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मंच पर विराजमान राज्यपाल श्रीमान एनएन वोहरा जी, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान उमर अब्दुल्ला जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी ऊर्जा मंत्री श्रीमान पीयूष गोयल जी, जम्मू -कश्मीर सरकार के शहरी विकास मंत्री नवांग रिगज़ीन जोरा जी हमारे उर्जावान और समाज सेवा में सदा तत्पर नवनिर्वाचित सांसद श्रीमान थूपस्टन चेवांग जी, संसद में हमारे साथी श्री तरूण विजय जी, संसद के हमारे दूसरे साथी श्री अविनाश राय खन्ना जी, ऊर्जा सचिव श्रीमान पी.के. सिन्हा जी, पावर ग्रिड के सीएमडी, आर.एन. नायक जी और विशाल संख्या में पधारे हुए लद्दाख के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों, शायद बहुत लंबे अरसे के बाद लेह लद्दाख की इन चोटियों ने इतना बड़ा भारी जनसागर देखा होगा। यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे कई वर्षों तक जम्मू कश्मीर क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के संगठन के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था और इसके कारण इस क्षेत्र में मुझे बार-बार आने का अवसर मिलता था। मैं यहां के जीवन से भलिभांति परिचित हूं, यहां की कठिनाईयों से भी परिचित हूं और सबसे बड़ी बात, मैं यहां की शक्ति से भी परिचित हूं। लेकिन मुझे यहां आने में, बीच में काफी समय बीत गया। गुजरात में मुख्यमंत्री का दायित्व मिलने के बाद मैं आ नहीं पाया था। पिछले लोकसभा के चुनाव में भी मेरा मन करता था मैं कैसे भी करके यहां पहुंचू, लेकिन नहीं आ पाया और मेरे लिए अशचर्य की बात है कि मैंने अपना एक लिखित भाषण भेज दिया था और लद्दाख और लेह के इस इलाके के लोगों ने मुझ पर इतना प्यार बरसाया, इतना प्यार बरसाया कि मेरे भाषण को सुनने के लिए भी बहुत बड़ी तादाद में आप लोग आए हैं। मैं आपके इस प्यार को कभी भूल नहीं सकता। और आपने मुझे जितना प्यार दिया है, जितना सम्मान दिया है, यह कर्ज जो मैं चुकाऊंगा, ब्याज समेत चुकाऊंगा, आज इस समय चुकाऊंगा और इस क्षेत्र के विकास के लिए जो भी कर सकता हूं करके, आपकी शक्ति को पहचानकर, यह शक्ति राष्ट्र की शक्ति कैसे बने, यह ऊर्जावान प्रदेश राष्ट्र का ऊर्जावान प्रदेश कैसे बने। इसके लिए दिल्लीं में बैठी हुई भारत सरकार प्रतिबद्ध है और जम्मू कश्मीर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए संकल्प बद्ध है।

एक समय था दो-दो, पांच-पांच, दस-दस साल तक कभी प्रधानमंत्री जम्मू -कश्मीर के धरती पर नहीं आते थे, पर ये एक वक्त है, महीने में दो बार एक प्रधानमंत्री आ रहा है। आपका प्यार मुझे खींचकर ले आता है और मैं हमेशा मानता हूं कि ये क्षेत्र ऐसा है खासकर लेह-लद्दाख का जहां पर से प्रकाश, पर्यावरण और पर्यटन ये तीन पी, प्रकाश, पर्यावरण और पर्यटन ये ऐसी ताकतें हैं जो सिर्फ लेह-लद्दाख नहीं, सिर्फ जम्मू कश्मीर नहीं, भारत की भलाई के लिए भी इन ताकतों का अगर भली-भांति संयोजन हो, समागम हो, और उसका विकास हो, तो भारत की भलाई के लिए भी काम आ सकेगा। यहां का प्रकाश अंधेरों को भगाने के लिए पर्यावरण की रक्षा के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा गुजरात के और लेह-लद्दाख के सोलर रेडिएशन समान हैं। गुजरात के रेगिस्तान में जितनी सोलर रेडिएशन की संभावना है उतनी ही सोलर रेडिएशन की संभावना लेह-लद्दाख में है। गुजरात का कच्छ का जिला बहुत बड़ा सीमा क्षेत्र है। लेह–लद्दाख का जिला क्षेत्र भी बहुत बड़ा सीमा क्षेत्र है। सोलर रेडिएशन के लिए, भारत सरकार ने वर्तमान बजट में लेह-लद्दाख को भी अपने योजना के केंद्र में रखा। बहुत बड़ा सोलर आधार जिसकी संभावनाएं यहां पर है। आज यहां दो महत्वतपूर्ण प्रोजेक्टर, और इसके बाद कारगिल में एक महत्वदपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए मुझे जाना है। अब आप उधारी रोशनी पर नहीं जीएँगे, आप अपनी खुद की रोशनी पर जीने वाले हों, अब आपका यह इलाका स्वयं प्रकाशित हो रहा है। वो डीजल की आवाज, वो धूयें, वो पर्यावरण का संकट इन सबसे मुक्ति का एक पर्व है, ये पावर प्रोजेक्टी जो आज देश को लोकापर्ण हो रहा है।

राष्ट्र के हर कोने को हर प्रकार से हमें जोड़ना है। चाहे रेल क्नेटक्टिविटी हो, एयर क्नेक्टिविटि हो, रोड क्नेटक्टिविटी हो, टेलीकॉम क्नेटक्टिविटी हो या बिजली ग्रिड की क्नेटक्टिविटी हो, हिदुस्तान के हर कोने को जोड़ना है और आज मुझे खुशी है कि हिंदुस्तान के दूर-सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों को भी बिजली ग्रिड से जोड़ने के एक अभियान का शिलान्यास हो रहा है। जो सपना अटल वाजपेयी जी ने देखा था उसको पूरा करने का आज हम प्रारंभ कर रहे हैं। करीब 18 सौ करोड़ रूपये की लागत से और टेक्नॉलोजीकली बहुत ही उत्तकम प्रकार की योजना से, यह बिजली की ग्रिड, यहाँ से बिजली ले जाने के लिए भी और यहां से बिजली लाने के लिए भी, दूर सुदूर बिजली पहुंचाने के लिए काम आने वाली है। आप कल्पना कर सकते है जब यह काम पूरा होगा तब इस पूरे क्षेत्र का, लद्धाख से श्रीनगर तक के रास्ते के जीवन में कितना बड़ा बदलाव आ जाएगा।

आख़िरकार विकास वह होना चाहिए जो सामान्य मानव के जीवन में बदलाव लाए हम उन योजनाओं पर बल दे रहे हैं, जो सामान्य मानव के जीवन में बदलाव लाने के लिए काम आये, और उसमें ऊर्जा का बहुत बड़ा महत्व होता है। यह क्षेत्र, सारे विश्व के लिए आकर्षण का क्षेत्र कैसे बने। एक विशिष्ट प्रकार की यहां प्राकृतिक व्यवस्था है। मैं हमेशा देखता हूं कि यहां के लोगों की चेहरे की मुस्कान जब यहां के चट्टान की चोटी पर थोड़ा सा जो बर्फ होता हैं और जब चोटियां मुस्कराती हैं वैसे ही यहां का हर व्यक्ति, उसके चेहरे पर मुस्का‍न नजर आती है। यहां की राष्ट्रभक्ति भारत की रक्षा की एक मिसाल है। मैं आपके भीतर की उस राष्ट्रभक्ति आपके उस त्याग और तपस्‍या को विशेष रूप से आज नमन करना चाहता हूं, अभिनंदन करना चाहता हूं और यही एक बहुत बड़ी ताकत है जो आप देश को दे रहे है और इसलिए आपके इस सामर्थ का भी मैं गौरव करता हूं।

मैं जब दिल्ली़ से बार-बार इस क्षेत्र में दौरा करने आता था, जिन लोगों से मेरा परिचय था, दिल्लीे में, उन परिवारों की मांग रहती थी, मोदी जी लद्दाख कब जा रहे हो, तो मैं पूछता था क्यों ? क्या काम है? बोलते इस बार जब जाओगे तो गोभी और आलू ले आना। मुझे इतनी मांग रहती थी कि मेरा अपना लगेज तो बहुत कम रहता था, लेकिन जब मैं यहां से वापस जाता था तो यहाँ से ढेर सारा गोभी-आलू यहां से ले कर जाता था, और उन परिवारों को बड़ा आनंद आता था की आज तो हम लद्दाख से आई हुई गोभी की सब्जी बनाने वाले हैं। ये यहां की ताकत, जो सारे हिन्दुस्तान के और कोनों को परिचित नहीं है।

जब टूरिस्ट एक बार यहाँ आता है, तो जल्दी उसको जाने का मन नहीं करता, कुछ ज़्यादा समय बिताना पसंद करता है, ऐसा ये क्षेत्र है। और इसलिए सरकार टूरिज़्म के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और साथ-साथ मैं जनता हूँ, की जब मैं यहाँ आया हूँ तो ,कुछ बातें बता दूं की इस बार बजट में,सरकार ने घोषणायें की हैं, जिस से जम्मू कश्मीर के जीवन में कितना बड़ा बदलाव आने वाला है।एक तो जो हिमालयन स्टेट्स हैं, उसके विकास के लिए नये सिरे से सोचा जाएगा, क्योंकि उनकी कठिनाइयों को ध्यान में रख कर सोचा जाए, इस कॉन्सेप्ट को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। हिमालयन स्टेट्स में ऑर्गेनिक खेती पर बल कैसे दिया जाए और हिमालयन स्टेट्स की ऑर्गेनिक खेती ग्लोबल मार्केट कैसे प्राप्त करे, ताकि यहाँ का किसान ज़्यादा कमाई कर सके। उसी प्रकार से, सरकार ने एक ऐसा इन्स्टिीच्यूट बनाने का तय किया है, जिसके कारण इस हिमालयन प्राकृतिक संपदा का अध्यन हो, उसकी विशेषताओं का, उसके सामर्थ का, राष्ट्र कल्याण में कैसे काम आए, उस दिशा में कम करना चाहते हैं। भारत सरकार का स्पाइसिस के लिए एक बोर्ड चलता है, जो देश भर में, किसान जो स्पाइसिस उत्पादन करते हैं, उनको मदद करने का काम करता है। हमने निर्णय किया है की हमारे जम्मू कश्मीर में सैफरोन रेवोल्यूशन लाना है। मैं जम्मू कश्मीर में जब सैफरोन रेवोल्यूशन की बात करता हूँ, मतलब, यहाँ का जो केसर है, यहाँ का किसान जो केसर की खेती करता है, मैने स्पाइसिस बोर्ड को कहा है, की केसर के विकास के लिए, केसर के मार्केट के लिए, आधुनिक खेती के लिए, स्पा इसिज़ बोर्ड के माध्यम से एक स्पेशल व्यवस्था खड़ी की जाए, उस बोर्ड के अंदर एक अलग इकाई खड़ी की जाए, जो स्पेशली जम्मू् कश्मीर के किसानों की चिंता करें उनकी इस केसर की खेती में मदद करें और ये सेफरोन की दृष्टि से, केसर की दृष्टि से पूरी दुनिया में आगे बढ़े।

हमारा पशमिना ये घर-घर की पहचान है, ये गौरव है, लेकिन आज उसकी हालत क्याे है? भारत सरकार ने एक पी-3 प्रोजेक्ट इस बजट में घोषित किया है और उसका मूल काम है, पशमिना के प्रोडक्शवन पर, उसकी डिजाइनिंग के लिए, उसकी टेक्नोकलॉजी के लिए, कैसे उसको आधुनिक बनाया जाए उस पर हमने योजना करने का तय किया है, जो आने वाले दिनों में, जो पशेमिना के काम में लगे हुए हमारे कारीगर हैं, उनके जीवन में बहुत बड़ा काम करेंगे।

जैसे मैंने पहले ही कहा कि हम सोलर प्रोजेक्ट पर बल देने वाले है। कई वर्षों से दिल्ली सरकार का और जम्मू‍ कश्मीर का एक मुद्दे पर झगड़ा चल रहा था और वो झगड़ा ये था कि फूड कोर्पोरेशन ऑफ इंडिया जो खाद्यान देता है, जम्मूू कश्मीर को उसमें कुछ ब्या्ज की रकम को लेकर झगड़ा चल रहा था। भारत सरकार 60 करोड़ रूपये मांगती थी और जम्मू कश्मीर सरकार कहती थी कि अब बहुत हो गया हम नहीं दे पाएंगे, अब छोड़ दीजिए, लंबे अर्से से हमारे उमर जी भी इसके लिए लड़ाई लड़ रहे थे। भाईयो और बहनो आज जब मैं यहां आया हूं, मैं घोषित करता हूं कि पुराना जो मामला विलंबित पड़ा है, भारत सरकार ने तय किया है कि इसको अब लंबा खींचना नहीं है, ये 60 करोड़ रूपये भारत सरकार माफ कर देती है। इस प्रकार से बड़ी मदद जम्मूर कश्मीभर को सीधे-सीधे हो रही है। उसी प्रकार से एक दूसरा बड़ा मसला, अटल जी की सरकार ने काम सोचा था, लेकिन बाद में रोड़ बनाने के उस काम में लागत बढ़ती गई, कब ऊंचे दाम आए टैंडर में भारत सरकार उसको करने के लिए तैयार नहीं, जम्मू सरकार के लिए करना मुश्किल है, और हमेशा रहा कि अतिरिक्त पैसा कौन दे रोड बन नहीं रहा हैं। करीब-करीब 8 हजार करोड़ रूपयों की जरूरत, अतिरिक्त, प्रोजेक्ट के सिवाय, अब 8 हजार करोड़ रूपया ज्या‍दा नहीं देते है तो रोड़ बनता नहीं, रोड़ बनता नहीं है तो कनेक्टिविटी बढ़ती नहीं है, हमारे जम्मू कश्मीर के इलाके अलग-थलग रहा जाते है।लंबे अर्से से विलंबित मामला था, हमने निर्णय किया है और बहुत ही कम समय में उसको मैं कैबिनेट में पारित करवा दूगा और उसके कारण भारत सरकार को 8 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च होगा, ये 8 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च करके भी, जम्मू कश्मीर को 4 बड़े महत्वपूर्ण रोड की कनेक्टिविटी बने, उसके लिए हम जरूर काम करेगें और ये हमारा संकल्प है और संकल्प, को हम पूरा करेंगे।

जम्मू कश्मीर के मेरे भाईयो-बहनो हम ये बिजली के कारखाने लगाकर ही यहां का अधेरा दूर करना चाहते है ऐसा नहीं है, हम यहां के हर व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाना चाहते है हम यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्धं कराना चाहते हैं, हम स्किल डिवेलपमेंट करना चाहते है, हम एजुकेशन इंस्टीटुयूशन का नेटवर्क खड़ा करना चाहते हैं और मैं आपको विश्वाास दिलाता हूं, इस धरती के प्रति मेरा लगाव है, यहां के लोगों ने कठिन से कठिन दिनों में भी मुझे बहुत प्यार दिया है। यहां आकर के रहता था कभी कारगिल जाकर रहता था कभी श्रीनगर रहता था, इतना प्यार मैने पाया है हल पल मेरा मन करता है कि जो नया दायित्व मेरे पास है, वहां से बैठके जितना यहां कर सकूं उतना यहां करना चाहता हूं । मैं जो प्रकाश की बात करता हूं अंधेरा दूर करने की बात करता हूं मैं जानता हूं, कई वर्षों से हमारा देश भ्रष्टाचार के कारण परेशान है देश को रूपयों की कमी नहीं है, चाहे दिल्ली में बैठी हुई सरकार हो चाहे राज्यों में देश की जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सें में है और मैं देशवासियों को हिन्दु्स्तान के एक कोने में लद्दाख की चोटियों से आज विश्वास दिलाता हूं कि हम भ्रष्टा्चार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगें । भ्रष्टा्चार विरोधी समाज में जो भी शक्तियों है, उन शक्तियों को साथ लेंगे, जिन-जिन राजनीतिक दलों में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने मादा है, उनके जो नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे है, उनका भी हम साथ लेंगे, शासन व्य‍वस्था में बैठे हुए ईमानदार अफसर भी है, ईमानदार अफसरों का भी साथ हमें मिले। लेकिन देश में भ्रष्टाचार ने देश को तबाह करके रखा है, बर्बाद करके रखा हुआ है रूपयों की कमी नहीं है, दर्शन की कमी नहीं है, सामर्थ की कमी नहीं है, इस देश के पास सब कुछ होने के बाद भी देश में गरीबी बढ़ती चली जा रही है, गरीब बढ़ते जा रहे है अगर हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में विजयी होगें ये सारा धन गरीबों को काम आएगा, ये योजनाएं तेजी से परिपूर्ण होगी और विकास के कारण व्यक्ती के परिवार के जीवन में विकास के नए अवसर पैदा होंगे। उसकी पूर्ति के लिए, दिल्ली में बैठी हुई, आपके द्वारा चुनी हुई, नई सरकार संकल्प,सबंद्ध है।

हम टूरिज्म को बहुत बढ़ावा देने चाहते है क्यों कि टूरिज्म गरीब से गरीब को रोजगार देता है। मूंगफली बेचने वाला, चना बेचने वाला, चाय बेचने वाला हर कोई टूरिज्म से कमाता है। ऑटो रिक्शा वाला कमाएगा, गेस्ट हाऊस वाला कमाएगा, घोड़े वाला कमाएगा, तांगे वाला कमाएगा, गरीब से गरीब आदमी कमाता है और इसलिए हम टूरिज्म को बढ़ावा देना चाहते हैं और जब टूरिज्म बढ़ता है तो उसका सर्वाधिक लाभ जम्मू -कश्मीैर और लेह और लद्दाख को मिलने की संभावना है। यहाँ के नौजवानों को यहीं पर रोज़गार मिले, ये हमारा प्रयास है।आज आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला,यहाँ की परंपरा के अनुसार, मेरा स्वागत-सम्मान हुया, आपने मुझे अपना तो बना लिया है। लेकिन आज मेरी भेष भूषा भी आप ने अपनी बना ली है । ये आपके प्यार को अपने भीतर मैं संजोए रखूंगा और हमेशा-हमेशा दिल्ली में बैठी हुई सरकार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए भी, अंधेरा दूर करने के लिए, विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए, आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी, इसी विश्वास के साथ, ‘भारत माता की जय’ का प्रण ले करके, ‘वंदे मातरम’ का नाद गूंजते हुए, पूरे जम्मू कश्मीर की काया का विकास हो, कल्याण हो, उसी संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे, इसी अपेक्षा के साथ आप सब को बहुत बहुत शुभ कामनायें।

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Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM Modi
June 18, 2021
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One lakh youth will be trained under the initiative in 2-3 months: PM
6 customized courses launched from 111 centres in 26 states
Virus is present and possibility of mutation is there, we need to stay prepared: PM
Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM
The pandemic has tested the strength of every country, institution, society, family and person of the world: PM
People below 45 years of age will get the same treatment for vaccination as for people above 45 years of age from June 21st: PM
PM Lauds ASHA workers, ANM, Anganwadi and health workers deployed in the dispensaries in the villages

नमस्कार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान महेंद्र नाथ पांडे जी, आर के सिंह जी, अन्य सभी वरिष्ठ मंत्रीगण, इस कार्यक्रम में जुड़े सभी युवा साथी, प्रोफेशनल्स, अन्य महानुभाव और भाइयों और बहनों,

कोरोना के खिलाफ महायुद्ध में आज एक महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण प्रारंभ हो रहा है। कोरोना की पहली वेव के दौरान देश में हजारों प्रोफेशनल्स, स्किल डवलपमेंट अभियान से जुड़े। इस प्रयास ने देश को कोरोना से मुकाबला करने की बड़ी ताकत दी। अब कोरोना की दूसरी वेव के बाद जो अनुभव मिले हैं, वो अनुभव आज के इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बने हैं। कोरोना की दूसरी वेव में हम लोगों ने देखा कि कोरोना वायरस का बदलना और बार-बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है। ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और जब तक ये है, इसके म्यूटेट होने की संभावना भी बनी हुई है। इसलिए हर इलाज, हर सावधानी के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और ज्यादा बढ़ाना होगा। इसी लक्ष्य के साथ आज देश में 1 लाख फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरु हो रहा है।

साथियों,

इस महामारी ने दुनिया के हर देश, हर संस्था, हर समाज, हर परिवार, हर इंसान के सामर्थ्य को, उनकी सीमाओं को बार-बार परखा है। वहीं, इस महामारी ने साइंस, सरकार, समाज, संस्था और व्यक्ति के रूप में भी हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए सतर्क भी किया है। पीपीई किट्स और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कोविड केयर और ट्रीटमेंट से जुड़े मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का जो बड़ा नेटवर्क आज भारत में बना है, वो काम अब भी चल रहा है और वो इसी का परिणाम है। आज देश के दूर-सुदूर में अस्पतालों तक भी वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पहुंचाने का भी तेज गति से प्रयास किया जा रहा है। डेढ़ हजार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और हिन्दुस्तान के हर जिले में पहुंचने का एक भगीरथ प्रयास है। इन प्रयासों के बीच एक स्किल्ड मैनपावर का बड़ा पूल होना, उस पूल में नए लोग जुड़ते रहना, ये भी उतना ही जरूरी है। इसी को देखते हुए, कोरोना से लड़ रही वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए, देश में करीब 1 लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कोर्स दो-तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे और एक ट्रेन्ड सहायक के रूप में वर्तमान व्यवस्था को काफी कुछ सहायकता देंगे, उनका बोझ हल्का करेंगे। देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग के आधार पर, देश के टॉप एक्सपर्ट्स ने क्रैश कोर्स डिजायन किया है। आज 6 नए कस्टमाइज़्ड कोर्स लॉन्च किए जा रहे हैं। नर्सिंग से जुड़ा सामान्य काम हो, होम केयर हो, क्रिटिकल केयर में मदद हो, सैंपल कलेक्शन हो, मेडिकल टेक्निशियन हों, नए-नए उपकरणों की ट्रेनिंग हो, इसके लिए युवाओं को तैयार किया जा रहा है। इसमें नए युवाओं की स्किलिंग भी होगी और जो पहले से इस प्रकार के काम में ट्रेन्ड हो चुके हैं, उनकी अप-स्किलिंग भी होगी। इस अभियान से, कोविड से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंटलाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं रोजगार के नए अवसर के लिए उनके लिए सुविधा भी बनेगी।

साथियों,

Skill, Re-skill और Up-Skill, ये मंत्र कितना महत्वपूर्ण है, ये कोरोना काल ने फिर सिद्ध किया है। हेल्थ सेक्टर के लोग Skilled तो थे ही, उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए बहुत कुछ नया सीखा भी। यानि एक तरह से उन्होंने खुद को Re-skill किया। इसके साथ ही, उनमें जो स्किल पहले से थी, उसका भी उन्होंने विस्तार किया। बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी स्किल को अपग्रेड या वैल्यू एडिशन करना, ये Up-Skilling है, और समय की यही मांग है और जिस गति से टेक्नोलॉजी जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है तब लगातार dynamic व्यवस्था Up-Skilling की अनिवार्य हो गई है। Skill, Re-skill और Up-Skill, के इसी महत्व को समझते हुए ही देश में Skill India Mission शुरु किया गया था। पहली बार अलग से कौशल विकास मंत्रालय बनाना हो, देशभर में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र खोलना हो, ITI's की संख्या बढ़ाना हो, उनमें लाखों नई सीट्स जोड़ना हो, इस पर लगातार काम किया गया है। आज स्किल इंडिया मिशन हर साल लाखों युवाओं को आज की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग देने में बहुत बड़ी मदद कर रहा है। इस बात की देश में बहुत चर्चा नहीं हो पाई, कि स्किल डवलपमेंट के इस अभियान ने, कोरोना के इस समय में देश को कितनी बड़ी ताकत दी। बीते साल जब से कोरोना की चुनौती हमारे सामने आई है, तब से ही कौशल विकास मंत्रालय ने देशभर के लाखों हेल्थ वर्कर्स को ट्रेन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Demand Driven Skill Sets तैयार करने की जिस भावना के साथ इस मंत्रालय को बनाया गया था, उस पर आज और तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

हमारी जनसंख्या को देखते हुए, हेल्थ सेक्टर में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स से जुड़ी जो विशेष सेवाएं हैं, उनका विस्तार करते रहना उतना ही आवश्यक है। इसे लेकर भी पिछले कुछ वर्षों में एक फोकस्ड अप्रोच के साथ काम किया गया है। बीते 7 साल में नए AIIMS, नए मेडिकल कॉलेज और नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बहुत ज्यादा बल दिया गया। इनमें से अधिकांश ने काम करना शुरू भी कर दिया है। इसी तरह, मेडिकल एजुकेशन और इससे जुड़े संस्थानों में रिफॉर्म्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज जिस गति से, जिस गंभीरता से हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने पर काम चल रहा है, वो अभूतपूर्व है।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में, मैं हमारे हेल्थ सेक्टर के एक बहुत मजबूत स्तंभ की चर्चा भी जरूर करना चाहता हूं। अक्सर, हमारे इन साथियों की चर्चा छूट जाती है। ये साथी हैं- हमारे आशा-एनम-आंगनवाड़ी और गांव-गांव में डिस्पेंसरियों में तैनात हमारे स्वास्थ्य कर्मी। हमारे ये साथी संक्रमण को रोकने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान तक में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की स्थितियां, भौगौलिक परिस्थिति कितनी भी विपरीत हों, ये साथी एक-एक देशवासी की सुरक्षा के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। गांवों में संक्रमण के फैलाव को रोकने में, दूर-सुदूर के क्षेत्रों में, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को सफलता पूर्वक चलाने में हमारे इन साथियों ने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। 21 जून से जो देश में टीकाकरण अभियान का विस्तार हो रहा है, उसे भी हमारे ये सारे साथी बहुत ताकत दे रहे हैं, बहुत ऊर्जा दे रहे हैं। मैं आज सार्वजनिक रूप से इनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं, इन हमारी सभी साथियों की सराहना करता हूं।

साथियों,

21 जून से जो टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है, उससे जुड़ी अनेक गाइडलाइंस जारी की गई हैं। अब 18 साल से ऊपर के साथियों को वही सुविधा मिलेगी, जो अभी तक 45 साल से ऊपर के हमारे महानुभावों को मिल रही थी। केंद्र सरकार, हर देशवासी को टीका लगाने के लिए, 'मुफ्त' टीका लगाने के लिए, प्रतिबद्ध है। हमें कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखना है। मास्क और दो गज़ की दूरी, ये बहुत ज़रूरी है। आखिर में, मैं ये क्रैश कोर्स करने वाले सभी युवाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है, आपकी नई स्किल्स, देशवासियों का जीवन बचाने में लगातार काम आएगी और आपको भी अपने जीवन का एक नया प्रवेश एक बहुत ही संतोष देगा क्योंकि आप जब पहली बार रोजगार के लिए जीवन की शुरूआत कर रहे थे तब आप मानव जीवन की रक्षा में अपने आप को जोड़ रहे थे। लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए जुड़ रहे थे। पिछले डेढ़ साल से रात-दिन काम कर रहे हमारे डॉक्टर, हमारी नर्सिस इतना बोझ उन्होंने झेला है, आपके आने से उनको मदद मिलने वाली है। उनको एक नई ताकत मिलने वाली है। इसलिए ये कोर्स अपने आप में आपकी जिन्दगी में एक नया अवसर लेकर के आ रहा है। मानवता की सेवा का लोक कल्याण का एक विशेष अवसर आपको उपलब्ध हो रहा है। इस पवित्र कार्य के लिए, मानव सेवा के कार्य के लिए ईश्वर आपको बहुत शक्ति दे। आप जल्द से जल्द इस कोर्स की हर बारीकी को सीखें। आपने आप को उत्तम व्यक्ति बनाने का प्रयास करें। आपके पास वो स्किल हो जो हर किसी की जिन्दगी बचाने के काम आए। इसके लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !