My life's purpose is to fulfil your dreams. I am here to serve each and every one of you: PM Modi in Durgapur
I know how much the lives of the victims of the teacher recruitment scam have been ruined: PM Modi in West Bengal rally

जय मां दुर्गा.. जय मां काली.. हर-हर महादेव। केन आछेन बर्धमानबाशी? केमन आछेन दुर्गापुरबाशी? आपनादेर शकोलके आमार बिनम्रो श्रध्या, प्रणाम ओ भालोबाशा। आज भी यहां इतनी बड़ी संख्या में आप सब हमें आशीर्वाद देने आए हैं, माताएं-बहनें भी बहुत बड़ी संख्या में आई है इस समय तो घर में माताओं-बहनों को बहुत काम रहता है। खाना पकाना, घर के काम करना ये सब छोड़के इतनी बड़ी तादाद में आप आए हैं ऐसा लग रहा है ये मेरा परिवार आज मुझे उनके दर्शन करने का अवसर मिला है।

साथियों,

मुझे देश ने इतना आशीर्वाद दिया है, आप सबने मुझे इतना आशीर्वाद दिया है शायद कोई इंसान अपने जीवन में ऐसी कल्पना तक नहीं कर सकता है, शायद दुनिया में कोई इंसान कल्पना नहीं कर सकता है कि ईश्वर रूपी जनता-जनार्दन इतने आशीर्वाद बरसाए और लगातार बरसाए और सालों-साल ये आशीर्वाद बढ़ता ही जाए..बढ़ता ही जाए..बढ़ता ही जाए, जीवन में इससे बड़ा संतोष क्या होता है।

मेरे प्यारे देशवासियों,

आप भी जानते हैं अगर पद की लालसा हो, प्रतिष्ठा की लालसा हो, पीएम पद की लालसा हो, तो एक बार इंसान पीएम की शपथ ले ले फिर उसके जीवन में वो ऊंचाई तो प्राप्त हो ही जाती है इतिहास में नाम दर्ज हो ही जाता है। तो फिर लोगों को लगता है कि मोदी जी दो-दो बार पीएम रहे दुनिया में इतना नाम हो गया अरे कभी तो आराम करो, लेकिन मेरे देशवासियों मैं मौज करने के लिए पैदा नहीं हुआ, मैं खुद के लिए जीना नहीं चाहता हूं मैं तो आप सबकी चरण रज माथे पर चढ़ाकर आपकी सेवा का संकल्प लेकर ये महान भारत माता के 140 करोड़ देशवासियों की सेवा करने के लिए निकला हूं। मोदी का एक ही सपना है एक ही सपना और वो सपना है आपके सपनों को पूरा करना। मुझे ज्यादा से ज्यादा आशीर्वाद चाहिए ताकि मैं ज्यादा से ज्यादा आपकी सेवा कर सकूं, ज्यादा से ज्यादा देश की सेवा कर सकूं और आप तो जानते हैं मेरे पास है क्या ना आगे कुछ है ना पीछे कुछ है ना ही मुझे किसी के नाम कुछ करके जाना है। मेरे लिए तो आप ही मेरी परिवारजन है मेरा भारत- मेरा परिवार। अगर मेरा कोई वारिस है तो ये मेरे देश के हर परिवार के बच्चे मेरे वारिस हैं मैं उनके लिए कुछ छोड़ के जाना चाहूंगा। आप ही मेरे वारिस है मेरा अपना कोई वारिस नहीं है। मुझे अपने किसी के लिए कुछ ना करना है ना कुछ छोड़ना है। मुझे जो भी करना है सिर्फ और सिर्फ आपके लिए, आपके बच्चों के लिए, आप आपके बच्चों की विरासत के लिए करना है। मुझे आपके साथ-साथ उनका भी भविष्य बहुत उत्तम बनाना है (महात्मा जी आप प्रसाद लेकर आए हैं अच्छा भाई हमारे कैमरामैन जरा वो प्रसाद ले लीजिए। हां, मुझे मिल जाएगा माला आपकी मिल जाएगी, आप कब से वही से ले लेंगे आप वही रुकिए वो ले लेंगे आप कब से हाथ ऊपर के खड़े हैं थक जाएंगे इस उम्र में आप इतना आशीर्वाद दे रहे हैं मैं यहां से आपको प्रणाम करता हूं जी)

