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The entire world saw recently how the terrorist Masood Azhar has been declared a global terrorist by the UN: PM Modi
The media recently released reports showing how the Congress’ ‘Namdar’ was involved in granting defence deals to his close friends and aides during the UPA’s tenure: PM Modi in Bhadohi
Contrary to the corrupt, self-centred politics of the Congress, the BJP forms a government to serve each and every Indian in whatever way we can: Prime Minister Modi

भारत माता की... जय
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय

चुनाव की गर्मी तो बढ़ती चली जा रही है लेकिन ईश्वर कुछ कृपा कर रहा है, मौसम भी मदद कर रहा है, माहौल भी मदद कर रहा है और आपका मिजाज भी मदद कर रहा है। भदोही, फूलपुर सहित पूर्वांचल के सभी साथियो को मेरा प्रणाम। सेमराध नाथ महादेव, भोले बाबा हरिहर नाथ, सीता माता और गंगा मैया का आशीर्वाद हम सभी पर बना हुआ है। 1857 में इस क्षेत्र में क्रांति का बिगुल बजाने वाले शहीद झूरी सिंह और शहीद शीतल पाल जी को मैं नमन करता हूं।

 भाइयो और बहनो, इन सभी के आशीष से और आपके स्नेह और सामर्थ्य से आज भारत दुनिया के शक्तिशाली देशों में गिना जा रहा है। दुनिया भर में भारत का सम्मान हो रहा है, भारत की बात मानी जा रही है। सऊदी अरब से लेकर संयुक्त अरब अमीरात तक, फिलीस्तीन से लेकर रूस तक, हर देश भारत को अपना सबसे बड़ा सम्मान दे रहा है। जब ये खबर आपके पास आती है, आपको गर्व होता है? आपको गर्व होता है? माथा ऊंचा हो जाता है, सीना चौड़ा हो जाता है? अपने आप भारत मां की जय निकलती है? ये कमाल है हिंदुस्तान का आज। जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई, देखिए दोस्तों ये तो पंडाल और ये सभा, इतनी बड़ी सभा के लिए कोई पंडाल बना ही नहीं सकता है। 20% लोग पंडाल में हैं, 80% लोग पंडाल के बाहर हैं लेकिन परमात्मा ने उनके लिए पंडाल बना दिया है। लेकिन मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कृपा कर के आगे आने की कोशिश मत करें। देखिए आप जहां हैं वहीं खड़े रहिए, अगर आप इसी प्रकार से धक्के लगाते रहोगे तो पूरी सभा धक्के में ही चली जाएगी। आप शांत रहेंगे? देखिए आप पीछे इतने दूर हैं लोग वे शांत खड़े है आप आगे वाले क्यों गड़बड़ कर रहे हो?

भारत माता की… जय
भारत माता की… जय

भाइयो-बहनो, हमारे देश में अगर कोई आतंकी हमला होता है तो आपको दुख होता है? आपको दुख होता है? हमला कश्मीर में हो लेकिन आंसू भदोही में निकलते है कि नहीं निकलते है? हमला कश्मीर में हो लेकिन दिल कन्याकुमारी का रोता है कि नहीं रोता है? हर किसी को दर्द होता है कि नहीं होता है?

भाइयो-बहनो, जब हमारे वीर जवान, उसका शरीर तिरंगे में लिपट करके घर आता है। हर किसी को नहीं लगता हैं की अपने ही परिवार का बेटा गया। लगता है की नहीं लगता है? दुख होता की नहीं होता है? लेकिन जब उसके जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक होता है तो आपको गर्व होता है? हिम्मत आती है? अब सही सरकार है ऐसा लगता है? सरकार सही काम कर रही है ऐसा लग रहा है? जब भारत ने आतंकियों को घर में घुसकर मारा तो आपको गर्व हुआ? आपको गर्व हुआ? आपको गर्व हुआ? आप मुझे बताइए मोदी का रास्ता सही है? मोदी का रास्ता सही है? इसी रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए? देश को सीना तान के खड़ा होना चाहिए?

भाइयो-बहनो, भारत ने अंतरिक्ष में सेटेलाइट को मिसाइल से उड़ा दिया, आपको कैसा लगा? आपको कैसा लगा अच्छा लगा? गर्व हुआ? आपको लगा ये पराक्रम आपने किया है, यही तो देश की ताकत होती है दोस्तों। क्या किसी देश ने हमारे इतने पराक्रम हुए, क्या किसी ने हमारा विरोध किया क्या? हम पर कोई प्रतिबंध लगाए? कोई बैन लगाया ?

