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भारत माता की जय..!

दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए,

भारत माता की जय..!

भारत माता की जय..!

मित्रों, मैं अपनी बात बताऊं उससे पहले कुछ बातों के लिए मैं प्रार्थना करना चाहता हूँ। आज आतंकवादियों ने हमारे देश के सुरक्षा बलों पर हमला किया, हमारे देश के जवान मारे गए। कुछ दिन पहले आतंकवादियों ने नैरोबी में हमला किया, कई हमारे हिन्दुस्तान के भाई-बहन मारे गए। मैं आप सब से प्रार्थना करता हूँ कि जहाँ हम हैं वहीं से, जहाँ हम बैठे हैं वहीं से दो मिनट का मौन रख कर के हमारे इन शहीद जवानों के प्रति हम श्रद्घांजलि अर्पित करेंगे..!

ओम शांति, शांति, शांति..!

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हम सबके मार्गदर्शक आदरणीय राजनाथ सिंह जी, आज तमिलनाडु की धरती पर इस नए इतिहास को रचने का काम जो किया है, उस प्रदेश की टीम के अध्यक्ष श्रीमान पॉन राधाकृष्णन जी, इस युवाओं की रैली को आयोजित करने में हमारे जो युवा मोर्चा के अध्यक्ष हैं जिन्होंने पूरी शक्ति लगाई ऐसे हमारे नौजवान साथी बाल गणपति श्रीमान एल. जी., श्रीमान लक्ष्मणानंद जी, सी. पी. राधाकृष्णन जी, भाई एच. राजा, मोहन राजुलु, मंच पर विराजमान सभी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गण..!

I have great pleasure and honor in visiting Tamilnadu. The great Tamil poet Ramalingam Pillai wrote that “Tamizhan endroru inam undu, Thaniye avarkkoru gunam undu” (There is a race called Tamils, they have a unique character)..! What is that special character? I consider three things very special in the people of Tamilnadu. They are, Tamil people are hardworking people, Tamil people are sincere people and above all, Tamil people are royal and loyal people..! For Tamil people, work place is worship place. Tamil is not only one of the oldest languages of the world but also one of the few living ancient languages. I am very fond of knowing about ‘Sangam’ literature. Due to the hard work and dedication of the people Tamilnadu is one of the most advanced states of the country. The products of Tamilnadu are competitive in the national and International markets. Only Tamil could invent e-Mail..! The top software companies of the world like Microsoft, Oracle or name any, the bulk of their masterminds are from Tamilnadu. Tamilnadu and Gujarat share many common features. These two states played a leading role in the freedom struggle. If Gandhi ji is from Gujarat, his conscious keeper Rajaji is from Tamilnadu. While Tamil people came to Gujarat in large numbers to make Gujarat the Manchester of india, you have a substantial population of Gujaratis who are called Saurashtrians in Tamilnadu contributing in the growth of Tamilnadu. While you have a Mini Gujarat in Sowcarpet, we have a Mini Tamilnadu in Gujarat called Maninagar. And for your information, Maninagar is my Assembly Constituency..! The voters of Maninagar and particularly the voters of Tamilnadu, those who are living in Maninagar, have elected me with thumping majority. The people of Tamilnadu and Gujarat have mingled with each other like sugar and milk without any problem what so ever. Both are the coastal states, both have a long history of sea based trade and commerce with other ancient civilizations. Being costal and border states, we have also common problems. While Gujarat fishermen are arrested and tortured by Pakistan, the fishermen in Tamilnadu are often are arrested by Sri Lankan army..!

Text of Shri Narendra Modi's speech at Trichy, Tamilnadu

मित्रों, आप लोगों को लगता होगा कि हमारे फिशरमैन को श्रीलंका उठा कर के क्यों ले जाता है, हमारे फिशरमैन को पाकिस्तान उठा कर के क्यों ले जाता है..? मित्रों, ये ले जाने की हिम्मत इसलिए करते हैं क्योंकि समस्या उस समुद्र के भीतर नहीं है जहाँ मछुआरे जाते हैं, समस्या उस दिल्ली सरकार की दुर्बलता में है जिसके कारण ये दुर्दशा होती है..! अगर हमें, गुजरात हो या तमिलनाडु, केरल हो या कर्नाटक, अगर समुद्रतट पर रहने वाले हमारे मछुआरे भाईयों की रक्षा करनी है, उनको सुरक्षित रखना है, मछुआरों को बेरोकटोक अपनी रोजी-रोटी कमाने का अधिकार देना है, तो हमारी पहली जिम्मवारी बनती है दिल्ली में बैठी हुई दुर्बल सरकार को, वीक गवर्नमेंट को हटाना..! मित्रों, पाकिस्तान इतनी बड़ी मात्रा में गुजरात से फिशरमैन को उठा कर ले जाता है, छह-छह महीना, एक-एक साल तक जेलों में रखता है और इतना टॉर्चर करता है और अब वो परंपरा आज श्रीलंका में भी शुरू हुई है, उसका मूल कारण ये है कि पड़ौसी देश हिन्दुस्तान को ‘टैकन फॉर ग्राटेंड’ मानते हैं और उसके कारण ये परिस्थिति पैदा होती है..! मुझे बताया गया था कि अटल जी की जब सरकार थी तब श्रीलंका से फिशरमैन को कोई परेशानी नहीं थी, गुजरात के भी फिशरमैन पकड़े जाते थे तो पन्द्रह दिन में लौट कर आते थे, लेकिन आजकल तो उनकी बोट भी पाकिस्तान रख लेता है, एक-एक, दो-दो लाख रूपये की बोट पाकिस्तान अपने पास रख लेता है और उसका उपयोग हिन्दुस्तान को परेशान करने के लिए करता है।

भाइयों-बहनों, I was talking about Gujarat and Tamilnadu relation..! Gujarat is a cotton grower state and Tamilnadu is a state which consumes maximum cotton from Gujarat. Trichy has always been the hub of higher education. I am glad to know that last year Regional Engineering College of Trichy was ranked the best technical institution in the country, even overtaking IITs..! Who can forget the contribution of BHEL Trichy, which supplies boilers at almost all the power stations in the country..? It is a matter of pride for Trichy that Dr. Abdul Kalam, the Ex-President of India, studied in the St. Joseph’s college, Trichy..! We can go on listing the factors that make Trichy unique. When Gandhi ji started his ‘Dandi March’, on the same day, we must remember this historical event which Trichy, Tamilnadu and the country can feel proud of. On the same day of ‘Dandi March’, a march from Trichy led by VOC started from ‘Vedaranyam’ for making salt..!

मित्रों, आज जो मैंने मेरे भाषण के प्रारंभ में हमारे जवानों को श्रद्घाजंलि देने के लिए दो मिनट मौन के लिए आपसे प्रार्थना की थी, लेकिन मन में बहुत पीड़ा होती है, बहुत गुस्सा आता है कि दिल्ली में एक ऐसी सरकार बैठी है कि युद्घ में हमारे जितने जवान मारे गए उससे ज्यादा हमारे जवान टैररिस्टों की गोलियों से मारे गए हैं..! मित्रों, हम सब के मन में एक सवाल उठता है कि सवा सौ करोड़ का देश... और क्या ताकत है विदेशियों की कि इटली के लोग केरल के समुद्री तट पर आ कर के हमारे मछुआरों को भून दें..? क्या कारण है कि पाकिस्तान की सेना हिन्दुस्तान की धरती पर हमारे सेना के जवानों के सिर काट कर ले जाए..? क्या कारण है कि पाकिस्तान की सेना आ कर के सीमा पर हमारे सुरक्षा बल के जवानों पर गोलियां चला कर के उनको भून दे..? और उसके बाद भी दिल्ली की सरकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ प्रोटोकॉल के तहत चिकन बिरयानी के भोजन समारंभ आयोजित करी है..! मित्रों, हिन्दुस्तान के हर नागरिक के मन में सवाल उठता है कि क्या हम इतने दुर्बल हैं, क्या हम इतने कमजोर हैं कि आए दिन हमारे पडौसी आकर के जो चाहे हमारे साथ करते रहे और हम हाथ पर हाथ रख कर के, आंख बंद करके, मुंह पर ताला लगा कर के इन सारी चीजों को झेलने के लिए इस देश को मजबूर करते रहें..? मैं आप लोगों से एक सवाल पूछना चाहता हूँ, राजा तमिल में आपसे पूछेंगे और मैं आप सबसे एक आवाज में जवाब चाहता हूँ..! हमारे सेना के जवानों को दिन-रात मार दिया जाता हो, निर्दोष नागरिकों को मार दिया जाता हो, आतंकवाद आए दिन हमें परेशान करता हो, तो क्या ऐसे समय प्रधानमंत्री को पाकिस्तान के नेताओं के साथ बातचीत करने की जल्दबाजी करनी चाहिए क्या..? फिर से बोलिए, एक बार फिर से बोलिए..! प्रधानमंत्री जी, ये ना मैं बोल रहा हूँ, ना भारतीय जनता पार्टी बोल रही है, ये सिर्फ दूर सुदूर बैठे हुए तमिलनाडु में त्रिची के नौजवान आपको कह रहे हैं..!

भाइयों-बहनों, मैं आज दो घटनाओं का स्मरण करवाना चाहता हूँ..! कुछ समय पहले ब्राज़ील के जीवन में एक महत्वपूर्ण घटना घटी। कोई देश स्वाभिमान के साथ कैसे जीता है, आत्मगौरव के साथ कैसे गुजारा करता है, ये हमें दुनिया से सीखना पड़ेगा..! ब्राज़ील के अंदर एक घटना घटी, ब्राज़ील को पता चला कि अमेरिकन गवर्नमेंट ब्राज़ील के अंदर जासूसी कर रही है, खुफिया एजेंसी के माध्यम से ब्राज़ील की हर गतिविधि पर अमेरिका ध्यान रख रहा है। ये बात का जब पता चला तब ब्राज़ील जैसे छोटे देश ने अमेरिका के एक डेलिगेशन का ब्राज़ील की धरती पर स्वागत करने से इनकार कर दिया और अमेरिका को सीधा-सीधा ब्राज़ील ने संदेश दे दिया था..! भाइयों-बहनों, ब्राज़ील के सम्मान के लिए ब्राज़ील की सरकार ने जो निर्णय लिया क्या उसका हमें गौरव करना चाहिए या नहीं करना चाहिए..? मैं एक और दूसरी घटना आपको बताता हूँ। अभी कुछ समय पहले अमेरिका की जासूसी संस्था में काम करने वाले स्नोडेन पर आरोप लगा कि स्नोडेन ने अमेरिका की जासूसी संस्था की कुछ बातें लीक कर दी है, देशद्रोह किया है, और ये सारी बातें बाहर आई..! अमेरिकन गवर्नमेंट स्नोडेन को अरेस्ट करना चाहती थी, लेकिन स्नोडेन वहाँ से भाग कर के रशिया चला गया। रशिया ने स्नोडेन को आश्रय दिया इस बात से नाराज हो कर के ओबामा रशिया जाने वाले थे, उन्होंने रशिया को मना कर दिया कि तुमने हमारे एक देशद्रोही को आपके वहाँ पनाह दी है इसलिए मैं रशिया नहीं आऊंगा। ओबामा ने अपनी ताकत दिखाई..! मित्रों, हम लोगों को सोचना होगा..! दुनिया का कोई छोटा देश हो या बड़ा देश हो, लेकिन जब उसके स्वाभिमान पर चोट होती है, उसके राष्ट्र गौरव पर चोट पहुंचती है तो बाकी सारे हिसाब-किताब छोड़ कर के वो देश अपनी इज्जत के लिए, अपने गौरव के लिए, अपने सम्मान के लिए खड़ा हो जाता है और दुनिया की किसी भी ताकत की परवाह नहीं करता..! मित्रों, इसलिए मैं कहना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री जी, आप अमेरिका में गए हुए हैं, ये देश आपसे जानना चाहता है कि आपकी प्राथमिकता क्या है..? क्या हिन्दुस्तान का स्वाभिमान आपकी प्राथमिकता है, हिन्दुस्तान का गौरव आपकी प्राथमिकता है, हिन्दुस्तान के जवानों के खून का सम्मान आपकी प्राथमिकता है कि दुनिया के दबाव में दुनिया में अच्छा दिखने के लिए बातचीत करने का उतावलापन दिखाना आपकी प्रारियोरिटी है..? इसका जवाब ये देश आपसे सुनना चाहता है..! भाइयों-बहनों, देश में एक ऐसी सरकार है जिस सरकार के होने के कारण ना इस देश में हमारी माताएं-बहनें सुरक्षित हैं, ना इस सरकार के कारण सीमा पर तैनात हमारे जवान सलामत है..! इस सरकार के रहते हुए ना चाइना के सीमा पर हमारी भूमि सलामत है..! इस सरकार के रहते हुए गुजरात हो, तमिलनाडु हो या केरल हो, हमारे मछुआरे सलामत नहीं हैं..! अगर इस देश में ऐसी सरकार रहने के कारण पूरा देश असलामत हो तो सबसे पहला काम होता है ये असलामती पैदा करने वाली इस निक्कमी सरकार को उखाड़ के फैंक देना चाहिए..!

