Bihar’s politics has become ‘people-centric’ since the NDA government assumed power in the state and centre: PM Modi in Bhagalpur
While the previous governments ensured proper roads to their own homes, this ‘Chowkidar’ ensured that proper roads reach every village of Bihar: PM Modi
The NDA government is also actively strengthening the silk weaving community of Bhagalpur: Prime Minister Modi

भारत माता की...जय
भारत माता की...जय
भारत माता की...जय

ये जो लड़के वहां चढ़े हैं उनसे मैं प्रार्थना करता हूं आप नीचे आइए। देखिए आपका नुकसान मेरा नुकसान है, प्लीज आप नीचे आजाएं, आपको कुछ भी हो गया तो मुझे बहुत दुख होगा। आप नीचे आइए भईया। अब जगह कम है आपने मुझे देख लिया, बस बहुत हो गया अब नीचे आइए प्लीज। आपने मेरी बात मानी इसलिए मैं आपका बहुत आभारी हूं, अभी एक दो रह गए यहां पर हां, शाबाश, शाबाश।

मंच पर विराजमान बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भाई नीतीश जी, केंद्र में मंत्री परिषद के मेरे साथी श्रीमान रामविलास जी, बिहार के उपमुख्यमंत्री श्रीमान सुशील जी, मंच पर विराजमान सभी सांसदगण, संसद के सभी उम्मीदवार, मंत्री परिषद के सदस्य, सभी वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

दानवीर कर्ण की कर्म भूमि को मैं नमन करता हूं। आपने अपने इस प्रधानसेवक को बीते 5 वर्ष जो विश्वास दिया है, जो स्नेह दिया है, उसने नामुमकिन को भी मुमकिन बना दिया है। इन पांच वर्षों में ऐसे-ऐसे काम हुए हैं, जैसे पहले कोई सोच भी नहीं सकता था।

 

साथियो, 70 साल तक आपने लाल बत्ती के रौब को बढ़ते देखा लेकिन गरीब के घर बत्ती जले, इसकी चिंता पहले किसी ने नहीं की। आज एनडीए की सरकार पूरे देश में कर रही हैं और बिहार में गरीब के घर में भी बत्ती पहुंच गयी है आपके इस चौकीदार ने लाल बत्ती हटाई और गरीबों के घर सफेद बत्ती जलाई है।

बड़े-बड़े फार्म हाउस वाले, महल जैसे बंगले बनाने वाले, नामी-बेनामी संपत्ति खड़ा करने वाले बहुत नेताओं को आपने देखा हैं। उनसे अलग, आपके इस चौकीदार ने आपके चूल्हे-चौके का ध्यान रखा है।
साथियो, गरीब को पक्का मकान, गरीब के घर पर रसोई गैस देने का काम भी पहले नामुमकिन लगता था, इसे मुमकिन बनाने का काम भी इसी प्रधान सेवक ने किया है।

नेताओं को अपने आंगन तक चकाचक सड़क पहुंचाते तो आपने देखा है, बिहार के गांव-गांव तक सड़कें पहुंचाने का बीड़ा इस चौकीदार ने उठाया है। साथियो, बड़े अस्पताल सिर्फ और सिर्फ अमीर की पहुंच में होते थे, ये भी तो हमने बहुत देखा है। लेकिन गरीब भी आयुष्मान हो सकता है उसको भी पांच लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है इससे मुमकिन होते हुए भी अपने देखा है। साथियो, जब मैं आयुष्मान भारत की योजना बना रहा था तब नामदारों की शान और शौकत भी मेरे दिमाग में थी और हमारे गरीब भाई-बहनो का दर्द भी मेरे दिल में था, मुझे अपनी भावनाएं, इसी बिहार का संतान दिनकर जी की पंक्तियों में मिली। दिनकर जी ने लिखा था, रेशमी कलम से भाग्य लेख लिखने वालों, रेशमी कलम से भाग्य लेख लिखने वालों, तुम भी अभाव से कभी ग्रस्त हो, रोये हो? उन्होंने सवाल पूछा हैं तुम भी अभाव से कभी ग्रस्त हो, रोये हो? बीमार किसी बच्चें की दवा जुटाने में, बीमार किसी बच्चें की दवा जुटाने में, तुम भी क्या घर पर पेट बांधकर सोए हो? तुम भी क्या घर पर पेट बांधकर सोए हो? साथियो, इसी दर्द में से आयुष्मान भारत योजना का जन्म हुआ है।

