Today, India's image is that of a country which stands firm for its interests, without any fear or pressure: PM Modi at #SthapnaDiwas
Every BJP karyakarta is a representative of the dreams of the country, a representative of the resolve of the country, says PM Modi
‘Parivarwadi’ parties have never allowed the youth of the country to progress: PM Modi at #SthapnaDiwas

भारत माता की जय!

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के इस पुण्य अवसर पर मेरे साथ जुड़े पार्टी के सभी समर्पित कार्यकर्ता साथी, पार्टी के समस्त पदाधिकारीगण, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा जी, देवियों और सज्जनों, आज नवरात्रि की पांचवी तिथि भी है। आज के दिन हम सभी मां स्कंदमाता की पूजा करते हैं। और हम सब ने देखा है मां स्कंदमाता, कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, और अपने दोनों हाथों में कमल का फूल थामे रहती हैं। मेरी प्रार्थना है कि मां स्कंदमाता का आशीर्वाद देशवासियों पर, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कर्मठ कार्यकर्ता पर, प्रत्येक सदस्य पर हमेशा बना रहे। मैं देश और दुनिया भर में फैले, भाजपा के प्रत्येक सदस्य को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, कच्छ से लेकर कोहिमा तक भाजपा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को निरंतर सशक्त कर रही है। श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी, राजमाता सिंधिया जी, कुशाभाऊ ठाकरे, सुंदर सिंह जी भंडारी जैसे अनेक महापुरुष और अनेक विभूतियां, जिन्होंने जनसंघ से लेकर भाजपा तक, इस पार्टी के निर्माण में खुद को खपा दिया, मैं उन सबके चरणों में नमन करता हूँ।

साथियो,
इस बार का स्थापना दिवस तीन और वजहों से बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। पहला कारण है कि इस समय हम देश की आजादी के 75 वर्ष का पर्व मना रहे हैं, आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये प्रेरणा का बहुत बड़ा अवसर है। दूसरा कारण है- तेजी से बदलती हुई वैश्विक परिस्थितियां, बदलता हुआ ग्लोबल ऑर्डर। इसमें भारत के लिए लगातार नई संभावनाएं बन रही हैं। तीसरा कारण भी उतना ही अहम है। कुछ सप्ताह पहले चार राज्यों में भाजपा की डबल इंजन की सरकारें वापस लौटी हैं। तीन दशकों के बाद राज्यसभा में किसी पार्टी के सदस्यों की संख्या 100 तक पहुंची है। यानि वैश्विक दृष्टिकोण से देखें या राष्ट्रीय दृष्टिकोण से, भाजपा का दायित्व, भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता, देश के सपनों का प्रतिनिधि है, देश के संकल्पों का प्रतिनिधि है। इस अमृत काल में भारत की सोच आत्मनिर्भरता की है, लोकल को ग्लोबल बनाने की है, सामाजिक न्याय की है, समरसता की है। इन्हीं संकल्पों को लेकर एक विचार बीज के रूप में हमारी पार्टी की स्थापना हुई थी। इसलिए ये अमृतकाल भाजपा के हर एक कार्यकर्ता के लिए ‘कर्तव्यकाल’ है। हमें देश के संकल्पों के साथ निरंतर जुड़े रहना है, उनके लिए जीना है, उनके लिए जूझना है, देश के लिए खुद को खपा देना है।

साथियों,
एक समय था जब लोगों ने ये मान लिया था कि सरकार किसी की भी आए, लेकिन देश का कुछ हो नहीं पाएगा। निराशा ही निराशा थी, आज देश का एक-एक जन गर्व से ये कह रहा है कि देश बदल रहा है, तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया के सामने एक ऐसा भारत है जो बिना किसी डर या दबाव के अपने हितों के लिए अडिग रहता है। जब पूरी दुनिया दो विरोधी ध्रुवों में बंटी हो, तब भारत को एक ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है जो दृढ़ता के साथ मानवता की बात कर सकता है। हमारी सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम कर रही है। आज देश के पास नीतियाँ भी हैं, नियत भी है। आज देश के पास निर्णयशक्ति भी है, और निश्चयशक्ति भी है। इसीलिए, आज हम लक्ष्य तय कर रहे हैं, उन्हें पूरा भी कर रहे हैं। आपने भी देखा है, कुछ समय पहले ही देश ने 400 billion dollar, यानि तीस लाख करोड़ रुपए के उत्पादों के export का target पूरा किया है। कोरोना के इस समय में इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना, भारत के सामर्थ्य को दिखाता है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई को भारत अपने संसाधनों से लड़ रहा है, लगातार जीतने का प्रयास कर रहा है। आज भारत 180 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज़ देने वाला देश है। आज पूरी दुनिया देख रही है कि इतने मुश्किल समय में भारत 80 करोड़ गरीबों, वंचितों को मुफ्त राशन दे रहा है। 100 साल के इस सबसे ब़ड़े संकट में गरीब को भूखा ना सोना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार करीब-करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बीते वर्षों में देश ने ये देखा कि किस तरह अपने नागरिकों का जीवन आसान बनाना, भाजपा सरकारों की, डबल इंजन की सरकारों की प्राथमिकता रही है। गरीबों को पक्के घर से लेकर, शौचालय के निर्माण तक, आयुष्मान भारत योजना से लेकर उज्जवला तक, हर घर जल से लेकर, हर गरीब को बैंक खाते तक, ऐसे कितने ही काम हुए हैं, जिनकी चर्चा करना मैं शुरू करूं तो शायद कई घंटे निकल जाएंगे। सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ हम सबका विश्वास प्राप्त कर रहे हैं, देश के विकास के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।

साथियों,
आज़ादी के इस अमृत काल में हमने सैचुरेशन यानि जनकल्याण की हर योजना को शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया है, ये संकल्प अपनेआप में बहुत विराट है। सैचुरेशन तक पहुंचने के इस अभियान का मतलब है, भेदभाव की सारी गुंजाइश को खत्म करना, तुष्टीकरण की आशंकाओं को समाप्त करना, स्वार्थ के आधार पर लाभ पहुंचाने की प्रवृत्ति को खत्म करना, और समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचे, ये सुनिश्चित करना। यही तो है सबका साथ-सबका विकास। जब सरकारी मशीनरी का लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचने का हो, तो फिर पक्षपात, भेदभाव, टिक ही नहीं सकता। इसलिए हमारा ये सेवा भाव अभियान, सोशल जस्टिस, सामाजिक न्याय का बहुत बड़ा माध्यम है। भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को ये संदेश लेकर घर-घर जाना है, सबको जागरूक करना है।

साथियों,
हमारे देश में दशकों तक कुछ राजनीतिक दलों ने सिर्फ वोटबैंक की राजनीति की। कुछ लोगों को ही वायदे करो, ज्यादातर लोगों को तरसाकर रखो, भेदभाव-भ्रष्टाचार ये सब वोटबैंक की राजनीति का साइड इफेक्ट था। लेकिन भाजपा ने इस वोटबैंक की राजनीति को ना सिर्फ टक्कर दी है, बल्कि इसके नुकसान, देशवासियों को समझाने में भी सफल रही है। भाजपा की नेक नीयत, नेक इरादों से किए जा रहे कार्य, उसे इसलिए जनता से भरपूर आशीर्वाद मिल रहा हैं।
आज देश में ऐसी सरकार है जिसकी वैचारिक निष्ठा अंत्योदय में है। गरीबों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं के हितों के लिए, उनके उत्थान के लिए काम करना, ये हमारी पार्टी के मूल संस्कार हैं। इसलिए आज दलितों, पिछड़ों, किसानों, नौजवानों के साथ ही जिस तरह महिलाएं भाजपा के पक्ष में मजबूती से खड़ी हुई हैं, वो अपनेआप में एक नए युग की ताकत का प्रतिबिंब है। पिछले कई चुनावों में हमने लगातार देखा है, भाजपा का विजय तिलक करने के लिए सबसे आगे हमारी माताएँ बहनें आती हैं। ये केवल एक चुनावी घटना भर नहीं है। ये एक ऐसा सामाजिक और राष्ट्रीय जागरण है जिसका इतिहास में विश्लेषण किया जाएगा। देश ने महिलाओं को नए अधिकार दिये, सुशासन और कड़े क़ानूनों से उनमें सुरक्षा का भाव पैदा किया। महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता से लेकर उनकी रसोई की चिंता, गैस, बिजली, राशन की चिंता, इनके जरिए देश ने उनका जीवन बदला है। आज देश की नारीशक्ति के भीतर जो आत्मविश्वास पैदा हुआ है, आर्थिक फैसलों में उनकी जो सहभागिता बढ़ी है, वो भारत के भविष्य को दिशा दे रही है। देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, उनकी सक्रियता बढ़े, ये विश्वास बढ़े, ये हमारा बहुत बड़ा दायित्व है।

साथियों,
हमारे लिए राजनीति और राष्ट्रनीति साथ साथ चलते हैं। हम राष्ट्रनीति से राजनीति को अलग करके चलने वाले लोग नहीं हैं लेकिन ये भी सच्चाई है कि अभी भी देश में दो तरह की राजनीति चल रही है। एक राजनीति है परिवारभक्ति की, और दूसरी है राष्ट्रभक्ति की। केंद्रीय स्तर पर, अलग-अलग राज्यों में हमारे यहां कुछ राजनीतिक दल हैं जो सिर्फ और सिर्फ अपने-अपने परिवार के हितों के लिए काम करते हैं। परिवारवादी सरकारों में, परिवार के सदस्यों का स्थानीय निकाय से लेकर संसद तक में दबदबा रहता है। ये लोग भले ही अलग-अलग राज्यों में हों, लेकिन परिवारवाद के तार से जुड़े रहते हैं, एक दूसरे के भ्रष्टाचार को ढककर रखते हैं। बीते दशकों में इस वजह से देश का बहुत नुकसान हुआ है। इन परिवारवादी पार्टियों ने देश के युवाओं को भी कभी आगे नहीं बढ़ने दिया, उनके साथ हमेशा विश्वासघात किया है। और आज हमें गर्व होना चाहिए कि आज भाजपा ही इकलौती पार्टी है जो इस चुनौती से देश को सजग कर रही है, सतर्क कर रही है। पहली बार भाजपा ने ही इसके खिलाफ बोलना शुरू किया और इसे चुनावी मुद्दा भी बनाया। मुझे इस बात का संतोष है कि देश के लोग, देश के युवा अब धीरे-धीरे ये समझने लगे हैं कि किस तरह परिवारवादी पार्टियां, लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन हैं।

साथियों,
लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वाली ये पार्टियां, संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं को भी कुछ नहीं समझतीं। ऐसी पार्टियों से आज भी हमारे कार्यकर्ता अन्याय, अत्याचार और हिंसा के खिलाफ लोकतान्त्रिक मूल्यों के साथ लड़ रहे हैं। इनमें से कई कार्यकर्ताओं को अपना बलिदान तक देना पड़ा है। हम सब उनके परिवारों की पीड़ा में शामिल हैं। मैं सभी कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा, ऐसे राज्यों में लोकतांत्रिक मूल्यों की फिर से स्थापना के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। और ये महासंघर्ष, ये महायज्ञ, तब तक चलेगा, जब तक लोकतंत्र विरोधी ताकतों को हम परास्त नहीं कर देते।

साथियों,
आज पार्टी के स्थापना दिवस पर मेरा एक आग्रह आपसे नमो एप पर कमल पुष्प module से जुड़ने का भी है। जिन अनगिनत लोगों ने पार्टी के लिए, देश के लिए खुद को खपा दिया, ये उनको समर्पित है। कमल पुष्प, एक तरह से, सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का पुष्प है। कमल पुष्प को आप जितनी बार पढ़ेंगे, आपको हर जीवन गाथा, एक से बढ़कर एक जीवन गाथा, उससे एक नई ऊर्जा मिलेगी, मार्गदर्शन मिलेगा।

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PM to release the Autobiography of Former President Shri Ram Nath Kovind on 12 August
August 11, 2026
Title of the Autobiography: “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles”

Prime Minister Shri Narendra Modi will release the autobiography of former President of India, Shri Ram Nath Kovind, titled “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles”, on 12 August, 2026, at 9:30 AM at Vigyan Bhavan, New Delhi. Prime Minister will also address the gathering on the occasion.

The release of the autobiography by the Prime Minister will mark a significant occasion celebrating the life and contributions of one of India’s most distinguished public figures. The autobiography offers a deeply personal account of Shri Ram Nath Kovind’s remarkable life journey, tracing his experiences, struggles and achievements from his early years to his distinguished public life and eventual service as the 14th President of India. The book provides insights into the values, experiences and circumstances that shaped his journey and public service.