PM to inaugurate & lay the foundation stone of multiple development projects worth more than Rs 3,600 crore at Shivamogga
PM to inaugurate Shivamogga Airport
PM to release 13th instalment amount of about Rs. 16,000 crores under PM-KISAN in Belagavi
PM to lay the foundation stone and dedicate to nation multiple development projects worth more than Rs 2,700 crore at Belagavi
PM to dedicate redeveloped Belagavi Railway Station building to the nation

প্ৰধানমন্ত্ৰী শ্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে ২৭ ফেব্ৰুৱাৰী, ২০২৩ত কৰ্ণাটক ভ্ৰমণ কৰিব৷ পুৱা ১১.৪৫ বজাত তেওঁ খোজকাঢ়ি শিৱমোগ্গা বিমানবন্দৰ পৰিদৰ্শন কৰাৰ পাছত শিৱমোগ্গাত একাধিক প্ৰকল্প উদ্বোধন আৰু আধাৰশিলা স্থাপন কৰিব৷ ইয়াৰ পাছত বিয়লি প্ৰায় ৩.১৫ বজাত প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে বেলাগাৱীত এলানি উন্নয়নমূলক আঁচনিৰ আধাৰশিলা স্থাপন আৰু ৰাষ্ট্ৰৰ নামত উচৰ্গা কৰাৰ লগতে পিএন কিষাণৰ ত্ৰয়োদশ কিস্তি মুকলি কৰিব৷

শিৱমোগ্গাত প্ৰধানমন্ত্ৰী

শিৱমোগ্গা বিমানবন্দৰৰ উদ্বোধনে সমগ্ৰ দেশতে আকাশ মাৰ্গেৰে সংযোগ উন্নত কৰাত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ গুৰুত্বই আন এক উদ্গনি লাভ কৰিব। এই নতুন বিমানবন্দৰটো প্ৰায় ৪৫০ কোটি টকা ব্যয়েৰে নিৰ্মাণ কৰা হৈছে। বিমানবন্দৰৰ যাত্ৰীৰ টাৰ্মিনেল ভৱনে প্ৰতি ঘণ্টাত ৩০০ যাত্ৰীক চম্ভালিব পাৰিব। বিমানবন্দৰটোৱে মালনাড অঞ্চলৰ শিৱমোগ্গা আৰু অন্যান্য সমীপৱৰ্তী অঞ্চলৰ সংযোগ আৰু সুলভতা উন্নত কৰিব।

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে শিৱমোগ্গাত দুটা ৰে’লৱে প্ৰকল্পৰ আধাৰশিলা স্থাপন কৰিব। ইয়াত শিৱমোগ্গা–শিকাৰীপুৰা–ৰাণেবেন্নুৰা নতুন ৰে’লপথ আৰু কোটেগাগুৰু ৰে’লৱে কোচিং ডিপো অন্তৰ্ভুক্ত। শিৱমোগ্গা– শিকাৰিপুৰা–ৰাণেবেন্নুৰ নতুন ৰে’লপথ ৯৯০ কোটি টকা ব্যয়েৰে উন্নয়ন কৰা হ’ব আৰু ই বেংগালুৰু-মুম্বাই প্ৰধান লাইনৰ সৈতে মালনাড অঞ্চলৰ সংযোগ বৃদ্ধি কৰিব। শিৱামোগ্গা চহৰৰ কোটেগাংগু ৰে’লৱে কোচিং ডিপোৰ ১০০ কোটিৰো অধিক টকা ব্যয়েৰে উন্নয়ন সাধন কৰা হ’ব যাতে বেংগালুৰু আৰু মাইছুৰুৰ শিৱমোগ্গা আৰু মেৰামতিৰ অসুবিধা দূৰ কৰি নতুন ৰে’ল আৰম্ভ কৰাত সহায় কৰে৷

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে একাধিক পথ উন্নয়ন প্ৰকল্পৰ আধাৰশিলা স্থাপন কৰিব। মুঠ ২১৫ কোটিতকৈ অধিক টকা ব্যয়ৰে প্ৰস্তুত কৰা এই প্ৰকল্পসমূহৰ ভিতৰত আছে ৭৬৬চি নং ৰাষ্ট্ৰীয় ঘাইপথ সংযোগ কৰা বাইনন্দুৰ–ৰানেবেনুৰত শ্বিকাৰিপুৰা চহৰৰ বাবে নতুন বাইপাছ পথ নিৰ্মাণ; ১৬৯এ নং ৰাষ্ট্ৰীয় ঘাইপথ মেগাৰাভালিৰ পৰা আগুম্বলৈ বহলীকৰণ কৰা; আৰু ১৬৯নং ৰাষ্ট্ৰীয় ঘাইপথ তিৰথাহালী তালুকৰ ভৰতীপুৰাত নতুন দলং নিৰ্মাণ আদি উল্লেখযোগ্য।

এই কাৰ্যসূচীৰ সময়ত প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে জল জীৱন অভিযানৰ অধীনত ৯৫০ কোটি টকাতকৈ অধিক মূল্যৰ বহু গাঁও আঁচনি উদ্বোধন আৰু আধাৰশিলা স্থাপন কৰিব। ইয়াৰ ভিতৰত গৌথামাপুৰা আৰু আন ১২৭খন গাঁৱৰ বাবে এটা বহু গাঁও আঁচনিৰ উদ্বোধন আৰু আন তিনিখন বহু-গাঁও আঁচনিৰ বাবে আধাৰশিলা স্থাপন কৰা আদি উল্লেখযোগ্য৷ এই প্ৰকল্পসমূহত মুঠ ৮৬০ কোটিতকৈ অধিক টকা ব্যয় হ’ব। এই চাৰি আঁচনিত কাৰ্যক্ষম ঘৰুৱা পাইপযুক্ত পানীৰ সংযোগ প্ৰদান কৰা হ’ব আৰু ইয়াৰ দ্বাৰা মুঠ ৪.৪ লাখতকৈ অধিক লোক উপকৃত হ’ব বুলি আশা কৰা হৈছে।

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে শিৱামোগ্ৰা চহৰত ৮৯৫ কোটি টকাতকৈ অধিক মূল্যৰ ৪৪টা স্মাৰ্ট চিটী প্ৰকল্প উদ্বোধন কৰিব। প্ৰকল্পসমূহৰ ভিতৰত ১১০ কিলোমিটাৰ দৈৰ্ঘ্যৰ ৮টা স্মাৰ্ট ৰোড পেকেজ; ইণ্টিগ্ৰেটেড কমাণ্ড এণ্ড কণ্ট্ৰল চেণ্টাৰ আৰু কেইবাতৰপীয়া গাড়ী পাৰ্কিং; স্মাৰ্ট বাছ আশ্ৰয় প্ৰকল্প; বৌদ্ধিক গোটা আৱৰ্জনা ব্যৱস্থাপনা ব্যৱস্থা; শিৱপ্পা নাইক পেলেচৰ দৰে ঐতিহ্য প্ৰকল্পৰ উন্নয়ন, ৯০টা সংৰক্ষণ পথ, উদ্যান সৃষ্টি আৰু নদীৰ পাৰৰ উন্নয়ন প্ৰকল্প আদি উল্লেখযোগ্য।

বেলাগাভিত প্ৰধানমন্ত্ৰী

কৃষকৰ কল্যাণৰ প্ৰতি প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ প্ৰতিশ্ৰুতিৰ আন এক উদাহৰণ দাঙি ধৰা এক পদক্ষেপ হিচাপে প্ৰধানমন্ত্ৰী কিষাণ সন্মন নিধি (পিএম-কিষান)ৰ অধীনত ১৬,০০০ কোটি টকা ৮ কোটিতকৈ অধিক হিতাধিকাৰীলৈ প্ৰত্যক্ষ সুবিধা হস্তান্তৰৰ জৰিয়তে মুকলি কৰা হ’ব। এই আঁচনিৰ অধীনত যোগ্য কৃষক পৰিয়ালক প্ৰতি বছৰে চাৰিটা কিস্তিত ২,০০০টকাকৈ মুঠ ৬,০০০ টকা প্ৰদান কৰা হয়।

এই কাৰ্যসূচীৰ সময়ত প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে পুনৰুজ্জীৱিত বেলাগাভি ৰে’লৱে ষ্টেচন ভৱন ৰাষ্ট্ৰৰ নামত উচৰ্গা কৰিব। এই ৰে’লৱে ষ্টেচনটো যাত্ৰীসকলক বিশ্বমানৰ সুবিধা প্ৰদান কৰিবলৈ প্ৰায় ১৯০ কোটি টকা ব্যয়েৰে পুনৰ উন্নয়ন কৰা হৈছে। প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে ৰাষ্ট্ৰৰ নামত উচৰ্গা কৰিবলগীয়া আন এটা ৰে’লৱে প্ৰকল্প হৈছে বেলাগাভিৰ লণ্ডা-বেলাগাভি-ঘাটপ্ৰভ অংশৰ মাজত ৰে’লপথ দ্বৈতপথ প্ৰকল্প। প্ৰায় ৯৩০ কোটি টকা ব্যয়েৰে নিৰ্মাণ কৰা এই প্ৰকল্পটোৱে ব্যস্ত মুম্বাই–পুনে-হাব্বালি-বেংগালুৰু ৰে’লপথৰ কাষেৰে লাইন ক্ষমতা বৃদ্ধি কৰিব, যাৰ ফলত অঞ্চলটোত বাণিজ্য আৰু অৰ্থনৈতিক কাৰ্যকলাপৰ প্ৰসাৰৰ সূচনা হ’ব।

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে বেলাগাভিত জল জীৱন মিছনৰ অধীনত ৬টা বহু গাঁও আঁচনি প্ৰকল্পৰ আধাৰশিলা স্থাপন কৰিব, যিটো মুঠ ১,৫৮৫ কোটি টকা ব্যয়ৰে নিৰ্মাণ কৰা হ’ব আৰু ইয়াৰ দ্বাৰা ৩১৫খনতকৈ অধিক গাঁৱৰ প্ৰায় ৮.৮ লাখ জনসংখ্যা উপকৃত হ’ব।

 

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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।