The Awas Yojana is not merely about brick and mortar. It is about a better quality of life and dreams coming true: PM Modi
We are working towards ensuring that every Indian has a home by 2022, when India marks 75 years since Independence: PM Modi
We have been working to free the housing sector from middlemen, corruption and ensuring that the beneficiaries get their own home without hassles: PM
The housing sector is being invigorated with latest technology. This is enabling faster construction of affordable houses for the poor in towns and villages, says PM
PMAY is linked to dignity of our citizens, says PM Modi

প্ৰধানমন্ত্ৰী শ্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে আজি সমগ্ৰ দেশতে ভিডিঅ’ ব্ৰীজযোগে প্ৰধানমন্ত্ৰী আৱাস যোজনাৰ হিতাধিকাৰীসকলৰ সৈতে বাৰ্তালাপ কৰে৷ এইটোকে ধৰি তৃতীয় বাৰলৈ প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে চৰকাৰী আঁচনিৰ হিতাধিকাৰীসকলৰ সৈতে ভিডিঅ’ ব্ৰীজযোগে বাৰ্তালাপ কৰিলে৷

প্ৰধানমন্ত্ৰী আৱাস যোজনাৰ হিতাধিকাৰীসকলৰ সৈতে বাৰ্তালাপ কৰি সন্তোষ প্ৰকাশ কৰি প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে এনেধৰণৰ আলোচনাৰ জৰিয়তে আঁচনিৰ বিভিন্ন দিশসমূহ তথা উত্তৰণ কৰিবলগীয়া দিশসমূহৰ বিষয়েও জানিব পাৰি৷ ইয়াৰোপৰি প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে প্ৰধানমন্ত্ৰী আৱাস যোজনা কেৱল ইটা আৰু ম’ৰ্টাৰৰ সৈতে জড়িত নহয়, ই উন্নত গুণগতমানৰ জীৱন প্ৰদান কৰাৰ লগতে সপোনসমূহো পূৰণ কৰে৷

হিতাধিকাৰীসকলক উদ্দেশ্যি প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে বিগত ৪টা বছৰত চৰকাৰে সকলোকে গৃহ প্ৰদানৰ বাবে মিছন ম’ড পদক্ষেপ গ্ৰহণ কৰিছে৷ চৰকাৰে ২০২২ চনত যেতিয়া স্বাধীনতাৰ ৭৫ বৰ্ষ সম্পূৰ্ণ হ’ব, সেই সময়ৰ ভিতৰত প্ৰত্যেক ভাৰতীয়ৰে যাতে নিজাকৈ একোটা ঘৰ হয়, তাৰ নিশ্চয়তা প্ৰদানৰ বাবে কাম কৰি আছে৷

প্ৰধানমন্ত্ৰী আৱাস যোজনাৰ অধীনত চৰকাৰে গ্ৰামাঞ্চলত প্ৰায় তিনি কোটি আৰু নগৰাঞ্চলত এক কোটি গৃহ নিৰ্মাণৰ পৰিকল্পনা গ্ৰহণ কৰিছে৷ এতিয়ালৈ চৰকাৰে নগৰাঞ্চলত ৪৭ লাখতকৈ অধিক গৃহ নিৰ্মাণৰ অনুমোদন প্ৰদান কৰিছে যি পূৰ্বৰ চৰকাৰৰ ১০ বছৰীয়া শাসন কালৰ অনুমোদনতকৈ চাৰি গুণ অধিক৷ ঠিক সেইদৰে পূৰ্বৰ চৰকাৰৰ শেহতীয়া চাৰি বছৰৰ ২৫ লাখ অনুমোদনৰ তুলনাতা গ্ৰামাঞ্চলত এক কোটিতকৈও অধিক গৃহ নিৰ্মাণৰ অনুমোদন প্ৰদান কৰা হৈছে৷
বৰ্তমানৰ চৰকাৰৰ পিএমএৱাইত অনা পৰিৱৰ্তনক গুৰুত্ব প্ৰদান কৰি প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে গৃহসমূহৰ আকাৰ ২০ বৰ্গ মিটাৰৰ পৰা ২৫ বৰ্গ মিটাৰলৈ বৃদ্ধি কৰা হৈছে৷ তাৰোপৰি পূৰ্বৰ ৭০,০০০ টকা-৭৫,০০০ টকাৰ বিত্তীয় সাহায্য আৱণ্টনৰ বিপৰীতে ১,২৫,০০০ টকালৈ বৃদ্ধি কৰা হৈছে৷

বাৰ্তালাপৰ সময়চোৱাত, প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে প্ৰধানমন্ত্ৰী আৱাস যোজনা নাগৰিকসকলৰ সন্মানৰ সৈতে জড়িত আৰু যোজনাটোৰ মূল উদ্দেশ্য হ’ল যাতে অধিক সংখ্যক মহিলা, দিব্যাংগ ভাতৃ-ভগ্নীসকল, এছচি, এছটি, অ’বিচি আৰু সংখ্যালঘূ সম্প্ৰদায়ৰ লোকে ইয়াৰ সুবিধা প্ৰাপ্ত কৰিব পাৰে৷

হিতাধিকাৰীসকলৰ সৈতে সংবদ্ধ হৈ প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে পিএমএৱাইয়ে সকলোৰে বাবে নিয়োজনৰ সুবিধাৰ সৃষ্টি কৰিছে৷ আঁচনিটোক শক্তিশালী কৰিবলৈ চৰকাৰে ঘৰসমূহৰ ক্ষীপ্ৰ আৰু গুণগত নিৰ্মাণৰ বাবে দক্ষতা উন্নয়নৰ প্ৰতি গুৰুত্ব প্ৰদান কৰিছে৷ ইয়াৰ অংশ হিচাপে চৰকাৰে এক লাখ ৰাজমিস্ত্ৰীক প্ৰশিক্ষণ প্ৰদানৰ কাম আৰম্ভ কৰিছে৷ তাৰোপৰি চৰকাৰে কিছুমান ৰাজ্যত মহিলা মিস্ত্ৰীকো প্ৰশিক্ষণ প্ৰদান কৰি মহিলা সৱলীকৰণ বৃদ্ধি কৰিছে৷

প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ সৈতে বাৰ্তালাপ কৰি হিতাধিকাৰীসকলে ঘৰৰ মালিকীস্বত্ব প্ৰাপ্তিৰ সন্তোষ প্ৰকাশ কৰে, যি তেওঁলোকৰ বাবে সদায়েই এটা সপোন আছিল৷ ইয়াৰ জৰিয়তে তেওঁলোকৰ জীৱন পৰিৱৰ্তন হোৱা তথা জীৱনৰ গুণগততা বৃদ্ধি পোৱাৰ বিষয়েও উল্লেখ কৰে৷

 

 

 

 

 

 

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!