साथियो, जब आप सही नीयत से, सही नीति से काम करते हैं, लोगों के हितों को ध्यान में रख के काम करते हैं तो नामुमकिन भी...मुमकिन है, नामुमकिन भी...मुमकिन है, नामुमकिन भी...मुमकिन है। वरना किसने सोचा था की सऊदी अरब में, जहां हमारे लोग मक्का जाते हैं, मक्का-मदीना की यात्रा करते हैं। उस सऊदी अरब में भारत के भी बहुत लोग काम करते हैं लेकिन कभी न कभी कुछ गलत कामों में पकड़े जाते हैं। हमारे देश के 850 लोग सऊदी अरब की जेल में बंद पड़े थे। पिछले दिनों सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस यहां आए थे, मैंने रिक्वेस्ट किया की रमजान का महीना आ रहा है। हमारे 850 लोग सऊदी की जेल में पड़े हैं। आपसे मेरा अनुरोध है की उनको जेल से छोड़ दीजिए ताकि वो रमजान से पहले अपने घर आ जाएं। भाइयो बहनो, उन्होंने मेरी बात मान ली और रमज़ान से पहले लोगों को घर भेजने का काम किया।

भाइयो और बहनो, दो-तीन पहले ही आपने देखा कि दुनिया की सबसे बड़ी संस्था ने भारत में, भारत में सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले गुनहगार मसूद अजहर को आतंकी घोषित किया है। आपको संतोष हुआ? मोदी सही काम कर रहा है? अब पाकिस्तान उसे दावत खिला रहा था उसका हाल क्या होगा? अब यही पाकिस्तान मसूद अजहर पर कार्रवाई करने के लिए उसको मजबूर होना पड़ेगा। ये भारत की बढ़ती ताकत का ही तो असर है लेकिन मैं इन महामिलावटी दलों का, उनका क्या करूं? जो भारत की इस कामयाबी को मानने के लिए ही तैयार नहीं हैं। भाइयो-बहनो, ये महामिलावटी दलों का ये खेल, उसके खिलाफ आपको गुस्सा आता है कि नहीं आता है? गुस्सा आना चाहिए कि नहीं आना चाहिए? ये महामिलावटी कह रहे हैं की देश में चुनाव था, इसलिए मोदी ने मसूद अजहर पर बैन लगवा दिया। हर चीज को चुनाव के चश्मे से देखने की वजह से ही आज कांग्रेस और उसके साथियों की ये हालत हो गई है।

साथियो, अगर आज दुनिया में भारत की गूंज अगर सुनाई दे रही है तो इसके पीछे क्या कारण है? क्या कारण है? क्या कारण है? मोदी कारण नहीं है, इसके पीछे आपके वोट की ताकत है आपके वोट की ताकत। 2014 में आपके दिए एक वोट ने भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाने में बहुत बड़ी मदद की है।
भाइयो-बहनो, भदोही की साख कालीन से है, यहां का हर कालीन कारोबारी साख का मतलब क्या होता है, इसको भली-भांति समझता है। जब साख अच्छी होती है तो बहुत कुछ बहुत आसान हो जाता है। व्यापार हो, कमाई की बात हो, एक्सपोर्ट का कारोबार हो सब कुछ हर बात पर साख का असर पड़ता है। लेकिन साथियो, 2014 से पहले देश से ऐसी सरकार आई और कांग्रेस ने दस साल तक जो सरकार चलाई, उसने देश की साख का ऐसा हाल कर के रखा था, ऐसा हल कर के रखा था की दुनिया हमारी साख मानने को तैयार नहीं थी। याद करिए हजारों, लाखों, करोड़ के घोटाले, भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर बड़े-बड़े आंदोलन, सत्ता के गलियारों में बिचौलियों और दलालों का ही राज चलता था। हर तरफ दलालों की चर्चा रहती थी, भ्रष्टाचार की चर्चा रहती थी, बेईमानी की चर्चा रहती थी, भाई-भतीजावाद की चर्चा रहती थी। आपके ये चौकीदार ने सब कुछ बंद कर दिया।

