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S Aishwarya and S Saundarya, great grand-daughters of Bharat Ratna M.S. Subbulakshmi meets PM

S Aishwarya and S Saundarya, great grand-daughters of Bharat Ratna M.S. Subbulakshmi, today called on Prime Minister Narendra Modi, along with their parents, V Shrinivasan and Geetha Shrinivasan.

Ms. Aishwarya and Ms. Saundarya briefly performed the "Maithreem Bhajatha." This is a benediction which was also rendered by M.S. Subbulakshmi herself in October 1966, at the United Nations.

The benediction was composed in Sanskrit by Acharya Shri Chandrasekharendra Saraswati of Kanchi.

It is an anthem for universal friendship and world peace, which was sung by M.S. Subbulakshmi, in most of her subsequent concerts, after the UN concert. It ends with the words “Srey o bhooyat sakala jananam” - Let grace and happiness abound for all mankind.

 

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Meghalaya has given the message of progress and eco-sustainability to the world: PM
January 21, 2022
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“Meghalaya has given the message of nature, progress, conservation and eco-sustainability to the world”
“Meghalaya is filled with talented artists and Shillong Chamber Choir has taken it to new heights”
“The Country has high hopes from the rich sports culture of Meghalaya”
“Sisters from Meghalaya have revived the art of bamboo weaving and its hard-working farmers are strengthening Meghalaya’s identity as organic state”

नमस्कार !

सभी मेघालय वासियों को राज्य की स्थापना के Golden Jubilee Celebration की बहुत-बहुत बधाई ! मेघालय के निर्माण और विकास में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का मैं आज अभिनंदन करता हूं। 50 साल पहले जिन्होंने मेघालय के स्टेटहुड के लिए आवाज़ उठाई, उनमें से कुछ महान विभूतियां इस समारोह में मौजूद हैं। उनको भी मेरा प्रणाम !

साथियों,

मुझे अनेक बार मेघालय आने का सौभाग्य मिला है। जब आपने मुझे पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर सेवा का अवसर दिया तब मैं शिलॉन्ग में North Eastern Council meet में हिस्सा लेने आया था। तीन-चार दशक के अंतराल के बाद एक प्रधानमंत्री का इस आयोजन में हिस्सा लेना, शिलॉन्ग पहुंचना, मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव था। मुझे खुशी है कि पिछले 50 साल में मेघालय के लोगों ने प्रकृति के पास होने की अपनी पहचान को मज़बूत किया है। सुरीले झरनों को देखने के लिए, स्वच्छ और शांत वातावरण अनुभव करने के लिए, आपकी अनूठी परंपरा से जुड़ने के लिए देश-दुनिया के लिए मेघालय आकर्षक स्थान बन रहा है।

मेघालय ने प्रकृति और प्रगति का, conservation और eco-sustainability का संदेश दुनिया को दिया है। खासी, गारो और जयंतिया समुदाय के हमारे भाई-बहन, इसके लिए विशेष तौर पर सराहना के पात्र हैं। इन समुदायों ने प्रकृति के साथ जीवन को प्रोत्साहित किया और कला, संगीत को समृद्ध करने में भी प्रशंसनीय योगदान दिया है। व्हिसलिंग विलेज यानि कोंगथोंग गांव की परंपरा जड़ों से जुड़ने की हमारी शाश्वत भावना को प्रोत्साहित करती है। मेघालय के गांव-गांव में कॉइर्स की एक समृद्ध परंपरा है।

ये धरती प्रतिभाशाली कलाकारों से भरी है। शिलॉन्ग चैंबर कॉइर ने इस परंपरा को नई पहचान, नई ऊंचाई दी है। कला के साथ-साथ खेल के मैदान पर भी मेघालय के युवाओं का टैलेंट देश का गौरव बढ़ाता रहा है। ऐसे में आज जब sports में भारत एक बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है, तब मेघालय के rich sports culture में, उससे देश को बहुत उम्मीदें हैं। मेघालय की बहनों ने बांस और बेंत की बुनाई की कला को फिर से जीवित किया है, तो यहां के मेहनती किसानों, ऑर्गेनिक स्टेट के रूप में मेघालय की पहचान मजबूत कर रहे हैं। Golden Spice, लखाडोंग Turmeric की खेती तो अब दुनिया भर में मशहूर हो गयी है।

साथियों,

बीते 7 सालों में केंद्र सरकार ने पूरी ईमानदारी से मेघालय की विकास यात्रा को तेज़ करने का प्रयास किया है। विशेष रूप से बेहतर रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से कमिटेड है। यहां के ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को देश और विदेश में नए मार्केट्स मिलें, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है। युवा मुख्यमंत्री कोनराड संगमा जी के नेतृत्व में केंद्रीय योजनाएं तेज़ी से सामान्य जन तक पहुंचाने का प्रयास है। पीएम ग्रामीण सड़क योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रमों से मेघालय को बहुत लाभ हुआ है। जल जीवन मिशन की वजह से मेघालय में नल से जल प्राप्त करने वाले घरों की संख्या 33 प्रतिशत हो गयी है। जबकि वर्ष 2019 तक ऐसे परिवार यानी आज से दो-तीन साल पहले की बात कर रहा हूं, ऐसे परिवार सिर्फ 1 प्रतिशत ही थे। आज देश जब जन सुविधाओं की डिलिवरी के लिए ड्रोन टेक्नॉलॉजी का बड़े स्तर पर उपयोग करने की तरफ बढ़ रहा है, तब मेघालय देश के उन शुरुआती राज्यों में शामिल हुआ है जिसने ड्रोन से कोरोना वैक्सीन्स को डिलीवर किया। ये बदलते मेघालय की तस्वीर है।

भाइयों और बहनों,

मेघालय ने बहुत कुछ हासिल किया है। लेकिन अभी भी मेघालय को बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। टूरिज्म और ऑर्गेनिक फार्मिंग के अलावा भी मेघालय में नए सेक्टर्स के विकास के लिए प्रयास ज़रूरी हैं। मैं आपके हर प्रयास के लिए आपके साथ हूं। इस दशक के लिए आपने जो लक्ष्य रखे हैं, उन्हें हासिल करने के लिए हम मिलकर काम करेंगे। आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं !

Thank you, खुबलेई शिबुन, मिथला,

जय हिंद।