साथियो, किसानों के नाम पर अपने लिए राजनीतिक रास्ते तो बहुतों ने बनाए लेकिन इतने दशकों बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आया। आपके चौकीदार ने बीते 5 वर्षो में इस दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। फसलों के लिए लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य तय करने की मांग बरसों से हो रही थी। ये पूरा करने का काम एनडीए की सरकार ने किया है अब पीएम किसान सम्मान योजना की वजह से बिहार के 1 करोड़ 60 लाख से अधिक किसान परिवारों को साल में 3 बार सीधी मदद मिलनी शुरू हो चुकी है। अब तो हमने संकल्प लिया है, हमारे संकल्प पत्र में घोषित किया है। 23 मई के चुनाव नतीजे के बाद फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी, और जब मोदी सरकार बनेगी तो किसानों के लिए हमने अभी जो पांच एकड़ का नियम बनाया था। उसको भी निकाल देंगे और देश के सभी किसानों को ये लाभ देंगे। इतना ही नहीं छोटे और सीमांत किसानों को यह बहुत बड़ा निर्णय हमने किया है। छोटे और सीमांत किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद नियमित पेंशन का भी हमारा संकल्प है, अब किसान को भी पेंशन मिलेगा।

साथियो, देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा कवच देने वाली सारी योजनाएं इसलिए शुरु कर पाया हूं, क्योंकि आपने मुझे चौकीदारी की जिम्मेदारी दी है। निरंतर मुझे अपना आशीर्वाद, अपना समर्थन दिया है। सुरक्षा चाहे आपके हितों की हो, आपके सम्मान की हो या फिर हमारे देश की सीमाओं की हो, ये सबसे जरूरी है।

भाइयो और बहनो शांति की बात भी वही कर सकता है, जिसकी भुजाओं में दम होता है। आप याद करिए, 2014 से पहले पाकिस्तान का रवैया क्या था? आतंकवादी भी पाकिस्तान भेजता था और फिर हमलों के बाद धमकियां भी पाकिस्तान देता था। कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार सिर्फ और सिर्फ कागजी कार्रवाई में उलझकर ही रह जाती थी, क्या भारत को ऐसे ही रहना चाहिए क्या? क्या भारत को ऐसे ही रहना चाहिए क्या? क्या डर-डर कर जीना ही हमारी नीति होनी चाहिए? क्या देश के वीर सपूतों के हाथ बांध के रखना चाहिए? हमने घर में घुसकर मारा। सही किया की नहीं किया, ठीक किया की नहीं किया आप सहमत है?

भाइयो-बहनो, पुलवामा में यहां का भी मेरा एक वीर बेटा शहीद हुआ था, इसको मैं कैसे भूल सकता हूं। आपका ये चौकीदार आपकी इस भावना को समझता है यही कारण है की जिस बंदिश से बाहर निकलने के लिए 130 करोड़ का देश छटपटा रह था, उस बंदिश को हमने तोड़ दिया। आज पाकिस्तान की स्थिति देखिए। वहां के हुक्मरान हों या फिर आतंक के आका, डर उनके चेहरे पर दिख रहा है। आज वे दुनिया में जा जाकर अपने डर का रोना रो रहे हैं लेकिन दुनिया में कोई आज पाकिस्तान को घास डालने वाला नहीं बचा है।

साथियो, एनडीए सरकार की नीति स्पष्ट है। आतंकवाद से और नक्सलवाद से निपटने के लिए हमारे जवानों को खुली छूट रहेगी और दूसरी तरफ ये महामिलावटी, जो कह रहे हैं कि हमारे जवानों के पास जो विशेष अधिकार है, उसको भी हम हटा देंगे। आप सहमत है इसे? क्या हमारे जवानों को निहत्था कर देना चाहिए? क्या हमारे जवानों को असहाय कर देना चाहिए? इन्हें देश को जवाब देना चाहिए कि वो वीर जवानों के साथ हैं या फिर आतंक फैलाने वालों के साथ? ये महामिलावटी लोग, बिहार की जनता के पास जब वोट मांगने आएं तो आप इनको सवाल जरूर पूछिए आप देश के वीर जवानों के साथ हैं या फिर आतंकवादियों के साथ। पूछोगे, हर कोई पूछेगा? 

भाइयो और बहनो, हम कह रहे हैं कि जम्मू कश्मीर में भी आतंक के अड्डों पर पता लगा देंगे, पाकिस्तान से पैसा लेने वालों को जेल में डालेंगे। वहीं कांग्रेस और उसके साथी कह रहे हैं की पाकिस्तान की भाषा बोलने वालों से आतंकवाद खत्म करने पर बात की जाएगी। आप मुझे बताइए जो पाकिस्तान का सुर अलापते हैं, पाकिस्तान से पैसा लेते हैं उन पर कोई भरोसा कर सकता हैं क्या? भाइयो और बहनो, दरअसल ये लोग खुद डरे हुए हैं, अविश्वास से घिरे हुए हैं और इसीलिए देश को डरा रहे हैं। महामिलावटी नेता, डर फैला रहे हैं की अगर इस बार फिर से मोदी आ गया तो देश में चुनाव ही खत्म हो जाएगा। मिलावटी नेता ये डर भी फैला रहे हैं की अगर मोदी फिर से सत्ता में आ गया तो संवैधानिक संस्थाएं खत्म हो जाएंगी। महामिलावटी डर फैला रहे हैं की मोदी आरक्षण खत्म कर देगा। जबकि आपका यह चौकीदार, बाबा साहेब आंबेडकर की आरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। गरीब की संतान को दस प्रतिशत आरक्षण का जो प्रावधान किया गया है वो बिना किसी का नुकसान किए, बिना किसी को छल किए, बिना किसी का हथियाकर के नहीं किया है। हमने ईमानदारी से, समाज में सद्भावना बनी रहे, कोई तनाव पैदा न हो और हमने रास्ता खोज लिया है।
साथियो, इनका डर और इनकी हार इनकी हताशा का सबूत हैं, इनका डर, इनकी छटपटाहट अस्तित्व बचाने के लिए है। उन्हें डर तो किसी और बात का है लेकिन बताते कुछ और हैं।

साथियो, मोदी जब फिर आएगा तो इनकी भ्रष्टाचार की दुकानें पूरी तरह बंद हो जाएंगी। इनके वंशवादी राजनीति के दिन लद जाएंगे। रक्षा सौदों की इनकी दलाली बंद हो जाएगी, गरीबों के नाम पर इनकी ठगी बंद हो जाएगी। जाति-धर्म की इनकी राजनीति बंद हो जाएगी। इन जमानती नेताओं की सीनाजोरी भी बंद हो जाएगी। टुकड़े-टुकड़े गैंग ही टुकड़े-टुकड़े होकर बिखर जाएंगे।
साथियो, एक तरफ इनका ये डर है और दूसरी तरफ विकास के प्रति हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। 2014 में जब बिहार को पूर्वी भारत को मैं नए भारत की ऊर्जा का केंद्र बनाने की बात करता था तो अक्सर लोग मजाक उड़ाते थे, हैरान हो जाते थे। आप भागलपुर का ही उदाहरण देखिए, प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना की वजह से भागलपुर में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन पर आज काम चल रहा है। अब यहां के घरों में और मेरी माताएं-बहनें जरूर याद रखें, यहां के घरों में पाइप लाइन से सस्ती गैस सीधी घर के चूल्हे तक पहुंचेगी। अब हमारे भागलपुर में गाड़ियां, पेट्रोल–डीजल के बजाय उससे भी सस्ते सीएनजी से चलेंगी।

भाइयो और बहनो, ऐसा ही एक बड़ा काम आप कोलकाता से बनारस तक नदी जलमार्ग के रूप में देख रहे हैं। इससे भागलपुर और बिहार के पास माल ढुलाई के लिए एक सस्ता और सक्षम माध्यम मिल पाया है। ये काम पहले भी हो सकता था, लेकिन सोच नहीं थी, नीयत नहीं थी ऐसे ही गंगा जी की साफ-सफाई को लेकर कांग्रेस के राज में पैसे बहा दिए गए लेकिन गंगा मैया की स्थिति नहीं सुधरी।