आप मुझे बताइए आज देश में, आज देश में चर्चा हो रही है तो किस बात की हो रही है? हिंदुस्तान हो, दुनिया हो स्वच्छ भारत की चर्चा करता है। गरीब के लिए शौचालय बने, उसकी चर्चा करता है। गरीब को घर मिला उसकी चर्चा करती है, गरीब के घर में रसोई का चूल्हा पहुंचा गैस का और धुआं गया उसकी चर्चा करता है। भाइयो-बहनो, ये बदलाव है कि नहीं, ये बदलाव है कि नहीं? साथियो, जब सिर्फ अपना और अपने परिवार का नहीं बल्कि देश का विकास करने की इच्छाशक्ति के साथ सरकार चलाई जाती है, तो इसी तरह का परिवर्तन आता है। भाइयो और बहनो, हमारे देश में स्वतंत्रता के बाद की राजनीति में चार अलग तरह के सरकारें चली, दल चले और पॉलिटिकल कल्चर देखा गया। मैं जरा जो बात बता रहा हूं मुझे पक्का विश्वास है मीडिया के लोग आने वाले दिनों में इसकी चर्चा करेंगे। जो बात मैं बताने जा रहा हूं 23 मई को जब चुनाव नतीजे आएंगे तो मेरी इन बातों को दोबारा चर्चा में लाया जाएगा। मुझे पक्का विश्वास है देश ने चार प्रकार के दल, चार प्रकार की राजनीति, चार प्रकार का गवर्नेंस, चार प्रकार का पोलिटिकल कल्चर देखा है वो चार प्रकार कौन हैं? पहला है नामपंथी, दूसरा है वामपंथी, तीसरा है दाम और दमन पंथी और चौथा है जो हम लाए है विकास पंथी। नामपंथी यानी जो सिर्फ अपने वंशवादी नेता का नाम जपते रहते हैं। वामपंथी यानी जो विदेशी विचारधारा को भारत पर थोपने की कोशिश करते हैं। दाम-दमन पंथी यानी जो धन और बाहुबल की ताकत पर सत्ता पर कब्जा करते हैं और विकास पंथी, जिसके लिए सिर्फ और सिर्फ देश के 130 करोड़ नागरिक, उनका कल्याण, उनके विकास यही प्राथमिकता हो, जिसके लिए दल से बड़ा भी देश होता है। 2019 में दिया हुआ आपका वोट देश को समृद्ध, शक्तिशाली बनाने में एक बड़ा कदम होगा। भाइयो और बहनो याद रखिए, कांग्रेस, सपा, बसपा ने हमेशा लोगों को आपस में जात-पात, पंथ के नाम पर भिड़ाया, सिर्फ अपना और अपने परिवार का विकास किया है। इन पार्टियों के जितने भी बड़े चेहरे हैं कुछ दशक पहले उनकी स्थिति क्या थी? याद रखिए आज वो कैसी आलीशान जिंदगी जी रहे हैं ये भी देखते रहिए।

भाइयो-बहनो, आपके सामने ये जीता जागता उदाहरण है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहकर आया हूं और गुजरात जैसे समृद्ध राज्य का मुख्यमंत्री रहकर आया हूं। पांच साल से आपने प्रधान सेवक के रूप में काम करने का मौका दिया है। 18 साल बहुत लंबा समय होता है। इस व्यक्ति के ऊपर एक दाग लगा है क्या? एक दाग लगा है क्या? कहीं मेरे संपत्ति की चर्चा हो रही है क्या? मेरे कोई फार्म हाउस की चर्चा हो रही है क्या? विदेश में मेरे कोई बंगले की चर्चा हो रही है क्या? मैंने अपने परिवार के लिए कुछ किया हो, चर्चा हो रही है क्या? मैंने भाई भतीजे को बड़ा किया ऐसी कोई चर्चा हो रही है क्या? देश को इसके सिवा क्या चाहिए, भाइयो? और इन सब का देख लीजिए, दो साल पांच साल मौका मिल जाता है पूरे रिश्तेदार, उसके रिश्तेदार, उसके रिश्तेदार रातों रात मालामाल हो जाते हैं। ये पैसे गरीबों के होते हैं, ये पैसे ईमानदार लोगों के होते हैं। और इसीलिए भाइयो बहनो, अगर मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता हूं तो मेरे गरीब भाइयों के हक के लिए लड़ता हूं। अगर मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता हूं तो मैं देश के ईमानदारों के सामने एक दीवार बन के उनकी मदद करने के लिए खड़ा होता हूं, भाइयो। आज पूरा देश मोदी को क्यों प्यार करता है, आज धूप में खड़े रह कर के आप मोदी को आशीर्वाद क्यों दे रहे हैं? भाइयो-बहनो, देश जिस ईमानदारी देश की तलाश में था, देश जिस समर्पण की तलाश में था। मोदी ने लोगों की इस भावना को समझा है और उसको जीने के लिए अपना जीवन लगाया है। और इसीलिए भाइयो बहनो, और उनको परेशानी यही है की मोदी को कुछ होता क्यों नहीं है? अरे! मोदी को कुछ नहीं होगा ये 130 करोड़ देशवासी दीवार बन कर खड़े हैं।

भाइयो-बहनो, दो दिन पहले ही मीडिया ने खुलासा किया है कि कैसे कांग्रेस के नामदार ने, ये खेल समझिए दोस्तों ये बड़े चाह से अमेठी और रायबरेली पकड़ के बैठे हैं। कैसे खेल खेले हैं मैं कच्चा चिट्ठा निकालना चाहता हूं। ये कांग्रेस के नामदार ने अपने ही बिजनेस पार्टनर को, अपने ही करीबी दोस्त को रक्षा सौदे दिलवाए। इन नामदारों को कभी ये ध्यान नहीं रहा की कभी गरीबों को घर दिलवा दें। उनके लिए शौचालय बनवा दें, उनके घरों में बिजली कनेक्शन लगवा दें। इन नामदारों ने गरीबों की जरूरतों की कभी परवाह नहीं की लेकिन अपने बिजनेस पार्टनर के लिए लंदन से लेकर दिल्ली तक ये चक्कर काटते रहे, दौड़ते रहे। अब इसलिए ही, उनके अपने क्षेत्र के लोगों ने, उन्होंने वहां से भगाने पर मजबूर कर दिया है।

