There's no semblance of good governance under TMC's rule in Bengal: PM Modi
It's time to shift away from divisive tactics and embrace a politics centred on accountability: PM Modi in Jadavpur rally

भारत माता की… भारत माता की… भारत माता की…

केमे आछेन जादवपुरवासी, केमे आछेन कोलकाता दक्षिणवासी, आप सब इतनी बड़ी संख्या में आए हैं और कल साइक्लोन बारिश का प्रभाव यानि इतना बड़ा कार्यक्रम ऑर्गेनाइज करना ये छोटी बात नहीं है और इसलिए मैं आपको भी बधाई देता हूं, आपको भी बधाई देता हूं और मैं आज बंगाल में जहां-जहां जा रहा हूं ऐसा लग रहा है कि निरंतर आपका आशीर्वाद बढ़ता ही जा रहा है, बढ़ता ही जा रहा है। बंगाल के प्रबुद्ध लोग जानते हैं, देश में दमदार सरकार होनी कितनी जरूरी है और इसलिए इस बार 4 जून को नया इतिहास रचा जाएगा और वो इतिहास क्या होगा? फिर एक बार… फिर एक बार… फिर एक बार… आबार एक बार… आबार एक बार… आबार एक बार… यहां कुछ लोग बहुत प्यार से कुछ मेरे लिए पेंटिंग बना कर के ले आए हैं। कुछ चित्र बना के लाए हैं, मेरे लिए प्रसाद है। मैं हमारे साथियों को कहूंगा वो आपसे कलेक्ट कर लें लेकिन मैं आपका बहुत आभारी हूं अगर आप पीछे अपना नाम-पता लिख देंगे तो मेरी चिट्ठी जरूर आएगी। लेकिन मैं आपके इस प्यार के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। इस तरफ भी लोग हैं वहां से भी कोई कलेक्ट कर लें। एक बहुत पीछे कोई हमारा नौजवान है उनका भी जरा, उनकी भावना का भी आदर किया जाए। ऐसा सौभाग्य बहुत कम मिलता है जी और इसलिए मैं आपके इस प्यार को बहुत ही मूल्यवान मानता हूं।

बोलिए भारत माता की... जय भारत माता की... जय श्री राम... जय श्री राम...

मैं बीते दो महीनों के दौरान पश्चिम बंगाल के अनेक शहरों में गया हूं। मैं लगातार देख रहा हूं इस बार टीएमसी और इंडी वालों के बड़े-बड़े किले ध्वस्त होने वाले हैं। चार जून को जादवपुर और कोलकाता पूरा बंगाल बड़ी संख्या में कमल खिलाने जा रहा है। लोग जानते हैं कि सीपीएम को दिया हर वोट, वो टीएमसी को ही जाएगा। सीपीएम यहां चुनाव लड़ रही है, टीएमसी को मदद करने के लिए और पर्दे के पीछे इनका जो खेल चल रहा है ये एक ही सिक्के की दो बाजू है। और अभी यहां की मुख्यमंत्री मैडम ने घोषणा कर दी है वो दिल्ली में इनका समर्थन करेगी। अब मुझे बताइए लेफ्ट वालों का वोट देकर के आप टीएमसी को मजबूत करेंगे क्या? करेंगे क्या? आप बहुत समझदार मतदाता है, जागरूक मतदाता है और टीएमसी को जो वोट मिलेगा आप यहां जादवपुर में जाकर के 100 लोगों को पूछिए कि भाई किसकी सरकार बनेगी? 100 में से 90 लोग कहेंगे मोदी की सरकार बनेगी। अगर जब पक्का ही है कि मोदी की सरकार बनेगी, तो वोट बर्बाद करना चाहिए क्या? वोट फालतू में जाने देना चाहिए क्या? और इसलिए हमारा वोट मोदी सरकार को मजबूत बनाने के लिए केंद्र में सरकार बनाने के लिए जाना चाहिए। जो विकसित बंगाल, विकसित भारत के संकल्प को लेकर के आगे बढ़ रहे हैं।

भाइयो और बहनों,

जादवपुर हो, कोलकाता हो, ये मनन चिंतन करने वालों का क्षेत्र है। मैं आपसे जरूर जानना चाहूंगा ये टीएमसी वाले सुबह शाम वोट बैंक करते हैं, सुबह शाम गाली-गलोज करते हैं, सुबह शाम कानून के खिलाफ काम करते हैं, इनके पास देश के लिए कोई विजन है क्या? टीएमसी वालों के पास देश के लिए कोई विजन है क्या? बंगाल के लिए कोई विजन है क्या? जो टीएमसी सिर्फ अपने वोट बैंक के लिए काम करती हो वो यहां के युवाओं के लिए कुछ नहीं कर सकती। टीएमसी आपको गरीब और पिछड़ा बनाए रखना चाहती है ताकि उसकी दुकान चलती रहे। वहीं मोदी विकसित भारत के लिए काम कर रहा है। आपने 10 साल का मोदी का सेवा काल देखा है। देश के नौजवानों के लिए अवसर हो, गरीब और मिडल क्लास की सुविधा हो, इसके लिए 10 साल में अभूतपूर्व काम हुआ है। बीते 10 साल में हर दिन भारत में ये आंकड़ा जरा ये ऐसी Constituency है जहां ये आंकड़ा लोगों की आंखों को खोलने वाला है। मैं आंकड़ा बोलता हूं जरा सुनिए, आज 10 साल में क्या हुआ? मोदी को सेवा करने का मौका दिया तो क्या हुआ? भारत में डेली, हर दिन दो नए कॉलेज खुले हैं। ये छोटा काम नहीं है। भारत में हर हफ्ते एक नई यूनिवर्सिटी बनी है। हर साल 30 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज बने हैं। 10 साल पहले ग्लोबल रैंकिंग में हमारे चार-पांच इंस्टिट्यूट आते थे, आज दर्जनों इंस्टिट्यूट ग्लोबल रैंकिंग में भारत के नाम है। आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। आने वाले पांच साल में हम भारत को ग्लोबल एजुकेशन रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट का हब बनता देखेंगे। अब हम भारत को स्पेस में, डिफेंस में, सेमीकंडक्टर में, ड्रोन और मैपिंग जैसे अनेक सेक्टर में आगे बढ़ा रहे हैं। इसका सीधा लाभ हमारे नौजवान बेटे-बेटियों को होगा।

साथियों,

बीजेपी आपकी एस्पिरेशनस को समझती है, आपकी आकांक्षाओं को समझती है। यहां हेरिटेज भी है, लंबी कोस्टल लाइन भी है, पहाड़ भी है, कॉटन की खेती भी होती है, मोदी सरकार भारत को टूरिजम और टेक्सटाइल का ग्लोबल हब बनाने में जुटी है इसलिए आधुनिक कनेक्टिविटी पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर अभूतपूर्व खर्च किया जा रहा है। 10 साल के पहले देश के चार-पांच शहरों में ही मेट्रो की सुविधा थी। आज देश के 20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो पहुंच चुकी है। कोलकाता मेट्रो का हम तेजी से विस्तार कर रहे हैं, कोलकाता मेट्रो के पास आप पहली अंडर वाटर मेट्रो होने का भी गौरव है। अभी हमने वंदे भारत ट्रेने देखी आने वाले पांच सालों में देश के ज्यादातर शहर वंदे भारत से जुड़े हुए होंगे। आने वाले पांच साल में हम इलेक्ट्रिक बसों का, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार होता देखेंगे। ये नए भारत का नया ट्रांसपोर्ट तो होगा ही, ये नौकरियों का भी नया दौर लेकर आएगा।

भाइयो और बहनों,

मोदी जब विकसित भारत बनाने में जुटा है तो वो विकसित बंगाल के बिना संभव नहीं है। बंगाल को फिर वो पुराना गौरव दिलाना जरूरी है। जब देश का कल्चर और इकोनॉमिक सेंटर था, बंगाल के बारे में जब भी मैं गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की पंक्तियां सुनता हूं गर्व से भर उठता हूं। गुरुदेव ने कहा था बांगला माटी, बांगला जल, बांगला वायु, बांगला फल, पुण्य हो, पुण्य हो, पुण्य हो के, पुण्य होग है भगवान।

मैं अपने उच्चारण दोष के लिए आपसे क्षमाप्रार्थी रहूंगा लेकिन आप भी मानेंगे इन पंक्तियों में बंगाल की महानता के दर्शन होते हैं। दुर्भाग्य ये कि सीपीएम और टीएमसी की पॉलिटिक्स ने बंगाल को बर्बाद कर दिया है। ये सिर्फ पार्टियां दो है, इनकी दुकान एक ही है और दुकान में सामान भी एक ही है। टीएमसी और लेफ्ट इंडी एलायंस में है। टीएमसी और लेफ्ट दोनों वोट बैंक अपिजमेंट की पॉलिटिक्स करते हैं। इन दोनों पार्टियों ने पश्चिम बंगाल को करप्ट सिस्टम दिया। तोलाबाजों का सिस्टम दिया और सबसे बड़ी बात, ये दोनों पार्टियां एंटी डेमोक्रेसी है। पंचायत हो, विधानसभा हो, लोकसभा हो, कोई भी इलेक्शन बंगाल में बिना खून खराबे के पूरा नहीं होता। यहां गणतंत्र बचाने के लिए पहरा देना पड़ता है। यहां मानवता की सेवा करने वाले संतों ने अपनी आवाज उठाई तो उनका जीना मुश्किल कर दिया। उनको गालियां देने आने लगी, उन पर हमले होने लगे, ये टीएमसी का टेरर मॉडल है और अब ये देश के सामने एक्सपोज हो रहा है।

साथियों,

यहां संदेशखाली जैसी शर्मनाक वारदातें आम है। जहां पहले बहनों बेटियों के साथ अत्याचार किया जाता है और फिर शाहजहां शेख जैसे पापियों को बचाने के लिए गंदे खेल-खेले जाते हैं। जो टीएमसी सरकार लॉ एंड ऑर्डर जैसा बेसिक काम नहीं कर सकती, उसे सजा देना जरूरी है। टीएमसी की पॉलिटिक्स रखता कटऑफ पॉलिटिक्स है। टीएमसी करप्ट इकोसिस्टम को आगे बढ़ाती है। टीएमसी की सारी की सारी पॉलिटिक्स वोट बैंक के लिए है। इसका ताजा उदाहरण हमने कुछ दिन पहले ही देखा है।

साथियों,

टीएमसी ने पहले असंवैधानिक तरीके से 77, 77 मुस्लिम जातियों को ओबीसी घोषित कर दिया था लेकिन अब जब हाई कोर्ट का फैसला आ गया तो इनके लिए कराए पर पानी फिर गया। अब हाई कोर्ट का फैसला तो इन्ह मानना ही पड़ेगा। इनकी साजिश पर ब्रेक लग गया है लेकिन फिर भी मुसलमानों को खुश करने के लिए, टीएमसी सरकार ये कह रही है कि वो हाई कोर्ट का फैसला नहीं मानेगी।

साथियों,

सीएए को लेकर टीएमसी जिस तरह सफेद झूठ बोल रही है ये पूरा देश देख रहा है बंटवारे से पीड़ित हमारे जो साथी दूसरे देशों में रह गए थे, जिन्हें भारत ने भरोसा दिया था कि उन्हें भारत की नागरिकता देंगे। क्या उन्हें हम अत्याचार सहने के लिए ऐसे ही छोड़ दे क्या? मोदी ये नहीं होने दे सकता इसलिए पूरे दायित्व भाव के साथ सीएए लाया है। ये नागरिकता देने का कानून है। ये नागरिकता छीनने का कानून नहीं है लेकिन टीएमसी इसे लेकर भी भ्रम फैलाती रहती है। किस लिए सिर्फ और सिर्फ अपने वोट बैंक को डराने के लिए ताकि वो टीएमसी का खेमा ना छोड़े।

साथियों,

टीएमसी और सुशासन का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। बंगाल में सुशासन दूरबीन से खोजने पर भी नहीं मिलता। बंगाल में सुशासन माइक्रोस्कोप से तलाशने पर भी नहीं मिलता। मोदी ने पूरे देश में 12 करोड़ परिवारों तक नल से साफ पानी पहुंचाया है लेकिन बंगाल में लोग आज भी आर्सेनिक वाला पानी पीने के लिए मजबूर है। मोदी शहरों में गरीबों और मिडल क्लास को पक्के घर दे रहा है। मोदी रेहरा कानून लेकर आया ताकि बिल्डरों की मनमानी ना चले। लेकिन बंगाल में सरेआम माफिया को जमीने दी जा रही है। नियमों के विरुद्ध कंस्ट्रक्शन हो रहा है। मोदी गरीबों के लिए सस्ते सिलेंडर की योजना चला रहा है, इससे यहां के लाखों बहनों को लाभ हो रहा है लेकिन टीएमसी सरकार इसमें भी रोड़े अटका रही है।

साथियों,

देश में करीब 6 करोड़ बुजुर्ग है जिनकी आयु 70 वर्ष से ऊपर है। आने वाले समय में ये संख्या और बढ़ने वाली है। ये परिवार के वो सदस्य हैं जिनकी हेल्थ का खर्च हर परिवार को उठाना पड़ता है। अब मोदी की गारंटी है कि ऐसे हर बुजुर्ग को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा।

भाइयो और बहनों,

अब रखता कटो पॉलिटिक्स, करप्शन और appeasement पॉलिटिक्स की जगह पॉलिटिक्स आफ परफॉर्मेंस को चुनना है। जादवपुर से हमारे उम्मीदवार, मेरे बहुत पुराने साथी अनिर्बान गांगुली जी को मिला हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। आपको कोलकाता दक्षिण से बहन देवाश्री चौधरी जी को भी विजय बनाना है। देवाश्री जी के साथ मुझे काम करने का सौभाग्य मिला है, मैं इनका समर्पण जानता हूं। मैं इनका सेवा भाव जानता हूं। ऐसे दो उत्तम उम्मीदवार जो आपकी सेवा के लिए समर्पित, जो देश के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित, ऐसे हमारे उम्मीदवार उनको दिया हुआ आपका वोट सीधा- सीधा मोदी को मजबूत करने वाला है। तो आप ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे? गांव- गांव जाएंगे? हर पोलिंग बूथ को जीतेंगे? मेरा एक काम और भी करना है, आप जाएंगे तो आपके मोहल्ले में, आपके इलाके में, छोटे मोटे देवस्थान होंगे परमात्मा की कृपा बनी रहती है। जरा मेरी तरफ से वहां जाकर माथा टेकना और माथा टेकिएगा, मेरे लिए कुछ नहीं मांगना है। मेरे परिवार लिए भी कुछ नहीं मांगना है। विकसित भारत बनाने के लिए आप परमात्मा का आशीर्वाद मांगिएगा और भारत का उज्जवल भविष्य बनाने के लिए आगे आइएगा। मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत बहुत धन्यवाद... जरा ये फोटोग्राफ वो बच्चे और वो फोटो ले लेना वो कब से बेचारा खड़ा है।

थैंक यू भैया... ले लेंगे उसको कलेक्ट कर लीजिए। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ उपर करके भारत माता की... भारत माता की... बहुत-बहुत धन्यवाद

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।