हमने बीड़ा उठाया और उसके परिणाम आज नजर आने लगे हैं। याद करिए आपको नवगछिया जाने में कितनी दिक्कत होती थी। अब विक्रमशिला सेतु के बराबर में चार लेन का पुल गंगा जी पर बन रहा है। आपकी सुविधा के लिए यहां की सड़कों के नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर के काम को मजबूत किया जा रहा हैं।

भाइयो और बहनो, भागलपुर के बुनकरों यहां के व्यापारियों की हर समस्याओं का आभास मुझे पूरी तरह है। और नीतीश जी भी इन विषयों को लेकर के हमेशा केंद्र सरकार को दौड़ाते रहते हैं। भागलपुरी सिल्क उद्योग को मजबूत करने के लिए एनडीए की सरकार पूरा प्रयास कर रही है। यहां पर जो मेगा हैंडलूम क्लस्टर बना है उससे यहां के बुनकरों और व्यापारियों की बहुत मदद होने वाली है।

यहां पर जो बुनकर बहनें हैं, आपको पहले धागे सुलझाने में कितनी समस्या आती थी पैरों में, घुटनों में कितना दर्द होता था। अब जो नई बुनियाद रेलिंग मशीन दी जा रही है उनसे बुनकरों को इस कष्ट से मुक्ति मिलेगी आपकी भावनाओं को देखते हुए व्यापारी वर्ग के सुझावों को देखते हुए सरकार ने GST में भी लगातार सुधार किया हैं।
टेक्सटाइल पर GST को भी घटाया गया है, व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए अभी जो हमारा संकल्प पत्र आया है जिसमें हमने घोषणा की है, की हमारा संकल्प अब देश भर के व्यापारियों के लिए एक व्यापार के लिए राष्ट्रीय व्यापारी आयोग हम बनाएंगे। पहली बार देश में व्यापारियों के लिए सोचा गया हैं। सरकार में वापसी के बाद हम GST से जुड़े व्यापारियों के लिए मेरे सभी छोटे–बड़े व्यापारी याद रखें, हमने संकल्प पत्र में कहा है की 23 मई भाजपा फिर एक बार, एनडीए फिर एक बार और नई सरकार बनने के बाद जो व्यापारी GST से जुड़ हैं। उनके 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बिमा और छोटे दुकानदारों को पेंशन की योजना भी शुरू करेंगे। छोटे-छोटे गल्ले वाले होंगे उनके लिए पेंशन लेकर के आएंगे।

साथियो, एनडीए के हर संकल्प को हमें सिद्धि तक पहुंचना है। सबका साथ सबका विकास के लिए आपका वोट एनडीए के मेरे तीनों साथियों को मिलना चाहिए, उम्मीदवारों को जीत कर के भेजना चाहिए। आपका एक-एक वोट इस चौकीदार की ताकत बढ़ाएगा। और भाइयो-बहनो, आप जब तीर निशान पर बटन दबाओगे, आप पक्का मानिए की आप जब तीर निशान पर बटन दबाओगे आपका वोट सीधा -सीधा मोदी के खाते में जाएगा। हम सब चौकीदार मिलकर के देश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। मेरे साथ बोलिए, मैं नारा बुलवाऊंगा आप बोलेंगे चौकीदार...
बोलेंगे पूरी ताकत से बोलेंगे, हर कोई बोलेगा मैं देख रहा हूं। मैं जब आया यहां तो नितीश जी को पूछ रहा था की इतनी दूर-दूर लोग हैं क्या उनको सुनाई देता होगा क्या? उन्होंने कहा सारा प्रबंध किया गया है, मैं तो ये भीड़ देखकर मैं हैरान हो गया। ये उत्साह देख कर के हैरान हूं सामने की इमारतों तक लोग हैं।
भाइयो-बहनो, मैं नारा बुलवाता हूं आप बोलेंगे चौकीदार.. बोलेंगे।

गांव-गांव में चौकीदार। दादा-दादी… चौकीदार। नाना- नानी… चौकीदार। घरों-घरों में चौकीदार। खलिहानों में चौकीदार। बाग-बगीचा, चौकीदार। देश के भीतर चौकीदार। सरहद पर छै- चौकीदार। मुंशी-वकील… चौकीदार।
भारत माता की...जय
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बहुत बहुत धन्यवाद।

 

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.