साथियो, इन महामिलावटी लोगों ने सत्ता को हमेशा अपनी दौलत बढ़ाने का जरिया माना है। जबकि हमारे लिए सत्ता, देश के लोगों की सेवा का माध्यम रही है। भाइयो और बहनो जब इन्हें सत्ता मिलती है, ये उत्तर प्रदेश का एंबुलेंस घोटाला, NRHM घोटाला देते हैं। जब हमें सेवा का मौका मिलता है तो हम आयुष्मान भारत शुरू करते हैं, जन औषधि स्टोर खोलते हैं। जब इन्हें सत्ता मिलती है तो ये शहरों और इलाकों में जाति के हिसाब से बिजली सप्लाई करते हैं भेदभाव करते हैं। जब हमें सेवा का मौका मिलता है तो हम सामान्य नागरिक को 24 घंटे बिजली देने का प्रयास करते हैं। जब इन्हें सत्ता मिलती है, तो ये गरीब को घर देने में भी भेदभाव करते हैं, वोट बैंक का ख्याल रखते हैं। जब हमें सेवा का मौका मिलता है तो हम सबका साथ-सबका विकास, इसी मंत्र को लेकर के चलते हैं, हर बेघर को घर देना यही हमारा मंत्र होता है। जब इन्हें सत्ता मिलती है तो ये कोयला घोटाला कर जाते हैं, जब हमें सेवा का मौका मिलता है तो हम हर गरीब के घर में उज्जवला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन पहुंचाते हैं। जब इन्हें सत्ता मिलती है तो ये चीनी मीलों को भी कौड़ियों के भाव दाम बेचकर करोड़ों रुपए की कमाई कर लेते हैं। जब हमें सेवा का मौका मिलता है तो हम बंद पड़ी चीनी मीलों को फिर से चलवाने का प्रयास करते हैं। जब इन्हें सत्ता मिलती है तो ये भर्तियों में भी घोटाला कर जाते हैं, नौजवानों को धोखा देते हैं। जब हमें सेवा का अवसर मिलता है तो हम ग्रुप सी और ग्रुप डी की नौकरियों में इंटरव्यू खत्म करते हैं, भ्र्ष्टाचार भी खत्म करते हैं,बिचौलिये खत्म करते हैं।

साथियो, जब इन्हें सत्ता मिलती है तो कानून व्यवस्था चौपट हो जाती है, व्यापारी से लेकर दुकानदार तक डर-डर के जीता है, जब हमें सेवा का अवसर मिलता है तो गुंडे और बाहुबली अपनी जमानत रद्द करवा कर खुद जेल में सुरक्षा का माहौल ढूंढ़ते हैं।

भाइयो-बहनो, हमारी सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक के लिए इसी सेवा भाव से काम किया है। हां, आपके इस चौकीदार की वजह से इनके कई तरह के खेल बंद हो गए हैं और इसीलिए ये तिलमिलाए हुए हैं। मेरे खिलाफ कितनी ही तरह की साजिश रच रहे हैं लेकिन जिस पर आपका ये आशीर्वाद हो उसे ये सारे महामिलावटी मिलकर भी कुछ नहीं कर सकते।

साथियो, आज यहां से मैं अपनी मुस्लिम बहनों को और पूरे हिंदुस्तान की मुस्लिम बहनों से एक बात जरूर कहना चाहता हूं। आज दुनिया के अनेक मुस्लिम देशों में तीन तलाक की परंपरा नहीं है। वहां बेटियों को तीन तलाक के नाम पर बर्बाद नहीं किया जाता हैं। मुस्लिम देशों में भी नहीं होता हैं। हम भी भारत की मुस्लिम बहनों को वही अधिकार देना चाहते हैं जो दुनिया के मुस्लिम देशों में बहनों को मिला हुआ हैं। ये अधिकार उनकी भावनाओं, उनकी संस्थाओं के अनुरूप ही देने वाला कानून हम पार्लियामेंट लाए हैं। हम किसी की भी धार्मिक भावना का अनादर नहीं करते, हम सिर्फ भारत के संविधान के अनुसार चलते हैं और भारत का संविधान पुरुष हो, स्त्री हो सब को समान अधिकार देता है। हम महिलाओं को भी समान अधिकार मिले, मानवता पूर्ण न्याय हो इसके लिए काम कर रहे हैं। भाइयो-बहनो, कांग्रेस और उसके साथी ये महामिलावटी लोग, इन बहनों जो तीन तलाक के कारण बर्बाद हुई है, जो नौजवान बेटियां, जो तीन तलाक से कांप रही है उनको डर के साये में जीने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ये तीन तलाक के खिलाफ जो हम कानून लाए हैं उसको रोकने के लिए ये महामिलावटी लोग दिन-रात कोशिश रहे हैं। भाइयो-बहनो, मैं आपको विश्वास देता हूं मैं ऐसे लोगों को सफल नहीं होने दूंगा।

साथियो, ये लोग कितने मौकापरस्त हैं, इस बात को भी हमेशा याद रखिए। भाइयो और बहनो, जब बुआ-बबुआ एक दूसरे के कट्टर दुश्मन थे, तब उसी दौर में इस जिले का नाम संत रविदास नगर रखा गया था। लेकिन बुआ ने, बुआ के बबुआ ने अपने अहंकार में इस जिले के नाम से संत रविदास का नाम हटवा दिया। क्या ये संत रविदास का अपमान नहीं था? अब आज देखिए, बुआ, अपने उसी बबुआ के लिए वोट मांगती रही है।

साथियो, संत रविदास, संत कबीर जैसे हमारे गुरुओं की इस समृद्ध विरासत को भी वही सरकार सम्मान दे सकती है जो भारत की संस्कृति और परंपराओं को सर्वोपरि रखती है। ऐसे ही हमारी एक और समृद्ध विरासत है जिसका विस्तार भदोही सहित इस पूरे क्षेत्र में फैला है। आपके ही प्रयासों से आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा कालीन उत्पादक देश है। हाथ से बने कालीन के मामले में हम दुनिया में टॉप पर हैं। अब दुनिया के आधे बाज़ार पर हमारी हिस्सेदारी हो, इसके लिए हम तमाम बुनकर और व्यापारी साथियों के साथ मिलकर के प्रयास कर रहे हैं। वाराणसी में आधुनिक हस्तकला संकुल और कई जगहों पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर का लाभ भी बुनकरों को मिल रहा है। इसके अलावा भदोही-मिर्जापुर मेगा कार्पेट क्लस्टर में बुनकरों को आधुनिक लूम भी दिए जा रहे हैं। लूम चलाने का कौशल पैदा हो इसके लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। मुझे बताया गया है की यूपी सरकार की एक जनपद एक उत्पाद योजना से भी हमारे भदोई को और इस पूरे क्षेत्र को फायदा मिल रहा है।
साथियो, हमारी हमेशा से सोच रही है की देश में कारोबारियों को आसानी से पैसा मिले, सस्ती दर पर कर्ज मिले, कैश फ्लो बना रहे, मार्केट मिले, अच्छी तकनीक मिले और यह सरकारी दखल बंद हो और इसी सोच के साथ देश में कानूनों का जाल खत्म किया गया है। जीएसटी ने आपको कच्चे-पक्के की मजबूरी से भी मुक्ति दिलाई है। अब आपको हर राज्य में अलग-अलग चुंगी नाके का टैक्स नहीं देना होता। ई-वे बिल से अब आपका सामान आसानी से पूरे देश में जा रहा है। आपके सुझावों को ध्यान में रखते हुए जीएसटी काउंसिल तमाम नियमों को और आसान बना रही है और आगे भी आसान बनाने का काम जारी रहेगा। छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए जीएसटी से छूट की सीमा को दोगुना कर 40 लाख रुपये कर दिया। 1.5 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाली इकाइयां 1% दर से जीएसटी भुगतान की कम्पोजिशन योजना का फायदा उठा रही हैं। हम इस प्रक्रिया को लगातार सरल बना रहे हैं। जीएसटी से जुड़े कारोबारी को लोन के ब्याज में छूट से लेकर एक्सपोर्ट तक में मदद की जा रही है। व्यापारियों के पैसे न फंसे इसके लिए भी व्यवस्था की गई है।

साथियो, 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा, 23 मई शाम तक पता चल जाएगा फिर एक बार.. मोदी सरकार, एक बार.. मोदी सरकार। 23 मई को सरकार में वापसी के बाद हमारी सरकार राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड भी बनाएगी। व्यापारी वर्ग के लिए अब केंद्र में एक अलग विभाग भी बनाया जा रहा है जो आपकी जरूरतों का ध्यान रखेगा।

साथियो, भारत महामिलावट से नहीं नेक नीयत वाली मजबूत सरकार से ही विकास कर सकता है, देश के विकास से जुड़े तमाम संकल्प तभी पूरे होंगे, जब आप सभी भदोही और फूलपुर में कमल के निशान पर बटन दबाएंगे। आपका एक-एक वोट मोदी के खाते में जाएगा। आपका एक-एक वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। लेकिन भाइयो-बहनो, आप देश मजबूत बनाना चाहते हो, देश मजबूत बनाना चाहते हो, देश और मजबूत चाहते हो? तो शुरुआत कहां से होती है, शुरुआत कहां से होती है? शुरुआत होती है मेरा बूथ सबसे मजबूत, मेरा बूथ सबसे मजबूत, मेरा बूथ सबसे मजबूत। घर-घर जाएंगे, मतदाताओं को मिलेंगे, मतदाताओं को मतदान के लिए निकालेंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे, ज्यादा से ज्यादा बहुमत से जिताएंगे, पक्का? मैं तो चाहूंगा की पूरा उत्तर प्रदेश, बनारस से भी ज्यादा लीड से जीते। मुझे ज्यादा खुशी होगी अगर मुझसे भी ज्यादा वोट से मेरे साथी जीतेंगे, मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। ये दिखाओगे कर के। भाइयो-बहनो, हर बूथ में सबसे ज्यादा वोटिंग होना चाहिए। इसी विश्वास के साथ भाइयो-बहनो, आप सभी इतनी मात्रा में आकर, इतनी कड़ी धूप में भी हम सब को आशीर्वाद देने के लिए आए मैं हृदय से आपका धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलें
भरता माता की... जय
भरता माता की... जय
भरता माता की... जय
बहुत-बहुत धन्यवाद।

সেৱা আৰু সমৰ্পণৰ ২০ বছৰক সূচিত কৰা ২০ খন আলোকচিত্ৰ
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Swayampurna Goa is the result of new team spirit of Team Goa: PM Modi
October 23, 2021
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“Apart from Nature and pleasure, Goa also signifies a new model of development, reflection of collective efforts and solidarity for development from Panchayat to Administration”
“Goa has achieved 100% in all major schemes such as ODF, electricity, piped water, ration to poor”
“ Swayampurna Goa is the result of new team spirit of Team Goa”
“Infrastructure being developed in Goa will also help in increasing the income of farmers, livestock farmers and our fishermen”
“States with tourism focus got special attention in vaccination drive and Goa benefited a great deal by that”

आत्मनिर्भर भारताचे सपन, स्वयंपूर्ण गोवा येव-जणे-तल्येन, साकार करपी गोयकारांक येवकार। तुमच्या-सारख्या, धड-पड-करपी, लोकांक लागून, गोंय राज्याचो गरजो, गोयांतच भागपाक सुरू जाल्यात, ही खोशयेची गजाल आसा।

जब सरकार का साथ और जनता का परिश्रम मिलता है तो कैसे परिवर्तन आता है, कैसे आत्मविश्वास आता है, ये हम सभी ने स्वयंपूर्ण गोवा के लाभार्थियों से चर्चा के दरमियान अनुभव किया। गोवा को इस सार्थक परिवर्तन की राह दिखाने वाले लोकप्रिय और ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे वरिष्ठ सहयोगी श्रीपद नाइक जी, गोवा के डिप्टी सीएम श्री मनोहर अझगांवकर जी, डिप्टी सीएम श्री चंद्रकांत केवलेकर जी, राज्य सरकार के अन्य मंत्री, सांसद, विधायक, लोकल बॉडीज के सभी प्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य, पंचायत सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे गोवा के भाइयों और बहनों !!

कहा जाता है, गोवा यानि आनंद, गोवा यानि प्रकृति, गोवा यानि टूरिज्म। लेकिन आज मैं ये भी कहूंगा- गोवा यानि विकास का नया मॉडल। गोवा यानि सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब। गोवा यानि पंचायत से लेकर प्रशासन तक विकास के लिए एकजुटता।

साथियों,

बीते वर्षों में देश ने अभावों से निकलकर आवश्यकताओं-आकांक्षाओं की पूर्ति को अपना ध्येय बनाया है। जिन मूलभूत सुविधाओं से देश के नागरिक दशकों से वंचित थे, वो सुविधाएं देशवासियों को देने पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस बार 15 अगस्त को मैंने लाल किले से भी कहा था, कि हमें अब इन योजनाओं को सेचुरेशन यानि शत-प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचाना है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रमोद सावंत जी और उनकी टीम के नेतृत्व में गोवा अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भारत ने खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य रखा। गोवा ने शत-प्रतिशत ये लक्ष्य हासिल किया। देश ने हर घर को बिजली कनेक्शन का लक्ष्य रखा। गोवा ने इसे भी शत-प्रतिशत हासिल किया। हर घर जल अभियान में गोवा सबसे पहले शत-प्रतिशत! गरीबों को मुफ्त राशन देने के मामले में गोवा शत-प्रतिशत!

साथियों,

दो दिन पहले भारत ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ देने के इस विराट पड़ाव को पार किया है। इसमें भी गोवा पहली डोज़ के मामले में शत-प्रतिशत हो चुका है। गोवा अब दूसरी डोज़ लगाने के लिए शत-प्रतिशत टारगेट को हासिल करने में पूरी ताकत लगा रहा है।

भाइयों और बहनों,

मुझे इस बात की खुशी है कि महिलाओं की सुविधा और सम्मान के लिए जो योजनाएं केंद्र सरकार ने बनाई हैं, उनको गोवा सफलता से जमीन पर उतार भी रहा है और उनको विस्तार भी दे रहा है। चाहे टॉयलेट्स हों, उज्जवला गैस कनेक्शन हों या फिर जनधन बैंक अकाउंट हों, गोवा ने महिलाओं को ये सुविधाएं देने में बेहतरीन काम किया है। इसी वजह से कोरोना लॉकडाउन के दौरान हज़ारों बहनों को मुफ्त गैस सिलेंडर मिले, उनके बैंक अकाउंट में पैसे जमा हो सके। घर-घर नल से जल पहुंचाकर भी गोवा सरकार ने बहनों को बहुत बड़ी सुविधा दी है। अब गोवा सरकार, गृह आधार और दीन दयाल सोशल सिक्योरिटी जैसी योजनाओं से गोवा की बहनों का जीवन और बेहतर बनाने का काम कर रही है।

भाइयों और बहनों,

जब समय मुश्किल होता है, चैलेंज सामने होता है, तब ही असली सामर्थ्य का पता चलता है। बीते डेढ़ दो वर्षों में गोवा के सामने सौ साल की सबसे बड़ी महामारी तो आई ही, गोवा ने भीषण साइक्लोन और बाढ़ की विभीषिका को भी झेला। मुझे एहसास है कि गोवा के टूरिज्म सेक्टर को इससे कितनी मुश्किलें आईं। लेकिन इन चुनौतियों के बीच गोवा की सरकार, केंद्र सरकार, डबल ताकत से गोवा के लोगों को राहत पहुंचाने में जुटी रहीं। हमने गोवा में विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया। मैं प्रमोद जी और उनकी पूरी टीम को बधाई दूंगा कि उन्होंने स्वयंपूर्ण गोवा अभियान को गोवा के विकास का आधार बनाया है। अब इस मिशन को और तेज़ करने के लिए 'सरकार तुमच्यादारी' का बड़ा कदम भी उठाया गया है।

साथियों,

ये प्रो पीपल, प्रोएक्टिव गवर्नेंस की उसी भावना का विस्तार है, जिस पर बीते 7 वर्षों से देश आगे बढ़ रहा है। ऐसी गवर्नेंस जहां सरकार खुद नागरिक के पास जाती है और उसकी समस्याओं का समाधान करती है। गोवा ने तो गांव के स्तर पर, पंचायत के स्तर पर, जिला स्तर पर एक अच्छा मॉडल विकसित कर लिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार केंद्र के अनेक अभियानों में अब तक गोवा शत-प्रतिशत सफल हुआ है, बाकी लक्ष्यों को भी सबके प्रयास से आप जल्द ही हासिल कर लेंगे ये मुझे पक्‍का विश्‍वास है।

साथियों,

मैं गोवा की बात करूं और फुटबॉल की बात ना करूं, ऐसा नहीं हो सकता। फुटबाल के लिए गोवा की दीवानगी कुछ अलग है, फुटबॉल का गोवा में क्रेज़ अलग है। फुटबॉल में चाहे डिफेंस हो या फॉरवर्ड, सभी गोल ऑरिएंटेड होते हैं। किसी को गोल बचाना है तो किसी को गोल करना है। अपने-अपने गोल को हासिल करने की ये भावना गोवा में कभी भी कम नहीं थी। लेकिन पहले जो सरकारें रहीं उनमें एक टीम स्पिरिट की, एक पॉजिटिव वातावरण बनाने की कमी थी। लंबे समय तक गोवा में राजनीतिक स्वार्थ, सुशासन पर भारी पड़ता रहा। गोवा में राजनीतिक अस्थिरता ने भी राज्य के विकास को हानि पहुंचाई। लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस अस्थिरता को गोवा की समझदार जनता ने स्थिरता में बदला है। मेरे मित्र स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर जी ने गोवा को तेज़ विकास के जिस विश्वास के साथ आगे बढ़ाया, उसको प्रमोद जी की टीम पूरी ईमानदारी से नई बुलंदियां दे रही है। आज गोवा नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। टीम गोवा की इस नई टीम स्पिरिट का ही परिणाम स्वयंपूर्ण गोवा का संकल्प है।

भाइयों और बहनों,

गोवा के पास एक बहुत समृद्ध ग्रामीण संपदा भी है और एक आकर्षक अर्बन लाइफ भी है। गोवा के पास खेत-खलिहान भी है और ब्लू इकॉनॉमी के विकास की संभावनाएं भी हैं। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए जो कुछ ज़रूरी है, वो गोवा के पास है। इसलिए गोवा का संपूर्ण विकास डबल इंजन की सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार गोवा के ग्रामीण, शहरी और कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दे रही है। गोवा का दूसरा एयरपोर्ट हो, लॉजिस्टिक हब का निर्माण हो, भारत का दूसरा सबसे बड़ा केबल-ब्रिज हो, हज़ारों करोड़ रुपए से नेशनल हाईवे का निर्माण हो, ये सब कुछ गोवा की नेशनल और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को नए आयाम देने वाले हैं।

भाइयों और बहनों,

गोवा में विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर किसानों, पशुपालकों, हमारे मछुआरे साथियों की इनकम को भी बढ़ाने में मददगार होगा। ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर इसके आधुनिकीकरण के लिए इस वर्ष गोवा को मिलने वाले फंड में पहले की तुलना में 5 गुना वृद्धि की गई है। गोवा के Rural Infrastructure के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपए गोवा को आवंटित किए हैं। इससे कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में गोवा में हो रहे काम को नई गति मिलेगी।