भाइयों और बहनों,

मोदी विकसित भारत बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं आखिर क्यों? ये मैं अपने लिए नहीं कर रहा हूं मैं अपनों के लिए कर रहा हूं। और मेरे अपने मतलब मेरा भारत- मेरा परिवार। आपके सपनों के लिए संकल्प लेकर के जी रहा हूं। मेरे प्यारे भाई-बहन जब मैं गरीबी देखता हूं, जब मैं आपकी परेशानियां देखता हूं, तो मेरी छटपटाहट बहुत बढ़ जाती है। मैं और ज्यादा बेचैन हो जाता हूं क्योंकि मेरे लिए जब ये सब देखता हूं तो मुझे मेरे जीवन के वो दिन याद आ जाते हैं। क्योंकि मैंने बचपन में ये ही देखा है मेरे आसपास भी ये ही देखा परिवार में भी ये ही देखा जिंदगी जीने के लिए परिवार के लोगों को कितनी मशक्कत करनी पड़ती है कितना जूझना पड़ता है वो मैंने देखा है जिया है। लेकिन मैं नहीं चाहता कि अब एक भी भारतीय ऐसी गरीबी में जीने के लिए मजबूर हो। मेरा भारत- मेरा परिवार अब गरीबी की जिंदगी नहीं जिएगा। आज मुझे ये देखकर संतोष होता है कि पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं ये मैं संतोष मान के सोने वाला नहीं हूं, हां मेरा विश्वास बढ़ गया है कि मैं अगर इतनी मेहनत करता हूं अगर 25 करोड़ लोग निकल सकते हैं गरीबी से बाहर आने वाले 5 साल मेहनत जरा ज्यादा करूंगा ताकि सब के सब गरीबी से बाहर आ जाए। जब उनकी गरीबी दूर हो सकती है तो ये तय है कि भारत से हम हर किसी की गरीबी हटा सकते हैं। इसलिए मैं जी तोड़ मेहनत कर और मैंने देखा है कि मेरी मेहनत में रंग भर दिया है मेरे देश के गरीबों ने, मेरी मेहनत को नई ताकत दी है मेरे देश के गरीबों ने क्योंकि जब मैंने उनको कहा कि मैं आपको हथियार दूंगा मैं आपको अवसर दूंगा आपकी मेहनत गरीबी को परास्त करेगी और उन्होंने मेरे साथ कदम से कदम मिलाकर के चल दिए और 25 करोड़ लोग गरीबी को ध्वस्त कर करके बाहर निकल आए। और इसलिए इस सफलता में उन गरीबों का सबसे बड़ा योगदान है जो मेरी बात मान करके मेरे साथ मेहनत के लिए आगे आए। और जब मैं उनको कहता था आप पहले इतनी मेहनत करते हो तो नहीं बोले साहब आपको देखते हैं ना इसलिए हमको लगता है कि आप हमारे लिए इतनी मेहनत करते हैं तो हमें हमारे लिए और ज्यादा करनी चाहिए और इसलिए एक प्रकार से हर किसी को मेहनत का चेप लग गया और हर कोई मेहनत करने लग गया तो गरीबी जाने लगी भाइयों। मैं जानता हूं कि भारत विकसित होगा तो उसका लाभ हमारे देश के प्रत्येक नागरिक को होने वाला है आपको होने वाला है। भारत विकसित होगा तो हर भारतीय की आय बढ़ेगी और जब हर भारतीय की आय बढ़ेगी तो मेरे बंगाल के लोगों की भी आय बढ़ेगी मेरे दुर्गापुर के लोगों की आय बढ़ेगी हमारे दिलीप जी इतनी मेहनत कर रहे हैं यहां तो वर्धमान में और ज्यादा बढ़ेगी मैं चाहता हूं धान के कटोरे के रूप में वर्धमान की फिर से जय जयकार हो। मैं चाहता हूं इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में दुर्गापुर की पहचान देश में ही नहीं दुनिया में सशक्त हो।

साथियों,

बीते 10 साल में महिला स्वयं सहायता समूहों से 10 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। मोदी ने इन्हें लाखों करोड़ रुपए की मदद दी है, आज ये स्वयं सहायता समूह अपना व्यापार-कारोबार फैला रहे हैं मोदी ने इन समूहों की तीन करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। मोदी गांव-देहात की अपनी बहनों को ड्रोन पायलट बनाने में भी जुटा है इतना कुछ मैं क्यों कर रहा हूं, ताकि मेरी बहनों-बेटियों आर्थिक रूप से और सक्षम बने उनकी आमदनी बढ़े। लेकिन, साथियों, ये टीएमसी, ये लेफ्ट और कांग्रेस वाले कर क्या रहे हैं ये दिन-रात क्या कर रहे हैं मोदी का सिर लाठी मारकर फोड़ देंगे ये कहते हैं मोदी को गोली मार दो लेकिन मैं भी डरने वालों में से नहीं हूं। और ये नामदार लोग समझ ले कामदार कभी डरते नहीं हैं। ये नामदार लोग समझ लें गरीब ने कभी डर करके जिंदगी जी नहीं है। और मैं गरीबी से निकला हूं तो डरना तो मेरी डिक्शनरी में ही नहीं है। और हम गरीब लोग जिद्द के बड़े पक्के होते हैं एक बार ठान लिया मतलब ठान लिया मैंने भी ठान लिया है जितनी नफरत मुझसे करोगे जितनी गालियां मुझे दोगे मैं उससे ज्यादा देशवासियों की सेवा करूंगा।

साथियों,

लेफ्ट, कांग्रेस और टीएमसी के पास विकास का विजन ही नहीं है लेफ्ट, कांग्रेस और टीएमसी किसी राज्य का क्या हाल कर सकती है ये आप लोग अच्छी तरह जानते हैं। ये बगल में त्रिपुरा लेफ्ट वालों ने तबाह करके रखा था 35 साल राज किया और पिछले पांच साल में बीजेपी ने पूरे त्रिपुरा की जिंदगी बदल दी दोस्तों। लेफ्ट वाले गए तो विकास का सूरज उगने लगा। आपके सामने जीता-जागता उदाहरण है देश का विकास करना ये इनके वश की बात नहीं है इन्हें बस एक ही काम आता है वोट के लिए समाज को बांटो देश को बांटो। मैंने कल टीवी पर देखा यहां बंगाल में टीएमसी के एक एमएलए ने सरेआम धमकी दी। वो कह रहे थे कि हिंदुओं को दो घंटे में भागीरथी में बहा देंगे। ये कौन सी भाषा है भाई? ये कौन सा पॉलिटिकल कल्चर है? हिंदुओं को बहा दोगे? वाकई क्या हालत हो गई है बंगाल में हिंदुओं के साथ क्या हो रहा है? ऐसा लग रहा है यहां हिंदुओं को बंगाल में टीएमसी की सरकार ने यहां हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बना करके रख दिया है। ये कैसे लोग हैं जय श्रीराम के उद्घोष से उनको आपत्ति है, जय श्री राम बोलो तो उनको बुखार आ जाता है। इनको राम मंदिर के निर्माण से आपत्ति है, इन लोगों को रामनवमी की शोभा यात्रा से आपत्ति है। मैं आज पूछना चाहता हूं टीएमसी सरकार से यहां संदेशखाली में हमारी बहनों के साथ हमारी दलित बहनों के साथ इतना बड़ा अपराध हुआ पूरा देश कार्रवाई की मांग करता रहा टीएमसी उसके गुनहगार को बचाती रही क्या सिर्फ इसलिए क्योंकि उस गुनहगार का नाम शाहजहां शेख था।

भाइयों-बहनों,

कल जब मैं एयरपोर्ट पर उतरा तो एयरपोर्ट पर अपने कुछ कार्यकर्ता आए थे मिलने। मुझसे मिलना हुआ उनसे बातें हो रही तो उन्होंने मुझे एक गाना सुनाया एक गीत दिया संदेशखाली की बेटियों ने वो कोई संगीतकार लोग नहीं है वो कवि लोग नहीं है। वहां पर मजदूरी करने वाली बहनें ऐसी बहनें टेबल थपथपा कर संदेशखाली की मुसीबतों का एक गीत वो गा रही थी। वो गीत मैंने सुना बंगाली में गीत है लेकिन मैं अपने आंसू रोक नहीं पाया। मैं तो हर बंगाली को कहूंगा वो संदेशखाली पर उस बहनों का गीत जरूर सुनें। इतना भाव विभोर करने वाला वो गीत है जो बंगाली नहीं है वो भी समझ जाएगा और मैं उन तीन-चार बेटियां जो गा रही हैं ना उनको मैं बहुत बधाई देता हूं कि उन्होंने किस प्रकार से अपनी बात को पहुंचाया है।

साथियों,

ये टीएमसी तुष्टीकरण में लगी है आप मुझे बताइए क्या वोट बैंक इंसान से भी बड़ा हो सकता है क्या? क्या ये तुष्टीकरण मानव धर्म से भी बड़ा हो सकता है क्या? साथियों, अभी एक नया बात लेकर के आए हैं वोट के भूखे लोग। अब दो चरण में उनकी दुनिया डूब चुकी तो खुलेआम एक नया खेल लेकर के आए हैं और पढ़े-लिखे कांग्रेस का खासमखास परिवार उसका प्रवक्ता है अब ये कहते हैं मोदी के खिलाफ वोट जिहाद करो। जिहाद क्या होता है ये हमारे देश के लोग भली भांति जानते हैं हमारे देश में दशकों से ये वोट जिहाद का खेल पर्दे के पीछे चलता था चुपचाप चलता था, पहली बार वो इतने हताश और निराश हो चुके है कि खुलेआम अब वोट जिहाद की सार्वजनिक माइक पर घोषणा कर रहे हैं। इसलिए वोट जिहाद की इस अपील पर कांग्रेस का शाही परिवार चुप है। यहां टीएमसी का परिवार चुप है, लेफ्ट का परिवार चुप है यानी कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, टीएमसी हो ये इंडी एलायंस के जो भी चट्टे-बट्टे हैं सारे के सारे वोट जिहाद से सहमत हैं जो लोग वोट जिहाद करने वाले हैं क्या आप उनको उत्तर देंगे कि नहीं देंगे..उत्तर देंगे कि नहीं देंगे कैसे उत्तर देंगे? कैसे उत्तर देंगे? पूरी ताकत से वोट करके उत्तर देंगे? और हम हमारा वोट देश के लिए देंगे। हम प्रतिक्रिया नहीं करते हैं हम विकसित भारत के लिए वोट करेंगे।

साथियों,

टीएमसी हो, कांग्रेस हो या लेफ्ट हो ये जो इंडी एलायंस है ये अपने वोट बैंक के हितों के लिए कुछ भी कर सकते हैं। आप देखिए कांग्रेस के नेता घोषणा कर रहे हैं कि आपके मकान, आपकी दुकान, आपके खेत, बहनों के गहने सबका एक्सरे करेंगे। बताइए आपके लॉकर का एक्सरे होगा, आपके घर में क्या पड़ा हो उसका एक्सरे होगा, आपकी दुकान में क्या है एक्सरे होगा, आपके पास क्या कमाई हुई है उसका एक्सरे करेंगे ये लोग आपकी कमाई का एक हिस्सा जब्त करेंगे और फिर अपनी ये जिहाद वोट बैंक वाली खास वोट बैंक है ना उनको वो देना चाहते हैं, क्या आप अपनी संपत्ति लूटने देंगे? आप अपने गहने लूटने देंगे? आप अपना मंगलसूत्र छीनने देंगे? क्या टीएमसी और लेफ्ट ने कांग्रेस के इस खतरनाक खेल का विरोध किया क्या? क्योंकि इन सबका पर्दे के पीछे एक ही एजेंडा है।

साथियों,

हमारे संविधान की मूल भावना है कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा। ये निर्णय संविधान सभा ने बहुत सोच-विचार कर किया था। बाबा साहेब अंबेडकर ने भी जीवन भर धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ बहुत कुछ कहा है, लेकिन कांग्रेस देश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने की साजिश कर रही है। ये एससी, एसटी, ओबीसी के हक का आरक्षण उनसे छीन करके अपने खास वोट बैंक जिहादी वोट जहां से मिलने वाला है उनको देने के लिए संविधान बदलना चाहते हैं। मैंने सोचा कांग्रेस इतना पागलपन क्यों है उसके विषय में, तो मैंने कुछ लोगों को पूछा मैंने कहा भाई क्या ये क्यों ऐसा कर रहे हैं बोले उनका सीधा-सीधा हिसाब है कि वो अब दलितों को आदिवासियों को और ओबीसी उनको जबरदस्त सजा करना चाहते हैं। मैंने कहा दलित, आदिवासी और ओबीसी को सजा क्यों? बोले सजा इसलिए करना चाहते हैं कि मोदी आज जो बैठा है ना उसका कारण अब दलित मोदी को वोट देता है, आदिवासी मोदी को वोट देता है, ओबीसी मोदी को वोट देता है और इसलिए 50 साल तक जो कांग्रेस के साथ रहे वो दलित, आदिवासी और ओबीसी कांग्रेस से खिसक गए मोदी के साथ चले गए मोदी का काम देख करके चले गए तो अब उनको लगता है कि अब दलितों को आदिवासियों को और ओबीसी को सजा करें। और उनके पास जो सबसे बड़ा हथियार है आरक्षण का, वो लूट लें और मुसलमानों को खुश करें धर्म के आधार पर ये आरक्षण उनको दे दे ताकि उनकी वोट बैंक की राजनीति चलती रहे और इन्होंने ये पाप कर्नाटक में ऑलरेडी शुरू कर दिया है टीएमसी, लेफ्ट इतने बड़े भयंकर पाप में भी चुप है और मैं पिछले 10 दिन से लगातार कांग्रेस को तीन चैलेंज कर रहा हूं लेकिन वो मौन रख करके बैठ गए हैं, मेरा पहला चैलेंज है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन वाले देश को लिखित में विश्वास दें कि वे धर्म के आधार पर आरक्षण में संविधान में कोई भी परिवर्तन नहीं करेंगे। दूसरा मेरा चैलेंज है ये लिखित में देश को वादा करें कि एससी-एसटी-ओबीसी का आरक्षण छीनकर धर्म के आधार पर किसी को भी नहीं बांटेंगे। मेरा तीसरा चैलेंज है वो लिखित में दे जहां इनकी राज्य सरकारें हैं वहां ओबीसी का कोटा काट करके धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। मेरी तीन साफ-साफ मांग है भाई मेरी चुनौती है उनको मेरी चैलेंज है 10 दिन हो गए मुंह पर ताला लगा करके बैठ गए हैं और पैर कांपने लगे हैं। जवाब क्या दें और इसलिए देश के हर एससी-एसटी-ओबीसी को ये इंडी गठबंधन के इरादों से सावधान रहना है। ये आपको सजा देने के मूड में है आपके पास जो है वो लूटने के मूड में है।


साथियों,

मोदी जिंदा है ना तब तक मैं लूटने नहीं दूंगा। मेरे दलित, आदिवासी, ओबीसी भाई मुझ पर विश्वास करें मोदी जिंदा है वो आपका हक की एक भी चीज लूटने नहीं देंगे। साथियों, बंगाल साक्षी है कि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश को विभाजन किया था। पड़ोसी देशों में जो हिंदू, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी ये सारे अल्पसंख्यक वहां पर रहते थे तब उनको संरक्षण देने का वादा किया गया था। 1947 में वादा हुआ है, उस वादे को निभाने के लिए आज 75 साल तक काम नहीं हुआ अब मोदी ने किया सीएए कानून लाया इनमें बहुत बड़ी संख्या में मेरे दलित परिवार है नाम शुद्र परिवार है, संथाल परिवार है जिनके साथ वहां जुल्म हुआ, वो यहां आने के लिए मजबूर हुए। लेकिन टीएमसी, लेफ्ट और कांग्रेस ये पूरा इंडी गठबंधन सीएए को खत्म करने की घोषणा कर रहे हैं। आप सावधान रहिए ये अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

साथियों,

मीडिया के कई साथी एक्सपर्ट के साथ अब भी ये अनुमान लगा रहे हैं कि चुनाव कौन जीतेगा? अब ना किसी ओपिनियन पोल की जरूरत है ना किसी एग्जिट पोल की जरूरत है मैं उन्हें कब से बता रहा हूं देश बता रहा है कि भाई रिजल्ट क्लियर है मैंने तो पहले ही कहा था कि इनकी बड़ी ने मैंने पार्लियामेंट में कहा था तब तो चुनाव को दो महीने की तीन महीने की देर थी मैंने कहा था इनकी सबसे बड़ी नेता चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं करेगी। वो डर के मारे भाग जाएगी और वो भाग करके राजस्थान गई और राजस्थान से राज्यसभा में आई। और हुआ भी यही। मैंने पहले ही बता दिया था कि शहजादे वायनाड में हारने वाले हैं और हार के डर से जैसे ही वायनाड में मतदान समाप्त होगा वो दूसरी सीट खोजने लग जाएंगे। और अब दूसरी सीट पर भी उनके सारे चेले चपाटे कह रहे थे अमेठी आएंगे अमेठी आएंगे लेकिन अमेठी से भी इतना डर गए इतने डर गए वहां से भागकर अब रायबरेली में खोज रहे हैं रास्ता। ये लोग घूम-घूमकर सबको कहते हैं डरो मत मैं भी आज उन्हें कहता हूं और बड़े जी भर के कहता हूं अरे डरो मत भागो मत। और आज मैं एक और बात कहूंगा कांग्रेस इस बार पहले से भी कम सीटों पर सिमटने जा रही है। वो पहले से कम सीट लड़ रहे हैं तो अपने आप भी कम जाना तय है अब देश भी समझ रहा है ये लोग चुनाव जीतने के लिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं ये सिर्फ और सिर्फ देश को बांटने के लिए चुनाव के मैदान का उपयोग कर रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

इंडी गठबंधन सिर्फ एक वोट बैंक के लिए समर्पित है जबकि हम सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर काम करने वाले लोग हैं। मोदी ने 10 साल में बंगाल के गरीबों के लिए दलित, आदिवासी, पिछड़ों के लिए 38 लाख से ज्यादा पक्के घर बनाए हैं, करीब-करीब आधा करोड़ मोदी आज बंगाल के 6 करोड़ जरूरतमंदों को मुफ्त राशन दे रहा है, मोदी ने बंगाल के 80 लाख से ज्यादा घरों तक नल से जल पहुंचाया है, मोदी ने बंगाल के 5 करोड़ लोगों के जनधन खाते खोले, मोदी ने पीएम सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत जीवन ज्योति योजना के तहत मामूली प्रीमियम पर गरीबों का बीमा किया, मुश्किल समय में ऐसे गरीबों को अकेले बंगाल में साढ़े चार सौ करोड़ रुपए की क्लेम राशि दी गई है, मोदी ने वर्धमान के लाखों किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि के तहत करीब 500 करोड़ रुपए इस वर्धमान इलाके में दिए इसका लाभ यहां जो आलू के किसान हैं उनको मिला है।

साथियों,

लेकिन मुझे अफसोस होता है कि मोदी के हर प्रयासों पर टीएमसी हर तरह से डाका डालने पर तुली है। केंद्र सरकार की हर योजना में यहां टीएमसी के तोलाबाज लूटपाट मचा रहे हैं। टीएमसी के तोलाबाजों ने शिक्षकों की भर्ती में लाखों नौजवानों के साथ धोखा किया है और कैसा भ्रष्टाचार हुआ वो तो नोटों के बंडल के बंडल देखे आपने मशीन मशीन थक जाते थे नोट गिनने वाले मशीन थक जाते थे बंगाल में, इतने रुपए मार लिए वर्धमान तो ऐसे भ्रष्ट टीएमसी नेताओं को अब जनता भी पहचानती है जान गई है लेकिन..

साथियों,

मैं जानता हूं शिक्षक की भर्ती का जो घोटाला हुआ उसमें जो पीड़ित है उनकी जिंदगी कितनी बदहाल हुई है और मैं मेरे अध्यक्ष जी यहां बैठे हैं बंगाल के मैं उनको एक सुझाव देता हूं कि ये जो शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ है लेकिन उसमें बहुत निर्दोष लोग भी हैं जो सचमुच में शिक्षक की नौकरी के हकदार है। ये बाकियों के पाप के कारण ये निर्दोष लोग भी मुसीबत में घिर गए हैं। मैंने पश्चिम बंगाल के हमारे बीजेपी के अध्यक्ष जी से कहा है कि हम पार्टी के तौर पर ये जो शिक्षक भर्ती में जिनकी नौकरी गई है उसमें नेक ईमानदार लोग हैं हम उनकी मदद कैसे कर सकते हैं। मैंने बंगाल बीजेपी से कहा है कि प्रदेश स्तर पर एक लीगल सेल और एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाया जाए इससे उन लाभार्थियों को मदद होगी जो डॉक्यूमेंट्स सही होने के बाद भी इस घोटाले के शिकार हुए हैं। बीजेपी ऐसे अभ्यर्थियों को कानूनी सहायता भी देगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी। हम ईमानदार के साथ खड़े रहेंगे और मेरा बंगाल यूनिट भले चुनाव चलता रहे लेकिन ये काम करेगा और जिन शिक्षक ईमानदार शिक्षक जिन्होंने भ्रष्ट किया है वो सजा भुगतेंगे लेकिन बहुत ईमानदार लोग है जिनके पास सच्ची डिग्री है इन दिनों वो भी फंस गए हैं जो सच्चे लोग हैं उनको न्याय के लिए हमारा पश्चिम बंगाल काम करेगा, ये मोदी की गारंटी है। टीएमसी के तोलेबाजों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।

हर लूट की हर घोटाले की जांच होगी जरूर होगी।

साथियों,

बंगाल के विकास के लिए आपको हर बूथ पर बीजेपी को जिताना है वर्धमान पूर्व से हमारे साथी असीम कुमार सरकार जी और वर्धमान दुर्गापुर से मेरे बहुत निकट साथी भाई दिलीप घोष इनको विजय बनाना और इनको मिलने वाला हर मोदी की शक्ति बढ़ाएगा, मोदी को मजबूत देगा उनको दिया एक-एक वोट सीधा मोदी के खाते में जाएगा तो ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे, पोलिंग बूथ जीतेंगे सुबह 10 बजे के पहले मतदान हो जाएगा पक्का हो जाएगा। अच्छा मेरा एक और काम करेंगे हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे सबके सब करेंगे यहां से जाने के बाद घर-घर जाना सब परिवारों में जाना और कहना मोदी जी आए थे और मोदी जी ने सबको जय श्री राम कहा है।

बोलिए भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की..

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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January 29, 2026
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India-EU Free Trade Agreement Opens Vast Opportunities for Youth, Farmers, and Manufacturers: PM
Our Government believes in Reform, Perform, Transform; Nation is moving Rapidly on Reform Express: PM
India’s Democracy and Demography are a Beacon of Hope for the World: PM
The time is for Solutions, Empowering Decisions and Accelerating Reforms: PM

नमस्कार साथियों!

कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।

साथियों,

इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।

साथियों,

देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।