We are ending 'Tushtikaran' and working for 'Santushtikaran': PM Modi in Agra

Published By : Admin | April 25, 2024 | 12:59 IST
Our commitment is clear: corrupt individuals will be investigated: PM Modi at Agra rally
While Modi focuses on uplifting the poor, the SP-Congress alliance is indulging in blatant appeasement: PM Modi
We are ending 'Tushtikaran' and working for 'Santushtikaran': PM Modi at election rally in UP's Agra

राधे राधे !

भारत माता की,

भारत माता की,

मैं ब्रज क्षेत्र के सभी देवी-देवताओं को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं आज आपके पास विशेष रूप से आया हूं। मैं पहले भी आता रहा हूं। जहां-जहां पहुंच सकता हूं, पहुंचता हूं। लेकिन पहले जब मैं आता था कुछ देने के लिए आता था, कुछ लेकर के आता था। कोई योजना लेकरके आता था, किसी के उद्घाटन के लिए आता था। लेकिन आज मैं देने के लिए नहीं, मांगने के लिए आया हूं। मैं आपसे विकसित भारत के लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं। आप मुझे बताइए, अगर भारत विकसित होता है तो आपका भला होगा कि नहीं होगा। भारत विकसित होता है तो आपके परिवार का भला होगा कि नहीं होगा। भारत विकसित होगा तो आपके बच्चों का भला होगा कि नहीं होगा। इसलिए देश भी एकजुट होकर कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,

भारत की बढ़ती हुई शक्ति कुछ ताकतों को पसंद नहीं आ रही है। अब जैसे यहां डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है। यहां देश की सेना के लिए, आत्मनिर्भर बनने के लिए, दुनिया में निर्यात के लिए घातक अस्त्र-शस्त्र बनेंगे। लेकिन दुनियाभर में जो हथियारों के दलाल हैं, जो पुरानी सरकारों में घूस देकर अपना काम करा लेने के एक्सपर्ट हो गए थे। और पुरानी सरकारों में बैठे लोगों को भी ये मलाई खाने को मिलती थी, उनको भी मजा आता था। ऐसे सारे लोग, मोदी जब शस्त्रों को यहां बनाने की बात करता है, देश को आत्मनिर्भर बनाने की बाद करता है तो बौखला गए हैं, बहुत नाराज़ हैं। वो नहीं चाहते कि भारत की सेना आत्मनिर्भर बने। इसलिए वो मोदी के विरुद्ध एकजुट हो गए हैं। इन ताकतों को रोकने के लिए, देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए, देश की सुरक्षा के लिए फिर एक बार BJP-NDA सरकार जरूरी है।