Text of Shri Narendra Modi's speech at Trichy, Tamilnadu

मित्रों, दिल्ली में एक ऐसी सरकार बैठी है जिसने पूरे हिन्दुस्तान के अर्थतंत्र को कमजोर कर दिया, दुर्बल कर दिया, निक्कमा कर दिया..! दिल्ली में ऐसी सरकार बेठी है जिसने भारत के रूपये को भी कमजोर कर दिया, आज रूपये की कोई ताकत नजर नहीं आ रही है..! अगर दिल्ली में ये सरकार ऐसे ही बैठी रही तो कल हमें रूपया सूक्ष्मदर्शी यंत्र से खेाजना पड़ेगा..! इस देश के आर्थिक पंडितों का कहना है, अर्थनीति को जानने समझने वाले, फाइनेंस को समझने वाले लोगों का कहना है कि आज जो हिन्दुस्तान की आर्थिक स्थिति है, अगर आने वाले पाँच साल तक ऐसी ही स्थिति बनी रही तो हिन्दुस्तान के करोड़ों-करोड़ों नौजवान जो आज रोजगार कमाते हैं, वे बेरोजगार हो जाएंगे और हिन्दुस्तान की तरूणाई फुटपाथ पर भीख मांगती हुई नजर आएगी, इतनी दुर्दशा होने की संभावनाएं इस देश के अर्थशास्त्री कर रहे हैं..! मित्रों, इस दिल्ली की सरकार की नीतियों के कारण हमारे देश के सारे उद्योग ठप्प होते जा रहे हैं और छोटे-छोटे उद्योग को ताले लगते जा रहे हैं..! ये त्रिची में आज ‘भेल’ पूरा का पूरा संकट में घिरा पड़ा है, ‘भेल’ के लिए ऐन्सलेरी एक्टिविटी करने वाले छोटे-छोटे उद्योग पर ताले लग रहे हैं और ताले लगने के लिए दिल्ली की सरकार की नीतियाँ जिम्मेदार हैं..! उनको अमीरों को खुश करना है, अमीरों का भला करना, इस देश की पचास-पचहत्तर जो बड़ी कंपनियाँ हैं उनके लिए हिन्दुस्तान की तिजोरी लुटा देना, यही उनकी कार्यशैली रही है। लेकिन हमारे जो छोटे कारखाने वाले लोग हैं, छोटे-छोटे और मार्जिनल काम करने वाले लोग हैं, पाँच-दस नौजवानों को रोजगार देने वाले लोग हैं, उनको बुरी तरह परेशान करना यही दिल्ली की नीतियाँ रही हैं..! मित्रों, बड़े-बड़े उद्योगकार जो हजारों करोड़ रुपयों के उद्योग चला रहे हैं, बैंकों के कोई दो सौ करोड़ रुपया डूबा रहा है, कोई पाँच सौ करोड़ रूपया डूबा रहा है, कोई दो हजार करोड़ रूपया डूबा रहा है... लेकिन हमने कभी किसी अखबार में किसी बड़े उद्योग का नाम नहीं सुना होगा, किसी बड़े उद्योगकार की फोटो नहीं देखी होगी..! लेकिन अगर एक बेचारा छोटे उद्येागकार एक-दो लाख रूपया बैंक को नहीं भर पा रहा है, लोन वापस नहीं कर पा रहा है, तो ये बैंक वाले, ये दिल्ली की सरकार अखबार में उसके फोटो के साथ एडर्टाइजमेंट देते हैं कि ये पैसे नहीं दे रहा है और उसको आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर देते हैं..! देश के आर्थिक विकास का अगर रोड मैप बनाते हैं तो उस रोड मैप के केन्द्र बिंदु में हमारे देश का नौजवान होना चाहिए, हमारे विकास की यात्रा में हमारे देश के नौजवानों की टैलेंट काम में आनी चाहिए, हमारे देश के विकास में हमारे नौजवानों का पुरूषार्थ काम में आना चाहिए..! और विकास उन छोटे-छोटे उद्योगों का होना चाहिए, लाखों-करोड़ों छोटे-छोटे उद्योगों का जाल बिछाना चाहिए ताकि हमारे देश के नौजवान को रोजगार मिले, उसको कभी किसी के पास अपना हाथ फैलाने की नौबत नहीं आनी चाहिए..! नौजवान मित्रों, मैं आपसे अनुरोध करता हूँ, आपके पिताजी को मजबूरन जिंदगी जीनी पड़ी होगी, आपके दादाजी को मजबूरन जिंदगी जीनी पड़ी होगी, आपके बड़े भाई को मजबूरन जिंदगी गुजारनी पड़ी होगी, लेकिन मेरे नौजवान मित्रों, आप संकल्प करें कि आप मजबूरी में जीना नहीं चाहते, आप सम्मान के साथ जीना चाहते हैं, मेहनत करके कमाई करके जीना चाहते हैं और इसके लिए रोजगार दे ऐसी सरकार चाहते हैं..!

