और गुजरात का स्थापना दिन हम सबके लिए संकल्प का दिन है। 1 मई नई ऊर्जा का दिन है और इस अवसर पर हम संकल्प लेते हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए विकसित गुजरात बनाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

2014 में आप सभी ने मुझे दिल्ली भेजकर देश की सेवा करने का मौका दिया। याद कीजिए 2014 से पहले का वो दिन जब पूरे देश में आतंकवाद, धोखाधड़ी (घोटालों) की घटनाए एवं समाचार चर्चा में थे, हर तरफ भ्रष्टाचार, सारे नीति नियम बंद हो गये और देश निराशा में डूब गया। देश का युवा सोच रहा था कि मेरे भविष्य का क्या होगा? ऐसे कठिन समय में आप सभी ने मुझे देश की सेवा करने का मौका दिया और आपने मुझे प्रशिक्षण और अनुशासन दिया तो मैं कड़ी मेहनत करने से पीछे नहीं हटा। पल-पल देशवासियों के नाम, पल पल देश के नाम, मैंने देश को संकट की स्थिति से बाहर निकालने का प्रयास किया। आम आदमी की इच्छाएं पूरी करने की कोशिश की।

आप मेरे गुजरात के भाइ-बहन, आपने मुझे 25 साल तक सरकार में काम करते हुए देखा है और आप ये भी कह सकते हैं कि आपने मुझे जिस आशा के साथ भेजा था,देश ने जो आशा मुझ पर रखी थी, उसे पूरा करके मां अम्बा ने हमें एक विश्वास से नवाजा है और आज देश एक नए विश्वास के साथ आगे बढ़ा है। 2019 में सभी का मानना था कि दूसरी बार सरकार नहीं बन पाएगी और सरकार बनने से रोकने के लिए दुनिया भर में बाधाएं भी खड़ी की गईं। लेकिन 2019 में आपने मुझे फिर से एक मजबूत सरकार बनाने का मौका और जनादेश दिया और मैं एक बार फिर देश की सेवा कर रहा हूं। इस 2024 के चुनाव में, 2024 के चुनाव में मैं अपना 20-22-25 साल का अनुभव लेकर आया हूं। 10 साल मैंने देश को आगे बढ़ाया है, देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है और देश की क्षमता को भली-भांति जानता हूं। उस शक्ति के माध्यम से मैं पुजारी बना हूं और देश की उस शक्ति के आधार पर मैं गारंटी लेकर आया हूं। किसी भी चीज की गारंटी ऐसे ही नहीं दी जाती, इसके लिए बहुत साहस की जरूरत होती है।

लेकिन मेरे पास देश की ताकत को जानने, पहचानने, समझने का अनुभव था, शक्ति थी और यह मेरी गारंटी है कि मैं अपने आने वाले तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाकर रहूँगा । जब देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसकी समृद्धि, ताकत और लाभ न केवल वर्तमान पीढ़ी को बल्कि अगली पीढ़ी को भी मिलेगा और मोदी इस काम की गारंटी लेकर आए हैं।

जब तीसरी बार सरकार बनेगी, जब 4 जून को नतीजे आएंगे तो 100 दिन में क्या करना है, इसकी पूरी रूपरेखा मैंने पहले ही तैयार कर ली है। गुजरात के आप लोग जानते हैं जब मैं यहां गुजरात से चुनाव निपटाकर जा रहा था तो मैं यही सोचने में लगा हुआ था कि पहले 100 दिन में क्या करना है और बीजेपी सरकार क्या कर सकती है?हमने वो करके दिखाया था । नर्मदा गेट से लेकर कई बड़े फैसले हमने सफल करके दिखाए हैं । तदनुसार, तीसरे कार्यकाल में हम गरीबों के कल्याण के लिए, किसानों के कल्याण के लिए, उनके विकास के लिए एक नया निर्णय, एक नई गति, एक नया संकल्प लेकर आने वाले हैं। इसलिए इस बार आपको पहले से भी ज्यादा ताकत से हर बूथ पर कमल खिलाना है और मेरी गुजरात भाजपा और मेरे गुजरात के भाइयों-बहनों को बताना है कि हमको सभी लोकसभा सीटें जीतकर संतुष्ट नहीं होना है, यह मेरा अधिकार है या नहीं! और इसका मतलब न केवल यह है कि मैं सभी सीटें जीतना चाहता हूं बल्कि मैं सभी मतदान केंद्र भी जीतना चाहता हूं । और इस पोलिंग बूथ को जीतकर बनासकांठा से बहन रेखाबेन चौधरी और पाटन से भाई भरत सिंह डाभी जीतकर दिल्ली आएंगे, आपके आशीर्वाद से दिल्ली आएंगे। जब आप उन्हें एक वोट देंगे तो वोट उन्हें ही जाएगा, लेकिन वोट सीधे मोदी को जाएगा और जब वोट मोदी को जाएगा तो गारंटी पूरी होगी ।

भाइयों और बहनों,

मैं आज गुजरात के लोगों को सलाम करूंगा क्योंकि उन्होंने कभी भी किसी अस्थिर सरकार को संदेह के आधार पर यहां आने नहीं दिया है।' आप किसी भी अल्पकालिक प्रलोभन में नहीं पड़े हैं। देश के कई राज्यों में राजनीतिक अस्थिरता चरम पर है। राजनीतिक अस्थिरता ने उद्योगों को विकसित नहीं होने दिया, राजनीतिक अस्थिरता ने इन राज्यों को दीर्घकालिक दृष्टि से कार्य करने की अनुमति नहीं दी। आप सभी ने गुजरात को इन सब चीजों से बचाया है और इसलिए आपने कांग्रेस को एक बार गुजरात से बाहर निकाल दिया और फिर कभी पैर नहीं जमाने दिया। साथियों आज भी कांग्रेस के पास न कोई मतलब है, न कोई विज़न है और न ही काम करने का कोई जुनून है। क्या आपको याद है 2014 में जब मैं पहली बार लोकसभा मैदान में उतरा था तो कांग्रेस का मुद्दा क्या था? यह चायवाला क्या करेगा? ये गुज्जू क्या करेगा? उन्हें गुजरात की समझ है, देश की थोड़ी न है! ये दाल भात खाने वाला क्या करेगा? कांग्रेस की सभा में चाय की किटली दिखाई जाती थी और बोला जाता था की देखो मोदी आया। मेरा उपहास उड़ाया जा रहा था और देश ने उनके कृत्यों का ऐसा जवाब दिया कि जो 400 सीटों पर बैठता था वह अब 40 में सिमट गया है। 2019 में जब दूसरा चुनाव आया तो उन लोगों ने कुछ नहीं सीखा और क्या किया?

2019 चुनाव के लिए निकल गए थे की चौकीदार चोर है! तुम्हे याद है? वे चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे थे कि मोदी खून का सौदा कर रहा है, दलाली कर रहा है। वह लोग राफेल के छोटे-छोटे खिलौने बनाकर चुनावी सभा में घूमते थे और अब संविधान लेकर घूम रहे हैं। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) के नाम पर कई झूठ फैलाए गए और जनता ने एक बार फिर ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि वे आधिकारिक विपक्ष भी नहीं बन सके। हालात ने उन्हें और भी बदतर बना दिया।


साथियो,

2019 में इन लोगों ने मोदी का अपमान करने का अभियान तेज कर दिया। कांग्रेस के शहजादा ने बड़े गर्व से पूरे मोदी समाज, ओबीसी समाज को चोर कहा। मोदी गुजरात से हैं इसलिए वह पूरे देश में गुजरातियों के खिलाफ नफरत फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। ये लोग रुके नहीं और मेरे माता-पिता के साथ भी गलत व्यवहार करने में पीछे नहीं हटे।

