Voting turnout in second phase polling in Uttar Pradesh points at BJP returning to power again: PM Modi
This year, Holi will be celebrated on March 10 when we retain power in the state: PM Modi in Kanpur Dehat
Dynasts will again be defeated in UP, says PM Modi while addressing an election rally in Kanpur Dehat

नमस्कार। भारत माता की… भारत माता की…

मैं सोच रहा था, इतने दिनों से आप सब चुनाव अभियान में लगे हैं, लेकिन मैं देख रहा हूं आपकी ऊर्जा भी बढ़ रही है, उत्साह भी बढ़ रहा है। दिसंबर के महीने में मैं कानपुर शहर में मेट्रो का लोकार्पण करने के लिए आया था। और मैंने देखा हजारों-हजार लोग, माताएं-बहनें, मुझे आशीर्वाद देने के लिए आए हुए थे। आज कानपुर देहात भी हम सभी पर ऐसा ही स्नेह दिखा रहा है। आपका ये प्यार ही मुझे निरंतर प्रेरित करता है कि आपके लिए दिन-रात मेहनत करूं, दिन-रात मैं आपके लिए खुद को खपाता रहूं।

साथियों, 

कानपुर, कानपुर देहात, बिठूर की इस पावन धरती में हमें गुरु परंपरा से लेकर आजादी तलक हर प्रकार का जीवन में एक ललक, जोश में कमिटमेंट हमें नजर आता है। आज हमारे साथ जालौन के भी लोग वर्चुअली जुड़े हुए हैं। हाथ से बने रंग-बिरंगे कागज़ों के लिए प्रसिद्ध जालौन की धरती को भी मैं प्रणाम करता हूं! मैं कानपुर देहात का एक और वजह से बहुत आभारी हूं। कानपुर देहात ने अपने सपूत को देश के सर्वोच्च पद पर भेजा है। मैं जब भी राष्ट्रपति जी से मिलने जाता हूं, तो वो मुझसे आप लोगों के बारे में, कानपुर देहात जिले के जीवन के बारे में बात इतनी बातें बताते है इतनी बातें बताते हैं। उनके दिल में आपके लिए जो प्यार है, वो उनकी बातों से आसानी से समझ में आता है। 

साथियों, 

आज उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण और उत्तराखंड में और गोवा में मतदान हो रहा है। मैं सभी मतदाताओं, विशेषकर फर्स्ट टाइम वोटर्स से आग्रह करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट देने का उनका ये पहली बार मौका, उस मौके को  जाने न दें ताकि अपने जीवन में उनको याद रहेगा कि कितनी छोटी उम्र में वोट डाला था। आज उत्तराखंड में भी चुनाव हो रहा है, आज गोवा में भी चुनाव हो रहा है और अब जब गोवा में चुनाव हो रहा है तो मैं देश के मतदाताओं के सामने और विशेषकर जहां चुनाव चल रहा है वहां के मतदाताओं को भी एक बात से अवगत कराना चाहता हूं। मैंने कल गोवा के एक अखबार का इंटरव्यू देखा। देखिये चुनाव गोवा में चल रहा है और टीएमसी ममता बनर्जी की पार्टी उनके एक नेता उसने गोवा में वो चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं और उनको पूछा गया कि यहां आपकी पार्टी का कोई वजूद तो है नहीं, आप यहां चुनाव लड़ने क्यों आए हो, तो उन्होंने क्या जवाब दिया वो जवाब देश के इलेक्शन कमीशन के लिए भी गौर करने जैसा है, हिंदूस्तान के मतदाताओं को भी गौर करने जैसा है और मेरे उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को भी गौर करने जैसा है। बंगाल की टीएमसी पार्टी जो गोवा में चुनाव लड़ने गई है। वो कहती है हमनें तो उस पार्टी से इसलिए गठबंधन किया है क्योंकि हम गोवा में हिंदू वोटों को बांटना चाहते हैं। आप देखिेये ये हिम्मत क्या ये लोकतंत्र है, सेक्यूलरजिज्म है क्या? आप खुलेआम कहें हम हिंदू वोटों को बांटना चाहते हैं तो आप किसके वोट इकट्ठा करना चाहते हो ये भेदभाव, क्या ये भाषा लोकतंत्र की है क्या? मैं गोवा के मतदाताओं को कहना चाहता हूं। ये मौका है इस प्रकार की राजनीति को दफना देने का। 

मेरे प्यारे साथियों,  

उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का जो ट्रेंड आया है और पहले चरण की वोटिंग जो  हुई है, इसने चार बातें बहुत साफ कर दी है। पहला, भाजपा की सरकार, योगी जी की सरकार फिर से आ रही है, जोर-शोर से आ रही है, गाजे-बाजे के साथ आ रही है। दूसरा, हर जाति, हर विरादरी के लोग और हर वर्ग के लोग बिना बंटे गांव हो या शहर बिना बंटे, आज बिना किसी भ्रम में पड़े एकजुट होकर यूपी के तेज विकास के लिए वोटिंग करके पहले फेज में बीजेपी को बहुत आगे बढ़ा दिया है और दूसरा फेज भी बढ़ रहा है। तीसरा, हमारी माताओं-बहनों ने हमारी बेटियों ने बीजेपी की जीत का झंडा खुद उठा लिया है।  माताओं और बहनों ने सुरक्षा के नाम पर, सम्मानपूर्वक जो जिंदगी मिल रही है उसके लिए माताओं और बहनों ने बीजेपी को जिताने का झंडा उठा लिया है। चौथा, ये पहले दो चरण के आधार पर मैं विश्वास से कह रहा हूं। चौथा, मेरी मुस्लिम बहनें, चुपचाप बिना किसी शोर-सराबे के मन बनाकर मोदी को आशीर्वाद देने के लिए घर से निकल रही है। हमारी मुस्लिम महिलाएं, हमारी मुस्लिम बहनें-बेटियां जानती हैं कि जो सुख-दुख में काम आता है वही अपना होता है। इन चार बातों ने इन घोर परिवारवादी लोगों को चारों खाने पर चित्त कर दिया है भाइयों। उनको पराजित कर दिया है। यूपी के लोगों ने इन्हें 2014 में हराया है, सत्रह में फिर से हराया है, उन्नीस में फिर एक बार हराया, और अब बाइस में भी घोर परिवारवादी फिर से हारेंगे। इस बार उत्तर प्रदेश में रंगों वाली होली 10 दिन पहले ही मनाई जाएगी, 10 मार्च को ही जब चुनाव नतीजे आएंगे धूमधाम से रंगों वाली होली शुरू हो जाएगी, भाजपा की प्रचंड जीत की खुशी में मनेगी। हर बार ये लोग चुनाव में आते हैं तो नया पार्टनर लेकर के आते हैं, नया साथी लेकर के आते हैं। नए साथी के कंधों के भरोसे चलने की कोशिश करते हैं। आप ऐसे लोगों पर विश्वास करेंगे। ये हर चुनाव में जिस साथी को लाते हैं उसको भी धक्का मारकर निकाल देते हैं। दूसरे चुनाव में दूसरा साथी लाते हैं तीसरे चुनाव में तीसरा साथी लाते हैं। जो साथी बदलते हैं वो आपका साथ देंगे क्या? वो आपका साथ देंगे क्या? जो चुनाव में साथ जीएंगे साथ मरेंगे के वायदे करते हैं चुनाव समाप्त होते ही लात मार देते हैं वो आपका भला करेंगे क्या? अरे जो अपने साथियों पर भरोसा नहीं करते वो आप पर भरोसा करेंगे क्या? आपका भला करेंगे क्या? आपका साथ देंगे क्या? ऐसे लोगों पर हम भरोसा कर सकते हैं क्या? ऐसे लोगों के साथ हम चल सकते हैं क्या? जो सिर्फ घोर परिवार का भला करना चाहते हैं वो यहां के युवाओं का भला करेंगे क्या? यहां की माताओं-बहनों का भला करेंगे क्या? यहां की बेटियों का भला करेंगे क्या? और इसलिए भाइयों-बहनों मैं आपसे आग्रह करने आया हूं। सारी समस्याओं का समाधान विकास में ही है। हमें विकास के रास्ते पर चलना है। मतदाताओं को गुमराह करते हैं और पराजय के बाद में, हार का ठीकरा, जिसको साथ में ले आए हैं उन्हीं के गले पर मढ़ देते हैं जी। आप देखिए, 10 मार्च के बाद कैसे ये लोग अपने नए साथी को कोसना शुरू करेंगे। दोनों एक-दूसरे को, तू-तू मैं-मैं करेंगे।  

साथियों,

पहले की सरकारों ने यूपी के सामर्थ्य के साथ इंसाफ नहीं किया। उन लोगों ने यूपी को लूटा, दिन रात लूटा और यहां के लोगों को अपराधियों-दंगाइयों-माफियाओं के हवाले कर दिया। ऐसा हुआ था कि नहीं हुआ था? आप ऐसी मुसीबतों में जीते थे कि नहीं जीते थे? असुरक्षा थी कि नहीं थी? इन लोगों ने तरीका ऐसा बनाया था कि परिवार के हर सदस्य को इनके राज करने का तरीका मालूम है न आपको, घोर परिवारवादी जब राज करते थे परिवार के सदस्यों को अलग-अलग इलाका बांट देते थे। भतीजा इस जिसे में से रुपये कमाएगा, भांजा यहां से लूटेगा, बहन उस इलाके की मालिक, चाचा उस इलाके का मालिक। उन्होंने इलाके बांट दिए थे कि नहीं? लूटने के तरीके खोज लिए थे कि नहीं? लोगों का भला करने के लिए नहीं, लूट करने की व्यवस्था बनाई थी कि नहीं बनाई थी? वो आपका एरिया लूट लो। भाइयों-बहनों, इन लोगों का बस चलता तो कानपुर और कानपुर की तरह ही यूपी के और शहरों में एक-एक मोहल्ला, माफियागंज के नाम से बना देंगे। क्या हर शहर में माफियागंज मोहल्ला चाहिए क्या? हर नगर में माफियागंज मोहल्ला चाहिए क्या? इन माफियाओं से मुक्ति चाहिए कि नहीं चाहिए? याद करिए, पहले किस तरह गरीब के, मध्यम वर्ग के, व्यापारी-कारोबारी के घरों पर, जमीनों पर अवैध कब्जा हो जाता था। योगी जी की सरकार ने इन भूमाफियाओं पर ऐसी सख्ती दिखाई है ऐसी सख्ती दिखाई कि उनकी माफियागिरी आखिरी सांसे गिन रही है। अगर उनको सपा जैसा डॉक्टर मिल गया, तो फिर से सांसें दौड़ने लग जाएगी। अब ये परिवारवादी इन माफियाओं को नई ताकत देने का बहाना ढूंढ रहे हैं। इसलिए उनको सरकार चाहिए। आपने देखा कि बीते कुछ दिनों में कितने ही वीडियो निकले, आपने देखा होगा वो वीडियो! इनके गुंडों ने, उनकी जो वीडियो आई है, उन्होंने पत्रकारों को भी छोड़ा नहीं है, भाइयों-बहनो, पत्रकारों को भी बुरी तरह से पीटा है क्योंकि उन पत्रकारों ने सच्च दिखाने की हिम्मत दिखाई है। यूपी के लोगों को इनसे सतर्क रहना है, इन लोगों को सरकार में लौटने नहीं देना है।

भाइयों और बहनों, 

गरीब का कल्याण, उसका सशक्तिकरण भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आप याद करिए, 2017 से पहले जब इन घोर परिवारवादियों की सरकारें थीं, तब आए दिन यूपी में राशन घोटाले की खबरें आती थीं कि नहीं आती थी? राशन घोटाला होता था कि नहीं होता था?। गरीब का राशन मार लिया जाता था कि नहीं मार लिया जाता था?  इन लोगों ने लाखों फर्ज़ी राशन कार्ड बनाकर, राशन माफिया का दानव ऐसा पैदा कर दिया था, जो गरीब को भूखे रहने को मजबूर करता था। डबल इंजन सरकार ने फर्ज़ी राशन कार्डों के इस खेल को खत्म कर दिया। आज यूपी के करोड़ों नागरिकों को मुफ्त राशन का डबल बेनिफिट मिल रहा है, पूरा बेनिफिट मिल रहा है। यही कारण है कि 100 साल के बाद इतने बड़े संकट में, इतनी बड़ी दुनिया की इतनी बड़ी महामारी में भी गरीब का चूल्हा जलता रहा। और मेरी माताओं-बहनों अगर संकट आ भी गए हैं, ये मोदी है मेरी गरीब मां-बहन का चूल्हा कभी बुझने नहीं देगा। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना भी उनकी मदद कर रही है। अगर यूपी का कोई परिवार, किसी दूसरे राज्य में जाए, अगर उत्तर प्रदेश से मानो गुजरात चला गया, महाराष्ट्र चला गया, कर्नाटक चला गया, पंजाब चला गया तो उसको अब, उसके राशन कार्ड भले ही यूपी का होगा उसको पंजाब में भी राशन मिलेगा महाराष्ट्र में भी राशन मिलेगा और मुंबई में भी मिलेगा। एक राज्य से दूसरे राज्य जाएगा गरीब आदमी भूखआ नहीं मरेगा। 

भाइयों और बहनों,

डबल इंजन की सरकार का काम कैसा होता है, ये गरीबों के पक्के आवास की योजना में भी दिखता है। पहले की सरकार ने पूरे कार्यकाल में, गरीबों के लिए घर बनाने में कितनी उदासीनता रखी। मुझे बताइए…भारत सरकार पैसे भेजे, गरीब को घर चाहिए, मोदी घर बनाना चाहता है, लेकिन 2014 में यहां ऐसी सरकार थी वो गरीबों के लिए घर बनाने के लिए तैयार नहीं थीं। योगी जी की सरकार बनने के बाद काम हुआ और मुझे खुशी है कि हम जो पैसा दिल्ली से भेजा, पाई-पाई का उपयोग हुआ और उत्तर प्रदेश में 34 लाख, आंक़ड़ा सुन लीजिए भैय्या  34 लाख पक्के घर गरीब को बना के दिए गए। 34 लाख, कितने.. कितने भइया… कितने… 34 लाख, और आज एक घर की कीमत कितनी होती है, लाखों में होती है कि नहीं होती है? इसका मतलब उत्तर प्रदेश में 34 लाख गरीब जिनको घर मिला वे लखपति हुए कि नहीं हुए? मोदी ने आकर के 34 लाख गरीबों को लखपति बनाया कि नहीं बनाया? योगी जी ने लखपति बनाया कि नहीं बनाया? इसमें से भी 13 लाख घर, हमारे दलित भाई-बहनों को मिले हैं, भाइयों कोई भेदभाव नहीं। 

भाइयों बहनों, 

घोर परिवारवादियों ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं की कभी इज्जत नहीं की, कभी उनका दुख-दर्द नहीं समझा। किसी भी मजहब की महिलाएं हों, किसी भी पंथ की बेटियां हों, हमारी सरकार बिना भेदभाव, उनके हितों की रक्षा में जुटी है। जनधन बैंक खाते खुले, सबसे ज्यादा लाभ बेटियों को हुआ। मुद्रा योजना हो, सबसे अधिक लोन बेटियों को मिले। स्वयं सहायता समूहों को बिना गारंटी ज्यादा पैसा देना हो, सबसे अधिक लाभ हमारी मां-बहन-बेटियों को मिला। नल से जल हो, बेटियों की सुविधा सबसे अधिक बढ़ी। घर-घर शौचालय बने, इज्जत घर बने, तो बहनों-बेटियों को अपमान से, पीड़ा से मुक्ति दिलाने का काम भी मोदी और योगी सरकार ने किया। जिस पीएम आवास योजना के बारे में मैंने अभी बताया, उसमें जो घर दिए जा रहे हैं, उसमें से ज्यादातर महिलाओं के ही नाम हैं। और सबसे बड़ी बात, योगी जी सरकार की सख्ती से मनचलों, गुंडों, दबंगों, दंगाइयों में जो डर पैदा हुआ है, वो हमारी बहन-बेटियों के हौसलों को बुलंद करने में बहुत उपयोगी है। और इसलिए यूपी की हर बहन-बेटी कह रही है कि यूपी के लिए योगी उपयोगी हैं ! और साथियों, महिलाओं के लिए जो काम हमारी सरकार ने किया है, उसकी बहुत बड़ी लाभार्थी मुस्लिम बहनें-बेटियां भी हैं। हमारी मुस्लिम बेटियों को भी पढ़ाई के लिए जाते समय रास्ते के मनचलों की वजह से बहुत दिक्कत होती थी। जब यूपी में अपराधी कंट्रोल में आए, तो इसका लाभ मुस्लिम बहनों-बेटियों को भी मिला। मुझे खुशी है कि पिछले पांच-सात सालों में स्कूल में, कॉलेजों में मुस्लिम बेटियों की संख्या भी बढ़ रही है। मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि कैसे अपनी मुस्लिम बहनों-बेटियों के जीवन को आसान बना सकूं। आप कल्पना कर सकते हैं, आप जरा कल्पना करिए, हर पुरुष कल्पना करे, मैं जो बात बताता हूं, मुसलमान पुरुषों से भी कहता हूं आप जरा कल्पना कीजिए, मायके से अगर औरत खाली हाथ लौटती है तो फटाक से तीन तलाक दे दिया जाए, ससुराल से पत्नी बाइक लेकर के नहीं आई तो तीन तलाक दे दी जाए, ससुराल से अपनी पत्नी सोने की चेन लेकर के नहीं आई तो तीन तलाक दे दो, घड़ी नहीं आई तीन तलाक दे दो, मोबाइल मंगवाया, मोबाइल नहीं आया तीन तलाक दे दो। कोई भी छोटी सी बात पर तलाक-तलाक-तलाक कहकर मुस्लिम महिलाओं का पूरा जीवन बर्बाद हो जाता था। और सिर्फ उस मुस्लिम महिला का ही नहीं, आप उस बेटी के पिता का दर्द समझिए उस बेटी की मां का दर्द समझिए। जब बेटी वापस चली आए तो उनके मन पर कितनी गुजरती होगी, वो हमेशा इस डर में जीती थी कि कहीं बेटी का तीन तलाक ना हो जाए।

साथियों,

आज देश की हर मुस्लिम बहन-बेटी के पास तीन तलाक के खिलाफ कानून की सुरक्षा हमने दी है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि तीन तलाक का कानून बनने के बाद, यूपी की हजारों बेटियों का घर टूटने से बचा है, तबाह होने से बचा है। मेरी बहन-बेटियां बच गई हैं और उनके मायके वाले भी बच गए हैं। घोर परिवारवादियों ने किसानों और खासकर छोटे किसानों को भी हमेशा धोखा ही दिया है। ऐसे छोटे किसानों की चिंता पूरे देश में सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर रही है। हमने छोटे किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि शुरू की, उसके बैंक खाते में सीधे पैसा भेजना शुरू किया। हमने फसल बीमा के नियमों में बदलाव किया, उनके लिए विशेष पेंशन योजना शुरू की। हम किसान क्रेडिट कार्ड के दायरों को बढ़ाकर के पशुपालकों को और मछली पालन करने वालों को हमने किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिया। हम उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर का भी तेज़ी से विस्तार कर रहे हैं। ये डेयरी प्लांट अपनी बिजली की ज़रूरत गोबर से बनी बायोगैस से पूरी कर सकें, इसकी भी व्यवस्था की जा रही है। इससे किसान को आय का एक और अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और दूध ना देने वाले पशुओं का उनको गोबर बेचकर के कमाई का एक नया विकल्प हम पूरे उत्तर प्रदेश में देने जा रहे हैं। पशु भी किसान को पशुपालक को आय कराएगा। योगी जी की सरकार पहले ही ऐसे बेसहारा पशुओं के लिए गोशालाओं के निर्माण पर पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। 10 मार्च को दोबारा सरकार बनने के बाद इस अभियान को और गति दी जाएगी ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।

भाइयों और बहनों,  

गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार बायोफ्यूल के इस्तेमाल को भी लगातार बढ़ा रही है। यूपी के किसानों को हज़ारों सोलर पंप हम मुहैया करा रहे हैं। जब खेत में ही सोलर पावर से बिजली पैदा होगी, तो आप अंदाज कर सकते हैं कि किसान का कितना लाभ होने वाला है कितना पैसा बचने वाला है। हमारी कोशिश है, हमारा अन्नदाता ऊर्जा दाता भी बने इसके लिए हम काम कर रहे हैं। इस बार  भाजपा ने संकल्प पत्र जारी किया है, उसमें भी बिजली से लेकर खेती किसानी से जुड़े बड़े संकल्प लिए गए हैं। 10 मार्च को सरकार बनने के बाद इन संकल्पों पर तेजी से काम किया जाएगा। भाजपा सरकार गंगा जी के किनारे बसे गांवों में प्राकृतिक खेती, केमिकल फ्री खेती को भी प्रोत्साहन  दे रही है।

भाइयों और बहनों, 

आज भाजपा की डबल इंजन की सरकार, यूपी को आधुनिक सुविधाएं देने में भी जी जान से जुटी हुई है। आप सोचिए, अगर इनकी सरकार होती तो यहां से गुजरने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इतनी तेजी से आगे बढ़ता क्या? अगर इनकी सरकार होती तो क्या पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर इतनी तेज़ी से काम कर पाता क्या? कोरोना काल में भी कानपुर मेट्रो पर जितनी तेजी से काम किया गया, ये आपने भी देखा है। इनके रहते क्य़ा यहां डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण संभव हो पाते? इन लोगों ने जो फिरौती का, गुंडागर्दी का, कर्फ्यू का माहौल यहां बनाया था, दंगों का माहौल बनाया था उसमें कौन यहां निवेश करने आता ?

साथियों, 

माफियावादियों ने कानपुर के उद्योगों को तालाबंदी की तरफ धकेला, डबल इंजन सरकार कानपुर में मेगा लेदर पार्क बना रही है। जो पहले सरकारों में थे इन्होंने विदेशी आयात को प्राथमिकता देकर जालौन के कागज़ उद्योग को भी बर्बाद कर दिया था। लेकिन योगी जी की सरकार ने कागज़ उद्योग के साथ-साथ जालौन के मटर को भी वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कदम उठाए है। आज जब मोदी देश में वोकल फॉर लोकल, लोकल के लिए वोकल होने की अपील करता है, तो उसके पीछे आप जिस उद्योगों से जुड़े हैं आपके उद्योगों को ताकत देने का हम काम कर रहे हैं, कुटीर उद्योगों का समर्थ बनाने का काम हम कर रहे हैं। सबका साथ-सबका विकास यही हमारा मंत्र है, यही हमारा संकल्प है। लेकिन इसके लिए सबका प्रयास भी आवश्यक है, आपके एक एक वोट का योगदान बहुत आवश्यक है। इसलिए याद रखिए, भाइयों-बहनों आज इस सभा के बाद आप घर-घर जाएंगे… आप इस सभा के बाद घर-घर जाएंगे… घर-घऱ जाएंगे… घर-घर जाएंगे… हर परिवार को मतदान के लिए समझाएंगे… ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे….भाजपा के कमल पर वोट डलवाएंगे। योगी जी की सरकार बनाएंगे… पक्का करेंगे…कमल निशान… कमल निशान… कमल निशान… ये घर-घऱ पहुचाएंगे… पहले मतदान, फिर जलपान, और कोई काम पहले नहीं करेंगे पहले मतदान करेंगे… आप सबका बहुत-बहुत आभार, बहुत-बहुत धन्यवाद…

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Text of of PM Modi’s speech at public rally in Guwahati, Assam
February 14, 2026
This year’s Budget places strong emphasis on making the North East economically self-reliant: PM Modi in Assam
Assam will continue to move ahead on the path of peace, security and rapid development: PM Modi
The Congress, frustrated after being out of power for ten years, wants to push Assam back into instability: PM’s strong jibe at the opposition
In 70 years of Congress rule, only 3 bridges were built over the Brahmaputra; in the last 10 to 11 years, BJP NDA has completed 5 major bridges: PM in Assam rally

होकोलुके नमोस्कार जोनाइशु….

की खोबोर आपुनलुकोर?…

भाले आसे?…

जॉय आई अहोम..

जॉय आई अहोम…

जॉय आई अहोम !

मैं असम भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का हृदय से बहुत-बहुत अभिवादन करता हूं अभिनंदन करता हूं। बड़ी-बड़ी आमसभाएं करने का तो बहुत अवसर मिलता है, जनता-जनार्दन का दर्शन करना उन्हें संबोधित करना, ये लगातार चलता रहता है। लेकिन असम के बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं का दर्शन करना, ये मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। आज भारतीय जनता पार्टी जहां पहुंची है उसका श्रेय उसकी क्रेडिट अगर किसी को मिलती है तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को मिलती है। हमारा विश्वास संगठन में है। हम राष्ट्र जीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं और इसलिए इतनी बड़ी तादाद में जमीन की जड़ों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं का दर्शन करना ये अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। साथियों हमलोग एक ही मंत्र लेकर जीए हैं। हमलोग एक मंत्र को साकार करने के लिए अपने आप को खपा रहे हैं। और वो मंत्र है भारत माता की जय.. दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे...वंदे ... वंदे...

यहां इस विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में आए हुए भाजपा के हरेक कार्यकर्ता का हृदय से मैं स्वागत करता हूं अभिनंदन करता हूं। भाजपा में रहते हुए आपने मां भारती की सेवा को...जनता की सेवा को अपना धर्म बनाया है। आप सभी भाजपा कार्यकर्ता ही भाजपा की प्राणवायु है ऑक्सीजन है। भाजपा का कार्यकर्ता...परिश्रम की पराकाष्ठा करता है, और उसके कारण भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ती है। साथियों मैं गर्व से कहता हूं अगर मेरा सबसे बड़ा क्वालिफिकेशन है, मेरी सबसे बड़ी गौरवपूर्ण जीवन की बात है वो यही है कि नरेंद्र मोदी भाजपा का कार्यकर्ता है। और एक भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर...मैं असम के अपने सभी कार्यकर्ता और भाइयों और बहनों को और संगठन की शक्ति को सर झुकाकर का नमन करता हूं।

साथियों,

मैं मां आदिशक्ति मां कामाख्या को भी कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं। मां कामाख्या की असम पर, असम वासियों पर बहुत कृपा रही है। उनके आशीर्वाद से असम ने, राष्ट्ररक्षा और देश की स्वतंत्रता, देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने वाली अनेक संतानें दी हैं। ऐसी ही एक महान संतान, कविन्द्र पुरकायस्थ जी को मैं आज प्रणाम करता हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन असम और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। इसी योगदान को नमन करते हुए...बीजेपी-NDA सरकार को उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने का सौभाग्य मिला है। वर्ष 2014 के बाद, नॉर्थ ईस्ट के सवा सौ से अधिक महान व्यक्तित्वों को पदम् पुरस्कार मिले हैं। सवा सौ से अधिक... ये दिखाता है कि असम की धरती का, नॉर्थ ईस्ट की धरती का सामर्थ्य कितना बड़ा है। नॉर्थ ईस्ट का यही सामर्थ्य अब विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है।

साथियों,

कुछ दिन पहले ही, देश का बजट आया है। बजट के बाद, असम का, नॉर्थ ईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है। जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया...हम उस नॉर्थ ईस्ट की भक्ति भाव से सेवा कर रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्टलक्ष्मी है। इस वर्ष का बजट... अष्टलक्ष्मी के लिए बीजेपी-NDA के विजन को और मजबूती देने वाला है। बजट में बहुत अधिक फोकस... नॉर्थ ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। इस साल असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में... लगभग पचास हज़ार करोड़ रुपए मिलने वाले हैं।

साथियों,

कांग्रेस सरकार के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था... वो भी आपको याद रखना है। कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे। अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रुपए मिल रहे हैं। अगर मैं पिछले 11 वर्ष की बात करूं..तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए....केंद्र सरकार से साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। ये आंकड़ा आपको याद रहेगा… मैं जो आंकड़ा बोल रहा हूं वो आपको याद रहेगा आपको… केंद्र सरकार से साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। कितने… कितने.. पीछे से आवाज आनी चाहिए कितने… आप मुझे बताइए...जो कांग्रेस, असम के विकास के लिए पैसे देने से भी बचती हो...वो कांग्रेस क्या असम का विकास कर सकती है? असम का विकास कर सकती है, असम का विकास कर सकती है। आपका भला कर सकती है। … यहां के युवाओं का भला कर सकती है… यहां के किसानों का भला कर सकती है? यहां के गांवों का भला कर सकती है?

साथियों,

इस साल के बजट में...नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूती देने का काम किया गया है। कनेक्टिविटी बढ़ती है, तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इसलिए असम में हाइवे और अन्य रोड प्रोजेक्ट्स के लिए...करीब हज़ारों करोड़ रुपए देना तय हुआ है। बजट में जो घोषणा हुई है, उससे असम में टूरिज्म का भी विस्तार होगा। अभी आपने देखा होगा...परीक्षा पे चर्चा का कार्यक्रम गुवाहाटी में हुआ था। हमने ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर विद्यार्थियों से चर्चा की थी। आने वाले समय में ब्रह्मपुत्र पर ऐसे ही रिवर टूरिज्म को और बढ़ाया जाएगा। मैं ऐसे ही वहां नहीं गया था। मैं देश को बताना चाहता था कि टूरिज्म के लिए इससे बेहतर जगह नहीं है। आओ ये मेरा आसाम है, ये मेरी ब्रह्मपुत्र है, आइए.. इस बार के बजट में, इसके लिए भी व्यवस्था की गई है।

साथियों,

आज के दिन देश की नज़रें असम पर हैं... सबने देखा कि असम का, नॉर्थ ईस्ट का सामर्थ्य क्या है। थोड़ी देर पहले जब मैं वायुसेना के विमान से मोरान के हाईवे पर उतरा... रनवे पर नहीं, हाईवे पर विमान से उतरा, तो एक नया इतिहास बन गया। कभी नॉर्थ ईस्ट का नाम आते ही लोग सोचते थे… अरे यार छोड़ो.. टूटी फूटी सड़कें, कोई ठिकाना नहीं, निकलें तो पता नहीं कब पहुंचेंगे वो भी एक वक्त था, ये भी एक वक्त है। और आज यहां ऐसे हाईवे बनकर तैयार हो रहे हैं.. जहां सिर्फ गाड़ियां ही नहीं चलतीं… बल्कि हवाई जहाज भी लैंड करते हैं।