दिल्ली की सरकार की नीतियाँ कैसी हैं..! उनकी नीतियों के कारण इस देश में 20,000 मेगावॉट बिजली पैदा करने की क्षमता रखने वाले कारखाने बंद पड़े हैं..! क्यों..? उन कारखानों को बिजली पैदा करने के लिए कोयला चाहिए, गैस चाहिए, ये उपलब्ध नहीं है। एक तरफ कोयले की खदाने पड़ी हैं, दूसरी तरफ बिजली पैदा करने वाले कारखाने तैयार बैठे हैं और तीसरी तरफ हिन्दुस्तान के कई राज्य बिजली के लिए तरस रहे हैं, अंधेरे में गुजारा कर रहे हैं, उनको दो-चार घंटे भी बिजली उपलब्ध नहीं होती है..! भाइयों-बहनों, क्या इन स्थितियों को बदला नहीं जा सकता है..? लेकिन दिल्ली की सरकार को बदलना नहीं है। उनको तो वही काम करने है जिसमें करप्शन की सुविधा हो, जनसामान्य का भला हो उन कामों में उनकी रूचि नहीं है..!

मित्रों, दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट का एक जजमेंट आया। जिस आधार कार्ड के नाम पर पूरे हिन्दुस्तान में कांग्रेस के लोग नाच रहे थे और ना जाने देश को लोगों को क्या कोई बड़ी जड़ी बूटी दे दी है जो उनके हर सकंटों से मुक्ति दिलाएगी, उस आधार कार्ड पर ऐसा खेल खेल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट से ऐसी डांट पड़ी है, ऐसी डांट पड़ी है..! आज सवाल ये है प्रधानमंत्री जी, ये देश पूछना चाहता है कि आधार कार्ड के पीछे कितने रूपये खर्च हुए, ये रूपये कहाँ गए, आधार कार्ड का लाभ किसको मिला..? सुप्रीम कोर्ट ने जो सवाल उठाए हैं, उन सवालों के जवाब ये देश की जनता मांगती है आपसे..!