भाइयों और बहनों,

अब इस 2024 में कांग्रेस और इंडी गठबंधन ऐसे ही झूठ के साथ मैदान में आ गया है और उनका इकोसिस्टम भी ऐसी हवा देता है और संविधान दिखाकर आरक्षण ले लेंगे ऐसा डर पैदा कर रहा है। यह सब शेखचिल्ली वाली सोच उनकी ही देन है। कभी-कभी कहा जाता है कि मोदी का कोई परिवार नहीं है, तो क्या जिसका परिवार है उनको भ्रष्टाचार करने का लाइसेंस मिल गया है? कभी बोलते है मोदी को जेल में डाल देंगे,कभी बोलते है हम मोदी का सिर फोड़ देंगे, ऐसी बातें लेकर चुनाव मैदान में आये हैं और आप देखना इस बार भी वे पहले से कम सीटों पर समेट जायेंगे ।

साथियो,

अब तक चुनाव के 2 चरण पूरे हो चुके हैं पहले चरण में इंडी गठबंधन को हार मिली और दूसरे चरण में उसका पतन हो गया । इधर पड़ोस में राजस्थान का चुनाव ख़त्म हो गया है, राजस्थान में उन्हें सीट मिलने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए बोखलाहाट में इंडी गठबंधन कुछ भी कर रहा है । इन लोगों ने महोब्बत की दुकान चलानी शुरू की थीऔर अब महोब्बत की दुकान में फर्जी वीडियो का बाजार खोल लिया है । अब चुनाव में उनकी बातें काम नहीं आ रही हैं तो फर्जी वीडियो बनाकर चलाते हैं। एक ऐसी पार्टी की कल्पना करें जिसने 60 वर्षों तक शासन किया, इतने सारे प्रधान मंत्री थे, इतने सारे मंत्री थे लेकिन जनता तक पहुंचने के लिए उनकी जुबान पर सत्य शब्द नहीं है और उनकी महोब्बत की दुकान में नकली फैक्ट्रियां चलने लगी हैं। तथाकथित महोब्बत की दुकान एक नकली फैक्ट्री है। कांग्रेस का वीडियो फर्जी,कांग्रेस की बातें फर्जी हैं,कांग्रेस के झूठे वादे, कांग्रेस की नियत में खोट और गाली देनी हो तो मोदी है ना ! वो चाय वाला है, वो तो एक सामान्य घर का है! चलो यार, दो हाथ हो जायें तो मुकालबो हो जायेगा। यह दाल चावल खाने वाला क्या कर सकता है बता देगा,अगर हिम्मत है तो सामने आकर दिखाओ, ये फर्जी वीडियो गेम बंद करो । कभी-कभी आप लोगों को गुमराह करने में सफल हो जाओगे लेकिन देश समय आने पर इसकी सजा देगा। साथियों, इन लोगों ने ऐसा कर दिया है कि मोदी 400 सीटें मांग रहे हैं, यानी आरक्षण हटाओ, आज भी संसद के पांच साल में एनडीए के 360 सांसद थे, बीजेपी जो एनडीए में नहीं थी, वाईएसआर जो समर्थन कर रहा था लेकिन एनडीए में था इसलिए संसद में मेरी ताकत 400 थी। लेकिन, हम न तो यह पाप करने के लिए पैदा हुए हैं और न ही हमने यह पाप करने का रास्ता अपनाया है। बाबा साहेब अम्बेडकर ने जो संविधान दिया, देश के निर्माताओं ने जो संविधान दिया, उस संविधान की सुचिता, उस संविधान की रक्षा और ये कांग्रेसी जमात कान खोलकर सुन ले ये मोदी है, जब तक मोदी जिंदा है मैं तुम्हें धर्म के आधार पर आरक्षण का खेल कभी नहीं खेलने दूंगा । एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के गरीबों को जो आरक्षण मिला है, वह संविधान के तहत है। यह बाबा साहब अम्बेडकर के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ है और इसे कोई लूट नहीं सकता। आपकी मंशा यह है कि आप दलित समुदाय, आदिवासियों, पिछड़े समुदाय के लोगों और सामान्य वर्ग के गरीब लोगों, जिन्हें आरक्षण मिला हुआ है, उन में से धर्म के नाम पर मुसलमानों को आरक्षण देना चाहते हैं । आज मैं कांग्रेस, कांग्रेस पार्टी और जमात के शहजादे को कांग्रेस की जय-जयकार करने की चुनौती दे रहा हूं। यदि उन लोगों में साहस है तो वे यह घोषणा करें कि वे कभी भी धर्म के आधार पर आरक्षण का दुरुपयोग नहीं करेंगे, न ही संविधान के साथ छेड़छाड़ करेंगे और न ही धर्म के आधार पर किसी को आरक्षण देंगे। हिम्मत है तो घोषित करो,नहीं करेंगे, क्योंकि दाल में कुछ काला है। मैं उनको डंके की चोट पर कह रहा हूं और आज दुनिया के सामने ऑन रिकॉर्ड कह रहा हूं, भारतीय जनता पार्टी, जब तक बीजेपी है, जब तक मोदी है, बाबा साहब अंबेडकर, एससी, एसटी का आरक्षण ,ओबीसी और सामान्य वर्ग के गरीबों को जो दिया गया है उसकी रक्षा की जाएगी । इस पर कभी कोई झटका नहीं लगेगा और जो लोग धर्म के नाम पर आरक्षण देना चाहते हैं उन्हें इसकी घोषणा करनी चाहिए, क्योंकि आंध्र में उन्होंने प्रयोग किया है, वे कर्नाटक में प्रयोग कर रहे हैं। वोट बैंक के लिए दलितों का आरक्षण छीनना चाहती है, आदिवासियों का आरक्षण हड़पना चाहती है । वोट बैंक के लिए कांग्रेस ओबीसी का आरक्षण छीनना चाहती है। कर्नाटक में उन्होंने रातों रात आरक्षण पा रहे ओबीसी समुदाय का एक हिस्सा मुसलमानों को देने के लिए छीन लिया । क्या देश में ये चलेगा? क्या मैं इसे होने दूं? इसलिए ये लोग झूठ फैला रहे हैं, गुमराह कर रहे हैं और मेरी इस गठबंधन को चुनौती है कि वे देश को लिखित गारंटी दें, क्योंकि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि वे धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देंगे ।

दूसरा ऐलान है कि वे एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण को कभी नहीं छूएंगे ।

घोषणा करेंगे, नहीं करेंगे. मैं जानता हूं ये लोग कभी नहीं लिखेंगे और ये इनकी मीडिया जमात है, गाजा बाजा बजाने वाले मेरी चुनौती को दबा देंगे. क्योंकि ये लोग उनके संरक्षण में हैं ।

लेकिन भाइयों, तुम गुजरातियों ने मुझे पाला है, चिंता मत करो, इस बार उनका खेल खत्म हो गया है।'

साथियो,

इस चुनाव में मैं अपने दोस्तों से बात करना चाहता हूं, खासकर जो 35-40 साल के हैं, 18 साल के युवा हैं जो पहली बार वोट देंगे, उनको शायद पता नहीं होगा कि पहले देश कैसा था। अभी जिनको पहला वोट मिला, जब मैं प्रधानमंत्री बना, वो बेचारा 8 साल का रहा होगा, 10 साल का रहा होगा, 12 साल का रहा होगा। उस समय देश की क्या स्थिति थी, इसका उन्हें कोई अंदाज़ा नहीं था। उस समय और आज की पीढ़ी गूगल पर सर्च करे की सिर्फ पुराने हेडलाइने सर्च करती है तो उनको मालूम हो जायेगा, तब हेडलाइन आती थी चोरी, डकैती आदि और आज क्या आता है? कितने पकड़े गए, कितने करोड़ जब्त किए गए, कितनों को जेल में डाला गया और ये सब उन्हीं की फुसफुसाहट है । आप ही बताओ भाई, इस देश के लोग जो श्रम करके टेक्ष भरते है उनको में लूटने दूँ? लुटा दू ? और इन लुटेरों को ठीक करना चाहिए या नहीं? और जब मैं ऐसा करता हूं तो वे लोग रोड़े अटकते है। आप हैरान हो जायेंगे दोस्तों अगर आपको सरकार बनानी है तो आपको कम से कम 272 सांसद सीटें चाहिए। हमें छोड़कर, इस देश में बीजेपी के अलावा कोई भी राजनीतिक दल नही लड़वा रहा है। आप 272 पर लड़ ही नहीं रहे और कहें कि आप सरकार बनाएंगे। आज उनकी हालत ऐसी है कि दिल्ली में रहने वाला उनका शाही परिवार इस हालत में है कि वो खुद इस बार कांग्रेस को वोट नहीं दे सकते। ये मोदी साहब की कमाल है, राजपरिवार कांग्रेस को वोट नहीं दे सकता, इस बार कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं है। यहाँ अहमद भाई गुजरात के बहुत बड़े नेता थे, अहमद भाई तो अब नहीं रहे, अहमद भाई का परिवार भरूच में रहता है और उनकी हालत भी वैसी ही है और वो भी कांग्रेस को वोट नहीं दे सकते । अहमद भाई का परिवार कांग्रेस को वोट नहीं दे पाएगा । कांग्रेस के एक बड़े नेता जो भावनगर में रहते थे और उनका वोट भी भावनगर से होगा, वे भावनगर में कांग्रेस को वोट नहीं दे सकते। यही हाल है कांग्रेस का । आप सोचिए, ये कांग्रेस पूरी तरह से, जब चुनाव घोषणापत्र आया तो मैंने कहा कि इसमें मुस्लिम लीग की छाप है और एक के बाद एक पन्ने खुलने शुरू हो गए। और अब वह माओवादी, नक्सली घोषणा करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा है कि उन्होंने पार्टी को बर्बाद कर दिया है लेकिन वह देश को बर्बाद करने निकले हैं और कह रहे हैं कि मैं भी मरूंगा और तुम भी मरोगे। उन्होंने पार्टी को बर्बाद कर दिया है और अब वह देश को बर्बाद करने पर तुले हैं।' उन्होंने कहा कि हम पूरे देश का एक्स-रे करेंगे?उसका मतलब ?

आपके लॉकर में क्या है? एक्सरे ...

आपके घर में में क्या है? एक्सरे ...

बैंक में आपकी जमा राशि क्या है?

अगर आपके पास ज्वार या गेहूं का कोई डिब्बा हो तो उसमे अगर अपने आभूषण रखे है तो एक्स-रे.....

और वो सब लूटना और वो सब जो उन्होंने घोषणापत्र में कहा है और उन लोगों को बांटना जिनके पास यह नहीं है । तुम इस गरीबी को बांटने निकले हो भाई, तुम इस देश को बर्बाद करने निकले हो भाई! आपको हो क्या गया है भाई? उन्होंने विदेश में बैठे उनके लोगों से एक बात सुनी और यहाँ कही, उन्होंने वहां से एक संदेश दिया और सार्वजनिक रूप से यहाँ यह कहा कि हमारे यहां हर पिता की इच्छा होती है कि वह मरने के बाद अपने बच्चों को कुछ न कुछ दे। अब कांग्रेस के लोगों ने ऐसी मेनिफेस्टो लोगो को दी है कि आप जो बचत करते हैं, वह आप अपने बच्चों को नहीं दे सकते। वो कांग्रेस आपके पास पैतृक संपत्ति का आधा हिस्सा है, तो वे इसे टैक्स के रूप में लेंगे, मतलब 55% टैक्स लगेगा। तो मान लीजिये आपके पास 10 एकड़ का खेत है और आप उसे लड़के को देना चाहते हैं तो आपका 5 एकड़ तो सरकार के पास चला गया और 5 एकड़ रह गया। ये कानून लाने वाले है, अगर आपके पास 2 भैंसें हैं तो एक कांग्रेस सरकार को दे दीजिए और दूसरी अपने बेटे को दे दीजिए. क्यों? क्योकि हमें अपने वोटबैंक में एक भैंस देनी होगी । इस कांग्रेस के मेनिफेस्टो में लिखा है, अब ये है इनका साहस, क्या हमें इस देश के नागरिकों को समझाना चाहिए या नहीं?