भाइयों और बहनों,

मोदी की गारंटी सबका साथ, सबका विकास की है। लेकिन सपा-कांग्रेस के इंडी-गठबंधन के लिए देश से भी पहले उनका वोटबैंक खास है। हमारा 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड हो या फिर भाजपा का संकल्प पत्र, हमारा जोर सैचुरेशन पर है। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सबको मिले, पूरा लाभ मिले, बिना बिचौलिया, बिना रिश्वत हकदार को मिले। यही भाजपा का सैचुरेशन मॉडल है। क्योंकि जहां सैचुरेशन होता है, वहां सभी हकदार को उसको हक मिलता है। हमारा सेकुलरिज्म भी यही है, सामाजिक न्याय भी यही है। बिना जाति, धर्म के भेदभाव के सबको मिलना चाहिए। सच्चा सामाजिक न्याय भी यही है जब आप बिना भेदभाव, बिना अपने-पराये, बिना रिश्वतखोरी, सबका हक पूरा करते हैं, तो इससे बड़ा सामाजिक न्याय क्या हो सकता है। आपने देखा होगा, फ्री राशन हो, मुफ्त इलाज हो, पक्का घर हो, टॉयलेट बनाना हो, गैस कनेक्शन हो, नल से जल हो, ये सारे लाभ हर लाभार्थी को मिले, बिना भेदभाव के मिले, ये मोदी की गारंटी है। अच्छा मेरा एक काम करोगे। सबलोग हाथ ऊपर करके बताओगे तो मैं बताऊंगा। पक्का करोगे, देखिए मैं दिन-रात मेहनत तो करता हूं, और यहां उत्तर प्रदेश में मेरी हर योजना को नीचे ले जाने में योगी जी रात-दिन मेहनत करते हैं। उनकी पूरी सरकार मेहनत करती है। फिर भी जब आप गांव में जाएंगे, इलाके में जाएंगे, सोसाइटी में जाएंगे। हो सकता है दो-चार ऐसे लोग मिल जाएं जिनको अब तक ये योजना नहीं पहुंची है। तो मेरा एक काम करेंगे। जिनको योजना नहीं पहुंची है उनकी सूची बनाना। और उनको कहना मोदी जी आगरा में आए थे, गारंटी दी है, कि जिनका बाकी रह गया है, तीसरे टर्म में उसका भी पूरा हो जाएगा। और आप देखिए, मेरे लिए तो आप सभी मोदी ही हैं। और इसलिए मेरी गारंटी आपके माध्यम से जरूर पहुंचेगी। साथियों, जब हम एक बाद एक गरीब के सशक्तिकरण के हम काम कर रहे हैं। गरीब को गरीबी को परास्त करने के लिए मजबूत कर रहे हैं। ये एक ऐसा मॉडल है जिस मॉडल की आज दुनिया के लोग चर्चा कर रहे हैं, क्योंकि हमने जो रास्ता अपनाया है। हमने जो मॉडल अपनाया है, उससे जो देश में 25 करोड़ देशवासी जो गरीबी की जिंदगी जीते थे, वो गरीबी से बाहर निकले हैं।

साथियों,

हमारे देश में हमने तुष्टिकरण की राजनीति बहुत देखी है। तुष्टिकरण की राजनीति ने देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट के रख दिया है। तुष्टिकरण की राजनीति ने सच्चे और ईमानदारों के हक को डुबोया है। और इसीलिए अब मोदी तुष्टिकरण को समाप्त करके संतुष्टिकरण की ओर आगे बढ़ रहा है। हमारा रास्ता तुष्टिकरण का नहीं है, हमारा रास्ता संतुष्टिकरण है। सबका साथ सबका विकास ये मंत्र भी उसी का महामार्ग है लेकिन सपा-कांग्रेस का इंडी-गठबंधन घोर तुष्टिकरण में जुटा है। चौबीस के चुनाव में कांग्रेस ने जो मेनिफेस्टो जारी किया है, उस पर शतप्रतिशत, और ये मैंने पहले ही दिन कहा था आज नहीं कह रहा हूं। कांग्रेस के इस बार के मेनिफेस्टो पर शतप्रतिशत मुस्लिम लीग का ठप्पा लगा हुआ है, मुस्लिम लीग की छाप है। कांग्रेस का पूरा मेनिफेस्टो सिर्फ वोटबैंक को मजबूत करने के लिए समर्पित है। हमारा मेनिफेस्टो देश को मजबूत करने के लिए समर्पित है।