नौजवान मित्रों, मैं आज एक बात पहली बार आप लोगों के सामने रखने जा रहा हूँ। पिछले तीन साल से मैं लगातार गुजरात की तरफ से प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखता रहा हूँ, और मैंने आधार कार्ड के संबंध में गंभीर सवाल उठाए थे। मैंने उनसे चेतावनी दी थी कि गुजरात हमारा सीमावर्ती राज्य है, आप इस प्रकार से किसी के माध्यम से किसी को भी आधार कार्ड देते जाओगे तो हिन्दुस्तान में जो इन्फिल्ट्रेशन करने वाले लोग हैं उनको बढ़ावा मिलेगा, पड़ौसी देशों के लोग हमारे यहाँ घुस जाएंगे, गैरकानूनी तरीके से वो हमारे यहाँ के नागरिक बन जाएंगे, हमारा हक छीन लेंगे, आप इस पर गंभीरता से सोचिए..! मैंने उसकी पद्घति के संबंध में सवाल उठाए थे। आज जो सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं, वो सारे सवाल तीन साल पहले मैं देश के प्रधानमंत्री के सामने उठा चुका हूँ..! मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि आप नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग बुलाइए, मुख्यमंत्रियों के साथ इस विषय में डिबेट किजिए, चर्चा कीजिए..! आधार कार्ड के नाम पर आप इस देश में एक नया संकट लाओगे, आप इस पर गंभीरता से सोचो..! उन्होंने नहीं सोचा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने डंडा मारा तब उनको समझ में आया..! आज जब सुप्रीम कोर्ट ने सवाल खड़े किये हैं तब मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करता हूँ कि वे देश की जनता को बताएं कि जब आधार कार्ड की योजना आई तो क्या उन्हीं की सरकार के सभी डिपार्टमेंट इसमें सहमत थे..? क्या केबिनेट के सभी सदस्य सहमत थे..? क्या ये सच नहीं है कि फाइलों पर अलग-अलग डिपार्टमेंट ने इसका विरोध किया था..? प्रधानमंत्री जी, देश जानना चाहता है कि क्या हिन्दुस्तान के सभी राज्य आपकी इस योजना से सहमत थे..? क्या हिन्दुस्तान के राज्यों ने सवालिया निशान नहीं खड़े किये थे..? लेकिन ये अरबों-खरबों रूपयों को आपने उड़ा दिया, गरीब के पेट में जाने वाले पैसे आपने राजनीतिक रंग दिखाने के लिए पूरे कर दिए और इसलिए आपको देश को जवाब देना चाहिए..!

मित्रों, इस देश की एकता को अगर बनाए रखना है, इस देश को प्रगति की राह पर ले जाना है, तो कांग्रेस की भागला करो और राजनीति करो, कांग्रेस की जो डिविसिव मेन्टेलिटी है, कांग्रेस के डीएनए में, कांग्रेस के जेनेटिक्स में डिविसिव नेचर इनहेरेन्ट है और उसने समय-समय पर भागला करो, विभाजन करो, तोड़ो उसी की राजनीति की है..! कांग्रेस पार्टी मन से, वचन से, कर्म से डिविसिव है। देश पूरा जब आजादी का जंग लड़ रहा था, ये कांग्रेस पार्टी है जिसने सबसे पहले हिन्दुस्तान के दो टुकड़े कर दिए, देश को दो टुकड़ो में बांट दिया..! इतना ही नहीं, हिन्दुस्तान की शासन व्यवस्था को भी उन्होंने दो टुकड़ों में तोड़ दिया। कश्मीर के लिए उन्होंने अलग व्यवस्था की और बाकी हिन्दुस्तान के लिए अलग व्यवस्था की..! कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री, कश्मीर के लिए अलग संविधान, कश्मीर का अलग झंडा... एक ही देश में दो टुकड़े करने का पाप ये डिविसिव कांग्रेस ने किया था..! ये डिविसिव कांग्रेस पानी के मुद्दे पर एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़ाती रही..! साठ-साठ साल तक नदियों के पानी के बंटवारे के नाम पर देश के हर राज्य को डिविसिव कांग्रेस ने तोड़ा, मरोड़ा, परेशान किया... ये पाप कांग्रेस ने किया है। ये डिविसिव कांग्रेस ने भाषा के नाम पर नए-नए तूफान खड़े करके भाषावार राज्यों की रचना करके, भाषा के नाम पर देश को लड़ाने का, देश को विभाजित करने का काम किया है। 1857 में हिन्दुस्तान का एक-एक मुसलमान, हिन्दुस्तान का एक-एक हिन्दु, हिन्दुस्तान का एक-एक इसाई, हिन्दुस्तान का एक-एक नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर के गुलामी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था। लेकिन ये कांग्रेस पार्टी ने जब नेतृत्व किया तो हिन्दु और मुसलमान को अलग किया, हिन्दु और मुसलमान के बीच दरार करने का काम ये डिविसिव कांग्रेस ने किया है। धर्म के आधार पर देश में विभाजन करने का काम, वोट बैंक की राजनीति का काम, यही डिविसिव कांग्रेस का काम है। यही डिविजिव कांग्रेस है जिसने जाति के नाम पर अगड़े और पिछड़े की लड़ाई शुरू करवाई और देश के हर तबके को अगले और पिछड़े के बीच में, फॉरवर्ड और बैकवर्ड के रूप में दरार पैदा करने का काम ये डिविसिव कांग्रेस ने किया है..! ये कांग्रेस पार्टी डिविसिव है, उसकी सोच ने गांव को अलग कर दिया, शहर को अलग कर दिया..! गाँव को शहर से लड़ा दिया और शहर को गाँव से लड़ा दिया, ये डिविसिव कांग्रेस के नेतृत्व का परिणाम है..! भाई को भाई से लड़ाना, देश की एकता को तोड़ना और अपना राजनैतिक उल्लू सीधा करना, अपनी वोट बैंक की राजनीति को करते रहना, ये डिविसिव कांग्रेस का नेचर है..! हिन्दुस्तान को बचाना है, हिन्दुस्तान को आगे बढ़ाना है तो ये डिविसिव कांग्रेस से हमें मुक्ति पानी चाहिए, हमेशा-हमेशा के लिए ये डिविसिव कांग्रेस को खत्म करना चाहिए..!

मैं और आप जितना कांग्रेस का जानते हैं, उससे ज्यादा कांग्रेस को नस-नस में समझने वाला अगर कोई व्यक्ति है, कांग्रेस को हर प्रकार से समझने वाला कोई व्यक्ति है, तो वो व्यक्ति है महात्मा गांधी..! और महात्मा गांधी ने कांग्रेस को बराबर पहचाना था, उनके चरित्र को बराबर जाना था, उनके कारनामों को बराबर जाना था, उसके डिविसिव डीएनए को बराबर जाना था, और इसलिए महात्मा गांधी के जीवन की एक इच्छा थी कि इस देश में से कांग्रेस को खत्म किया जाए..! ये महात्मा गांधी की इच्छा थी, इसको पूरा करने का दायित्व हम सभी देशवासियों का है। और इसलिए मित्रों, इस देश को बचाने के लिए हमारा संकल्प होना चाहिए, कांग्रेस मुक्त भारत..! इस देश को बचाने के लिए कांग्रेस के साथ मिले हुए जो भी लोग हैं उनसे इस देश को मुक्ति दिलानी चाहिए और कांग्रेस के कारनामों को अपने-अपने दलों में करने वाले भी जो लोग हैं उन सबसे भी देश को मुक्ति दिलाने का हमें संकल्प करना चाहिए..!

भाइयों-बहनों, मैं तमिलनाडु में पहले भी आया हूँ, मैंने सार्वजनिक कार्यक्रम पहले भी किए हैं, लेकिन in my whole political carrier I have seen such a huge, huge gathering..! I have never seen in my life..! I was told that behind this ground, there is a bridge and behind that bridge, there is another ground. That ground is also fully covered by youth..!

ब्रिज के उस पार जो हजारों नौजवान बैठे हैं, ना वो मुझे देख पा रहे हैं और ना मैं उन्हें देख पा रहा हूँ..! मैं उन नौजवानों की क्षमा मांगता हूँ क्योंकि ये मैदान छोटा पड़ गया, लेकिन मैं उनको विश्वास दिलाता हूँ कि ये मैदान भले छोटा पड़ गया, लेकिन हमारा दिल छोटा नहीं है, आपके लिए हमारे दिल में जगह है..! जो लोग तमिलनाडु की राजनीति को जानते समझते हैं, जो हिन्दुस्तान की राजनीति को जानते समझते हैं, उनके लिए ये इशारा काफी है..! ये परिवर्तन की आंधी नजर आ रही है मित्रों, ये तमिलनाडु से उठी हुई ताकत, नौजवानों की ताकत, दिल्ली को ठिकाने पर लगा कर रहेगी, ये दृश्य मैं अपने सामने देख रहा हूँ..! जहाँ-जहाँ भी मेरी नजर पहुंचती है, कोई भी कोना ऐसा नहीं है जहाँ ये काले बाल वाले नौजवान नजर ना आते हो..! क्या यूथ का समंदर इक्कठा हुआ है, दोस्तों..! मैं तमिलनाडु के नौजवानों के माध्यम से हिन्दुस्तान के नौजवानों को विश्वास देता हूँ, मेरे तमिलनाडु के नौजवानों को विश्वास देता हूँ कि आज आपने भारतीय जनता पार्टी पर जो भरोसा किया है, हम कभी भी आपके इस भरोसे को टूटने नहीं देंगे, आपके सपनों को टूटने नहीं देंगे..! आपके अरमानों को पूरा करने के लिए ईश्वर ने हमें जितनी शक्ति दी है, वो पूरी शक्ति आपके कल्याण के लिए हम लगाएंगे..! तमिलनाडु के नौजवान, आज आपने मुझे एक नई ताकत दी है, भाजपा को नई ताकत दी है, एक नया विश्वास आपने दिया है, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ..! और युवा मोर्चा की पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई देता हूँ, आप लोगों ने अभूतपूर्व काम करके दिखाया है, आपका बहुत बहुत अभिनंदन करता हूँ..! मित्रों, आखिर में मैं आपसे ‘वंदे मातरम्’ बुलवाऊंगा और आप दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से मेरे साथ ‘वंदे मातरम्’ बोल कर के आज जो हमारे जवान शहीद हुए हैं, उन जवानों को भारत माता का स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि देंगे, पूरी ताकत से मेरे साथ बोलना होगा,

वंदे मातरम्...!

पूरी ताकत से, उन जवानों तक पहुंचनी चाहिए, दोस्तों..!

वंदे मातरम्...!

वंदे मातरम्...!

वंदे मातरम्...!

वंदे मातरम्...!

वंदे मातरम्...!

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Relationship between India and the Netherlands is based on the shared values of democracy and rule of law: PM
April 09, 2021
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Relationship between India and the Netherlands is based on the shared values of democracy and rule of law: PM
Approach of India and the Netherlands towards global challenges like climate change, terrorism and pandemic are similar: PM

Excellency,

Greetings and thank you very much for sharing your thoughts.

Your party has achieved its fourth consecutive major victory under your leadership. I had immediately congratulated you on Twitter for the same, but today as we are meeting up virtually, I wish to take this opportunity to congratulate you once again and wish you all the best!

Excellency,

Our relations are based on shared values ​​like democracy and the rule of law. Our approach towards global challenges like climate change, terrorism, pandemics is also the same. Convergence is also emerging on our thoughts about new areas like Indo-Pacific resilient supply chains and Global Digital Governance. Today, we will give a new dimension to this bond with our Strategic Partnership on Water. The establishment of a fast track mechanism for promoting investment will also add new momentum to our strong economic cooperation. I am confident that in the post-Covid period many new opportunities will open up in which like-minded countries like ours can increase mutual cooperation.

Excellency,

The visit of Their Majesties to India in 2019 has given a boost to India-Netherlands relations. I believe that today our Virtual Summit will add further momentum to the relations.

Excellency,

Just as you mentioned about the Indian diaspora, it is true that a large number of people of Indian origin are living there in Europe, but I want to express my heartfelt gratitude to you for the care and concern that you have shown to the people of Indian origin in this corona period, in this pandemic. We will also get the opportunity to discuss various issues during the COP-26 as well as the India-EU summit with the European Union.