भारत माता की...जय
भारत माता की...जय
ऋषि वामदेव की नगरी, प्रभु श्री राम जी की तपो भूमि चित्रकूट और प्रभू कामता नाथ जी को कोटि-कोटि प्रणाम। बांदा सहित पूरे बुंदेलखंड ने 2014 में इतिहास बनाया था, इस बार भी वही जोश वही जज्बा, मैं देख कर के हैरान हूं जी। ये आपका प्यार, आपका आशीर्वाद मैं सर झुका कर के आप सबका नमन करता हूं। जो दिल्ली में एयर कंडीशन कमरों में बैठ कर के बुआ और बबुआ की तस्वीर दिखा कर के हिंदुस्तान को भ्रमित कर रहे हैं लेकिन दिल्ली के एयर कंडीशन कमरों में बैठे हुए लोगों को पता नहीं है की जनता की असली ताकत क्या होती है?
लेकिन साथियो, 300 सीटों पर वोट पड़ने के बाद जो खबरें आ रही हैं, उससे कुछ लोगों के चेहरे लटक गए हैं। अब इन्होंने फिर से EVM का राग छेड़ दिया है। चुनाव आधा पूरा हुआ है, आधे चुनाव तक वो पूरा समय मोदी को गाली देते रहे लेकिन बात बनी नहीं, तब उन्होंने अपना गाली देने वाला जो तरीका है वो मोदी से हटाकर के EVM पर ले गए हैं। अब आधा चुनाव EVM को गाली देने में निकाल देंगे। आखिर में इनके हाथ में क्या लगेगा भैया इतनी गालियां, इतने झूठे आरोप , इतनी झूठी बातें अब EVM को भी नहीं छोड़ रहे, इनके हाथ क्या लगेगा? इनके हाथ लगेगा 'जीरो बटा सन्नाटा’।

भाइयो और बहनो, सपा और बसपा वाले मेरी जाति का सर्टिफिकेट बांटने में जुटे हैं और कांग्रेस के नामदार, मोदी के बहाने पूरे पिछड़े समाज को ही गाली देने में लगे हैं। इनकी राजनीति का यही सार है। ये जात-पात, पंथ-संप्रदाय उससे आगे सोच ही नहीं सकते हैं। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बात इनके पल्ले नहीं पड़ती है और अगर ये यही करते रहेंगे तो उनकी दुकानों को अलीगढ़ का ताला लगना पक्का है। लेकिन भाइयो और बहनो, जमीन से पूरी तरह कट चुके लोग इस बार अपने ही खेल में फंस गए हैं। इनको पता ही नहीं चला की 21वीं सदी का वोटर ,21वीं सदी का मतदाता, ये नौजवान जिसकी जिन्दगी के सपने सारे अधूरे हैं, जो ख्वाब लेकर चला है, ख्वाहिश ले के बढ़ा है और खपने के लिए तैयार है। 21वीं सदी में जो पैदा हुआ, पूरी 21वीं सदी उसके सामने पड़ी है, वो क्या चाहता है, ये ना नेताओं को समझ आ रहा है, ना पॉलिटिकल पंडितों को समझ आ रहा है।
भाइयो और बहनो, ये जाति के समीकरण बैठाते रहे और हमारे युवा बेटा-बेटी विकास की राजनीति के साथ आज के खड़े हो गए है। मैं मेरे सामने देख रहा हूं 80% नौजवान हैं। और मुझे बताया गया, मैंने कही रिपोर्ट में भी पढ़ा मुझे पढ़ कर के खुशी हुई, मुझे बताया गया की आमतौर पर जो सरकारी मशीनरी होती है वो चुनाव में ये करो, ये ना करो, ढिकना करो, फलाना ना करो इसी में लगी रहती है। मुझे बताया गया की यहां जिले के जो चुनाव के अधिकारी हैं वे 100% वोटिंग के लिए मेहनत कर रहे हैं। ये बहुत अच्छी बात है। मैं उनको बधाई देता हूं और मैं इलेक्शन कमिशन से भी कहूंगा की जो बात मैंने सुनी है अगर वो सही है तो इलेक्शन कमिशन ने किस प्रकार से