साथियों,

आजादी के बाद से ही ये स्पष्ट हो गया था कि भारत में धर्म के आधार पर कभी आरक्षण नहीं दिया जाएगा। ये संविधान सभा में चर्चा करने के बाद तय हुआ है। संविधान सभा में जो चर्चा हुई थी, जिसको बाबा साहेब अंबेडकर ने लिखा था। बाबा साहेब आंबेडकर की इच्छा थी, यही संविधान की मूल भावना है, यही सामाजिक न्याय है कि भारत में धर्म के आधार पर भारत का संविधान आरक्षण की सहमति नहीं देता है। लेकिन कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो आए दिन बाबा साहेब का अपमान करती है, संविधान का अपमान करती है और सामाजिक न्याय की धज्जियां उड़ाती है। इसी कांग्रेस ने कभी कर्नाटका में, कभी आंध्र प्रदेश में, कभी अपने घोषणापत्र में बार-बार धर्म के आधार पर आरक्षण की वकालत की। देश का संविधान, देश की अदालतें, कांग्रेस को ऐसा करने से बार-बार मना कर चुकी है। उनकी हर बात को देश की न्यायपालिका ने ठुकरा दिया है। और इसीलिए अब कांग्रेस ने पिछले दरवाजे से खेल खेलना शुरू किया है। एसी-एसटी-ओबीसी की आंख में धूल झोंककर पाप करने के रास्ते बनाने का काम किया है। अब कांग्रेस ने ठान लिया है कि वो धर्म के आधार पर रिजर्वेशन लाकर रहेगी। और इसके लिए कांग्रेस ने तरीका निकाला है जो ओबीसी का कोटा है, 27 परसेंट का जो ओबीसी का कोटा है, क्योंकि मैं भी उस समाज से आता हूं, इसलिए मुझे उसकी पूरी जानकारी है। ये जो 27 प्रतिशत आरक्षण का कोटा है, उन्होंने तय किया है कि उसमें कुछ चोरी कर लिया जाए। 27 परसेंट में से चोरी कर लिया जाए, छीन लिया जाए। चुपचाप छीन लिया जाए। और धर्म के आधार पर आरक्षण दे दिया जाए। का जो आरक्षण का कोटा उसमें से चुपचाप छीन लिया जाए और धर्म के आधार पर आरक्षण दे दिया जाए। क्या आपको ये मंजूर है, ये आप सहन कर सकते हैं, ये आप स्वीकार कर सकते हैं। देखिए कर्नाटका ने क्या किया। कर्नाटका की कांग्रेस की सरकार ने रातों-रात कर्नाटक में जितनी भी मुस्लिम जातियां हैं, छोटी-मोटी, धनी, पढ़ी-लिखी सब, सभी जातियों को रातों-रात कागज पर ठप्पा मारकर उनको ओबीसी बना दिया। और उनको कह दिया ये जो 27 परसेंट है न अब आप उसके मालिक हो, जाओ लूट लो। ओबीसी के हक पर डाका डाला है, ये डाका है कि नहीं है। जरा पूरी ताकत से बताइए भाई, ये डाका है कि नहीं है। जार इधर से माताएं-बहनें बताइए ये डाका है कि नहीं है। कांग्रेस का इरादा, यूपी में भी यही खेल खेलने का है, यही कारनामा दोहराने का है। देश में जहां-जहां मौका मिले, ये पिछले दरवाजे, चोरी-छिपे से, ओबीसी का हक लूट लेना, एसटी का लूट लेना, एससी का का हक ले लेना और उनको दे देना। और इसमें उसे समाजवादी पार्टी का पूरा साथ मिल रहा है।

आप याद कीजिए, 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस की केंद्र सरकार ने तब भी ऐसी ही कोशिश की थी। इन्होंने ओबीसी के आरक्षण का एक हिस्सा धर्म के आधार पर माइनॉरिटीज को देने का फैसला किया था। लेकिन तब ये अपने इरादों में सफल नहीं हुए थे। यूपी के लोगों को और विशेषकर OBC समुदाय को कांग्रेस और सपा का ये खतरनाक खेल मेरे ओबीसी भाइयों-बहनों को समझना पड़ेगा। दलितों को, वंचितों को, पिछड़ों को ये सपा-कांग्रेस का खेल समझना होगा। यहां यूपी में हमारे यादव, कुर्मी, मौर्या, कुशवाहा, जाट-गुज्जर, राजभर, तेली, पाल जैसी अनेक OBC जातियां हैं, उनका हक है, भारत के संविधान के अनुसार हक है। तो इनसे छीनकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, अपने चहेते वोटबैंक को देना चाहती हैं। समाजवादी पार्टी, अपने वोटबैंक की खातिर यादवों-पिछड़ों से ही सबसे बड़ा विश्वासघात कर रही है। तुष्टिकरण में डूबी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, दोनों की एक ही प्रकार की सोच है। यहां उत्तर प्रदेश में जो दो लड़कों में दोस्ती है, इसका भी आधार ये तुष्टिकरण की राजनीति है। दोनों मिलकर भाषण में तो OBC-OBC करते हैं और पिछले दरवाजे से OBC का हक छीनकर अपने वोटबैंक को देना चाहते हैं। आप मुझे बताइए...क्या आप कांग्रेस-सपा को ये पाप करने देंगे? ये बेइमानी करने देंगे। आपके अधिकार को लूटने देंगे।

भाइयों और बहनों,

योगी जी के मुख्यमंत्री बनने से पहले यहां इंडी गठबंधन वालों का नारा होता क्या होता था, आप भूल गए होंगे। क्योंकि योगी जी के राज में ऐसा होता नहीं है इसलिए आप भूल गए हो, मैं जरा याद कराना चाहता हूं, उस समय नारा क्या था - जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी है। होता था या नहीं? ऐसा नारा लगता था कि नहीं लगता था? लखनऊ में जो बैठी थी न वोट बैंक वाली सरकार उनका आशीर्वाद रहता था। योगी जी की सरकार आई, तो ऐसे लोगों को सही जगह पहुंचाया गया। लेकिन साथियों, अब कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों का नया प्लान सामने आया है। ये नया प्लान है: कांग्रेस की लूट, ज़िंदगी के साथ भी, ज़िंदगी के बाद भी। कांग्रेस के लोग कहते हैं, बार-बार कह रहे हैं, बड़े खुशमिजाज होकर कहते हैं, जैसे उन्होंने बहुत बड़ा तीर मार लिया। वो कहते हैं अब आप सबकी संपत्ति की जांच होगी। कांग्रेस के शहजादे की एक्स-रे मशीन, बहनों-बेटियों की अलमारियों में पहुंचेगी, शहजादे की एक्स-रे मशीन बैंकों के लॉकर पहुंचेगी, सबको खंगालेगी। अरे किसी गरीब मां ने कुछ अपनी बेटी के लिए बचाकर रखकर के ज्वार-बाजरे के डिब्बे में रखा है न तो उनकी एक्सरे वहां भी पहुंचेगी। जिन्होंने मंगलसूत्र दबाकर रखा है तो वहां भी इनकी एक्सरे पहुंचेगी। और थोड़ा बहुत ज़ेवर-गहना रखा होगा उस पर कब्जा करके ये लोग उसे अपने वोटबैंक में बांट देंगे। यहां तक की बहनों के मंगलसूत्र तक को नहीं छोड़ा जाएगा। यही इंडी गठबंधन वालों की नई योजना है। क्या आप इन्हें सफल होने देंगे? माताएं-बहनें आपके पास जो स्त्रीधन है, आपके पास जो मंगलसूत्र है क्या ये आप किसी को लेने देंगी। किसी सरकार को लेने देंगे। देश की कोई माता-बहन लेने देगी। अरे सर कटवा देगी लेकिन वो कभी नहीं देगी। ये इनको मालूम नहीं है।

साथियों,

आपसे आपकी संपत्ति छीनने की इंडी गठबंधन की योजना सिर्फ इतने पर ही नहीं रुकती है। अब कांग्रेस-सपा वाले इंडी गठबंधन का कहना है कि वो आपकी विरासत पर भी लूट करेंगे। आपकी विरासत का मतलब है दादा-दादी ने मेहनत करके बचाके बेटे को दिया है। आपके पिता ने मेहनत करके कुछ बचा करके आपके लिए रखा है, जिस दिन वो नहीं रहेंगे, तो फिर इंडी गठबंधन-कांग्रेस ने ये घोषणा की है कि वो आपके परिवार के लोगों को मिलने से पहले 55 प्रतिशत आधे से ज्यादा सरकार उस पर कब्जा कर लेगी। बाकी बचा वो आपके नसीब में आएगा। बताइए आपके माता-पिता की मेहनत को आप लूटने देंगे क्या? यानि आज जो संपत्ति आप आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ रहे हैं, आपके बाद उस पर भी ये लोग आधे से ज्यादा टैक्स लगाकर लूटना चाहते हैं। अब मैं समझाता हूं, मान लीजिए, आपने अपने बच्चों के लिए 4 कमरे का घर बनाया है। तो आपके बाद सिर्फ 2 कमरे आपकी संतान को मिलेंगे और बाकी 2 कमरे कांग्रेस-सपा सरकार हड़प लेगी। मान लीजिए, आपके पास 10 बीघा खेत है, तो 5 बीघा ही आपके बच्चों को मिलेगा, बाकि कांग्रेस-सपा सरकार है वो हड़प लेगी। आप अपनी संपत्ति कांग्रेस-सपा के भ्रष्ट पंजे में जाने देंगे? जरा पूरी ताकत से बताइए, मुद्दा बड़ा गंभीर बनता जा रहा है। जाने देंगे? आपको गुस्सा आ रहा है कि नहीं आ रहा है?

साथियों,

SC/ST/OBC के हक पर डाका डालने और बहनों के मंगलसूत्र पर नज़र डालने से पहले जरा इंडी-गठबंधन वालों ये दीवार पर लिखा हुआ पढ़ लो और कान खोलकर सुन लो जब तक मोदी जिंदा है, ऐसा कोई भी पाप करने से पहले आपको मोदी से निपटना पड़ेगा। हमारा संकल्प है, जो भ्रष्टाचारी हैं, उनकी जांच होगी, जिन्होंने गरीबों को लूटा है, वो लूट का पैसा, गरीबों को वापस मिलेगा। ये जो भ्रष्टाचारी हैं, इनके पास से जो लूट का पैसा निकल रहा है, जो बंगले-गाड़ियां जब्त हो रही हैं, ये जनता को कैसे लौटाया जाए, इस पर मोदी तेजी से काम कर रहा है, रास्ता खोज रहा है। ये माताओं-बहनों की बचत पर नज़र गड़ाए हुए हैं, लेकिन मोदी माताओं-बहनों को संपत्ति में हकदार बनाने में मैं आपका चौकीदार बनकर खड़ा हूं। बीते 10 वर्षों में मोदी ने 4 करोड़ पक्के घर बनाए हैं। इनमें से 3 करोड़ से अधिक पक्के घर माताओं-बहनों के नाम किए गए हैं। ये मेरी माताओं-बहनों की ताकत है। मोदी ने बहनों के जनधन बैंक खाते खुलवाए, ताकि सरकारी लाभ का सीधा पैसा, घर की माता-बहन के खाते में जाए। और अब मोदी की गारंटी है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया जाएगा। आज देश का युवा आशावान है, आत्मविश्वास से भरा है, सामर्म्थ्यवान हैं, कर्तव्यवान हैं। और मुझे मेरे देश के युवाओं पर नाज है। मैं दुनिया में जाता हूं न तो मुझे लोग पूछते हैं, मोदी जी इतने बड़े-बड़े काम, इतने बड़े-बड़े सपने...मैंने कहा ये सपनों की ताकत मुझे मेरे देश के नौजवानों से मिलती है, उनके सामर्थ्य से मिलती है। आज देश में नए नए अवसर बन रहे हैं, नए-नए सेक्टर खुल रहे हैं। युवाओं की हर आकांक्षा का ध्यान हमारी सरकार रख रही है। युवाओं की सहायता के लिए मुद्रा लोन है, स्किल इंडिया मिशन है, स्टैंड अप इंडिया मिशन है। हमने नौकरियों में गैर-जरूरी इंटरव्यू खत्म किए, हमने स्थानीय भाषाओं में परीक्षा का प्रावधान किया, हमने सरकारी व्यवस्थाओं को फेसलेस बनाया।