हम आपकी ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं और वो लोग आपकी संचित ताकत को लूटने के लिए काम कर रहे हैं और इसलिए मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि इस कांग्रेस से सावधान रहें। जो लोग पहली बार वोट दे रहे हैं उन्हें शायद पता नहीं होगा, जो 30 या 35 साल के हैं उन्हें शायद पता नहीं होगा, शाम को भोजन के समय बिजली नहीं थी भाई। हमारे बनासकांठा में पानी भी नहीं होता था । अगर मेहमान कोई चला जाए तो रात रुकने की चिंता रहती है, या सुबह पानी कहां से लाएंगे? वो दिन थे। आज हमने वहां सेब की खेती शुरू की है, आलू की खेती में हम बहुत आगे पहुंचे हैं। ऐसा लगता है कि इन कांग्रेसियों ने किसी से कहा है कि अगर यहां आलू की खेती होगी तो वे यहां सोना बनाने आएंगे।

हमारे यहाँ बहुत बदलाव आये हैं, भाईयों, मुझे बताओ कि वंदे भारत से पालनपुर तक पहुंचे, पहुंचे या नहीं? जिस तरह से हम विकास के काम कर रहे हैं, सुजलाम सुफलाम योजना बनाई, पानी पहुंचाया, क्या हर तरफ लोगों के जीवन में बदलाव आया या नहीं आया? यहां उत्तरी गुजरात में अगर नल से पानी की सुविधा नहीं थी तो सिर पर घड़े लेकर 3-4 किलोमीटर जाना पड़ता था और हमारी माताएं-बहनें आधा दिन पानी में ही गुजार देती थीं। भाई, इन सबमें से जो हम बहार लेकर आए हैं, उसके लिए हमने काली मेहनत की है। तो जो पुरानी पीढ़ी के लोग हैं वो तो सब कुछ जानते हैं, लेकिन ये जो 40 साल से नीचे के लोग हैं भाई, ये सब पुराना समय नहीं जानते भाई। तो हमें याद दिलाना होगा कि भाई हम वो पुराने दिन वापस नहीं ला रहे हैं, क्योकि उस समय बहुत दंगे हुआ करते थे । अगर वहां कोई लड़का पैदा भी हो जाए तो वो मां, चाचा का नाम नहीं जानता था लेकिन कर्फ़्यू शब्द बोल सकता था । एक जिसने सिर्फ कर्फ्यू देखा है, जब वह 1 साल का हुआ तो तीन कर्फ्यू देख चुका हुआ होता है । वो दिन थे। आज कर्फ्यू का नाम नहीं है और आज हर कोई खुशी से रह रहा है, यह हमारा गुजरात है।

शिक्षा के क्षेत्र में भाइयों-बहनों, जब मैं 2002 में बालिका शिक्षा के लिए नया मुख्यमंत्री बना, तो बालिका शिक्षा में बांसकांठा का नाम सबसे निचले पायदान पर था और आज उससे एक बड़ी क्रांति हुई है और मेरा बनासकांठा आगे बढ़ने लगा है। आधुनिक शिक्षा की दिशा. बच्चे निशाल नहीं जाते थे, आज मांड्या जाते हैं, उच्च शिक्षा के लिए। मेरे कहने का मतलब यह है कि भाई, गुजरात ने जो विकास किया है उसके पीछे एक दूरदर्शिता है, लंबे समय की कड़ी मेहनत है और उसी का परिणाम है कि हमारा गुजरात आगे बढ़ा है।

यह मेरे सभी मतदाताओं से मेरा अनुरोध है, मेरे सभी प्रिय नागरिकों से मेरा अनुरोध है, बनासकांठा अपने धूल मिट्टी में पलता है। हमने गर्मी पिघला दी है. चाहे कितनी भी गर्मी हो हमें ज्यादा वोट करना है और सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ना है. क्या आप भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत दिलाएंगे? क्या आप गुजरात की सभी सीटें जीतेंगे? हमारे यहां 2 सीटें हैं, क्या आप निश्चित रूप से जीतेंगे?

भारत माता की जय...

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।