जन-जागृति कर रहे हैं, मतदाताओं को जागरूक कर रहे हैं। राजनीति से परे होकर के लोकतंत्र की बात कर रहे हैं तो भारत सरकार के इलेक्शन कमिशन ने भी ऐसे मेहनत करने वाले अफसरों की तरफ देखना चाहिए और उसमें से पूरे देश में इस चुनाव में नहीं तो आगे वाले चुनाव में ये क्या तरीका अपनाते हैं? कैसे लोगों को मोबिलाइज किया, ये सारी बाते डॉक्यूमेंट करनी चाहिए। मैं बधाई देता हूं जो मैंने सुना है अगर वो सही है तो।
इस लोकसभा चुनाव में पहली बार वोट डालने जा रहे नौजवान, नए भारत के नए संस्कारों का निर्माण कर रहा है। इसकी वजह है की उस पर अतीत का बोझ नहीं है, उसके पास सिर्फ और सिर्फ भविष्य के सपने हैं।

साथियो, आप मुझे बताइए, हमारे, मैं ये सब से बात करना चाहता हूं, मेरी बात ध्यान से सुनेंगे, ये जो मैं बात कर रहा हूं वो दल की नहीं कर रहा हूं देश की कर रहा हूं, आपको मंजूर है? आप सब हाथ ऊपर कर के बताएं तो बताऊं मैं, वरना कभी-कभी क्या होता है की लगता है जरा चुनाव का इधर-उधर कर दे तो मजा आता है। लेकिन मैं कुछ मूलभूत बात बताने का मैं आपके बीच आया हूं, बुंदेलखंड की इस धरती पे आया हूं तो मेरा मन करता है जिस धरती पे रानी झांसी को हमेशा याद किया जाता है, उस धरती पर दल से ऊपर के देश की बात होनी चाहिए। इसीलिए मेरा मन करता है मैं आपसे देश की बात करूं।
साथियो, आप मुझे बताइए हमारे देश के महान-महान स्वतंत्रता सेनानी, देश के बलिदानी भगत सिंह क्या किसी को मालूम है किस जाति के थे, सुख देव किस जाति के थे, राजगुरु कौन जाति के थे, चंद्रशेखर आजाद किस जाति के थे, रानी लक्ष्मी बाई कौन जाति के थे, नेता जी सुभाष चंद्र बोस कौन जाती से? भाइयो और बहनो, एक भी महापुरुष अपनी जाति से नहीं जाना जाता है। आप मुझे बताइए ये दांडी यात्रा 1930 में हिंदुस्तान की आजादी का एक स्वर्णिम पृष्ठ है।
क्या कभी किसी ने हिसाब लगाया की दांडी यात्रा में गांधी जी के साथ चलने वालों में इस जाति के इतने थे, इस जाति के इतने थे, इस जाति के इतने थे। क्या कभी किसी ने सुना है क्या? सुना है क्या? हर कोई भारतवासी था? था की नहीं था?
अंडमान-निकोबार में काला पानी की सजा काटने के लिए हमारी छोटी-छोटी काल कोठरियों में देश के, भारत मां के वीर सपूतों को बंद कर दिया था अंग्रेज़ो ने। क्या कभी किसी ने सोचा की काला पानी की सजा भुगत कर के मां आजादी की जंजीरों को तोड़ने की तपस्या करने वाले उन वीरों में कौन-किस जाति में पैदा हुआ था, क्या कभी किसी ने चर्चा की?

भाइयो-बहनो, आजादी के आंदोलन में कौन जाति थी कौन जाति नहीं थी, किस जाति के नेता के साथ कौन था ये न कभी किसी न चर्चा की, न ही किसी को पता था। सभी ने एक ही बात कही, भारतीय हो कर एक जुट हो कर अंग्रेजों का मुकाबला किया और भारत को सैकड़ों वर्षों की गुलामी से मुक्त किया। किया की नहीं किया ? आजाद हुआ की नहीं हुआ? सब ने अपने आप को भारतीय कहा की नहीं कहा, हर एक के दिल में मां भारती थी की नहीं थी?
भाइयो-बहनो, उस दौर में सब आजादी के दीवाने थे। सब स्वराज के लिए लड़ रहे थे। अब आज भी आजादी के 70 साल के बाद और जब हम आजादी के 75 साल मनाने वाले हैं, ये चुनाव आजादी के 75 साल के पहले का आखिरी चुनाव है। आजादी के 75 साल मनाने जा रहे तब एक और पढ़ाओ पर हम आए हैं।
जितनी उत्कंठा, जितनी बेचैनी, जितनी छटपटाहट आजादी पाने के लिए थी, आज वही मिजाज विकास के लिए, देश को आगे बढ़ाने के लिए पैदा हुआ है। जाति के बंधनों को तोड़कर देश ने एक बार फिर, स्वराज जैसे हासिल किया था वैसे फिर जाति के बंधनों को तोड़कर देश ने स्वराज हासिल करेगा। आजादी ने स्वराज से दिया ये जागरूकता स्वराज से देने वाली है। लेकिन भाइयो और बहनो नए भारत की इस ऐतिहासिक यात्रा में आपको ऐसे लोगों से, ऐसे राजनीतिक दलों से सतर्क रहना है, जो वापस देश को पुराने दौर में ले जाना चाहते हैं। याद रखिए आजादी के इतने वर्षों बाद जाति-बिरादरी के नाम पर वोट मांगे गए लेकिन फिर क्या हुआ? सत्ता में आते ही बदले की कर्रवाई शुरू हो जाती थी। राजनीति के इस मॉडल ने सिर्फ व्यक्ति-व्यक्ति में ही भेद नहीं किया, क्षेत्रों के आधार पर भी भेद भाव किया। बुंदेलखंड के इस पूरे क्षेत्र को अभाव में रखने का पाप भी इसी सोच के कारण हुआ है ।
साथियो, 2014 में आपने भेद-भाव की इस व्यवस्था को तोड़ा और इस चौकीदार के नेतृत्व में एक मजबूत सरकार बनाई। तभी सबका साथ-सबका विकास संभव हो पा रहा है।

भाइयो और बहनो आज जो गांव-गांव सड़कें बन रही है। वहां हर जाती हर पंथ का साथी जाता है। गांव-गांव घर बिजली पहुंच रही है, वो हर जाती पंथ के लोगों को मिल रही हैं। गैस का सिलिंडर हर जाती हर पंत के गरीब परिवार को मिल रहा है। अपना पक्का घर हर जाती के हर पंथ के गरीब परिवार को दिया जा रहा हैं। हर वर्ष 5 लाख रुपए इलाज के लिए हर जाती पंथ के गरीब परिवार को तय हैं।
साथियो, आपने वो दिन भी देखे हैं जब जमीन कब्जागीरों खुले आम घुमा करते थे। हर खाली प्लाट पर इनकी नजर रहती थी, गरीब कमजोर की जमीन को ये जबरदस्ती छीन लेते थे। चाहे गुंडे हो, चाहे भू माफिया हो योगी जी की सरकार इनसे पूरी सख्ती से निपट रही है।
आपका ये चौकीदार, हमारी सरकार, हमेशा आपकी दिक्कतों को पूरी संवेदनशीलता के साथ दूर करने का प्रयास कर रही हैं।

भाइयो और बहनो, यहां की मेरी बहनों का पानी के लिए संघर्ष, आप सभी की पीड़ा को मैं महसूस करता हूं। मैं खुद इस तरह के अनुभवों के साथ जिया हूं, मैंने बड़ी नजदीकी से इस दर्द को देखा है। उस चुनौती को भी आपके इस चौकीदार ने स्वीकार किया है। जिस तरह बहनों को धुएं से मुक्ति दी, शौचालय से अपमान और पीड़ा से मुक्ति दी, उसी तरह अब बारी पानी की है।
साथियो, एक महीने के बाद 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा, चुनाव के परिणाम आएंगे, शाम तक।
साथियो, 23 मई को जब फिर एक बार मोदी सरकार, फिर एक बार आप मोदी सरकार बनाएंगे तब पानी के लिए मिशन मोड पर काम किया जाएगा। बीते 5 वर्ष गांव-गांव बिजली पहुंचाने के लिए थे। आने वाले 5 वर्ष पानी पहुंचाने के लिए जी जान से जुटेंगे। हमने संकल्प लिया है की पानी के लिए अलग से एक जल-शक्ति मंत्रालय बनाया जाएगा। नदियां हों, समंदर हों, वर्षा का पानी हो, जितने भी संसाधन है, सब जगह से तकनीक का उपयोग करके जरूरतमंद क्षेत्रों में जल पहुंचाया जाएगा।
भाइयो-बहनो, बुंदेलखंड में जो नदियां है उन्हें भी नई धारा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथियो, कुछ महीने पहले ही जब मैं झांसी आया था तब 9 हजार करोड़ रुपए की एक पेय जल की योजना का शिलान्यास भी किया था। जब ये पाइप लाइन परियोजना हो जाएगी तब बुंदेलखंड के लगभग हर जिले को लाभ मिलेगा।
साथियो, पानी आएगा तो खेतों की प्यास भी बुझेगी। ये दुर्भाग्य है की पुरानी सरकारें सिर्फ स्वार्थ की राजनीति में जुटी रहीं, जबकि सिंचाई परियोजनाओं को लटकाती रहीं। आपको हैरानी होगी, सपा-बसपा के सहयोग से चली कांग्रेस सरकार ने देश भर में सैकड़ों सिंचाई परियोजनाओं को लटकाकर रखा था। दशकों से वो किसी न किसी कारण लटकी थी, ऐसी लटकी-भटकी 99 बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने का बीड़ा हमारी सरकार ने उठाया और इनमें से अधिकतर पूरी होने की कगार पे हैं। यहां बाणसागर सिंचाई परियोजना भी दशकों से लटकी हुई थी। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में इसको शामिल किया और पिछले वर्ष ही इसको राष्ट्र को समर्पित किया। आज इलाहाबाद, मिर्जापुर सहित अनेक जिलों की करीब 1.5 लाख हेक्टेयर भूमि तक बाणसागर नहर से पानी पहुंच रहा है।
आप मुझे बताइए साथियो, जो आपकी दिक्कतों को नहीं समझते, जो पानी की सिंचाई की योजनाओं को लटकाते हैं। क्या ऐसे लोगों को माफ किया जा सकता है? ऐसे लोगों को आप सजा देंगे, पक्का सजा देंगे?
भाइयो और बहनो, जनहित के लिए बड़े काम तभी होते हैं जब समर्पण भाव से काम किया जाता है। जब सत्ता भोग के बजाय सेवा भाव से काम होता है, तब ऐसे काम होते हैं। यही कारण है की आजादी के इतिहास में किसानों के लिए पहली बार सीधी मदद की स्कीम मोदी सरकार ने बनाई है। पीएम किसान सम्मान निधि, इसके तहत हर वर्ष देश के करीब 12 करोड़ छोटे सीमांत किसानों को बैंक खाते में पैसे आ रहे हैं। यूपी में 1 करोड़ से अधिक किसानों को पहली किश्त खाते में पहुंच चुकी है। जिनको अभी रुपए नहीं पहुंचे है वो भी मोदी पे भरोसा करें ये पैसे भी पहुंच जाएंगे।
साथियो, ये पैसे आपकी सहायता के लिए हैं, ये पैसे आपके हैं, आपके हक के हैं। ये आपको कभी भी लौटाने नहीं पड़ेंगे बल्कि 23 मई को भाजपा सरकार फिर आएगी तब इस योजना को और विस्तार दिया जाएगा। यूपी के सभी किसानों को चाहे जितनी भी जमीन हो, सब के खाते में सीधे पैसे जमा होंगे। पहले हमने 5 एकड़ तक का नियम बनाया था, फिर एक बार मोदी सरकार बनने के बाद 5 एकड़ का नियम भी हट जाएगा, सबको लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं जो छोटे किसान हैं, जो खेत में काम करने वाले कामगार हैं, जो छोटे दुकानदार हैं। उनके लिए भी पहली बार पेंशन की योजना हम बनाने वाले हैं। 60 साल के बाद उसको हर महीने पेंशन मिले ताकि बुढ़ापे में उसको किसी की तरफ उसको हाथ फैलाने की नौबत न आए, ये हम करने वाले हैं।
साथियो, बुंदेलखंड में खेती के साथ-साथ औद्योगिक विकास हो, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजना से उस पूरे क्षेत्र का भाग्य ही बदलने वाला है। सिर्फ एक्सप्रेसवे ही नहीं बल्कि अब बुंदेलखंड को देश की सुरक्षा और विकास का कॉरिडोर बनाने की तरफ हम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। झांसी से आगरा तक बन रहा डिफेंस कॉरिडोर, भारत में ही सेना के अस्त्र-शस्त्र बनाने के अभियान को मजबूत करेगा। साथ ही बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
साथियो, बुंदेलखंड ने मां भारती के गौरव गान की एक मजबूत परंपरा स्थापित की है आज भी यहां के अनेक सपूत, मां भारती की रक्षा में जुटे हुए हैं। आज मैं अभी हेलीकाप्टर से आया, मुझे ऐसे ही एक वीर जवान को नमस्ते करने का मौका मिला। उनको प्रणाम करने का मौका मिला वो कतार में खड़े थे, वो मेरा स्वागत करने आए थे। आपको पता है जब पार्लियामेंट पर हमला हुआ था तो इसी धरती के उस वीर जवान ने 6 गोलियां झेली थी भाईयो, ऐसी ये धरती है। हमारे सपूत आतंकियों को घर में घुसकर मार रहे हैं। मारना चाहिए की नहीं मारना चाहिए? ठीक किया ना? मोदी सही कर रहा है ना? आप खुश है ना? सचमुच में खुश हैं? दिल से खुश हैं, मोदी सही कर रहा है ना? और ज्यादा करूं? आप मुझे बताइए, आतंकवाद देश से खत्म होना चाहिए की नहीं होना चाहिए?
भाइयो-बहनो आप मुझे बताइए, आज अखबारों में चर्चा में कई लोग नए कपड़े सिलाकर के बैठे हैं, नए-नए कपड़े ला करके बैठे हैं, बढ़िया-बढ़िया फैशन डिजाइनरों से कपड़े बनवाए हैं। जो 8 सीट से लड़ रहे है वो भी सोच रहे हैं की प्रधानमंत्री बनेंगे, जो 20 सीट से लड़ रहे है वो भी सोच रहे है की प्रधानमंत्री बनेंगे। जो 40 सीट से लड़ रहे है वो भी सोच रहे हैं की प्रधानमंत्री बनेंगे। ये जितने चेहरे प्रधानमंत्री के लिए दावा करने वालों के हैं वो चेहरे आपको याद हैं? इनके नाम याद है? अच्छा इसमें एक मेरा नाम भी है। सबसे ज्यादा सीटों पर लड़ने वाली भाजपा मेरा नाम बता रही है और कर्नाटक में 8 सीट लड़ने वाले भी बता रहे है वो प्रधानमंत्री होंगे। इतने चेहरे है दोस्तों अब सब कुछ आपके सामने है। आप ईमानदारी से बताइए सही जवाब देना है झूठा नहीं देना है। सही जवाब देंगे, सही देंगे जवाब? मैं सबको पूछ रहा हूं जो पीछे वाले हैं सही जवाब देंगे? देखिए मोदी को खुश करने के लिए जवाब मत देना, ये मीडिया वालों को खुश करने के लिए जवाब मत देना, जो बोलेंगे सच बोलेंगे। पक्का? आप मुझे बताइए ये जितने चेहरे है जो प्रधानमंत्री की कतार में खड़े हैं। कौन है जो आतंकवाद मिटा सकता है, सही बताइए कौन कर सकता है? आपको पक्का भरोसा है?
भाइयो-बहनो, अकेला मोदी नहीं कर सकता है आतंकवाद का खात्मा, ये आपके एक वोट से होने वाला है। आपके वोट की ताकत मोदी से 130 करोड़ गुणा ज्यादा है, मोदी की ताकत से 130 करोड़ गुणा ज्यादा ताकत आपके वोट की है। आपका वोट और ये चौकीदार दोनों मिलकर के आतंकवाद का।
भाइयो-बहनो, आतंकवाद खत्म कैसे करेंगे, इसको लेकर सपा-बसपा ने कोई योजना आपके सामने रखी है? रखी है? कांग्रेस वालों ने रखी है? ये तो ऐसे डरे हुए है, की आतंकवाद बोलेंगे की उनकी वोट बैंक खिसक जाएगी इतने डरे हुए है। इनको देश की चिंता नहीं है अपने वोटबैंक की चिंता नहीं है, भाईयो। जो अपने वोटबैंक के लिए मरते हैं, वो देश को मरवाते हैं दोस्तों और इसीलिए मोदी दल के लिए नहीं मोदी देश के लिए पैदा हुआ है। मोदी अपने लिए नहीं, अपनों के लिए, आपके लिए पैदा हुआ है।
साथियो, अवसरवाद और जातिवाद के हर प्रयोग को इस बार फिर एक बार सबक सिखाना है दोस्तों। ताकि ऐसे दलों को एक संदेश जाए और वो भारत को मजबूत करने के लिए मजबूर हो जाएं। आप सभी चौकीदारों पर ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। आपका एक-एक वोट कमल के फूल के सामने पड़ना चाहिए। पड़ेगा, पड़ेगा? मैं आपको वादा करता हूं आप जब कमल के फूल के निशान पर बटन दबाओगे तो आपका वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जमा होगा।
भाइयो-बहनो, आपका वोट आजादी के 75 साल, आजादी के दीवानों के सपनों को पूरा करने वाला वोट है। आपका वोट देश के विकास के सपनों से जुड़ा हुआ है, आपका वोट देश की सुरक्षा की गारंटी है। और इसीलिए मेरे भाइयो बहनो जब आप कमल के निशान पर बटन दबाए तो मन में सोच के जाइए आप भी देश के एक सैनिक हैं आप भी देश के विकास के एक यात्री हैं ये दिमाग में लेकर के जाइए।
भाइयो-बहनो, आप मुझे बताइए हमारा देश और मजबूत होना चाहिए की नहीं होना चाहिए और मजबूत होना चाहिए, और मजबूत होना चाहिए?
सरकार भी मजबूत चाहिए, सरकार भी मजबूत चाहिए? प्रधानमंत्री भी मजबूत होना चाहिए? चौकीदार भी मजबूत होना चाहिए, सवा सौ करोड़ देश वासी चौकीदार होने चाहिए? मेरे साथ एक संकल्प करोगे, संकल्प करोगे?
दोनों मुट्ठी बंद कर के बोलोगे, ऐसे बोलना नहीं है, दिल से करना है तय, करोगे, हर कोई करेगा? किसी का हाथ नीचे नहीं होना चाहिए। सब के हाथ ऊपर होने चाहिए और पूरी ताकत से बोलना है आपको बोलना है चौकीदार, क्या बोलना है चौकीदार।
गांव-गांव है चौकीदार, गांव-गांव है चौकीदार, गांव-गांव है चौकीदार, शहर-शहर है चौकीदार, बच्चा-बच्चा चौकीदार, बड़े-बुजुर्ग भी चौकीदार, माताएं-बहने चौकीदार, घर-घर में भी चौकीदार, खेत-खलिहान में चौकीदार, खेत-खलिहान में चौकीदार, बाग-बगान में चौकीदार, देश के अंदर चौकीदार, सरहद पर भी चौकीदार, डॉक्टर-इंजीनियर चौकीदार, शिक्षक-प्रोफेसर चौकीदार, लेखक-पत्रकार चौकीदार, कलाकार भी चौकीदार, किसान-कामगार चौकीदार, दुकानदार भी चौकीदार, वकील-व्यापारी चौकीदार, छात्र-छात्राएं चौकीदार, पूरा हिंदुस्तान चौकीदार, पूरा हिंदुस्तान चौकीदार, पूरा हिंदुस्तान चौकीदार।
भारत माता की जय
भारत माता की जय
बहुत-बहुत धन्यवाद।