साथियों,

आप मुझे बता दीजिए आपके हाईवे पर विमान लैंड हो, ये आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ… गर्व हुआ कि नहीं हुआ… तो अब अपना मोबाइल निकालिए और अपना फ्लैश लाइट ऑन कीजिए आपको गर्व हुआ है ना....? मोबाइल फोन निकालिए और फ्लैश लाइट ऑन कीजिए सबके सब दूर-दूर तक ये गर्व का पल है ये असम का बदलता हुआ मिजाज है हाथ बढ़ाकर ऊपर कर के दिखाइए। आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ… गर्व से मन भर गया कि नहीं भर गया बोलिए भारत माता की…

साथियों,

असम का इतना विकास इसलिए हो रहा है... क्योंकि यहां आप सभी की मेहनत से बीजेपी सरकार बनी है... यहां के नागरिकों ने भाजपा पर भरोसा किया है। आपने मेरा बूथ-सबसे मजबूत … मेरा बूथ- सबसे मजबूत, मेरा बूथ- सबसे मजबूत, की भावना से बूथ बूथ जाकर, एक-एक परिवार को मिलकर, एक-एक मतदाता को मिलकर बीजेपी के हर समर्थक को अपने साथ जोड़ा उन्हें उनके वोट की ताकत का परिचय करवाया । और इस प्रयास से ही, असम में बीजेपी की सरकार बनी। असम के इसी आशीर्वाद के कारण, असम के नागरिकों के वोट के कारण.. यहां लाखों गरीबों के घर बने लाखों परिवारों में शौचालय की व्यवस्था हुई। पीने का साफ पानी उनके घर तक पहुंचा। आप मुझे बताइए… गरीबों को घर मिलता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। गरीब के घर टॉयलेट बनता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है… गरीब के घर में पीने का पानी पहुंचता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। इस पुण्य का हकदार कौन है…इस पुण्य का हकदार कौन है… इस पुण्य का हकदार कौन है… इस पुण्य का अधिकार भारतीय जनता पार्टी के बूथ का कार्यकर्ता है। गरीबों को आय़ुष्मान योजना का लाभ मिला, उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास मिला... इसलिए... इस बार भी आपको ऐसे ही अपने बूथ पर एक-एक वोट पर ध्यान रखना है...रखोगे… अब और कुछ मत करो बस पूरी ताकत बूथ पर लगा दो.. आपका बूथ विजयी होगा...तो बीजेपी विजयी होगी कि नहीं होगी। आपको विजय पाना है तो कहां पाना है, बूथ में विजय पाना है।

साथियों,

आज देश को सिर्फ एक और इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप नहीं मिली है... ये इस बात का भी प्रमाण है कि नया भारत, अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह से तैयार हो रहा है। आज का भारत ना सिर्फ अपनी सीमाओं को सशक्त कर रहा है, बल्कि देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब भी देता है। साथियों, आज ही पुलवामा हमले की बरसी है। मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है। और कुछ लोग तो आज भी कांप रहे हैं। अभी आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है। लेकिन साथियों, मैं आपसे जानना चाहता हूं... क्या कभी कांग्रेस से हम देशहित के लिए इतनी हिम्मत के साथ फैसले करने की ताकत थी क्या ? वो कर सकते थे क्या। वो ज्यादा से ज्यादा बयान दे सकते हैं। कुछ नहीं कर सकते। जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो... जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती। इसलिए कांग्रेस ने कभी देश की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी। कांग्रेस की सरकारों के इसी नकारेपन से.... पूरा नॉर्थ ईस्ट, डर और असुरक्षा में जीता था। कांग्रेस ने हमेशा देश को खतरे में डा के रखा। कांग्रेस के समय में जब भी सेना के लिए हथियार खरीदे गए... उसका मतलब होता था- हजारों करोड़ का घोटाला।

साथियों,

आज देश अपनी सेनाओं को मजबूत कर रहा है... भारत अपनी सीमाओं पर शानदार हाईवे, शानदार टनल्स, ऊंचे-ऊंचे ब्रिज, आधुनिक एयरफील्ड्स... ये सब बना रहा है... देश की सुरक्षा बढ़ा रहा है... और इसलिए कांग्रेस बौखलाई हुई है। उनको यही हो रहा है कि मोदी सब कैसे कर लेता है उन बेचारों को नींद नहीं आती… नींद नहीं आती । और जब नींद नहीं आती दो दिन में कुछ भी बोलते रहते हैं। साथियों, आज की कांग्रेस हर उस विचार.. हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है... जो देश का बुरा सोचता है। जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं... जो लोग, नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं... वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं। आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा कराया... अब आज की कांग्रेस... मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस बनकर फिर देश बांटने में जुट गई है। ये एमएमसी है- माओवादी मुस्लिमलीगी कांग्रेस इसलिए आपको कांग्रेस से सावधान रहना है... और असम की जनता को भी सावधान करना है।

साथियों,

यहां जो नौजवान हैं, जो अभी 20-25 वर्ष के हैं... उन्हें कांग्रेस का कुशासन शायद पता नहीं होगा… याद नहीं होगा... कांग्रेस की सरकारें चाहे असम में रही हों या फिर दिल्ली में... उन्होंने असम को अपने हाल पर छोड़ दिया था। आज जब मैं यहाँ ब्रह्मपुत्र के तट पर खड़ा हूं... तो इस महान नदी का ही उदाहरण देता हूं। असम के विकास में... असम के लोगों के जीवन को आसान बनाने में... ब्रह्मपुत्र की बहुत बड़ी भूमिका है। लेकिन कांग्रेस के सत्तर साल के शासन में ब्रह्मपुत्र को पार करना हमेशा बड़ी चुनौती रहा। आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक… और उनके तो प्रधानमंत्री यहां से चुनकर गए थे यानी लगभग सात दशक में कांग्रेस सरकारों ने ब्रह्मपुत्र पर सिर्फ़ तीन पुल बनवाए थे। इतने दशकों में कितने पुल… कितने… आप कल्पना कर सकते हैं कि इतनी विशाल नदी पर, असम की इतनी बड़ी जनसंख्या को जीवन देने वाली नदी पर, सिर्फ तीन पुल बने थे। क्या ऐसी हालत में असम का तेज विकास संभव था ?

मेरे कार्यकर्ता साथियों,

2014 में आपकी मेहनत का परिणाम था कि मुझे भारत सरकार में देश की सेवा का अवसर मिला। उसके 2-3 साल बाद, आप सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां डबल इंजन सरकार बनाई। और इसका नतीजा क्या हुआ? बीते 10-11 वर्षों में... बीजेपी-NDA सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी पर 5 बड़े पुल पूरे कर लिए हैं। ये आंकड़े याद रहेंगे ना? कांग्रेस की 70 साल की सत्ता में, सिर्फ तीन पुल बने थे... लेकिन हमने सिर्फ 10 वर्षों में 5 पुल बनाए हैं... यानि कांग्रेस ने असम को सिर्फ समस्याएं दीं... जबकि बीजेपी ने असम को समाधान दिए हैं।

साथियों,

आज गुवाहाटी के दो हिस्सों को जोड़ने वाले शानदार पुल का भी लोकार्पण हो गया है। इस सेतु का नाम, प्राचीन कामरूप के महाप्रतापी सम्राट... कुमार भास्कर वर्मन जी के नाम पर रखा गया है। ये लोग होते तो अपने परिवार के नाम पर ही चढ़ा देते। यानि ये भास्कर सेतु, असम के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और असम के समृद्ध इतिहास का संगम है। ये इस बात का प्रमाण है... कि बीजेपी तेज़ विकास करती है, और विरासत को भी आगे बढ़ाती है।

साथियों,

इस नए सेतु के बनने से... गुवाहाटी देश का एक बड़ा ग्रोथ सेंटर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा... सिक्स लेन के इस ब्रिज से... नौजवान हो या बुजुर्ग... किसान हो या उद्यमी... सबको फायदा होगा। और मैं आपको एक और बात बता दूं... यहां अभी ऐसे कई सारे पुलों पर काम चल रहा है। जब ये सभी तैयार हो जाएंगे, तो असम और नॉर्थ ईस्ट के विकास को बहुत तेज गति मिलने वाली है।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस के दशकों के कुशासन की सबसे बड़ी वजह रही है- कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति...वोट बैंक पॉलिटिक्स। कांग्रेस ने असम को हमेशा वोट के चश्मे से ही देखा... कांग्रेस ने हर वो काम किया, जिससे तुष्टिकरण को बढ़ावा मिले… और हर वो काम रोका, जिससे असम का विकास हो। कांग्रेस के समय..केंद्र सरकार की योजनाओं को असम तक पहुंचने में भी बरसों लग जाते थे। लेकिन साथियों, बीजेपी ने असम के विकास को, नॉर्थ ईस्ट के विकास को...हमेशा प्राथमिकता दी है। बीते 11 वर्षों में देखिए... जब भी कोई नई शुरुआत देश में हुई, तो तुरंत उसका लाभ नॉर्थ ईस्ट को भी मिला। कोई भी विलंब के बिना मिला। देश में सेमी-हाईस्पीड वंदेभारत ट्रेनें लॉन्च हुई... तो असम और नॉर्थ ईस्ट भी इससे शुरुआत में ही कनेक्ट हो गया। अभी कुछ समय पहले देश की पहली स्लीपर वंदेभारत ट्रेन असम से ही शुरू हुई है। जब देश ने तय किया... कि अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से काम करना है। और असम इस सेक्टर में भी ग्रोथ इंजन बन रहा है... और वो दिन दूर नहीं जब असम की चाय की तरह ही... असम की चाय की तरह ही...असम में बनी चिप्स की भी पूरी दुनिया में चर्चा होगी। चाय से लेकर के चिप्स तक असम की विकास यात्रा दिखाई देती है।

साथियों,

असम का ये प्यार मैं कैसे भूल सकता हूं। लेकिन मैं असम से वादा करता हूं कि आपने जो मुझे प्यार दिया है, उसे ब्याज समेत लौटाउंगा और विकास करके लौटाउंगा। मैं आपको डिजिटल कनेक्टिविटी का भी उदाहरण दूंगा। आप देखिए... कांग्रेस के समय में 3G और 4G टेक्नोलॉजी आई.. .ये टूजी के घोटाले भी आए लेकिन नॉर्थ ईस्ट तक, असम तक उसे तेजी से पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने मेहनत ही नहीं की... और जब भाजपा सरकार में 5G टेक्नॉलॉजी आई तो हमने क्या किया? हमने इस टेक्नॉलजी को पूरे असम में, पूरे नॉर्थ ईस्ट में... गांव गांव तक पहुंचाने के लिए काम किया। इस सैचुरेशन अप्रोच के कारण, आज गुवाहाटी के युवाओं को हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ मिल रहा है। और अब असम में NIC डेटा सेंटर की भी शुरुआत हुई है, ये डेटा सेंटर, यहां के नौजवानों को बहुत बड़ा लाभ देने वाला है।

साथियों,

एक और उदाहरण स्वास्थ्य सेवाओं का भी है। कांग्रेस ने दशकों तक AIIMS के विस्तार पर ध्यान नहीं दिया। जब अटल जी की सरकार बनी तो एम्स की संख्या बढ़ाई गई। इसके बावजूद हालत ये थी कि 2014 में देश में सिर्फ 6 एम्स थे। आपने 2014 में मोदी को देश की सेवा का अवसर दिया... और आज देश में एम्स की संख्या बढ़कर 20 से ज्यादा हो चुकी है। बीजेपी सरकार ने एम्स गुवाहाटी का भी निर्माण किया है। इसके अलावा असम में कई मेडिकल कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल भी खोले गए हैं। और कल ही, हमने पीएम राहत स्कीम को भी मंजूरी दी है... देश के किसी भी हिस्से में, अगर कोई भी व्यक्ति किसी दुर्घटना में घायल होता है... तो केंद्र की सरकार की ओर से, उसका डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में कराया जाएगा। एक्सीडेंट के बाद तुरंत मदद मिलने से जान बच जाती है।

साथियों,

यहां आए भाजपा कार्यकर्ताओं में बड़ी संख्या में मेरे युवा बेटे-बेटियों की है...आप याद रखिए...देश में जब मैनेजमेंट और उच्च शिक्षा की बात होती थी...तो असम और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के पास सिर्फ पलायन का ही विकल्प होता था। लेकिन आज देखिए...IIM पालसबारी का नया कैंपस शुरू हो चुका है। IIT गुवाहाटी का भी आधुनिकीकरण हो रहा है। इसके अलावा असम में IARI की भी स्थापना की गई है। ये संस्थान, असम में नए टेक्नॉलजी लीडर्स को तैयार करेगी।

साथियों,

आज केंद्र की बीजेपी-NDA सरकार...देश के छोटे-छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का जाल बिछा रही है। आज ही, मुझे गुवाहाटी में हंड्रेड, सौ इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने का अवसर मिला है। इस वर्ष के बजट में भी पूर्वोदय स्कीम के तहत चार हज़ार इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा की गई है। इससे आने वाले समय में बहुत बड़ी संख्या में असम को भी इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के साथ एक और बहुत बड़ा अन्याय किया है। कांग्रेस ने असम को अशांत रखा...हिंसा और अलगाव में रखा। आज़ादी के बाद से ही असम, बम-बंदूक, बंद-ब्लॉकेड और कर्फ्यू की चपेट में रहा। और इसकी गुनहगार कांग्रेस ही थी। मुझे याद है जब मैं यहां संगठन का काम करता था तो मैं वापस जाने का भी कार्यक्रम बना के आता था। लेकिन यहा मैं कार्यक्रम नहीं कर पाता था क्यों, क्योंकि कहीं ब्लॉकेड है, कहीं जा नहीं सकते, रास्ते बंद हैं। तो मुझे तो कभी -कभी तो तीन दिन के लिए आया था सात दिन तक वापस नहीं जा पाता था। काम ही नहीं कर पाता था, ये हालत करके रखी थी। लेकिन साथियों भाजपा-एनडीए सरकार, असम में शांति बहाली और तेज विकास का संकल्प लेकर चल रही है। इसलिए जो असम कभी बम धमाकों से गूंजता था...उसी असम में अब शांति की स्थापना हो रही है। जिस असम में हर साल औसतन एक हज़ार से ज़्यादा लोग हिंसा में मारे जाते थे...आज वहां हिंसा की घटनाएं बंद हो रही हैं। पहली बार असम में बोडो, कार्बी, आदिवासी, DNLA, उल्फा ऐसे हर सगंठन से जुड़े साथियों ने बंदूक छोड़कर...देश के संविधान का रास्ता चुना है...शांति और विकास की राह पकड़ी है। लेकिन मेरे कार्यकर्ता साथियों, आपको भूलना नहीं है...10 वर्ष सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हो गई है। उनके टॉप लीडर से नीचे तक उनकी जुबान से जहर ही निकलता है। कांग्रेस असम को फिर से अशांति और अराजकता में झोंकना चाहती है। कांग्रेस...असम को घुसपैठियों के हवाले करना चाहती है। आप इनके दिल्ली के नेताओं को देखिए...यहां जो इनके नेता हैं, उनको देखिए...ये सब घुसपैठियों को बचाने में ही लगे हुए हैं। कांग्रेस, असम की असल पहचान को मिटाना चाहती है।

साथियों,

आने वाले पांच साल असम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान ऐसे अनेक प्रोजेक्ट पूरे होने वाले हैं...जो असम की ग्रोथ को नए पंख लगाएंगे...इसलिए यहां डबल इंजन की बीजेपी सरकार बहुत जरूरी है। इसलिए बीजेपी के हर कार्यकर्ता को याद रखना है... असम के तेज विकास के लिए... आको एबार, बीजेपी सोरकार। असम के युवाओं को रोजगार के लिए... आको एबार,बीजेपी सोरकार। असम की बेटियों को नए अवसरों के लिए... आको एबार,बीजेपी सोरकार। असम की पहचान बचाने के लिए... आको एबार, बीजेपी सोरकार।

साथियों,

आज यहां आप सब का ये जोश देखकर, असम की महाविजय का मेरा विश्वास और मजबूत हो गया है। मुझे पूरा भरोसा है, कि इस बार और बड़े बहुमत से…असम में हमारी सरकार की वापसी होने वाली है। लेकिन साथियों, याद रखिएगा... हमें सिर्फ चुनाव ही नहीं जीतना है, हमें निरंतर असम के लोगों का मन भी जीतना है...उनका दिल भी जीतना है। और इसके लिए असम के एक-एक भाजपा कार्यकर्ता को... एक एक पदाधिकारी को, सभी पदाधिकारी को पूरे परिश्रम से काम करना है। जब तक असम में वोटिंग का काम नहीं होता है। जब तक काउंटिंग नहीं होता है, जब तक भाजपा की नई सरकार की शपथ नहीं होती है तब तक, हमें हर दिन अपने क्षेत्र के हर घर में जाना है।.हर घर में, लोगों को मिलकर उनकी आकांक्षा अपेक्षा सुननी है। लोगों को अपने काम बताने हैं, उनके काम आना है। एक एक पन्ना प्रमुख, एक एक बूथ वर्कर को अगले 2 महीने खूब मेहनत करनी है। अगले 2 महीने एक एक घर में, एक-एक असमिया भाई बहन तक...अपनी सरकार के विजन को पहुंचाना है...

साथियों,

असम में तीसरी बार बीजेपी-एनडीए सरकार...असम के तीन गुना विकास का रास्ता बनाएगी। इसलिए हर एक कार्यकर्ता का एक ही मंत्र होना चाहिए- मेरा बूथ...मेरा बूथ... मेरा बूथ.. सबसे मजबूत...मोर बूथ.. मोर बूथ... मोर बूथ

साथियों,

आप मेरा एक और काम करेंगे...? पक्का करेंगे ?... ये सारी बातें याद रखेंगे? पूरी तरह लागू करेंगे ? एक-एक मतदाता तक पहुंचेंगे? उनको बताना मोदी जी आपके लिए ही जी रहे हैं... बताएंगे? बताएंगे? बोलिए भारत माता की... भारत माता की...भारत माता की... बहुत-बहुत धन्यवाद...