साथियों,

दूसरी तरफ कांग्रेस है जिसने आजादी के बाद से ही भाई भतीजावाद को बढ़ाया, युवाओं की क्षमताओं को बर्बाद किया। अभी इसका ताजा प्रमाण मिला है। आप जरा सुनिए और लोगों को बताइए, शायद आपने अखबारों में भी पढ़ा होगा। ताजा प्रमाण मिला है, हमारे पड़ोस के राजस्थान में वहां कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस के अपने लोगों ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री के करीबी ने कल एक बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है और सार्वजनिक रूप से किया है। और अभी तक कांग्रेस के मुंह पर ताले लगे हुए हैं। वो कह रहे हैं कि पेपरलीक, यानि नौजवानों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़, वो कहते हैं कि राजस्थान में जो पेपरलीक हुआ, उसमें कांग्रेस की गहलोत सरकार खुद शामिल थी। और कोई और नहीं कह रहा है, कांग्रेस के मुख्यमंत्री के कार्यालय में काम करने वाले सज्जन थे, वो कह रहे हैं। आप बताइए नौजवानों इससे बड़ा पाप, इससे बड़ा धोखा मेरे देश के युवाओं के साथ नहीं हो सकता है। यानि राजस्थान में अब कांग्रेस का ही पेपरलीक हो गया है। यही कांग्रेस की सच्चाई है। इसलिए देश के युवाओं को, हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स को कांग्रेस से बहुत सतर्क रहना है।

भाइयों और बहनों,

भाजपा सरकार की पहचान ही, अच्छी सड़कें, आधुनिक रेल लाइन, मेट्रो सुविधाओं से है। कोविड में वैक्सीन की व्यवस्था, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 70 साल से ऊपर के लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड, हम आगरा, फतेहपुर-सीकरी सहित, इस पूरे क्षेत्र को पूरी दुनिया के निवेशकों और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने में जुटे हैं। आप याद रखिएगा, ये अयोध्या में प्रभु राम मंदिर के दर्शन के लिए लोग आ रहे हैं न, लाखों लोग आ रहे हैं। काशी में जो कॉरिडोर बना है, लाखों लोग आ रहे हैं, आप मान के चलिए, वो निकलते हैं अयोध्या के लिए, वे निकलते हैं काशी के लिए लेकिन वो जरूर आगरा आकर जाते हैं। इसलिए यहां का टूरिज्म तो बढ़ने ही वाला है। आपके तो एक हाथ में दो-दो लड्डू है। आप याद रखिएगा आपका वोट एसपी सिंह बघेल जी और राजकुमार चाहर जी को तो मिलेगा ही, लेकिन जब आप वोट उनको देंगे न, तो उनको तो मिलेगा ही, लेकिन ये वोट मोदी को भी मिलेगा। तो आप मोदी को वोट देंगे, पक्का देंगे। इसलिए 7 मई को कुछ समय अपने इस सेवक के लिए ज़रूर निकालना है। कितनी ही गर्मी क्यों न हो, कितनी ही शादियां क्यों न हो, कितने ही निजी काम क्यों न हो, लेकिन जब मैं इतनी मेहनत करता हूं, दिन-रात मेहनत करता हूं, तो मतदान के दिन मेरा आपसे कुछ समय मांगने का हक बनता है कि नहीं बनता है। मैं इतना तो मांग सकता हूं कि नहीं मांग सकता हूं। मैं देशवासियों से इतना तो मांग सकता हूं न कि आप देश के लिए एक-दो घंटे निकालिए। गर्मी हो तो भी निकलिए, मतदान कीजिए। मतदान कराएंगे। अच्छा मेरा एक और काम करेंगे। घर-घर जाएंगे। घर-घर जाकर के कहना मोदी जी आए थे, आप सबको राधे-राधे कहा है। पहुंचा देंगे राम-राम मेरा। मेरा राम-राम पहुंचा देंगे।
बोलिए...

भारत माता की जय !

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बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.