साथियों,

किसानों और मछुआरों को बैंक और बाज़ार से जोड़ने के लिए जो योजनाएं केंद्र सरकार ने बनाई हैं, उनको जन-जन तक पहुंचाने में गोवा सरकार जुटी है। गोवा में बहुत बड़ी संख्या छोटे किसानों की है, ये या तो फल-सब्जियों पर निर्भर हैं या फिर मछली के व्यवसाय से जुड़े हैं। इन छोटे किसानों को, पशुपालकों को, मछुआरों को आसान बैंक लोन एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इसी परेशानी को देखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की योजना का विस्तार किया गया है। एक तो छोटे किसानों को मिशन मोड पर केसीसी दिया जा रहा है, दूसरा पशुपालकों और मछुआरों को पहली बार इससे जोड़ा गया है। गोवा में भी बहुत कम समय में सैकड़ों नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं और करोड़ो रुपए की मदद दी गई है। पीएम किसान सम्मान निधि से भी गोवा के किसानों को बहुत बड़ी मदद मिली है। ऐसे ही प्रयासों के कारण अनेक नए साथी भी खेती को अपना रहे हैं। सिर्फ एक वर्ष के भीतर ही गोवा में फल-सब्जियों के उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूध का उत्पादन भी 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है। मुझे बताया गया है कि गोवा सरकार ने भी इस बार किसानों से रिकॉर्ड खरीदी भी की है।

साथियों,

स्वयंपूर्ण गोवा की एक बड़ी ताकत फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री होने वाली है। विशेष रूप से फिश प्रोसेसिंग में गोवा भारत की ताकत बन सकता है। भारत लंबे समय से Raw fish को एक्सपोर्ट करता रहा है। भारत की फिश, पूर्वी एशियाई देशों से प्रोसेस होकर दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचती हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए Fisheries Sector को पहली बार बहुत बड़े स्तर पर मदद दी जा रही है। मछली के व्यापार-कारोबार के लिए अलग मंत्रालय से लेकर मछुआरों की नावों के आधुनिकीकरण तक, हर स्तर पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भी गोवा में हमारे मछुआरों को बहुत मदद मिल रही है।

साथियों,

गोवा का पर्यावरण और गोवा का पर्यटन, इन दोनों का विकास, भारत के विकास से सीधे जुड़ा है। गोवा, भारत के टूरिज्म सेक्टर का एक अहम केंद्र है। तेज़ गति से बढ़ रही भारत की अर्थव्यवस्था में टूर, ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। स्वाभाविक है कि इसमें गोवा की हिस्सेदारी भी काफी अधिक है। बीते कुछ सालों से टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को गति देने के लिए हर प्रकार की मदद दी जा रही है। Visa on Arrival की सुविधा का विस्तार किया गया है। कनेक्टिविटी के अलावा दूसरे टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए बीते सालों में केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपए की मदद गोवा को दी है।

साथियों,

भारत के वैक्सीनेशन अभियान में भी गोवा सहित देश के उन राज्यों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है, जो टूरिज्म के केंद्र हैं। इससे गोवा को भी बहुत लाभ हुआ है। गोवा ने दिन रात प्रयास करके, अपने यहां सभी पात्र लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। अब देश ने भी 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा पार कर लिया है। इससे देश के लोगों में विश्वास बढ़ा है, टूरिस्टों में विश्वास बढ़ा है। अब जब आप दीवाली, क्रिसमस और New Year की तैयारी कर रहे हैं, तो त्योहारों और छुट्टियों के इस सीज़न में गोवा के टूरिज्म सेक्टर में नई ऊर्जा देखने को लेगी। गोवा में स्वदेशी और विदेशी, दोनों पर्यटकों की आवाजाही भी निश्चित तौर पर बढ़ने वाली है। ये गोवा की टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए बहुत शुभ संकेत है।

भाइयों और बहनों,

जब गोवा, विकास की ऐसी हर संभावना का शत-प्रतिशत उपयोग करेगा, तभी गोवा स्वयंपूर्ण बनेगा। स्वयंपूर्ण गोवा, सामान्य जन की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को साकार करने का संकल्प है। स्वयंपूर्ण गोवा, माताओं, बहनों, बेटियों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का भरोसा है। स्वयंपूर्ण गोवा में, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोज़गार के अवसर हैं। स्वयंपूर्ण गोवा में, गोवा के समृद्ध भविष्य की झलक है। ये सिर्फ 5 महीने या 5 साल का एक प्रोग्राम भर नहीं है, बल्कि ये आने वाले 25 सालों के विजन का पहला पड़ाव है। इस पड़ाव तक पहुंचने के लिए गोवा के एक-एक जन को जुटना है। इसके लिए गोवा को डबल इंजन के विकास की निंरतरता चाहिए। गोवा को अभी जैसी स्पष्ट नीति चाहिए, अभी जैसी स्थिर सरकार चाहिए, अभी जैसा ऊर्जावान नेतृत्व चाहिए। संपूर्ण गोवा के प्रचंड आशीर्वाद से हम स्वयंपूर्ण गोवा के संकल्प को सिद्ध करेंगे, इसी विश्वास के साथ आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद !