मंच पर विराजमान राज्यपाल श्रीमान एनएन वोहरा जी, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान उमर अब्दुल्ला जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी ऊर्जा मंत्री श्रीमान पीयूष गोयल जी, जम्मू -कश्मीर सरकार के शहरी विकास मंत्री नवांग रिगज़ीन जोरा जी हमारे उर्जावान और समाज सेवा में सदा तत्पर नवनिर्वाचित सांसद श्रीमान थूपस्टन चेवांग जी, संसद में हमारे साथी श्री तरूण विजय जी, संसद के हमारे दूसरे साथी श्री अविनाश राय खन्ना जी, ऊर्जा सचिव श्रीमान पी.के. सिन्हा जी, पावर ग्रिड के सीएमडी, आर.एन. नायक जी और विशाल संख्या में पधारे हुए लद्दाख के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों, शायद बहुत लंबे अरसे के बाद लेह लद्दाख की इन चोटियों ने इतना बड़ा भारी जनसागर देखा होगा। यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे कई वर्षों तक जम्मू कश्मीर क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के संगठन के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था और इसके कारण इस क्षेत्र में मुझे बार-बार आने का अवसर मिलता था। मैं यहां के जीवन से भलिभांति परिचित हूं, यहां की कठिनाईयों से भी परिचित हूं और सबसे बड़ी बात, मैं यहां की शक्ति से भी परिचित हूं। लेकिन मुझे यहां आने में, बीच में काफी समय बीत गया। गुजरात में मुख्यमंत्री का दायित्व मिलने के बाद मैं आ नहीं पाया था। पिछले लोकसभा के चुनाव में भी मेरा मन करता था मैं कैसे भी करके यहां पहुंचू, लेकिन नहीं आ पाया और मेरे लिए अशचर्य की बात है कि मैंने अपना एक लिखित भाषण भेज दिया था और लद्दाख और लेह के इस इलाके के लोगों ने मुझ पर इतना प्यार बरसाया, इतना प्यार बरसाया कि मेरे भाषण को सुनने के लिए भी बहुत बड़ी तादाद में आप लोग आए हैं। मैं आपके इस प्यार को कभी भूल नहीं सकता। और आपने मुझे जितना प्यार दिया है, जितना सम्मान दिया है, यह कर्ज जो मैं चुकाऊंगा, ब्याज समेत चुकाऊंगा, आज इस समय चुकाऊंगा और इस क्षेत्र के विकास के लिए जो भी कर सकता हूं करके, आपकी शक्ति को पहचानकर, यह शक्ति राष्ट्र की शक्ति कैसे बने, यह ऊर्जावान प्रदेश राष्ट्र का ऊर्जावान प्रदेश कैसे बने। इसके लिए दिल्लीं में बैठी हुई भारत सरकार प्रतिबद्ध है और जम्मू कश्मीर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए संकल्प बद्ध है।

एक समय था दो-दो, पांच-पांच, दस-दस साल तक कभी प्रधानमंत्री जम्मू -कश्मीर के धरती पर नहीं आते थे, पर ये एक वक्त है, महीने में दो बार एक प्रधानमंत्री आ रहा है। आपका प्यार मुझे खींचकर ले आता है और मैं हमेशा मानता हूं कि ये क्षेत्र ऐसा है खासकर लेह-लद्दाख का जहां पर से प्रकाश, पर्यावरण और पर्यटन ये तीन पी, प्रकाश, पर्यावरण और पर्यटन ये ऐसी ताकतें हैं जो सिर्फ लेह-लद्दाख नहीं, सिर्फ जम्मू कश्मीर नहीं, भारत की भलाई के लिए भी इन ताकतों का अगर भली-भांति संयोजन हो, समागम हो, और उसका विकास हो, तो भारत की भलाई के लिए भी काम आ सकेगा। यहां का प्रकाश अंधेरों को भगाने के लिए पर्यावरण की रक्षा के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा गुजरात के और लेह-लद्दाख के सोलर रेडिएशन समान हैं। गुजरात के रेगिस्तान में जितनी सोलर रेडिएशन की संभावना है उतनी ही सोलर रेडिएशन की संभावना लेह-लद्दाख में है। गुजरात का कच्छ का जिला बहुत बड़ा सीमा क्षेत्र है। लेह–लद्दाख का जिला क्षेत्र भी बहुत बड़ा सीमा क्षेत्र है। सोलर रेडिएशन के लिए, भारत सरकार ने वर्तमान बजट में लेह-लद्दाख को भी अपने योजना के केंद्र में रखा। बहुत बड़ा सोलर आधार जिसकी संभावनाएं यहां पर है। आज यहां दो महत्वतपूर्ण प्रोजेक्टर, और इसके बाद कारगिल में एक महत्वदपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए मुझे जाना है। अब आप उधारी रोशनी पर नहीं जीएँगे, आप अपनी खुद की रोशनी पर जीने वाले हों, अब आपका यह इलाका स्वयं प्रकाशित हो रहा है। वो डीजल की आवाज, वो धूयें, वो पर्यावरण का संकट इन सबसे मुक्ति का एक पर्व है, ये पावर प्रोजेक्टी जो आज देश को लोकापर्ण हो रहा है।

राष्ट्र के हर कोने को हर प्रकार से हमें जोड़ना है। चाहे रेल क्नेटक्टिविटी हो, एयर क्नेक्टिविटि हो, रोड क्नेटक्टिविटी हो, टेलीकॉम क्नेटक्टिविटी हो या बिजली ग्रिड की क्नेटक्टिविटी हो, हिदुस्तान के हर कोने को जोड़ना है और आज मुझे खुशी है कि हिंदुस्तान के दूर-सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों को भी बिजली ग्रिड से जोड़ने के एक अभियान का शिलान्यास हो रहा है। जो सपना अटल वाजपेयी जी ने देखा था उसको पूरा करने का आज हम प्रारंभ कर रहे हैं। करीब 18 सौ करोड़ रूपये की लागत से और टेक्नॉलोजीकली बहुत ही उत्तकम प्रकार की योजना से, यह बिजली की ग्रिड, यहाँ से बिजली ले जाने के लिए भी और यहां से बिजली लाने के लिए भी, दूर सुदूर बिजली पहुंचाने के लिए काम आने वाली है। आप कल्पना कर सकते है जब यह काम पूरा होगा तब इस पूरे क्षेत्र का, लद्धाख से श्रीनगर तक के रास्ते के जीवन में कितना बड़ा बदलाव आ जाएगा।

आख़िरकार विकास वह होना चाहिए जो सामान्य मानव के जीवन में बदलाव लाए हम उन योजनाओं पर बल दे रहे हैं, जो सामान्य मानव के जीवन में बदलाव लाने के लिए काम आये, और उसमें ऊर्जा का बहुत बड़ा महत्व होता है। यह क्षेत्र, सारे विश्व के लिए आकर्षण का क्षेत्र कैसे बने। एक विशिष्ट प्रकार की यहां प्राकृतिक व्यवस्था है। मैं हमेशा देखता हूं कि यहां के लोगों की चेहरे की मुस्कान जब यहां के चट्टान की चोटी पर थोड़ा सा जो बर्फ होता हैं और जब चोटियां मुस्कराती हैं वैसे ही यहां का हर व्यक्ति, उसके चेहरे पर मुस्का‍न नजर आती है। यहां की राष्ट्रभक्ति भारत की रक्षा की एक मिसाल है। मैं आपके भीतर की उस राष्ट्रभक्ति आपके उस त्याग और तपस्‍या को विशेष रूप से आज नमन करना चाहता हूं, अभिनंदन करना चाहता हूं और यही एक बहुत बड़ी ताकत है जो आप देश को दे रहे है और इसलिए आपके इस सामर्थ का भी मैं गौरव करता हूं।

मैं जब दिल्ली़ से बार-बार इस क्षेत्र में दौरा करने आता था, जिन लोगों से मेरा परिचय था, दिल्लीे में, उन परिवारों की मांग रहती थी, मोदी जी लद्दाख कब जा रहे हो, तो मैं पूछता था क्यों ? क्या काम है? बोलते इस बार जब जाओगे तो गोभी और आलू ले आना। मुझे इतनी मांग रहती थी कि मेरा अपना लगेज तो बहुत कम रहता था, लेकिन जब मैं यहां से वापस जाता था तो यहाँ से ढेर सारा गोभी-आलू यहां से ले कर जाता था, और उन परिवारों को बड़ा आनंद आता था की आज तो हम लद्दाख से आई हुई गोभी की सब्जी बनाने वाले हैं। ये यहां की ताकत, जो सारे हिन्दुस्तान के और कोनों को परिचित नहीं है।

जब टूरिस्ट एक बार यहाँ आता है, तो जल्दी उसको जाने का मन नहीं करता, कुछ ज़्यादा समय बिताना पसंद करता है, ऐसा ये क्षेत्र है। और इसलिए सरकार टूरिज़्म के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और साथ-साथ मैं जनता हूँ, की जब मैं यहाँ आया हूँ तो ,कुछ बातें बता दूं की इस बार बजट में,सरकार ने घोषणायें की हैं, जिस से जम्मू कश्मीर के जीवन में कितना बड़ा बदलाव आने वाला है।एक तो जो हिमालयन स्टेट्स हैं, उसके विकास के लिए नये सिरे से सोचा जाएगा, क्योंकि उनकी कठिनाइयों को ध्यान में रख कर सोचा जाए, इस कॉन्सेप्ट को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। हिमालयन स्टेट्स में ऑर्गेनिक खेती पर बल कैसे दिया जाए और हिमालयन स्टेट्स की ऑर्गेनिक खेती ग्लोबल मार्केट कैसे प्राप्त करे, ताकि यहाँ का किसान ज़्यादा कमाई कर सके। उसी प्रकार से, सरकार ने एक ऐसा इन्स्टिीच्यूट बनाने का तय किया है, जिसके कारण इस हिमालयन प्राकृतिक संपदा का अध्यन हो, उसकी विशेषताओं का, उसके सामर्थ का, राष्ट्र कल्याण में कैसे काम आए, उस दिशा में कम करना चाहते हैं। भारत सरकार का स्पाइसिस के लिए एक बोर्ड चलता है, जो देश भर में, किसान जो स्पाइसिस उत्पादन करते हैं, उनको मदद करने का काम करता है। हमने निर्णय किया है की हमारे जम्मू कश्मीर में सैफरोन रेवोल्यूशन लाना है। मैं जम्मू कश्मीर में जब सैफरोन रेवोल्यूशन की बात करता हूँ, मतलब, यहाँ का जो केसर है, यहाँ का किसान जो केसर की खेती करता है, मैने स्पाइसिस बोर्ड को कहा है, की केसर के विकास के लिए, केसर के मार्केट के लिए, आधुनिक खेती के लिए, स्पा इसिज़ बोर्ड के माध्यम से एक स्पेशल व्यवस्था खड़ी की जाए, उस बोर्ड के अंदर एक अलग इकाई खड़ी की जाए, जो स्पेशली जम्मू् कश्मीर के किसानों की चिंता करें उनकी इस केसर की खेती में मदद करें और ये सेफरोन की दृष्टि से, केसर की दृष्टि से पूरी दुनिया में आगे बढ़े।

हमारा पशमिना ये घर-घर की पहचान है, ये गौरव है, लेकिन आज उसकी हालत क्याे है? भारत सरकार ने एक पी-3 प्रोजेक्ट इस बजट में घोषित किया है और उसका मूल काम है, पशमिना के प्रोडक्शवन पर, उसकी डिजाइनिंग के लिए, उसकी टेक्नोकलॉजी के लिए, कैसे उसको आधुनिक बनाया जाए उस पर हमने योजना करने का तय किया है, जो आने वाले दिनों में, जो पशेमिना के काम में लगे हुए हमारे कारीगर हैं, उनके जीवन में बहुत बड़ा काम करेंगे।

जैसे मैंने पहले ही कहा कि हम सोलर प्रोजेक्ट पर बल देने वाले है। कई वर्षों से दिल्ली सरकार का और जम्मू‍ कश्मीर का एक मुद्दे पर झगड़ा चल रहा था और वो झगड़ा ये था कि फूड कोर्पोरेशन ऑफ इंडिया जो खाद्यान देता है, जम्मूू कश्मीर को उसमें कुछ ब्या्ज की रकम को लेकर झगड़ा चल रहा था। भारत सरकार 60 करोड़ रूपये मांगती थी और जम्मू कश्मीर सरकार कहती थी कि अब बहुत हो गया हम नहीं दे पाएंगे, अब छोड़ दीजिए, लंबे अर्से से हमारे उमर जी भी इसके लिए लड़ाई लड़ रहे थे। भाईयो और बहनो आज जब मैं यहां आया हूं, मैं घोषित करता हूं कि पुराना जो मामला विलंबित पड़ा है, भारत सरकार ने तय किया है कि इसको अब लंबा खींचना नहीं है, ये 60 करोड़ रूपये भारत सरकार माफ कर देती है। इस प्रकार से बड़ी मदद जम्मूर कश्मीभर को सीधे-सीधे हो रही है। उसी प्रकार से एक दूसरा बड़ा मसला, अटल जी की सरकार ने काम सोचा था, लेकिन बाद में रोड़ बनाने के उस काम में लागत बढ़ती गई, कब ऊंचे दाम आए टैंडर में भारत सरकार उसको करने के लिए तैयार नहीं, जम्मू सरकार के लिए करना मुश्किल है, और हमेशा रहा कि अतिरिक्त पैसा कौन दे रोड बन नहीं रहा हैं। करीब-करीब 8 हजार करोड़ रूपयों की जरूरत, अतिरिक्त, प्रोजेक्ट के सिवाय, अब 8 हजार करोड़ रूपया ज्या‍दा नहीं देते है तो रोड़ बनता नहीं, रोड़ बनता नहीं है तो कनेक्टिविटी बढ़ती नहीं है, हमारे जम्मू कश्मीर के इलाके अलग-थलग रहा जाते है।लंबे अर्से से विलंबित मामला था, हमने निर्णय किया है और बहुत ही कम समय में उसको मैं कैबिनेट में पारित करवा दूगा और उसके कारण भारत सरकार को 8 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च होगा, ये 8 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च करके भी, जम्मू कश्मीर को 4 बड़े महत्वपूर्ण रोड की कनेक्टिविटी बने, उसके लिए हम जरूर काम करेगें और ये हमारा संकल्प है और संकल्प, को हम पूरा करेंगे।

जम्मू कश्मीर के मेरे भाईयो-बहनो हम ये बिजली के कारखाने लगाकर ही यहां का अधेरा दूर करना चाहते है ऐसा नहीं है, हम यहां के हर व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाना चाहते है हम यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्धं कराना चाहते हैं, हम स्किल डिवेलपमेंट करना चाहते है, हम एजुकेशन इंस्टीटुयूशन का नेटवर्क खड़ा करना चाहते हैं और मैं आपको विश्वाास दिलाता हूं, इस धरती के प्रति मेरा लगाव है, यहां के लोगों ने कठिन से कठिन दिनों में भी मुझे बहुत प्यार दिया है। यहां आकर के रहता था कभी कारगिल जाकर रहता था कभी श्रीनगर रहता था, इतना प्यार मैने पाया है हल पल मेरा मन करता है कि जो नया दायित्व मेरे पास है, वहां से बैठके जितना यहां कर सकूं उतना यहां करना चाहता हूं । मैं जो प्रकाश की बात करता हूं अंधेरा दूर करने की बात करता हूं मैं जानता हूं, कई वर्षों से हमारा देश भ्रष्टाचार के कारण परेशान है देश को रूपयों की कमी नहीं है, चाहे दिल्ली में बैठी हुई सरकार हो चाहे राज्यों में देश की जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सें में है और मैं देशवासियों को हिन्दु्स्तान के एक कोने में लद्दाख की चोटियों से आज विश्वास दिलाता हूं कि हम भ्रष्टा्चार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगें । भ्रष्टा्चार विरोधी समाज में जो भी शक्तियों है, उन शक्तियों को साथ लेंगे, जिन-जिन राजनीतिक दलों में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने मादा है, उनके जो नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे है, उनका भी हम साथ लेंगे, शासन व्य‍वस्था में बैठे हुए ईमानदार अफसर भी है, ईमानदार अफसरों का भी साथ हमें मिले। लेकिन देश में भ्रष्टाचार ने देश को तबाह करके रखा है, बर्बाद करके रखा हुआ है रूपयों की कमी नहीं है, दर्शन की कमी नहीं है, सामर्थ की कमी नहीं है, इस देश के पास सब कुछ होने के बाद भी देश में गरीबी बढ़ती चली जा रही है, गरीब बढ़ते जा रहे है अगर हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में विजयी होगें ये सारा धन गरीबों को काम आएगा, ये योजनाएं तेजी से परिपूर्ण होगी और विकास के कारण व्यक्ती के परिवार के जीवन में विकास के नए अवसर पैदा होंगे। उसकी पूर्ति के लिए, दिल्ली में बैठी हुई, आपके द्वारा चुनी हुई, नई सरकार संकल्प,सबंद्ध है।

हम टूरिज्म को बहुत बढ़ावा देने चाहते है क्यों कि टूरिज्म गरीब से गरीब को रोजगार देता है। मूंगफली बेचने वाला, चना बेचने वाला, चाय बेचने वाला हर कोई टूरिज्म से कमाता है। ऑटो रिक्शा वाला कमाएगा, गेस्ट हाऊस वाला कमाएगा, घोड़े वाला कमाएगा, तांगे वाला कमाएगा, गरीब से गरीब आदमी कमाता है और इसलिए हम टूरिज्म को बढ़ावा देना चाहते हैं और जब टूरिज्म बढ़ता है तो उसका सर्वाधिक लाभ जम्मू -कश्मीैर और लेह और लद्दाख को मिलने की संभावना है। यहाँ के नौजवानों को यहीं पर रोज़गार मिले, ये हमारा प्रयास है।आज आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला,यहाँ की परंपरा के अनुसार, मेरा स्वागत-सम्मान हुया, आपने मुझे अपना तो बना लिया है। लेकिन आज मेरी भेष भूषा भी आप ने अपनी बना ली है । ये आपके प्यार को अपने भीतर मैं संजोए रखूंगा और हमेशा-हमेशा दिल्ली में बैठी हुई सरकार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए भी, अंधेरा दूर करने के लिए, विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए, आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी, इसी विश्वास के साथ, ‘भारत माता की जय’ का प्रण ले करके, ‘वंदे मातरम’ का नाद गूंजते हुए, पूरे जम्मू कश्मीर की काया का विकास हो, कल्याण हो, उसी संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे, इसी अपेक्षा के साथ आप सब को बहुत बहुत शुभ कामनायें।

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February 28, 2024
Releases 16th installment amount of about Rs 21,000 crores under PM-KISAN; and 2nd and 3rd installments of about Rs 3800 crore under ‘Namo Shetkari MahaSanman Nidhi’
Disburses Rs 825 crore of revolving fund to 5.5 lakh women SHGs across Maharashtra
Initiates distribution of 1 crore Ayushman cards across Maharashtra
Launches the Modi Awaas Gharkul Yojana
Inaugurates statue of Pandit Deendayal Upadhyay in Yavatmal city
Dedicates multiple road, rail and irrigation projects
“We take inspiration from Chhatrapati Shivaji”
“I have resolved to make every corner of India Viksit. Every particle of my body and every moment of my life is devoted to this resolution”
“Everything done in the last 10 years lays the foundations for the next 25 years”
“The poor are getting their deserved share today”
“Strengthening of the rural economy is imperative to the creation of Viksit Bharat”
“Pandit Deendayal Upadhyay is the inspiration figure of Antyodaya. His entire life was

जय भवानी, जय भवानी, जय सेवालाल! जय बिरसा!

आपल्या सर्वांना माझा नमस्कार!

महाराष्ट्र के राज्यपाल श्रीमान रमेश बैस जी, मुख्यमंत्री श्रीमान एकनाथ शिंदे जी, उपमुख्यमंत्री, देवेन्द्र फडणवीस जी, अजित पवार जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी वरिष्ठ महानुभाव। आज इस कार्यक्रम में देश के भी अन्य भागों से बहुत बड़ी मात्रा में हमारे किसान भाई-बहन जुड़े हैं, मैं उनका भी यहां से स्वागत करता हूं।

भाइयों और बहनों,

मैं छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पावन भूमि को श्रद्धापूर्वक वंदन करता हूं। महाराष्ट्र की संतान और देश की शान, डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर को भी मैं नमन करता हूं। यवतमाळ-वाशिम तांडेर मार गोर बंजारा भाई, भिया, नायक, डाव, कारभारी तमनून हात जोडन राम रामी!

साथियों,

मैं 10 साल पहले जब ‘चाय पर चर्चा’ करने यवतमाल आया था, तो आपने बहुत आशीर्वाद दिया। और देश की जनता ने NDA को 300 पार पहुंचा दिया। फिर मैं 2019 में फरवरी के महीने में ही यवतमाल आया था। तब भी आपने हम पर खूब प्रेम बरसाया। देश ने भी तब NDA को 350 पार करा दिया। और आज जब 2024 के चुनाव से पहले मैं विकास के उत्सव में शामिल होने आया हूं, तब पूरे देश में एक ही आवाज़ गूंज रही है। अबकी बार...400 पार, अबकी बार, 400 पार.. अबकी बार...400 पार! मैं यहां अपने सामने देख रहा हूं, इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें हमें आशीर्वाद देने आई हैं, इससे बड़ा जीवन का सौभाग्य क्या हो सकता है। गांव-गांव से मैं इन माताओं-बहनों को विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। जिस प्रकार यवतमाल, वाशिम, चंद्रपुर सहित, पूरे विदर्भ का असीम आशीर्वाद मिल रहा है, उसने तय कर दिया है..NDA सरकार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

साथियों,

हम छत्रपति शिवाज़ी महाराज को आदर्श मानने वाले लोग हैं। उनके शासन को 350 वर्ष हो चुके हैं। उनका जब राज्याभिषेक हुआ, सब कुछ मिल गया तो, वे भी आराम से सत्ता का भोग कर सकते थे। लेकिन उन्होंने सत्ता को नहीं बल्कि राष्ट्र की चेतना, राष्ट्र की शक्ति को सर्वोच्च रखा। और जब तक रहे, तब तक इसके लिए ही काम किया। हम भी देश बनाने के लिए, देशवासियों का जीवन बदलने के लिए एक मिशन लेकर के निकले हुए लोग हैं। इसलिए बीते 10 वर्ष में जो कुछ किया वो आने वाले 25 वर्ष की नींव है। मैंने भारत के कोने-कोने को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए शरीर का कण-कण, जीवन का क्षण-क्षण, आप सबकी सेवा में समर्पित है। और भारत को विकसित बनाने के लिए चार सबसे बड़ी प्राथमिकता है- गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति। ये चारों सशक्त हो गए, तो हर समाज, हर वर्ग, देश का हर परिवार सशक्त हो जाएगा।

साथियों,

आज यहां यवतमाल में इन्हीं गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति, इन चारों को सशक्त करने वाला काम हुआ है। आज यहां महाराष्ट्र के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ रुपए का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। आज किसानों को सिंचाई की सुविधाएं मिल रही हैं, गरीबों को पक्के घर मिल रहे हैं, गांव की मेरी बहनों को आर्थिक मदद मिल रही है, और नौजवानों का भविष्य बनाने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा की रेल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने वाले रेल प्रोजेक्ट्स और नई ट्रेनें आज शुरु हुई हैं। इन सबके लिए मैं आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आप याद कीजिए, ये जो इंडी गठबंधन है, इसकी जब केंद्र में सरकार थी, तब क्या स्थिति थी? तब तो कृषि मंत्री भी यहीं, इसी महाराष्ट्र के थे। उस समय दिल्ली से विदर्भ के किसानों के नाम पर पैकेज घोषित होता था और उसे बीच में ही लूट लिया जाता था। गांव, गरीब, किसान, आदिवासी को कुछ नहीं मिलता था। आज देखिए, मैंने एक बटन दबाया, और देखते ही देखते, पीएम किसान सम्मान निधि के 21 हज़ार करोड़ रुपए, छोटा आंकड़ा नहीं है, 21 हज़ार करोड़ रुपए देश के करोड़ों किसानों के खाते में पहुंच गए। और यही तो मोदी की गारंटी है। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब दिल्ली से 1 रुपया निकलता था, 15 पैसा पहुंचता था। अगर कांग्रेस की सरकार होती तो आज जो आपको 21 हजार करोड़ रुपए मिले हैं, उसमें से 18 हजार करोड़ रुपए बीच में ही लूट लिए जाते। लेकिन अब भाजपा सरकार में गरीब का पूरा पैसा, गरीब को मिल रहा है। मोदी की गारंटी है- हर लाभार्थी को पूरा हक, पाई-पाई बैंक खाते में।

साथियों,

महाराष्ट्र के किसानों के पास तो डबल इंजन की डबल गारंटी है। अभी महाराष्ट्र के किसानों को अलग से 3800 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए हैं। यानि महाराष्ट्र के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के 12 हज़ार हर वर्ष मिल रहे हैं।

साथियों,

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक देश के 11 करोड़ किसानों के खाते में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक जमा हो चुके हैं। इससे महाराष्ट्र के किसानों को 30 हज़ार करोड़ और यवतमाल के किसानों को 900 करोड़ रुपए मिलें है। आप कल्पना कीजिए ये पैसा छोटे किसानों के कितने काम आ रहा है। कुछ दिन पहले ही हमारी सरकार ने गन्ने के लाभकारी मूल्य में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। अब गन्ने का लाभकारी मूल्य 340 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। इससे महाराष्ट्र के करोड़ों गन्ना किसानों और खेत मजदूरों को लाभ होगा। कुछ दिन पहले ही हमारे गांवों में अनाज के गोदाम बनाने की, दुनिया की सबसे बड़ी योजना आरंभ हुई है। ये गोदाम भी हमारे किसानों की सहकारी समितियां, हमारे सहकारी संगठन बनाएंगे, वे ही इनको नियंत्रित करेंगे। इससे छोटे किसानों को विशेष लाभ होगा। उन्हें मजबूरी में, कम कीमत पर अपनी उपज नहीं बेचनी पड़ेगी।

साथियों,

विकसित भारत के लिए गांव की अर्थव्यवस्था का सशक्त होना बहुत ज़रूरी है। इसलिए बीते 10 वर्षों में हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि गांव में रहने वाले हर परिवार की परेशानियों को दूर करें, उन्हें आर्थिक संबल दें। पानी का महत्व क्या होता है, ये विदर्भ से बेहतर भला कौन जान सकता है। पीने का पानी हो या फिर सिंचाई का पानी, 2014 से पहले देश के गांवों में हाहाकार था। लेकिन इंडी गठबंधन की तब की सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं थी। आप ज़रा सोचिए, आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक देश के गांव में, 100 में से लगभग 15 परिवार ही ऐसे थे जिनके घर पाइप से पानी आता था, 100 में से 15 घर। और इनमें से अधिकतर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी थे, जिनको ये लाभ नहीं मिलता था। ये हमारी माताओं-बहनों के लिए बहुत बड़ा संकट था। इस स्थिति से माताओं-बहनों को बाहर निकालने के लिए ही लाल किले से मोदी ने हर घर जल की गारंटी दी थी। 4-5 साल के भीतर ही, आज हर 100 में से 75 ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पानी पहुंच चुका है। महाराष्ट्र में भी जहां 50 लाख से कम परिवारों के पास ही नल से जल था, आज लगभग सवा करोड़ नल कनेक्शन हैं। तभी देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी।

साथियों,

मोदी ने एक और गारंटी देश के किसानों को दी थी। कांग्रेस की सरकारों ने दशकों से देश की करीब 100 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को लटकाकर रखा था, इनमें से 60 से ज्यादा पूरी हो चुकी हैं और बाकी भी पूरी होने वाली हैं। लटकी हुई इन सिंचाई परियोजनाओं में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की 26 परियोजनाएं थीं। महाराष्ट्र के, विदर्भ के हर किसान परिवार को ये जानने का हक है कि किसके पाप की सज़ा आपकी पीढ़ियों को भुगतनी पड़ी है। इन 26 लटकी हुई परियोजनाओं में से 12 पूरी हो चुकी हैं और बाकियों पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। ये भाजपा की सरकार है, जिसने निलवांडे बांध परियोजना को 50 वर्ष बाद पूरा करके दिखाया है। कृष्णा कोयना-लिफ्ट सिंचाई परियोजना और टेमभू लिफ्ट सिंचाई परियोजना भी दशकों बाद पूरी हुईं हैं। गॉसीखुर्द परियोजना का ज्यादातर काम भी हमारी सरकार ने ही पूरा किया है। आज भी यहां विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए पीएम कृषि सिंचाई और बलीराजा संजीवनी योजना के तहत 51 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण हुआ है। इनसे 80 हज़ार हैक्टेयर से ज्यादा भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

साथियों,

मोदी ने गांव की बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी भी दी है। अभी तक देश की 1 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस वर्ष के बजट में हमने घोषणा की है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाना है। अब इस संकल्प की सिद्धि के लिए मैं जुटा हूं। आज स्वयं सहायता समूहों में बहनों-बेटियों की संख्या 10 करोड़ को पार कर गई है। इन बहनों को बैंकों से 8 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, 40 हज़ार करोड़ रुपए का विशेष फंड केंद्र सरकार ने दिया है। महाराष्ट्र में भी बचत समूहों से जुड़ी बहनों को इसका बहुत लाभ हुआ है। आज इन समूहों को 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद दी गई है। यवतमाल जिले में बहनों को अनेक ई-रिक्शा भी दिए गए हैं। मैं शिंदे जी, देवेंद्र जी और अजीत दादा सहित महाराष्ट्र की पूरी सरकार का इस काम के लिए विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं।

और साथियों,

अब बहनें ई-रिक्शा तो चला ही रही हैं, अब तो ड्रोन भी चलाएंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत बहनों के समूहों को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जा रही है। फिर सरकार इन बहनों को ड्रोन देगी, जो खेती के काम में आएगा।

साथियों,

आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा का भी लोकार्पण हुआ है। पंडित जी, अंत्योदय के प्रेरणा पुरुष है। उनका पूरा जीवन गरीबों के लिए समर्पित रहा है। हम सभी पंडित जी के विचार से प्रेरणा लेते हैं। बीते 10 वर्ष गरीबों के लिए समर्पित रहे हैं। पहली बार मुफ्त राशन की गारंटी मिली है। पहली बार मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। आज भी यहां महाराष्ट्र के 1 करोड़ परिवारों को आयुष्मान कार्ड देने का अभियान शुरु हुआ है। पहली बार करोड़ों गरीबों के लिए शानदार पक्के घर बने हैं। आज ओबीसी परिवारों के घरों के निर्माण के लिए विशेष योजना शुरु हुई है। इस योजना के तहत 10 लाख ओबीसी परिवारों के लिए पक्के घर बनेंगे।

साथियों,

जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी ने पूछा है, उनको पूजा है। विश्वकर्मा साथियों के लिए, बलुतेदार समुदायों के कारीगरों के लिए, कभी कोई बड़ी योजना नहीं बनी। मोदी ने, पहली बार 13 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम विश्वकर्मा योजना शुरु की है। कांग्रेस के समय में आदिवासी समाज को हमेशा सबसे पीछे रखा गया, उन्हें सुविधाएं नहीं दीं। लेकिन मोदी ने जनजातीय समाज में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों तक की चिंता की है। पहली बार उनके विकास के लिए 23 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना शुरु हो चुकी है। ये योजना, महाराष्ट्र के कातकरी, कोलाम और माडिया जैसे अनेक जनजातीय समुदायों को बेहतर जीवन देगी। गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति को सशक्त करने का ये अभियान और तेज़ होने वाला है। आने वाले 5 वर्ष, इससे भी अधिक तेज़ विकास के होंगे। आने वाले 5 वर्ष विदर्भ के हर परिवार के जीवन को बेहतर बनाने वाले होंगे। एक बार फिर किसान परिवारों को, आप सभी को अनेक-अनेक बधाई। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।