Have you ever imagined that a daughter from the tribal community would become the President of our country, asks PM Modi in Odisha
We will ensure that the rights of SC/ST/OBC communities are protected at all costs: PM Modi in Bargarh

भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की..

जय जगन्नाथ..

जय जगन्नाथ..

जय मां समलेश्वरी।

एथि उपस्थति समस्त मान्यगण्य व्यक्ति नकु मोरा नमस्कार, जोहार। इस पवित्र भूमि के इष्टदेव नरसिंहनाथ को नमन करता हूं। माधो सिंह जी और गंगाधर मेहर जी की इस पावन धरती ने मुझे बहुत प्यार दिया है। आज भी इतना विराट जनसागर हमें आशीर्वाद देने आया है। यहां धनुजात्रा का उत्सव तो सदियों में होता है, लेकिन आज भी उत्साह उससे कम नहीं है।

भाइयों और बहनों,

25 साल में एक पूरी पीढ़ी जवान हो जाती है। वो अपना नया जीवन शुरू कर देती है। लेकिन BJD की सरकार इन 25 सालों में ओडिशा को गरीबी से बाहर नहीं निकाल पायी। आज पूरे ओडिशा में BJD के नेताओं के खिलाफ बहुत गुस्सा है। लोग एक ही बात कहते हैं- केते दिन सहिबो ओडिशा? केते दिन सहिबो ओडिशा? केते दिन सहिबो ओडिशा?

साथियों,

आज मैं यहां आपसे डबल आशीर्वाद मांगने आया हूं। डबल आशीर्वाद चाहिए, मिलेगा न? जरा पूरी ताकत से बताओ, तो पता चले। मिलेगा? डबल आशीर्वाद मिलेगा? बरगढ़ से श्री प्रदीप पुरोहित जी और संबलपुर से धर्मेंद्र प्रधान जी को भारी बहुमत से जिताकर लोकसभा भेजना है और दूसरा आशीर्वाद हमारे तमाम साथी विधायक (सारे विधायक और संसद के कैडिंडेट दोनों आगे आ जायें) ये जो बाकी जो हमारे विधानसभा के उम्मीदवार हैं उन सबको जिताकर भुवनेश्वर में सरकार बनानी है। ( मैं एक- दो मिनट इनके बीच जाकर के फिर वापस आता हूं) और आप जब इन सबको जिताएंगे तो ओडिशा में डबल इंजन सरकार बनेगी।

भाइयों-बहनों,

देश के कई भागों में तीन चरण में मतदान हुआ है और मैं आज बड़ी जिम्मेवारी के साथ और बहुत ही विश्वास के साथ और जनता- जनार्दन ने जो विश्वास दिए हैं, उस आशीर्वाद के ताकत के भरोसे साफ- साफ देख रहा हूं कि 4 जून को एनडीए का चार सौ पार करना पक्का हो चुका है। इतना ही नहीं, कांग्रेस पार्टी मान्य विपक्ष भी नहीं बन पाएगी। उसके लिए उनके शहजादे की उम्र से भी कम सीटें मिलने वाली हैं।

साथियों,

आप सभी जानते हैं कि BJD सरकार यहां कैसे विकास कार्यों में नाकाम हो चुकी है? आप मुझे बताइये, ये बीजेडी सरकार कौन चला रहा है भाई? ये बीजेडी सरकार कौन चला रहा है? कौन चला रहा है? आपको मालूम है न? पूरी सरकार आउटसोर्स कर दी है। यहां पर डेमोक्रेटिकली चुने हुए विधायक और विधायकों ने चुने हुए मुख्यमंत्री इन सबके ऊपर एक सुपर सीएम बन गए हैं। क्या आप चाहते हैं कि जिसको ओडिशा की समझ नहीं है ऐसे हाथों में ओडिशा जाना चाहिए? ऐसे हाथों में ओडिशा जाना चाहिए? ओडिशा को बचाने की जिम्मेवारी किसकी? ओडिशा को बचाने की जिम्मेवारी किसकी? ओडिशा को बचाने की जिम्मेवारी किसकी?

भाइयों-बहनों,

मैं आपके पास भाजपा के स्वार्थ के लिए नहीं आया हूं मैं आपके पास गिड़गिड़ा रहा हूं हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा हूं कि मेरे ओडिशा को बचाइये ओडिशा बर्बाद हो रहा है। इतना महान राज्य, इतनी महान संस्कृति, इतनी महान परंपरा, 25 साल बर्बाद हो गए और पिछले पांच साल में तो पूरी तरह ओडिशा पर बाहरी लोगों ने कब्जा किया है और इसलिए आप मुझे बताइए भाइयों ओडिशा के बेटे- बेटी, ओडिशा का नेतृत्व करने योग्य है कि नहीं है? ओडिशा की धरती पर जन्में हुए लोग ओडिशा का भला कर सकते हैं कि नहीं कर सकते हैं? ओडिशा की परंपरा को जानने वाले, ओडिशा का भला कर सकते हैं कि नही कर सकते हैं?

भाइयो-बहनों,

मैं तो गुजरात में रहता हूं मेरे वहां बहुत ओडिशा के लोग हैं उनका जो सामर्थ्य मैंने देखा है न, उनकी जो क्षमता देखी है, उनकी जो प्रतिभा देखी है मैं कभी- कभी सोचता हूं कि ऐसे प्रतिभावान लोग जिस ओडिशा के पास हों, धन संपदा अपार हो, प्राकृत संपदा अपार हो, वो मेरा ओडिशा गरीब क्यों है? यहां के लोग सामान्य सुविधाओं के लिए तड़प क्यों रहे हैं? और उसका एक ही कारण है, अब सरकार चुने हुए लोग नहीं चलाते हैं, आज सरकार चलाने का काम और लोगों के हाथ में आउटसोर्स हो गया है। अगर आप चाहते हैं कि ओडिशा की बागडोर, यहां की मिट्टी के बेटे या बेटी के पास रहे, तो आपको भाजपा के सभी विधायकों को, सभी कैडिंडेट को आपको चुनाव जिताना होगा। जितायेंगे?

साथियों,

मैंने पहले ही घोषणा की है 4 जून बीजेडी सरकार की एक्सपायरी डेट है और 10 जून को आपको भुवनेश्वर आने का निमंत्रण देने आया हूं। 10 जून को आप सब को भुवनेश्वर आने का निमंत्रण देने आया हूं, क्यों मालूम है? क्यों? भुवनेश्वर में क्या काम है? भुवनेश्वर में 10 जून को भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होने वाला है और मेरी गारंटी है भाजपा ओडिशा की मिट्टी में रमा हुआ, ओडिशा की मिट्टी में पैदा हुआ, ओडिशा की मिट्टी में पला- बढ़ा, ओडिशा की संस्कृति को जीने वाला उड़िया बेटा या बेटी ही मुख्यमंत्री बनेगी।

भाइयों और बहनों,

हमारा ये क्षेत्र किसानों की, कुशल बुनकरों की धरती है। प्रकृति ने भी यहां सबकुछ दिया है, जो समृद्धि के लिए ज़रूरी होता है, वो सब मेरे ओडिशा के पास है। लेकिन BJD की सरकार ने भातहांडी को खाली कर दिया है। सबकुछ BJD के नेताओं की तिजोरी में चला गया है। यहां कानून- व्यवस्था चरमराई हुई है। दिन- दहाड़े मंत्री तक की हत्या हो जाती है। नशे के तस्करों ने, ड्रग माफियाओं ने हमारे नौजवानों को बर्बाद कर दिया है। आप मुझे बताइये? ओडिशा को बर्बाद करने वाली ऐसी BJD सरकार को एक पल भी ओडिशा में राज करने का हक है क्या? हक है क्या? उनको हटाना चाहिए कि नहीं हटाना चाहिए? कौन हटाएगा? कौन हटाएगा? कौन हटाएगा? ये आपका संकल्प है? ये आपका संकल्प है? अगर ओडिशा के लोग संकल्प करेंगे एक मिनट ये सरकार नहीं रह सकती है और इसलिए मैं कहता हूं, ओडिशा में जहां- जहां गया हूं लोगों के संकल्प को देखा है तब जाकर मैं कहता हूं कि BJD सरकार की एक्सपायरी डेट आ चुकी है।

साथियों,

आज सुबह ही मैंने श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रबंधन से जुड़ा एक संवेदनशील मसला, एक संवेदनशील विषय, देश के सामने और ओडिशा के नागरिकों के सामने रखा है। जगन्नाथ जी मंदिर के श्रीरत्न भंडार की चाबियां, पिछले 6 साल से गायब है। श्रीरत्न भंडार में अकूत धन-दौलत है, लेकिन उसकी सही स्थिति सामने नहीं आ रही है। ओडिशा सरकार, श्रीरत्न भंडार की जांच रिपोर्ट को सामने नहीं आने दे रही है। आखिर ओडिशा सरकार किसका हित साध रही है?

भाइयों और बहनों,

गांव का, किसानों का जीवन बेहतर करने के लिए मोदी दिन-रात परिश्रम करता है। आपने तो देखा है, 10 साल पहले किसानों को यूरिया के लिए कितनी परेशानी होती थी। आज यूरिया और दूसरी खाद के लिए कोई परेशानी नहीं होती। पुरानी सरकारों की नीतियों के कारण, तालचेर सहित अनेक खाद कारखाने बंद हो गए थे। भाजपा सरकार ने ऐसे यूरिया कारखाने फिर से शुरू किये हैं। तालचेर में भी तेज़ गति से काम चल रहा है। दुनिया में यूरिया की जो बोरी 3 हज़ार रुपए में बिकती है, वो आपको मोदी सरकार 300 रुपए से भी कम कीमत में देती है। किसानों को सस्ती खाद मिले, सिर्फ इसके लिए ही मोदी सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपए किसानों के लिए खर्च किए हैं।

साथियों,

मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना शुरू की है। ( बेटी आप बैठिए, आपलोग कब तक खड़े रहोगे, बैठो, बैठो बेटा। आपने बढ़िया चित्र बनाया है, मैं आपका आभारी हूं, आप बैठिए। आप लोग बैठिए। अच्छा एसपीजी के लोग जरा ये चित्र ले लीजिए इन बच्चों से, आप लोग कब से मैं आया हूं तब से ऐसे ही हाथ करके खड़े हैं। थक जायेंगे। पीछे अपना नाम, पता लिख देना। नाम, पता लिख देना। आपका इतना आशीर्वाद, प्यार परमात्मा आपको शक्ति दें। भगवान जगन्नाथ आपको शक्ति दें।)

साथियों,

छोटे किसानों को अपना धान रखने के लिए गोदाम मिले। जब बाज़ार में सही कीमत मिले, तब वो अपना धान बेच सके, ये सुविधा हम बना रहे हैं। ( आपका प्यार, आपके प्यार के लिए मैं आपका आभारी हूं जी। वो दूर वाला भी चाहता है वहां से वो नीचे रखो भाइयों ये मैं ये कहां करता रहूंगा। फिर तो सभा में कुछ बोल ही नहीं पाऊंगा। आपका प्यार मेरे सर आंखों पर। लेकिन आप हाथ नीचे करिये आप थक जाओगे भाई मुझे मन में चिंता होती है। ये छोटे- छोटे बच्चे ये अपना हाथ ऐसे खड़ा करके, आप हाथ नीचे कीजिए मैंने देख लिया है भाई। अपने शरीर को कष्ट क्यों देते हो जी।)

 

साथियों,

यहां बड़गढ़ में किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के भी 400 करोड़ रुपए पहुंचे हैं। भाइयों और बहनों, लेकिन दुर्भाग्य है कि BJD सरकार आपको धोखा देने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। यहां 2 हजार 200 रुपए के आसपास धान का समर्थन मूल्य है। लेकिन किसान को 1हजार 600 या 1 हजार 700 रुपए तक ही मिलते हैं बाकी का पैसा कहां जाता है भाई? कोई न कोई तो मारता है ना? कोई-कोई तो पैसे चोरी करता है ना। BJD के बिचौलियों की जेब में ये पैसा चला जाता है। ये भ्रष्टाचार जरा मुझे बताइये, ये भ्रष्टाचार रुकना चाहिए कि नहीं रूकना चाहिए? ये भ्रष्टाचार रुकना चाहिए कि नहीं रूकना चाहिए? ओडिशा भाजपा ने घोषणा की है कि धान का समर्थन मूल्य 3 हजार 100 रुपए किया जाएगा। इतना ही नहीं, धान खरीदने के 48 घंटे में उसके खाते में पैसा भी पहुंच जाएगा। अब ये सुनकर आप लोग खुश तो हो गए, मेरा एक काम करोगे? ऐसा नहीं, बोलो करोगे? ये मातायें- बहनें मेरा एक काम करेंगी? जरा हाथ ऊपर करके बताइये, सब करेंगे? आपके इस इलाके में, दोनों लोकसभा सीट के इलाके में और सभी एमएलए के इलाके में जितने भी किसान हैं उन सबको जा करके बताओगे कि मोदी जी ने कहा है कि 3 हजार 100 रूपया मिलेगा। बताओगे? यहां आनंद करने से काम नहीं चलेगा भाई, मुझे किसान के घर में आनंद चाहिए और यही गारंटी, छत्तीसगढ़ में भाजपा ने दी थी। वहां छत्तीसगढ़ के धान किसानों की खरीद इसी एमएसपी पर हुई और पैसा उनके खाते में जमा भी हो गया।

भाइयों और बहनों,

यहां अनेक साथी टेक्सटाइल के काम से जुड़े हैं। हमारे बुनकर भाई- बहन मेड इन इंडिया के भी शिल्पकार हैं। संबलपुरी साड़ियां, ये तो नाम दुनियाभर में है। हम हथकरघा को, हमारे टेक्सटाइल सेक्टर पर विशेष बल दे रहे हैं। भाजपा सरकार, टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट्स में पढ़ाई के लिए बुनकरों के बच्चों को 2 लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप दे रही है। पिछले 10 वर्षों में 600 से अधिक हैंडलूम क्लस्टर विकसित किए गए हैं। इनमें अब तक हज़ारों बुनकरों की ट्रेनिंग हो चुकी है। बुनकरों को नई मशीनें, नए उपकरण दिए जा रहे हैं। हथकरघा बुनकरों को रियायती दरों पर कच्चा माल यानी धागा दिया जाता है। कच्चे माल को लाने का खर्च भी सरकार वहन करती है। इसके अलावा श्रमिकों को करघे और वर्कशेड भी दिया जा रहा है। मुद्रा योजना के माध्यम से भी बुनकरों को बिना गारंटी का ऋण मिलता है। ओडिशा भाजपा ने 3 इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। बुनकरों और हथकरघा श्रमिकों को सम्मान निधि देने की भी घोषणा की है। ये सब मैं आपके लिए क्यों कर रहा हूं? क्योंकि मैं आप ही की तरह गरीबी से निकलकर आया हूं। गरीब की जरूरतों को मैं समझ पाता हूं। आपका दुख-दर्द, आपकी जरूरतें अगर मोदी नहीं समझेगा तो कौन समझेगा?

भाइयों और बहनों,

आज़ादी के अनेक दशकों तक आदिवासी क्षेत्रों को विकास से वंचित रखा गया। आदिवासियों को आर्थिक और राजनीतिक सिस्टम से दूर रखा गया। लेकिन 10 वर्षों में हमने आदिवासी बच्चों उनके सच्चे सशक्तिकरण पर बल दिया है। 10 सालों में जनजातीय कल्याण का बजट 5 गुणा बढ़ाया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने ही जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। सबसे पिछड़ी जनजातियों के लिए 24 हज़ार करोड़ रुपए की योजना भी मोदी ने ही बनाई है।

साथियों,

क्या आपने कभी कल्पना भी की थी कि आदिवासी समाज की एक बेटी, देश की राष्ट्रपति होगी? ओडिशा की आदिवासी बेटी आज देश की तीनों सेनाओं को कमान करती है। राष्ट्र का नाम बढ़ा रही है। राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रही है। ये काम किसने किया? ये काम किसने किया? द्रौपदी जी को राष्ट्रपति बनाने का काम किसने किया? किसने किया? किसने किया? अरे, मोदी ने नहीं किया, ये आपके एक वोट ने किया है। आपने वोट दिया, मोदी को सेवा करने का मौका मिला और तब जा करके द्रौपदी मूर्मू जी देश की राष्ट्रपति बनीं। ये आपके वोट की ताकत है, जब द्रौपदी मूर्मू जी ओडिशा की हैं, इसी मिट्टी से निकली है जब वो राष्ट्रपति बनीं तो आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ? ओडिशा का मान- सम्मान बढ़ा कि नहीं बढ़ा? माताओं- बहनों का मान- सम्मान बढ़ा कि नहीं बढ़ा। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी आज तक इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, वो लगातार आदिवासी बेटी का अपमान कर रहे हैं। आपको पता होगा अभी चार- छह दिन पहले हमारी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी, अयोध्या में प्रभु रामलला के दर्शन करने गई थीं। उन्होंने प्रभु रामलला के गर्भ गृह में जाकर के पूजा- अर्चना की और उन्होंने देश के कल्याण के लिए राम लला से आशीर्वाद मांगें, लेकिन उनका अपमान करना, प्रभु राम का अपमान करना, राम मंदिर का अपमान करना, ये जिन्होंने ठान कर रखी है ये कांग्रेस के नेता क्या कह रहे हैं, ये कांग्रेस के नेता कह रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा द्रौपदी मूर्मू जी का राम लला के दर्शन करने के लिए जाना, मंदिर में पूजा- अर्चना करना, एक आदिवासी बेटी और देश की राष्ट्रपति राम लला के दर्शन करके आयीं उसके दूसरे दिन कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता ने घोषणा की कि अब हम राम मंदिर को गंगा जल से धो करके राम मंदिर का शुद्धिकरण करेंगे। मुझे बताइये ये देश का अपमान है कि नहीं है। ये देश का अपमान है कि नहीं है? ये आदिवासी समाज का अपमान है कि नहीं है? ये माताओं- बहनों का अपमान है कि नहीं है? मेरे देश की आदिवासी की बेटी, मेरे देश की राष्ट्रपति रामलला के दर्शन करने जाए, मंदिर में पूजा- अर्चना करे और दूसरे दिन कांग्रेस घोषणा करें कि अब हम राम मंदिर का शुद्धिकरण करेंगे। भाइयों-बहनों, ऐसे लोगों को भारत की राजनीति में रहने का हक है क्या? मैं ओडिशा के लोगों से पूछूंगा, क्या ऐसी कांग्रेस और उसके साथियों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? मैं चाहता हूं राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू जी का अपमान करने वाली कांग्रेस को चाहे अंसबेली की सीट हो या चाहे लोकसभा की, इतना बड़ा पाप उन्होंने किया है, सभी सीटों पर उनकी जमानत जब्त होनी चाहिए, इसके बिना ये सुधरेंगे नहीं।

और साथियों,

आपको कांग्रेस से लगातार सावधान रहना है। कांग्रेस संविधान बदलना चाहती है, SC/ST/OBC का आरक्षण छीनना चाहती है और छीन करके अपने वोट बैंक को देना चाहती है, लेकिन आज जब संविधान के सर्वोच्च पद पर एक आदिवासी बेटी बैठी है और पिछड़े परिवार में पैदा हुआ ये प्रधानसेवक आपका ये बेटा बैठा है तो किसी की ताकत नहीं है कि संविधान की पीठ में छुरा भोंक सके। किसी की ताकत नहीं है संविधान को हाथ लगा सके, SC/ST/OBC का हक मोदी किसी को भी उसे नहीं छीनने देगा, ये मोदी की गांरटी है। और कांग्रेस और उसके सारे चट्टे- बट्टे, ये कांग्रेस और उसके सारे चट्टे- बट्टे, उनके शहजादे जरा कान खोलकर के सुन लो, (33.16-33.35 ओडिशा) और ये शहजादे अभी संविधान को माथे पर रखके नाच रहे हैं न, जरा देश जानना चाहता है क्या भारत की सरकार संविधान के कोख से जन्म लेती है कि नहीं लेती है? जब भारत की सरकार संविधान के कोख से जन्म लेती है तो भारत सरकार की कैबिनेट इस संविधान की कोख से पैदा होती है कि नहीं होती है? भारत सरकार की कैबिनेट को संविधान के द्वारा अधिकार मिले हैं कि नहीं मिले हैं? भारत सरकार की कैबिनेट डॉ. मनमोहन सिंह जी की कैबिनेट, जो संविधान ने बनायी है उस कैबिनेट ने एक फैसला लिया और ये शाहजादे ने पत्रकार परिषद बुला करके उस कैबिनेट के फैसले के टुकड़े- टुकड़े कर दिए थे। ये टुकड़े कागज के नहीं थे, ये टुकड़े संविधान के थे। ये टुकड़े भारत के संविधान की भावना के थे। ये देश संविधान के टुकड़े- टुकड़े करने वाले, ये शहजादे को कभी माफ नहीं कर सकती है।

साथियों,

रेल हो, रोड हो, एयरपोर्ट हो या अस्पताल, भाजपा विकास के लिए दिन- रात मेहनत करती है। झारसुगुड़ा के वीर सुरेंद्र साई एयरपोर्ट से कितनी सुविधा हुई है, ये हम देख रहे हैं। रोड और रेल के ऐसे तमाम प्रोजेक्ट 4 जून के बाद तेज़ी से पूरे होंगे।

साथियों,

आपको भारी संख्या में मतदान करना है। हर बूथ पर कमल के निशान पर बटन दबाना है और जब आप इन सबको कमल से वोट देंगे, जब कमल के निशान पर बटन दबायेंगे न, तो आपका वोट सीधा- सीधा मोदी के खाते में जाएगा। मोदी को मजबूती मिलेगी, तो आप ज्यादा से ज्यादा मतदान करायेंगे? सारे पोलिंग बूथ जीतेंगे? अच्छा मेरा एक काम करेंगे ? जरा हाथ ऊपर करके बताइये तो बताऊं, मेरा काम करेंगे? सब लोग मेरा काम करेंगे? हर कोई करेगा? अच्छा यहां से फिर ज्यादा से ज्यादा परिवारों से मिलने जाइये और सबको जाकर के कहना मोदी जी आए थे, मोदी जी ने आपको जय जगन्नाथ कहा है, मोदी जी ने आपको नमस्कार कहा है। मोदी जी ने आपको जोहार कहा है। इतना करोगे? मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की,

भारत माता की,

भारत माता की,

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Text of PM's remarks during ‘Karmayogi Sadhana Saptah’
April 02, 2026
The core principle of governance we are following today is ‘Nagrik Devo Bhava” with focus on making public services more capable, more sensitive to citizens: PM
Today's India is aspirational, every citizen has dreams and goals, and upon all of us lies the responsibility to provide maximum support to fulfil them: PM
Before every decision, when we think what our duty demands, the impact of our decisions will multiply many times over by itself : PM
We must view our current efforts against the larger canvas of the future, how one decision can change lives of many citizens, how our individual transformation can lead to institutional transformation: PM
A better administrator, a better public servant, will be one who possesses a strong understanding of technology and data, this will form the very basis of decision-making: PM
We have to break silos and move forward with better coordination, shared understanding and a whole-of-government approach, only then will every mission succeed: PM

प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री पी. के. मिश्रा जी, कर्मयोगी भारत के चेयरमैन श्री एस. रामादोरई जी, कपैसिटी बिल्डिंग कमीशन की चैयरपर्सन एस. राधा चौहान जी, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों !

कर्मयोगी साधना सप्ताह के इस आयोजन के लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 21वीं सदी के इस कालखंड में तेजी से बदलती व्यवस्थाएं, तेजी से बदलती दुनिया और उनके बीच उसी रफ्तार से आगे बढ़ता हमारा भारत, इसके लिए पब्लिक सर्विस को समय के अनुरूप निरंतर अपडेट करना जरूरी है। कर्मयोगी साधना सप्ताह, उसी प्रयास की एक अहम कड़ी है। आप सभी परिचित हैं, आज गवर्नेंस के जिस सिद्धांत को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसका मूल मंत्र है- नागरिक देवो भव:। इस मंत्र में समाहित भावना के साथ आज पब्लिक सर्विस को ज्यादा capable, नागरिकों के लिए ज्यादा sensitive बनाने पर फोकस किया जा रहा है। अब शासन को citizen-centric बनाकर एक नई पहचान दी जा रही है।

साथियों,

सफलता का एक बड़ा सिद्धांत ये भी है कि दूसरों की लकीर छोटी करने के बजाय, अपनी लकीर बड़ी करो। हमारे देश में आजादी के बाद से कई तरह संस्थाएं अलग-अलग फोकस के साथ काम कर रही थीं, लेकिन आवश्यकता थी एक ऐसी संस्था की, जिसका फोकस Capacity Building हो, जो सरकार में काम करने वाले हर कर्मचारी, हर कर्मयोगी का सामर्थ्य बढ़ाए। इसी सोच ने Capacity Building Commission-CBC को जन्म दिया। आज CBC के स्थापना दिवस पर ये नई शुरुआत, और iGOT मिशन कर्मयोगी की सफल भूमिका हमारे प्रयासों को कई गुना ऊर्जा दे रहे हैं। मुझे विश्वास है, इन प्रयासों से हम आधुनिक, सक्षम, समर्पित और संवेदनशील कर्मयोगियों की टीम बनाने में सफल होंगे।

साथियों,

कुछ सप्ताह पहले जब सेवा तीर्थ का लोकार्पण हो रहा था, तब भी मैंने आपके समक्ष विस्तार से विकसित भारत के संकल्प की चर्चा की थी। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें फास्ट इकोनॉमिक ग्रोथ चाहिए, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी चाहिए, हमें देश में बड़ी संख्या में skilled workforce तैयार करने होंगे, और इन लक्ष्यों की सफलता में हमारे पब्लिक इंस्टीट्यूशंस और पब्लिक सर्वेंट्स की भूमिका बहुत अहम है। हम सभी देख रहे हैं, महसूस भी कर रहे हैं कि आज का भारत कितना आकांक्षी है, Aspirational है। हर देशवासी के पास उसके अपने सपने हैं, अपने लक्ष्य हैं, और हम सभी पर उन सपनों को पूरा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट का दायित्व है। हमारी गवर्नेंस ऐसी हो कि देश के नागरिकों की Ease of Living, Quality of Life दिनों-दिन बेहतर होनी चाहिए, यही हमारी कसौटी है। और इसके लिए आपको हर दिन नया सीखने की जरूरत है, आपको कर्मयोगी की भावना में खुद को ढालने की जरूरत है।

साथियों,

जब हम प्रशासनिक सेवाओं में सुधार और बदलाव की बात करते हैं, तो उसका एक आशय है- Public Servants के व्यवहार में बदलाव। ये बात हम सब जानते हैं कि पुरानी व्यवस्था में ज़ोर अधिकारी होने पर ज्यादा होता था। लेकिन आज देश का ज़ोर कर्तव्य भावना पर ज्यादा है, पद नहीं, कार्य का महत्व बढ़े। संविधान भी हमारे कर्तव्यों से ही हमें अधिकार प्रदान करता है। हर फैसले से पहले, जब आप ये सोचेंगे कि आपकी duty क्या कहती है, तो आपके फैसलों का impact अपने आप कई गुना बढ़ जाएगा, और मैं आपसे एक बात फिर दोहराउंगा, हमें हमारे वर्तमान प्रयासों को भविष्य के एक बड़े canvas पर देखना चाहिए। 2047, विकसित भारत, यही canvas है हमारा, यही लक्ष्य है। हम आज जो काम कर रहे हैं, इसका असर देश की विकास यात्रा पर क्या होगा, हमारे एक निर्णय से कितने नागरिकों का जीवन बदल सकता है। हमारा एक individual transformation कैसे institutional transformation बन सकता है। ये प्रश्न हमारे हर प्रयास का हिस्सा होना चाहिए। अपने अनुभव से मैं ये कह सकता हूँ, इसके लिए आपको बहुत ऊर्जा चाहिए होती है, ये ऊर्जा हमें केवल और केवल सेवाभाव से मिल सकती है।

साथियों,

जब हम लर्निंग की बात करते हैं, तो आज के परिप्रेक्ष्य में टेक्नोलॉजी का महत्व बहुत बढ़ जाता है। आप सब देख रहे हैं, बीते 11 वर्षों में शासकीय और प्रशासकीय कामों में किस तरह टेक्नोलॉजी का इंटिग्रेशन हुआ है। हमने गवर्नेंस और डिलीवरी से लेकर इकोनॉमी तक, tech-revolution की ताकत देखी है। अब AI की दस्तक के बाद ये बदलाव और तेज होने वाला है। इसलिए, टेक्नोलॉजी को समझना और उसका सही उपयोग करना, ये पब्लिक सर्विस का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। अब बेहतर एड्मिनिस्ट्रेटर, बेहतर पब्लिक सर्वेंट वही होगा, जिसे टेक्नोलॉजी और डेटा की समझ होगी। यही आपके डिसीजन मेकिंग का आधार बनेगा। इसलिए, AI के क्षेत्र में capacity building और निरंतर learning को facilitate करने के लिए काम हो रहा है। इसमें आप सभी की भागीदारी और सहभागिता, दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं। मुझे उम्मीद है, कर्मयोगी साधना सप्ताह में इस विषय पर भी उतना ही फोकस किया जाएगा।

साथियों,

हमारे फेडरल स्ट्रक्चर में देश की सक्सेस का मतलब है- राज्यों की भी कलेक्टिव सक्सेस। हमने दशकों तक देश में राज्यों का categorization देखा है, क्या-क्या सुनते थे, अगड़े राज्य, पिछड़े राज्य, बीमारू राज्य, आज हम ऐसी सभी परिभाषाओं को खत्म कर रहे हैं। हमें राज्यों के बीच हर तरह के गैप्स को भरना है, और ये तभी होगा, जब हर राज्य एक जैसी intensity से काम करेगा। हमें silos को तोड़ना है, हमें बेहतर coordination और shared understanding के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके लिए हमें whole of government approach की जरूरत है। सरकार और ब्यूरोक्रेसी दोनों इस अप्रोच को अपनाएंगे, तो हर मिशन में सफलता मिलेगी। साधना सप्ताह के द्वारा यही सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

साथियों,

हमें हमेशा ये याद रखना चाहिए, सामान्य मानवी के लिए स्थानीय ऑफिस ही सरकार का चेहरा होता है। आपकी कार्यशैली, आपका व्यवहार, इससे ही लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्थाओं में नागरिकों का भरोसा तय होता है। इसलिए, हम जो भी करें, जिस भी स्तर पर करें, हमें उस भरोसे को संभालकर रखना है। मैं एक बार फिर Capacity Building Commission की पूरी टीम को बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि कर्मयोगी साधना सप्ताह, विकसित भारत की हमारी यात्रा में एक अहम अध्याय बनेगा।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार।